यूपी की शक्ति स्वरूपा सोनू मलान ने परंपरा तोड़कर संभाला बस का स्टीयरिंग

यूपी की शक्ति स्वरूपा सोनू मलान ने परंपरा तोड़कर संभाला बस का स्टीयरिंग

Story of Sonu Malan female bus driver from Aligarh

– अलीगढ़ मंडल की इकलौती महिला बस चालक रोज लगाती हैं अलीगढ़ से नोएडा के बीच चार चक्कर।

– सोशल मीडिया पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स, योगी सरकार की पहल से साकार हुआ सपना।

– सोनू मलान महिलाओं को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं।

Female bus driver Sonu Malan : नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां घर-घर मां भगवती की आराधना हो रही है, अलीगढ़-नोएडा हाइवे प्रतिदिन नारीशक्ति का खामोश गवाह बनता है। अलीगढ़ की सोनू मलान जब इस मार्ग पर रोडवेज बस चलाते हुए गुजरती हैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ नारा चरित्रार्थ होता दिखाई देता है। पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन क्षेत्र में सोनू ने मेहनत और हौसले से अलग पहचान बनाई है।

 

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में बस चालक के पद पर तैनात सोनू रोज करीब 540 किलोमीटर बस चलाकर यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं। उनका सफर उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो परंपरागत सोच से आगे बढ़कर अपनी अलग राह बनाना चाहती हैं।

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योगी सरकार की पहल से परिवहन जैसे क्षेत्र में महिलाओं को अवसर मिलना महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मिशन शक्ति का समग्र उद्देश्य भी नारी सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान व स्वावलंबन से जुड़ा है। सोनू मलान की कहानी बताती है कि सही अवसर, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति से महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी जगह बना सकती हैं।

 

मंडल की इकलौती महिला बस चालक

अलीगढ़ के जट्टारी क्षेत्र स्थित हजियापुर गांव की रहने वाली 28 वर्षीय सोनू मलान ने वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में बस चालक के पद पर कार्यभार संभाला था। वह अलीगढ़ मंडल की इकलौती महिला बस चालक हैं। सोनू अलीगढ़ से नोएडा के बीच रोडवेज बस चलाती हैं और दिन में चार चक्कर लगाकर करीब 540 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं।

जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ वह रोज यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। स्टीयरिंग व्हील पर एक लड़की को देखकर कई बस यात्रियों के चेहरे पर आश्चर्य के भाव आते हैं, लेकिन सोनू की कुशल ड्राइविंग देखकर वे उनकी तारीफ करना और धन्यवाद करना भी नहीं भूलते। 

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12 साल की उम्र से ही ट्रैक्टर चलाने की शौकीन थीं सोनू

सोनू को बचपन से ही गाड़ियां चलाने का शौक था। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने गांव में खेती-किसानी के काम के लिए ट्रैक्टर चलाना शुरू कर दिया था। गाड़ियां चलाने के प्रति उनका यही शौक आगे चलकर जुनून बन गया। वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में महिला बस चालकों की नियुक्ति का अवसर आया, तो सोनू ने भी इसमें रुचि दिखाते हुए आवेदन किया।

चयनित महिलाओं में अलीगढ़ की सोनू मलान और गाजियाबाद के सिकंदराबाद क्षेत्र की वेद कुमारी शामिल थीं। इस अवसर ने सोनू को अपने ड्राइविंग शौक को पेशे में बदलने का मौका दिया और वह बस चालक के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहीं।

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सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय हैं सोनू

सोनू मलान की पहचान सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी लोकप्रियता है। उनके यूट्यूब पर करीब दो लाख, इंस्टाग्राम पर डेढ़ लाख और फेसबुक पर साढ़े छह लाख फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर बस चलाने से जुड़े वीडियो साझा करती हैं, जिन्हें लोग पसंद करते हैं। इस तरह सोनू अपने काम के जरिए न सिर्फ यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचा रही हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी महिलाओं को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं।

 

परिवार का साथ मिला, तो हौसले ने भरी उड़ान

सोनू मलान बताती हैं कि शुरुआत में कई लोगों ने कहा कि बस चलाना पुरुषों का काम है। लेकिन उनकी रुचि इसी क्षेत्र में बढ़ती गई और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके मुताबिक, योगी सरकार में उन्हें अवसर मिला और उन्होंने अपने हौसले से इस परंपरागत सोच को चुनौती दी। इस सफर में परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया। उनका भाई भी परिवहन निगम में बस चालक है, जबकि उनके पिता शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं।

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सोनू के अनुसार, बस में सफर करने वाली लड़कियां और महिलाएं उन्हें देखकर सुरक्षित महसूस करती हैं और उनके काम की सराहना भी करती हैं। कई महिलाएं उनसे प्रेरित होकर यह भरोसा जताती हैं कि वे भी अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं। सोनू की कहानी इसी विश्वास को मजबूत करती है कि अवसर और संकल्प साथ हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

पंजाब में भीषण सड़क हादसा, 9 मजदूरों की मौत, कई घायल, तेज रफ्तार कार ने ली जान

पंजाब में भीषण सड़क हादसा, 9 मजदूरों की मौत, कई घायल, तेज रफ्तार कार ने ली जान

AI/ Image

पंजाब के संगरूर जिले के लेहरागागा-जाखल रोड पर छोटियां गांव के पास आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया। खबरों के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने मनरेगा मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत और करीब 12 मजदूरों के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद कार चालक फरार हो गया, जिसकी तलाश और जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। तेज रफ्तार कार कई मजदूरों को दूर तक घसीटती ले गई, जिसमें 5 महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। खबरों के मुताबिक, घटना के समय करीब 23 महिला और पुरुष मनरेगा मजदूर सड़क किनारे कार्य कर रहे थे।

पंजाब के संगरूर जिले के लेहरागागा-जाखल रोड पर छोटियां गांव के पास आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया। खबरों के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने मनरेगा मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत और करीब 12 मजदूरों के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद कार चालक फरार हो गया, जिसकी तलाश और जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

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तेज रफ्तार कार कई मजदूरों को दूर तक घसीटती ले गई, जिसमें 5 महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। खबरों के मुताबिक, घटना के समय करीब 23 महिला और पुरुष मनरेगा मजदूर सड़क किनारे कार्य कर रहे थे। गंभीर हालत के चलते कई घायलों को संगरूर, सुनाम और पटियाला रैफर किया गया है। हादसे के बाद ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने सुरक्षा नियमों (रिफ्लेक्टर जैकेट, संकेत बोर्ड आदि) की अनदेखी और प्रशासन की लापरवाही को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

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पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। राज्य के मंत्री वरिंदर गोयल ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, घायलों का इलाज चल रहा है। पीड़ितों को सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शोक व्यक्त किया है। उन्‍होंने कहा, मनरेगा मजदूरों की मौत की खबर बेहद दुखद है।

Video: शादी के बाद इंटरव्यू में HR ने पूछा बेबी प्लानिंग पर सवाल, हैरान रह गई महिला, वीडियो वायरल

नौकरी के इंटरव्यू में महिलाओं से शादी और बच्चे की प्लानिंग को लेकर सवाल पूछने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपना एक्सपीरिएंस शेयर किया है। महिला ने बताया कि जब उन्होंने HR को अपने पति के बारे में बताया, तो उनसे पूछा गया कि क्या वह बच्चे की प्लानिंग रही है। इस सवाल के बाद महिला ने कॉर्पोरेट कंपनियों में महिलाओं को मिलने वाले समान अवसरों और महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस तरह के सवाल नौकरी के इंटरव्यू में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर चिंता पैदा करते हैं।

हैरान रह गई महिला

शताक्षी द्विवेदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने नौकरी के इंटरव्यू के दौरान HR की ओर से पूछे गए एक सवाल का जिक्र किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि, जब HR को पता चला कि उनकी हाल ही में शादी हुई है, तो उनसे एक ऐसा सवाल पूछा गया, जिसने उन्हें हैरान कर दिया। उन्होंने इस एक्सपीरिएंस को शेयर करते हुए इसे HR की ओर से पूछा गया सबसे गलत सवाल बताया। शताक्षी द्विवेदी ने बताया कि इंटरव्यू की शुरुआत में सब कुछ सामान्य था।

शताक्षी ने बताया कि, HR ने उनसे पूछा कि वह कहां रहती हैं और घर से ऑफिस आने-जाने में उन्हें कोई परेशानी तो नहीं होगी, क्योंकि उनका घर काफी दूर था। इस पर शताक्षी ने कहा कि उन्हें आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने ये भी बताया कि उनके पति भी उसी इलाके में आते-जाते हैं, इसलिए वह उनके साथ ऑफिस आ-जा सकती हैं।

बेबी प्लानिंग को लेकर किया सवाल

बातचीत का रुख तब बदल गया जब HR ने शताक्षी की शादी को लेकर सवाल करना शुरू कर दिया। शताक्षी ने बताया कि HR ने उनसे कहा कि आपने बताया था कि आप शादीशुदा हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि उनकी हाल ही में शादी हुई है। इसके बाद HR ने उनसे पूछा कि क्या वह जल्द ही बच्चा पैदा करने की योजना तो नहीं बना रही हैं। इस सवाल ने शताक्षी को हैरान कर दिया। इस सवाल से शताक्षी द्विवेदी असहज हो गईं।

 

वायरल हो रहा वीडियो

उन्होंने कॉर्पोरेट कंपनियों के महिला सशक्तिकरण और समान अवसर देने के दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि एक तरफ कंपनियां बराबरी की बात करती हैं, वहीं दूसरी तरफ इंटरव्यू में महिलाओं से शादी और बच्चे की प्लानिंग जैसे निजी सवाल पूछे जाते हैं। शताक्षी ने उस कंपनी का नाम नहीं बताया, जहां उनके साथ यह घटना हुई थी। सोशल मीडिया पर ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई महिलाओं ने भी अपने साथ हुए ऐसे ही अनुभव साझा किए और बताया कि नौकरी के दौरान उन्हें भी इस तरह के निजी सवालों का सामना करना पड़ा है। वहीं, कई लोगों ने इंटरव्यू में महिलाओं से ऐसे सवाल पूछने के तरीके की आलोचना की।

लोगों ने किया कमेंट

एक यूजर ने लिखा कि, ‘उसके साथ भी ऐसा ही हुआ था। इंटरव्यू के दौरान उससे सीधे बच्चे पैदा करने की योजना के बारे में पूछा गया। उसने कहा कि साल 2026 में भी महिलाओं को नौकरी पाने के लिए ऐसे असहज सवालों का सामना करना पड़ रहा है।’ एक यूजर ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि, ‘इंटरव्यू के दौरान उनसे भी सीधे बच्चे की प्लानिंग को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि साल 2026 में भी महिलाओं को इस तरह के अजीब सवालों का सामना करना पड़ रहा है।’

वहीं, एक अन्य यूजर ने समाज के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अविवाहित महिलाओं से पूछा जाता कि, ‘वे शादी कब करेंगी, शादीशुदा महिलाओं से बच्चे की प्लानिंग के बारे में सवाल किए जाते हैं और मां बनने के बाद उनसे पूछा जाता है कि वे काम और बच्चे की जिम्मेदारियों को कैसे संभालेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 22 साल की उम्र से लेकर नौकरी छोड़ने या 50 साल की उम्र तक इंटरव्यू में ऐसे सवालों का सामना करना पड़ सकता है।’

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

योगी सरकार में मजबूत हुई बेसिक शिक्षा की नींव, कंपोजिट विद्यालयों में 9 साल में 1.84 लाख शिक्षक बढ़े

योगी सरकार में मजबूत हुई बेसिक शिक्षा की नींव, कंपोजिट विद्यालयों में 9 साल में 1.84 लाख शिक्षक बढ़े

Foundation of basic education has been strengthened under Yogi government

– 2017 से पहले 918 थी कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, अब 1.85 लाख के पार।

– योगी सरकार में शिक्षक हित के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।

– शिक्षकों को 5 लाख रुपए तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा।

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में पिछले नौ वर्षों के दौरान विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के साथ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के कार्यकाल में विद्यालयों को आवश्यकता के अनुरूप शिक्षक उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए। इसका असर कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में हुई बड़ी वृद्धि के रूप में सामने आया है।

2016-17 में 918 थी शिक्षकों की संख्या

आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या वर्ष 2016-17 में महज 918 थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,85,408 हो गई यानी नौ वर्षों में कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में करीब 1.84 लाख की वृद्धि हुई है। यह बदलाव प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर विद्यालयों के एकीकरण तथा उनके नए स्वरूप में संचालन के साथ शिक्षक उपलब्धता बढ़ाने की प्रक्रिया को भी दर्शाता है।

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प्रदेश में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के एकीकरण से विद्यालय परिसर कंपोजिट विद्यालयों के रूप में सशक्त हुए हैं। इस पहल से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिली है और शिक्षकों की संख्या में 26,488 की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे शैक्षिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिला है।

 

योगी सरकार में शिक्षक हित को प्राथमिकता

योगी सरकार की ओर से शिक्षक हित में भी कई कदम उठाए गए हैं। 5 लाख रुपए तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 58 करोड़ रुपए खर्च कर नियमित ट्रेनिंग (2026-27), मानव संपदा पोर्टल से छुट्टी एवं वेतन पाना आसान और प्रत्येक विद्यालय में सहयोग के लिए 2 टैबलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस तरह योगी सरकार में शिक्षक हित के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। साथ ही विकसित प्रदेश की नींव भी सशक्त हुई है। 

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कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 225 से बढ़कर 24,605 हुई

वहीं योगी सरकार की पहल से कंपोजिट विद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यू-डायस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017-18 में प्रदेश में 225 कंपोजिट विद्यालय थे, जिनकी संख्या 2025-26 में बढ़कर 24,605 हो गई। इस दौरान 24,380 विद्यालयों की वृद्धि दर्ज की गई।

इन विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा आठ तक एक ही परिसर में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने की सुविधा मिल रही है। साथ ही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा को एकीकृत कर शैक्षिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।

ट्रम्प ने इजराइलियों से कहा- नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री बनाएं:किसी और को चुना तो ईरान के खिलाफ अमेरिका को अकेले लड़ना पड़ेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल के लोगों से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री चुनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बीबी नेतन्याहू आपको कभी निराश नहीं करेंगे। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर इजराइल ने नेतन्याहू के अलावा किसी दूसरे नेता को चुना, तो अमेरिका को ईरान के खिलाफ लड़ाई खुद लड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वे ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं। ट्रम्प ने इजराइल के लोगों के नाम जारी संदेश में नेतन्याहू को ‘मजबूत, बहादुर और शानदार’ नेता बताया। ट्रम्प बोले- ईरान 51 साल से अमेरिका-इजराइल को मिटाने की धमकी दे रहा ट्रम्प ने ईरान पर पिछले 51 साल से इजराइल और अमेरिका को मिटाने की धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने ईरान के नारे ‘इजराइल की मौत, अमेरिका की मौत’ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बयानों को नजरअंदाज करना खतरनाक है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य और आर्थिक ताकत को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान ने तेजी से अपना रवैया नहीं बदला, तो अमेरिका जल्द ही बाकी काम भी पूरा कर देगा। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू को बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते देखा है। उनके मुताबिक, ऐसे दबाव में आम लोग कमजोर पड़ जाते, लेकिन नेतन्याहू मजबूती से डटे रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू को इजराइल के भीतर से विरोध का सामना करना पड़ा है।

योगी सरकार 5 जिलों में लगा रही आकाशीय विद्युत चेतावनी सेंसर, रुकेगी जनहानि

योगी सरकार 5 जिलों में लगा रही आकाशीय विद्युत चेतावनी सेंसर, रुकेगी जनहानि

Uttar Pradesh government is installing lightning warning sensors in 5 districts

– आपदा प्रबंधन पर जोर, आईआईटीएम पुणे के सहयोग से आकाशीय बिजली गिरने से पहले सतर्क करने की तैयारी।

– सोनभद्र के 32 गांवों में भी 1.33 करोड़ रुपए से बन रही बिजली गिरने की पूर्व चेतावनी व्यवस्था।

– स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को भी बचाव अभियान चलाने में मिलेगी मदद।

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि को कम करने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था मजबूत की जा रही है। इसी क्रम में भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे के सहयोग से प्रदेश के 5 जिलों में आकाशीय बिजली का पता लगाने वाले सेंसर स्थापित किए जा रहे हैं। एटा, मेरठ, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी और सोनभद्र में लग रहे ये सेंसर बिजली गिरने की गतिविधियों का तेजी से पता लगाने और समय रहते चेतावनी जारी करने में मदद करेंगे। इससे लोगों को सतर्क करने और संभावित हादसों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने का समय मिल सकेगा।

 

राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक इस पहल का प्रमुख उद्देश्य आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को कम करना और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अधिक प्रभावी बनाना है। बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों, ग्रामीणों और पशुपालकों को आकाशीय बिजली का सबसे अधिक खतरा रहता है। ऐसे में समय पर चेतावनी मिलने से लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकते हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को भी आवश्यक सावधानियां बरतने में मदद मिलेगी।

 

सोनभद्र के 32 गांवों में भी बनेगी पूर्व चेतावनी व्यवस्था

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सोनभद्र जिले में भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। दुद्धी ब्लॉक के 32 गांवों में 1.33 करोड़ रुपए से आकाशीय बिजली की पूर्व चेतावनी के लिए ‘लाईटनिंग डिटेक्शन एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम’ स्थापित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक समय रहते सूचना पहुंचाना है, ताकि वे बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित रहने के लिए जरूरी कदम उठा सकें।

 

तकनीक और जागरूकता से कम होगा नुकसान

राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रदेश में आपदा प्रबंधन की रणनीति के तहत केवल घटना के बाद राहत पहुंचाने पर ही नहीं, बल्कि संभावित खतरे का पहले पता लगाने और नुकसान रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है। बिजली चेतावनी सेंसर जैसी तकनीक मौसम की निगरानी को बेहतर बनाने में सहायक होगी।

3 करोड़ सैलरी भी है कम! पार्थिव पटेल ने क्यों नहीं किया चीफ सेलेक्टर के लिए आवेदन? जानें वजह

अजीत अगरकर के जाने के बाद से बीसीसीआई नए चीफ सेलेक्टर की तलाश जारी है। वहीं ऐसी खबरे थी की पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अगर पटेल इस पद के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें बोर्ड का पूरा समर्थन मिल सकता है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख बीत जाने के बावजूद पार्थिव पटेल ने इस पद के लिए अपना नाम नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीफ सेलेक्टर को मिलने वाली सैलरी की वजह से पार्थिव ने आवेदन नहीं किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

इस वजह से पार्थिव ने नहीं दिया नाम

द टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आर्थिक कारणों के चलते मुख्य चयनकर्ता बनने का फैसला छोड़ दिया। BCCI इस पद के लिए उन्हें हर साल 3 करोड़ रुपये देने को तैयार था, लेकिन यह जिम्मेदारी स्वीकार करने पर उन्हें गुजरात टाइटंस में अपनी कोचिंग की नौकरी और कमेंट्री से होने वाली कमाई छोड़नी पड़ सकती थी। ऐसे में उन्हें इस पद को चुनने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी। फिलहाल, साउथ जोन के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

वहीं, वेस्ट जोन से एक नए चयनकर्ता को भी टीम में शामिल किया जाना है। इस पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर और रमेश पोवार के नामों की चर्चा हो रही है। दोनों को मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

अश्विन ने सैलरी को लेकर उठाए सवाल

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं की सैलरी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, BCCI में चयनकर्ता के पद पर मिलने वाली रकम इतनी नहीं है कि बड़े और अनुभवी क्रिकेटर इस जिम्मेदारी को लेने के लिए आगे आएं। अश्विन ने कहा कि, ‘अगर सेलेक्टर्स की सैलरी बढ़ाई जाती है, तो इस पद के लिए बड़े और अनुभवी क्रिकेटर आगे आ सकते हैं। उन्होंने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छे स्तर के चयनकर्ताओं को लाने के लिए इस पद को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाना जरूरी है।”

हेड कोच जितनी मिले सैलरी

अश्विन ने आगे कहा, “चयनकर्ता बनने के बाद पूर्व क्रिकेटर मीडिया में काम नहीं कर सकते, खिलाड़ियों पर खुलकर चर्चा नहीं कर सकते और न ही कहीं कोचिंग दे सकते हैं, क्योंकि इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, उन्हें पूरे साल घरेलू क्रिकेट और IPL पर नजर रखनी पड़ती है। अश्विन का मानना है कि अगर मुख्य चयनकर्ता को भारतीय टीम के मुख्य कोच के बराबर वेतन मिले, तो इस पद के लिए बेहतर अनुभव और योग्यता वाले लोग सामने आएंगे।” उन्होंने यह पूछकर अपनी बात खत्म की कि क्या बोर्ड पहले उन पेडिग्री वाले सिलेक्टर्स को चाहता था।

कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 49 सेकंड के वीडियो में दिखा भगदड़ का भयानक मंजर!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!

सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।

 

इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।

49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा

करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।

बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।

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अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, घटना का वाडियो आया सामने, मामले की जांच में जुटी पुलिस

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, घटना का वाडियो आया सामने, मामले की जांच में जुटी पुलिस

Actor Tiger Shroff fired upon in Mumbai

मुंबई के जुहू स्थित पुष्पा पार्क इलाके में आज शाम बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार 3 हमलावरों ने करीब 5 राउंड फायरिंग की। हालांकि इस गोलीबारी में अभिनेता टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। खबरों के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अनिल पंडित और हरमन संधू नामक व्यक्तियों ने ली है, जिनका संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है।

मुंबई के जुहू स्थित पुष्पा पार्क इलाके में आज शाम बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार 3 हमलावरों ने करीब 5 राउंड फायरिंग की। हालांकि इस गोलीबारी में अभिनेता टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

खबरों के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अनिल पंडित और हरमन संधू नामक व्यक्तियों ने ली है, जिनका संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। इस गोलीबारी के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा रहा है कि टाइगर की कार घर से निकलती है, तभी वहां फैंस की भीड़ जुट जाती है और इसी के बाद फायरिंग की आवाजें सुनाई देती हैं, जिसमें भगदड़ मच जाती है।अभिनेता टाइगर पर जानलेवा हमले की खबर के बाद इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस आयुक्त को फोन कर अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस आयुक्त को तत्काल तेजी से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ को पिछले साल जान से मारने की धमकी भी मिली थी।

Tiger Shroff : एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमला, 3 लोगों ने की फायरिंग

मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर तीन लोगों द्वारा गोली चलाए जाने की खबर सामने आई है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जानकारी जुहू पुलिस स्टेशन में दी गई है। राहत की बात यह है कि टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गोली नहीं लगी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।