Jana Nayagan: तमिलनाडु में विजय की ‘जना नायकन’ को लेकर लोग हुए क्रेजी, हाउसफुल चल रहे शोज

Jana Nayagan: चेन्नई में गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ की फिल्म ‘जना नायकन’ का ‘पहला शो’ देखने के लिए एक्साइटेज फैंस और TVK के जोशीले कार्यकर्ता सिनेमाघरों में उमड़ पड़े और उन्होंने इस विदाई फिल्म का जश्न अलग-अलग तरीकों से मनाया।

कई सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान आतिशबाजी, म्यूजिक, ड्रोन लाइट शो और बड़े केक काटे गए। जोश से भरे फैंस नाच-गा रहे थे और कई लोगों ने कहा कि वे खुश भी हैं और दुखी भी। खुश इसलिए क्योंकि फिल्म काफी देरी के बाद रिलीज हो रही है और दुखी इसलिए क्योंकि ‘जन नायकन’ विजय की आखिरी फिल्म होगी।

रोहिणी सिल्वरस्क्रीन, वुडलैंड्स और कैसीनो जैसे सिनेमाघरों में ‘जना नायकन’ के बड़े-बड़े होर्डिंग देखे जा सकते थे। चेन्नई में लगे एक होर्डिंग में विजय को तमिलनाडु का “एकमात्र पावर सेंटर” बताया गया। इसके अलावा, पूरे राज्य में विजय की “शान” की तारीफ करते हुए दीवार पर पोस्टर लगाए गए और उनके कई फैंस और समर्थकों ने फिल्म की जबरदस्त सफलता के लिए प्रार्थना करने के लिए मशहूर मंदिरों का दौरा किया।

चेन्नई के पास एक शहर में फिल्म के स्वागत के लिए रथ जैसा वाहन तैयार किया गया था और एक फैन ने अपनी लग्ज़री कार पर विजय की बड़ी-बड़ी तस्वीरें बनवाकर सबका ध्यान खींचा। कई फैंस ‘थंगमे थलापति’ लिखी टी-शर्ट पहने हुए थे। जश्न के साथ-साथ टिकट की ज़्यादा कीमत के आरोप भी सामने आए और टिकट के दाम बढ़ने को लेकर बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

उम्मीद है कि सीनियर मिनिस्टर एन. आनंद और प्रोड्यूसर वेंकट नारायण शहर में यह फिल्म देखेंगे। फैंस अपने पसंदीदा स्टार विजय का ज़बरदस्त अंदाज़ और तीखे डायलॉग देखने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, जिसमें वे अच्छी राजनीति के ज़रिए अच्छा शासन देने और देश की सेवा करने की बात करते हैं।

यह फिल्म तमिलनाडु के 1,000 से ज़्यादा सिनेमाघरों में से लगभग 950 में दिखाई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार शाम को कुछ अधिकारियों के साथ यहां फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग देखी।

बेंगलुरु के इस कैफे में लैपटॉप खोलकर बैठना पड़ेगा महंगा! 99 रुपये प्रति घंटे लगेगा वर्कस्पेस चार्ज

बेंगलुरु के एक कैफे का नोटिस इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कैफे में लगे नोटिस में लिखा है कि कि अगर कोई कस्टमर्स उस जगह को ऑफिस या वर्कस्पेस की तरह इस्तेमाल करता है, तो उससे 99 रुपये प्रति घंटे का शुल्क लिया जाएगा। इस फैसले को लेकर लिंक्डइन पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ लोग कैफे के फैसले को सही बता रहे हैं, वहीं कई लोगों के मुताबिक इससे असली समस्या का समाधान नहीं होगा। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

बेंगलुरु के कार्तिक सुरोजू ने इंदिरानगर के एक कैफे में लगे नोटिस की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। नोटिस में लिखा था, “वर्कस्पेस रेंटल चार्ज: 99 रुपये प्रति घंटा।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरोजू ने कहा कि ये नियम उन ग्राहकों को ही दूर कर सकता है, जिनके लिए ऐसी जगहें अक्सर आकर्षण का केंद्र होती हैं।

कैफे ने किया चॉर्ज

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “वहां कोई भी बैठकर काम नहीं कर रहा था। एक भी व्यक्ति नहीं था।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि यह साइन उस समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रहा है, जो असली समस्या ही नहीं है। यह सही है कि कैफे में कोई एक कॉफी लेकर पांच घंटे तक नहीं बैठ सकता, लेकिन इस तरह के चार्ज वाला बोर्ड लगाने से ग्राहक आने के बजाय दूर हो सकते हैं।”

कैफे के रिव्यू है अच्छे

इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स का मानना था कि कैफे ने ये नियम इसलिए बनाया जिससे कस्टमर लंबे समय तक एक ही टेबल पर बैठकर उसे ऑफिस की तरह इस्तेमाल न करें और दूसरे ग्राहकों के लिए भी जगह उपलब्ध रहे। एक यूजर ने कमेंट किया, “हो सकता है कैफे यही चाहता हो। शायद वे नहीं चाहते कि लोग 150 रुपये की एक कॉफी लेकर घंटों तक टेबल घेरकर बैठे रहें।” इस पर कार्तिक सुरोजू ने जवाब देते हुए कहा, “हो सकता है।” उन्होंने ये भी बताया कि कैफे के रिव्यू अच्छे हैं और वहां का खाना-पीना भी पसंद किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह दोबारा कैफे जाकर मालिक से इस नियम के पीछे की वजह जानने की कोशिश करेंगे।

2-3 घंटे तक करते हैं काम

वहीं कई लोगों ने कैफे के इस फैसले का खुलकर सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा, “मैं इस कैफे के फैसले के पूरी तरह समर्थन में हूं। मेरे पसंदीदा कैफे में कई बार ऐसा हुआ कि कुछ लोगों ने पूरी टेबल को अपना वर्कस्टेशन बना लिया, जिसकी वजह से खाना खाने आए ग्राहकों के लिए बहुत कम सीटें बचती हैं।” कार्तिक सुरोजू ने कहा कि कैफे में बैठकर काम करने वाले सभी लोग परेशानी नहीं बनते। उन्होंने लिखा, “ज्यादातर लोग 2-3 घंटे तक काम करते हैं और इस दौरान इतना ऑर्डर भी करते हैं कि उनका वहां बैठना उचित लगता है। असली दिक्कत उन लोगों से होती है, जो पूरे दिन सिर्फ एक कॉफी लेकर बैठे रहते हैं।” उनके मुताबिक, कई छोटे कैफे ऐसे ग्राहकों को कुछ कहने से भी बचते हैं, क्योंकि उन्हें खराब रिव्यू या अपनी छवि पर असर पड़ने का डर रहता है।

कुछ यूजर्स के मुताबिक, इस समस्या का समाधान प्रति घंटे शुल्क लेने के बजाय साफ नियम बनाकर किया जा सकता है। एक यूजर ने लिखा, “अगर असली परेशानी यह है कि कुछ लोग कम ऑर्डर देकर घंटों तक टेबल घेरकर बैठे रहते हैं, जिससे नए ग्राहकों को जगह नहीं मिलती, तो नोटिस में सीधे उसी व्यवहार का जिक्र होना चाहिए।”

सच कहूं दिल टूट गया, मुझे बलि का बकरा बना दिया; विजेता दहिया का छलका दर्द

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच बर्गर खाने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया। इस पर दहिया का दर्द छलका है। उन्होंने कहा कि सच कहूं तो दिल टूट गया है।

Viral Post: ‘सर्जरी के लिए नहीं थे पैसे… फिर मालिक ने चुकाए 4.25 लाख रुपये’ सोशल मीडिया पर छाई ये कहानी

Viral Post: सोशल मीडिया पर एक कार्डियक सर्जन की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में सर्जन ने बताया कि एक कंपनी के मालिक ने अपने कई सालों से साथ काम कर रहे ड्राइवर की बाईपास सर्जरी का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया। सोशल मीडिया पर इस इंसानियत भरे कदम की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। वहीं कुछ इसे अपने कर्मचारियों के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की मिसाल बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ये पोस्ट कार्डियक सर्जन डॉ. प्रशांत मिश्रा ने शेयर किया है। उन्होंने बताया कि एक मरीज के मालिक ने अपने कर्मचारी को सिर्फ काम करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार जैसा मानते हुए उसके इलाज की जिम्मेदारी उठाई।

बाईपास सर्जरी के लिए आया ड्राइवर

डॉ. प्रशांत मिश्रा ने बताया कि उनके पास एक ड्राइवर बाईपास सर्जरी के लिए आया था। प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन का खर्च करीब 4.25 लाख रुपये होने की वजह से उन्होंने मरीज को सलाह दी कि अगर चाहें तो बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं, जहां सरकारी ल्थकेयर स्कीम के तहत ये सर्जरी बिना खर्च के हो सकती है। लेकिन उसी दिन शाम को मरीज के बेटे ने डॉक्टर से दोबारा बात की और आग्रह किया कि ऑपरेशन निजी अस्पताल में ही किया जाए।

सफल रही बाईपास सर्जरी

मरीज के बेटे ने डॉक्टर से कहा, “डॉक्टर साहब, हम चाहते हैं कि पिताजी की बाईपास सर्जरी थुंगा हॉस्पिटल में ही हो। कृपया जितना हो सके खर्च कम कराने में हमारी मदद करें।” इस पर डॉ. प्रशांत मिश्रा ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इलाज का खर्च कम कराने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश करेंगे। अगले ही दिन मरीज के एम्प्लॉयर ने RTGS के जरिए सर्जरी के लिए जरूरी रकम सीधे अस्पताल के खाते में भेज दी, जिससे बिना किसी देरी के ऑपरेशन हो सका। सर्जरी सफल रहने के बाद डॉ. प्रशांत मिश्रा ने एम्प्लॉयर को फोन कर जानकारी दी और कहा, “आपके सहयोग के लिए धन्यवाद। मिस्टर शुक्ला की बाईपास सर्जरी सफल रही है।”

हैरान रह गए डॉक्टर

एम्प्लॉयर की बात सुनकर डॉ. प्रशांत मिश्रा हैरान रह गए। उन्होंने कहा, “मेरे कलीग की इतनी अच्छी देखभाल करने के लिए धन्यवाद, डॉक्टर।” इस पर डॉक्टर ने पूछा, “कलीग? लेकिन उन्होंने तो बताया था कि वह आपके ड्राइवर हैं।”

जवाब में एम्प्लॉयर ने कहा, “वह पिछले 15 साल से मेरे साथ काम कर रहे हैं। मैं उन्हें सिर्फ अपना ड्राइवर नहीं मानता। मैं अपना काम करता हूं और वह अपना काम करते हैं। हमारे काम अलग हो सकते हैं, लेकिन हम एक ही टीम का हिस्सा हैं, इसलिए वह मेरे सहयोगी हैं।” डॉ. मिश्रा ने कहा कि एम्प्लॉयर की यह सोच और अपने कर्मचारी के प्रति सम्मान देखकर वह काफी प्रभावित हुए।

नौकर ना समझे

इस घटना को शेयर करते हुए डॉ. प्रशांत मिश्रा ने कहा कि घरों और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों, घरेलू सहायकों और सपोर्ट स्टाफ का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, “अपने घर या कार्यस्थल पर काम करने वाले लोगों को कभी सिर्फ नौकर या कर्मचारी समझकर न देखें। वे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और उतने ही सम्मान और आदर के हकदार हैं, जितने कोई और।”

पोस्ट पर लोगों ने किए कमेंट

ये कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और बड़ी संख्या में लोगों ने एम्प्लॉयर की सोच और अपने कर्मचारी के प्रति सम्मान की जमकर सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “बिल्कुल सही डॉक्टर, हमारे समाज में आज भी कई लोग हर काम की बराबर इज्जत करना नहीं सीख पाए हैं।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “थोड़ा सम्मान, धन्यवाद और इंसानियत किसी की जिंदगी बदल सकती है।” एक अन्य यूजर ने अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अपने घरेलू काम करने वालों के लिए SIP शुरू की है, ताकि कई साल बाद उनके काम छोड़ने पर उन्हें रिटायरमेंट की तरह एक अच्छी रकम दी जा सके।

CJP Protest: NEET में ऑल इंडिया रैंक 2 लाने वाले पांशुल बंसल ने बताया क्यों नहीं गए जंतर-मंतर

NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा में 99.9999 पर्सेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल करने वाले दिल्ली के छात्र पंशुल बंसल इन दिनों अपनी शानदार सफलता के साथ-साथ अपनी सोच को लेकर भी चर्चा में हैं। पेपर रद्द होने के बाद जहां देशभर में कई छात्र विरोध-प्रदर्शनों में शामिल हुए, वहीं पंशुल ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा और अतिरिक्त मिले समय को खुद को बेहतर बनाने का अवसर माना। शुरुआत में परीक्षा रद्द होने से उन्हें निराशा जरूर हुई, लेकिन उन्होंने जल्द ही नकारात्मक सोच छोड़कर दोबारा तैयारी शुरू कर दी।

पंशुल का मानना है कि जिन परिस्थितियों पर हमारा नियंत्रण नहीं होता, उन पर समय और ऊर्जा खर्च करने के बजाय अपने लक्ष्य पर फोकस करना ज्यादा जरूरी है। उनकी यही सकारात्मक सोच और अनुशासित तैयारी उन्हें देश के शीर्ष रैंक हासिल करने वाले छात्रों में शामिल करने में सफल रही।

प्रदर्शन करने से बेहतर लगा घर पर पढ़ना

परिणाम घोषित होने के बाद पंशुल ने कहा कि उन्होंने खुद से सवाल किया कि आखिर प्रदर्शन में जाने से उन्हें क्या मिलेगा। उन्होंने कहा कि, “मैंने सोचा कि विरोध-प्रदर्शन में जाने के बजाय घर पर पढ़ाई करूं, अपनी क्षमता बढ़ाऊं और बेहतर स्कोर हासिल करने की कोशिश करूं।”

पहले 706 अंक, दोबारा परीक्षा में पहुंचे 715 तक

नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित केआर मंगलम वर्ल्ड स्कूल के छात्र पंशुल ने दोबारा हुई परीक्षा में 715 अंक हासिल किए। उन्होंने बताया कि पहली परीक्षा में उनके लगभग 706 अंक आने की संभावना थी, लेकिन अतिरिक्त तैयारी के समय का सही उपयोग कर उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया।

क्या था पूरा मामला?

NEET UG 2026 की पहली परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। लेकिन 12 मई को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इस मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित हुई और 16 जुलाई को संशोधित परिणाम घोषित किए गए।

नहीं बदली पढ़ाई की दिनचर्या

कई छात्रों ने दोबारा परीक्षा के लिए अपनी रणनीति बदली, लेकिन पंशुल ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी रोज की पढ़ाई का शेड्यूल बिल्कुल नहीं बदला। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं किया। पिछले डेढ़ महीने में सिर्फ अपना बेहतर देने की कोशिश की और बाकी भगवान पर छोड़ दिया।”

नकारात्मक सोच से दूरी बनाकर रखा फोकस

पंशुल ने स्वीकार किया कि पहली परीक्षा अच्छी होने के बाद उनके मन में यह सवाल जरूर आया कि आखिर परीक्षा रद्द क्यों की गई। लेकिन उन्होंने इस सोच में उलझने के बजाय अपने मुख्य लक्ष्य सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने कहा कि अगर वह नकारात्मकता में फंस जाते, तो उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती थी। इसलिए उन्होंने हर तरह की चिंता छोड़कर सिर्फ पढ़ाई पर फोकस किया।

प्रदर्शनों पर टिप्पणी करने से किया इनकार

देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। हालांकि, जब पंशुल से इन प्रदर्शनों पर राय मांगी गई तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा, “मैं इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।”

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VIDEO: ‘आज शायद यमराज की छुट्टी थी’ खाई के किनारे चट्टान से टकराई बाइक, देखें रोंगटे खड़े कर देने वाला ये वीडियो

बारिश के मौसम में सड़कें काफी फिसलन भरी हो जाती हैं, जिसकी वजह से हादसे होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से प्रशासन लगातार लोगों से सावधानी के साथ और धीमी रफ्तार में वाहन चलाने की अपील करता है। वहीं इसी बीच सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल का एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बारिश के दौरान तेज रफ्तार में बाइक चला रहा एक युवक मोड़ पर अपना बैलेंस खो देता है और सड़क किनारे चट्टान से टकरा जाता है। गनीमत रही कि सड़क के पास गहरी खाई होने के बावजूद उसकी जान बच गई। इस घटना के बाद लोग बारिश में सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दे रहे हैं।

वायरल हो रहा वीडियो

ये घटना पश्चिम बंगाल के कुर्सियांग व्यू पॉइंट की बताई है। ये जगह सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग के बीच स्थित एक लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेस है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक बाइक सवार रेनकोट पहनकर बारिश से भीगी सड़क पर तेज रफ्तार में बाइक चलाता नजर आता है। इसी दौरान वह चलते-चलते पीछे की ओर भी देखता है, जिससे उसका ध्यान सड़क से हट जाता है। कुछ ही देर बाद बाइक सवार सड़क के किनारे खाई की तरफ बढ़ने लगता है। ये देखकर वीडियो बना रहा व्यक्ति उसे जोर से आवाज देकर सावधान करता है।

काफी तेज थी चक्कर

इसके बाद मोड़ पर बाइक का बैलैंस बिगड़ जाता है और वह सड़क किनारे मौजूद एक चट्टान से जाकर टकरा जाती है। सड़क के ठीक पास गहरी खाई होने की वजह से ये हादसा बेहद खतरनाक साबित हो सकता था। अगर समय रहते बाइक नहीं रुकती तो बड़ा हादसा हो सकता था। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार का एक जूता दूर जाकर गिर गया। इसके बाद उसने किसी तरह बाइक को संभालने की कोशिश की, लेकिन बैलैंस बिगड़ने से वह सड़क के दूसरी ओर घास पर गिर पड़ा और उसकी मोटरसाइकिल भी वहीं गिर गई।

 

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उसी समय पीछे आ रहा एक अन्य बाइक सवार तुरंत उसकी मदद के लिए पहुंच गया। फिलहाल इस हादसे में बाइक सवार को कितनी चोट आई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वीडियो पर लिखा था, “आज शायद यमराज का दिन छुट्टी का था।” वहीं पोस्ट के कैप्शन में राइडर ने लिखा, “सेफ ड्राइव सेव लाइफ।”

यूजर ने किया कमेंट

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की रिएक्शन दे रहे हैं। कई यूजर्स ने बारिश के मौसम में सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी, जबकि कुछ ने इस घटना पर मजाकिया अंदाज में भी कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा, “गलती पूरी तरह राइडर की थी। आगे मोड़ होने के बावजूद वह दूसरी तरफ देख रहा था। भाई, जिम्मेदारी से बाइक चलाओ।” दूसरे यूजर ने कहा, “तुम्हारे दोस्त ने तुम्हें दूसरी जिंदगी दे दी।” वहीं एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा, “यमराज का मिस्ड कॉल था, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।”

VIDEO: ‘मेरी सैलरी बताने लायक नहीं’ वेंडर की महीने की 1.5 लाख कमाई सुन हैरान रह गई कंटेंट क्रिएटर

सोशल मीडिया पर एक स्ट्रीट फूड बेचने वाले का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्ट्रीट फूड बेचने के महीने की कमाई जानकर हर कोई हैरान है। एक कंटेंट क्रिएटर ने जब वेंडर से उसकी महीने की इनकम के बारे में पूछा, तो जवाब सुनकर वह खुद भी हैरान रह गई। सड़क किनारे मैगी और छोले-कुलचे बेचने वाले इस शख्स ने दावा किया कि वह हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये कमाता है। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और छोटे कारोबार से होने वाली कमाई को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई।

इंस्टाग्राम पर ये वीडियो कंटेंट क्रिएटर कोमल नेगी ने शेयर किया है। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “रेहड़ी लगाने से क्या हो जाएगा? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो यह वीडियो देखने के बाद अपनी सोच जरूर बदलें।”

महीने में लाखों कमाता है ये वेंडर

वीडियो में कंटेंट क्रिएटर कोमल नेगी एक सड़क किनारे लगे फूड स्टॉल पर पहुंचती हैं, जहां एक व्यक्ति मैगी और छोले-कुलचे बेचता है। बातचीत के दौरान जब वह उससे उसकी महीने की इनकम के बारे में पूछती हैं, तो दुकानदार बताता है कि वह हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये की कमाई कर लेता है। उसका जवाब सुनकर कंटेंट क्रिएटर भी हैरान रह जाती हैं। वेंडर की कमाई सुनकर कोमल नेगी जोर से हंस पड़ती हैं और कहती हैं, “अब मेरी सैलरी बताने लायक ही नहीं है।” दोनों के बीच हुई ये छोटी-सी बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।

 

लोगों ने किया कमेंट

वीडियो पर लोगों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “क्या वह मुझे नौकरी पर रखेगा?” वहीं दूसरे ने कहा, “न इनकम टैक्स, न किराया।”एक कमेंट में लिखा गया, “कोई भी काम छोटा नहीं होता। शुरुआत में मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है, लेकिन बाद में सब ठीक हो जाता है। ठेला लगाने में शर्म की कोई बात नहीं है। आज के समय में सबसे जरूरी चीज कमाई है।” एक अन्य यूजर ने वेंडर की सोने जैसी दिखने वाली चेन की ओर इशारा करते हुए लिखा, “चेन दिख रही है, ब्रो।” एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “यह सच है कि सड़क किनारे ठेला लगाने वाले जितने गरीब दिखते हैं, उतने होते नहीं हैं।” लोग इस वीडियो को काफी शेयर भी कर रहे हैं।

Viral Video: ‘पुल से नीचे फेंकी कांच की बोतल चलती कार पर गिरी’ लोनावला में लापरवाही का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक शख्स की लापरवाही का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति पुल के ऊपर से कांच की शराब की बोतल सड़क पर फेंकता हुआ दिखाई देता है। कांच की शराब की बोतल नीचे एक चलती कार पर जाकर गिरती है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से लोगों ने व्यक्तिन की हरकत की कड़ी आलोचना की है। वहीं कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “यह घटना लोनावला की है। अच्छी बात यह रही कि इस वजह से कोई हादसा नहीं हुआ और न ही किसी को चोट आई। कृपया इस तरह की लापरवाही न करें। सुरक्षित रहें।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

ये घटना लोनावला के पास हुई बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अपनी कार से कांच की शराब की बोतल निकालकर बिना आसपास की परवाह किए उसे पुल से नीचे फेंक देता है। कुछ ही पल बाद वह बोतल नीचे से गुजर रही एक चलती कार की छत पर जा गिरी। इस घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में जब पुल पर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बताया कि उसकी फेंकी हुई कांच की बोतल नीचे जा रही एक कार पर गिर गई है, तो उसने सफाई देते हुए कहा कि उसे लगा था सड़क खाली है। इसके बाद वह पुल से नीचे झांककर ये देखने की कोशिश करता नजर आया कि बोतल आखिर कहां गिरी।

 

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किसी को नहीं लगी चोट

इस घटना में किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। कई यूजर्स के मुताबिक, अगर कांच की बोतल किसी बाइक सवार या पैदल जा रहे व्यक्ति पर गिरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने इस हरकत को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इस वीडियो पर लोगों ने काफी रिएक्शन दे रहे हैं।

लोगों ने दिया रिएक्शन

वीडियो पर लोगों ने जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। अगर उसी समय वहां से कोई बाइक सवार गुजर रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों को समझना चाहिए कि सड़कें उनका निजी कूड़ेदान नहीं हैं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “अच्छी बात है कि बोतल किसी दोपहिया वाहन पर नहीं गिरी। अगर ऐसा होता, तो गंभीर चोट लग सकती थी। इस तरह कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

एक अन्य यूजर ने सवाल किया, “क्या अधिकारियों ने उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की? अगर नहीं, तो दूसरों के लिए उदाहरण पेश करने के लिए उसे सजा मिलनी चाहिए।” एक और शख्स ने टिप्पणी की, “कभी-कभी उम्र नहीं, बल्कि गलत हरकत देखनी चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त सबक मिलना जरूरी है।”

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पाकिस्तान की इस साइकिल एंबुलेंस का उड़ाया जा रहा मजाक लेकिन इसके पीछे की असली वजह जानकर बदल जाएगी राय

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर वीडियो की कहानी वैसी नहीं होती, जैसी पहली नजर में दिखाई देती है। इन दिनों पाकिस्तान के कराची से सामने आया एक वीडियो इंटरनेट पर खूब चर्चा बटोर रहा है, जिसमें एक साइकिल एंबुलेंस सड़क पर दौड़ती नजर आती है। वीडियो देखते ही कई लोगों ने इसे आधुनिक मेडिकल तकनीकों से जोड़कर मजाक बनाना शुरू कर दिया और तरह-तरह के मीम्स शेयर किए। हालांकि, इस पहल के पीछे की वजह महज दिखावा नहीं, बल्कि शहर की एक बड़ी समस्या का समाधान तलाशना है।

कराची जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में ट्रैफिक जाम और संकरी गलियों के कारण पारंपरिक एंबुलेंस अक्सर समय पर मरीजों तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में यह साइकिल एंबुलेंस आपात स्थिति में शुरुआती इलाज पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल का हिस्सा है, जिसने अब सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

नया नहीं, पहले से चल रहा है यह प्रोजेक्ट

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि कराची के मेयर ने हाल ही में इस साइकिल एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की है। हालांकि, यह दावा सही नहीं है। यह सेवा कोई नई पहल नहीं है, बल्कि 2025 से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित की जा रही है।

ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए निकाला गया समाधान

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इस पहल की शुरुआत Sindh Integrated Emergency and Health Services (SIEHS-1122) यानी Rescue 1122 ने की थी। कराची में भारी ट्रैफिक और संकरी गलियों के कारण कई बार सामान्य एंबुलेंस समय पर मरीजों तक नहीं पहुंच पातीं। इसी समस्या को देखते हुए साइकिल एंबुलेंस का इस्तेमाल शुरू किया गया।

छोटी साइकिल, लेकिन जरूरी मेडिकल सुविधाओं से लैस

यह कोई साधारण साइकिल नहीं है। इसमें प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी मेडिकल किट, ऑक्सीजन मास्क, नेबुलाइज़र और ब्लड शुगर जांच उपकरण जैसे जरूरी सामान मौजूद रहते हैं। प्रशिक्षित रेस्पॉन्डर सबसे पहले मरीज तक पहुंचकर प्राथमिक उपचार देते हैं और मरीज की स्थिति संभालते हैं, जब तक सामान्य एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच जाती।

महिला वॉलंटियर्स संभाल रही हैं जिम्मेदारी

इस पहल की एक खास बात यह भी है कि इसे प्रशिक्षित महिला स्वयंसेवकों द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न सिर्फ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा देना है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर इसे लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ कई लोगों ने इसका मजाक उड़ाया, वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स ने इसे भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए एक व्यावहारिक और कम लागत वाला समाधान बताया। उनका कहना है कि जहां बड़ी एंबुलेंस पहुंचने में समय लेती है, वहां साइकिल एंबुलेंस शुरुआती इलाज देकर मरीज की जान बचाने में मदद कर सकती है।

मीम्स से आगे, जरूरत पर पहल

भले ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर हंसी-मजाक का कारण बन गया हो, लेकिन साइकिल एंबुलेंस का उद्देश्य तेज और आसान आपातकालीन सहायता पहुंचाना है। भीड़भाड़ वाले शहरों में ऐसी पहल कई बार मरीजों तक समय पर पहुंचने का प्रभावी विकल्प साबित हो सकती है।

Video: पत्नी को AC चलाने से रोकने के लिए पति ने निकाला गजब का तरीका, वीडियो देख हंस पड़ेंगे

गर्मी बढ़ते ही जहां लोग राहत के लिए AC का सहारा लेते हैं, वहीं बिजली का बढ़ता बिल कई घरों की चिंता भी बढ़ा देता है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक महिला का मजेदार वीडियो चर्चा में आ गया है। महिला ने दावा किया है कि उसका पति बिजली बचाने के लिए ऐसा तरीका अपनाता है, जिसे सुनकर लोग हैरान भी हैं और हंस भी रहे हैं। उसके मुताबिक, पति ऑफिस जाते समय AC का रिमोट अपने साथ ले जाते हैं, ताकि घर पर उनकी गैरमौजूदगी में AC न चल सके।

महिला ने वीडियो में बंद AC और चलता हुआ पंखा दिखाते हुए अपनी बात साझा की। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लोगों ने बिजली बचत, घरेलू खर्च और पति-पत्नी की नोकझोंक को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।

वीडियो में दिखाया बंद AC और चलता पंखा

वीडियो में महिला कैमरा घुमाकर घर का बंद AC और चलता हुआ सीलिंग फैन दिखाती नजर आती है। स्क्रीन पर लिखे टेक्स्ट में वह बताती है कि उसे AC चलाने की अनुमति नहीं है, क्योंकि पति रिमोट अपने साथ ऑफिस ले जाते हैं। उनका मकसद बिजली की खपत कम रखना और बढ़ते बिल को नियंत्रित करना है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘AC रिमोट कांड’

यह वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट घर के कलेश (Ghar ke Kalesh) से शेयर किया गया, जिसके बाद लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रियाएं दीं। पोस्ट के साथ मजाकिया अंदाज में लिखा गया कि पत्नी का आरोप है कि पति AC रिमोट ऑफिस लेकर जाते हैं, ताकि वह दिन में AC न चला सकें।

यूजर्स ने दिए मजेदार रिएक्शन

वीडियो वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में लोगों ने अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि पति ने बिजली बचाने के लिए रिमोट को ऐसे संभाल रखा है जैसे कोई गोपनीय दस्तावेज हो। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि आज के समय में मोबाइल ऐप से भी AC कंट्रोल किया जा सकता है।

कुछ ने पति को बताया सही

जहां कई लोगों ने इस घटना को मजेदार बताया, वहीं कुछ यूजर्स पति के पक्ष में भी नजर आए। उनका कहना था कि कई घरों में बिना जरूरत AC चलने से बिजली का बिल काफी बढ़ जाता है और खर्च संभालना मुश्किल हो जाता है।

बिजली बचत या रिश्ते की नोकझोंक?

इस वायरल वीडियो ने लोगों के बीच घरेलू बजट, बिजली की बचत और पति-पत्नी के बीच भरोसे को लेकर हल्की-फुल्की बहस छेड़ दी है। हालांकि, वीडियो को लोग मनोरंजन के तौर पर देख रहे हैं और इसकी वास्तविक परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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