पाकिस्तान की सीनियर पुलिस अधिकारी डॉ. अनूश मसूद चौधरी पंजाबी गानों की बड़ी फैन हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सिद्धू मूसेवाला के ईस्ट साइड फ्लो, रंजीत बावा के शेर मारना, गुर सिद्धू के 8 पर्चे, आर नेत के दबदा किथे आ जैसे गानों पर कई रील्स बनाई हैं। पेशावर की रहने वाली डॉ. अनूश फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब एलीट पुलिस में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) के पद पर तैनात हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर करीब 2.5 लाख फॉलोअर्स हैं। डॉ. अनूश साल 2018 में खैबर पख्तूनख्वा की पहली महिला SSP बनी थीं। उस समय उनकी कार्यशैली के साथ-साथ उनकी खूबसूरती की काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद वह लाहौर की भी SSP बनीं। डॉ. अनूश इंडियन म्यूजिक को खास पसंद करती हैं। उन्होंने पंजाबी के साथ हरियाणवी और बॉलीवुड गानों पर रील्स बनाई हैं। जानिए कौन है डॉ. अनूश मसूद चौधरी… पेरेंट्स डॉक्टर बनाना चाहते थे एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने बताया था- पेरेंट्स का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। मैंने MBBS भी पूरी कर ली थी। मगर, पिता के मौत के बाद सब बदल गया। परिवार वाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनकर विदेश सैटल हो जाऊं, लेकिन मैं पाकिस्तान में ही रहकर जनता की सेवा करना चाहती थी। इसके मैंने सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (CSS) का फील्ड चुना। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी सिंगर करनदीप को आया हार्ट अटैक:खुद VIDEO शेयर किया, बोले- जिम जाता हूं, फिर भी दिल-दिमाग ने काम करना बंद कर दिया पंजाबी सिंगर, एक्टर, मॉडल और फिटनेस इन्फ्लुएंसर करनदीप को ऑस्ट्रेलिया में हार्ट अटैक आ गया। सिंगर ने खुद इसके वीडियो इंस्टा पर शेयर करते हुए लिखा कि 19 मई उनकी जिंदगी का लास्ट दिन था। अगर उनके दोस्त पास न होते तो वो जिंदा न होते। पढ़ें पूरी खबर…
पाकिस्तान की सीनियर पुलिस अधिकारी डॉ. अनूश मसूद चौधरी हरियाणवी गानों की बड़ी फैन हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ढांडा न्योलीवाला के ‘रशियन बंधाना’, राजू पंजाबी के ‘चौधर पूरी जाट की’, खासा आला चाहर के ‘जय वीरू’ और सुमित गोस्वामी के ‘टोरा’ जैसे गानों पर कई रील्स बनाई हैं। पेशावर की रहने वाली डॉ. अनूश फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब एलीट पुलिस में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) के पद पर तैनात हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर करीब 2.5 लाख फॉलोअर्स हैं। डॉ. अनूश साल 2018 में खैबर पख्तूनख्वा की पहली महिला SSP बनी थीं। उस समय उनकी कार्यशैली के साथ-साथ उनकी खूबसूरती की काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद वह लाहौर की भी SSP बनीं। डॉ. अनूश इंडियन म्यूजिक को भी खास पसंद करती हैं। उन्होंने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला, आर-नैत, एमी विर्क और गुर सिद्धू के कई गानों पर भी रील्स अपलोड की हैं। जानिए कौन है डॉ. अनूश मसूद चौधरी… MBBS किया और गोल्ड मेडल हासिल किया डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने मेडिकल क्षेत्र छोड़कर पुलिस सेवा को चुना और अपने करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिनकी वजह से वह देश की चर्चित महिला अधिकारियों में शामिल हैं। उन्होंने फातिमा जिन्ना मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की और मेडिसिन में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में शामिल हुईं। लाहौर की बेस्ट क्राइम फाइटर बनी वर्ष 2014 में अनूश मसूद चौधरी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पहली महिला असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) बनीं। इसके बाद उन्होंने पंजाब पुलिस में विभिन्न अहम जिम्मेदारियां संभालीं। कसूर में SP (इन्वेस्टिगेशन), लाहौर के मॉडल टाउन में एडिशनल SP और पंजाब पुलिस मुख्यालय में SP के रूप में भी उन्होंने काम किया। वर्ष 2018 में उन्हें लाहौर का ‘बेस्ट क्राइम फाइटर’ चुना गया। इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवॉर्ड मिला मई 2022 में अनूश मसूद चौधरी को लाहौर ऑपरेशंस विंग का सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) नियुक्त किया गया। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला पुलिस अधिकारी बनीं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, जेंडर-सेंसिटिव पुलिसिंग को बढ़ावा देने और महिला पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए भी काम किया। वर्ष 2020 में महिलाओं के अधिकारों और पुलिस सेवा में योगदान के लिए उन्हें अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पेरेंट्स डॉक्टर बनाना चाहते थे एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने बताया था कि पेरेंट्स का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। मैंने MBBS भी पूरी कर ली थी। मगर, पिता के मौत के बाद सब बदल गया। परिवार वाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनकर विदेश सैटल हू जाऊं, लेकिन मैं पाकिस्तान में ही रहकर जनता की सेवा करना चाहती थी। इसके मैंने सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (CSS) का फिल्ड चुना।
Shagufta Ali: ‘हीरो नंबर 1’, ‘बनारसी बाबू’ और ‘लैला मजनू’ जैसी फ़िल्मों और ‘संजीवनी’, ‘ससुराल गेंदा फूल’ और ‘ससुराल सिमर का’ जैसे पॉपुलर टीवी शो में यादगार कॉमिक रोल निभाने वालीं एक्ट्रेस शगुफ़्ता अली ने हाल ही में करिश्मा कपूर के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की। सिद्धार्थ कन्नन के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए, एक्ट्रेस ने इस बारे में भी अपने विचार शेयर किए कि गोविंदा और करिश्मा की हिट जोड़ी आखिरकार क्यों टूट गई।
यह पूछे जाने पर कि कई ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बावजूद गोविंदा और करिश्मा ने एक साथ काम करना क्यों बंद कर दिया, शगुफ्ता ने कहा, “दिलचस्पी खत्म हो गई होगी। प्यार मोहब्बत खत्म हो गया होगा। हीरोइनों के मूड का भी क्या भरोसा है। बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी होना भी अच्छा नहीं है। करिश्मा जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी थीं।
वह बहुत मेहनती थीं, लेकिन रवैया बहुत ज्यादा अच्छा नहीं था। हो सकता है कि उनके बीच का प्यार और स्नेह खत्म हो गया हो। आप कभी भी नायिका की मनोदशा के बारे में निश्चित नहीं हो सकते। और अत्यधिक महत्वाकांक्षी होना हमेशा अच्छी बात नहीं है। करिश्मा अति-महत्वाकांक्षी थीं। वह बहुत मेहनती थीं, लेकिन उनमें बहुत एटीट्यूड भी था।
अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए उन्होंने कहा, “सेट पर आपका रवैया और आपका व्यवहार भी बहुत मायने रखता है। अगर कोई आपका सह-कलाकार है, तो आपसी सहयोग होना जरूरी है। चाहे आप साथ में कोई सीन कर रहे हों या इंटरव्यू दे रहे हों, दोनों को बोलने का बराबर मौका मिलना चाहिए। इससे हमारे अभिनय पर भी असर पड़ता है। अगर मैं आपको निर्देश देने के लिए सेट पर मौजूद हूं, तो आपको भी मेरे लिए मौजूद रहना चाहिए। या फिर न रहें, मैं बिना निर्देशों के भी सीन कर सकती हूं। इसी तरह मैं 40 सालों से इस इंडस्ट्री में टिकी हुई हूं।”
सालों तक करिश्मा और गोविंदा ने कई हिट और ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों में साथ काम किया, जिनमें ‘कुली नंबर 1’, ‘शिकारी’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘राजा बाबू’, ‘हसीना मान जाएगी’ और कई अन्य फ़िल्में शामिल हैं। शगुफ़्ता और करिश्मा ने डेविड धवन की फ़िल्म ‘हीरो नंबर 1’ में साथ काम किया; इस फ़िल्म में गोविंदा, परेश रावल, सतीश शाह, कादर खान और टीकू तलसानिया ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। 1997 में आई यह कॉमेडी फ़िल्म बॉक्स-ऑफ़िस पर बहुत सफल रही।
करिश्मा को आखिरी बार ‘ब्राउन’ सीरीज़ में देखा गया था। इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर में उन्होंने सूर्या शर्मा, जिस्शु सेनगुप्ता, सोनी राजदान और अजिंक्य देव के साथ एक डिटेक्टिव की भूमिका निभाई थी। इस शो को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही अच्छा रिस्पॉन्स मिला और यह फ़िलहाल ZEE5 पर स्ट्रीम हो रहा है।
Narayani: नारायणी शास्त्री ने टेलीविजन इंडस्ट्री में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल के बारे में खुलकर बात की है। एक्ट्रेस ने कहा कि कुछ टीवी सर्कल्स में कोकीन और MDMA जैसे ड्रग्स का इस्तेमाल “आम” बात है। उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने अपनी जिंदगी में एक समय ड्रग्स का इस्तेमाल करके देखा था।
सिद्धार्थ कन्नन के यूट्यूब चैनल पर एक इंटरव्यू में नारायणी ने बताया कि इंडस्ट्री की पार्टियों में शराब के लिए एक तय बजट होता था, जो अब गैर-कानूनी ड्रग्स खरीदने में इस्तेमाल होने लगा है। एक्ट्रेस ने कहा, “पहले पार्टियों में शराब के लिए बजट होता था। अब ड्रग्स के लिए बजट होता है। यह देखकर मैं हैरान रह गई थी। इसीलिए मैंने कई साल पहले पार्टियां करना छोड़ दिया, क्योंकि अब पार्टियों का मकसद डांस करना नहीं होता। वे कुछ और ही बन गई हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि इन पार्टियों में लोग कौन से ड्रग्स लेते हैं, तो उन्होंने कहा, “कोकीन और MDMA आम हैं।” उन्होंने बताया कि बड़ी पार्टियों में लोग इसे छिपाकर रखते हैं। लेकिन छोटी और करीबी लोगों वाली पार्टियों में, “हर कोई जानता है कि सब कुछ-न-कुछ ले रहे हैं।” बड़ी पार्टियों में यह खुलेआम नहीं होता।
जब उनसे पूछा गया कि क्या एक्टर्स सेट पर ड्रग्स लेते हैं, तो नारायणी ने कहा, “हमेशा,” और आगे कहा, “हमारे शूट इसलिए कैंसिल हुए हैं क्योंकि एक्टर शूट करने की हालत में नहीं होता था। हम 4 घंटे तक इंतज़ार करते थे और सोचते थे कि आखिर हो क्या रहा है? एक्टर खड़े होने की हालत में भी नहीं होता था। ऐसा अक्सर होता था।”
नारायणी ने खुद माना कि उन्होंने गैर-कानूनी ड्रग्स आज़माए थे। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी में सब कुछ किया है, लेकिन एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर—यह देखने के लिए कि कुछ करने पर क्या होता है।”
एक्ट्रेस ने बताया कि वह ऐसी कई पार्टियों में गईं और वहाँ के लोगों और उनकी हरकतों को देखकर “हैरान” रह गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी लत नहीं लगी क्योंकि उन्होंने ड्रग्स सिर्फ़ एक बार आज़माए थे, ताकि अगर कोई उनकी ड्रिंक में कुछ मिला दे, तो उन्हें पता चल सके।
नारायणी शास्त्री टीवी शो ‘कोई अपना सा’ से मशहूर हुईं। इसके बाद उन्होंने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कुसुम’ और ‘पिया का घर’ जैसे सीरियल्स में काम किया। एक्ट्रेस डांस रियलिटी शो ‘नच बलिए’ का भी हिस्सा रही हैं।
Rohit Sharma: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 2-1 से हार मिली है। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि,लॉर्डस में होने वाले सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद रोहित शर्मा की रिटायरमेंट ले लेंगे। रोहित ने इस मुकाबले में शतक लगा कर इन खबरों को खारिज कर दिया है। इसी बीच रोहित शर्मा के साथी क्रिकेटर और पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर उठी चर्चाएं पूरी तरह बेबुनियाद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि, भले ही इन्हें बाहरी अफवाह बताया गया हो, लेकिन अक्सर ऐसी बातों के पीछे कुछ न कुछ वजह होती है।
बीसीसीआई ने रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को खारिज कर दिया था। लेकिन रविचंद्रन अश्विन के मुतबिक, इन चर्चाओं के पीछे कुछ न कुछ सच्चाई जरूर रही होगी। रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 138 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी अटकलों और आलोचनाओं का करारा जवाब दे दिया।
अफवाह नहीं था रिटायरमेंट
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “जब रोहित शर्मा के संभावित रिटायरमेंट की खबर सामने आई, तो कई लोगों ने इसे बाहरी शोर बताया। लेकिन मैं इसे सिर्फ अफवाह नहीं मानता। तमिल में एक कहावत है, ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता।'” अश्विन ने आगे कहा, “आग तो थी, लेकिन रोहित ने अपने बल्ले से जवाब दिया। उन्होंने दिखा दिया कि वह अब भी ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके मन में कोई संदेह है। मेरा मानना है कि वह 2027 वनडे विश्व कप तक खेल सकते हैं।”
रोहित-विराट करें फैसला
अश्विन ने कहा, “मुझे लगता है कि ये चोट के बाद रोहित शर्मा की शानदार वापसी की शुरुआत है। अगर वह थोड़ी और बेहतर लय में होते या उनका आत्मविश्वास थोड़ा और ऊंचा होता, तो वह 180 रन तक भी पहुंच सकते थे और टीम को जीत दिला सकते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि रोहित शानदार फॉर्म में हैं। अगर रोहित और विराट खेलना चाहते हैं, तो उनके रिकॉर्ड और अनुभव के सामने कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। रोहित ने लगभग 12 हजार वनडे रन बनाए हैं, इसलिए उनके योगदान पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।”
रोहित ने आलोचकों को दिया जवाब
रोहित के रिटायरमेंट की चर्चा उस रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रोहित की योजना 2027 वनडे विश्व कप तक खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने की थी। रोहित शर्मा ने अपने प्रदर्शन से सभी चर्चाओं का जवाब दिया।

Shri Gorakhnath Temple Shri Ram Katha: गुरु पूर्णिमा सप्ताह के उपलक्ष्य में श्री गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार (23 जुलाई) से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रयागराज से पधारे कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज श्रद्धालुओं को कथामृत का रसपान कराएंगे। कथा शुभारंभ कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित होंगे। प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायंकाल 6 बजे तक होने वाली श्रीरामकथा का सजीव प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब, फेसबुक और एक्स पर भी होगा। श्रीरामकथा का विश्राम गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर 29 जुलाई को होगा।
यह जानकारी श्री गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने दी है। उन्होंने बताया कि सनातन परम्परा में गुरु-शिष्य का संबंध अद्वितीय शब्दों में परिभाषित करने से परे है। गुरु-शिष्य परम्परा की संवाहक श्रीगोरक्षपीठ की तरफ से इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 23 जुलाई, गुरुवार से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन श्रीगोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया जा रहा है। प्रयागराज से आए आचार्य श्री शांतनु जी महाराज कथा सुनाएंगे।
योगी कमलनाथ ने बताया कि गुरुवार को श्रीरामकथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं कथा व्यास शांतनु जी महाराज के सानिध्य में साधु-संतों, मुख्य यजमान, अन्य यजमानगण एवं 151 वेदपाठी विद्यार्थी शंख ध्वनि तथा बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकालेंगे। यह शोभायात्रा दोपहर बाद 2:45 बजे श्रीगोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह से महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थित कथा मंडप तक जाएगी। तत्पश्चात भव्य श्रीरामकथा का प्रारंभ होगा।
योगी कमलनाथ ने सभी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि श्रीरामकथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायं 6 बजे तक होगी। इसका सीधा प्रसारण श्रीगोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी किया जाएगा। गोरक्षपीठाधीश्वर के सानिध्य में श्रीरामकथा का विश्राम व पूर्णाहुति 29 जुलाई को प्रातः 9 बजे से 11:30 बजे होगी। गुरु पूर्णिमा के दिन श्री गोरखनाथ मंदिर में विशिष्ट पूजन, आशीर्वचन, भजन व सहभोज का पारम्परिक आयोजन होगा। (फाइल फोटो)
भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडी सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं तीसरे और आखिरी मुकाबले से पहले लॉर्ड्स की बालकनी में गौतम गंभीर और रोहित शर्मा हंसते हुए बातचीत करते नजर आए थे। वहीं अब इस पर पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर बड़ा बयान दिया है। अश्विन के मुताबिक, मैदान पर रोहित शर्मा और गौतम गंभीर के हंसते-बात करते दिखने से ये नहीं माना जा सकता कि दोनों के बीच सब कुछ पूरी तरह नॉर्मल है।
उन्होंने कहा कि, भारतीय क्रिकेट टीम जैसे प्रोफेशनल माहौल में खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ अच्छी तरह जानते हैं कि कैमरे हर समय उन पर नजर रखते हैं। ऐसे में वे सार्वजनिक तौर पर अपने व्यवहार को कंट्रोल में रखते हैं। इसलिए असली भावनाएं मुश्किल से ही बाहर आ पाती हैं।
अश्विन ने क्या कहा
पिछले कुछ समय से रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दोनों के बीच मतभेद और टीम में फैसलों को लेकर अलग-अलग राय होने की बातें सामने आई हैं। इसी बीच लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को कई मौकों पर साथ हंसते और बातचीत करते देखा गया, जिसके बाद लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो गया है। वहीं रविचंद्रन अश्विन के मुताबिक, किसी खिलाड़ी और कोच को साथ मुस्कुराते देखकर उनके रिश्तों के बारे में कोई पक्का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
टकराव से बचते हैं
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “हर कोई प्रोफेशनल है। हर किसी को पता होता है कि कैमरे उनकी तरफ लगे हैं। कैमरे के सामने कोई बच्चों की तरह लड़ाई नहीं करता। सच तो यह है कि प्रोफेशनल माहौल में लोग इस तरह झगड़ते भी नहीं हैं। अगर दो लोगों के बीच सब कुछ ठीक नहीं भी हो, तो वे बस कम बात करते हैं, लेकिन टकराव से बचते हैं। आखिर बेवजह विवाद क्यों किया जाए?” उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो आपको कौन रोक सकता है? विराट कोहली ने प्रदर्शन किया, रोहित शर्मा ने भी प्रदर्शन किया और अपना काम किया। इसके बाद किसी के पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचता।”
गौतम गंभीर और विराट कोहली के रिश्तों को लेकर भी समय-समय पर कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रमों और मैचों के दौरान दोनों कई बार नॉर्मल अंदाज में साथ नजर आए हैं। इसी बीच रोहित टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट में बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं।
रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग सुकून भरी जिंदगी की तलाश करते हैं, लेकिन ओडिशा के प्रताप चंद्र राउल ने अपनी दूसरी पारी को एक नई पहचान देने का फैसला किया। दशकों तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने खेती को अपना नया लक्ष्य बनाया और कुछ अलग करने की ठानी। बालासोर के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका यह सफर आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
सीमित जमीन, नई सोच और सीखने की इच्छा के दम पर प्रताप ने ऐसी फसल चुनी, जो उनके इलाके में अभी ज्यादा प्रचलित नहीं थी। उनकी मेहनत ने न सिर्फ एक छोटे खेत को कमाई का जरिया बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि सही योजना और लगन से खेती में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
हाथों में थामी खेती की कमान
प्रताप ने 1984 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना जॉइन की थी। करीब 26 साल सेवा देने के बाद सितंबर 2010 में वह रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने ओडिशा पुलिस में हवलदार के रूप में एक दशक तक काम किया। साल 2020 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर गांव लौटने का फैसला किया। लेकिन उनका उद्देश्य सिर्फ आराम करना नहीं था। वह कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिससे कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सके। प्रताप ने कहा, “मैं ऐसा किसान बनना चाहता था जो अपने इलाके में कुछ नया करे। मेरा लक्ष्य था साबित करना कि छोटी जमीन भी सही योजना के साथ बड़ा फायदा दे सकती है।”
खेती का अनुभव नहीं था, फिर भी सीखने से नहीं पीछे हटे
प्रताप के परिवार का खेती से कोई पुराना संबंध नहीं था। शुरुआत में उनके लिए खेती पूरी तरह नया क्षेत्र था। उन्होंने कई महीनों तक अलग-अलग फसलों के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने इंटरनेट, यूट्यूब वीडियो, सोशल मीडिया समूहों और अनुभवी किसानों से बातचीत के जरिए खेती की बारीकियां सीखीं। कई विकल्पों पर विचार करने के बाद उन्हें ड्रैगन फ्रूट सबसे बेहतर विकल्प लगा।
इस फल ने उन्हें इसलिए आकर्षित किया क्योंकि:
- इसमें पानी की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है
- गर्म मौसम में इसकी पैदावार अच्छी होती है
- एक बार पौधा लगाने के बाद करीब 25 साल तक उत्पादन मिल सकता है
गुजरात से लाए खास किस्म के पौधे, शुरू किया नया प्रयोग
मार्च 2022 में प्रताप ने करीब 1.3 लाख रुपये लगाकर अपना ड्रैगन फ्रूट फार्म तैयार किया। उन्होंने 1,000 पौधे, 70 कंक्रीट पोल, 900 फीट जीआई पाइप और अन्य जरूरी सामान खरीदा। उन्होंने गुजरात से ड्रैगन फ्रूट की सात बेहतरीन किस्में मंगाईं, जिनमें शामिल थीं:
- वियतनाम रेड
- थाई जंबो
- मोरक्कन रेड
- हाइब्रिड जायंट रेड
- इजरायली येलो
- ताइवान पिंक
- व्हाइट ड्रैगन फ्रूट
कम जमीन में ज्यादा उत्पादन के लिए उन्होंने पारंपरिक पोल सिस्टम की जगह हाई-डेंसिटी रैलिंग सिस्टम अपनाया। इससे एक ही क्षेत्र में ज्यादा पौधे लगाए जा सके और बेलें तेजी से बढ़ने लगीं।
पहली फसल ने दिया झटका
किसी भी नए किसान की तरह प्रताप को शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मार्च 2023 में पहली बार फसल तैयार हुई, लेकिन उत्पादन केवल करीब 50 किलो रहा। फल भी उम्मीद से छोटे निकले। वह इतने निराश हुए कि उन्होंने उन्हें बाजार तक नहीं पहुंचाया। लेकिन प्रताप ने इस असफलता को हार नहीं माना। उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और खेती के तरीके में बदलाव शुरू किया।
रसायनों को छोड़ा
प्रताप ने रासायनिक उर्वरकों की जगह पूरी तरह जैविक खेती अपनाने का फैसला किया। उन्होंने गाय के गोबर, गोमूत्र, फल-सब्जियों के कचरे, प्याज के अवशेष, मिट्टी और केंचुओं से प्राकृतिक खाद तैयार करनी शुरू की। इस बदलाव का असर धीरे-धीरे दिखने लगा। पौधों की सेहत सुधरी, फलों का आकार बढ़ा और उत्पादन हर साल बेहतर होता गया।
छोटी जमीन से बढ़ी कमाई
साल 2024 में उनके खेत से करीब 200 किलो ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन हुआ। जैविक फल होने के कारण ग्राहकों ने इसे अच्छी कीमत पर खरीदा और उन्हें लगभग 50 हजार रुपये की कमाई हुई। इसके बाद 2025 में उत्पादन तेजी से बढ़ा। अप्रैल से नवंबर के बीच करीब 900 किलो फल तैयार हुए।
उन्होंने लगभग:
- 650 किलो फल सीधे ग्राहकों को करीब 220 रुपये प्रति किलो बेचे
- बाकी फल थोक विक्रेताओं को करीब 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे
सिर्फ फलों की बिक्री से उनकी आमदनी करीब 1.4 लाख रुपये तक पहुंच गई।
फल के साथ पौधों से भी कमाई का नया रास्ता
प्रताप ने कमाई का दायरा सिर्फ फलों तक सीमित नहीं रखा। वह हर साल करीब 2,000 ड्रैगन फ्रूट पौधों की नर्सरी तैयार करते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 हजार रुपये अतिरिक्त मिलते हैं। उन्होंने अपनी छत पर भी 22 पौधे लगाए हैं, जिनसे हर साल करीब 20 किलो फल मिलते हैं। ऑफ-सीजन में वह पौधों की कटाई-छंटाई और अगले उत्पादन की तैयारी में जुट जाते हैं।
अब स्ट्रॉबेरी से बढ़ाएंगे कमाई के मौके
ड्रैगन फ्रूट में सफलता हासिल करने के बाद प्रताप अब नई फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने एक छोटे क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती का प्रयोग किया, जो सफल रहा। अब उनका लक्ष्य है कि ड्रैगन फ्रूट के ऑफ-सीजन में दूसरी फसलों के जरिए अतिरिक्त आमदनी बनाई जाए।
फोटो में शानदार, जमीन पर अलग कहानी! Eiffel Tower का ऐसा वीडियो पहले नहीं देखा होगा
Skyroot Vikram-1 Update: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आज 18 जुलाई का दिन एक स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। देश की निजी स्पेस एजेंसी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले पूर्ण विकसित और स्वदेशी ऑर्बिटल-क्लास (कक्षीय श्रेणी) रॉकेट विक्रम-1 को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस ऐतिहासिक मिशन को मिशन आगमन नाम दिया गया है। ये वैश्विक लॉन्चिंग कारोबार में भारत के प्राइवेट सेक्टर की धमाकेदार एंट्री का प्रतीक बनने जा रहा है। यह पहली बार होगा जब पूरी तरह से किसी निजी कंपनी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया ऑर्बिटल-श्रेणी का रॉकेट भारतीय धरती से अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेगा।
आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी और आप इसे घर बैठे लाइव कैसे देख सकते हैं।
कब और कहां से होगी लॉन्चिंग?
विक्रम-1 रॉकेट की यह पहली टेस्ट फ्लाइट आज यानी शनिवार को सुबह 11:30 बजे उड़ान भरेगी। यह 7 मंजिला ऊंचा रॉकेट आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) के ऐतिहासिक ‘प्रथम लॉन्च पैड’ से गरजना भरते हुए अंतरिक्ष की ओर रवाना होगा।
घर बैठे कहां और कैसे देखें लाइव लॉन्चिंग?
यदि आप भारत के इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनना चाहते हैं, तो स्काईरूट एयरोस्पेस इस पूरे इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग करने जा रहा है। कंपनी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जानकारी दी है कि भारत के इस पहले प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च को आज YouTube पर लाइव देखा जा सकता है। आप नीचे दिए गए आधिकारिक लिंक पर जाकर अपना रिमाइंडर सेट कर सकते हैं और सीधे लाइव लॉन्चिंग देख सकते हैं-
स्काईरूट विक्रम-1 लॉन्च लाइव यूट्यूब लिंक (https://www।youtube।com/live/-lLd1cI7v0U)
अंतरिक्ष जाएगा पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश
इस मिशन की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि ‘विक्रम-1’ अपने साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बेहद खास संदेश लेकर अंतरिक्ष जा रहा है। स्काईरूट एयरोस्पेस के मुताबिक, इस टेस्ट फ्लाइट के विशेष पेलोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने हाथों से लिखा गया एक पोस्टकार्ड शामिल है। इस पोस्टकार्ड पर वंदे मातरम लिखा हुआ है जिस पर पीएम मोदी के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। इस हस्तलिखित पोस्टकार्ड पर 26 जून 2026 की तारीख दर्ज है।
A historic new frontier for India’s space journey!
At 11:30 AM today, Skyroot Aerospace will undertake the maiden orbital launch of Vikram-1, India’s first privately developed launch vehicle.
This four-stage rocket is designed to provide rapid and on-demand launch services.… pic.twitter.com/1qFVTwNOuZ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 18, 2026
कितना शक्तिशाली है ‘विक्रम-1’ और क्या है इसकी खासियत?
इस रॉकेट का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले महान वैज्ञानिक डॉ विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। नवंबर 2022 में स्काईरूट द्वारा लॉन्च किए गए विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट की सफलता के बाद यह कंपनी का अगला सबसे बड़ा मील का पत्थर है। विक्रम-एस केवल सबऑर्बिटल फ्लाइट पर गया था (जो कुछ समय के लिए अंतरिक्ष में जाकर वापस आ गया था) लेकिन विक्रम-1 एक ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है। इसका मतलब है कि यह सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की एक निश्चित और स्थिर कक्षा में स्थापित करने में सक्षम है।
इस मिशन के तहत रॉकेट का लक्ष्य 60° झुकाव पर 450 किलोमीटर की लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) तक पहुंचना है। यह रॉकेट 350 किलोग्राम तक के छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष की निचली कक्षा (LEO) में ले जाने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। 7 मंजिला ऊंचे इस बहु-चरणीय रॉकेट का निर्माण पूरी तरह से कार्बन-मिश्रित संरचना से किया गया है। इसे ताकत देने के लिए कंपनी का खुद का प्रोपल्शन सिस्टम लगा है जिसमें 3D-प्रिंटेड इंजन और हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर शामिल हैं।
इस टेस्ट फ्लाइट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
स्काईरूट एयरोस्पेस के अनुसार, 18 जुलाई की यह उड़ान मुख्य रूप से एक टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन (तकनीकी प्रदर्शन) फ्लाइट है। इसका मुख्य मकसद यह जांचना है कि स्काईरूट की बनाई गई तकनीक और उसके ऑनबोर्ड सिस्टम असल उड़ान की परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। इस मिशन के दौरान जो भी डेटा मिलेगा, उसका इस्तेमाल कंपनी अपनी तकनीक को गहराई से सीखने, उसमें सुधार करने, भविष्य के वर्शन्स को और बेहतर बनाने और नियमित लॉन्च ऑपरेशन्स स्थापित करने की अपनी योजनाओं को सहारा देने के लिए करेगी।
इस ऐतिहासिक मिशन में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कंपनियों जैसे ग्रेहा स्पेस, डीक्यूब्ड और कॉस्मोसर्व के कई तकनीकी प्रदर्शन पेलोड भी शामिल हैं, जो देश के स्पेस इकोसिस्टम में प्राइवेट प्लेयर्स की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं।
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NEET-UG Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब तक का सबसे मजबूत सबूत दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया है। दरअसल, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अदालत को बताया कि लातूर के कोचिंग ऑपरेटर शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मिले हाथ से लिखे 136 सवालों में से 111 सवाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मास्टर क्वेश्चन पेपर से मेल खाते हैं। जिससे इस दावे को और मजबूती मिलती है कि परीक्षा का पेपर टेस्ट से पहले ही लीक हो गया था।
बता दें कि शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) नाम का कोचिंग इंस्टीट्यूट और ‘मोटेगांवकर सर की RCC’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके 1.6 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।
CBI ने लगाया आरोप
CBI का आरोप है कि मोटेगांवकर को 3 मई को होने वाली NEET-UG परीक्षा से कुछ दिन पहले, 23 अप्रैल को लीक हुए सवाल मिले थे। एजेंसी के मुताबिक, यह सब एक कथित चेन के जरिए हुआ जिसमें लातूर के बच्चों के डॉक्टर (पीडियाट्रिशियन) डॉ. मनोज शिरुरे और केमिस्ट्री के रिटायर्ड लेक्चरर व NTA पैनल के पूर्व सदस्य PV कुलकर्णी शामिल थे।
CBI का दावा है कि कुलकर्णी के पास कथित तौर पर प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी और इन्हीं के जरिए सवाल बाहर आए। जांच एजेंसी के अनुसार, यह पेपर लीक 5 लाख रुपये के बदले किया गया था।
फिलहाल, इस मामले में मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया है और ये आरोप CBI की उन दलीलों का हिस्सा हैं जो कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध करते हुए पेश की गई हैं।
CBI ने यह भी कहा है कि लीक हुए प्रश्न पत्र की PDF कॉपी टेलीग्राम के जरिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये में बेची गई थी। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले कुछ अभ्यर्थियों के बीच 150 पेज का “गेस पेपर” भी बांटा गया था, जिसमें 410 सवाल थे। इनमें से लगभग 120 सवाल परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के सवालों से मेल खाते पाए गए, जिससे पता चलता है कि उम्मीदवारों के पास पेपर का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही मौजूद था।
जांच महाराष्ट्र तक कैसे पहुंची
महाराष्ट्र से जुड़ा मामला तब सामने आया जब जांच करने वालों ने परीक्षा से पहले सामने आए तथाकथित “गेस पेपर” के सर्कुलेशन की जांच शुरू की।
शुरुआती जांच में पता चला था कि सर्कुलेट किए गए मटीरियल में 100 से ज्यादा सवाल असली NEET-UG पेपर से मेल खाते थे, जिसके बाद अधिकारियों ने राजस्थान और उत्तराखंड से आगे बढ़कर जांच का दायरा बढ़ाया। इसके बाद जांच महाराष्ट्र तक फैल गई, जहां जांच करने वालों ने लातूर के ट्यूटर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की।
NEET पेपर लीक विवाद कब शुरू हुआ?
बता दें कि NEET पेपर लीक विवाद तब शुरू हुआ, जब राजस्थान में छात्रों के बीच घूम रहे एक कथित “गेस पेपर” (अनुमानित प्रश्न-पत्र) और असली प्रश्न-पत्र में बहुत ज्यादा समानता पाई गई। बाद में जांचकर्ताओं को पता चला कि 100 से ज्यादा सवाल एक जैसे थे, जिसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, जांचकर्ताओं को एक संगठित नेटवर्क का पता चला जिसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में फैले प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले, बिचौलिए, कोचिंग चलाने वाले और उम्मीदवार शामिल थे। इसके बाद मामला CBI को सौंप दिया गया।
इस कथित लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को 3 मई की परीक्षा रद्द करनी पड़ी और 21 जून को देश भर में दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देना पड़ा, जिससे 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए।
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