Viral Video: दिल्ली मेट्रो में महिला सीट पर बैठ गया व्यक्ति, लोगों ने लिए मजे

दिल्ली मेट्रो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति महिला सीट पर बैठा हुआ नजर आता है। इसके बाद कुछ महिलाएं आकर उसे उठने के लिए कहती हैं। इसके बाद दोनों के बीच में बहस हो जाती है।

वाराणसी में विदेशी नागरिक का हाईवोल्टेज ड्रामा, घरों में घुसकर फेंका सामान और निवासी को काटा, वीडियो वायरल

Varanasi Foreign National Incident: वाराणसी के एक इलाके में लोग तब दहशत में आ गए जब एक विदेशी नागरिक ने कथित तौर पर इलाके में जमकर हंगामा किया। वह घरों में घुस गया, घर का सामान फेंका और एक निवासी को काट भी लिया, जिसके बाद शहर की पुलिस ने उसे काबू में किया और हिरासत में ले लिया। इस घटना का वीडियो ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें वह व्यक्ति चिल्लाता, कूदता और लोगों की तरफ झपटता हुआ दिखाई दे रहा है।

बता दें कि यह घटना गुरुवार, 16 जुलाई को कोतवाली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सप्तसागर मेडिसिन मार्केट इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि विदेशी नागरिक घबराहट की हालत में इलाके में भागा और फिर एक रिहायशी इमारत में घुस गया। वह कथित तौर पर ऊपरी मंजिलों पर चढ़ गया और घर का सामान फेंकने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे शांत करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उसने कोई सहयोग नहीं किया।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, वह सिर्फ़ हाफ पैंट पहने हुए दिखाई दे रहा है। वह लोगों पर चिल्ला रहा था, सड़क पर कूद रहा था और आक्रामक व्यवहार कर रहा था। इस हंगामे के दौरान, खबर है कि जब उसे काबू करने की कोशिश की जा रही थी, तो उसने एक निवासी के हाथ पर काट लिया। काफी जद्दोजहद के बाद, स्थानीय लोग उसे काबू करने में सफल रहे, और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।। इसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया।

हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विदेशी नागरिक कथित तौर पर भांग के नशे में था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

इंटरनेट पर विदेशी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

विदेशी नागरिक के हंगामा करने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग उसके व्यवहार पर मजाक कर रहे हैं, जबकि कई लोगों ने स्थानीय लोगों को परेशान करने के लिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एक यूजर ने दावा किया, “शायद उसने कुछ नशीली चीज का सेवन किया होगा। उसके कल्चर में यह बहुत आम बात है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “वाराणसी में भांग के इस्तेमाल को लेकर नियम सख्त होने चाहिए। हाल ही में ट्रेन यात्रा के दौरान वाराणसी से एक व्यक्ति ट्रेन में चढ़ा था, जो पूरी तरह नशे में था। उसे यह भी पता नहीं था कि उसे कहां जाना है और वह टीटी से बहस भी कर रहा था।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर सकती? इसे तुरंत हिरासत में लेना चाहिए, क्योंकि यह लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है।”

एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “यहीं पर जनता के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।”

एक यूजर ने कहा, “साफ है कि उसने कुछ नशा कर रखा है। अब समय आ गया है कि भारत में भी पुलिस अपराधियों को शांत करने के लिए टेजर का इस्तेमाल करे, जैसा कि अमेरिका में होता है।”

एक अन्य यूजर ने पूछा, “क्या हमारे यहां यूरोप और अमेरिका जैसा डिपोर्टेशन सिस्टम (देश से बाहर भेजने की व्यवस्था) नहीं है?”

Popular TVF Shows 2026: ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ से लेकर ‘एस्पिरेंट्स 3’ तक, बैक-टू-बैक सुपरहिट शोज देकर TVF बना साल 2026 का कंटेंट पावरहाउस

Popular TVF Shows 2026: द वायरल फीवर (TVF) ने खुद को भारत के सबसे पसंदीदा कंटेंट स्टूडियोज में से एक के रूप में स्थापित किया है, जो लगातार अलग-अलग जॉनर में बेहतरीन कहानियां पेश करता आ रहा है। सालों से इसने देश के कुछ सबसे पसंदीदा और क्रिटिक्स द्वारा सराहे गए शोज़ बनाए हैं, जिनमें दिल को छू लेने वाले ‘स्लाइस-ऑफ-लाइफ’ ड्रामा से लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले थ्रिलर और जमीन से जुड़ी ऐसी सच्ची कहानियां शामिल हैं जो सीधे दर्शकों के दिलों को छूती हैं।

लगातार शानदार काम करने के इसी ट्रैक रिकॉर्ड ने टीवीएफ (TVF) को कंटेंट की दुनिया का एक पावरहाउस बना दिया है। साल 2026 का पहला आधा हिस्सा (first half) भी इसका अपवाद नहीं रहा है। सिर्फ छह महीनों में इस स्टूडियो ने एक के बाद एक कई सफल शोज़ दिए हैं, जिनमें फैंस के पसंदीदा शोज़ के नए सीज़न की वापसी के साथ-साथ कुछ नए ओरिजिनल शोज़ भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का खूब प्यार मिला। आइए डालते हैं एक नज़र साल 2026 के पहले छह महीनों में आए टीवीएफ (TVF) के कुछ सबसे बड़े हिट्स पर।

गुल्लक सीज़न 5

पिछले चार सीज़न्स की भारी सफलता के बाद, टीवीएफ (TVF) ने दर्शकों के पसंदीदा फैमिली शो ‘गुल्लक’ के पांचवें सीज़न के साथ वापसी करने का फैसला किया। यह सीज़न एक बार फिर मिश्रा परिवार को साथ लेकर आता है, जिसमें अनत वी. जोशी की ‘अन्नू मिश्रा’ के रूप में एंट्री हुई है, जिसने दर्शकों को अपने इस फेवरेट परिवार से एक बार फिर प्यार करने पर मजबूर कर दिया। भारत की सबसे लंबे समय तक चलने वाली और सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ओरिजिनल वेब सीरीज़ में से एक, गुल्लक आज भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में बनी हुई है, जो इसकी कभी न खत्म होने वाली पॉपुलैरिटी और हर दिल अजीज होने का पक्का सबूत है।

एस्पिरेंट्स सीज़न 3

‘एस्पिरेंट्स’ सीज़न 3 ने इस बेहद पसंदीदा फ्रेंचाइजी की कामयाबी के सिलसिले को आगे बढ़ाया और दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स से भी खूब वाहवाही बटोरी। दिल को छू लेने वाली कहानी और बेहतरीन एक्टिंग के शानदार तालमेल के साथ, इस सीरीज़ में नवीन कस्तूरिया, सनी हिंदुजा, शिवांकित सिंह परिहार, अभिलाष थपलियाल और नमिता दुबे ने एक बार फिर अपनी कमाल की परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों को छुआ। एस्पिरेंट्स फ्रेंचाइजी भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में शामिल है। इस फ्रेंचाइजी ने ‘एसके सर की क्लास’ और ‘संदीप भैया’ जैसे बेहद कामयाब स्पिन-ऑफ्स को भी जन्म दिया है, जिसने इसके कहानी के दायरे को और बड़ा बना दिया है।

द पिरामिड स्कीम

टीवीएफ (TVF) ने साल 2026 के अपने लाइनअप में एक और कामयाब ओरिजिनल शो जोड़ा है, जिसका नाम है ‘द पिरामिड स्कीम’। इसे आशीष आर. शुक्ला और श्रेयांश पांडे ने डायरेक्ट किया है। परमवीर सिंह चीमा, रणवीर शौरी, शेखर सुमन, अंजन श्रीवास्तव, अल्फिया जाफ़री और आशीष राघव स्टारर इस कॉमेडी-ड्रामा की इसकी दिलचस्प कहानी, तीखे मज़ाक और शानदार एक्टिंग के लिए खूब तारीफ की गई है, जिसने इसे टीवीएफ की लिस्ट में एक बेहद खास शो बना दिया है। यह सीरीज़ नए-नए जॉनर और कहानी कहने के अलग तरीकों के साथ टीवीएफ के लगातार हो रहे प्रयोगों को दिखाती है, वो भी अपनी जड़ों से जुड़े और किरदारों पर आधारित कहानियों के साथ।

ग्राम चिकित्सालय सीज़न 2

टीवीएफ ने अपने बेहद पसंदीदा ग्रामीण कॉमेडी-ड्रामा ‘ग्राम चिकित्सालय’ के दूसरे सीज़न (Season 2) के साथ वापसी की है, जिसमें भटकंडी गांव का सफर आगे बढ़ता है। इस सीरीज़ में अमोल पराशर एक बार फिर डॉ. प्रभात सिन्हा के रोल में नजर आ रहे हैं। उनके साथ उनके प्यारे सपोर्टिंग किरदार भी नई चुनौतियों का सामना करते हुए दिख रहे हैं। यह सीज़न भी हंसी-मजाक, जज्बात और रोजमर्रा के पलों से भरा एक दिल को छू लेने वाला और मजेदार चैप्टर पेश करता है। पहले सीज़न को मिले शानदार रिस्पॉन्स को आगे बढ़ाते हुए, इस शो ने जमीन से जुड़ी और गाँव की कहानियों को पेश करने की टीवीएफ की लिस्ट को और मजबूत किया है, जिसे शहरों से लेकर गांवों तक के दर्शकों ने खूब पसंद किया है।

फैमिली किराना स्टोर

टीवीएफ ने अपने ओरिजिनल शोज़ का दायरा बढ़ाते हुए ‘फैमिली किराना स्टोर’ पेश किया है। यह एक दिल को छू लेने वाली कॉमेडी है जो गजानंद (श्रीकांत वर्मा) और उनके मिडिल-क्लास परिवार की कहानी दिखाती है, जो पड़ोस की एक किराने की दुकान चलाने के उतार-चढ़ाव से जूझते हैं। गरिमा विक्रांत सिंह और हेमंत मिश्रा के अभिनय से सजी यह सीरीज़ हंसी, पुरानी यादों (नॉस्टैल्जिया) और रोज़मर्रा के पारिवारिक पलों को बहुत ही खूबसूरती से मिलाती है। यह शो साधारण भारतीय परिवारों की खुशियां मनाने और रोज़मर्रा की जिंदगी से असाधारण कहानियाँ तलाशने की टीवीएफ की परंपरा को जारी रखता है।

स्पेस जेन: चंद्रयान

टीवीएफ (TVF) ने ‘स्पेस जेन: चंद्रयान’ के साथ स्पेस ड्रामा जॉनर में कदम रखा। यह एक प्रेरणादायक सीरीज़ है जो इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों के सफर को दिखाती है, जो तमाम मुश्किलों से लड़कर एक ऐतिहासिक मिशन को कामयाब बनाते हैं। नकुल मेहता, श्रिया सरन, प्रकाश बेलावाड़ी, गोपाल दत्त और दानिश सैत के अभिनय से सजी इस सीरीज़ को इसके इमोशनल ड्रामा और कलाकारों की बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए खूब सराहा गया। यह शो देश की एक बड़ी और ऐतिहासिक कहानी को दिखाने के टीवीएफ के बढ़ते हौसले को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान बन चुके इमोशनल टच को बरकरार रखा है।

हेलो बच्चों

टीवीएफ के ‘हेलो बच्चों’ ने मशहूर शिक्षक अलख पांडे के प्रेरणादायक सफर को पर्दे पर उतारा, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग के जरिए हर बच्चे तक बेहतरीन शिक्षा पहुंचाने का मिशन पूरा किया। विनीत कुमार सिंह, विक्रम कोचर, गिरिजा ओक, अनुमेहा जैन और पंकज कश्यप के शानदार अभिनय से सजी इस सीरीज़ को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। अपनी दिल छू लेने वाली कहानी, इमोशनल गहराई और सच्ची परफॉर्मेंस की वजह से यह साल 2026 में टीवीएफ के सबसे पसंदीदा ओरिजिनल शोज़ में से एक बन गया। इस सीरीज़ ने शिक्षा की ताकत और उससे आने वाले बदलाव का जश्न मनाया, जो टीवीएफ के कई ओरिजिनल्स की एक बड़ी ताकत रहा है।

सपने वर्सेस एवरीवन

पहले सीज़न को मिले बेमिसाल रिस्पॉन्स के बाद, ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ अपने दमदार और रोमांचक दूसरे चैप्टर के साथ वापस लौटा और इसे हर तरफ से खूब तारीफें मिलीं। अंबरीश वर्मा द्वारा लिखित, निर्देशित और बनाई गई इस सीरीज़ में खुद अंबरीश वर्मा, परमवीर सिंह चीमा, विजयांत कोहली और अभिषेक चौहान मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह सीज़न जिमी और प्रशांत के मुश्किल सफर को भावनाओं और बेहतरीन लिखावट के साथ आगे बढ़ाता है। इस सीरीज़ ने टीवीएफ के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ड्रामा शोज़ में अपनी जगह और मजबूत कर ली है। आईएमडीबी (IMDb) पर 9.2 की रेटिंग के साथ यह किसी भी भारतीय सीरीज़ के लिए सबसे बड़ी रेटिंग है। महत्वाकांक्षा और खुद को साबित करने की जंग को बहुत ही बारीकी से दिखाने के लिए इस शो की हर तरफ तारीफ हुई है।

बेहद पसंदीदा पुराने शोज़ की वापसी और फैमिली ड्रामा, ग्रामीण कॉमेडी, इंस्पायरिंग कहानियों, थ्रिलर और सोशल ड्रामा जैसे बड़े और नए ओरिजिनल्स के साथ, साल 2026 के पहले छह महीनों में टीवीएफ ने अपनी ऐसी रेंज दिखाई है जिसका फिल्म इंडस्ट्री में कोई मुकाबला नहीं है। सिर्फ छह महीने में अलग-अलग जॉनर और प्लेटफॉर्म्स पर इतने सारे सफल शोज़ देकर टीवीएफ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे भारत के सबसे लगातार और असरदार कंटेंट क्रिएटर्स में से एक हैं।

बार-बार KYC कराने से मिलेगा छुटकारा, ऐसे जानें अपनी 14 अंकों की CKYC संख्या, बैंक का काम होगा आसान

bank kyc

अगर आप हर बार नया बैंक खाता खोलने या किसी वित्तीय संस्था में निवेश करते समय बार-बार KYC दस्तावेज़ जमा करने से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। सेंट्रल KYC (CKYC) की मदद से यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों से अपनी 14 अंकों की CKYC संख्या जानने और उसका उपयोग करने की अपील की है।

ALSO READ: UP Bahraich Crocodile Attack : बहराइच में दर्दनाक हादसा, घाघरा नदी किनारे गए 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ खींच ले गया, घंटों बाद मिला शव

क्या है CKYC नंबर?

CKYC (Central Know Your Customer) नंबर 14 अंकों की एक यूनिक पहचान संख्या होती है। यह आपकी KYC जानकारी से जुड़ी होती है, जो Central KYC Records Registry (CKYCR) में सुरक्षित रहती है। जब आपका CKYC नंबर उपलब्ध होता है, तो बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान आपकी पहले से दर्ज KYC जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे हर बार आधार, पैन या अन्य दस्तावेज़ दोबारा जमा करने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाती है।

ALSO READ: Who is Neha Bora : कौन हैं नेहा बोरा? CJP प्रोटेस्ट के बाद क्यों हैं चर्चा में, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

कैसे पता करें अपना CKYC नंबर?

 

आप अपनी CKYC संख्या इन आसान तरीकों से प्राप्त कर सकते हैं—

 

  • अपने बैंक या वित्तीय संस्थान से संपर्क करें।
  • 7799022129 पर मिस्ड कॉल दें।
  • CKYC पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।
  • CKYC के क्या हैं फायदे?
  • बार-बार KYC दस्तावेज़ जमा करने की जरूरत कम होती है।
  • बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया आसान और तेज़ होती है।
  • विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्थानों में KYC प्रक्रिया सरल बनती है।
  • समय और दस्तावेज़ों की दोबारा जांच की परेशानी कम होती है।

ALSO READ: UP Bahraich Crocodile Attack : बहराइच में दर्दनाक हादसा, घाघरा नदी किनारे गए 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ खींच ले गया, घंटों बाद मिला शव

RBI ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी CKYC संख्या की जानकारी रखें और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाएं। साथ ही, वित्तीय लेनदेन के दौरान हमेशा सतर्क रहने और जागरूक रहने की सलाह भी दी है।

जिसे Messi ने गोद में नहलाया, अब उसी से होगी FIFA World Cup Final की जंग! जानिए 19 साल पुरानी तस्वीर की कहानी

किस्मत कभी-कभी ऐसी कहानियां लिख देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। लगभग 19 साल पहले Lionel Messi ने एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान एक मासूम बच्चे को गोद में उठाकर नहलाया था। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि वही बच्चा एक दिन FIFA World Cup Final में Messi की टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा होगा।

 

अब 39 वर्षीय Lionel Messi और 19 वर्षीय Lamine Yamal विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर आमने-सामने होंगे। एक तरफ इतिहास रचने वाला महान खिलाड़ी, दूसरी तरफ भविष्य का सबसे चमकता सितारा।


 

कैसे हुई Messi और Lamine Yamal की पहली मुलाकात?

 

यह कहानी दिसंबर 2007 की है। उस समय Messi केवल 20 साल के थे और Barcelona की पहली टीम में अपनी जगह मजबूत कर रहे थे। दूसरी ओर Lamine Yama* महज पांच-छह महीने के थे।

 

दरअसल, स्पेन के अखबार Diario Sport और UNICEF ने एक चैरिटी अभियान चलाया था। इसमें कैटालोनिया के परिवारों के लिए एक रैफल (लॉटरी) आयोजित की गई थी। विजेता परिवारों को Barcelona के खिलाड़ियों के साथ अपने बच्चों का फोटोशूट कराने का मौका मिलता था।

 

किस्मत ने Lamine Yamal के परिवार का नाम चुना और Camp Nou के ड्रेसिंग रूम में उनकी मुलाकात Lionel Messi से कराई गई। फोटोशूट के दौरान Messi ने छोटे से Yamal को प्लास्टिक के बेबी बाथटब में गोद में उठाकर नहलाया। यही तस्वीर बाद में 2008 के चैरिटी कैलेंडर का हिस्सा बनी।

 

सालों तक गुम रहीं तस्वीरें, फिर ऐसे हुईं वायरल

 

यह तस्वीरें कई वर्षों तक लोगों की नजरों से दूर रहीं। 2024 में जब Lamine Yamal ने Spain को Euro Cup जिताने में अहम भूमिका निभाई, तब उनके पिता ने Instagram पर पुरानी तस्वीर साझा की और कैप्शन लिखा—”The beginning of two legends.”

 

इसके बाद तस्वीरें पूरी दुनिया में वायरल हो गईं। कई लोगों को लगा कि ये AI या एडिटिंग का कमाल है, लेकिन UNICEF ने खुद पुष्टि की कि तस्वीरें पूरी तरह असली हैं। संगठन ने बताया कि ये फोटो उनके फंडरेजिंग अभियान के दौरान ली गई थीं और फोटोग्राफर Joan Monfort ने इन्हें कैमरे में कैद किया था।

 

फोटोग्राफर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
 

इन तस्वीरों को खींचने वाले फोटोग्राफर Joan Monfort ने बताया कि Messi उस समय बेहद शर्मीले स्वभाव के थे। जब उन्हें अचानक एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर फोटोशूट करने के लिए कहा गया तो शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि बच्चे को कैसे संभालें।

 

हालांकि कुछ ही देर में उन्होंने खुद को सहज कर लिया और पूरे फोटोशूट को बेहद प्रोफेशनल तरीके से पूरा किया। Monfort के मुताबिक, उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यही बच्चा आगे चलकर विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा युवा सितारा बनेगा।

 

Barcelona से World Cup Final तक का सफर

 

Messi ने Barcelona को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और क्लब की नंबर-10 जर्सी को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनके क्लब छोड़ने के कुछ साल बाद Lamine Yamal ने Barcelona की पहली टीम में जगह बनाई और आज वही नंबर-10 जर्सी पहन रहे हैं।

 

दिलचस्प बात यह भी है कि Lamine Yamal अपने आइडल Neymar Jr. को मानते हैं, लेकिन वह कई बार कह चुके हैं कि Lionel Messi उनके अनुसार फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं।

 

अब World Cup Final में होगी सबसे खास टक्कर

 

अब कहानी वहीं लौट आई है जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। जिस बच्चे को कभी Messi ने अपनी बाहों में उठाया था, वही अब World Cup Final में Argentina के सपनों के सामने सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा है।

 

एक ओर Messi लगातार दूसरा World Cup जीतकर अपने सुनहरे करियर को यादगार विदाई देना चाहेंगे, वहीं दूसरी ओर Lamine Yamal बेहद कम उम्र में विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब जीतकर नई पीढ़ी के सुपरस्टार के रूप में अपनी पहचान पक्की करना चाहेंगे।

 

यह मुकाबला सिर्फ Argentina और Spain के बीच नहीं होगा, बल्कि एक युग से दूसरे युग तक की विरासत का भी प्रतीक बनेगा। शायद इसी वजह से 19 साल पुरानी वह तस्वीर आज दुनिया की सबसे चर्चित फुटबॉल तस्वीरों में शामिल हो चुकी है।

Who is Neha Bora : कौन हैं नेहा बोरा? CJP प्रोटेस्ट के बाद क्यों हैं चर्चा में, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वे अनशन पर हैं। सीजेपी प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक ही नहीं कई छात्र नेता भी भूख हड़ताल पर बैठे है। इसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के 4 नेता शामिल हैं। इनमें वामपंथी छात्र संगठन 'आइसा' (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) भी शामिल हैं। 

ALSO READ: Bajaj Chetak, Ola S1 Pro, TVS iQube, Hero Vida V2 को टक्कर देने आ रहा है सस्ता विएतनामी इलेक्ट्रिक स्कूटर

नेहा बोरा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की एक शोधार्थी (PhD scholar) हैं। वे इस समय सोशल मीडिया पर लगाकार चर्चाओं में हैं। नेहा को अक्सर शिक्षा के निजीकरण, मॉब लिंचिंग, बिलकिस बानो के न्याय और गाजा में नागरिकों की स्थिति जैसे मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखते देखा गया है।
 

जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी नेहा ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल, सिलीगुड़ी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में ग्रेजुएशन किया और फिर अंबेडकर विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा JNU से जारी रखी। नेहा जेएनयू में छात्र राजनीति से जुड़ीं और बाद में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं।

ब्राह्मणवाद और जातीय भेदभाव पर विचार

रिपोर्ट के अनुसार, नेहा बोरा अपने सोशल मीडिया पोस्ट में 'ब्राह्मणवाद' को समाज में मौजूद विभिन्न प्रकार के भेदभाव का प्रतीक बताती रही हैं। उनके अनुसार, ब्राह्मणवाद का अर्थ समाज के एक वर्ग द्वारा दूसरे वर्ग का ऐतिहासिक दमन है। उनके आलोचकों के मुताबिक उनके विचारों में ब्राह्मण समुदाय के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण दिखाई देता है और वे इसे सामाजिक समानता स्थापित करने के तर्क से उचित ठहराती हैं।

 

हिन्दू एकता और मुस्लिम समुदाय पर बयान

एक पॉडकास्ट में नेहा बोरा ने कहा था कि हिन्दू समाज को जातिगत आधार से ऊपर उठाकर एकजुट करने की अपील से मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। उन्होंने कथित लव जिहाद के मुद्दे को भी गंभीरता से नहीं लिया और हिन्दू समाज में महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी की। उनके इन बयानों को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था।

फिलिस्तीन के समर्थन में रुख

नेहा बोरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फिलिस्तीन के समर्थन में कई पोस्ट कर चुकी हैं। उन्होंने इजरायल की आलोचना करते हुए Free Palestine अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कई पोस्ट के जरिए इजराइल की निंदा की और फिलिस्तीन की आजादी (Free Palestine) की मांग की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संगठनों के माध्यम से वैचारिक और राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने की रणनीति लंबे समय से अपनाई जाती रही है। वहीं, AISA और अन्य वामपंथी छात्र संगठन इन आरोपों को खारिज करते हुए स्वयं को छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला संगठन बताते रहे हैं।

‘हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये…’, मरीज ने शेयर किया मुंबई के अस्पताल का बिल, लोगों के उड़े होश

अस्पताल में चार दिन रहना…, एक आम सर्जरी… और 11 लाख रुपये से ज्यादा का बिल। मुंबई के एक अस्पताल में हर्निया की सर्जरी के लिए एक मरीज द्वारा 11.04 लाख रुपये चुकाने का दावा करने वाली एक वायरल पोस्ट ने बहस छेड़ दी है। इस दावे ने भारत के मेट्रो शहरों में हेल्थकेयर की बढ़ती लागत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह चर्चा तब शुरू हुई जब X यूजर निखिल झा ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि उनके एक फॉलोअर की मुंबई के एक नामी अस्पताल में इंग्वाइनल हर्निया की सर्जरी हुई थी। पोस्ट के अनुसार, मरीज से इलाज के लिए 11.04 लाख रुपये लिए गए।

जानकारी शेयर करते हुए पोस्ट में लिखा था, “कल एक फॉलोअर ने हमें मुंबई के एक बड़े अस्पताल में अपनी हर्निया सर्जरी के बारे में मैसेज किया। कुल खर्च 11.04 लाख रुपये था। हां, हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये।” आगे अपनी बात रखते हुए झा ने लिखा, “हम इतनी बड़ी रकम देखकर हैरान और स्तब्ध रह गए। अगर छोटी सी हर्निया सर्जरी का खर्च इतना है, तो बड़ी सर्जरी का खर्च क्या होगा? तो क्या मुंबई में अस्पताल में भर्ती होना कोई अपराध बनता जा रहा है? क्या शहर में अच्छी हेल्थकेयर ऐसी लग्जरी बन गई है, जिसे सिर्फ बहुत अमीर लोग ही उठा सकते हैं?”

पोस्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया गया, जो इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट का मैसेज लग रहा था। इमेज के अनुसार, कुल मेडिकल खर्च 11,04,100 रुपये था, जबकि सेटल किया गया इंश्योरेंस क्लेम अमाउंट 4,64,000 रुपये था। डॉक्यूमेंट से पता चला कि मरीज को इंग्वाइनल हर्निया से जुड़े इलाज के लिए 6 जुलाई से 10 जुलाई, 2026 तक अस्पताल में भर्ती किया गया था।

हालांकि, पोस्ट में इलाज के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी, जैसे कि कौन सी सर्जरी हुई, कमरे की कैटेगरी, डॉक्टर की फीस, अतिरिक्त प्रक्रियाएं या क्या मरीज़ को अतिरिक्त मेडिकल देखभाल की जरूरत थी। इसके बावजूद, पोस्ट ने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और यूजर्स ने प्राइवेट अस्पतालों के खर्च और मेडिकल इलाज के खर्च को उठाने की क्षमता पर अपनी राय दी। जहां कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि हर्निया की सर्जरी का बिल इतना ज्यादा कैसे हो सकता है, वहीं दूसरों ने कहा कि मामले को ठीक से समझने के लिए और जानकारी की जरूरत है।

एक डॉक्टर ने पोस्ट पर कमेंट किया, “हर्निया की सर्जरी के लिए 11 लाख रुपये बहुत ज़्यादा हैं। क्या इसमें हेलीकॉप्टर से पिक-अप और ड्रॉप भी शामिल था?” एक यूजर ने हेल्थकेयर के खर्च को उठाने की क्षमता के बारे में चिंता जताई और लिखा, “हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये? यह भारत के मेट्रो शहरों में हेल्थकेयर के खर्च को उठाने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 11 लाख रुपये से ज़्यादा की आम हर्निया सर्जरी कई मध्यम-वर्गीय परिवारों की पहुंच से बाहर है। इंश्योरेंस होने पर भी, अगर क्लेम सीमित हैं या रिजेक्ट हो जाते हैं, तो ऐसे खर्च आर्थिक तनाव पैदा कर सकते हैं। अस्पताल की कीमतों, इंश्योरेंस सेटलमेंट और मेडिकल बिलिंग में ज़्यादा पारदर्शिता होनी चाहिए। अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर सिर्फ अमीरों के लिए ही नहीं होनी चाहिए।”

एक और यूजर ने शहरों के बीच इलाज के खर्च की तुलना की और लिखा, “सूरत में हर्निया की सर्जरी का खर्च 1.5 लाख रुपये है, जबकि मुंबई के एक बड़े अस्पताल में उसी प्रक्रिया का खर्च 11.04 लाख रुपये है। कीमत में इतना बड़ा अंतर होने के बावजूद, पॉलिसीहोल्डर एक जैसा प्रीमियम देते हैं। यह दिखाता है कि कैसे बड़े मेट्रो अस्पतालों में इलाज का बढ़ता खर्च सालाना हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को बढ़ाने में योगदान दे सकता है।”

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि सिर्फ अस्पताल का बिल पूरी मेडिकल स्थिति को नहीं समझा सकता। यूजर ने लिखा, “यह मैसेज यह नहीं बताता कि कौन सी प्रक्रिया की गई थी। यह समझने के लिए कि क्या मरीज को कोई कॉम्प्लिकेशन हुआ था और क्या उसे ICU में रहना पड़ा था, हमें ऑपरेशन नोट्स और डिस्चार्ज समरी देखने की जरूरत है।”

टिकट मांगने पर भड़की महिला यात्री, ट्रेन के अंदर टीटीई के बाल पकड़कर खींचे, बुक भी फाड़ डाली

ट्रेन के अंदर टिकट मांगने पर महिला यात्री भड़क गई। महिला यात्री ने टीटीई के साथ सबके सामने बदसलूकी की। यात्री ने टीटीई की बुक भी फाड़ डाली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

‘महीने में 10 लाख कमा कर 5 लाख दे रहा हूं टैक्स’, कनाडा में 18 महीने काम करने के बाद भारत लौटे व्यक्ति ने बयां किया दर्द

कई भारतीयों के लिए कनाडा एक ऐसी जगह है, जहां बेहतर मौके और आरामदायक जिंदगी का इंतजार होता है। लेकिन तब क्या होता है जब कोई ऐसा व्यक्ति, जिसने वह सपना जी लिया हो, कहे कि यह सब बेकार था? क्या सिर्फ ज्यादा कमाई से विदेश में बेहतर जिंदगी की गारंटी मिल सकती है?

ये सवाल एंटरप्रेन्योर हर्ष गुप्ता की एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के केंद्र में हैं। वे परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पर टोरंटो गए थे, लेकिन सिर्फ 18 महीने बाद ही लौट आए। अपने बिजनेस से महीने में लगभग 10 लाख रुपये कमाने के बावजूद, गुप्ता ने कहा कि ज्यादा टैक्स, रहने का बहुत ज्यादा खर्च, हेल्थकेयर में देरी और कॉम्पिटिटिव जॉब मार्केट ने उन्हें अपने फैसले पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया।

थ्रेड्स पर अपना अनुभव शेयर करते हुए गुप्ता ने लिखा, “अगर आप भारतीय हैं और कनाडा जाने के बारे में सोच रहे हैं, तो ये 10 बातें आपको पता होनी चाहिए।” उन्होंने विदेश जाने की योजना बना रहे किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक – अच्छी नौकरी खोजने – से शुरुआत की। गुप्ता के अनुसार, कनाडा में अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिलना बहुत से लोगों की उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है, सैलरी भारत की तुलना में थोड़ी ही ज्यादा है और हर नौकरी के लिए हजारों लोग अप्लाई करते हैं।

गुप्ता ने लिखा, “अच्छी नौकरियां मिलना मुश्किल है। सैलरी भारत की तुलना में थोड़ी ही ज्यादा है। Shopify के अलावा कोई भी ग्लोबल लेवल की बड़ी कंपनी नहीं है। ज्यादा लोग CAD 15/घंटा (1,000 रुपये) पर काम कर रहे हैं। रहने का खर्च आपकी कमर तोड़ देगा। मैं डाउनटाउन टोरंटो में रहता था। एक साधारण 600 sq ft के अपार्टमेंट के लिए महीने का किराया 2 लाख रुपये था।”

फिर टैक्स का झटका लगा। गुप्ता ने कहा कि सबसे बड़े सरप्राइज में से एक वह टैक्स था, जो उन्हें अच्छी कमाई के बावजूद देना पड़ा। “टैक्स बहुत ज्यादा हैं। मैं अपने बिजनेस से महीने में 10 लाख रुपये कमाता था और 5 लाख रुपये टैक्स में देता था।”

एंटरप्रेन्योर ने कनाडा के हेल्थकेयर सिस्टम पर भी सवाल उठाए और कहा कि मेडिकल केयर मिलना उतना आसान नहीं था, जितना उन्होंने सोचा था। उन्होंने लिखा, “मुफ्त हेल्थकेयर एक मिथक है।” गुप्ता ने बताया कि उन्हें फैमिली डॉक्टर मिलने में छह महीने का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि स्पेशलिस्ट से अपॉइंटमेंट लेने में दो महीने से ज्यादा का समय लगा। उन्होंने दवाओं की कीमत को भी एक और चिंता का विषय बताया।

मौसम भी एक चुनौती थी। गुप्ता के लिए, कनाडा की लंबी सर्दियां सिर्फ कम तापमान की बात नहीं थीं। उन्होंने रोज़मर्रा की जिंदगी पर भी असर डाला। उन्होंने लिखा, “यहां ठंड है और उदासी भी। अक्टूबर से अप्रैल तक, कोई बाहर नहीं निकलता। मैं टोरंटो की बात कर रहा हूं, किसी छोटे शहर की नहीं। हर दिन ढेरों कपड़े पहनने पड़ते हैं।”

गुप्ता का कहना था कि कनाडा में रहने का ज्यादा खर्च और तुलनात्मक रूप से कम सैलरी ने लोगों की जीवन की गुणवत्ता और नजरिए पर असर डाला है। उन्होंने यह भी कहा कि कई काबिल लोग बेहतर मौकों की तलाश में दूसरी जगहों पर चले जाते हैं। उनके अनुसार, परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि इसमें बहुत समय लगता है और एलिजिबिलिटी कट-ऑफ लगातार बढ़ रहे हैं।

गुप्ता ने अपनी बात यह कहते हुए खत्म की कि कनाडा शायद हर किसी के लिए सही जगह नहीं है। उन्होंने समझाया, “यह उन लोगों के लिए बना है, जिनके पास कोई बेहतर विकल्प नहीं है। अगर फ़ूड डिलीवरी, ट्रकिंग, खेती या ब्लू-कॉलर काम ही आपकी सीमा है, तो यह ठीक है। अगर आपमें महत्वाकांक्षा और पैसा कमाने की चाह है, तो यह जगह आपके लिए नहीं है। इंटरनेट पर दिखने वाले सुंदर नजारों, साफ हवा और ‘शांति’ के झांसे में न आएं। यह साल में 4-5 महीने तो बहुत अच्छा लगता है। बाकी समय सब कुछ उदास और फीका रहता है।”

एक यूजर ने कमेंट किया, “सैलरी ‘भारत से बस थोड़ी ज्यादा’ है – किस गलतफहमी वाली दुनिया में एक विकसित देश में औसत सैलरी भारत से ‘बस थोड़ी’ ज्यादा होती है??” दूसरों ने कहा कि उनका अनुभव बहुत अलग रहा है। एक यूजर ने लिखा, “एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जो सच में कनाडा जाकर बसा है, मेरा नजरिया बहुत अलग है। मैं भारत के एक बड़े शहर से आया हूं, और एक महिला और नए माता-पिता के तौर पर, मेरा सच में मानना ​​है कि परिवार पालने के लिए कनाडा सबसे अच्छे देशों में से एक है। हां, रहने का खर्च ज्यादा है। लेकिन अगर दोनों पार्टनर कड़ी मेहनत करने को तैयार हों, तो समय के साथ जिंदगी बेहतर होती जाती है। रातों-रात कुछ नहीं होता, लेकिन चीजें बेहतर जरूर होती हैं।”

एक और व्यक्ति ने कहा, “कृपया वहां वापस चले जाएं, जहां से आप आए थे। जो लोग सच में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें इस पोस्ट की जरूरत नहीं है क्योंकि यह गलत है। पहली बात, जो लोग CAD में कमाते हैं, वे चीजों को समझने के लिए INR में नहीं बदलते। क्या आप कभी मुंबई में किराए के घर में रहे हैं? उससे यह पता नहीं चलता कि पूरे भारत में किराया और रहने का खर्च ज्यादा है। अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है, तो तैयारी करें और इंटरव्यू पास करें!”

हालांकि, कुछ लोगों को लगा कि गुप्ता ने ऐसी चिंताएं उठाई हैं जिनका सामना हाल के सालों में कनाडा आए कई नए लोगों ने किया है। एक यूजर ने कहा, “मुझे उन सभी इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए बुरा लगता है, जो कोविड के बाद बड़े पैमाने पर हुए इमिग्रेशन के दौरान यहां आए थे। भारत में रिक्रूटरों ने उन्हें कनाडा की खूबसूरत तस्वीर और PR स्टेटस का वादा करके धोखा दिया। कनाडा का इमिग्रेंट्स के प्रति रवैया निश्चित रूप से बदला है। यह दुखद है।”

Video: मगरमच्छ और विशाल अजगर की खतरनाक भिड़ंत, पानी में छिड़ी मौत की जंग का वीडियो वायरल

जंगल की दुनिया में हर दिन जीवन और मौत की जंग देखने को मिलती है, लेकिन कुछ मुकाबले ऐसे होते हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो बेहद ताकतवर शिकारी आमने-सामने नजर आते हैं। एक तरफ पानी का बेताज बादशाह, तो दूसरी ओर अपने दमदार शरीर के लिए मशहूर विशालकाय शिकारी। दोनों की भिड़ंत देखते ही ऐसा लगता है कि अब कोई भी पीछे हटने वाला नहीं है। वीडियो का हर पल रोमांच से भरपूर है और अंत तक यह जानने की उत्सुकता बनी रहती है कि आखिर जीत किसकी होगी।

यही वजह है कि इस वीडियो ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। यूजर्स इसे देखकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, वहीं कई लोग इसे जंगल के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक बता रहे हैं।

पहले अजगर ने दिखाई ताकत

वीडियो में नदी या तालाब के किनारे विशालकाय अजगर मगरमच्छ के बेहद करीब पहुंच जाता है। शुरुआत में ऐसा लगता है कि अजगर अपनी लंबी कुंडली से मगरमच्छ को जकड़कर उसे हिलने-डुलने का मौका नहीं देगा। वह धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता नजर आता है।

पानी में मगरमच्छ ने पलट दी पूरी बाजी

कुछ ही पलों में लड़ाई का रुख बदल जाता है। पानी में उतरते ही मगरमच्छ अपनी असली ताकत दिखाता है और बिजली की तेजी से हमला कर अजगर को अपने मजबूत जबड़ों में दबोच लेता है। इसके बाद वह लगातार अजगर को पानी की ओर खींचता रहता है, जिससे उसके बच निकलने की संभावना कम होती जाती है।

अजगर ने की पूरी कोशिश, लेकिन नहीं मिली आजादी

मगरमच्छ की पकड़ से निकलने के लिए अजगर बार-बार अपने शरीर को मोड़ता है और पूरी ताकत लगाता है। बावजूद इसके मगरमच्छ अपने जबड़े ढीले नहीं करता। धीरे-धीरे अजगर की ताकत कम पड़ने लगती है, जबकि मगरमच्छ लगातार उसे अपने कब्जे में बनाए रखता है।

आखिर में मगरमच्छ के नाम रही जीत

वीडियो के अंत तक मगरमच्छ पूरी तरह हावी नजर आता है। उसके मजबूत जबड़ों में फंसा अजगर लगभग बेबस दिखाई देता है। यह दृश्य दिखाता है कि पानी में मगरमच्छ कितना ताकतवर शिकारी होता है और वहां उसका मुकाबला करना किसी भी जीव के लिए आसान नहीं।

वीडियो देखकर लोग रह गए हैरान

इस हैरान कर देने वाले वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जंगल में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि सही जगह और सही समय भी जीत तय करते हैं। वहीं कई यूजर्स ने इसे प्रकृति के संतुलन और वन्यजीवों की असली ताकत का शानदार उदाहरण बताया।

AI के दौर में नौकरी गई तो क्या करें? 15 दिन में नई जॉब पाने वाले इंजीनियर ने बताए टिप्स