जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जापान और चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।
IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
District wise Nowcast Warning valid for next two-three hours:
Issue Time: 07-08-2026 09:24 Hrs IST
Validity Time: 07-08-2026 12:24 Hrs IST
Red Warnings: Lightning/Thunderstorms with gusty winds (around 60 kmph) and heavy rain (>15 mm/h) very likely over following districts in:… pic.twitter.com/lEAUUj502V
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 7, 2026
ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
Weather Warnings for next 24 hrs (valid till 0830 hrs IST of tomorrow, the 08th August, 2026)
❖ Heavy to Very Heavy Rainfall with isolated Extremely Heavy Rainfall very likely at isolated places over Odisha.
❖ Heavy to Very Heavy Rainfall very likely at isolated places over… pic.twitter.com/pPGKvjaqsq
— India Meteorological Department (@Indiametdept) August 7, 2026
दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान
मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।
दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।
पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।
मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
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PM Modi Instagram Reel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया रील वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं से राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को खास तरीके से मनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे ‘Get Ready With Me (GRWM)’ जैसे वीडियो बनाएं, जिसमें वे हथकरघा से बने पारंपरिक कपड़े पहनकर अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का यह ट्रेंड भारत की समृद्ध बुनाई परंपरा और कारीगरों की कला को लोगों तक पहुंचाने का एक शानदार तरीका बन सकता है। इससे देश के बुनकरों और उनके परिवारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से पहले शेयर किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को भी याद किया। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जब देशभर के लोग ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट हुए और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लिया था।
7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से पहले शेयर किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को भी याद किया। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। उस दिन देशभर के लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट होकर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा, “पिछले हफ्ते ही आप में से कई लोगों ने फ्रेंडशिप डे मनाया। आज, मैं आपसे अपील करता हूं कि 7 अगस्त को नेशनल हैंडलूम डे भी उसी उत्साह और जोश के साथ मनाएं।”
भारत के बुनकर समुदाय के योगदान पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि नेशनल हैंडलूम डे उन परिवारों को पहचानने और उनका समर्थन करने का एक मौका है जो पारंपरिक कारीगरी से हाथ से बुने हुए कपड़े बनाते हैं।
उन्होंने कहा, “नेशनल हैंडलूम डे हमारे उन बुनकर परिवारों को पहचानने और उनका समर्थन करने के बारे में है, जो अपने हाथों से सुंदर कपड़े बनाते हैं। जरा हमारे देश में बनने वाले हैंडलूम उत्पादों की अद्भुत विविधता को तो देखिए।”
PM ने हैंडलूम को बढ़ावा देने के लिए ‘GRWM’ ट्रेंड का सुझाव दिया
सोशल मीडिया के मशहूर ट्रेंड का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने लोगों से हैंडलूम के कपड़े पहनने और उन्हें ऑनलाइन शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा, “मेरी एक छोटी सी गुजारिश है। क्यों न हैंडलूम के कपड़ों के साथ एक ‘Get Ready With Me’ (GRWM) वीडियो बनाया जाए और उसे दुनिया के साथ शेयर किया जाए? इससे दूसरों को भी हैंडलूम अपनाने और हमारे कारीगरों का समर्थन करने की प्रेरणा मिलेगी।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ये पहल देश भर के बुनकर परिवारों की आजीविका को मजबूत करके ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन में योगदान दे सकती है।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सबसे छोटे और सबसे गरीब बुनकर परिवारों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण करना है। आइए, हम सभी कम से कम एक हथकरघा (हैंडलूम) उत्पाद खरीदें, उसका एक वीडियो बनाएं और उसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि हमारे बुनकर भाई-बहनों की प्रतिभा और कारीगरी पूरे भारत और दुनिया के लोगों तक पहुंच सके।”
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Heavy Rain Alerts: राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। वहीं देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश ने अपना रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां रात के समय और तेज हो सकती हैं और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रह सकता है। 6 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और देहरादून जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 7 से 10 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य पहाड़ी जिलों और ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी
देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा।
अलर्ट पर रखे गए सभी विभाग
वहीं, उत्तराखंड सरकार ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सभी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग व प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।
इन इलाकों में मौसम ने दिखाया रौद्र रूप
लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मारकंडा नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे यात्रा प्रभावित हो गई है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इसलिए फिलहाल लोग और स्थानीय निवासी नदी पार करने के लिए ट्रॉली की मदद ले रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी प्रभावित हुई। तेज बहाव वाली नदियों में कई वाहन फंस गए थे। हालांकि, सभी 20 पर्यटकों, गाइड और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एहतियात के तौर पर ढेला और झिरना सफारी जोन को फिलहाल बंद कर दिया गया है।
Delhi Weather Today: बुधवार, 5 अगस्त को दिल्ली में एक बार फिर बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, IMD ने 4 अगस्त से 6 अगस्त के बीच दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की भविष्यवाणी भी की है। इसके अलावा, दिल्ली में 10 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की भी संभावना है।
तेज बारिश से मिली उमस से राहत
मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच अयानगर में सबसे ज्यादा 49.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, सफदरजंग में 9.4 मिमी, पालम में 8.1 मिमी, लोधी रोड में 3.7 मिमी और रिज में 1.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
वहीं, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक के पिछले 24 घंटों में अयानगर में 23.6 मिमी बारिश हुई थी, जबकि सफदरजंग, पालम और रिज में केवल हल्की (ट्रेस) बारिश दर्ज की गई।
आईएमडी के अनुसार, बुधवार को भी दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में एक-दो दौर हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर, खासकर सुबह से दोपहर के बीच मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद शाम और रात में भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि बुधवार को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
वहीं, मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33.5°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4°C रहा, जो सामान्य से थोड़ा ज़्यादा था। अयानगर सबसे ठंडा स्टेशन रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम था।
IMD ने जलभराव और ट्रैफिक में देरी की चेतावनी दी
IMD ने चेतावनी दी है कि हो रही बारिश से ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है, निचले इलाकों में पानी भर सकता है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा करने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देख लें, सरकारी सलाह मानें और जहां तक हो सके, पानी भरने वाले रास्तों पर जाने से बचें।
इस बीच, बारिश की वजह से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार जारी रहा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मंगलवार शाम को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 64 था, जो इस महीने लगातार चौथे दिन “संतोषजनक” श्रेणी में बना हुआ है।
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Himachal Pradesh Rain Alert: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तेज से बहुत तेज बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में भूस्खलन और खराब मौसम की वजह से 150 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला मौसम विभाग ने 10 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश के इस शहरों में काफी ज्यादा बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, कुकुमसेरी राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां रात का न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, दिन के समय सबसे अधिक गर्मी हमीरपुर में रही, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कहां पर बंद है कितनी सड़कें
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, मंगलवार शाम तक हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 58 पेयजल योजनाएं और 191 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत मंडी जिले में हुई, जहां 51 सड़कें बंद हैं। वहीं, सिरमौर में 39, कुल्लू में 36, शिमला में 15, कांगड़ा और चंबा में 5-5 तथा ऊना में 2 सड़कें बंद हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा 182.4 मिमी बारिश नाहन में दर्ज की गई। इसके अलावा ददाहू, नैना देवी, जट्टन बैराज, धौलाकुआं, मलरोआं और ओलिंडा में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई।
सिरमौर में हो रही लगातार बारिश
मंगलवार को सिरमौर जिले में लगातार बारिश के कारण जलमुशा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे खानाबदोश समुदाय के 25 लोग बीच में फंस गए। सूचना मिलते ही सिरमौर पुलिस और होम गार्ड की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए इस रेस्क्यू अभियान से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एन.एस. नेगी के अनुसार, नाहन से लगभग 25 किलोमीटर दूर कटासन मंदिर के पास तेज बारिश के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिससे चार गुज्जर परिवारों के करीब 25 लोग बीच में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और होम गार्ड की टीम ने रस्सियों की मदद से मानव श्रृंखला बनाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
Delhi Weather Today: उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून के सक्रिय रहने के कारण दिल्ली-NCR में सोमवार को भी मौसम सुहावना बना रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि NCR में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश के दौरान कुछ जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है।
दिल्ली का आज का मौसम पूर्वानुमान
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह और दोपहर के समय एक या दो बार हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, शाम या रात में फिर से हल्की बारिश होने की संभावना है। शहर के कुछ इलाकों में, खासकर रात के समय, बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान के भी आने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, नमी का स्तर ज्यादा होने के कारण बारिश के बीच-बीच में मौसम उमस भरा महसूस हो सकता है। इसके अलावा, IMD ने आज के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।
NCR में मौसम कैसा रहेगा?
नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा जैसे NCR के आस-पास के शहरों में भी मौसम का हाल कुछ ऐसा ही रहने की उम्मीद है। IMD के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ इलाकों में मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी संभावना है, खासकर दिन के बाद के समय में।
इसके अलावा, IMD ने 4 अगस्त के लिए “येलो अलर्ट” भी जारी किया है। अनुमान है कि दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में दिन भर मध्यम बारिश होगी और न्यूनतम तापमान गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे मौसम भले ही सुहावना बना रहेगा, लेकिन कुछ जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की परेशानी भी हो सकती है।

पश्चिम भारत के गुजरात राज्य में 2 अगस्त को जबरदस्त बारिश की संभावना जताई गई है। इसके कारण राज्य के तटीय और मध्य भाग बहुत प्रभावित रहेंगे। महाराष्ट्र के पुणे और नासिक के घाट क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में 1 से 7 अगस्त के दौरान मानसून काफी सक्रिय रहेगा।
1 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके चलते वहां के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आज बिहार के अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 2 से 6 अगस्त तक 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। साथ ही बिजली चमकने के साथ भारी बारिश के आसार हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों यानी असम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश का दौर आज भी जारी रहेगा। दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है।

अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा और हवा में नमी होने से उमस महसूस हो सकती है। जबकि कोंकण तटबंध के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोकल ट्रेन सेवा और ट्रैफिक पर हल्का असर पड़ सकता है।
असम में बाढ़ की स्थिति में शनिवार को मामूली सुधार हुआ और प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 1.78 लाख रह गई। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। बुलेटिन के अनुसार हालांकि बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर सात हो गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन में कहा गया है कि पिछले 24 घंटे में राज्य में किसी भी व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं मिली है और मृतकों की संख्या 82 ही है।

Weather update for Sunday (August 2, 2026): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से 2 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी तटों, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
इन स्थानों पर हो सकती है मूसलाधार बारिश
गुजरात (सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र सहित) में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद 2 अगस्त को भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मुंबई, ठाणे और तटीय महाराष्ट्र के इलाकों में ऑरेंज-येलो अलर्ट के बीच रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में में मूसलाधार बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में रुक-रुक कर भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम व मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी के कारण सतर्कता बरतने को कहा गया है।
इन इलाकों में रहेगी बाढ़ की आशंका
गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और कोंकण क्षेत्र के निचले इलाकों में पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। 2 अगस्त को भी इन इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और शहरी जलभराव का जोखिम बना रहेगा। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के पहाड़ी और निचले इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण अचानक बाढ़ आने की आशंका है।
प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°-35°C के आसपास रहेगा और हवा में नमी होने से उमस महसूस हो सकती है। जबकि कोंकण तटबंध के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोकल ट्रेन सेवा और ट्रैफिक पर हल्का असर पड़ सकता है।
पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार के कई जिलों में 2 अगस्त से मानसून का नया स्पेल शुरू हो रहा है। कोलकाता, पटना और रांची में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान (जैसे कोटा, जयपुर, उदयपुर) और पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। बेंगलुरु में रुक-रुक कर झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। चेन्नई में बादल छाए रहेंगे और कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तटीय और पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी न हो, तो पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड संभावित रास्तों और तटीय इलाकों की यात्रा टालें।

Weather Forecast Tomorrow : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2026 के लिए मानसूनी गतिविधियों के चलते भारी बारिश, तेज हवाओं के चलने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 14 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी जताया गया है और पूरे सूबे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।
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इन 19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
1 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकती है मुश्किल
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।
ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और वहां जाने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
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पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा
असम और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर मध्य असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।
गुजरात से केरल तक भी मौसम सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार तट से दूर बना एक निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिणी गुजरात से उत्तरी केरल तक फैले मौसम तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

