टीम इंडिया में कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को मौका? रविचंद्रन अश्विन ने सिलेक्टर्स को दी खास सलाह

भारतीय टीम इस समय आयरलैंड दौरे पर है। वहीं भारत की 15 सदस्यीय टीम में वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। वहीं आयरलैंड के खिलाफ खेले गए पहले मुकाबले में वैभव को प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिली थी। वहीं फैंस को उम्मीद है कि दूसरे मुकाबले में वैभव को डेब्यू करने का मौका मिलेगा। आयरलैंड के खिलाफ दूसरा मुकाबला 28 जून को खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर रविचंद्रन अश्विन ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन के मुताबिक, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टी20 टीम में मौका दिलाने के लिए उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर शामिल किया जाना चाहिए।

अश्विन के मुताबिक, मौजूदा टीम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण वैभव के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना फिलहाल काफी मुश्किल है।

अश्विन ने क्या कहा

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि, “मौजूदा भारतीय टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी के लिए जगह बनाना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, अगर वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका देना है तो उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर भेजा जाना चाहिए, जहां मौजूदा ओपनिंग बल्लेबाज टीम का हिस्सा नहीं होंगे।” अश्विन ने आगे कहा कि, “संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा टेस्ट और वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उन्हें टी20 में लगातार मौके मिलना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसे खिलाड़ियों को टी20 में भी खेलने का मौका नहीं मिलेगा, तो वे आखिर किस फॉर्मेट में खेलेंगे।”

कब मिलना चाहिए मौका

अश्विन ने आगे कहा कि, “वैभव सूर्यवंशी अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह पाने के हकदार हैं। हालांकि, उनका मानना है कि मौजूदा ओपनिंग बल्लेबाजों को हटाकर उन्हें टीम में शामिल करना सही फैसला नहीं होगा। उनके अनुसार, वैभव को मौका तभी मिलना चाहिए जब किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन लगातार खराब हो या कोई बल्लेबाज चोट के कारण टीम से बाहर हो।”

वैभव के पास है ये मौका

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल होने का मौका है। आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। टीम प्रबंधन ने ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी पर भरोसा जताया, जिसके चलते वैभव को बेंच पर बैठना पड़ा। आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में संजू सैमसन बड़ी पारी नहीं खेल सके।

कैसा था पहला मुकाबला

टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम इंडिया को आयरलैंड ने 34 रन से करारी शिकस्त दी है। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मैच में आयरलैंड ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को पहली बार हराया है। इस जीत के साथ आयरलैंड ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने 182 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई। वहीं

अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक: देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक: देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

Google की नौकरी छोड़ने वाली 23 साल की इंजीनियर का बड़ा खुलासा, जानिए क्यों लिया ये फैसला

नौकरी की सुरक्षा और अच्छे वेतन को छोड़कर अपने सपनों के पीछे भागना हर किसी के बस की बात नहीं होती। खासकर तब, जब नौकरी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google में हो। लेकिन 23 वर्षीय आशना दोशी ने वही रास्ता चुना, जिसे ज्यादातर लोग जोखिम भरा मानते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता नौकरी छोड़ना नहीं थी, बल्कि ये थी कि अगर उन्होंने अपने विचारों को मौका ही नहीं दिया, तो शायद जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा। यही सोच उन्हें एक नए सफर की ओर ले गई। आज आशना अपनी पसंद के काम पर ध्यान दे रही हैं और कुछ नया बनाने की कोशिश कर रही हैं।

उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सुरक्षित करियर और अपने सपनों के बीच फैसला लेने की दुविधा में रहते हैं। कभी-कभी बड़ा कदम उठाने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है, और आशना ने वही हिम्मत दिखाई।

ग्रेजुएशन से पहले मिला था Google का ऑफर

आशना को Georgia Tech में पढ़ाई के दौरान ही फरवरी 2024 में Google से फुल-टाइम नौकरी का ऑफर मिल गया था। हालांकि यह नौकरी कैलिफोर्निया में थी, जबकि वो न्यूयॉर्क में रहकर करियर शुरू करना चाहती थीं।

उस समय नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी पाना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया। कुछ महीनों बाद उन्हें Google में ही न्यूयॉर्क स्थित एक दूसरी भूमिका मिल गई, जो उनकी योजना के मुताबिक थी।

Google में सब अच्छा था, लेकिन मन कहीं और था

Google में काम करते हुए आशना ने बेहतरीन तकनीकी अनुभव हासिल किया और प्रतिभाशाली लोगों के साथ काम किया। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस होने लगा कि उनकी रुचि सिर्फ कोडिंग तक सीमित नहीं रही।

उन्हें लोगों की कहानियां सुनना, नए विचारों पर चर्चा करना और कुछ अपना बनाने का सपना ज्यादा आकर्षित करने लगा।

साइड प्रोजेक्ट से शुरू हुआ नया सफर

साल 2025 की शुरुआत में उन्होंने एक अन्य टेक इंजीनियर के साथ मिलकर “0 to 1” नाम का पॉडकास्ट शुरू किया। इस शो में उद्यमियों, इंजीनियरों और बिजनेस लीडर्स की सफलता और संघर्ष की कहानियां साझा की जाती थीं। शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे पॉडकास्ट लोगों को पसंद आने लगा। एक साल के अंदर इसके यूट्यूब पर 1 लाख से ज्यादा व्यूज हो गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी हुई।

AI की दुनिया में दिखा बड़ा मौका

पॉडकास्ट की सफलता के साथ आशना के मन में खुद का बिजनेस शुरू करने का विचार और मजबूत होता गया। उनका मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नए उद्यमियों के लिए कई बड़े अवसर लेकर आया है। उन्हें लगा कि यही सही समय है जब जोखिम उठाकर कुछ नया बनाया जाए।

Google को कहा अलविदा, स्टार्टअप पर लगाया दांव

मई में आशना ने Google की नौकरी छोड़ दी और अपने पॉडकास्ट पार्टनर के साथ मिलकर “Bounty” नाम का AI स्टार्टअप शुरू किया। यह एक AI आधारित मार्केटप्लेस है, जहां कंपनियां भर्ती, आउटरीच और लीड जनरेशन जैसे काम पोस्ट कर सकती हैं और केवल परिणाम मिलने पर भुगतान करती हैं।

कमाई घटी, लेकिन आत्मविश्वास बढ़ा

आशना मानती हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है। फिलहाल उनका स्टार्टअप कमाई नहीं कर रहा है और पॉडकास्ट से भी कोई आय नहीं होती। इसके बावजूद उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि सुरक्षित नौकरी में रहकर हमेशा “क्या होता अगर…” सोचते रहना उनसे ज्यादा मुश्किल होता।

सबसे बड़ा डर नौकरी छोड़ना नहीं, रुक जाना था

आशना का मानना है कि जिंदगी में कुछ नया करने की कोशिश न करना सबसे बड़ा जोखिम है। उनके अनुसार, Google छोड़ना डरावना नहीं था, बल्कि वहीं रहकर हमेशा यह सोचते रहना ज्यादा डरावना था कि वह और क्या कर सकती थीं। यही सोच उन्हें आज अपने सपनों के पीछे पूरी ताकत से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

पहले किया कत्ल फिर सोशल मीडिया पर डाला इमोशनल मैसेज… केतन अग्रवाल केस में वायरल हो रही मंगेतर सिया की पुरानी पोस्ट

Samay Raina: नेटफ्लिक्स समय रैना को दे रहा 15-20 करोड़ रुपये? वायरल पोस्ट में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ होस्ट की फीस को लेकर किया गया बड़ा दावा

Samay Raina: पिछले साल कुछ जोक्स की वजह से विवादों में घिरे शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) के दूसरे सीज़न के साथ स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina) की वापसी हुई है। नए सीजन का पहला एपिसोड स्ट्रीम हो रहा है और इसमें एक्ट्रेस आलिया भट्ट के क्लिप्स ऑनलाइन तेज़ी से फैल रहे हैं, ऐसे में अब लोगों का ध्यान एक अलग सवाल पर गया है। इस शो से रैना ने कितना पैसा कमाया होगा?

यह चर्चा तब तेज़ हुई जब X यूजर पारितोष शर्मा ने एक डिटेल्ड ब्रेकडाउन शेयर किया, जिसमें अनुमान लगाया गया कि रैना ने नेटफ्लिक्स, यूट्यूब और शो से जुड़ी ब्रांड पार्टनरशिप के जरिए कितनी कमाई की होगी। इसे रैना के करियर का “सबसे बड़ा पल” बताते हुए, शर्मा ने दावा किया कि कॉमेडियन को इस प्रोजेक्ट के लिए नेटफ्लिक्स से 15 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये के बीच मिले होंगे। पोस्ट में यह भी अनुमान लगाया गया कि शो के पहले दिन यूट्यूब पर मिले 25 मिलियन व्यूज़ से लगभग 40 लाख से 50 लाख रुपये का एडसेंस (AdSense) रेवेन्यू मिल सकता है।

यूज़र ने शो में दिख रहे ब्रांड इंटीग्रेशन की ओर भी इशारा किया, जिनमें AI नोवा (AI Nova), फ्लिपकार्ट मिनट (Flipkart Minute), अवतार (Avvatar) और स्निच (Snitch) शामिल हैं। हर ब्रांड के साथ 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप डील का अनुमान लगाते हुए, शर्मा ने कहा कि इन पार्टनरशिप से कुल मिलाकर 8 करोड़ से 12 करोड़ रुपये और मिल सकते हैं।

इन हिसाब-किताब के आधार पर, पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कोई भी भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन एक ही शो से इतनी कमाई और लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया था। यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गई, जिससे डिजिटल एंटरटेनमेंट और क्रिएटर-आधारित कंटेंट की बदलती इकोनॉमिक्स पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

कई यूजर्स ने इस कथित सफलता को सालों तक दर्शकों का आधार बनाने का इनाम माना। एक कमेंट करने वाले ने कहा कि रैना ने लगातार ऐसा कंटेंट दिया जो दर्शकों को पसंद आया और अब उन्हें उस काम का फ़ायदा मिल रहा है जिसे करने में उन्हें सचमुच मज़ा आता है।

दूसरों ने कहा कि क्रिएटर्स पारंपरिक और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को मिलाने के तरीके तेज़ी से खोज रहे हैं। एक यूज़र ने कहा कि सफल कंटेंट क्रिएटर्स अब YouTube से कमाई जारी रखते हुए बड़े OTT डील भी हासिल कर रहे हैं, जिससे वे किसी एक प्लेटफ़ॉर्म को चुनने के बजाय कमाई के कई ज़रिया बना रहे हैं।

एक और कमेंट करने वाले ने कहा कि यह घटनाक्रम एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। एक दशक पहले, बड़े दर्शकों तक पहुंचने का एकमात्र ज़रिया अक्सर टेलीविज़न नेटवर्क ही होते थे। आज, क्रिएटर्स पहले बड़ी ऑनलाइन कम्युनिटी बना सकते हैं और फिर स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ फ़ायदेमंद डील कर सकते हैं।

हालांकि, कुछ यूज़र्स ने वित्तीय अनुमानों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। एक कमेंट करने वाले ने बताया कि OTT कॉन्ट्रैक्ट, विज्ञापन से होने वाली कमाई और ब्रांड इंटीग्रेशन डील का खुलासा शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से किया जाता है, जिससे ऑनलाइन शेयर किए जा रहे आँकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है।

बिना हिजाब गाना गाने पर ईरान की सिंगर को 74 कोड़ों की सजा!

ईरान की गायिका परस्तू अहमदी (Parastoo Ahmadi) को कथित तौर पर बिना हिजाब ऑनलाइन कॉन्सर्ट करने के मामले में 74 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सजा उनके साथ काम करने वाले आठ अन्य लोगों पर भी लागू की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किए गए एक ऑनलाइन कॉन्सर्ट को लेकर यह कार्रवाई की गई। इस कॉन्सर्ट में परस्तू अहमदी बिना हिजाब नजर आई थीं, जिसके बाद ईरानी अधिकारियों ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।

बताया जा रहा है कि ईरान के कोम प्रांत की एक अदालत ने गायिका और उनकी टीम को 74 कोड़े मारने की सजा सुनाने के साथ-साथ दो साल तक देश छोड़ने पर रोक और दो साल तक किसी भी आर्टि एक्टिविटी में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध भी लगाया है।

क्या था आरोप?

अदालत में कलाकारों पर “अश्लील और अनैतिक कंटेंट” बनाने और साझा करने का आरोप लगाया गया। अधिकारियों का कहना था कि इस कंटेंट ने सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन किया है।

हालांकि, अभी तक ईरान की न्यायपालिका की ओर से इस फैसले को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह जानकारी अदालत के कथित दस्तावेजों और मानवाधिकार संगठनों द्वारा सामने लाई गई है।

मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस सजा की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि सिर्फ गाना गाने और बिना हिजाब दिखाई देने के लिए किसी कलाकार को कोड़ों की सजा देना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।

पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि ईरानी शासन महिलाओं की आवाज को भी खतरे के रूप में देखता है। वहीं कई मानवाधिकार विशेषज्ञों का दावा है कि ईरानी कानून में महिलाओं के गाने गाने या संगीत बनाने को अपराध नहीं माना गया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

विवाद दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था, जब परस्तू अहमदी ने देशभक्ति गीत “Az Khoone Javanane Vatan” का ऑनलाइन प्रदर्शन किया था। इस दौरान वह बिना हिजाब के नजर आईं और चार पुरुष संगीतकारों के साथ मंच साझा कर रही थीं।

काले रंग की स्लीवलेस ड्रेस में किए गए इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो गया था। वीडियो को लाखों लोगों ने देखा।

कॉन्सर्ट के कुछ समय बाद अहमदी और उनके कुछ साथी कलाकारों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन वीडियो प्रकाशित करने के आरोप में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही।

क्यों चर्चा में है मामला?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब ईरान में महिलाओं के अधिकार, हिजाब नियमों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर लगातार बहस चल रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार सांस्कृतिक और कलात्मक विरोध को दबाने के लिए सख्त कदम उठा रही है, जबकि समर्थक इसे देश के सामाजिक और धार्मिक नियमों को लागू करने की कार्रवाई बताते हैं।

इजरायल नहीं मानेगा लेबनान पर हमले जारी रख सकता है! अमेरिकी खुफिया एजेंसियां को सीजफायर पर क्यों नहीं विश्वास?

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2’ का किया ऐलान, शो नेटफ्लिक्स के साथ इस प्लेटफॉर्म पर भी स्ट्रीम होगा

Samay Raina: समय रैना का कॉमेडी शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ आखिरकार अपने दूसरे सीज़न के साथ लौट रहा है, लेकिन एक ट्विस्ट के साथ। कॉमेडियन ने ऐलान करते हुए कहा कि शो का दूसरा सीज़न नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर भी स्ट्रीम होगा। पहले सीज़न में जबरदस्त फेम हासिल करने के बाद, समय रैना के प्रशंसक शो के अगले सीज़न का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यूट्यूब से शुरू हुआ समय का शो अब नेटफ्लिक्स पर भी आने वाला है।

अनाउंसमेंट वाले वीडियो में, समय रैना ने अपने दोस्त बलराज सिंह के साथ बताया कि दूसरे सीज़न के एपिसोड नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर एक साथ स्ट्रीम होंगे, और उनकी अवधि में कोई अंतर नहीं होगा। वीडियो के अनुसार, शो के अनफिल्टर्ड होने की उम्मीद है। नेटफ्लिक्स ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यह घोषणा साझा की।

कंटेंट क्रिएटर आशीष चंचलानी ने भी शो के पहले सीज़न से जुड़े विवाद को याद दिलाते हुए इस घोषणा पर मज़ाकिया अंदाज़ में तंज कसा। कमेंट सेक्शन में चंचलानी ने समय से एक डिस्क्लेमर शामिल करने का अनुरोध किया ताकि आने वाले संभावित कानूनी मामलों से आसानी से निपटा जा सके।

आशीष चंचलानी ने लिखा, “इस बार डिस्क्लेमर डाल देना, केस लड़ने में आसानी होती है। वहीं दूसरी ओर, ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ विवाद के बाद एक साल से ज़्यादा समय तक सार्वजनिक नज़रों से दूर रहने के बाद समय रैना ने ज़बरदस्त वापसी की है। उनके नए कॉमेडी स्पेशल ने ऑनलाइन एक बड़ा वैश्विक मुकाम हासिल किया है।

रैना ने अपना पहला स्टैंड-अप स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ यूट्यूब पर रिलीज़ किया, जिसे 53.4 मिलियन से ज़्यादा बार देखा जा चुका है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह एक ही अपलोड में दुनिया का सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला स्टैंड-अप कॉमेडी स्पेशल बन गया है। इस उपलब्धि के साथ, रैना एक ही वीडियो प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए स्टैंड-अप स्पेशल के लिए विश्व स्तर पर सबसे अधिक देखे जाने का रिकॉर्ड रखने वाले पहले कॉमेडियन बन गए हैं।

अर्धशतक चूके रोहित शर्मा, चेपॉक पर ले सकते हैं संन्यास, अटकलें तेज

AFGvsIND लखनऊ के इकाना स्टेडियम में रोहित शर्मा अपना अर्धशतक चूक गए और इसी के साथ इस साल यह ऐसा पांचवा मुकाबना बन गया जब रोहित शर्मा एकदिवसीय अर्धशतक नहीं जड़ सके। उनके आउट होते साथ ही सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें चलने लगी कि शनिवार को चेपॉक में खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा और वह संन्यास की घोषणा जल्द कर देंगें।

एक अग्रणी डिजिटल खेल यूट्यूब चैनल ने यह बताया कि रोहित शर्मा को टीम प्रबंधन ने साफ साफ बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप के लिए टीम की योजनाओं में शामिल नहीं है। ऐसे में टीम  प्रबंधन रोहित जैसे सितारे को बाहर निकालने का जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रबंधन चाहता है कि रोहित शर्मा खुद ही संन्यास के बारे में सोचे। ऐसे में काफी संभावना है कि चेपॉक पर खेले जाने वाले एकदिवसीय मैच से पहले वह संन्यास की घोषणा कर दें।

आज लय में दिख रहे रोहित शर्मा का किस्मत ने फिर साथ नहीं दिया और वह 39 गेंद में 48 रन बनाकर राशिद खान की गेंद पर बोल्ड हो गए।।अपनी पारी में उन्होंने 6 चौके और 2 छक्के लगाए।

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में भी वह 16 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

वर्ल्ड अपडेट्स:रूस का बॅाम्बर विमान क्रैश, चारों पायलट सुरक्षित, इंजन फेल होने की आशंका

रूस का Tu-22M3 बॉम्बर विमान सोमवार को साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विमान जमीन की ओर तेजी से गिरा, जिससे घटनास्थल पर धुएं का बड़ा गुबार उठ गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विमान में सवार चारों क्रू मेंबर समय रहते इजेक्ट (पैराशूट के जरिए बाहर निकल) हो गए और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में जमीन पर भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। इरकुत्स्क क्षेत्र के गवर्नर इगोर कोबजेव ने बताया कि विमान कामेंका गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। शुरुआती जांच में इंजन फेल होना हादसे की वजह माना जा रहा है। Tu-22, जिसे NATO ने Backfire कोडनेम दिया है, सोवियत काल का एक सुपरसोनिक बॉम्बर विमान है। रूस इसका इस्तेमाल सीरिया और यूक्रेन में सैन्य अभियानों के दौरान कर चुका है। Tu-22M3 इसका आधुनिक संस्करण है, जो Kh-22 क्रूज मिसाइलों और हवा से लॉन्च होने वाली हाइपरसोनिक किंझाल मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटेन में 16 साल की उम्र से पहले बच्चे नहीं चला सकेंगे सोशल मीडिया, प्रस्ताव से 10 में से 9 अभिभावक खुश ब्रिटेन में 16 साल से छोटे बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगेगा। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इसकी घोषणा की। संबंधित नियम इस साल दिसंबर तक बन जाएंगे और 2027 मार्च- अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि एल्गोरिदम आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया के उपयोग से पहले उम्र सत्यापन सख्ती से लागू होगा और नियम पालन कराने की जिम्मेदारी कंपनियों पर होगी। बैन एप में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। वॉट्सएप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं फिलहाल प्रतिबंध में शामिल नहीं होंगी। ब्रिटिश सरकार के एक सर्वे में 10 में से 9 अभिभावकों ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है। ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ द्वारा 14-24 वर्ष के युवाओं के बीच किए सर्वे के मुताबिक स्नैपचैट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम से डिप्रेशन, चिंता, अपने शरीर को लेकर हीन भावना और अकेलेपन में बढ़ोतरी होती है। अमेरिकी सर्जन जर्नल के मुताबिक रोज 3 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताने वाले किशोरों में मानसिक समस्याओं का खतरा दोगुना होता है। अमेरिका में एक परीक्षण में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद करने से युवाओं में खुशी, जीवन से संतुष्टि बढ़ी, डिप्रेशन-एंग्जाइटी में सुधार हुआ। 25 से ज्यादा देश किशोरों-बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में साल भर पहले प्रतिबंध लागू किया गया था। मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्राजील में भी इस साल की शुरुआत से प्रतिबंध लागू हो चुके हैं। नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, चीन जैसे कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में 6.7 तीव्रता का भूकंप, जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के पास मंगलवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र पालू शहर से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। फिलहाल जान-माल के नुकसान या सुनामी की कोई अलर्ट नहीं । नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे को रेप केस में 4 साल की जेल
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी (29) को ओस्लो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने रेप, घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों में दोषी ठहराते हुए 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मेटे-मैरिट भी दिवंगत अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से अपने पुराने संबंधों को लेकर विवादों में हैं। अदालत ने होइबी को दो रेप मामलों में दोषी ठहराया, जबकि दो अन्य रेप आरोपों से बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2018 से 2024 के बीच उन्होंने कई महिलाओं का यौन शोषण किया, जिनमें कुछ महिलाएं सो रही थीं या प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं थीं। होइबी, क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट और क्राउन प्रिंस हाकोन के साथ शाही माहौल में बड़े हुए हैं। हालांकि, उनके पास कोई शाही उपाधि नहीं है और वे राजपरिवार की ओर से कोई आधिकारिक भूमिका नहीं निभाते। अदालत ने उन्हें अपनी पूर्व प्रेमिका के साथ दुर्व्यवहार, दूसरी साथी पर हमला, ड्रग्स से जुड़े अपराध और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी दोषी पाया। होइबी ने रेप के आरोपों से इनकार किया था, लेकिन कोकीन के इस्तेमाल और मारपीट की बात स्वीकार की थी। भारत दौरे के बाद चीन पहुंचे नेपाल के विदेश मंत्री
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत दौरे के कुछ दिनों बाद चीन पहुंचकर शीर्ष चीनी राजनयिक वांग यी से मुलाकात की। मार्च में सत्ता में आई नई सरकार के गठन के बाद यह उनका पहला चीन दौरा है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने कहा कि चीन हमेशा नेपाल को अपनी पड़ोसी कूटनीति में प्राथमिकता देता है और उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल भारत और चीन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में नई दिल्ली दौरे के दौरान खनाल ने कहा था कि नई सरकार अतीत के राजनीतिक बोझ से मुक्त है और भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए तैयार है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, चीन नेपाल को लगभग 31 करोड़ डॉलर का कर्ज दे चुका है। वहीं चीनी कंपनियों ने ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में 1.12 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। विश्लेषकों का कहना है कि नेपाल के हालिया राजनीतिक बदलावों ने चीन के लिए नई चुनौती पैदा की है। ऐसे में बीजिंग नेपाल के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने और क्षेत्र में अपना प्रभाव कायम रखने की कोशिश कर रहा है। इजराइली मंत्री बेन-गवीर पर EU में नहीं बनी सहमति: प्रतिबंध प्रस्ताव अटका
यूरोपीय संघ (EU) इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बनाने में विफल रहा। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने सोमवार को कहा कि कई सदस्य देशों ने आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, लेकिन सर्वसम्मति नहीं बनने के कारण प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। बेन-गवीर हाल ही में गाजा की ओर जा रहे ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला के कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर विवादों में रहे हैं। फ्लोटिला को इजराइली सैनिकों ने रोककर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें बेन-गवीर कथित तौर पर हाथ बंधे हुए और जमीन पर बैठे कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाते दिखाई दिए। इस घटना के बाद कई यूरोपीय देशों में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। हालांकि EU स्तर पर प्रतिबंध लगाने के लिए सभी सदस्य देशों की सहमति जरूरी होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी, ऑस्ट्रिया और चेक गणराज्य उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। यूरोपीय संघ इजराइल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले वर्ष इजराइल के कुल वस्तु व्यापार में उसकी हिस्सेदारी 30% से अधिक रही थी। थाईलैंड ने परमाणु अप्रसार का दोहराया समर्थन
थाईलैंड ने वियना में आयोजित व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि संगठन (CTBTO) के 66वें सत्र में परमाणु हथियारों के परीक्षण और परमाणु तकनीक के सैन्य इस्तेमाल का विरोध दोहराया। देश ने परमाणु अप्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग का समर्थन किया। थाईलैंड के ऑफिस ऑफ एटम्स फॉर पीस (OAP) ने कहा कि देश CTBTO की वैश्विक निगरानी और सत्यापन प्रणाली का सक्रिय समर्थक है। OAP के अनुसार, CTBTO नेटवर्क से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भूकंप निगरानी, सुनामी चेतावनी, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरण निगरानी और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे कई क्षेत्रों में किया जाता है। सत्र में थाईलैंड ने परमाणु अप्रसार के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि परमाणु तकनीक का इस्तेमाल केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। देश ने चिकित्सा, ऊर्जा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में इसके सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। पोलैंड में रूसी कलाकार और पुतिन आलोचक की हत्या: पार्किंग में मारीं 5 गोलियां
पोलैंड में रूसी कलाकार और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक सेम्योन स्क्रेपेत्स्की की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बियाला पोडलास्का शहर में सोमवार सुबह हुई इस वारदात के बाद पुलिस और अभियोजन एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। मामले में दो बेलारूसी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। ल्यूबलिन जिला अभियोजन कार्यालय के अनुसार, स्क्रेपेत्स्की का वास्तविक नाम रॉबर्ट कुजोवकोव था। 44 वर्षीय कलाकार पर एक अज्ञात हमलावर ने पार्किंग क्षेत्र में हमला किया। आरोपी ने पहले दो गोलियां चलाईं और पीड़ित के गिरने के बाद उसके पास जाकर तीन और गोलियां दाग दीं। कलाकार को सिर, सीने और पीठ में गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल बेलारूस के वाणिज्य दूतावास से करीब 600 मीटर की दूरी पर स्थित है। जांचकर्ताओं को वहां से पांच खोखे और 9 मिमी की एक गोली बरामद हुई है। स्क्रेपेत्स्की अपने राजनीतिक व्यंग्यचित्रों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और चेचन नेता रमजान कादिरोव पर कई आलोचनात्मक चित्र बनाए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वे सार्वजनिक रूप से रूस की वर्तमान नीतियों की आलोचना भी करते थे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, स्क्रेपेत्स्की 2021 में पोलैंड आकर बस गए थे। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम बुधवार को किया जाएगा और हत्या के पीछे की वजहों की जांच जारी है। चीन में 6.3 तीव्रता का भूकंप: 1 की मौत, 4 घायल; कोयला खदानों से सभी मजदूरों को निकाला गया
चीन के उत्तर-पश्चिमी प्रांत चिंगहाई में मंगलवार शाम 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। सरकारी मीडिया के मुताबिक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 5:06 बजे हाइक्सी प्रीफेक्चर के ऊंचाई वाले इलाके में आया। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। सरकारी मीडिया ने बताया कि भूकंप के केंद्र के पास मौजूद कोयला खदानों से सभी कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर बाहर निकाल लिया गया है। अधिकारी अभी जनहानि और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, राहत और बचाव दल फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। साथ ही भूकंप के बाद संभावित द्वितीयक आपदाओं के खतरे का भी आकलन किया जा रहा है। चीन के भूकंप प्रशासन ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्मट एक्टिव कर दिया है। मुख्य झटके के बाद कई आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए, जिनमें एक की तीव्रता 4.9 मापी गई।

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के कैलिफोर्निया में B-52 बॉम्बर प्लेन क्रैश, उड़ान भरते ही अमेरिकी एयर फोर्स बेस के पास हादसा

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सोमवार को एक B-52 बॉम्बर विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस के पास हुआ। अमेरिकी वायुसेना ने बताया कि विमान सुबह करीब 11:20 बजे क्रैश हुआ। हादसे के बाद तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की जानकारी सामने नहीं आई है। B-52 विमान में आमतौर पर पांच लोग सवार होते हैं, लेकिन हादसे के समय विमान में कितने लोग थे, यह नहीं बताया गया है। एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस लॉस एंजिलिस से करीब 161 किलोमीटर दूर है। हादसे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटेन का रूसी तेल टैंकर पर छापा, कब्जे में लिया; 38 वर्षीय भारतीय गिरफ्तार ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने रूसी शैडो फ्लीट से जुड़े तेल टैंकर SMYRTOS पर कार्रवाई के दौरान 38 वर्षीय भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर रूस से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन का संदेह है। यह कार्रवाई 14 जून को इंग्लिश चैनल में रॉयल मरीन कमांडो, NCA अधिकारियों और ब्रिटिश सशस्त्र बलों ने मिलकर की। NCA ने बताया कि गिरफ्तार भारतीय नागरिक से पूछताछ की जा रही है, लेकिन उस पर लगे आरोपों की जानकारी अभी नहीं दी गई है। एजेंसी के मुताबिक जहाज पर मौजूद 24 भारतीय और जॉर्जियाई-भारतीय क्रू सदस्य जांच में सहयोग कर रहे हैं। टैंकर फिलहाल इंग्लैंड के डॉर्सेट तट के पास लंगर डाले हुए है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे रूस के लिए बड़ा झटका बताया। वहीं रक्षा मंत्री डैन जार्विस ने कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध के लिए फंड जुटाने में शैडो फ्लीट का इस्तेमाल करता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार रूस की 700 से ज्यादा जहाजों वाली शैडो फ्लीट प्रतिबंधित तेल का 75% परिवहन करती है। ब्रिटेन अब तक 500 से अधिक ऐसे जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। पाकिस्तान में एयरफोर्स का विमान क्रैश, दोनों पायलटों की मौत पाकिस्तान का एक मिलिट्री ट्रेनिंग प्लेन रविवार को क्रैश हो गया। यह हादसा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान जिले में कटलंग रोड के पास हुआ। हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई। मृत पायलटों की पहचान कैप्टन कासिम और कैप्टन तलहा के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्लेन नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, लेकिन उड़ान के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने घटना की जानकारी ली और बताया कि प्लेन क्रैश में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। जेलेंस्की को दिया गया सर्वोच्च नागरिक सम्मान वापस ले सकता है पोलैंड पोलैंड के राष्ट्रपति कारो्ल नावरोत्स्की ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के सम्मान को वापस लेने की मांग की है। पोलैंड का आरोप है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान UPA ने हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। वारसॉ ने संकेत दिया है कि जवाब नहीं मिलने पर जेलेंस्की को मिला सर्वोच्च पोलिश सम्मान भी वापस लिया जा सकता है। विवाद तब शुरू हुआ जब जेलेंस्की ने एक विशेष कमांडो यूनिट का नाम “UPA के नायकों” के नाम पर रखा। UPA, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ यूक्रेनियन नेशनलिस्ट्स (OUN) की सैन्य शाखा थी। पोलैंड का कहना है कि OUN और UPA ने जातीय रूप से एकरूप यूक्रेनी राष्ट्र की विचारधारा को बढ़ावा दिया और पोलिश नागरिकों के खिलाफ हिंसक अभियान चलाए। पोलिश अधिकारियों के अनुसार, UPA ने वर्तमान पश्चिमी यूक्रेन क्षेत्र में करीब एक लाख पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। पोलैंड इन घटनाओं को जनसंहार के रूप में मान्यता देता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति नावरोत्स्की ने जेलेंस्की को 2023 में दिया गया ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ वापस लेने की पहल का समर्थन किया है। यह पोलैंड का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यूक्रेन में UPA और अन्य राष्ट्रवादी संगठनों को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सम्मान दिया जाता है, जबकि पोलैंड इन्हें पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जोड़कर देखता है। यूक्रेन को दिए हथियारों का हिसाब मांगेगा स्लोवाकिया
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो ने घोषणा की है कि उनका देश यूक्रेन को दान किए गए सैन्य उपकरणों के बदले यूरोपीय संघ (EU) से मुआवजे की मांग करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री एडुआर्ड हेगर की सरकार ने इस समझौते को लेकर स्लोवाक जनता को गुमराह किया था। फित्सो ने रविवार को फेसबुक पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि वह अगले सप्ताह होने वाले EU शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाएंगे। उनके मुताबिक, पिछली सरकार ने यूक्रेन को लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम देकर देश की सुरक्षा क्षमता को कमजोर कर दिया। रूस-यूक्रेन संघर्ष तेज होने के बाद 2022 और 2023 के दौरान स्लोवाकिया ने यूक्रेन को सोवियत दौर के टैंक, इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल, MiG-29 लड़ाकू विमान और S-300 एयर डिफेंस सिस्टम समेत बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण दिए थे। उस समय यह समझौता हुआ था कि यूक्रेन को दिए गए उपकरणों की भरपाई पश्चिमी देशों के आधुनिक सैन्य साजोसामान से की जाएगी। फित्सो लंबे समय से रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ की नीतियों के आलोचक रहे हैं। वह यूक्रेन को सैन्य सहायता और रूस पर प्रतिबंधों का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि इन नीतियों का आर्थिक नुकसान यूरोपीय देशों को ही उठाना पड़ रहा है, खासकर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में। रूसी हमले में यूक्रेन के 5 की मौत 13 घायल, कीव के प्रसिद्ध चर्च में लगी आग
रूस ने सोमवार को यूक्रेन पर हमला किया, जिसमें खार्किव में 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं,राजधानी कीव में 13 लोग घायल हो गए। हमले में यूक्रेन के प्रमुख धार्मिक स्थल कीव-पेचेर्स्क लावरा भी प्रभावित हुआ। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस परिसर के डॉर्मिशन कैथेड्रल की छत में आग लग गई। यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको के अनुसार, खार्किव में बचावकर्मी पहले हमले के बाद लगी आग बुझा रहे थे। इसी दौरान रूस ने दूसरा हमला कर दिया, जिसमें 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई। वहीं, कीव में भी कई जोरदार धमाके हुए। रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद लोगों को बंकरों और अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी। कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने बताया कि राजधानी में 13 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि शैवचेंकिव्स्की जिले में 30 मिनट के भीतर 5 हमले हुए। इन हमलों में 25 अपार्टमेंट, एक बाजार और कई किराना स्टोर में आग लग गई। तकाचेंको ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। अमेरिका में विमान हादसा: 11 स्काइडाइवर और पायलट समेत 12 की मौत
अमेरिका के मिसौरी राज्य में रविवार को एक स्काइडाइविंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 11 स्काइडाइवर और एक पायलट समेत सभी 12 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक विमान उड़ान भरने के बाद पर्याप्त ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया और एयरपोर्ट के पास ही क्रैश हो गया। बेट्स काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के अनुसार, विमान ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11:20 बजे उड़ान भरी थी। यह विमान एक स्काइडाइविंग कंपनी द्वारा लीज पर लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि टेकऑफ के बाद विमान ऊंचाई नहीं पकड़ सका। इसके बाद उसने अचानक बाईं ओर तेज मोड़ लिया और बटलर मेमोरियल एयरपोर्ट से करीब 200 गज दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शेरिफ के मुताबिक यह कोई कमर्शियल एयरलाइन नहीं थी, बल्कि स्थानीय एयरपोर्ट से संचालित एक छोटा विमान था। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने विमान की पहचान Pacific Aerospace P750 के रूप में की है। शार्क हमले के बाद सिडनी का कूजी बीच फिर खुला: ड्रोन, जेट-स्की और लाइफगार्ड की निगरानी बढ़ी
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित कूजी बीच को शनिवार को हुए शार्क हमले के बाद सोमवार को दोबारा खोल दिया गया। हालांकि प्रशासन ने यहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। घटना में 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार महिला शनिवार सुबह किनारे से करीब 30 मीटर दूर तैर रही थी, तभी 3 से 4 मीटर लंबी शार्क ने उस पर हमला कर दिया। हमले में उसके हाथों और बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं। कूजी बीच सिडनी के सबसे लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक है। यह बॉन्डी बीच के दक्षिण में स्थित है और हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। हाल के महीनों में ऑस्ट्रेलिया में शार्क हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। पिछले सप्ताह पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक मछुआरे की शार्क हमले में मौत हो गई थी। इससे पहले क्वींसलैंड और पर्थ के पास भी दो घातक हमले दर्ज किए गए थे। जनवरी में सिडनी समेत पूर्वी तट के कई समुद्र तटों को चार शार्क हमलों के बाद अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। घटना के बाद न्यू साउथ वेल्स सरकार ने हवाई निगरानी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। ब्रिटेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। स्टार्मर ने सोमवार को कहा कि पूर्ण प्रतिबंध ही सही विकल्प है। उनके अनुसार इससे बच्चों को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उन्हें पढ़ाई, खेलकूद तथा सामाजिक गतिविधियों के लिए अधिक समय मिलेगा। प्रस्तावित प्रतिबंध टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, यूट्यूब और एक्स जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लागू होगा। हालांकि, WhatsApp और Signal जैसी मैसेजिंग सेवाएं इसके दायरे से बाहर रहेंगी। सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए लाइव-स्ट्रीमिंग और अजनबियों से संवाद की सुविधा देने वाले कुछ गेमिंग फीचर्स पर भी सख्त नियंत्रण लागू करेगी। ब्रिटिश सरकार ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का अनुसरण करेगी। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले वर्ष 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू किया था और ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बना था। सरकार के अनुसार इस वर्ष के अंत तक आवश्यक नियम तैयार कर लिए जाएंगे और अगले वर्ष वसंत तक प्रतिबंध लागू किया जा सकता है। नई नीति से पहले सरकार ने शिक्षकों, अभिभावकों और युवाओं से व्यापक परामर्श किया। 1.16 लाख से अधिक प्रतिक्रियाओं में 83% अभिभावकों ने माना कि सोशल मीडिया के जोखिम उसके लाभों से अधिक हैं, जबकि 90% ने 16 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा का समर्थन किया। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे को 4 साल जेल: दो रेप मामलों में दोषी करार; दो आरोपों से बरी
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी को ओस्लो जिला अदालत ने दो बलात्कार मामलों में दोषी ठहराते हुए चार साल की जेल की सजा सुनाई है। 29 वर्षीय होइबी को कई अन्य अपराधों में भी दोषी पाया गया, हालांकि अदालत ने उन्हें दो अन्य रेप मामलों में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष ने अदालत से 7 साल 7 महीने की सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने 18 महीने की सजा की दलील दी थी। बचाव पक्ष को फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। अदालत ने पाया कि होइबी ने दो महिलाओं के साथ उस समय यौन संबंध बनाए, जब वे या तो सो रही थीं या प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं थीं। इनमें एक मामला 2018 का है, जबकि दूसरा 2024 का। हालांकि, अदालत ने दो अन्य बलात्कार मामलों में होइबी को बरी कर दिया। इनमें एक मामला ओस्लो के होटल और दूसरा लोफोटेन द्वीप समूह में कथित घटना से संबंधित था। होइबी को अपनी पूर्व प्रेमिका और नॉर्वेजियन इन्फ्लुएंसर नोरा हाउकलैंड के साथ दुर्व्यवहार के मामले में भी दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें चार महिलाओं को कुल 6.40 लाख नॉर्वेजियन क्रोनर का मुआवजा देने का आदेश दिया है।