जांच एजेंसी ने कहा कि कुछ प्रचार करने वाले अकाउंट्स जानबूझकर पुराने फोटो और वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे भ्रामक दावे लोगों के बीच अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकते हैं।
India Protest Wrong Map Dhaka Seminar: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित हुआ। इस सेमीनार में एक ऐसा वाकया हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। दरअसल भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। सेमिनार में जम्मू-कश्मीर (J&K) को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाए जाने पर वहां मौजूद भारतीय उच्चायोग की सचिव पूजा कुमारी झा ने तुरंत कड़े शब्दों में इस पर अपना विरोध दर्ज कराया।
भारतीय राजनयिक ने मंच से कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, और इस तरह के गलत नक्शों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद ढाका में ‘बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज’ (BIISS) द्वारा आयोजित एक विदेश मामलों के सेमिनार के दौरान शुरू हुआ। सेमिनार में बांग्लादेश के पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम अपना मुख्य भाषण दे रहे थे। भाषण के दौरान स्क्रीन पर एक स्लाइड दिखाई गई, जिसमें भारत के नक्शे में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के क्षेत्र में दिखाया गया था।
दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय उच्चायोग की अधिकारी पूजा कुमारी झा ने जैसे ही इस गलत नक्शे को देखा, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया। पूजा झा ने कहा, ‘यहां दिखाया गया भारत का नक्शा पूरी तरह गलत है। जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा है, और मेरा मानना है कि यहां प्रस्तुत नक्शा सही नहीं है।’
India’s Second Secretary at the @ihcdhaka Puja Jha, objected on the spot after an incorrect map of Jammu & Kashmir as part of Pakistan was displayed during a foreign policy seminar in Bangladesh.
She said that J&K is an integral and inalienable part of India and that the map was… pic.twitter.com/G3MReBRgEZ
— Abhishek Jha (@abhishekjha157) July 10, 2026
पूर्व राजदूत ने दी सफाई
भारत की कड़ी आपत्ति के बाद, पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम ने इस पर सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस नक्शे का इस्तेमाल केवल ‘प्रस्तुतीकरण के उद्देश्य’ से किया गया था और इसका इरादा वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को प्रदर्शित करना या प्रोजेक्ट करना नहीं था।
नेपाल एयरलाइंस भी कर चुकी है ऐसी ही बड़ी गलती
अंतरराष्ट्रीय मंचों या विज्ञापनों में भारत के गलत नक्शे को दिखाए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ महीने पहले नेपाल की राष्ट्रीय विमानन कंपनी, नेपाल एयरलाइंस कॉरपोरेशन (NAC) को भी ऐसी ही एक हरकत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।
नेपाल एयरलाइंस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक प्रमोशनल रूट मैप और विज्ञापन शेयर किया था। इस ग्राफिक में एयरलाइंस ने भारत के केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत के बजाय पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में रंग दिया था।
#BoycottNepalAirlines हुआ था ट्रेंड
यह इमेज सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई थी। भारतीय यूजर्स ने इसे नेपाल एयरलाइंस की ‘नक्शा आक्रामकता’ करार दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर #BoycottNepalAirlines ट्रेंड करने लगा था और भारतीय विदेश मंत्रालय से इस पर कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराने की मांग की गई थी। बाद में नेपाल एयरलाइंस को इस बड़ी चूक के लिए सार्वजनिक रूप से औपचारिक माफी मांगनी पड़ी थी।
Thar Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। महिंद्र की थार को स्टंट करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में थार के इंजन की ताकत को जांचने के लिए उसे उफनती नदी में घुसा दिया। ओवर कॉन्फिडेंस से भरे लड़कों की हालत तब खराब होनी शुरू हो गई, जब गाड़ी बीच नदी में फंस गई और डूबने लगी। हरिद्वार के इन युवकों हेकड़ी तुरंत निकल गई।
वीडियो की शुरुआत में आपको सबकुछ सही लगता है। लेकिन जैसे ही थार नदी के बीचोंबीच पहुंची, तेजी से लड़खड़ा जाती है। तेज बहाव और नदी के तल में फंसने की वजह से गाड़ी बंद हो जाती है। देखते ही देखते थार पानी में लगभग डूब जाती है। अब तक जो युवक स्टंट के मजे ले रहे थे, उनके चेहरे पर पसीना आ जाता है।
थार में दो युवक बैठे थे। गाड़ी डूबती देख उन्होंने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को जैसे तैसे करके सही सलामत बाहर निकाला। कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच और मामले को संभाला।
In the Baidagi camp of #Haridwar #Uttarakhand, young men removed the #Thar to the Neeldhara to test the engine’s power. The Thar got stuck in the middle of the river due to the strong current, after which the young men cried out for help. After considerable effort, the Thar was… pic.twitter.com/8evFebGVo3
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) July 10, 2026
गाड़ी के डूबने के बाद ‘ऑफ-रोड रेस्क्यू’ किया गया। गाड़ी बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। काफी मशक्कत के बाद गंगा की तेज धारा में फंसी थार को बाहर निकालना मुमकिन हो पाया है। वहां क्या-क्या हुआ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कनखल पुलिस ने जानकारी दी है कि घटना 9 जुलाई की है। जांच में पता चला है कि सार्वजनिक जगह पर खतरनाक स्टंट किया कर रहे थे। इसलिए थार को मौके पर ही हमने सीज कर दिया। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की जा रही है।
बता दें कि इस अभियान के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी, हुड़दंग और लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो रही है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। कोई इसे ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ का मामला कह रहा है… तो कोई कह रहा है कि ऑफ-रोडिंग और लापरवाही में लोगों को फर्क करना आना चाहिए।
X पर अरेंज्ड मैरिज की एक मीटिंग के बारे में एक पोस्ट वायरल हो गई है। इसमें एक यूजर ने दावा किया कि एक कैफ़े में हुई तनावपूर्ण बातचीत के बाद उसके दोस्त की सगाई टूट गई। ओरिजिनल पोस्ट में इस घटना को “पारंपरिक मूल्यों” और “आधुनिक सशक्तिकरण” के बीच टकराव के तौर पर दिखाया गया था, लेकिन X पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह मामला असल में सम्मान, तालमेल और निजी पसंद के अधिकार से जुड़ा था।
X यूजर स्वाक्ष त्रिपाठी की वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि नोएडा की एक बड़ी MNC में टेक लीड के तौर पर काम करने वाले उनके दोस्त की मुलाकात साइबरहब में होने वाली दुल्हन से हुई। पोस्ट के मुताबिक, उसने कॉकटेल ऑर्डर किया, सिगरेट जलाई और जब उससे पूछा गया कि क्या वह अक्सर स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करती है, तो उसने हंसते हुए उसे “पिंड का गंवार” कहा और बोली-, “यह 2026 है, बड़े हो जाओ। अगर तुम एक सशक्त महिला को नहीं संभाल सकते, तो किसी मेड से शादी कर लो।”
यूजर ने आगे कहा, “यह बहुत बुरा है कि कैसे ये आधुनिक महिलाएं अपनी घटिया आदतों, टॉक्सिक लत और घमंड को ‘महिला सशक्तिकरण’ का नाम देती हैं। शिक्षा और कॉर्पोरेट पैसे ने तुम्हें अच्छे और अपनी जड़ों से जुड़े पुरुषों को नीची नजर से देखने का लाइसेंस दे दिया है। तुम कोई ‘बोल्ड और आजाद महिला’ नहीं हो, तुम बस शादी के लायक न रहने वाली, टॉक्सिक और बोझ जैसी महिला हो।”
My friend’s engagement just broke off last night, and honestly, my blood is boiling.
He is a tech lead at a top MNC in Noida, earning a massive package. Absolute gem of a guy, simple and rooted. A family reference brought a marriage proposal, girl is also highly educated,…
— Swaksh Tripathi (@SwakshTripathi) July 9, 2026
हालांकि, कई यूजर्स ने तुरंत कहा कि बहस असल में स्मोकिंग या ड्रिंकिंग के बारे में नहीं थी। इसके बजाय, उनका तर्क था कि अगर बातचीत वैसी ही हुई जैसा बताया गया है, तो अपमान और किसी दूसरे व्यक्ति की वैल्यूज को नजरअंदाज करना ज्यादा बड़ी बात थी। एक कमेंट में लिखा था, “आपको खुश होना चाहिए कि आपका दोस्त उससे शादी करने से बच गया। इसलिए नहीं कि वह स्मोकिंग या ड्रिंकिंग कर रही थी, बल्कि इसलिए कि उसे दूसरों और उनकी पसंद का सम्मान करना नहीं आता। अगर आप शादी के लिए किसी से मिल रहे हैं, तो इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य और घिनौना है।”
एक और यूजर ने इसी बात को दोहराते हुए कहा, “अगर वह स्मोकिंग करके अपनी सेहत खराब करना चाहती है, तो उसकी मर्जी। समस्या उसका घमंड और सम्मान की कमी है… उस आदमी ने सही किया। उसने रेड फ़्लैग पहचान लिया।”
दूसरों ने अपने निजी अनुभव साझा किए ताकि यह समझाया जा सके कि किसी की आदतों को जज करने से ज्यादा जरूरी तालमेल (कम्पैटिबिलिटी) है। एक यूजर ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक बीयर बार में अरेंज्ड मैरिज के जरिए एक महिला से मिलने का जिक्र किया। “मेरा भी ऐसा ही अनुभव था, लेकिन इस स्तर का नहीं। हम एक साइट के जरिए मिले और मीटिंग तय की।
हम CP के मशहूर बीयर बार में मिले। उस समय मैं ड्रिंक करता था, लेकिन स्मोकिंग नहीं। हमने अच्छा समय बिताया। हमारी बातचीत खत्म हुई, हम बाहर निकले और लगभग घर वापस जाने के लिए तैयार थे। अचानक लड़की ने लाइटर मांगा और मैं थोड़ा नशे में था, तो मैंने पूछा – किसलिए?! उसके पास सिगरेट थी या उसने पास की दुकान से खरीदी थी। हम दोनों तब तक बैठे रहे जब तक उसने स्मोकिंग की, और मुझे पता था कि मैं किसी स्मोकर के साथ नहीं रह सकता, भले ही वह मेरे साथ बहुत अच्छी थी।”
साथ ही, कई यूजर्स ने ओरिजिनल पोस्ट के नजरिए का विरोध किया। उनका तर्क था कि आलोचना में महिलाओं को गलत तरीके से निशाना बनाया गया, जबकि ध्यान व्यक्ति के व्यवहार पर होना चाहिए था। एक कमेंट में लिखा था, “अच्छा हुआ कि रिश्ता टूट गया। सच कहूं तो, अगर आप एक सशक्त महिला को नहीं संभाल सकते, तो उनसे शादी ही न करें।
ज्यादा सैलरी का मतलब बेहतर सोच नहीं होता। उस महिला की तारीफ होनी चाहिए!” एक और यूज़र ने सवाल उठाया कि महिलाओं के स्मोकिंग करने को पुरुषों के स्मोकिंग करने से अलग नजरिए से क्यों देखा जाता है। उन्होंने लिखा, “लेकिन पुरुष तो सदियों से स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करते आ रहे हैं??? मुझे समझ नहीं आता कि इसमें बुरा क्या है? अगर महिलाएं ऐसा करती हैं तो यह अलग कैसे हो जाता है? अगर उन्हें स्मोकिंग पसंद नहीं है, तो वे आगे बढ़ सकते हैं। उन्हें जज क्यों किया जा रहा है?”
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक रेलवे गेटकीपर प्लेटफॉर्म पर खड़ा था। तभी अचानक उसकी नजर रेलवे ट्रैक पड़ी… इसके बाद जो हुआ वो रोंगटे खड़े कर देगा।
कंटेंट क्रिएटर और ऑन्टोप्रेन्योर यश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी 10 साल की बहन की मौत हो गई। यश ने बताया कि उनकी बहन का टॉन्सिल का ऑपरेशन रायबरेली के शाश्वत अस्पताल में डॉ. अमित सिंह की देखरेख में कराया गया था। उनके अनुसार, यह एक सामान्य सर्जरी थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत हो गई।
वीडियो में यश अपने परिवार के साथ बहन का शव घर ले जाते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने बताया था कि ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। यश का आरोप है कि ऑपरेशन के समय बच्ची को दिए गए एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) में गड़बड़ी हुई। उनका कहना है कि सर्जरी के बीच में ही उनकी बहन को होश आ गया और वह दर्द से चिल्लाने लगी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
10 साल की बच्ची की मौत पर परिवार ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप
यश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी बहन की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि बच्ची की चीख सुनकर परिवार के सभी लोग ऑपरेशन थिएटर के बाहर पहुंच गए। उनका दावा है कि डॉक्टर बच्ची को बिना स्ट्रेचर के बाहर लेकर आए, जबकि वह दर्द से रो रही थी। यश के अनुसार, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि कुछ ही सेकंड में उसकी धड़कन और सांसें रुक गईं और उसकी आंखें पलट गईं।
This is Yash Pratap Singh. His younger sister is no longer with us, and the family alleges that her death resulted from medical negligence.
According to the family, she underwent a routine tonsillitis surgery at Saswat Hospital in Raebareli district. During the operation, they… pic.twitter.com/nO90fBtjFq
— Sona (@itz_sona6695) July 8, 2026
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर (CPR) देकर बच्ची को बचाने की कोशिश की। इसके बाद परिवार को बताया गया कि बच्ची को वेंटिलेटर पर रखना होगा और बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ ले जाना पड़ेगा। यश के मुताबिक, उनकी बहन सात दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ती रही, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यह पूरी घटना अस्पताल की मेडिकल लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों से अपील की है कि इस मामले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें टैग करें।
सोशल मीडिया पर उठी जांच और कार्रवाई की मांग
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। वहीं, कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल व डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, “टॉन्सिल के ऑपरेशन से किसी की मौत होने की बात कभी नहीं सुनी। अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर लापरवाही का मामला है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय और यूपी पुलिस को टैग करते हुए अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एक और व्यक्ति ने लिखा कि बच्ची और उसके परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, कई यूजर्स का कहना है कि अगर मेडिकल लापरवाही साबित होती है तो ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बड़ी टेक कंपनियां टैलेंट को अपने साथ जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के पैकेज दे रही हैं। लेकिन कुछ लोग अच्छी खासी सैलरी छोड़कर अपना सपना पूरा करने का रास्ता चुनते हैं। ऐसा ही एक मामला आईआईटी बॉम्बे से पढ़े AI रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल का सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स से मिले 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया।
पोस्ट के मुताबिक, ऋषभ ने यह बड़ा ऑफर इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, बाद में खुद ऋषभ अग्रवाल ने इस दावे पर सफाई दी। उनके बयान के बाद इस पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया और कई लोग हैरान रह गए।
IIT बॉम्बे के AI रिसर्चर ने ठुकराया करोड़ों का ऑफर
यह पूरा मामला तब चर्चा में आया, जब X पर एक यूज़र विकास ऑलवेज ने ऋषभ अग्रवाल को लेकर एक पोस्ट शेयर की। पोस्ट में उनके आईआईटी बॉम्बे से लेकर दुनिया की बड़ी AI कंपनियों तक के सफर का जिक्र किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने जेईई परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 33 हासिल की थी और इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। आगे चलकर उन्होंने गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और वेमो जैसी दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों में काम किया।
Meta’s offer was an order of magnitude higher than 1 million https://t.co/kVaUunhMKI
— Rishabh Agarwal (@agarwl_) July 8, 2026
पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने उन्हें करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) का नौकरी का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय ठुकरा दिया। यही दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
AI की दुनिया में बड़ी पहचान, अब बना रहे हैं अपना स्टार्टअप
वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल AI की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। पोस्ट के अनुसार, वह इस समय पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) नाम की नई पीढ़ी की AI कंपनी तैयार कर रहे हैं। पोस्ट में लिखा गया कि भले ही आम लोग उन्हें ज्यादा न जानते हों, लेकिन AI क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान है। इसकी वजह यह बताई गई कि उन्होंने दुनिया की कई प्रमुख AI कंपनियों और रिसर्च लैब्स में काम किया है। इनमें गूगल ब्रेन, डीपमाइंड, वेमो और मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
करोड़ों का ऑफर छोड़कर अपने स्टार्टअप से जुड़े
वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने मेटा में करीब पांच महीने काम करने के बाद मिले करीब 9.5 करोड़ रुपये सालाना के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) में सह-संस्थापक (को-फाउंडर) के रूप में जुड़ गए। पोस्ट के अनुसार, पीरियॉडिक लैब्स अगली पीढ़ी की AI तकनीक पर काम कर रही है। इस स्टार्टअप को एनवीडिया (NVIDIA) और जेफ बेजोस का समर्थन भी मिला हुआ है।
बताया गया है कि कंपनी ऐसा AI वैज्ञानिक (AI Scientist) तैयार कर रही है, जो नई सामग्री, नई दवाओं और यहां तक कि भौतिक विज्ञान से जुड़ी नई खोजों के लिए वास्तविक दुनिया के प्रयोगों के आधार पर नए विचार और परिकल्पनाएं तैयार करने में मदद कर सके।
वायरल पोस्ट पर खुद ऋषभ अग्रवाल ने दी सफाई
यह पोस्ट देखते ही देखते X पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के फैसले के लिए ऋषभ अग्रवाल की जमकर तारीफ की। जब यह चर्चा बढ़ने लगी, तो ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस पोस्ट पर जवाब दिया। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक अहम बात भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि मेटा की ओर से मिला ऑफर 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) से भी कहीं बड़ा था। हालांकि, ऋषभ ने ऑफर की वास्तविक रकम का खुलासा नहीं किया। लेकिन उनके बयान से इतना जरूर साफ हो गया कि वायरल पोस्ट में बताई गई राशि से कहीं ज्यादा बड़ा पैकेज उन्हें दिया गया था।

तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर वेस्टइंडीज के गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह तेज गेंदबाजी कर रहे हैं। हालांकि उनकी हाफ वॉली गेंद को गेंदबाज मिड ऑन के ऊपर से छक्का मार देता है लेकिन इस उम्र में भी गेंदबाजी करने की ललक रखना काबिल ए तारीफ है। गौरतलब है कि यह कैरिबियाई गेंदबाज अब 62 साल का हो गया है।
Legendary Bowler Curtly Ambrose at the age of 62: pic.twitter.com/AU0ThJkZrt
— CricInformer (@CricInformer) July 9, 2026
एम्ब्रोज को साल 2014 में तत्कालीन कोच ओटिस गिब्सन की जगह वेस्टइंडीज का गेंदबाजी कोच भी बनाया गया था।हालांकि उनका अनुभव खास अच्छा नहीं रहा।करियर में 98 टेस्टों में वेस्टइंडीज के लिए 405 विकेट निकालने वाले पूर्व महान क्रिकेटर ने राष्ट्रीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर कैरिबियाई टीम को लताड़ लगाई थी।
एम्ब्रोज ने कहा, मैं टीम के साथ बतौर गेंदबाजी कोच दो वर्ष के लिए रहा और मैंने उन्हें काफी सिखाने की कोशिश की। एम्ब्रोस ने कहा था कि मैंने टीम को अपने लोगों का नेतृत्व करने और सम्मान के लिए खेलने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन मैदान पर उन्हें खुद के हिसाब से ही खेलना है। यदि वे तैयारी नहीं करेंगे तो उन्हें सिखाना बेकार ही है।
एम्ब्रोज आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के भी सख्त खिलाफ थे। अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक’ के प्रचार के लिए लॉर्ड्स पर उन्होंने कहा था कि मैं आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों का अपमान नहीं करना चाहता लेकिन आप आईपीएल खेलकर इत्मीनान से टीम में अपनी जगह नहीं पा सकते। मुझे लगता है कि यह चिंता का विषय है।
वह कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को तय करना होगा कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना है या देश के लिए। आज वेस्टइंडीज क्रिकेट की बर्बादी के लिए कई विशेषज्ञ मुखर होकर फ्रैंचाइजी लीग को दोष देते हैं।
महाराष्ट्र में भारी मॉनसून बारिश के कारण एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बॉटलिंग प्लांट से हजारों LPG सिलेंडर बहकर पातालगंगा नदी में चले गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटना के वीडियो में दर्जनों लाल सिलेंडर पानी के बहाव के साथ बहते हुए दिख रहे हैं और स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
यह घटना रायगढ़ ज़िले में स्थित HPCL के पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट में हुई, जहां भारी बारिश के कारण प्लांट परिसर में पानी भर गया था। जिला अधिकारियों के अनुसार, प्लांट से लगभग 3,000 LPG सिलेंडर (जिनमें भरे हुए और खाली, दोनों तरह के सिलेंडर शामिल थे) बह गए और तेज बहाव के साथ पातालगंगा नदी में चले गए।
वायरल वीडियो में तेज बहाव वाले पानी में कई लाल सिलेंडर बहते हुए दिखाई दिए, और स्थानीय लोग उन्हें इकट्ठा करने की कोशिश में बाढ़ वाली नदी में उतरते हुए दिखे। X पर किए गए एक पोस्ट में, ज़िला कलेक्टर केशव जावले ने कहा, “भारी बारिश के कारण, HPCL पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट (चावने, पनवेल) से लगभग 3,000 LPG सिलेंडर (भरे हुए और खाली) बहकर पातालगंगा नदी में चले गए हैं।”
महत्त्वाचे आवाहन | रायगड
अतिवृष्टीमुळे एचपीसीएल पाताळगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट (चावणे, पनवेल) येथून अंदाजे 3,000 एलपीजी सिलेंडर (भरलेले व रिकामे) पाताळगंगा नदीत वाहून गेले आहेत.
— जिल्हाधिकारी किशन जावळे#Raigad #HPCL #LPG #DisasterManagement #Maharashtra pic.twitter.com/KN5pswvXGU
— जिल्हा माहिती कार्यालय,रायगड-अलिबाग (@InfoRaigad) July 8, 2026
उन्होंने लोगों से यह भी अपील करते हुए कहा कि वे बहाव की दिशा में मिलने वाले किसी भी सिलेंडर को न छुएं और न ही इकट्ठा करें। पोस्ट में कहा गया, “अगर नागरिकों को ऐसे सिलेंडर मिलें, तो उन्हें अपने पास न रखें और न ही उनका इस्तेमाल करने की कोशिश करें। उन्हें तुरंत HPCL, सबसे नजदीकी HPCL डीलर, तहसीलदार ऑफिस (खालापुर/पेन) या सब-डिविजनल ऑफिसर (पेन) के ऑफिस में जमा कर देना चाहिए।”
ये वीडियो तेजी से वायरल हो गए और कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस घटना पर हैरानी जताई। एक यूजर ने कहा, “होरमुज़ के बंद होने की वजह से भारत में गैस की कोई कमी नहीं है। गैस तो बाढ़ में बहती नदी की तरह बह रही है।” किसी ने लिखा, “तैयारी न होने की हालत।” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “बिल्कुल ‘पुष्पा’ फिल्म जैसा सीन है, बस फ़र्क इतना है कि इसमें चंदन की लकड़ी नहीं, बल्कि LPG सिलेंडर हैं।”
एक और यूज़र ने कहा, “आप सोच भी नहीं सकते कि भारत में क्या-क्या हो सकता है।” एक व्यक्ति ने कहा, “ऐसे समय में जब कई परिवार LPG की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चिंतित हैं, हजारों सिलेंडरों को बहते हुए देखना अविश्वसनीय लगता है।” इस बीच, एक व्यक्ति ने कहा, “यह नीचे की ओर बसे गांवों के लिए सुरक्षा का बहुत बड़ा खतरा है। रिकवरी का काम बहुत मुश्किल और परेशानी भरा होगा।” एक और व्यक्ति ने कहा, “ये सिलेंडर खतरनाक हैं। लोगों को सलाह दी जानी चाहिए कि वे इन गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल न करें।”
महाराष्ट्र में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि एक नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। रायगढ़ जिले में बाढ़ के तेज बहाव ने ऐसा तांडव मचाया कि हजारों LPG सिलेंडर पानी के साथ बहते हुए पातालगंगा नदी तक पहुंच गए। नदी में तैरते सिलेंडरों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए तो लोगों के बीच चिंता और डर का माहौल बन गया। आखिर इतने सारे सिलेंडर पानी में कैसे पहुंचे और क्या इनके कारण कोई बड़ा खतरा पैदा हो सकता है?
इस घटना ने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक सभी का ध्यान खींच लिया है। बाढ़ की ताकत और हालात की गंभीरता को दिखाने वाला यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
HPCL प्लांट में घुसा बाढ़ का पानी
यह घटना पनवेल तालुका के MIDC चावणे इलाके में स्थित HPCL पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट की बताई जा रही है। बुधवार को भारी बारिश के कारण प्लांट में पानी भर गया, जिसके बाद वहां रखे करीब 3,000 LPG सिलेंडर तेज बहाव में बह गए।
इनमें भरे हुए और खाली दोनों तरह के सिलेंडर शामिल बताए जा रहे हैं।
Hundreds of LPG Gas cylinders got washed away in Floods and people are looting them.
This looks so bizzare pic.twitter.com/bk41ElgmAy
— Woke Eminent (@WokePandemic) July 8, 2026
वायरल वीडियो में नदी में तैरते दिखे सैकड़ों सिलेंडर
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में पातालगंगा नदी के तेज बहाव में बड़ी संख्या में LPG सिलेंडर बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ लोग नदी से सिलेंडर निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत लोगों को सावधान किया।
सिलेंडर मिलने पर तुरंत अधिकारियों को दें सूचना
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि अगर किसी को नदी या आसपास कोई LPG सिलेंडर दिखाई देता है तो उसे खुद उठाने के बजाय तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच के बिना इन सिलेंडरों को संभालना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पालघर, रायगढ़ और नासिक-पुणे के घाट क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं मुंबई, तटीय जिलों और उत्तर महाराष्ट्र के कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी जोखिम भरी गतिविधि से बचें।

