ट्रेन में शादीशुदा जोड़े के लिए हनीमून कूप डेकोरेट करने वाले मामले में भयंकर बवाल, TTE निपटे और हुए ये सारे एक्शन

शादी के बाद की पहली यात्रा को यादगार बनाने के लिए एक कपल ने ट्रेन के First AC Coupe को खास अंदाज में सजवाया। फूलों, गुब्बारों और गुलाब की पंखुड़ियों से सजा यह कोच देखने में बेहद खूबसूरत लग रहा था और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।लेकिन यह रोमांटिक सरप्राइज जल्द ही विवाद में बदल गया, क्योंकि सजावट रेलवे की अनुमति के बिना कराई गई थी। वीडियो सामने आने के बाद भारतीय रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

रेलवे ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की है और डेकोरेटर के खिलाफ भी कदम उठाए हैं। इस घटना ने ट्रेन में निजी आयोजनों और सुरक्षा नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

वायरल वीडियो में दिखा था खूबसूरत डेकोरेशन

मामला ट्रेन नंबर 11002 नंदिग्राम एक्सप्रेस का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक First AC Coupe को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया हुआ देखा गया। कोच में लाल और सफेद गुब्बारे, फूलों की माला, हार्ट शेप डेकोरेशन और गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी हुई थीं।

बताया गया कि यह सजावट एक नवविवाहित जोड़े के लिए कराई गई थी, ताकि उनकी ट्रेन यात्रा को यादगार बनाया जा सके।

रेलवे ने बताया- बिना अनुमति हुई थी सजावट

भारतीय रेलवे ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि कपल ने ऑनलाइन एक डेकोरेशन कंपनी से संपर्क कर निजी तौर पर First AC Coupe सजवाया था। हालांकि, सजावट करने वाली टीम कोच में बिना आधिकारिक अनुमति के दाखिल हुई थी।

रेलवे के अनुसार, यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि बाहरी लोगों का बिना अनुमति ट्रेन के अंदर प्रवेश करना गंभीर मामला माना जाता है।

जिम्मेदार कर्मचारी पर हुई कार्रवाई

रेलवे ने इस मामले में ड्यूटी पर तैनात चीफ टिकट इंस्पेक्टर गिरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा घटना की पूरी जांच के लिए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई और इस मामले में और कौन जिम्मेदार है।

डेकोरेटर के खिलाफ दर्ज हुआ केस

रेलवे ने सजावट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की है। डेकोरेटर पर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप हैं कि उसने बिना अनुमति ट्रेन में प्रवेश किया, बिना वैध टिकट यात्रा की और रेलवे संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश किया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी निजी कंपनी सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज न करे।

कैसे हुई थी पूरी घटना?

डेकोरेशन कंपनी के अनुसार, यह Coupe जलना से यात्रा करने वाले एक नवविवाहित जोड़े के लिए तैयार किया गया था। टीम कार से छत्रपति संभाजीनगर से पहुंची और कपल के ट्रेन में बैठने से पहले कोच को सजाया गया।

वायरल वीडियो में Coupe के दरवाजे पर गुलाबी पर्दे, छत पर गुब्बारे, खिड़कियों पर फूलों की सजावट और सीट व फर्श पर गुलाब की पंखुड़ियां दिखाई दे रही थीं।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे शादी के बाद की यादगार शुरुआत बताते हुए पसंद किया, जबकि कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या ट्रेन के अंदर इस तरह की सजावट की अनुमति है।

कुछ लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि गुब्बारे व सजावटी सामान आग जैसी आपात स्थिति में परेशानी पैदा कर सकते हैं। वहीं कुछ यूजर्स ने मजाक में इसे “Honeymoon on Wheels” भी कहा।

Pune Flood Viral Video: पुणे में मेहनत की कमाई से खरीदी कार को बाढ़ में डूबने से बचाने के लिए जान पर खेल गया ये शख्स! गाड़ी से अंत तक चिपका रहा

भारी बारिश के बीच उत्तराखंड में दिल दहला देने वाला मंजर, पहाड़ी खिसकने से भरभराकर मकान गिरा- VIDEO

भारी बारिश के बीच उत्तराखंड के टिहरी में दिल दहला देने वाला मंजर आया है। अचानक पहाड़ी खिसकने से एक मकान गिर गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Pune Flood Viral Video: पुणे में मेहनत की कमाई से खरीदी कार को बाढ़ में डूबने से बचाने के लिए जान पर खेल गया ये शख्स! गाड़ी से अंत तक चिपका रहा

महाराष्ट्र में बारिश का कहर कई इलाकों में लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बाढ़ जैसे हालातों में जहां लोग अपनी सुरक्षा और जरूरी सामान बचाने में जुटे हैं, वहीं पुणे से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस वीडियो में एक शख्स बाढ़ के तेज पानी के बीच अपनी कार को बचाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। सीने तक पानी में खड़े होकर वह अपनी गाड़ी को पकड़े रहता है और मदद का इंतजार करता है।

बताया जा रहा है कि यह कार उसकी वर्षों की मेहनत की कमाई से खरीदी गई थी, इसलिए उससे उसका भावनात्मक जुड़ाव काफी ज्यादा था। वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने उसकी भावनाओं को समझा, जबकि कुछ ने बाढ़ के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह भी दी।

बाढ़ के पानी में डूबी कार

वायरल वीडियो पुणे के पिंपले गुरव इलाके का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर ने यह वीडियो शेयर किया, जिसमें एक व्यक्ति कमर नहीं बल्कि सीने तक भरे पानी में खड़ा नजर आ रहा है। शख्स अपनी कार के पिछले हिस्से को मजबूती से पकड़े हुए था। पानी का बहाव तेज था और उसकी Tata Nexon EV लगभग पूरी तरह पानी में डूब चुकी थी, लेकिन उसने कार का साथ नहीं छोड़ा।

JCB की मदद से निकाली गई कार

वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ समय बाद एक JCB मौके पर पहुंचती है और बाढ़ में फंसी कार को बाहर निकालने की कोशिश शुरू करती है। कार को खींचने के दौरान भी उसका मालिक पानी में खड़ा रहा और लगातार वाहन को पकड़े रहा। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद कार को पानी से बाहर निकाला गया।

‘मेहनत की कमाई है’… लोगों को छू गई शख्स की भावना

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने शख्स की भावनाओं को समझा। कई यूजर्स ने कहा कि जब कोई चीज अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी जाती है, तो उससे जुड़ाव अलग ही होता है।एक यूजर ने लिखा, “जब कार मेहनत से खरीदी हो, तो ऐसा लगाव होना स्वाभाविक है।” वहीं कई लोगों ने कमेंट में दुख और भावुकता जाहिर करते हुए हार्टब्रोकन इमोजी शेयर किए।

लोगों ने की हिम्मत की तारीफ

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने शख्स के जज्बे और अपनी चीज को बचाने की कोशिश की तारीफ की। लोगों का कहना था कि यह वीडियो सिर्फ एक कार बचाने की कोशिश नहीं दिखाता, बल्कि उस मेहनत और भावनात्मक जुड़ाव को भी दिखाता है जो किसी सामान के पीछे छिपा होता है। हालांकि, कुछ लोगों ने बाढ़ जैसे खतरनाक हालात में अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी कही।

वायरल वीडियो

पुणे के इस वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि मेहनत से हासिल की गई चीजें इंसान के लिए कितनी खास हो सकती हैं। एक तरफ जहां शख्स का अपनी कार के प्रति लगाव चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदा के समय सावधानी और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

करोड़ों की दौलत के बाद भी काम जरूरी क्यों? 48 वर्षीय प्रोफेशनल ने बताया अपना नजरिया

महाराष्ट्र में बाढ़ का खौफनाक मंजर! HPCL प्लांट से 3000 गैस सिलेंडर नदी में बहे

Raigad : 3000 Gas Cylinders Washed Away

महाराष्‍ट्र में भारी बारिश की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। भारी बारिश के कारण आई अचानक फ्लैश फ्लड में रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के चावणे गांव में स्थित HPCL गैस प्लांट से करीब 3000 गैस सिलेंडर पानी में बह गए। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ गैस सिलेंडर भरे हुए हैं और कुछ खाली हैं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदी में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बहते दिखाई दे रहे हैं। कई वीडियो में लोगों को इन सिलेंडरों को उठाकर ले जाते भी देखा गया। फिलहाल कंपनी के अधिकारी पानी में बहे सिलेंडरों की जांच में जुटे हुए हैं। पानी में सिलेंडरों के बहने की वजह भी तलाशी जा रही है।

रायगढ़ के डीएम किशन जावले ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नदी में बहकर आए सिलेंडर में गैस है या नहीं या वे सुरक्षित स्थिति में हैं या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे में उत्सुकता या इस्तेमाल के मकसद से ऐसे सिलेंडर को उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की।

 

गौरतलब है कि मुंबई, पुणे और नासिक समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर है। सड़कें तालाब बनी हुई है, रेलवे ट्रेक पर पानी भरा हुआ। जलजमाव और भूस्खलन की वजह से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

8th Pay Commission: क्या सच में ₹18000 से बढ़कर ₹69000 हो जाएगी मिनिमम बेसिक सैलरी? एक्सपर्ट से जानें इस वायरल दावे का पूरा सच

8th Pay Commission Minimum Basic Pay: इन दिनों सरकारी दफ्तरों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह एक ही चर्चा सबसे है क्या आठवें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो जाएगी? इस दावे को लेकर हर कर्मचारी के मन में उत्सुकता और असमंजस दोनों है।

मार्केट एक्सपर्ट और फाइनेंशियल एनालिस्ट संजय कथूरिया ने इस पूरे गणित का गहराई से विश्लेषण किया है। उनके इस एनालिसिस के आधार पर आइए समझते हैं कि इस वायरल दावे के पीछे की सच्चाई क्या है और असल में आपकी सैलरी कितनी बढ़ सकती है।

समझें सैलरी का गणित: बेसिक पे क्यों है सबसे जरूरी?

हर 10 साल में सरकार महंगाई, आर्थिक बदलावों और रहन-सहन के खर्च को देखते हुए वेतन आयोग का गठन करती है। लेकिन सैलरी का बढ़ना सिर्फ आपके टेक-होम पे यानी हाथ में आने वाले पैसे से नहीं जुड़ा होता, बल्कि इसकी शुरुआत बेसिक पे से होती है।

आपकी ग्रॉस सैलरी का ढांचा कुछ ऐसा होता है:

ग्रॉस सैलरी = बेसिक पे + महंगाई भत्ता (DA) + हाउस रेंट अलाउंस (HRA) + अन्य भत्ते

इसी ग्रॉस सैलरी में से एनपीएस (NPS) और इनकम टैक्स जैसी कटौतियों के बाद आपके बैंक खाते में नेट सैलरी आती है। जब भी नया वेतन आयोग आता है, तो मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को शून्य करके उसे नई बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाता है। यही वजह है कि सिर्फ पुरानी और नई बेसिक पे की तुलना करने से अक्सर भ्रामक खबरें बनने लगती हैं। 8वें वेतन आयोग में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

क्या है ‘फिटमेंट फैक्टर’ का पूरा खेल?

सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह फिटमेंट फैक्टर तय करता है। यह वह नंबर होता है जिससे मौजूदा बेसिक पे को गुणा करके नई बेसिक पे निकाली जाती है। इसे लेकर संजय कथूरिया, CFA ने दो बड़े पहलू सामने रखे हैं:

पहला पहलू: ₹69,000 की उम्मीद कितनी सच?

कर्मचारी यूनियनों ने 5 सदस्यों वाले परिवार के उपभोग मॉडल के आधार पर 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तब गणित कुछ ऐसा होगा:

₹18,000 (मौजूदा न्यूनतम बेसिक) × 3.83 = ₹68,940 (लगभग ₹69,000)

यही वो नंबर है जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लेकिन क्या आर्थिक मोर्चे पर यह व्यावहारिक है?

दूसरा पहलू: आर्थिक हकीकत और असली अनुमान

संजय कथूरिया के मुताबिक, सरकारें सैलरी को अकेले में नहीं बढ़ातीं। उन्हें देश का राजकोषीय घाटा, डिफेंस का खर्च, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वेलफेयर स्कीम्स और केंद्रीय दायित्वों के साथ राज्यों के वित्तीय संतुलन को भी देखना होता है।

इन कड़वी आर्थिक हकीकतों को देखते हुए कई पॉलिसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.6 के बीच रहना ही सबसे ज्यादा संभावित है। इस आधार पर नई न्यूनतम बेसिक सैलरी का दायरा इस प्रकार हो सकता है:

₹36,000 से ₹47,000 के बीच (अगर सीधे ₹18,000 से गणना की जाए)

अंतिम सिफारिशों और ढांचे के आधार पर यह दायरा ₹40,000 से ₹52,000 के आसपास भी बैठ सकता है।

यानी, हकीकत का यह आंकड़ा हेडलाइंस में चल रहे ₹69,000 के दावे से काफी कम है।

पैसा हाथ में आने में कितना लगेगा समय?

भले ही इन सिफारिशों को जनवरी 2026 से लागू करने की बात कही जा रही हो, लेकिन इतिहास गवाह है कि असल में पैसा जेब तक पहुंचने में लंबा वक्त लगता है। पिछले वेतन आयोगों के ट्रेंड को देखें, तो कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन और उसका पूरा एरियर साल 2027 के आखिर या फिर 2028 की शुरुआत में ही मिलने की उम्मीद है।

कॉर्पोरेट नौकरी से बिजनेस तक का सफर, 1.8 लाख रुपये महीना कमाने वाले प्रोफेशनल ने बताए सफलता के राज

नौकरी की सुरक्षा छोड़कर अपना बिजनेस शुरू करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। अच्छी सैलरी, तय समय पर मिलने वाली आय और स्थिर करियर के बावजूद कई लोग अपने सपनों को सिर्फ इसलिए पीछे छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें असफल होने का डर रहता है। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जोखिम उठाने का साहस करते हैं और अपनी मेहनत के दम पर नई पहचान बना लेते हैं। ऐसे लोगों के लिए सफलता का मतलब केवल बैंक बैलेंस बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना भी होता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही कहानी चर्चा में है, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींचा है।

एक मार्केटिंग प्रोफेशनल ने अपनी प्रोफेशनल जर्नी साझा करते हुए बताया कि कैसे उसने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर नया रास्ता चुना। उसने अपनी सफलता को पैसों से ज्यादा आजादी, संतुलित जीवन और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय से जोड़ा। उसकी कहानी के साथ साझा किए गए अनुभव और सलाह अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

Reddit पर शेयर की अपनी कहानी

33 वर्षीय मार्केटिंग प्रोफेशनल ने Reddit के r/Indian_flex पर अपनी सफलता की कहानी साझा की। उसने बताया कि करीब दो साल पहले उसने अपनी फुल-टाइम कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर खुद का मार्केटिंग सर्विस बिजनेस शुरू किया। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन आज उसकी मेहनत रंग ला रही है।

कभी 16 घंटे करता था नौकरी

यूजर ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह रोज 14 से 16 घंटे तक नौकरी करता था। उस दौर को याद करते हुए उसने लिखा कि अब वह जिंदगी किसी दूसरे दौर जैसी लगती है। आज वह वही काम करता है जो उसे पसंद है और परिवार के साथ ज्यादा समय भी बिता पाता है।

शुरुआत में आईं कई चुनौतियां

नौकरी छोड़ने के बाद शुरुआती महीनों में सबसे बड़ी चुनौती क्लाइंट्स ढूंढना, काम की बेहतर प्रक्रिया बनाना और ऐसा सिस्टम तैयार करना था जिससे बिजनेस लंबे समय तक चल सके। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई और क्लाइंट्स बढ़ने लगे।

अब कई क्लाइंट्स के साथ कर रहा काम

मार्केटिंग प्रोफेशनल ने बताया कि पिछले साल से वह दो बड़े क्लाइंट्स के साथ काम कर रहा है और हाल ही में एक नया क्लाइंट भी जुड़ा है। अब साल खत्म होने से पहले वह कुछ और बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने की तैयारी में है।

9 से 5 की नौकरी से मिली आजादी

उसने बताया कि आज भी काम में मेहनत करनी पड़ती है, क्लाइंट मीटिंग्स और ट्रैवल भी होता है, लेकिन अब किसी तय ऑफिस टाइम में बंधकर काम नहीं करना पड़ता। अगर दिन में सब्जियां खरीदनी हों या बेटी को बीच घुमाने ले जाना हो, तो वह बिना किसी परेशानी के ऐसा कर सकता है। इन दिनों वह अपने गांव से बारिश का आनंद लेते हुए रिमोटली काम कर रहा है।

बिजनेस शुरू करने वालों के लिए बताए 3 जरूरी सबक

  1. बिना तैयारी नौकरी छोड़ने की गलती न करें

उसने सलाह दी कि जब तक अच्छी बचत, बैकअप प्लान या आर्थिक सहारा न हो, तब तक नौकरी छोड़ने का फैसला नहीं करना चाहिए। बिजनेस में शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  1. सिर्फ बड़े क्लाइंट्स के पीछे न भागें

यूजर का कहना है कि छोटे क्लाइंट्स से उसे बिजनेस को बेहतर तरीके से चलाने और मजबूत सिस्टम बनाने की सबसे ज्यादा सीख मिली। बड़े क्लाइंट्स कई बार सीखने और नए प्रयोग करने की गति धीमी कर देते हैं।

  1. सिर्फ टैलेंट नहीं, मजबूत सिस्टम भी जरूरी

उसने कहा कि सफल बिजनेस केवल अच्छी स्किल से नहीं चलता। काम के लिए स्पष्ट प्रक्रिया (SOP), तय फ्रेमवर्क और ऐसे नतीजे होने चाहिए जिन्हें क्लाइंट साफ तौर पर देख सके। तभी लंबे समय तक सफलता मिलती है।

लोगों ने की जमकर तारीफ

Reddit पर इस पोस्ट को लोगों ने खूब पसंद किया। कई यूजर्स ने कहा कि यह कहानी बताती है कि असली सफलता सिर्फ ज्यादा कमाई में नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी और समय पर खुद का नियंत्रण पाने में है।

Viral Video: बारिश में जब थम गया ट्रैफिक, तब सड़क पर उतरा ‘स्पाइडर-मैन’, इंटरनेट पर मचा बवाल

 

अमेरिकी एजेंसियों के आगे कैसे खुला SHO नागरा का राज:पंजाब में समधी पर मर्डर की FIR, फिर उसी केस में 4 लाख डॉलर की फिरौती; जानें पूरा मामला

अमेरिका में 4 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले में पंजाब पुलिस के टांडा थाने के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को कुर्सी गंवानी पड़ी। होशियारपुर के SSP संदीप मलिक ने नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच की निगरानी जालंधर रेंज के DIG डॉ. नवीन सिंगला करेंगे। हालांकि पंजाब में पुलिस के 153 थानों में से टांडा थाने के SHO का कथित कारनामे का अमेरिका में कैसे खुलासा हुआ?। अमेरिकी जांच एजेंसियों को इसका पता कैसे चला?, वह केस क्या है, जिसमें SHO नागरा पर मोटी फिरौती मांगने के आरोप लगे हैं, यह सवाल अभी भी बने हुए हैं। इन सब सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए, SHO के नाम का खुलासा कैसे हुआ
अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट तरीके से अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया। अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया कि पंजाब के एक SHO ने गैंग नेटवर्क के साथ मिलकर एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की कोशिश की। जिसका नाम गुरिंदरजीत सिंह नागरा है। उसकी फोटो भी गैंगस्टरों के साथ जारी की गई। वह टांडा हत्याकांड, जिससे SHO के तार जोड़े जा रहे
15 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के टांडा के गांव मियाणी में तीन बाइक सवार हमलावरों ने AAP वर्कर और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। टांडा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें इंस्टाग्राम अकाउंट gurlal_rudiana307 और jashal_gill0046 को टैग करते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली गई। पोस्ट में लिखा गया कि बलविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी जशल गिल और गुरलाल रुदियाना लेते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर स्वराज उर्फ अभि और गुरमुख सिंह की पहचान की। दोनों उस समय पट्टी जेल में बंद थे। उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने कहा कि हत्या का अमेरिका से कनेक्शन है?
24 मई 2026 को तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश में करवाई गई। पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड ASI और मृतक के समधी चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के तलाक के मामले की रंजिश में शूटरों को सुपारी दिलवाई। पुलिस ने दावा किया कि जांच और पूछताछ में शूटरों के खातों में 1.80 लाख रुपए ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। इसके बाद चरनजीत सिंह, उनके बेटे गुरप्रीत सिंह और बेटी को भी हत्या के मामले में नामजद कर लिया गया। फिर SHO नागरा विवाद में कैसे आए?
यहीं से मामले ने नया मोड़ लिया। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चरनजीत सिंह और उनके परिवार को बाद में इसी केस में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख डॉलर की कथित मांग की गई। आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने कॉन्टैक्ट तक पहुंचाई और फिर इस केस का दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की। अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी। आरोपों में तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है। आरोप- प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले दिन मांगे गए पैसे
अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि 24 मई 2026 को SHO नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चरनजीत सिंह और उनके परिवार को हत्या की साजिश का आरोपी बताया। इसके अगले दिन कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य से संपर्क कर 4 लाख डॉलर की मांग की गई। आरोप है कि रकम देने पर हत्या के मामले में राहत दिलाने का भरोसा दिया गया। गैंगस्टर नेटवर्क की क्या भूमिका बताई गई?
अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गैंगस्टर नेटवर्क के सदस्य गुरलाल सिंह ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी भारत भेजी। जिसे SHO गुरिंदरजीत तक पहुंचाया गया ताकि परिवार को फंसाया जा सके। इसके बाद भारत में मौजूद उनके रिश्तेदारों पर हत्या के केस में कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगने की कोशिश की गई। इसी कथित साजिश के आधार पर अमेरिका में केस दर्ज किया गया। पंजाब पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
अमेरिका में लगे आरोप सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। उनके खिलाफ एसपी (इन्वेस्टिगेशन) को विभागीय जांच सौंप दी गई है, जो अपनी रिपोर्ट डीआईजी जालंधर रेंज डॉ. नवीन सिंगला को सौंपेंगे। ये खबरें भी पढ़ें… गैंगस्टर लॉरेंस पर अमेरिका में हत्या का केस, चार्जशीट दायर:गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर इनाम कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दावा है कि हत्या का आदेश भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और फरार चल रहे गोल्डी बराड़ ने दिया था। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा था। (पढ़ें पूरी खबर) अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO हटाया, अटॉर्नी जनरल ने कहा था- 4 लाख डॉलर फिरौती मांगी होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लिया था। जनरल ने फिरौती के मामले में कई खुलासे किए। (पढ़ें पूरी खबर)

Viral Video: बारिश में जब थम गया ट्रैफिक, तब सड़क पर उतरा ‘स्पाइडर-मैन’, इंटरनेट पर मचा बवाल

महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। भारी बारिश की वजह से लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी बीच भिवंडी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भिवंडी के एक युवक ने लोगों की मदद के लिए अनोखा तरीका अपनाया। यहां एक युवक स्पाइडर-मैन की ड्रेस पहनकर बारिश के बीच सड़क पर उतरा और ट्रैफिक संभालने के साथ-साथ लोगों की मदद करता नजर आया। उसका ये अंदाज लोगों को काफी पंसद आ रहा है और ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

स्पाइडर-मैन की ड्रेस पहनकर आया ये युवक

वीडियो शेयर करते हुए न्यूज एजेंसी ANI ने लिखा, “भिवंडी में जलभराव के बीच स्थानीय निवासी शादाब स्पाइडर-मैन की ड्रेस पहनकर ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलाने में लोगों की मदद कर रहे हैं।” वीडियो में शादाब पानी से भरी सड़क के बीच खड़े होकर वाहनों को रास्ता दिखाते, ट्रैफिक संभालते और लोगों को सुरक्षित निकलने में मदद करते नजर आते हैं। साथ ही वह सड़क पर जमा पानी हटाकर यातायात को आसान बनाने की कोशिश भी करते दिखाई दे रहे हैं।

गाड़ियों को रास्ता दिखाने के साथ-साथ शादाब लोगों से बातचीत करते और राहगीरों से हाथ मिलाते भी नजर आए। उनकी इस पहल की वहां मौजूद कई लोगों ने सराहना की और उनके काम की जमकर तारीफ की है।

क्यों पहनी स्पाइडर-मैन की ड्रैस

ANI से बात करते हुए शादाब ने कहा, “मैंने देखा कि इलाके में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नगर निगम की टीम अभी तक नहीं पहुंची थी।” उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने खुद लोगों की मदद करने का फैसला किया। स्पाइडर-मैन की पोशाक पहनने की वजह बताते हुए शादाब ने कहा, “फिल्मों में स्पाइडर-मैन जिस तरह लोगों की मदद करता है और उनकी जान बचाता है, उसी से प्रेरित होकर मैंने भी असल जिंदगी में लोगों की मदद करने और सड़क पर जमा पानी हटाने का फैसला किया।”

वीडियो पर यूजर्स ने किया कमेंट

वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने शादाब की पहल की तारीफ करते हुए उन्हें असली सुपरहीरो बताया। एक यूजर ने लिखा, “अगर इसे अच्छा साइड क्वेस्ट नहीं कहेंगे, तो फिर क्या कहेंगे?” वहीं, दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में कमेंट किया, “स्पाइडर-मैन: इंडिया चैप्टर।”

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।

अमेरिका में कैसा होता है 6 करोड़ का मिडिल क्लास घर? भारतीय महिला के हाउस टूर ने इंटरनेट पर मचाई धूम

अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला का हाउस टूर वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दिखाया कि अमेरिका में 5-6 करोड़ रुपये की कीमत वाला एक मिडिल क्लास परिवार का घर कैसा होता है। वीडियो में दिखाए गए बड़े घर और खुली जगह को देखकर कई लोग हैरान रह गए। इसके बाद लोगों ने अमेरिका और भारत के महंगे रियल एस्टेट से तुलना शुरू कर दी, जिस पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

साल 2023 में खरीदा था ये घर

इंस्टाग्राम वीडियो में सोनल चौधरी ने कहा, “आज मैं आपको दिखाऊंगी कि अमेरिका में एक मिडिल क्लास परिवार का घर कैसा दिखता है।” उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ छह साल पहले अमेरिका चली गई थीं और साल 2023 में उन्होंने 4,40,000 डॉलर में ये घर खरीदा था। सोनल के अनुसार, अब इस घर की कीमत करीब 5 से 6 करोड़ रुपये है और ये एक एकड़ से ज्यादा जमीन पर बना हुआ है।

लोगों को मिलती हैं अच्छी प्राइवेसी

वीडियो में घर के टूर की शुरुआत बाहर से की गई, जहां सोनल ने सबसे पहले सामने का लॉन, गैरेज और आसपास का इलाका दिखाया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में घर एक-दूसरे से काफी दूरी पर बने हैं, जिससे लोगों को अच्छी प्राइवेसी मिलती है। भारत के भीड़भाड़ वाले शहरों में रहने वाले कई लोगों के लिए ये खुला और शांत माहौल काफी अलग और आकर्षक लगा। सोनल ने अपने घर का पिछला हिस्सा भी दिखाया, जो काफी बड़ा और खुला है। उन्होंने बताया कि यहां उनके बच्चों के खेलने और बाहर समय बिताने के लिए भरपूर जगह है।

वीडियो में उन्होंने घर का डेक एरिया, धूप वाला कमरा जिसे उन्होंने होम जिम और बैठने की जगह बना रखा है, बच्चों का झूला और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाली फायरप्लेस भी दिखाई।

अमेरिका में ज्यादातर घर लकड़ी से बने होते है

प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी देते हुए सोनल ने पोस्ट में लिखा, “अमेरिका में एक मिडिल क्लास परिवार का घर कुछ ऐसा दिखता है।” उन्होंने बताया, “हमने यह घर साल 2023 में 4,40,000 डॉलर में खरीदा था। एक बात जो लोगों को सबसे ज्यादा हैरान करती है, वह यह है कि यहां ज्यादातर घर कंक्रीट नहीं, बल्कि लकड़ी से बने होते हैं। अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग शहरों के बाहर बने रिहायशी इलाकों (सबर्ब्स) में रहते हैं।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस वीडियो का मकसद अमेरिका में एक आम परिवार की जिंदगी दिखाना था, लेकिन देखते ही देखते यह घरों की कीमतों पर बहस का विषय बन गया। कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि 5 से 6 करोड़ रुपये में इतना बड़ा घर और खुली जगह मिल सकती है। वहीं, कई यूजर्स ने इसकी तुलना भारत के बड़े शहरों से की, जहां इतनी ही रकम में अक्सर काफी छोटा घर या फ्लैट मिलता है।

लोगों ने किया कमेंट

वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट किया, “क्या इसे अमेरिका में मिडिल क्लास का घर माना जाता है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, “भारत में आज 5-6 करोड़ रुपये में सिर्फ एक 4BHK फ्लोर ही मिलता है।” एक अन्य व्यक्ति ने मुंबई के महंगे रियल एस्टेट का जिक्र करते हुए कहा, “मुंबई के जुहू और बांद्रा जैसे इलाकों में इतनी रकम में सिर्फ़ 2BHK फ्लैट ही मिल पाएगा।” वहीं, एक और यूजर ने लिखा, “तकनीकी रूप से देखा जाए तो भारत में प्रॉपर्टी की कीमतें अमेरिका से भी ज्यादा हैं।”