सांप के डसने से मौत समझ रहे थे लोग, लेकिन जांच में सामने आई ऐसी साजिश जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया

मेरठ में एक स्कूल संचालक की मौत का मामला अब साधारण हादसे से कहीं आगे बढ़कर सनसनीखेज आपराधिक जांच का रूप ले चुका है। शुरुआती तौर पर इसे सांप के डसने से हुई मौत माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए दावों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पहली नजर में यह प्राकृतिक हादसा लगे और किसी को शक न हो। मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो सपेरों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का कहना है कि हत्या के लिए बेहद जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया और पूरी साजिश पहले से तैयार की गई थी। इस खुलासे के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

सांप के डसने की कहानी निकली हत्या की साजिश

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पहले जिस मौत को सामान्य सांप के डसने का मामला माना जा रहा था, वही अब एक चौंकाने वाली हत्या की जांच में बदल गई है। पुलिस का आरोप है कि 32 साल से स्कूल चला रहे अतुल कुमार पंवार की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई।

पत्नी और प्रेमी पर रची साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, अतुल की पत्नी दामिनी ने स्कूल में बस चालक के रूप में काम करने वाले तुषार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं, ताकि वह गहरी नींद में चला जाए।

करैत सांप बना कथित ‘मर्डर वेपन’

जांच में सामने आया कि अतुल के बेहोश होने के बाद बिस्तर पर एक बेहद जहरीला करैत सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इस साजिश में दो सपेरे सोनू और उदय कुमार की भी मदद ली गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे “Calculated, Cold, Cruel” बताते हुए हैरानी जताई। कुछ लोगों ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि कई ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत

पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। अदालत में पेश होने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।

सांप के डसने से मौत समझ रहे थे लोग, लेकिन जांच में सामने आई ऐसी साजिश जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया

मेरठ में एक स्कूल संचालक की मौत का मामला अब साधारण हादसे से कहीं आगे बढ़कर सनसनीखेज आपराधिक जांच का रूप ले चुका है। शुरुआती तौर पर इसे सांप के डसने से हुई मौत माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए दावों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पहली नजर में यह प्राकृतिक हादसा लगे और किसी को शक न हो। मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो सपेरों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का कहना है कि हत्या के लिए बेहद जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया और पूरी साजिश पहले से तैयार की गई थी। इस खुलासे के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

सांप के डसने की कहानी निकली हत्या की साजिश

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पहले जिस मौत को सामान्य सांप के डसने का मामला माना जा रहा था, वही अब एक चौंकाने वाली हत्या की जांच में बदल गई है। पुलिस का आरोप है कि 32 साल से स्कूल चला रहे अतुल कुमार पंवार की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई।

पत्नी और प्रेमी पर रची साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, अतुल की पत्नी दामिनी ने स्कूल में बस चालक के रूप में काम करने वाले तुषार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं, ताकि वह गहरी नींद में चला जाए।

करैत सांप बना कथित ‘मर्डर वेपन’

जांच में सामने आया कि अतुल के बेहोश होने के बाद बिस्तर पर एक बेहद जहरीला करैत सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इस साजिश में दो सपेरे सोनू और उदय कुमार की भी मदद ली गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे “Calculated, Cold, Cruel” बताते हुए हैरानी जताई। कुछ लोगों ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि कई ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत

पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। अदालत में पेश होने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।

‘अमीर दिखना पड़ता है महंगा’, बेंगलुरु के प्रोफेशनल ने बताया पैसे बचाने का अनोखा तरीका, वायरल हुआ पोस्ट

बेंगलुरु के एक प्रोफेशनल का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब चर्चा में है। पोस्ट में व्यक्ति ने बताया कि, साधारण लाइफस्टाइल अपनाकर और महंगे गैजेट्स व लग्जरी चीजों से दूरी बनाकर वह कई जगहों पर पैसे बचा लेते हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने iPhone और MacBook का इस्तेमाल छोड़ दिया और आज भी 10 साल पुरानी हैचबैक कार चलाते हैं। उनका मानना है कि अमीर दिखने की कोशिश कई बार लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ डाल देती है। उनकी ये सोच सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

अपनी लिंक्डइन पोस्ट में मीनांक मिन्नू ने बताया कि, वह जानबूझकर सादगी भरी लाइफस्टाइल अपनाते हैं। उनका कहना कि, ऐसा करने से उन्हें खरीदारी के दौरान बेहतर दाम पर सामान मिल जाता है। उन्होंने लिखा, “मैं हमेशा गरीब दिखने की कोशिश करता हूं। इससे मुझे मोलभाव करने में ज्यादा मुश्किल होती है।” मिन्नू ने बताया कि उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल में भी इसी सोच के मुताबिक बदलाव किए। उन्होंने कहा, “मैंने अपना iPhone बेच दिया और उसकी जगह Vivo फोन खरीद लिया। MacBook भी बेच दिया और ASUS का लैपटॉप ले लिया। आज भी मैं 10 साल पुरानी हैचबैक कार चलाता हूं, जो मुश्किल से E20 फ्यूल पर चलती है।”

ऐसा करना कोई मजबूरी नहीं

उन्होंने ये भी साफ किया कि ऐसा करना उनकी मजबूरी नहीं थी। उनके मुताबिक, “क्या मैं नई कार खरीद सकता हूं? बिल्कुल खरीद सकता हूं। लेकिन मेरी सोच ये है कि जैसे ही लोग आपको अमीर समझने लगते हैं, कई चीजें अपने आप महंगी हो जाती हैं।” मीनांक मिन्नू के मुताबिक, भारत में किसी व्यक्ति की बाहरी छवि कई बार उसके साथ होने वाले व्यवहार को प्रभावित करती है। उन्होंने अपनी बात समझाते हुए लिखा, “20 रुपये किलो मिलने वाले आलू 28 रुपये किलो हो जाते हैं। 500 रुपये का ट्रैफिक चालान किसी तरह 1,500 रुपये तक पहुंच जाता है। iPhone होने की वजह से 200 रुपये का मोबाइल कवर 700 रुपये में मिलता है। लोग आपसे उधार मांगने से भी बचते हैं, जिसे शायद कभी लौटाना ही न हो।”

अतिरिक्त खर्च से बचना है

मिन्नू ने आगे कहा, “लोग सिर्फ आपको देखकर राय नहीं बनाते, बल्कि उसी हिसाब से आपकी कीमत भी तय कर देते हैं।” उन्होंने ये भी बताया कि इसका मतलब सस्ते प्रोडक्ट खरीदना नहीं था। उन्होंने कहा, “दिलचस्प बात यह है कि मेरा Vivo फोन iPhone से भी महंगा है और मेरा ASUS लैपटॉप MacBook से ज्यादा कीमत का है। मेरा मकसद पैसे बचाने के लिए सस्ती चीजें खरीदना नहीं था, बल्कि ‘अमीर दिखने’ की वजह से लगने वाले अतिरिक्त खर्च से बचना था।”

उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में भारत में कारोबार करने के तरीके पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा, “भारत में बिजनेस कुछ इसी तरह चलता है।” आगे उन्होंने कहा, “भारत के कई बड़े और अमीर लोग स्टारबक्स जैसी जगहों पर नहीं, बल्कि पुराने कैफे में बैठकर करोड़ों की डील करते हैं। गुमनाम रहना भी एक बड़ी ताकत है। अपने काम से काम रखो, कम दिखावा करो, शांति से जियो और ‘ध्यान आकर्षित करने’ की कीमत किसी और को चुकाने दो।”

लोगों ने दिए रिएक्शन

सोशल मीडिया पर लिंक्डइन पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने पोस्ट की तारीफ करते हुए लिखा, “पोस्ट का आखिरी हिस्सा मुझे सबसे ज्यादा पसंद आया। कई बार जितना कम हम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं, उतने ही सच्चे अनुभव मिलते हैं। बहुत अच्छी सीख।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मैं अमीर दिखने से ज्यादा अमीर बनना पसंद करूंगा। सादगी ही सबसे बड़ी खूबसूरती है।”

वहीं एक यूजर ने लिखा, “MacBook ज्यादातर मामलों में Asus से बेहतर है। मैं अपनी जरूरत और काम के हिसाब से प्रोडक्ट खरीदता हूं। लोग मुझे अमीर समझें या गरीब, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” एक अन्य यूजर ने अपनी उलझन जाहिर करते हुए लिखा, “मुझे यह बात समझ नहीं आई, माफ कीजिए।”

‘काम नहीं छोड़ेंगे हम बिहारी ऐसे ही होते हैं…’, महीने की 80,000 कमाई…दिल का दौरा पड़ने के बाद भी 12 घंटे Uber चला रहा शख्स

IND vs ENG: रिटायरमेंट की खबरों के बीच कोच गंभीर से हंजी-माजक करते दिखे रोहित शर्मा, वायरल हो रहा ये वीडियो

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 से शुरू होगा। वहीं 3 मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। तीसरा मुकाबला जो भी जीतेगा सीरीज अपने नाम कर लेगा। वहीं तीसरे मुकाबले से पहले रोहित शर्मा और टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर लॉर्ड्स के मैदान पर हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आए। दोनों की बातचीत और मुस्कुराते हुए तस्वीरें सामने आने के बाद फैंस के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

एक साथ नजर आए गंभीर-रोहित

शनिवार 18 जुलाई को लॉर्ड्स में दोनों अलग ही अंदाज में नजर आए। रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को स्टेडियम की बालकनी में साथ बैठकर हंसी-मजाक करते देखा गया। इस दौरान बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक भी उनके साथ मौजूद थे और भारतीय टीम का माहौल काफी सकारात्मक दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं ये वीडियो ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों से रोहित शर्मा के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ रोहित का प्रदर्शन

इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में रोहित शर्मा अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। शुरुआती दो मैचों में उन्होंने 11 और 26 रन बनाए। कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भी वह अच्छी लय में नहीं दिखे और 47 गेंदों पर सिर्फ 26 रन ही बना सके। जिसके बाद से उनकी हाल की पारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर, युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत के लिए अपने पिछले तीन मुकाबलों में दो शतक लगाकर मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में टीम में रोहित की जगह और उनके भविष्य को लेकर चर्चा और दबाव दोनों बढ़ गए हैं।

रोहित ने किया था गंभीर का सपोर्ट

रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर जारी चर्चाओं के बीच PTI की एक रिपोर्ट में उनके और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने ही गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनने के लिए समर्थन दिया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान दोनों के रिश्तों में खटास आने की खबरें सामने आईं।

क्या लॉर्ड्स होगा रोहित का आखिरी वनडे?

इस बीच, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन सेलेक्शन कमेटी की भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं माना जा रहा है। वहीं इसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर अब अंतिम दौर में पहुंच सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है। वहींBCCI ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

Jennifer-William Marriage: विलियम इश्माएल के साथ शादी के बंधन में बंधी जेनिफर विंगेट, शादी की तस्वीरें आईं सामने

Jennifer Winget-William Ishmael Marriage: टीवी एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियां में हैं। टीवी एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट ने ब्रिटेन में एक निजी समारोह में बिजनेसमैन विलियम इश्माएल के साथ शादी कर ली है। जेनिफर ने अपनी शादी की जानकारी सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत वीडियो शेयर करके दी है। इस वीडियो में शादी के खास पलों की झलक देखने को मिली। जेनिफर ने पहली बार अपने पति को अपने फैंस से आधिकारिक तौर पर परिचित भी कराया है। शादी का खबर सामने के बाद से फैंस जेनिफर को लगातार बधाई दे रहे हैं।

18 जुलाई को जेनिफर विंगेट ने इंस्टाग्राम पर अपनी शादी का एक खास वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह व्हाइट कलर के ब्राइडल गाउन में बेहद खूबसूरत दिखीं और अपने पति विलियम इश्माएल के साथ नई जिंदगी की शुरुआत का जश्न मनाती नजर आईं।

जेनिफर पोस्ट कर दी जानकारी

वीडियो शेयर करते हुए जेनिफर ने कैप्शन में लिखा, “…और आखिरकार हमारे सितारे एक हो गए! विलियम इश्माएल” वहीं वीडियो में एक इमोशनल मैसेज भी शामिल था, जिसमें उन्होंने लिखा, “आधिकारिक तौर पर आप सभी को मेरे जीवनसाथी, मेरे पति विल से मिलवा रही हूं।” जेनिफर विंगेट ने पहली बार सोशल मीडिया पर अपने पति को आधिकारिक तौर पर अपने फैंस से मिलवाया। शादी के वीडियो में समारोह के कई भावुक और खूबसूरत पल शामिल थे। वीडियो में न्यूलीवेड कपल हाथों में हाथ डालकर वेडिंग चैपल से बाहर निकलता नजर आया, वहीं परिवार और दोस्तों ने उन पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर उनका स्वागत किया। इस कपल ने क्रिश्चियन रीति-रिवाज से शादी की है।

 

जेनिफर के लुक लोगों को आ रहा पसंद

शादी में जेनिफर विंगेट का ब्राइडल लुक भी लोगों को काफी पसंद आया। उन्होंने डिजाइनर कार्लियो का तैयार किया हुआ खास व्हाइट वेडिंग गाउन पहना था। स्ट्रैपलेस डिजाइन और स्वीटहार्ट नेकलाइन वाले इस गाउन पर मोतियों की बारीक कारीगरी और सुंदर धागों की कढ़ाई की गई थी। उनका ये सादगी भरा और खूबसूरत ब्राइडल अंदाज सोशल मीडिया पर लोगों का खूब ध्यान खींच रहा है। वहीं विलियम ब्लू कोर्ट-पैंट में नजर आ रहे हैं। शादी से पहले जेनिफर विंगेट की वेडिंग ड्रेस तैयार होने का एक बिहाइंड-द-सीन्स वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

क्या करते हैं विलियम

रिपोर्ट्स के अनुसार, विलियम इश्माएल सिंगापुर के एक बिजनेसमैन हैं। वह MHC डिजिटल ग्रुप में बिजनेस डेवलपमेंट और ट्रेडिंग के डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह अक्टूबर 2022 से इस कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं।

जेनिफर की दूसरी शादी है ये

टीवी एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट की ये दूसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने अभिनेता करण सिंह ग्रोवर से शादी की थी, लेकिन साल 2014 में दोनों अलग हो गए थे। जेनिफर टीवी के लोकप्रिय शो सरस्वतीचंद्र, बेहद और बेपनाह से घर-घर में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनकी शादी की खबर सामने आने के बाद फैंस और मनोरंजन जगत के कई सितारे सोशल मीडिया पर उन्हें नई जिंदगी के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।

‘काम नहीं छोड़ेंगे हम बिहारी ऐसे ही होते हैं…’, महीने की 80,000 कमाई…दिल का दौरा पड़ने के बाद भी 12 घंटे Uber चला रहा शख्स

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने दिल्ली के एक उबर ड्राइवर की ओर लोगों का ध्यान खींचा है, जिन्होंने आराम के बजाय अपने काम को चुना। हालांकि उन्हें किराए से हर महीने ₹80,000 की कमाई होती है, फिर भी हार्ट अटैक से उबरने के बाद भी वे घंटों तक गाड़ी चलाते हैं। वे यह साबित करने के लिए ऐसा करते हैं कि सेहत से जुड़ी इस मुश्किल ने उन्हें “बेकार” नहीं बना दिया है।

इस कहानी को कंटेंट क्रिएटर आस्था सेठ ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि राइड के दौरान हुई एक आम बातचीत उनके लिए सबसे यादगार मुलाकातों में से एक बन गई। सेठ के अनुसार, ड्राइवर बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है और पहले दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार की फ़ैक्ट्री में काम करता था। हालाँकि, पिछले साल हार्ट अटैक आने के बाद उसकी ज़िंदगी ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। उन्होंने बताया कि उसके रिश्तेदार का मानना ​​था कि वह अब शारीरिक रूप से मेहनत वाले काम करने में सक्षम नहीं है, इसलिए उन्होंने उसे फ़ैक्ट्री छोड़ने के लिए कह दिया।

उस बातचीत को याद करते हुए सेठ ने लिखा, “यह व्यक्ति बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। पहले वह दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार की फैक्ट्री में काम करता था और अच्छी कमाई करता था, लेकिन पिछले साल उसे दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद उसके रिश्तेदार ने उससे कहा कि अब वह किसी काम का नहीं रहा क्योंकि वह ताकत वाला कोई काम नहीं कर सकता, और उसे फैक्ट्री से निकाल दिया। लेकिन वह व्यक्ति यहीं नहीं रुका।”

उन्होंने आगे बताया कि ड्राइवर के पास नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पास एक रेजिडेंशियल सोसाइटी में दो फ्लैट हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹80 लाख है और जिनसे हर महीने लगभग ₹80,000 का किराया मिलता है। पास काम छोड़कर आराम करने और घर पर रहने का विकल्प था और अब भी है। लेकिन उन्होंने उबर ड्राइवर के तौर पर काम करना चुना है।”

पैसिव इनकम का एक पक्का ज़रिया होने के बावजूद, ड्राइवर सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक काम करते हैं और हर महीने अतिरिक्त 50,000 कमाते हैं। सेठ के अनुसार, उनके काम करने की वजह सिर्फ़ पैसों की ज़रूरत से कहीं ज़्यादा है। ये सिर्फ़ उन लोगों को यह दिखाने के लिए कि हार्ट अटैक की वजह से वे बेकार या किसी काम के नहीं हो गए हैं। उनकी 2 बेटियां हैं, जिनके लिए उन्होंने ये 2 फ्लैट बचाकर रखे हैं। बिहार में उनकी पुश्तैनी संपत्ति भी है। लेकिन फिर भी वे काम कर रहे हैं।”

Viral Video: ’74 लाख खर्च हुए, फिर भी…’ IIM से पढ़ाई करने के लिए युवक ने छोड़ी सरकारी नौकरी, कहानी हुई वायरल

भारत में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। वहीं एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत कम लोग इसे अपनी इच्छा से छोड़ने का फैसला करते हैं। इसी बीच एक युवक का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक युवक ने बेहतर भविष्य और नए अवसरों की तलाश में सरकारी नौकरी छोड़कर आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई करने का रास्ता चुना। उसके मुताबिक ये फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा और आगे चलकर अधिक बड़े मौके हासिल करने में मदद करेगा।

क्यों छोड़ी नौकरी

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में अमित सोनी ने बताया कि, आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी छोड़ने और पढ़ाई पूरी करने तक इस फैसले की कुल लागत करीब 74 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि ये रकम कैसे बनी, लेकिन उनका मुताबिक, उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह इसे अपने करियर के लिए सही मानते हैं। अमित सोनी पहले भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे

बताया पूरा खर्च

अमित सोनी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “करीब 74 लाख रुपये। सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला मेरे लिए इतना महंगा पड़ा। जिस दिन मुझे आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला मिला, उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि इस रकम में एमबीए की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी शामिल है और वह आय भी, जिसे उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के कारण हासिल नहीं किया।

 

सोनी के अनुसार, आईआईएम अहमदाबाद के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स (PGPX) की ट्यूशन फीस 37.10 लाख रुपये है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम पर करीब 4.5 लाख रुपये और पढ़ाई के दौरान रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्हें 9.80 लाख रुपये रिजाइन बॉन्ड के रूप में जमा करने पड़े।

20 लाख का हुआ नुकसान

इसके अलावा, सोनी ने सरकारी नौकरी छोड़ने से होने वाले ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई के दौरान एक साल तक नौकरी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन और अन्य नौकरी से मिलने वाले लाभों के रूप में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद सोनी का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ते समय उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था, सिर्फ अपने फैसले पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ विश्वास।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये फैसला सही था, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिल्कुल, यह पूरी तरह इसके लायक था।”

क्यों लिया ये फैसला

सोनी ने कहा कि वह अपने इस फैसले को केवल पैसों के नजरिए से नहीं देखते। उनके मुताबिक, कुछ फैसलों की असली कीमत रुपये में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव और भविष्य में होने वाले बदलाव से तय होती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “कुछ निवेश की कीमत लाखों रुपये से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप आगे चलकर क्या बनते हैं। यूनिफॉर्म से बोर्डरूम तक का यह सफर मेरे जीवन का दूसरा चैप्टर है।” इससे पहले एक इंस्टाग्राम वीडियो में भी उन्होंने बताया था कि सरकारी नौकरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई करने का फैसला उन्होंने आरामदायक जीवन नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए लिया था।

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वर्ल्ड कप फाइनल से पहले 19 साल पुरानी फोटो पर मेसी का पहला रिएक्शन आया सामने, जानें क्या कहा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हुए एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद अब सभी फैंस को फाइनल मुकाबले का काफी बेसब्री से इंतजार है, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। वहीं इस फाइनल से पहले एक तस्वीर, सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचाए हुए है। तस्वीर में लियोनल मेसी एक छोटे बच्चे को टब में नहलाते दिखाई दे रहे हैं। पहली नजर में यह एक सामान्य पारिवारिक तस्वीर जैसी लगती है, लेकिन इस वर्ल्ड कप में इस तस्वीर की काफी चर्चा है।

 19 साल पुरानी फोटो पर मेसी का पहला रिएक्शन

यह तस्वीर किसी निजी मुलाकात की नहीं, बल्कि साल 2007 में आयोजित एक चैरिटी फोटोशूट की है। उस समय लियोनल मेसी 20 साल के थे और एफसी बार्सिलोना के उभरते हुए सितारे माने जाते थे। दूसरी ओर टब में बैठा बच्चा करीब छह महीने का लामिन यामाल था, जिसे दुनिया तब बिल्कुल नहीं जानती थी। वहीं अपनी इस तस्वीर पर मेसी ने अब र्एक्शन दिया है। उन्होंने आगे कहा, “यमल अभी सिर्फ 19 साल का है। उसका पूरा करियर उसके सामने है और उसके पास इतिहास बनाने का शानदार मौका है। लेकिन हमारी टीम भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।”

2007 में हुआ था फोटो शूट

दिलचस्प बात यह है कि साल 2007 के उस मशहूर फोटोशूट में शामिल होने का मौका यमल के परिवार को एक लकी ड्रॉ के जरिए मिला था। उनकी मां ने बार्सिलोना के पास मटारो इलाके में आयोजित एक रैफल जीती थी, जिसके बाद परिवार इस चैरिटी फोटोशूट का हिस्सा बना। उसी फोटोशूट में छोटे से लामिन यमल की मुलाकात लियोनेल मेसी से हुई थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर बार्सिलोना का स्टार बनेगा और एक दिन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के सामने मैदान पर उतरता नजर आएगा।

अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने कहा कि यह वाकई बेहद हैरान करने वाली बात है कि 19 साल पहले UNICEF के एक फोटोशूट के दौरान उन्होंने नन्हे लामिन यमल को गोद में लेकर नहलाया था और अब दोनों 2026 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में एक-दूसरे के खिलाफ खेलने जा रहे हैं।

इस वर्ल्ड कप  में वायरल हुई तस्वीर

अर्जेंटीना के फाइनल में पहुंचने के बाद साल 2007 की वह पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो गई। इस तस्वीर में युवा मेसी छोटे से लामिन यमल के साथ नजर आ रहे हैं। करीब दो दशक पुरानी इस अनोखी मुलाकात की कहानी एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। यह तस्वीर साल 2007 की है, जब युवा लियोनेल मेसी बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी थे। उस समय उन्होंने स्थानीय अखबार ‘डायरियो स्पोर्ट’ और UNICEF के लिए एक चैरिटी फोटोशूट में हिस्सा लिया था। फोटोशूट के दौरान मेसी छोटे से लामिन यमल को नीले रंग के प्लास्टिक के टब में नहलाते हुए नजर आए थे। बाद में उन्होंने यमल को तौलिए में भी लपेटा था।

जब अमेरिकी फुटबॉल लीग (NFL) के दिग्गज खिलाड़ी टॉम ब्रैडी ने मेसी से इन तस्वीरों के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “वह तस्वीर सच में बेहद खास है। उस समय यमल एक छोटा बच्चा था और आज हम दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरने वाले हैं। यह वाकई कमाल की तस्वीर है।”

मेसी ने कही ये बात

मेसी ने कहा, “मैं लामिन यमल को शुभकामनाएं देता हूं। वह बार्सिलोना का खिलाड़ी है और शानदार फुटबॉल खेल रहा है। लेकिन स्पेन की टीम सिर्फ यमल पर निर्भर नहीं है, उसके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। हम फाइनल में अपना पूरा दम लगाएंगे और उन्हें कड़ी टक्कर देंगे।” उन्होंने आगे कहा, “यमल अभी सिर्फ 19 साल का है। उसका पूरा करियर उसके सामने है और उसके पास इतिहास बनाने का शानदार मौका है। लेकिन हमारी टीम भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।”

दिलचस्प बात यह है कि साल 2007 के उस मशहूर फोटोशूट में शामिल होने का मौका यमल के परिवार को एक लकी ड्रॉ के जरिए मिला था। उनकी मां ने बार्सिलोना के पास मटारो इलाके में आयोजित एक रैफल जीती थी, जिसके बाद परिवार इस चैरिटी फोटोशूट का हिस्सा बना। उसी फोटोशूट में छोटे से लामिन यमल की मुलाकात लियोनेल मेसी से हुई थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर बार्सिलोना का स्टार बनेगा और एक दिन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के सामने मैदान पर उतरता नजर आएगा।

ChatGPT से दिनभर करती थी बातचीत! महिला की हुई मौत, परिवार ने OpenAI पर लगाए गंभीर आरोप

अमेरिका में एक महिला की मौत के मामले में AI चैटबॉट को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। अलबामा की 29 साल की क्रिश्चियन फेथ मैडिसन के परिवार ने OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई लंबी बातचीत ने महिला की मानसिक परेशानियों को बढ़ाया और वह धीरे-धीरे इस तकनीक पर भावनात्मक रूप से निर्भर हो गईं।परिवार ने दावा किया है कि चैटबॉट ने उनकी चिंताओं और भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें बढ़ावा दिया।

इस मामले ने AI की भूमिका, सुरक्षा उपायों और मानसिक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करते समय तकनीकी कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। हालांकि, लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

ChatGPT पर लगाए गए ये आरोप

मुकदमे में दावा किया गया है कि चैटबॉट ने महिला के कुछ भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें मजबूत किया। परिवार का आरोप है कि ChatGPT ने खुद को एक भरोसेमंद साथी की तरह पेश किया और महिला को यह विश्वास दिलाया कि उसके जीवन का कोई विशेष आध्यात्मिक उद्देश्य है। परिवार का कहना है कि बातचीत के दौरान महिला की मानसिक स्थिति बिगड़ती गई और चैटबॉट ने उसे सही मदद लेने के लिए सही ढ़ंग से प्रोत्साहित नहीं किया।

2025 में हुई थी महिला की मौत

शिकायत के अनुसार, क्रिश्चियन फेथ मैडिसन की मौत 9 जून 2025 को अलबामा में इंटरस्टेट-22 पर ट्रैफिक के बीच आने से हुई। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई बातचीत इस दुखद घटना में एक अहम कारण बनी।  इस केस में OpenAI और उसके CEO सैम ऑल्टमैन का नाम भी शामिल किया गया है।

 AI कंपनियों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

यह मामला इस बात पर बड़ी बहस शुरू कर सकता है कि मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करने वाले AI सिस्टम की कानूनी जिम्मेदारी कितनी होनी चाहिए।महिला के परिवार के वकीलों का कहना है कि AI कंपनियों को ऐसे यूजर्स के लिए ज्यादा मजबूत सुरक्षा उपाय बनाने चाहिए, जो मानसिक परेशानी के संकेत दिखाते हैं।

OpenAI ने क्या कहा?

OpenAI ने अभी अदालत में अपना औपचारिक जवाब दाखिल नहीं किया है और लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। कंपनी पहले कह चुकी है कि वह संकट में मौजूद यूजर्स की पहचान करने और उन्हें भरोसेमंद लोगों या आपातकालीन सेवाओं से मदद लेने के लिए प्रेरित करने वाले सुरक्षा फीचर्स को बेहतर बना रही है।

AI और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही कानूनी चुनौतियां

यह मामला उन बढ़ती कानूनी चुनौतियों में शामिल हो गया है, जिनमें AI चैटबॉट्स की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों के फैसले भविष्य में AI सुरक्षा नियमों, कंपनियों की जिम्मेदारी और चैटबॉट डिजाइन के लिए नए मानक तय कर सकते हैं।

Zomato पर महिला कर्मचारी के गंभीर आरोप, वायरल पोस्ट ने कंपनी के वर्क कल्चर पर उठाए सवाल

Zomato पर महिला कर्मचारी के गंभीर आरोप, वायरल पोस्ट ने कंपनी के वर्क कल्चर पर उठाए सवाल

एक पूर्व कर्मचारी की LinkedIn पोस्ट ने Zomato से जुड़े एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज कर दी है। महिला ने अपनी पोस्ट में कंपनी में काम करने के दौरान कथित मानसिक दबाव और अनुचित व्यवहार का सामना करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नौकरी शुरू करने के बाद उनकी परेशानियां बढ़ती गईं और शिकायत करने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। महिला के अनुसार, उन्होंने अपनी बात कंपनी के आंतरिक शिकायत तंत्र और अधिकारियों तक पहुंचाई, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, शिकायतों के समाधान और पारदर्शी जांच की जरूरत पर सवाल उठाए।

महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खबर लिखे जाने तक Zomato की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

स्वास्थ्य बिगड़ा, फिर भी नहीं मिली राहत!

महिला के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2026 में कंपनी जॉइन की थी। कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर हाई ब्लड प्रेशर (210/119) होने की जानकारी दी। उन्होंने कुछ समय के लिए घर से काम (Work From Home) की अनुमति मांगी, लेकिन दावा है कि उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की गई। उन्होंने बताया कि नौकरी जारी रखने के लिए उन्हें अपने खर्च पर ऑफिस के पास घर बदलना पड़ा।

टीम लीड पर लगाए मानसिक उत्पीड़न के आरोप

पूर्व कर्मचारी का कहना है कि उन्हें अपने टीम लीड की ओर से लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस बारे में कंपनी के अंदर शिकायत भी की, जिसके बाद स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सुबह की शिफ्ट दी गई। हालांकि, उनका आरोप है कि इसके बाद भी उनके साथ अलग व्यवहार किया गया और बार-बार छुट्टी लेने के लिए कहा जाता रहा।

शिकायत के बाद नौकरी चली गई?

महिला ने आरोप लगाया कि 29 जून 2026 को उन्होंने अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण वर्क फ्रॉम होम की मांग की थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। उसी दिन उन्होंने अपने टीम लीड पर अनुचित शारीरिक व्यवहार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।

उनका दावा है कि शिकायत के तुरंत बाद उन्हें मीटिंग में बुलाकर नौकरी से निकालने की जानकारी दे दी गई। कुछ ही मिनटों में उनका लैपटॉप, ईमेल और स्लैक एक्सेस बंद कर दिया गया और बिना किसी औपचारिक दस्तावेज के ऑफिस छोड़ने को कहा गया।

न्याय चाहिए, सहानुभूति नहीं

महिला ने कहा कि उन्होंने कंपनी के Speak Up सिस्टम, HR और वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि उन्हें अब तक रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस लेटर नहीं दिया गया, जिससे नई नौकरी पाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने लिखा कि उनका परिवार आर्थिक रूप से उन पर निर्भर है और उन्हें सिर्फ निष्पक्ष जांच, सम्मान और न्याय चाहिए। उनका दावा है कि उनके पास अपने आरोपों से जुड़े दस्तावेज और बातचीत के रिकॉर्ड भी मौजूद हैं।

सोशल मीडिया पर उठे कई सवाल

LinkedIn पर पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने महिला के समर्थन में टिप्पणियां कीं। कुछ लोगों ने वर्क फ्रॉम ऑफिस नीति पर सवाल उठाए, तो कई ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होनी चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स ने रोजगार से जुड़े दस्तावेज समय पर जारी न किए जाने को भी गंभीर मुद्दा बताया।

कंपनी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं

खबर लिखे जाने तक Zomato की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल महिला के सभी आरोप दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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