‘नीला मेरा रंग है…’ जंतर-मंतर पर स्याही फेंके जाने के बाद अभिजीत दिपके का रिएक्शन वायरल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, एक महिला ने कथित तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर नीली स्याही फेंक दी, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि स्याही फेंके जाने के बाद लोग अभिजीत दीपके के आसपास जमा हो गए और वहां काफी हंगामा हुआ।

हालांकि, इस घटना के पीछे की वजह की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति को काबू में लाने से पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी। अधिकारियों ने अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और इस बारे में और जानकारी का इंतजार है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ यूजर्स ने स्याही फेंकने की घटना पर सवाल उठाए और कहा कि किसी भी विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से जताना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने अभिजीत दीपके की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बना दिया है।

एक यूजर ने व्यंग्यपूर्वक लिखा, “क्या ये एक ही दिन मेरे सारे काम करेगा?”

एक अन्य यूजर ने महिला के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, “स्याही फेंकने का क्या मतलब है? क्या इस महिला को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सही है और इसमें कोई कमी, असमानता या कठोरता नहीं है?” एक अन्य ने आगे कहा, “अगर वह इस आंदोलन से सहमत नहीं है तो वह विरोध स्थल पर क्यों थी? वैसे वह है कौन?

बाद में दिपके ने X पर एक छोटी सी पोस्ट में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “नीला मेरा रंग है… जय भीम!”—इस टिप्पणी पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, दिपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर 20 दिन की भूख हड़ताल पूरी करने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे थे, जो कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

बता दें कि स्याही फेंकने की घटना से कुछ समय पहले ही अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।

दीपके ने X पर पोस्ट कर लिखा था, “मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं।”

इस पर भी इंटरनेट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने उनसे पूछा, “पक्का? ब्रेड पकौड़े की कसम?”

कई यूजर्स ने उनकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि दिपके सोनम वांगचुक के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अभिजीत दिपके, आप पर शर्म आती है कि आप सोनम वांगचुक सर के नाम, उनके दर्द और संघर्ष का बेशर्मी से इस्तेमाल सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने और इस भूख हड़ताल के नाटक के जरिए ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहे हैं। सोनम सर वास्तविक चिकित्सा देखभाल और सम्मान के हकदार हैं, न कि उन्हें राजनीतिक हथियार बनाया जाना चाहिए। हम NEET, CBSE और छात्र आत्महत्याओं के मामले में वास्तविक न्याय के लिए सोनम वांगचुक के साथ मजबूती से खड़े हैं – आपके निजी लाभ के लिए नहीं।”

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मुंबई में शख्स ने लाखों की सैलरी छोड़ किया 1.5 करोड़ का इन्वेस्टमेंट’, रेस्टोरेंट और निवेश से हो रही 4 लाख की कमाई

एक व्यक्ति, जिसने ऐसा रास्ता चुना जिसे कई लोग जोखिम भरा मानते थे, अब आर्थिक आजादी और काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन का आनंद ले रहा है। सोशल मीडिया पर अंकित पांडे द्वारा साझा की गई उनकी कहानी ने ऑनलाइन कई लोगों को प्रेरित किया है।

पोस्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने मुंबई में अपनी 1.5 लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी छोड़ दी, जबकि लोगों ने उससे कहा कि वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है। उसने अपना फ्लैट लगभग 3 करोड़ रुपये में बेच दिया और कोई दूसरा महंगा अपार्टमेंट खरीदने के बजाय अपने होमटाउन वापस चला गया।

उसने लगभग 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी, 50 लाख रुपये में घर बनवाया और दो रेस्टोरेंट खोलने के लिए लगभग 50 लाख रुपये का निवेश किया। आज, दोनों रेस्टोरेंट जोमैटो और स्विगी पर लिस्टेड हैं और कर्मचारी उन्हें मैनेज करते हैं। बताया जाता है कि इन बिजनेस से उसे इतना मुनाफा होता है कि वह हर महीने लगभग 3 लाख रुपये बचा लेता है।

उसने फिक्स्ड डिपॉजिट में भी 1.5 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे उसे ब्याज के तौर पर हर महीने लगभग 1 लाख रुपये मिलते हैं। कुल मिलाकर, उसकी मासिक आय लगभग 4 लाख रुपये बताई जाती है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

एक यूजर ने लिखा, “बिना किसी विरासत, बिना किसी असली सोशल सर्कल और शहर से बिना किसी सच्चे लगाव के, मेट्रो शहर में सिर्फ एक औसत सैलरी पर गुज़ारा करना, एक दुखद जीवन जैसा लगता है।”एक दूसरे व्यक्ति ने कहा, “भले ही यह सच्ची कहानी हो, लेकिन जब वह होमटाउन गया तो उसके पास 3 करोड़ रुपये की पूंजी और पहले की बचत थी, जिससे बिजनेस और नई ज़िंदगी शुरू की जा सकती थी। हर किसी के पास, जो मेट्रो से होमटाउन जाता है, ऐसी सुविधा नहीं होती। अच्छी कहानी है, लेकिन ज़्यादातर लोगों के लिए आदर्श या उनसे जुड़ी हुई नहीं है।”

एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, “यह इतना आसान नहीं है! रेस्टोरेंट का बिजनेस ही जोखिम भरा होता है! इतने सारे लाइसेंस और रिश्वत, लेबर की समस्याएं, सफाई के सर्टिफिकेट वगैरह, जिन्हें कॉम्पिटिटर निशाना बना सकते हैं! मैं रोज़ रेस्टोरेंट बंद होते देखता हूं!”

‘भूत बनकर आऊंगा…’, सोनम वांगचुक के एक बयान से ऐसा क्या हुआ कि आधी रात पुलिस को लेना पड़ा बड़ा एक्शन?

Sonam Wangchuk Hospitalization: दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीती रात एक बड़ा एक्शन देखने को मिला। पिछले 20 दिनों से जारी आंदोलन के बीच शनिवार तड़के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट कर दिया। इसके बाद माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान में उन्होंने 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर एक ऐसी बात कही थी, जो आज जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के बाद लोगों के जेहन में दोबारा तैरने लगी है। आइए आपको बताते हैं कि सोनम वांगचुक ने पिछले दिनों क्या कहा था, आज की घटना से उसका क्या कनेक्शन है और क्या उनके इस बयान से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

’20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, वरना भूत बनकर आऊंगा…’

भूख हड़ताल के दौरान अपने समर्थकों और देश की जनता को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने अपनी शारीरिक स्थिति और आंदोलन के भविष्य को लेकर बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘मैं बाहर से भले ही कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे उम्मीद है आप लोग भी अंदर-बाहर दोनों तरफ से बहुत मजबूत होंगे। हमें यह मजबूती 20 जुलाई तक चाहिए, जब बहुत शांतिपूर्ण तरीके से संसद मार्च निकालेंगे। हम एक साथ चलेंगे और देश के मंदिर में अपनी प्रार्थना सुनाएंगे। आप सब चलेंगे हमारे साथ? वादा करते हैं ना? मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा। अगर नहीं आए और 20 जुलाई का प्रदर्शन सफल नहीं रहा तो मैं ‘भूत’ बनके आऊंगा।’

क्या वांगचुक के इस ‘संकल्प’ से डर गया प्रशासन?

सोनम वांगचुक का यह बयान केवल एक भावनात्मक अपील नहीं थी, बल्कि यह उनके अटूट संकल्प को दिखा रहा था। आज जब 21वें दिन पुलिस ने उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया, तो समर्थकों का कहना है कि प्रशासन कहीं न कहीं वांगचुक के इसी इरादे और 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ की तैयारी से घबरा गया था।

आंदोलन को बिखेरने की कोशिश?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने वांगचुक को इसलिए हटाया ताकि 20 जुलाई को होने वाले बड़े प्रदर्शन की धार को कमजोर किया जा सके।

वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस और डॉक्टरों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और वांगचुक की जान बचाने के लिए की गई है, क्योंकि 21 दिनों के अनशन के कारण उनके शरीर में पानी की बेहद कमी हो चुकी थी।

अस्पताल में शिफ्टिंग के बाद और मजबूत हुआ समर्थकों का इरादा

सोनम वांगचुक ने अपने बयान में जिस ‘मजबूती’ का जिक्र किया था, वह आज जंतर-मंतर पर साफ देखने को मिली। वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी आंदोलन थमा नहीं है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुद शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है।

कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि अगर वांगचुक अस्पताल में भी रहते हैं, तो भी 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च हर हाल में निकाला जाएगा और देश के लोकतंत्र के मंदिर संसद तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी।

रोहित शर्मा को फिर मिला जीवनदान, BCCI ने कहा लॉर्ड्स वनडे अंतिम नहीं

रोहित शर्मा ने एक बार फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली है। शुक्रवार से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और रविवार को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।

लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।

हालांकि असलियत 2 मैचों में ही पता लग गई।रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

माना जा रहा है कि आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है।गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

Priyanka Chopra: राजामौली ने शेयर किया ‘वाराणसी’ से प्रियंका चोपड़ा जोनस का धांसू लुक, कैप्शन हुआ वायरल

Priyanka Chopra: प्रियंका चोपड़ा जोनस अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘वाराणसी’ में दमदार अंदाज में नजर आने वाली हैं। ‘द ब्लफ’ स्टार इंडियन सिनेमा में अपनी वापसी के लिए ‘RRR’ के मशहूर डायरेक्टर एसएस राजामौली के साथ काम कर रही हैं और ‘एंटरटेनमेंट वीकली’ उनके किरदार की पहली तस्वीरें खास तौर पर शेयर कर रहा है।

राजामौली ने सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस की दो फोटोज शेयर की हैं। पहली फिल्म से है। इसमें प्रियंका ब्लैक आउटफिट में एक्शन मोड में दिख रही हैं। वहीं दूसरी फोटो में वह हंसती खिलखिलाती कैजुअल लुक में नजर आ रही हैं। फिल्ममेकर ने कैप्शन में लिखा- मुस्कुराए तो ग्रेस….ना मुस्कुराए तो आग- मंदाकिनी।

‘वाराणसी’ में वह मंदाकिनी का किरदार निभा रही हैं। यह एक “जबरदस्त किरदार है, जो मजबूत और यूनिक होने के साथ-साथ यादगार भी होने वाला है। ग्लोबल हिट फिल्म RRR के बाद राजामौली की यह पहली ओरिजिनल फिल्म है।

‘वाराणसी’ को एक “महाकाव्य जैसी एक्शन-एडवेंचर फिल्म” बताया जा रहा है, जिसकी कहानी हजारों साल के समय में फैली है। प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आज के दौर तक और कई महाद्वीपों से इसका कनेक्शन हैं। इसमें किरदार अंटार्कटिका, अफ्रीका और वाराणसी की यात्रा करते हैं।

फिल्म में लीड एक्टर ‘रुद्र’ का रोल महेश बाबू ने निभाया है, जो भगवान राम के किरदार में भी दिखेंगे। पृथ्वीराज सुकुमारन लीड विलेन ‘कुंभ’ के रोल में हैं। वह व्हीलचेयर पर नजर आते हैं। उनकी सोच “खतरनाक हद तक बेकाबू” है। चोपड़ा का किरदार ‘मंदाकिनी’ इन दोनों पुरुषों के बीच फंसी हुई है।

अपनी भव्य फ़िल्मों के लिए मशहूर राजामौली ने केन्या सरकार से मिली खास इजाजत के साथ, केन्या के मसाई मारा में असली जंगली जानवरों के बीच वाराणसी के सीन शूट किए हैं। हालांकि चोपड़ा ने अपने रोल के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं बताया है, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने पति निक और देवर केविन और जो के पॉडकास्ट “हे जोनास” में इस फ़िल्म के बारे में बात की।

एक्ट्रेस ने कहा कि “मैं पिछले लगभग 14 महीनों से इस पर काम कर रही हूं। लेकिन एस.एस. राजामौली फ़िल्में बनाने में इतना ही समय लेने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मुझे इस फ़िल्म के लिए बुलाया था, और यह दुनिया भर में और अलग-अलग समय-काल में होने वाला एक ज़बरदस्त एडवेंचर है। इसमें थोड़ा समय तो लगा है, लेकिन मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित हूं। मैंने इसमें कई शानदार स्लो-मोशन जंप किए हैं, इससे ज्यादा नहीं बात कर सकती।”

100 रुपये लेने से मना किया, Blinkit राइडर ने जो कहा उसे सुन MBA मैनेजर भी रह गईं दंग

कभी-कभी जिंदगी की बड़ी सीख किसी खास मौके या बड़ी जगह से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी घटनाओं से मिलती है। ऐसा ही एक अनुभव एक प्रोडक्ट मैनेजर के साथ हुआ, जब एक Blinkit डिलीवरी पार्टनर की सोच ने उन्हें हैरान कर दिया। एक सामान्य-सी डिलीवरी के दौरान हुई बातचीत ने मेहनत, जिम्मेदारी और सफलता को देखने का नजरिया बदल दिया। इस घटना ने यह दिखाया कि काम में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है।

जहां कॉर्पोरेट दुनिया में अप्रेजल और लक्ष्य अहम माने जाते हैं, वहीं एक डिलीवरी पार्टनर ने अपनी रेटिंग को ही अपनी मेहनत का पैमाना बना लिया। उनकी बातों ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा और कई यूजर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली प्रोफेशनलिज्म आखिर होता क्या है।

गलत पते पर पहुंचा ऑर्डर, फिर भी नहीं बदला रवैया

यह कहानी प्रोडक्ट मैनेजर मानसी शर्मा ने LinkedIn पर शेयर की। उन्होंने बताया कि एक दिन Blinkit से सामान मंगाते समय गलती से पुराना सेव किया हुआ पता चुन लिया। डिलीवरी पार्टनर ने कॉल कर बताया कि दिए गए पते पर कोई गेट नहीं खोल रहा है। गलती का पता चलने पर मानसी ने माफी मांगी और पूछा कि क्या डिलीवरी पार्टनर उनका सही पता ढूंढकर वहां सामान पहुंचा सकता है। नया पता करीब 3 किलोमीटर दूर था।

जब डिलीवरी बॉय ने दिखाई ‘एक्स्ट्रा माइल’ वाली सोच

आम तौर पर ऐसी स्थिति में कोई भी डिलीवरी रोक सकता था या नया ऑर्डर करने को कह सकता था। लेकिन इस डिलीवरी पार्टनर ने बिना किसी शिकायत के हां कर दी। वह 3 किलोमीटर दूर गया, सामान पहुंचाया और चेहरे पर मुस्कान के साथ डिलीवरी पूरी की।

100 रुपये का ऑफर भी ठुकराया

मानसी को लगा कि डिलीवरी पार्टनर को हुई परेशानी के लिए कुछ अतिरिक्त देना चाहिए। उन्होंने उसे 100 रुपये देने चाहे, लेकिन उसने विनम्रता से पैसे वापस कर दिए। इसके बाद उसने जो बात कही, उसने पूरी कहानी का नजरिया बदल दिया।

रेटिंग ही मेरी अप्रेजल है’

डिलीवरी पार्टनर ने कहा, “पिछले महीने मेरी रेटिंग 4.2 थी। जब मैं एक्स्ट्रा माइल जाता हूं तो यह 4.8 हो जाती है। यही मेरी अप्रेजल है।” उसकी यह सोच बताती है कि वह सिर्फ एक ऑर्डर पूरा नहीं कर रहा था, बल्कि अपनी रोज की मेहनत से अपने प्रदर्शन रिकॉर्ड को बेहतर बना रहा था।

MBA से ज्यादा असरदार निकली उसकी सोच

मानसी ने कहा कि उनके पास MBA की डिग्री है, लेकिन उस डिलीवरी पार्टनर ने परफॉर्मेंस और मोटिवेशन को जिस तरह समझा, वह कई मैनेजर्स के लिए भी सीखने वाली बात है। जहां कॉर्पोरेट कर्मचारियों की परफॉर्मेंस साल में एक-दो बार मापी जाती है, वहीं गिग वर्कर्स को हर ऑर्डर के साथ अपनी रेटिंग सुधारने का मौका मिलता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा ‘यही असली मैनेजमेंट है’

मानसी की पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने डिलीवरी पार्टनर की सोच और काम के प्रति लगन की तारीफ की। लोगों ने कहा कि बिना बड़ी डिग्री के भी कई लोग जिंदगी और काम की ऐसी समझ रखते हैं, जो किताबों से नहीं मिलती।

एक यूजर ने लिखा, “कुछ लोग डिग्री से ज्यादा बड़ी सीख दे जाते हैं।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि असली मोटिवेशन अक्सर टाइटल से नहीं, बल्कि उस चीज से आता है जो किसी व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करती है।

Video: गुरुग्राम पर महिला की अनोखी टिप्पणी वायरल, ‘अदरक’ वाली बात सुन नहीं रुकेगी हंसी

Video: गुरुग्राम पर महिला की अनोखी टिप्पणी वायरल, ‘अदरक’ वाली बात सुन नहीं रुकेगी हंसी

गुरुग्राम को देश के सबसे आधुनिक और तेजी से विकसित होते शहरों में गिना जाता है। ऊंची-ऊंची इमारतें, कॉर्पोरेट ऑफिस, लग्जरी सोसायटी और शानदार लाइफस्टाइल इसे लाखों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग नौकरी और बेहतर अवसरों की तलाश में यहां पहुंचते हैं। लेकिन शहर की चमक-दमक के पीछे कुछ ऐसी चुनौतियां भी हैं, जिनका सामना यहां रहने वाले लोग रोजाना करते हैं। ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें, बारिश के दौरान जलभराव और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

यही वजह है कि समय-समय पर सोशल मीडिया पर भी गुरुग्राम को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिलती है। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर ने शहर को लेकर ऐसा मजेदार और अनोखा उदाहरण दिया कि उसका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। उनकी तुलना ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि कमेंट सेक्शन में भी शहर को लेकर दिलचस्प बहस शुरू हो गई।

अदरक की तरह हर दिशा में फैल गया शहर’

वीडियो में साक्षी कहती हैं कि गुरुग्राम का नक्शा और विकास ऐसा लगता है, मानो शहर बिना किसी योजना के हर दिशा में फैल गया हो। उनके मुताबिक, बारिश होते ही हालात और बिगड़ जाते हैं। सड़कें पानी से भर जाती हैं, गड्ढों के कारण निकलना मुश्किल हो जाता है और लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अमीर पिता के बिगड़े बेटे का प्रोजेक्ट लगता है’

साक्षी ने शहर के विकास पर तंज कसते हुए कहा कि गुरुग्राम ऐसा महसूस होता है जैसे किसी बेहद अमीर व्यक्ति के बिगड़े बेटे ने अपनी पसंद से शहर बसाया हो। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि बिना सही प्लानिंग के सब कुछ इधर-उधर जोड़कर शहर खड़ा कर दिया गया।

रोज का सफर बना सबसे बड़ी परेशानी

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में रोजाना यात्रा करना बेहद थकाने वाला अनुभव है। खराब सड़कें, लंबा ट्रैफिक और लगातार चल रहे निर्माण कार्य लोगों की दिनचर्या को मुश्किल बना देते हैं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “अच्छी बात बस इतनी है कि यहां रहकर आपकी टॉलरेंस काफी बढ़ जाती है।”

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लोग के रिएक्शन

वीडियो पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि “गुरुग्राम अदरक की तरह हर जगह उग आया है” वाली तुलना शहर की सबसे सटीक तस्वीर पेश करती है। कुछ लोगों ने खराब सड़कों, धूल और स्ट्रीट लाइट की कमी का जिक्र किया, जबकि एक यूजर ने लिखा कि वह इस शहर में हमेशा के लिए फंस गया है। वहीं, बेंगलुरु के एक यूजर ने मजाक में कहा कि “एक बार बेंगलुरु आ जाओ, फिर गुरुग्राम अच्छा लगने लगेगा।”

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VIDEO: काजल बोली- मैं किडनैप नहीं, प्रेमी के साथ हूं.., हिन्दू रिवाज से कर ली शादी

यूपी के उरई में एक लड़की का वीडियो खूब वायरल हो रही है। लड़की का नाम काजल बताया जा रहा है। वीडियो में लड़की कह रही है कि मैं किडनैप नहीं, प्रेमी के साथ हूं। मैंने हिन्दू रिवाज से  शादी कर ली। दरअसल, इस लड़की के पिता ने पुलिस में किडनैप की शिकायत दर्ज करा रखी है। 

मेक्सिको में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा बढ़ा:10 लाख लोगों के लिए अलर्ट जारी, पड़ोसी देशों में भी महसूस हुए झटके

मेक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तट पर शुक्रवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद करीब 10 लाख लोगों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। अमेरिकी एजेंसी USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र मेक्सिको के प्यूर्टो मडेरो शहर के पास था। यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे आसपास के इलाकों में तेज झटकों की आशंका बढ़ गई है। US सुनामी वार्निंग सिस्टम ने इस क्षेत्र के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया है। 7.4 तीव्रता के भूकंप को ‘मेजर’ कैटेगरी में रखा जाता है, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं। भूकंप के झटके मेक्सिको के पड़ोसी देश ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस किए गए। फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। सोशल मीडिया पर भूकंप से जुड़ा यह वीडियो वायरल है… पिछले 30 दिनों में 22 भूकंप दर्ज भूकंप ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ में आया, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला करीब 40 हजार किलोमीटर लंबा घोड़े की नाल के आकार का इलाका है। यह दुनिया का सबसे एक्टिव भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। यहां दुनिया के करीब 75% सक्रिय और निष्क्रिय ज्वालामुखी हैं और लगभग 90% भूकंप इसी क्षेत्र में आते हैं। पिछले 30 दिनों में इस इलाके में 22 भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें शुक्रवार का 7.4 तीव्रता वाला भूकंप सबसे शक्तिशाली बताया जा रहा है। भूकंप के तुरंत बाद अधिकारियों ने कहा कि समुद्र में उठने वाली ऊंची और खतरनाक लहरें तटीय इलाकों में बाढ़ ला सकती हैं। लोगों से संभावित बाढ़, तेज समुद्री धाराओं और ऊंची लहरों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। हालांकि, अमेरिका के नेशनल सुनामी वार्निंग सेंटर ने साफ किया है कि अमेरिका के पश्चिमी तट, ब्रिटिश कोलंबिया और अलास्का के लिए सुनामी का कोई खतरा नहीं है। भूकंप क्यों आते हैं
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं।

टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

400 साल पुरानी, 3000 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप नरवर किले से चोरी, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह पर शक

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मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे नरवर किले से करीब 400 साल पुरानी एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई है। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद प्रशासन और पुरातत्व विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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रात के अंधेरे में बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम

जानकारी के मुताबिक, चोरी की घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अज्ञात बदमाश किसी बड़े वाहन से किले के पिछले हिस्से के रास्ते अंदर पहुंचे और वहां रखी भारी-भरकम तोप को वाहन में लादकर फरार हो गए। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अब चोरी के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

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प्राचीन वस्तु तस्करों पर पुलिस की नजर

 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तोप के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इस मामले में प्राचीन वस्तुओं की तस्करी करने वाले गिरोह की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।  पुलिस के मुताबिक पुलिस किले और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा वाहन की आवाजाही, संभावित रास्तों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

 

प्रशासन की लापरवाही उजागर

इस चोरी के बाद प्रशासनिक लापरवाही का मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले यह तोप अपने स्थान से गिर गई थी, लेकिन उसे दोबारा सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा गया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर चोरों ने इसे आसानी से चोरी कर लिया।

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नरवर किले में अब बचीं सिर्फ 13 ऐतिहासिक तोपें

राज्य पुरातत्व विभाग के उपनिदेशक ने कहा कि वह जल्द ही नरवर किले का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और पुलिस के साथ मिलकर चोरी हुई धरोहर को बरामद करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, नरवर किले में पहले कुल 14 ऐतिहासिक तोपें मौजूद थीं, लेकिन एक तोप चोरी होने के बाद अब यहां केवल 13 तोपें बची हैं।

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400 साल पुरानी विरासत पर बड़ा खतरा

नरवर किला मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां मौजूद प्राचीन हथियार और स्थापत्य कला इतिहास के गौरव को दर्शाते हैं। ऐसे में ऐतिहासिक तोप की चोरी ने प्रदेश में धरोहरों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।