Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को Bajaj Finance, Hindustan Zinc, L&T Tech, PC Jeweller समेत इन शेयरों पर रहेगा फोकस

बुधवार, 21 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। लिस्ट में पीसी ज्वेलर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, बजाज फाइनेंस, L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस, हिंदुस्तान जिंक, SML महिंद्रा, IREDA जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इसके अलावा बुधवार को मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में 1-1 लिस्टिंग है। वहीं 3 शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

इटर्नल, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, विशाल मेगा मार्ट, अदाणी ग्रीन एनर्जी, इंडियन होटल्स कंपनी, केईआई इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, पीसी ज्वेलर, SRF, इंडोसोलर, वेल्सपन स्पेशिएलिटी सॉल्यूशंस

इन शेयरों पर रहेगी नजर

बजाज फाइनेंस: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 ​तिमाही) में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 29% बढ़कर 6,367 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 24% बढ़कर 13,335 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.06% रह गया। नेट NPA घटकर 0.42% रह गया।

L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 66.8% बढ़कर 548.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 12.1% बढ़कर 3,040.4 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 29.8% बढ़कर 496.6 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 220 bps बढ़कर 16.3% हो गया। कंपनी ने प्रति शेयर 20 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 30% घटकर 81.5 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 36.5% बढ़कर 1,057.8 करोड़ रुपये हो गया।

शोभा: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 54.6% गिरकर 33 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.3% घटकर 967.1 करोड़ रुपये पर आ गया।

डेल्टा कॉर्प: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड बेसिस पर कंपनी ने 106.4 करोड़ रुपये का घाटा देखा। पिछले साल यह 25.1 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू 12.85% घटकर 159.5 करोड़ रुपये रह गया।

हिंदुस्तान जिंक: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 142.1% बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 76.5% बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये हो गया।

जस्ट डायल: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 9.7% गिरकर 107.8 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 342.8 करोड़ रुपये हो गया।

गैलेंट इस्पात: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 32% घटकर 60.5 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 1,145.9 करोड़ रुपये हो गया।

पिरामल फाइनेंस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 67% उछलकर 545 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 35% बढ़कर 1,530 करोड़ रुपये रही।

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 0.91% बढ़कर 554 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 2,344 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर 904 करोड़ रुपये हो गया। ग्रॉस NPA घटकर 3.57% हो गया। नेट NPA घटकर 1.08% हो गया।

SML महिंद्रा: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 44.4% गिरकर 11.7 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.7% बढ़कर 669.8 करोड़ रुपये हो गया।

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स: कंपनी ने भारत में माइकोप्रोटीन के एक्सक्लूसिव उत्पादन के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ‘प्लैनेटरी SA’ के साथ एक टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग समझौता किया है।

सीगल इंडिया: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘जाम खंभालिया जामनगर पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ ने ‘सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया’ के साथ एक ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट किया है। यह समझौता एक इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास और संचालन के लिए है।

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

ट्रांसरेल लाइटिंग: कंपनी के बोर्ड ने ‘NOPL पेस ग्रीन एनर्जी’ में 49% इक्विटी हिस्सेदारी को 20 करोड़ रुपये में खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। NOPL, भारत सरकार की ‘PM-कुसुम’ योजना के कंपोनेंट C के तहत महाराष्ट्र में लगभग 990 MW (AC) कुल क्षमता वाला सोलर पावर पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कृषि फीडरों के सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा से जोड़ने) में मदद करना और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली की उपलब्धता में सुधार करना है।

JSW ड्यूलक्स: कर्नाटक GST विभाग ने अप्रैल 2020 से मार्च 2021 की अवधि के लिए टैक्स डिमांड को संशोधित करते हुए 42.04 करोड़ रुपये का आदेश जारी किया है। इस संशोधित डिमांड में 14.07 करोड़ रुपये का टैक्स, 13.9 करोड़ रुपये का ब्याज और 14.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। कंपनी को 5 अगस्त को कर्नाटक GST विभाग से एक कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट को अमान्य ठहराते हुए 118.33 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड की गई थी। इस डिमांड में 40.09 करोड़ रुपये का टैक्स, 38.17 करोड़ रुपये का ब्याज और 40.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल था।

बल्क डील्स

एक्सप्रो इंडिया: आशीष कचोलिया ने कंपनी में 2.22 लाख इक्विटी शेयर 21.53 करोड़ रुपये में बेचे हैं। शेयरों की यह संख्या कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के 0.94% के बराबर है।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

HD फायर प्रोटेक्ट

SME लिस्टिंग

वैभव व्यापार

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी

मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स

एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को इन 10 शेयरों पर रहेगी नजर, हिंदुस्तान जिंक से IREDA तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार, 21 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के दम पर फोकस में रहेंगे। कुछ कंपनियों ने सितंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं, तो कुछ के मुनाफे में गिरावट आई है। वहीं, कुछ कंपनियां अपने कारोबार और मैनेजमेंट से जुड़े बदलावों को लेकर चर्चा में हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन 10 शेयरों पर रहेगी।

Bajaj Finance

नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी Bajaj Finance का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 28.8% बढ़कर ₹6,367 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ रही। कंपनी की नेट टोटल इनकम 23% बढ़कर ₹15,974 करोड़ पहुंच गई। तिमाही के दौरान कंपनी ने 1.345 करोड़ नए लोन भी दिए।

Hindustan Zinc

वेदांता ग्रुप की मेटल कंपनी Hindustan Zinc का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 142% उछलकर ₹6,412 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का रेवेन्यू 76.5% बढ़कर रिकॉर्ड ₹15,093 करोड़ हो गया। EBITDA भी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹9,248 करोड़ रहा।

IREDA

सरकारी रिन्यूएबल एनर्जी फाइनेंस कंपनी IREDA का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट मामूली 0.5% बढ़कर ₹552 करोड़ रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर ₹904 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की ग्रॉस NPA घटकर 3.57% और नेट NPA 1.08% रह गई। इससे पिछले साल के मुकाबले खराब कर्ज के स्तर में सुधार दिखा।

Piramal Finance

पिरामल ग्रुप की फाइनेंस कंपनी Piramal Finance का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 67% बढ़कर ₹545 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 35% बढ़कर ₹1,530 करोड़ पहुंच गई। इसके अलावा, SBI के पूर्व चेयरमैन दिनेश खारा को 19 अक्टूबर 2026 से पांच साल के लिए कंपनी का स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है।

L&T Technology Services

टेक्नोलॉजी सर्विसेज कंपनी L&T Technology Services (LTTS) का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 53.7% बढ़कर ₹548.2 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹3,040 करोड़ रहा। यह ₹3,022.5 करोड़ के अनुमान से ज्यादा है।

Waaree Renewable Technologies

वारी ग्रुप की सोलर EPC कंपनी Waaree Renewable Technologies का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा, सोलर, बैटरी स्टोरेज और ट्रांसमिशन-डिस्ट्रिब्यूशन प्रोजेक्ट्स में भी बड़े मौके मौजूद हैं।

Just Dial

हाइपरलोकल सर्च प्लेटफॉर्म Just Dial का सितंबर तिमाही में रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.2% बढ़कर ₹343 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹303.1 करोड़ था। EBITDA भी 4.5% बढ़कर ₹91 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 26.4% रह गया। एक साल पहले यह 28.7% था।

Nelco

टाटा ग्रुप की सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज कंपनी Nelco का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 6.79% बढ़कर ₹1.73 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 5.1% बढ़कर ₹78.14 करोड़ रहा। EBITDA में 22% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹9.1 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी एक साल पहले के 10% से बढ़कर 11.7% हो गया।

SML Mahindra

कमर्शियल गाड़ियों की कंपनी SML Mahindra का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 42.9% गिरकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 20.7% बढ़कर ₹670 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 31% गिरकर ₹29 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 7.6% से घटकर 4.3% रह गया।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent के नॉन-एग्जीक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हरीश भट्ट ने इस्तीफा दे दिया है। वह 12 साल से ज्यादा समय से कंपनी के बोर्ड में थे। उन्होंने बढ़ती पेशेवर और निजी जिम्मेदारियों का हवाला दिया। उनका इस्तीफा 17 अक्टूबर से प्रभावी हुआ। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे 29 अक्टूबर को आने वाले हैं।

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

चांदनी मशीन्स लिमिटेड का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। कंपनी का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जाएंगे। कंपनी ने इस कॉरपोरेट एक्शन को सितंबर महीने में मंजूरी दी थी।

चांदनी मशीन्स में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 20.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक स्प्लिट में एक कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती।

इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

Chandni Machines का शेयर एक साल में 190 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 102.13 रुपये है। मार्केट कैप 71 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर साल 2026 में अब तक 40 प्रतिशत चढ़ा है। एक साल में कीमत लगभग 190 प्रतिशत मजबूत हुई है। 3 साल में शेयर लगभग 340 प्रतिशत और 5 साल में 1000 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 127.74 रुपये और एडजस्टेड लो 34 रुपये है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹25 का डिविडेंड, 23 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट; L&T ग्रुप की है कंपनी

कंपनी की वित्तीय सेहत

चांदनी मशीन्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 72 प्रतिशत गिरकर 44.50 लाख रुपये रहा। एक साल पहले यह 25.89 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 1.98 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी 74.68 लाख रुपये के मुनाफे में थी। खर्च 3.74 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 26 करोड़ रुपये के थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Axis Bank Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 38% बढ़ा, NII में 12% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक का ​जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,003.28 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,089.64 करोड़ रुपये से 37.59 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 14 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 42,949.32 करोड़ रुपये हो गई। सितंबर 2025 तिमाही में यह 37,594.81 करोड़ रुपये थी।

एक्सिस बैंक ने 17 अक्टूबर को तिमाही और छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) नतीजे जारी किए हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि सितंबर 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,371.4 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36 प्रतिशत दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,083 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही में 10,412.53 करोड़ रुपये रहा था।

एसेट क्वालिटी में सुधार

सितंबर 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.16 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.46 प्रतिशत और एक तिमाही पहले 1.28 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.35 प्रतिशत हो गया, जो जून 2026 तिमाही में 0.39 प्रतिशत और सितंबर 2025 तिमाही में 0.44 प्रतिशत था।

Stock Split: एक साल में 200% और 5 साल में 5000% चढ़ा शेयर, अब 10 टुकड़ों में बंटेगा; रिकॉर्ड डेट 19 अक्टूबर

डिपॉजिट और एडवांसेज

सितंबर 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 20.6 प्रतिशत बढ़कर 14.52 लाख करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले ये 12 करोड़ रुपये के थे। एडवांसेज 23 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सितंबर 2025 तिमाही में ये 11.16 करोड़ रुपये के थे।

Axis Bank शेयर में सोमवार को आ सकती है तेजी

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के शेयर में सोमवार, 19 अक्टूबर को तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1286.45 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 4 लाख करोड़ रुपये है। शेयर 2 सप्ताह में 6 प्रतिशत चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,418.30 रुपये और एडजस्टेड लो 1,150.50 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

D-Mart Q2 Business Update: स्टैंडअलोन रेवेन्यू 18% बढ़ा, स्टोर हुए 518; सोमवार को फोकस में रहेगा शेयर

दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में बिजनेस कैसा रहा, इसका अपडेट जारी किया है। कंपनी D-Mart सुपरमार्केट चेन की ओनर है। इसने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 19,206.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 16,218.79 करोड़ रुपये था।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू सितंबर 2026 तिमाही में 4.7 प्रतिशत बढ़ा। जून तिमाही में यह 18,343.49 करोड़ रुपये था। इस अपडेट के जारी होने के बाद सोमवार, 5 अक्टूबर को शेयर की चाल पर नजर रहेगी। एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 3809.70 रुपये है।

D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या हुई 518

एवेन्यू सुपरमार्ट्स के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक इसके D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या 518 थी। इस आंकड़े में महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित सानपाड़ा का स्टोर भी शामिल है। यह स्टोर रीकंस्ट्रक्शन के कारण फिलहाल ग्राहकों के लिए बंद है। D-Mart के स्टोर महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान में हैं। इन स्टोर्स में रोजमर्रा के घरेलू सामान और व्यक्तिगत इस्तेमाल के प्रोडक्ट्स समेत कई तरह के सामान मिलते हैं।

Stock Split: 10 टुकड़ों में टूटेगा पेंट कंपनी का शेयर, 22 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट

Avenue Supermarts का शेयर 3 महीनों में 12 प्रतिशत कमजोर

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप 2.48 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 12 प्रतिशत गिरा है। 2 साल में 23 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,642 रुपये और एडजस्टेड लो 3,528.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.33 प्रतिशत बढ़कर 860.61 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 18,794.53 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। EBITDA 1499 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 8 प्रतिशत रहा था। जून 2026 तिमाही के दौरान डी-मार्ट ने 3 नए स्टोर जोड़े, जिसके बाद स्टोर्स की कुल संख्या 503 हो गई थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: 6 महीनों में 30% चढ़ा शेयर, अब 5 टुकड़ों में बंटेगा

बिल्डिंग मैटीरियल्स उपलब्ध कराने वाली कंपनी शंकरा बिल्डप्रो लिमिटेड का स्टॉक, स्प्लिट होने जा रहा है। कंपनी का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा अगस्त में हुई थी। रिकॉर्ड डेट 8 अक्टूबर 2026 है। कंपनी हर तरह के बिल्डिंग मैटीरियल और कंस्ट्रक्शन जरूरतों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन के तौर पर काम करती है। इसका दावा है कि स्टील ट्यूब और पाइप के मामले में यह भारत की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेलर है।

शंकरा बिल्डप्रो 1,00,000 से ज्यादा तरह के बिल्डिंग मैटीरियल उपलब्ध कराती है, जिनमें घर बनाने से लेकर रेनोवेशन तक की आपकी हर जरूरत का सामान शामिल है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 40.18 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

स्टॉक स्प्लिट में एक कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती। इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

Shankara Buildpro का शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत मजबूत

शंकरा बिल्डप्रो के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1273.10 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 20 प्रतिशत से ज्यादा उछला है। 6 महीनों में यह लगभग 30 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,379.80 रुपये और एडजस्टेड लो 633.40 रुपये है।

Stock Split: 6 महीनों में पैसा हुआ डबल, अब दो टुकड़ों में टूटेगा शेयर

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में शंकरा बिल्डप्रो का रेवेन्यू 1,888.61 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 35.43 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 14.61 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 6,824.65 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 127.56 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 52.60 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividends Stocks: इस हफ्ते डिविडेंड की बहार! जानिए IRCTC, Dixon और BEML जैसी कंपनियों की रिकॉर्ड डेट

Dividends, Stock Splits, Bonus this week: इस हफ्ते 170 से ज्यादा कंपनियों के शेयर डिविडेंड, स्टॉक स्प्लिट और बोनस जैसे कॉरपोरेट एक्शन के चलते फोकस में रहेंगे। इनमें IRCTC, Dixon Technologies और BEML समेत कई कंपनियां शामिल हैं। रिकॉर्ड डेट 21 से 25 सितंबर के बीच है।

कॉरपोरेट एक्शन का फायदा लेने के लिए रिकॉर्ड डेट पर शेयर डीमैट अकाउंट में होना जरूरी है। यह लिस्ट अस्थायी है। हफ्ते के दौरान कुछ और कंपनियां भी रिकॉर्ड डेट घोषित कर सकती हैं।

अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट

तीन शेयर अगले हफ्ते एक्स-स्प्लिट होंगे। इनमें TAAL Tech, Naturite Agro Products और Midwest Energy शामिल हैं।

TAAL Tech 1:5 स्टॉक स्प्लिट करेगा। ₹10 फेस वैल्यू वाला एक शेयर पांच शेयरों में बंटेगा। नई फेस वैल्यू ₹2 होगी। रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर है।

Naturite Agro Products 1:2 और Midwest Energy 1:10 स्टॉक स्प्लिट करेगा। दोनों की रिकॉर्ड डेट 25 सितंबर है। इसके बाद Naturite की फेस वैल्यू ₹5 और Midwest Energy की ₹1 हो जाएगी।

सोमवार, 21 सितंबर

करीब 55 कंपनियों की रिकॉर्ड डेट सोमवार को है। Maharashtra Scooters ₹160 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। Bajaj Holdings and Investments ₹65 और Southern Gas ₹60 प्रति शेयर देगी।

Monte Carlo Fashions और KJMC Financial Services ₹20 प्रति शेयर का डिविडेंड देंगी। Dixon Technologies ₹10, Bharat Dynamics ₹0.40 और CONCOR ₹1 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

मंगलवार, 22 सितंबर

50 से ज्यादा कंपनियां मंगलवार को एक्स-डिविडेंड होंगी। GOCL Corporation ₹30 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। BEML ₹12.28 और National Peroxide ₹7 प्रति शेयर देगी।

IRCTC ₹0.50 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

बुधवार, 23 सितंबर

40 से ज्यादा कंपनियां बुधवार को एक्स-डिविडेंड होंगी। GMDC ₹9.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। Tyche Industries ₹3.50 प्रति शेयर देगी।

Goodluck India और Talbros Engineering ने ₹3 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

गुरुवार, 24 सितंबर

गुरुवार को सिर्फ दो कंपनियों की रिकॉर्ड डेट है। Engineers India ₹2.50 प्रति शेयर और Adtech Systems ₹1.10 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

शुक्रवार, 25 सितंबर

शुक्रवार को छह शेयर अलग-अलग कॉरपोरेट एक्शन के लिए एक्स-डेट होंगे। Sri Lotus Developers and Realty ₹0.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

LGT Global Hospitality और Shreeji Global FMCG ₹0.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देंगी। Noble Polymers ₹0.05 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन के री-अपॉइंटमेंट पर निशाना साधा, कहा- 100 साल पुराने ढांचे से छेड़छाड़ ठीक नहीं

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI लगातार निकाल रहे पैसा, सितंबर में अब तक बेचे ₹20974 करोड़ के भारतीय शेयर; डेट मार्केट से भी मोह भंग

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी है। उन्होंने सितंबर में अब तक भारतीय शेयरों से 20,974 करोड़ रुपये निकाले हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें, बढ़ती बॉन्ड यील्ड, महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया इसकी वजह हैं। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में हुई बिकवाली से पहले विदेशी निवेशकों ने जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 29,630 करोड़ रुपये का निवेश किया था। हालांकि, मार्च से जून तक लगातार 4 महीने भारतीय शेयरों में बिकवाली की थी।

ताजा सेलिंग के बाद साल 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.45 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। साल 2025 में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की थी। 1-18 सिंतबर 2026 तक FPI ने 20,974 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। लेकिन IPO बाजार के जरिए FPI का निवेश जारी रहा।

विदेशी निवेशकों ने भारतीय ऋण या बॉन्ड बाजार में भी बिकवाली की है। सितंबर में अब तक उन्होंने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के जरिए 10,296 करोड़ रुपये, वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) के तहत 1,817 करोड़ रुपये और जनरल रूट से 1,068 करोड़ रुपये निकाले हैं।

एक्सपर्ट्स का क्या है मानना

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चॉइस वेल्थ के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी ऑफिसर धीरज गौड़ का कहना है कि FPI की हालिया बिकवाली के पीछे 3 प्रमुख कारण हैं— अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और ऊंची बॉन्ड यील्ड, भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भारतीय रुपये में कमजोरी। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने सितंबर की मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसके बाद ये 3.75-4 प्रतिशत हो गई हैं। इससे भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय एसेट्स का आकर्षण घटा है।

दूसरी ओर, ब्रेंट कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल को और महंगा कर दिया है, जिससे महंगाई और भारत के आयात बिल को लेकर​ चिंता बढ़ गई है। रुपये पर भी दबाव बना हुआ है। पिछले सप्ताह रुपये में 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो 4 महीने में उसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट रही। रुपया 95.92-95.96 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास कारोबार करता रहा और कारोबार के दौरान 96 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को भी पार कर गया।

Stock Split: शेयर 2 साल में 5200% और 3 साल में 10600% चढ़ा; अब 10 टुकड़ों में बंटेगा; 25 सितंबर रिकॉर्ड डेट

इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Trackk के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते का मानना है कि FPI की सितंबर की बिकवाली को मुख्य रूप से कच्चे तेल और डॉलर की स्थिति से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर केवल भारत पर ही नहीं, बल्कि दूसरे उभरते बाजारों पर भी काफी ज्यादा पड़ रहा है। आगे FPI का फ्लो ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे टकराव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर से काफी हद तक प्रभावित होगा।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Split: शेयर 2 साल में 5200% और 3 साल में 10600% चढ़ा; अब 10 टुकड़ों में बंटेगा; 25 सितंबर रिकॉर्ड डेट

मिडवेस्ट एनर्जी लिमिटेड का शेयर छोटे टुकड़ों में टूटने वाला है। अभी एक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। स्टॉक स्प्लिट के तहत यह 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बंट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 25 सितंबर 2026 है। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा जून महीने में हुई थी। शेयर की वर्तमान कीमत BSE पर 3531.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

स्टॉक स्प्लिट में कंपनी अपने मौजूदा शेयरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन उसी अनुपात में प्रति शेयर कीमत घट जाती है। निवेशकों के निवेश की कुल वैल्यू नहीं बदलती। इस कदम का मकसद शेयरों को किफायती बनाना होता है। बहुत ज्यादा कीमत वाले शेयर छोटे निवेशकों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे अधिक नए निवेशक जुड़ने की संभावना रहती है।

मिडवेस्ट एनर्जी, मिडवेस्ट बिजनेस हाउस की टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी शाखा है। मिडवेस्ट बिजनेस हाउस हैदराबाद में स्थित एक इंडस्ट्रियल ग्रुप है, जिसकी शुरुआत 1981 में हुई थी। यह मिनरल एक्सप्लोरेशन, माइनिंग, मिनरल प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और एडवांस्ड मैटीरियल्स जैसे कई क्षेत्रों में काम करता है। मिडवेस्ट एनर्जी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स, रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स और क्रिटिकल मैटीरियल्स के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं विकसित कर रही है। ये सभी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक उद्योगों को सपोर्ट करते हैं।

Midwest Energy शेयर 5 साल में हुआ 20000 प्रतिशत महंगा

मिडवेस्ट एनर्जी की सालाना आम बैठक 30 सितंबर को होने वाली है। कंपनी का पुराना नाम मिडवेस्ट गोल्ड लिमिटेड था। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.45 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 50 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 2 साल में कीमत 5200 प्रतिशत और 3 साल में 10600 प्रतिशत बढ़ी है। 5 साल में शेयर 20000 प्रतिशत और 10 साल में 30400 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 5,900 रुपये और एडजस्टेड लो 1,989.05 रुपये है।

Dividend Stock: बजाज ग्रुप की कंपनी देगी ₹160 का डिविडेंड, शेयर 21 सितंबर को करेगा एक्स-ट्रेड

कंपनी की वित्तीय सेहत

मिडवेस्ट एनर्जी का अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में रेवेन्यू 4.63 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 3.15 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.43 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.46 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 2.80 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 2.47 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coforge Share Price: ओपी भट्ट के इस्तीफे के बाद भी ब्रोकरेज बुलिश, शेयर में 27% तक उछाल की जताई उम्मीद

IT कंपनी कोफोर्ज लिमिटेड में हाल ही में ओम प्रकाश भट्ट (ओपी भट्ट) ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और चेयरमैन के पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। विवेक शर्मा को 31 जनवरी 2027 तक के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह इस्तीफा बोर्ड के मूल्यांकन की प्रक्रिया के इंटरनल ऑडिट से मिली जानकारी के बाद हुआ है। ऑडिट में मूल्यांकन प्रक्रिया और कुछ जरूरी जानकारियों के खुलासे में कमियां पाई गई थीं, जिनमें चेयरमैन के कामकाज से जुड़े पहलू भी शामिल थे।

इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने भट्ट से स्पष्टीकरण मांगा और उनके जवाब का रिव्यू कर रहा था। बोर्ड के किसी फैसले पर पहुंचने से पहले ही भट्टी ने इस्तीफा दे दिया। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेजेस का कहना है कि ओपी भट्ट के इस्तीफे का कोफोर्ज के फाइनेंशियल्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि कंपनी के बोर्ड के कामकाज को लेकर जताई जा रही चिंताएं बढ़ा-चढ़ाकर बताई जा रही हैं।

नुवामा ने Coforge के स्टॉक पर ‘बाय’ की सलाह बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 2,350 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर की BSE पर वर्तमान कीमत 1847.40 रुपये से 27 प्रतिशत ज्यादा है। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 2200 रुपये प्रति शेयर रखा है, जो कि वर्तमान कीमत से 19 प्रतिशत ज्यादा है। कोफोर्ज का शेयर 3 महीनों में 32 प्रतिशत और 6 महीनों में 66 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

इस्तीफे पर ब्रोकरेज की राय

नुवामा के मुताबिक, इस घटनाक्रम को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं दिखती। ओम प्रकाश भट्ट का कार्यकाल वैसे भी खत्म होने वाला था। उनकी उम्र को देखते हुए, बोर्ड मेंबर और चेयरमैन के तौर पर उनके कार्यकाल का आगे न बढ़ना कोई बड़ी हैरानी की बात नहीं थी। बता दें कि हाल ही में हुई सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने को मंजूरी नहीं दी थी।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि इससे कंपनी के बिजनेस या फाइनेंशियल्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नुवामा का यह भी कहना है कि बोर्ड के कामकाज को लेकर भी कोई चिंता नहीं दिख रही है, क्योंकि यह मामला जानकारी देने (डिस्क्लोजर) और प्रोसेस से जुड़ा है, न कि बोर्ड की तरफ से हुई किसी गड़बड़ी से।

Stock Split: 6 महीनों में 245% का उछाल, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

मोतीलाल ओसवाल का क्या है मानना

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का भी यही कहना है कि भट्ट का कार्यकाल वैसे भी खत्म हो रहा था, और ऐसा लगता है कि उनका इस्तीफा उनकी अपनी मर्जी से और कार्यकाल खत्म होने के करीब होने की वजह से है। फिलहाल मुख्य कारोबार पर इसका बहुत कम असर दिख रहा है और हम नए चेयरमैन की स्थायी नियुक्ति पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। कोफोर्ज, मोतीलाल ओसवाल के लिए अभी भी टॉप पिक बना हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।