अब देश को मिलेगी पहली सरकारी AI यूनिवर्सिटी! जानिए इसे लेकर क्या हुआ ऐलान, कैसी है तैयारी

AI university in India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत एक नया इतिहास रचने जा रहा है। देश को जल्द ही अपनी पहली सरकारी एआई यूनिवर्सिटी मिलने वाली है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार (14 जुलाई) को यह बड़ा ऐलान किया कि राज्य देश की पहली सरकारी स्तर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा बेंगलुरु में आयोजित Google I/O Connect India 2026 के उद्घाटन के दौरान की। इस कार्यक्रम में देश और दुनिया भर से टेक्नोलॉजी लीडर्स, इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स, डेवलपर्स, रिसर्चर्स और पॉलिसी मेकर्स हिस्सा ले रहे हैं।

एआई यूनिवर्सिटी और AI Hub की होगी स्थापना

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम डीके शिवकुमार ने बताया कि राज्य सरकार जिम्मेदार एआई इनोवेशन के मामले में कर्नाटक को एक वैश्विक लीडर बनाना चाहती है। इसके लिए दो बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पहला सरकारी एआई यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी विश्व स्तरीय एआई टैलेंट तैयार करने, रिसर्च को आगे बढ़ाने और अकादमिक जगत, इंडस्ट्री एवं सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दूसरा AI Hub भी स्थापित होगा जो स्टार्टअप्स, कंपनियों और अन्य संस्थानों द्वारा एआई के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में काम करेगा। सीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तुलना भाप के इंजन, बिजली, इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी से करते हुए कहा कि यह इस पीढ़ी की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है।

आईटी सेक्टर में कर्नाटक की मजबूत हिस्सेदारी

बेंगलुरु और कर्नाटक के मौजूदा तकनीकी दबदबे को बताते हुए सीएम डीके शिवकुमार ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में अकेले कर्नाटक की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। बेंगलुरु वर्तमान में 17000 से अधिक स्टार्टअप्स और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का घर है जो वैश्विक बाजार के लिए प्रोडक्ट्स डिजाइन और इंजीनियर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य को एक AI-native राज्य बनाना है। ऐसा राज्य जहां एआई केवल एक तकनीकी नारा बनकर न रहे बल्कि इसका इस्तेमाल सुशासन और लोगों के रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदारी से किया जाए।

इन 5 क्षेत्रों में गूगल के साथ साझेदारी का न्योता

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कर्नाटक के साथ दो दशकों से अधिक समय की गूगल की साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्च, एंड्रॉयड, यूट्यूब, मैप्स, क्रोम, जीमेल और गूगल पे जैसे गूगल के प्रोडक्ट्स ने भारतीयों के ज्ञान प्राप्त करने, व्यापार करने और सरकारी सेवाओं के साथ जुड़ने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है।

मुख्यमंत्री ने गूगल को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु अनुकूलन, अर्बन मोबिलिटी और सुशासन के लिए एआई समाधान बनाने में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने सहयोग के लिए 5 प्रमुख क्षेत्रों का खाका पेश किया:-

1- एआई टूल्स का विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और छोटे व्यवसायों के लिए विशेष एआई टूल्स विकसित करना।

2- भारतीय स्टार्टअप्स को सपोर्ट: बड़े पैमाने पर भारतीय चुनौतियों का समाधान खोजने वाले स्टार्टअप्स को सहायता देना।

3- एआई लर्निंग का विस्तार: पूरे कर्नाटक में छात्रों के लिए एआई सीखने के अवसरों को बढ़ाना।

4- ग्लोबल लैबोरेटरी बनाना: कर्नाटक को जिम्मेदार टेक्नोलॉजी के लिए एक वैश्विक प्रयोगशाला के रूप में स्थापित करना।

5- लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप: इकोसिस्टम पार्टनर के रूप में गूगल की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और गहरा करना।

भविष्य के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

कर्नाटक सरकार देश के इस तकनीकी हब के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राज्य सरकार डेटा सेंटर्स सहित अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखेगी ताकि एआई इनोवेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं को जरूरी सपोर्ट मिल सके।

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समारोह के अंत में डेवलपर्स और युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी क्रांतियां हमेशा जिज्ञासा और ‘क्या हम इसे अलग तरीके से कर सकते हैं?’ पूछने की इच्छा से शुरू होती हैं। उन्होंने डेवलपर्स को निडर होकर निर्माण करने, उद्यमियों को बड़े सपने देखने और शोधकर्ताओं को नवाचार जारी रखने का आग्रह किया।

Shekhar Suman: आमिर खान की तीसरी शादी को शेखर सुमन ने कहा ‘ट्रिपल इंजन’, बोले- ‘यह महागठबंधन है’

Shekhar Suman: शेखर सुमन ने आमिर खान और गौरी स्प्राट की हालिया शादी पर अपने खास अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। अपने यूट्यूब टॉक शो ‘शेखर टूनाइट’ के एक नए एपिसोड में, एक्टर-होस्ट ने आमिर की तीसरी शादी को गठबंधनों, मिली-जुली सरकारों और “ट्रिपल इंजन” कहा।

आमिर ने 5 जुलाई को मुंबई में अपने बांद्रा स्थित घर पर एक निजी रजिस्टर्ड समारोह में गौरी स्प्राट से शादी की। इस शादी में परिवार के करीबी सदस्य और दोस्त शामिल हुए, जिनमें दोनों की पिछली शादियों से हुए बच्चे भी मौजूद थे।

अपने मोनोलॉग में, शेखर ने मजाक में कहा कि सफल गठबंधन बनाने के मामले में नेता आमिर से सीख सकते हैं। रीना दत्ता और किरण राव के साथ आमिर की पिछली शादियों का जिक्र करते हुए उन्होंने मजाक किया कि दो पिछले “गठबंधनों” के बाद, गौरी के साथ एक्टर की शादी को “महागठबंधन” कहा जाना चाहिए।

उन्होंने मजाक किया कि जहां सरकारें “डबल इंजन” को भी ठीक से चलाने में संघर्ष करती हैं, वहीं आमिर अब “ट्रिपल इंजन” पर आ गए हैं। शेखर ने गौरी के नाम का भी इस्तेमाल किया और कहा, “आपने गौरी… एक मिनट… गौर किया होगा,” और फिर अपनी राजनीतिक तुलना जारी रखी।

होस्ट ने आमिर की पर्सनल लाइफ की तुलना एक ऐसे ट्रेन इंजन से की जो सफर के दौरान डिब्बों को जोड़ता और साथ लेकर चलता रहता है। अपने खास अंदाज में उन्होंने कहा कि आमिर का टैलेंट “अकल्पनीय” है और उनकी तुलना एक ऐसे इंजन से की जो अलग-अलग तरह के फ़्यूल मिक्स से चलता है और फिर भी आसानी से नई मंज़िल की ओर बढ़ रहा है।

शेखर ने मजाक जारी रखते हुए कहा कि आमिर तीसरी बार अपने “अच्छे दिन” लाने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि एक्टर ने “पूर्ण बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार बनाई है” और सोचा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें एक नए कॉम्पिटिटर के तौर पर देख सकते हैं।

उन्होंने आमिर और गौरी की शादी के पारिवारिक माहौल का भी जिक्र किया और बताया कि उनकी पूर्व पत्नियां और बच्चे भी बड़े परिवार का हिस्सा थे। इसे “वसुधैव कुटुंबकम” का उदाहरण बताते हुए शेखर ने मज़ाक में कहा कि विपक्षी गठबंधन आमिर से सीख सकते हैं कि नए दौर में आगे बढ़ते हुए भी पुराने सहयोगियों को कैसे साथ रखा जाए।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मैचों के लिए शुरु की नेट प्रेक्टिस (Video)

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय सीरीज के  लिए नेट्स पर पसीना बहाना शुरु कर दिया है। वैसे तो हर सीरीज ही रोहित शर्मा के लिए अहम होती है लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की एकदिवसीय सीरीज उनके लिए काफी अहम है क्योंकि वह एकदिवसीय  विश्वकप 2027 के लिए हर सीरीज में अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

एक अग्रणी डिजिटल खेल यूट्यूब चैनल ने यह बताया कि रोहित शर्मा को टीम प्रबंधन ने साफ साफ बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप के लिए टीम की योजनाओं में शामिल नहीं है। ऐसे में टीम  प्रबंधन रोहित जैसे सितारे को बाहर निकालने का जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रबंधन चाहता है कि रोहित शर्मा खुद ही संन्यास के बारे में सोचे।

YouTube का बड़ा तोहफा! लॉन्च किया ‘Gifts’ फीचर, अब लाइव स्ट्रीम से कमाई होगी और भी आसान

यूट्यूब ने भारत में लाइव स्ट्रीम करने वाले क्रिएटर्स के लिए नया ‘गिफ्ट्स’ फीचर शुरू किया है। इस फीचर की मदद से दर्शक लाइव स्ट्रीम के दौरान अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को एनिमेटेड गिफ्ट भेज सकेंगे। इन गिफ्ट्स में भारत से जुड़े डिज़ाइन, जैसे वड़ा पाव, चाय-टोस्ट और पानी पुरी शामिल हैं। इससे क्रिएटर्स को अपने दर्शकों से बेहतर जुड़ने का मौका मिलेगा और वर्टिकल लाइव स्ट्रीम के जरिए कमाई का एक नया साधन भी मिलेगा।

इसके साथ ही यूट्यूब ने ‘ज्वेल्स’ नाम का नया फीचर भी लॉन्च किया है। इसका मकसद क्रिएटर्स की कमाई के नए रास्ते खोलना और दर्शकों को अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को आसान और मजेदार तरीके से समर्थन देने का विकल्प देना है।

गिफ्ट्स और ज्वेल्स क्या हैं?

यूट्यूब का गिफ्ट्स फीचर ऐसे एनिमेटेड वर्चुअल गिफ्ट्स हैं, जिन्हें दर्शक लाइव स्ट्रीम के दौरान अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को भेज सकते हैं। इन गिफ्ट्स के जरिए दर्शक तुरंत अपनी खुशी, रिएक्शन और सपोर्ट दिखा सकते हैं। जैसे ही कोई गिफ्ट भेजा जाता है, उसका एनिमेशन लाइव स्ट्रीम पर दिखाई देता है, जिससे क्रिएटर और दर्शकों के बीच जुड़ाव और भी बेहतर हो जाता है।

इन गिफ्ट्स को भेजने के लिए दर्शकों को पहले ज्वेल्स खरीदने होंगे। ज्वेल्स का इस्तेमाल करके वे योग्य वर्टिकल लाइव स्ट्रीम के दौरान क्रिएटर्स को अलग-अलग एनिमेटेड गिफ्ट्स भेज सकते हैं। इससे लाइव स्ट्रीम का अनुभव ज्यादा मजेदार बनता है और क्रिएटर्स को कमाई का एक नया तरीका भी मिलता है।

जब दर्शक ज्वेल्स का इस्तेमाल करके किसी क्रिएटर को गिफ्ट भेजते हैं, तो बदले में उस क्रिएटर को रूबीज़ मिलते हैं। यही रूबीज़ इस फीचर के जरिए होने वाली उनकी कमाई को दिखाते हैं। इस फीचर को और खास बनाने के लिए यूट्यूब ने भारत की संस्कृति से प्रेरित कई वर्चुअल गिफ्ट्स भी पेश किए हैं। इनमें वड़ा पाव, चाय-टोस्ट, पानी पुरी, बधाई हो, केम छो, माचा और ऑल इज़ वेल जैसे एनिमेटेड गिफ्ट्स शामिल हैं। दर्शक इन्हें भेजकर अपने पसंदीदा क्रिएटर्स का समर्थन और उत्साह बढ़ा सकते हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि आने वाले समय में त्योहारों और खास मौकों के लिए नए मौसमी वर्चुअल गिफ्ट्स भी लॉन्च किए जाएंगे।

गिफ्ट्स फीचर कैसे चालू करें?

जिन क्रिएटर्स का चैनल इस फीचर के लिए योग्य है, वे यूट्यूब स्टूडियो के ‘अर्न’ सेक्शन में जाकर ‘गिफ्ट्स’ फीचर चालू कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें ‘वर्चुअल आइटम्स मॉड्यूल’ की शर्तों को स्वीकार करना होगा। फीचर चालू होते ही उनकी वर्टिकल लाइव स्ट्रीम में गिफ्ट्स का विकल्प अपने-आप दिखाई देने लगेगा। हालांकि, जिन क्रिएटर्स की वर्टिकल लाइव स्ट्रीम में गिफ्ट्स फीचर चालू होगा, उन्हें उन स्ट्रीम्स में सुपर स्टिकर्स की सुविधा नहीं मिलेगी।

यूट्यूब ने यह फीचर ऐसे समय लॉन्च किया है, जब भारत में क्रिएटर इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी के अनुसार, एक साल में 7 लाख रुपये या उससे अधिक कमाई करने वाले भारतीय यूट्यूब चैनलों की संख्या में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भारत में यूट्यूब पर फैंस की बढ़ती भागीदारी भी क्रिएटर इकॉनमी को तेजी से आगे बढ़ा रही है। एक सर्वे के मुताबिक, 92 प्रतिशत भारतीय यूट्यूब क्रिएटर्स का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म उन्हें अपने दर्शकों के साथ मजबूत कम्युनिटी बनाने में मदद करता है। इस नए फीचर पर बात करते हुए मशहूर गेमिंग क्रिएटर नमन माथुर ने कहा कि फैंस से जुड़ने के लिए कई विकल्प होने से लाइव स्ट्रीम का अनुभव और बेहतर हो जाता है। उनके अनुसार, सुपर चैट और मेंबरशिप जैसे फीचर सिर्फ कमाई का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये क्रिएटर्स को ज्यादा समय तक लाइव रहने और अपने दर्शकों से बेहतर तरीके से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

नमन माथुर ने कहा कि सुपर चैट बैटल जैसे मौकों पर फैंस का आपसी जुड़ाव साफ दिखाई देता है। इसमें दर्शक न सिर्फ क्रिएटर से बात करते हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ भी अपनी भावनाएं साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे फीचर पसंद आते हैं, जिनके जरिए वे लाइव स्ट्रीम के दौरान तुरंत और आकर्षक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया दे सकें।

Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

An image providing information on staying healthy during the rainy season

Monsoon Immunity Tips: बारिश का मौसम जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर यह कई मौसमी बीमारियों और संक्रमणों का खतरा भी बढ़ा देता है। विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां मानसून के दौरान तेजी से फैल सकती हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में केवल स्वादिष्ट मानसूनी व्यंजनों का आनंद लेना ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।ALSO READ: बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

 

अगर आप भी इस मानूसन में बीमार पड़ने के बजाय रिमझिम फुहारों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान टिप्स को अपनाकर आप खुद को बिल्कुल फिट रख सकते हैं:

 

1. डाइट में करें थोड़ा बदलाव यानी खान-पान पर कंट्रोल

बारिश के मौसम में पकौड़े और चाट-पकौड़ी खाने का मन सबसे ज्यादा करता है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है।

 

स्ट्रीट फूड से तौबा: इस मौसम में बाहर का खुला खाना, कटी हुई सब्जियां, फल और गंदा पानी 'टायफायड' और 'डायरिया' जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। इसलिए बाहर खाने से बचें।

 

हरी पत्तेदार सब्जियों को कहें 'ना': बारिश में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में कीड़े और बैक्टीरिया पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर खाएं भी, तो उन्हें गुनगुने पानी और नमक से अच्छी तरह धोकर, उबालकर ही खाएं।

 

इम्यूनिटी बूस्टर अपनाएं: अपनी चाय या काढ़े में अदरक, तुलसी, काली मिर्च, लौंग और हल्दी का इस्तेमाल बढ़ा दें।

 

2. पानी उबालकर ही पीएं

मानसून में जल जनित रोग बहुत तेजी से फैलते हैं क्योंकि इस मौसम में पीने के पानी के सोर्स जल्दी दूषित हो जाते हैं। हमेशा पानी को उबालकर और छानकर पीएं। अगर आप ट्रेवल कर रहे हैं, तो केवल सीलबंद भरोसेमंद ब्रांड का ही पानी पीएं। शरीर को हाइड्रेटेड रखना इस मौसम में भी उतना ही जरूरी है जितना गर्मी में।

 

3. पर्सनल हाइजीन/ व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें खास ध्यान

नमी के कारण इस मौसम में फंगल इन्फेक्शन और स्किन एलर्जी बहुत आम हो जाती है।

 

भीगने पर तुरंत नहाएं: अगर आप बारिश के पानी में भीग गए हैं, तो घर आकर साफ पानी और एंटी-बैक्टीरियल साबुन से तुरंत नहाएं और खुद को अच्छी तरह सुखाएं।

 

गीले कपड़े और जूते न पहनें: कपड़ों या जूतों में थोड़ी भी नमी हो, तो उन्हें न पहनें। फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए पैरों को साफ और सूखा रखें।

 

एक छोटा सा मंत्र: इस मौसम में 'ताजा खाएं, उबला पानी पीएं और एक्टिव रहें'। मानसून का मजा तभी है जब आपकी सेहत एकदम चकाचक हो!

 

4. घर के अंदर ही करें वर्कआउट

बारिश की वजह से अक्सर मॉर्निंग वॉक या जिम जाना छूट जाता है, जिससे लोग सुस्त महसूस करने लगते हैं। लेकिन फिटनेस से नो कॉम्प्रोमाइज! अगर बाहर बारिश हो रही है, तो घर के अंदर ही योग, स्ट्रेचिंग, जुम्बा या स्किपिंग/ रस्सी कूदना जैसे कार्य करें। आप 20-30 मिनट का कोई भी होम वर्कआउट यूट्यूब की मदद से कर सकते हैं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म सही रहेगा और वजन भी कंट्रोल में रहेगा।

 

5. मच्छरों से रहें सावधान

मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां मानसून की ही देन हैं क्योंकि जमा पानी में मच्छर तेजी से अंडे देते हैं। अपने घर के आसपास, कूलरों में, गमलों या टायरों में पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंटका इस्तेमाल जरूर करें। पूरी आस्तीनके कपड़े पहनें।ALSO READ: Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

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14 साल की उम्र में AI कंपनी बनाकर छा गया ये लड़का, बुर्ज खलीफा में ऑफिस, कौन हैं जैनम जैन?

जहां 14 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल, खेल और सोशल मीडिया में अपना समय बिताते हैं, वहीं जैनम जैन ने बहुत कम उम्र में एक अलग ही पहचान बना ली है। उन्होंने इतनी छोटी उम्र में एक AI स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसने टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में सभी को हैरान कर दिया है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक सफलता नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जो ये दिखाती है कि अगर सोच बड़ी हो तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती।

जैनम का नाम अब उन युवा फाउंडर्स में शामिल हो चुका है जो कम उम्र में बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें हकीकत में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कहानी तेजी से चर्चा में है और लोग इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं, जो युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

AI स्टार्टअप “Mengo Engine” की शुरुआत

जैनम जैन ने “Mengo Engine” नाम का AI प्लेटफॉर्म बनाया है, जो बिजनेस को आसान बनाने में मदद करता है। यह टूल कंपनियों के लिए मार्केटिंग, कस्टमर मैनेजमेंट, लीड जनरेशन और कंटेंट बनाने जैसे काम ऑटोमेट करता है। इसका मकसद है AI को हर बिजनेस के लिए आसान बनाना।

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत में ऑफिस

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उनका स्टार्टअप दुबई की मशहूर इमारत Burj Khalifa के 141वें फ्लोर पर स्थित है। इतनी प्रतिष्ठित जगह से कंपनी चलाना उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के AI फाउंडर्स में शामिल करता है।

6 साल की उम्र से शुरू हुआ बिजनेस का सफर

जैनम की दिलचस्पी बिजनेस में तब जागी जब वो सिर्फ 6 साल के थे। उनके पिता उन्हें एक बिजनेस मीटिंग में ले गए थे, जहां से उनके मन में यह समझ और जिज्ञासा पैदा हुई कि असल दुनिया में बिजनेस कैसे काम करता है।

105 दिनों में पूरा किया 10वीं का कोर्स

13 साल की उम्र में उन्होंने IGCSE 10वीं की पढ़ाई सिर्फ 105 दिनों में पूरी कर ली। उनका मानना है कि तेज लर्निंग से उन्हें अपने स्टार्टअप पर ज्यादा ध्यान देने का समय मिला।

खुद से सीखी AI की दुनिया

जैनम ने कोई खास AI कोर्स नहीं किया। उन्होंने खुद प्रोजेक्ट्स बनाए, इंटरनेट से सीखा और लगातार एक्सपेरिमेंट करते रहे। यही सेल्फ-लर्निंग उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

छोटी उम्र में बड़ा रिज्यूमे

उनके नाम पहले से ही कई उपलब्धियां हैं—2 पेटेंट फाइल किए, TEDx स्पीच दी, किताब लिखी, यूट्यूब पर 1.45 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बनाए और कई अवॉर्ड्स भी जीते। यह सब उनकी मेहनत और सीखने की लगन दिखाता है।

50 दिन के चैलेंज से बदलते रहे खुद को

10 साल की उम्र से उन्होंने खुद के लिए 50 दिन के चैलेंज सेट किए। इनमें 50 किताबें पढ़ना, 50 नेटवर्किंग इवेंट्स अटेंड करना और हजारों किलोमीटर की यात्रा करके नए लोगों से सीखना शामिल था।

बड़ा सपना यूनिकॉर्न कंपनी बनाना

इतनी कम उम्र में सफलता पाने के बाद भी उनका सपना बड़ा है। वो एक ग्लोबल यूनिकॉर्न टेक कंपनी बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि उम्र नहीं, बल्कि मेहनत और निरंतर सीखना सफलता की असली कुंजी है।

कौन से हैं भारत के वो 2 एयरपोर्ट, जिनकी डिजाइन और खूबसूरती ने ग्लोबल लिस्ट में बनाई जगह?

Samay Raina: ‘प्यार दिखाने का बस एक छोटा सा तरीका’, समय रैना ने मुंबई में आलिया भट्ट -शरवरी की ‘ऐल्फा’ देखने के लिए पूरा थिएटर किया बुक

Samay Raina: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट और शरवरी की स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘ऐल्फा’ 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। जहां ‘ऐल्फा’ को लेकर क्रिटिक्स और दर्शकों की राय बंटी हुई है, वहीं कॉमेडियन समय रैना ने आलिया भट्ट और शरवरी का समर्थन करते हुए एक स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए पूरा थिएटर बुक किया। यह समर्थन तब दिया गया जब ये दोनों एक्ट्रेस उनके दोबारा शुरू हुए शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के पहले एपिसोड में नजर आईं थीं।

शनिवार को समय ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “और हां… कल मैं मुंबई में ‘ऐल्फा’ देखने जा रहा हूं। मैंने पूरा थिएटर बुक किया है और आप में से 250 लोगों को WhatsApp पर टिकट भेजूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “आलिया और शरवरी के लिए यह मेरी तरफ से प्यार दिखाने का एक छोटा सा तरीका है, क्योंकि वे इतनी कूल हैं कि मेरे शो के पहले एपिसोड में आईं। मैं दोनों से बहुत प्यार करता हूं और उनकी फ़िल्म देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं! कल मिलते हैं!”

एक विवाद के कारण अपने शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के पहले सीज़न के सभी एपिसोड हटाने के बाद, समय नए सीज़न के साथ वापस आए हैं। नए सीजन की शुरुआत आलिया भट्ट और शरवरी के पैनलिस्ट के तौर पर शामिल होने से हुई। शो के दौरान, समय ने आलिया की पिछली फ़्लॉप फ़िल्मों, जैसे ‘जिगरा’, पर मज़ाक किया, जबकि शरवरी ने समय पर किए गए अपने मज़ाक से सबका दिल जीत लिया। दर्शकों से इस एपिसोड को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला, लेकिन यह नेटफ़्लिक्स पर नंबर 1 पर ट्रेंड भी किया। नया सीज़न नेटफ़्लिक्स और यूट्यूब दोनों पर देखा जा सकता है।

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शिव रावेल के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट, शरवरी, अनिल कपूर, बॉबी देओल और दूसरे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म है; इससे पहले ‘एक था टाइगर’, ‘टाइगर ज़िंदा है’, ‘वॉर’, ‘पठान’, ‘वॉर 2’ और ‘टाइगर 3’ आ चुकी हैं। ‘अल्फा’ YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली ऐसी फिल्म है जिसमें लीड रोल में कोई महिला है। क्रिटिक्स और दर्शकों से इसे मिले-जुले रिव्यू मिले हैं और फिल्म ने दो दिनों में दुनिया भर में ₹37 करोड़ की कमाई की है।

मिले-जुले रिव्यू के बीच करण जौहर ने ‘अल्फा’ का बचाव किया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा, “जब सिनेमाघरों तक दर्शकों को लाना एक चुनौती है, तब ‘अल्फा’ ने ज़बरदस्त शुरुआत की है! यह कई बातें बताती है… दर्शक ऑनलाइन नेगेटिविटी से कहीं ऊपर हैं और वे ही असली योद्धा हैं…”

उन्होंने आलिया भट्ट की परफॉर्मेंस की भी तारीफ़ की। उन्होंने आलिया के “स्टारडम और थिएटर में दर्शकों को खींचने की क्षमता” के साथ-साथ उनके “बेहतरीन टैलेंट” का ज़िक्र किया और कहा कि ये सभी चीज़ें फिल्म में साफ़ तौर पर दिखती हैं। उन्होंने आगे कहा, “आलिया भट्ट का स्टारडम, थिएटर में दर्शकों को खींचने की क्षमता और उनका ज़बरदस्त टैलेंट, साथ ही बड़े पर्दे के शानदार अनुभव का असर – इन पर कोई शक नहीं किया जा सकता। YRF एक ऐसी फ़्रैंचाइज़ी चला रहा है और थिएटर में बड़े पैमाने पर फ़िल्मों का अनुभव देने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए हमें तारीफ़ करनी चाहिए, न कि नेगेटिविटी फैलानी चाहिए!”

Samay Raina: ‘असली डॉक्टर क्यों नहीं बन जाती…’, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ में नीट पेपर लीक पर बोले समय रैना

Samay Raina: समय रैना ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के लेटेस्ट एपिसोड में NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) पेपर लीक के मुद्दे पर बात की। यह सब तब शुरू हुआ जब शो में गेनी कामकी नाम की एक कंटेस्टेंट ने अपनी सिंगिंग का हुनर ​​दिखाया। अपनी परफॉर्मेंस के बाद, उन्होंने बताया कि वह गुवाहाटी से हैं और होम्योपैथी की स्टूडेंट हैं।

बातचीत के दौरान, कामकी ने बताया कि भले ही वह पहली बार मुंबई आई थीं, लेकिन कॉलेज में अटेंडेंस की वजह से उन्हें अगले ही दिन वापस जाना था। इस पर समय ने मजeक में उनसे एलोपैथी की पढ़ाई करने के लिए कहा। उन्होंने NEET पेपर लीक से जुड़े विवाद की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप असली डॉक्टर क्यों नहीं बन जाते? अभी तो पेपर भी लीक हो गए हैं।”

एपिसोड का वह खास क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आते ही, कई लोगों ने एक अहम मुद्दे पर बात करने के लिए समय की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “कम से कम किसी सेलिब्रिटी में तो हिम्मत है।” दिलचस्प बात यह है कि समय रैना का यह कमेंट ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके द्वारा कॉमेडियन की आलोचना करने और उन्हें ‘प्रिविलेज्ड’ (विशेषाधिकार प्राप्त) कहे जाने के कुछ दिनों बाद आया है। जानकारी के लिए बता दें कि CJP राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

दिपके ‘अनफिल्टर्ड बाय समदीश’ शो में आए थे, जहां उन्होंने कहा, “मैं ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ में नहीं जाऊंगा। मुझे यह पसंद नहीं है। क्योंकि इसमें यह सोच है कि ‘हम क्यों लड़ें? हमें आसान रास्ता अपनाकर निकल जाना चाहिए’। आप इसलिए निकल पाते हैं क्योंकि आप प्रिविलेज्ड (सुविधा-संपन्न) हैं।”

वहीं, समय रैना पिछले महीने अपने विवादित शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीज़न के साथ लौटे। पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी शामिल थीं। शुक्रवार को रिलीज़ हुए दूसरे एपिसोड में हर्ष लिम्बाचिया, कीकू शारदा और चंदन प्रभाकर गेस्ट के तौर पर आए थे। ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2’ नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर उपलब्ध है।

टेक कंपनियों पर ऑस्ट्रेलिया सख्त:कानून तोड़ने पर जुर्माना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए करने की तैयारी‎

ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के अपने कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। किशोरों के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयु सीमा लागू करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था, लेकिन शुरुआती नतीजों से सरकार संतुष्ट नहीं है। कानून के तहत स्नैपचैट, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय की गई है। इसके बाद ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देशों ने भी इसी तरह के कदम उठाने शुरू किए हैं। हालांकि सरकारी रिपोर्ट बताती है कि कानून लागू होने के बावजूद किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल में अपेक्षित कमी नहीं आई है। हजारों अकाउंट जरूर बंद हुए हैं, लेकिन दस में से सात अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों के अकाउंट अब भी सक्रिय हैं। शोधकर्ताओं ने भी पाया कि अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई किशोर किसी न किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं। उनके मुताबिक अब भी बड़ी संख्या में बच्चे सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। संचार मंत्री अनिका वेल्सने आरोप लगाया कि टेक कंपनियां नियमों से बचने के लिए न्यूनतम प्रयास कर रही हैं और अपनी पुरानी रणनीतियां अपना रही हैं। दूसरी ओर, टेक कंपनियों ने इस कानून को अत्यधिक कठोर बताते हुए कहा है कि इसमें प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों को नजर अंदाज किया गया है। प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म रेडिट ने तो ऑस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है। कंपनी का तर्क है कि यह कानून बच्चों के राजनीतिक संवाद और अभिव्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के ई-सेफ्टी कमिश्नर ने फेसबुक,इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब के खिलाफ कानून के पालन की जांच शुरू कर दी है। कानून के तहत प्रतिबंधित 10 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बच्चों को दूर रखना संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है। ऑनलाइन सेफ्टी नियामक केकानूनी अधिकार और बढ़ेंगे कानून तोड़ने वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अधिकतम जुर्माना दोगुना बढ़ाकर 660 करोड़ रुपए किया जाएगा। सरकार का कहना है, ऑनलाइन सेफ्टी नियामक के कानूनी अधिकार बढ़ाए जाएंगे। कंपनियों को बताना पड़ेगा कि उन्होंने 16 साल से कम आयु के बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए कौन से कदम उठाए हैं।

Sanket Kumar ISRO success: 2 नंबर से छूटा जेईई एडवांस्ड, फिर भी इसरो में साइंटिस्ट बने मेरठ के संकेत कुमार

Sanket Kumar ISRO success: मेरठ में संकेत कुमार को तब बहुत निराशा हुई जब वह महज 2 अंकों से आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में दाखिले के लिए होने वाली जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए क्वालिफाई करने से चूक गए थे। 2021 में हुए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) परीक्षा में उन्हें शायद पहली बार एक-एक नंबर की अहमियत का अंदाजा हुआ। कभी सोचा नहीं था कि वह जेईई एडवांस्ड परीक्षा का हिस्सा बनने से महज 2 अंकों से चूक जाएंगे। यानी अपने सपनों के करीब पहुंचने में ये दो नंबर रोड़ा बन जाएंगे।

लेकिन जैसा कि इस देश के पूर्ण राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था, ‘सपने वो होते हैं, जो आपको सोने ही नहीं देते हैं।’ संकेत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। हार मानने के बजाय, उन्होंने एक साल ड्रॉप करने का फैसला किया और बिना किसी कोचिंग के खुद से तैयारी शुरू की। मेरठ के दीवान पब्लिक स्कूल के छात्र रह चुके संकेत को कई लोगों ने साल ड्रॉप न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखने का फैसला किया। उन्होंने सेल्फ-स्टडी, यूट्यूब लेक्चर और पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर पर भरोसा किया।

अगले साल उनकी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड दोनों पास कर लिया। इसके बाद उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए तिरुवनंतपुरम के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST) में प्रवेश लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संकेत ने वाइब्रेशन और अकूस्टिक्स में स्पेशलाइजेशन करने का फैसला किया।

अपने बैच में यह विषय चुनने वाले वह अकेले छात्र थे। अपने कोर्स के दौरान, उन्हें जापान की शिनरा इंक. ने तीन महीने के एडवांस्ड इंजीनियरिंग रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए चुना। 8.2 सीजीपीए के साथ ग्रेजुएशन करने के बाद, उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) में इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया और आखिरकार चुन लिया गया।

अपने सफर के बारे में संकेत कहते हैं, जेईई एडवांस्ड मिस करने के बाद उन्होंने पूरा एक साल सेल्फ-स्टडी करने का फैसला किया। उन्होंने शुरू से तैयारी की और बाद में आईआईएसटी में पढ़ाई के दौरान स्पेस टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी जगी, जिसने उन्हें एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए मोटिवेट किया। संकेत अब महेंद्रगिरी में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में नियुक्त हैं, जहां श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले हर रॉकेट सिस्टम की फाइनल टेस्टिंग होती है।

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