चलती ट्रेन में पूजा का वायरल वीडियो: रेलवे ने बताया पूरा सच, 3 लाख में बुक था लग्जरी सैलून कोच; जानिए क्या हैं नियम

worship in train

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन दिनों चलती ट्रेन में पूजा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के अंदर भगवान की मूर्ति के सामने अभिषेक और पूजा करते नजर आ रहे हैं। इसे देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या ट्रेन में इस तरह पूजा करना नियमों के खिलाफ है और क्या इससे यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ा? ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

 

रेलवे ने इस पर जानकारी देते हुए कहा कि कोच को नियमों के तहत बुक किया गया था। इससे किसी यात्री की सुरक्षा या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे पुजारी उसी बुक किए गए सैलून कार में पूजा कर रहे थे। इससे किसी अन्य यात्री या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

 

3 लाख में बुक किया था सैलून

नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, यह सैलून कार 8 जुलाई 2026 को IRCTC के जरिए कमर्शियल बुकिंग के तहत रिजर्व किया गया था। इसके लिए पार्टी ने 3,08,580 रुपए एडवांस जमा किए थे। यह सैलून कोच 10 जुलाई को नई दिल्ली (NDLS) से मुंबई (BDTS) जाने वाली ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस में एक तरफ की यात्रा के लिए जोड़ा गया था। ALSO READ: 'स्पर्मागेडन' का सच : क्या सच में खत्म हो रही है पुरुषों की प्रजनन क्षमता? जानिए वैज्ञानिकों का हैरान करने वाला दावा

 

गौरतलब है कि सैलून कोच रेलवे का लग्जरी डिब्बा होता है, जिसे आम लोग भी बुक कर सकते हैं। इसमें बेडरूम, बाथरूम, किचन और बैठने की सुविधाएं मिलती हैं। शादी, पारिवारिक यात्रा, धार्मिक कार्यक्रम, ग्रुप टूर या किसी खास मौके के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। किराया यात्रा की दूरी और अवधि के अनुसार तय होता है। अगर आप छोटे ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो पूरा कोच करने की बजाय सैलून कार भी बुक करा सकते हैं। आम तौर पर 3 रात और 4 दिन की यात्रा के लिए इसकी लागत करीब 1.7 लाख से 2 लाख रुपए के बीच हो सकती है।

 

इससे पहले चलती ट्रेन के सैलून कोच में सुहागरात की सजावट का वीडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए रेलवे ने एक टीटीई को सस्पेंड कर दिया था।

COVID 19 Case Mumbai: ‘चीन से आया मेरा दोस्त…’, कुमार सानू के बेटे जान को हुआ कोरोना, दिया हेल्थ अपडेट

COVID 19 Case Mumbai: सिंगर और ‘बिग बॉस’ के पूर्व कंटेस्टेंट जान कुमार सानू को COVID-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिंगर ने रविवार, 12 जुलाई को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने फैंस के साथ यह अपडेट हल्के-फुल्के अंदाज में शेयर किया।

मशहूर प्लेबैक सिंगर कुमार सानू के बेटे जान ने सोशल मीडिया पर कोविड 19 की पुष्टी करते हुए वीडियो डाला है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके लक्षण कब शुरू हुए या उन्हें कितने समय तक मेडिकल निगरानी में रहना होगा। वीडियो शेयर करते हुए जान ने चिंता के बजाय मजाक किया और लिखा, “चीन से आया मेरा दोस्त। कोविड को सलाम करो।”

उन्होंने अस्पताल में रहने और अपने कपड़ों के बारे में भी मजाक किया और कहा, “फिट चेक – अपने पसंदीदा डिजाइनर। कोकिलाबेन के कपड़े पहने हैं। किसलिए भर्ती हुआ- वुहान से आए COVID के कारण।”

यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने कमेंट सेक्शन में उनके जल्द ठीक होने की कामना की। एक यूजर ने लिखा, “क्या जबरदस्त लुक है। भाई, जल्दी ठीक हो जाओ,” वहीं दूसरे ने कमेंट किया, “जल्द ठीक हो जाओ, जान। अपना ख्याल रखना।”

कुमार सानू बॉलीवुड के सबसे मशहूर प्लेबैक सिंगर्स में से एक हैं, जो 1990 के दशक में कई सुपरहिट गाने देने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में कई अवॉर्ड जीते हैं और इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री में एक लोकप्रिय हस्ती बने हुए हैं। उनके बेटे, जान कुमार सानू ने भी उन्हीं के नक्शेकदम पर चलना चुना।

जान ने भी एक सिंगर के तौर पर अपना करियर बनाया है और अक्सर सोशल मीडिया पर फैंस के साथ अपने म्यूजिक और पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातें शेयर करते रहते हैं। बिग बॉस 14 में हिस्सा लेने के बाद उन्हें काफी पहचान मिली।

सुहागरात के बाद चलती ट्रेन में पूजा का वीडियो वायरल, 3 लाख रुपये में बुक था कोच

रेलवे के अनुसार, यह सैलून कोच भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के माध्यम से बुक कराया गया था। सैलून कोच खासतौर पर सीनियर अधिकारियों, विशिष्ट व्यक्तियों या निजी बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

सौरव जोशी के E20 फ्यूल वाले वायरल वीडियो के बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने जारी किया बयान, कस्टमर्स को बताईं ये जरूरी बातें

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में, मर्सिडीज-बेंज इंडिया के ऑफिशियल हैंडल ने कहा कि “सभी मर्सिडीज-बेंज पेट्रोल BS VI गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ पूरी तरह से इस्तेमाल के लायक हैं और संबंधित अधिकारियों ने इसे सर्टिफाइड भी किया है।” भारत के पॉपुलर डेली व्लॉगर सौरव जोशी ने हाल ही में YouTube पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनकी मर्सिडीज-बेंज लग्जरी गाड़ी का माइलेज सिर्फ दो दिनों में 17 से घटकर 5 हो गया।

उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी की एफिशिएंसी सिर्फ 48 घंटों में बहुत ज़्यादा गिर गई है। जोशी ने अपने दर्शकों से कहा, “कल मैंने आपको दिखाया था कि हमारी कार का माइलेज 17 से सीधे 9 पर आ गया था।” उन्होंने आगे कहा, “और क्या आपको पता है कि आज यह कितना हो गया है? आज यह पाच पर पहुंच गया है… इसे देखिए, यह पांच का माइलेज दिखा रहा है।”

जोशी ने इसके लिए लोकल फिलिंग स्टेशनों पर मिलने वाले फ्यूल को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “एथेनॉल की वजह से ही ऐसा हुआ है।” व्लॉगर ने बताया कि पहले पेट्रोल की एक फुल टैंक से गाड़ी लगभग 800 किलोमीटर तक चलती थी, लेकिन अब रिफिलिंग के बाद अनुमानित रेंज सिर्फ 480 किलोमीटर ही दिखाती है। उन्होंने कहा कि रेंज में आई इस भारी कमी की वजह से उन्हें जर्मन SUV के पेट्रोल इंजन में संभावित मैकेनिकल खराबी की चिंता हो रही है।

उन्होंने कहा, “पता नहीं यह कार कब खराब हो जाए… आजकल पेट्रोल भरवाने में भी बहुत डर लगता है।” जोशी ने यह भी बताया कि उनके पास G-Wagon (एक और मर्सिडीज SUV) का इलेक्ट्रिक वर्जन है, जिससे उन्हें इथेनॉल से जुड़ी चिंताओं की कोई फिक्र नहीं रहती। जोशी का वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के कुछ ही समय बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने ग्राहकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की। हालांकि इस बयान में जोशी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन इसमें E20 पेट्रोल को लेकर उनकी चिंताओं का जिक्र किया गया।

जर्मन कार कंपनी ने कहा, “मर्सिडीज़-बेंज के लिए ग्राहकों की सुरक्षा, गाड़ी की भरोसेमंदता और परफॉर्मेंस सबसे जरूरी हैं। मर्सिडीज-बेंज की सभी पेट्रोल BS VI गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से सही हैं और संबंधित अधिकारियों ने उन्हें इसके लिए सर्टिफाई भी किया है।”

“हम ग्राहकों की किसी भी तकनीकी सवाल में मदद करने के लिए तैयार हैं। मर्सिडीज-बेंज सस्टेनेबल मोबिलिटी (पर्यावरण के अनुकूल परिवहन) के लिए प्रतिबद्ध है।”E20 फ्यूल एक मिला-जुला मोटर फ्यूल है जिसमें 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। भारत में E20 फ्यूल को बढ़ावा देने का मुद्दा विवादित हो गया है क्योंकि ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि इससे पुरानी गाड़ियों (जो इसके लिए नहीं बनी हैं) के इंजन खराब हो सकते हैं और माइलेज भी कम हो सकता है।

हालांकि, शुक्रवार को सरकार ने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल प्रोग्राम का बचाव किया। सरकार ने इंजन खराब होने और माइलेज कम होने की चिंताओं के बीच कहा कि इस स्कीम से चीनी अर्थव्यवस्था को मदद मिली है, किसानों की आय बढ़ी है और 2014-15 से देश के ₹1.90 लाख करोड़ से ज़्यादा विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

सेव पुरी के लिए 20 मिनट तक बीच सड़क खड़ी रही BEST बस, ड्राइवर की लापरवाही का VIDEO वायरल

मुंबई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। BEST बस ड्राइवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर बस को व्यस्त सड़क के बीच रोककर सेव पुरी खरीदने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि बस कुछ देर तक सड़क पर खड़ी रही, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई और कई वाहन जाम में फंस गए। घटना के बाद यात्रियों और वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिली।

वीडियो में ड्राइवर कुछ लोगों से बहस करता भी नजर आ रहा है, जिसके बाद मामला और तूल पकड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद BEST प्रशासन ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुलुंड की MG Road पर हुआ मामला

बताया जा रहा है कि यह घटना मुंबई के मुलुंड इलाके की MG Road पर हुई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो में BEST बस सड़क के बीचों-बीच खड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो में बस कंडक्टर ड्राइवर को एक सफेद रंग का पैकेट देते हुए नजर आ रहा है, जबकि ड्राइवर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति से बहस करता दिख रहा है।

जाम में फंसी गाड़ियां, लोगों ने जताई नाराजगी

बस के लंबे समय तक रुके रहने से सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। कई वाहन, जिनमें दूसरी बसें भी शामिल थीं, पीछे फंस गए। जब कुछ लोगों ने ड्राइवर से बस रोकने की वजह पूछी और सड़क बाधित होने पर सवाल उठाए, तो आरोप है कि ड्राइवर ने जवाब देने के बजाय उनसे बहस की और कथित रूप से गुस्से में आ गया।

VIDEO वायरल होते ही BEST प्रशासन हरकत में आया

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद BEST प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, BEST अधिकारियों ने ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच की जिम्मेदारी मुलुंड डिपो मैनेजर को दी गई है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।

सोशल मीडिया पर ड्राइवर के व्यवहार की आलोचना

वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ड्राइवर के रवैये पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों को ज्यादा जिम्मेदारी और अनुशासन दिखाना चाहिए।

एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह की लापरवाही से आम लोगों को परेशानी होती है। वहीं कुछ अन्य लोगों ने BEST से ड्राइवर के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

लोगों ने उठाए जिम्मेदारी और नियमों पर सवाल

कई यूजर्स ने कहा कि एक छोटी निजी जरूरत के लिए पूरी सड़क व्यवस्था को प्रभावित करना सही नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर सार्वजनिक बस सेवा के कर्मचारी ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो यात्रियों में भरोसा कैसे बना रहेगा।

एक पैकेट सेव पुरी ने खड़ा कर दिया विवाद

यह मामला अब सिर्फ ट्रैफिक जाम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक सेवा में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। BEST प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर आगे की जांच और फैसले पर है।

पलभर में भड़का बाइसन, बुजुर्ग को सींगों से 8 फीट हवा में उछाला, VIDEO देख दहल जाएंगे

मां ने हासिल की मास्टर डिग्री, दुबई में बैठी बेटी की आंखों से छलके आंसू; वायरल हो रही कहानी

दुबई में बैठी एक बेटी अपनी मां की ग्रेजुएशन सेरेमनी को टीवी पर देखकर भावुक होकर रो पड़ी। सोशल मीडिया पर यह पल वायरल हो रहा है।

पलभर में भड़का बाइसन, बुजुर्ग को सींगों से 8 फीट हवा में उछाला, VIDEO देख दहल जाएंगे

अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ऐसा दृश्य कैद हुआ है, जिसने वन्यजीवों के बीच सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पार्क में घूमने आए पर्यटक अक्सर जंगली जानवरों को बेहद करीब से देखने और उनकी तस्वीरें लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार यही रोमांच बड़े हादसे की वजह बन जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब पार्क में मौजूद एक विशाल बाइसन के अचानक बदले व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मचा दी। देखते ही देखते शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने न सिर्फ पूरे घटनाक्रम को अपनी आंखों से देखा, बल्कि इसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

यह घटना याद दिलाती है कि जंगली जानवर चाहे कितने भी शांत क्यों न दिखाई दें, उनके स्वभाव का भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए राष्ट्रीय उद्यानों में हमेशा सतर्क रहना और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है।

पहले ही दे चुका था खतरे का इशारा

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बाइसन काफी देर से असामान्य और आक्रामक व्यवहार कर रहा था। वो कैंपग्राउंड में तेजी से दौड़ रहा था और लोगों के बेहद करीब पहुंच रहा था। बाद में वो मिट्टी में लोटने लगा, जिससे कई लोगों को लगा कि अब उसका गुस्सा शांत हो गया है और खतरा टल चुका है।

एक तस्वीर की चाह और सामने आ गया खतरा

इसी दौरान दादा और उनका पोता पेड़ों के पास रुककर तस्वीरें लेने लगे। तभी वहां से गुजर रहे एक सफेद पिकअप ट्रक के बाद बाइसन ने अचानक अपना रुख बदल लिया। वो सीधे उसी दिशा में दौड़ा, जहां दोनों खड़े थे। पोता तो समय रहते वहां से निकल गया, लेकिन दादा पेड़ों के चारों ओर बचने की कोशिश करते रह गए।

पलभर में किया जोरदार हमला

भागते हुए पर्यटक को आखिरकार बाइसन ने अपने सींग से जोरदार टक्कर मारी और करीब आठ फीट तक हवा में उछाल दिया। ये दृश्य इतना डरावना था कि आसपास मौजूद लोग कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए, फिर तुरंत घायल व्यक्ति की मदद के लिए दौड़ पड़े।

कैमरे में कैद हुआ खौफनाक हमला

पास में कैंपिंग कर रहे प्रोफेशनल फोटोग्राफर माइक मैकलियोड ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। उन्होंने बताया कि बाइसन बेहद भड़का हुआ था और रास्ते में आने वाली लगभग हर चीज पर हमला करने के मूड में दिखाई दे रहा था।

मौके पर लोगों ने दिखाई इंसानियत

हमले के तुरंत बाद कई लोग घायल पर्यटक की सहायता के लिए आगे आए। किसी ने उसे संभाला, किसी ने बाइसन पर नजर रखी ताकि वो दोबारा हमला न करे। वहीं एक महिला ने तुरंत आपातकालीन सेवा 911 को कॉल किया। प्राथमिक जांच में खून बहने के निशान नहीं मिले, लेकिन घायल व्यक्ति को कूल्हे और पैर में गंभीर चोटें आईं।

Viral Video: 40 किमी का सफर पड़ा 2,000 किमी की उड़ान पर भारी! बेंगलुरु ट्रैफिक का ये वीडियो हो रहा खूब वायरल

Viral Video: 40 किमी का सफर पड़ा 2,000 किमी की उड़ान पर भारी! बेंगलुरु ट्रैफिक का ये वीडियो हो रहा खूब वायरल

Viral Video: बेंगलुरु के एक व्यक्ति का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब चर्चा में है। उन्होंने बताया कि शहर से केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में उन्हें लगभग उतना ही समय लगा, जितने समय में वह कोलकाता जैसी करीब 2,000 किलोमीटर दूर की यात्रा पूरी कर सकते थे। उनके इस पोस्ट के बाद बेंगलुरु के ट्रैफिक और शहर की व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। फाइनेंस इन्फ्लुएंसर मनीष कुमार सिंह ने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए शेयर किया।

उन्होंने बताया कि वह कोलकाता जाने के लिए HSR लेआउट से कार में बैठकर बेंगलुरु के बेंगलुरु एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी सफर के दौरान उन्होंने शहर के ट्रैफिक को लेकर अपना अनुभव लोगों के साथ शेयर किया।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं आप लोगों के साथ एक दिलचस्प बात शेयर करना चाहता हूं। इसे सुनकर शायद आप भी हंस पड़ेंगे। बैंगलोर शहर से एयरपोर्ट पहुंचने में करीब 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं, जबकि बेंगलुरु से कोलकाता की फ्लाइट सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में पहुंचा देती है।” उन्होंने आगे कहा, “आप ही बताइए, क्या किसी शहर की प्लानिंग ऐसी होनी चाहिए कि एयरपोर्ट पहुंचने में ही इतना समय लग जाए? मैंने न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे बड़े शहर भी देखे हैं। वहां भी आबादी और ट्रैफिक है, लेकिन एयरपोर्ट तक पहुंचने में इतना वक्त नहीं लगता। मेरे हिसाब से यह हमारे देश की सिटी प्लानिंग की एक बड़ी कमी है।”

 

एयरपोर्ट के लिए होनी चाहिए बेहतर कनेक्टिविटी

उन्होंने कहा कि, दुनिया के कई देशों में एयरपोर्ट शहर से कुछ दूरी पर बनाए जाते हैं, लेकिन वहां अच्छी सड़क और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होने की वजह से लोग 30 से 40 मिनट में आसानी से एयरपोर्ट पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, असली समस्या एयरपोर्ट का शहर से दूर होना नहीं है, बल्कि वहां तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी का अभाव है। उन्होंने नए बने नोएडा और नवी मुंबई एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा, “सबसे पहले अच्छी ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर सिटी प्लानिंग पर ध्यान देना चाहिए। पहले एयरपोर्ट बना देना और बाद में उसकी कनेक्टिविटी के बारे में सोचना सही तरीका नहीं है।”

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए रिएक्शन

उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “हमारी सिटी प्लानिंग पूरी तरह गड़बड़ है। शहर लोगों की समस्याएं कम करने के बजाय कई बार उन्हें और बढ़ा रहे हैं।” वहीं इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर रिएक्शन दिए है। कई लोगों ने भारतीय शहरों के ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनकी बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “बैंगलोर की सिटी प्लानिंग सबसे खराब है।”

दूसरे ने कहा, “यहां सिटी प्लानिंग जैसी कोई चीज नहीं है, शहर पूरी तरह बिखर चुका है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह कोई नई बात नहीं है। कई जगहों पर एयरपोर्ट की फ्लाइट से कम समय एयरपोर्ट तक पहुंचने में लग जाता है।” एक और व्यक्ति ने कहा, “बैंगलोर एक बेहद अनप्लान्ड शहर है, जहां की सड़कें सबसे ज्यादा उलझी हुई हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने सलाह दी, “मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना बेहतर है, इससे ट्रैफिक से बचकर समय पर एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है।”

VIDEO: यूपी से शिलॉन्ग घूमने गए लोगों ने Airbnb से बुक प्रॉपर्टी का किया बुरा हाल, होस्ट ने उनकी शर्मिंदा करने वाली करतूतों की पूरी लिस्ट बताई

Viral Video: मेघालय की राजधानी शिलांग में एक Airbnb होमस्टे में ठहरे कुछ मेहमानों पर तोड़फोड़ और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। होमस्टे मालिक के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से आए चार मेहमानों ने उनकी नई शुरू हुई प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ की, केयरटेकर के साथ मारपीट की और स्टाफ को धमकाया। होमस्टे मालिक ने सोशल मीडिया पर प्रॉपर्टी की कथित खराब हालत की तस्वीरें और पूरी घटना शेयर की है। वहीं ये घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। इस घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

ये मामला तब सामने आया जब शिलांग के रीसा कॉलोनी स्थित द ओकवुड नाम के Airbnb होमस्टे के मालिक ने सोशल मीडिया पर पूरी घटना बताई। उन्होंने दावा किया कि मेहमानों के ठहरने के दौरान उनकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा। इसे दिखाने के लिए उन्होंने पहले और बाद की तस्वीरें भी शेयर कीं। इसके बाद ये मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा।

प्रॉपर्टी में किया तोड़ फोड़

होमस्टे मालिक ने लिखा, “मेहमानों को अच्छा और आरामदायक ठहराव देने के लिए हमने इस होमस्टे को बहुत मेहनत से तैयार किया था। लेकिन कुछ लोग प्रॉपर्टी के साथ जिस तरह का व्यवहार करते हैं, उसे देखकर बेहद दुख होता है। ऐसा लगता है कि उनमें जरा भी नागरिक जिम्मेदारी या सिविक सेंस नहीं है।” पोस्ट में दावा किया गया कि, मेहमानों ने बिना अनुमति के दूसरे लोगों को भी प्रॉपर्टी में बुलाया। उन पर तोड़फोड़ करने, हंगामा करने, शराब पीने और घर के नियमों के बावजूद कमरों के अंदर स्मोकिंग करने का भी आरोप लगाया गया है। होस्ट का कहना है कि जब स्टाफ ने इसका विरोध किया तो मेहमानों ने गुस्से में गलत व्यवहार किया।

 

इन लोगों की बुकिंग ना ले

उन्होंने पोस्ट में मेहमानों की पहचान बताते हुए शिलांग और मेघालय के अन्य होमस्टे व गेस्टहाउस मालिकों से अपील की कि वे इन लोगों की बुकिंग स्वीकार न करें। उन्होंने लिखा, “अगर आपकी मुलाकात कभी विकास सिंह नाम के इस व्यक्ति से हो, तो कृपया उन्हें अपनी प्रॉपर्टी बुक न करने दें।” होस्ट ने यह भी आरोप लगाया कि अखंड सिंह सूर्यवंशी ने उनके केयरटेकर के साथ मारपीट की। उन्होंने आगे कहा, “हम मेहमानों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, लेकिन होमस्टे मालिक इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं हैं।” होस्ट का ये भी दावा है कि एक मेहमान ने यहां तक कहा कि चेक-इन से पहले ही प्रॉपर्टी की हालत ऐसी थी।

हजारों रुपए का हुआ नुकसान

इस मामले ने तब और ज्यादा ध्यान खींचा, जब ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर रूबेन चार्ल्स ने इस घटना पर रिएक्शन देते हुए एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि वह कुछ दिन पहले इसी Airbnb में ठहरे थे और कहा, “शिलांग के इस Airbnb में उत्तर प्रदेश से आए चार लोगों ने तोड़फोड़ की है।” ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर ने बताया कि जब वह इस होमस्टे में रुके थे, तब सब कुछ ठीक था। बाद में प्रॉपर्टी की खराब हालत देखकर उन्हें हैरानी हुई। उनके मुताबिक, वहां कचरा फैला था, दीवारें क्षतिग्रस्त थीं और कई जगह गंदगी दिखाई दे रही थी। बताया जा रहा है कि इससे प्रॉपर्टी को हजारों रुपये का नुकसान हुआ।

यूजर ने किया कमेंट

इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने मेहमानों के कथित व्यवहार की आलोचना की और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, होमस्टे मालिकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाने की भी बात कही। एक यूजर ने लिखा, “जानवर भी ऐसा नहीं करते।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “उम्मीद है कि आप इस तोड़फोड़ की पुलिस में शिकायत करेंगे। यह देखकर बहुत दुख हुआ।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह बेहद खराब व्यवहार है और बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। आपकी प्रॉपर्टी के साथ जो हुआ, उसके लिए दुख है। दूसरे होस्ट को सावधान करने के लिए यह जानकारी साझा करना सही कदम है।”

कर्नाटक के गांव से निकल बिना IIT डिग्री के पृथ्वीराज ने NVIDIA में पाई 2.6 करोड़ की जॉब, जानिए कैसे किया मुमकिन

कर्नाटक के एक इंजीनियर की सफलता की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। चित्रदुर्ग के पास एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित NVIDIA में करीब 2.6 करोड़ रुपये सालाना के पैकेज वाली नौकरी हासिल की। वहीं उन्होंने ये उपलब्धि IIT डिग्री के बिना हासिल की है। ये कहानी पृथ्वीराज पी की है, जिनका बचपन कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के कटमदेवरकोट गांव में बीता, जहां संसाधन और टेक्नोलॉजी सुविधाएं काफी सीमित थीं।

इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का रास्ता बनाया। आज उनकी सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो छोटे शहर या गांव से निकलकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखते हैं।

आईआईटी से नहीं की पढ़ाई

पृथ्वीराज पी ने किसी आईआईटी से नहीं, बल्कि बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ नई तकनीक सीखने और अपने प्रैक्टिकल स्किल्स को बेहतर बनाने पर लगातार मेहनत की। इसी लगन और सीखने की इच्छा ने उन्हें आगे बढ़ने और टेक इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने में मदद की। पृथ्वीराज ने सफलता पाने के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान या नामी कॉलेज के सहारे पर भरोसा नहीं किया।

उन्होंने ऑनलाइन कोर्स किए, इंटर्नशिप की, अपने खुद के प्रोजेक्ट्स पर काम किया और लगातार प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करते रहे। कई वर्षों की मेहनत से उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप लर्निंग के क्षेत्र में अपनी अच्छी पकड़ बनाई, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।

NVIDIA में करते हैं काम

रिपोर्ट्स के अनुसार, पृथ्वीराज बाद में मास्टर डिग्री करने के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने एक टियर-3 यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। सीमित आर्थिक संसाधनों और कम मार्गदर्शन के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार अपनी तकनीकी कौशल को बेहतर बनाया और करियर में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जारी रखी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार मेहनत और सीखने की लगन की बदौलत पृथ्वीराज ने NVIDIA की कठिन चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पार की। अब वह कंपनी के अमेरिका स्थित सांता क्लारा मुख्यालय में डीप लर्निंग से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं और उनकी सालाना आय करीब 2.6 करोड़ रुपये बताई जाती है।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे लगातार सीखते रहें, धैर्य रखें और अपनी मेहनत पर भरोसा बनाए रखें, क्योंकि समर्पण से बड़े अवसर हासिल किए जा सकते हैं।