IISER Aptitude Test Rank Card 2026 Out: आधिकारिक वेबसाइट से 9 जुलाई तक डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट, रैंक कार्ड पर दी गई है ये जानकारी

IISER Aptitude Test Rank Card 2026 Out: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) एप्टीट्यूड टेस्ट (IAT) में शामिल उम्मीदवारों के लिए ये बड़ा अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट iiseradmission.in पर लॉग इन करके अपने रैंक कार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। आईआईएसईआर ने 29 जून, 2026 को रिजल्ट घोषित कर दिया है। आईएटी का नतीजा आधिकारिक वेबसाइट पर 9 जुलाई, 2026 तक डाउनलोड के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही आईआईएसईआर ने काउंसलिंग की तारीख भी घोषित कर दी है। काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई, 2026 से शुरू होगा और योग्य कैंडिडेट को डेडलाइन से पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

आईएटी रैंक कार्ड 2026 कैसे करें डाउनलोड

  • ऑफिशियल आईआईएसईआर एडमिशन पोर्टल iiseradmission.in पर जाएं।
  • होमपेज पर उपलब्ध आईएटी 2026 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • यूजर आईडी और पासवर्ड डालें।
  • अपना रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • आगे के लिए रैंक कार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें।

आईआईएसईआर रिजल्ट 2026: काउंसलिंग शेड्यूल

रिजल्ट के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें सिर्फ वही उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे जिन्होंने आईएटी (IAT) 2026 के लिए क्वालिफाई किया है। ऑनलाइन काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई, 2026 से शुरू होगा, और रजिस्ट्रेशन पूरा करने की डेडलाइन 9 जुलाई, 2026 है। कैंडिडेट को तय समय में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, क्योंकि डेडलाइन मिस करने पर सीट अलॉटमेंट में दिक्कत हो सकती है।

आईएटी रैंक कार्ड पर दी गई जानकारी

रैंक कार्ड में नीचे दी गई कार्रवाई करने लायक जानकारी और कैंडिडेट की जानकारी शामिल है :

  • कैंडिडेट का नाम
  • रोल नंबर और एप्लीकेशन/रजिस्ट्रेशन नंबर
  • जन्म तिथि
  • कैटेगरी
  • एग्जाम का नाम
  • रिजल्ट घोषित करने की तारीख
  • मिले कुल मार्क्स
  • ऑल इंडिया रैंक (AIR)
  • कैटेगरी रैंक
  • क्वालिफाइंग स्टेटस

आईआईएसईआर 2026 रिजल्ट के बाद

आईआईएसईआर 2026 रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद, सभी सफल उम्मीदवारों को तुरंत काउंसलिंग प्रक्रिया की तैयारी करनी होगी। उन्हें वेरिफिकेशन के लिए अपना रैंक कार्ड, एकेडमिक सर्टिफिकेट, आइडेंटिटी प्रूफ और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए। अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग राउंड, सीट अलॉटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन की डेडलाइन के ताजा अपडेट के लिए नियमित तौर पर आईआईएसईआर के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जाएं।

Sanket Kumar ISRO success: 2 नंबर से छूटा जेईई एडवांस्ड, फिर भी इसरो में साइंटिस्ट बने मेरठ के संकेत कुमार

Sanket Kumar ISRO success: 2 नंबर से छूटा जेईई एडवांस्ड, फिर भी इसरो में साइंटिस्ट बने मेरठ के संकेत कुमार

Sanket Kumar ISRO success: मेरठ में संकेत कुमार को तब बहुत निराशा हुई जब वह महज 2 अंकों से आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में दाखिले के लिए होने वाली जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए क्वालिफाई करने से चूक गए थे। 2021 में हुए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) परीक्षा में उन्हें शायद पहली बार एक-एक नंबर की अहमियत का अंदाजा हुआ। कभी सोचा नहीं था कि वह जेईई एडवांस्ड परीक्षा का हिस्सा बनने से महज 2 अंकों से चूक जाएंगे। यानी अपने सपनों के करीब पहुंचने में ये दो नंबर रोड़ा बन जाएंगे।

लेकिन जैसा कि इस देश के पूर्ण राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था, ‘सपने वो होते हैं, जो आपको सोने ही नहीं देते हैं।’ संकेत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। हार मानने के बजाय, उन्होंने एक साल ड्रॉप करने का फैसला किया और बिना किसी कोचिंग के खुद से तैयारी शुरू की। मेरठ के दीवान पब्लिक स्कूल के छात्र रह चुके संकेत को कई लोगों ने साल ड्रॉप न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखने का फैसला किया। उन्होंने सेल्फ-स्टडी, यूट्यूब लेक्चर और पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर पर भरोसा किया।

अगले साल उनकी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड दोनों पास कर लिया। इसके बाद उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए तिरुवनंतपुरम के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST) में प्रवेश लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संकेत ने वाइब्रेशन और अकूस्टिक्स में स्पेशलाइजेशन करने का फैसला किया।

अपने बैच में यह विषय चुनने वाले वह अकेले छात्र थे। अपने कोर्स के दौरान, उन्हें जापान की शिनरा इंक. ने तीन महीने के एडवांस्ड इंजीनियरिंग रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए चुना। 8.2 सीजीपीए के साथ ग्रेजुएशन करने के बाद, उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) में इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया और आखिरकार चुन लिया गया।

अपने सफर के बारे में संकेत कहते हैं, जेईई एडवांस्ड मिस करने के बाद उन्होंने पूरा एक साल सेल्फ-स्टडी करने का फैसला किया। उन्होंने शुरू से तैयारी की और बाद में आईआईएसटी में पढ़ाई के दौरान स्पेस टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी जगी, जिसने उन्हें एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए मोटिवेट किया। संकेत अब महेंद्रगिरी में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में नियुक्त हैं, जहां श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले हर रॉकेट सिस्टम की फाइनल टेस्टिंग होती है।

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