महाराष्ट्र, यूपी और उत्तराखंड को रेलवे ने दिया बड़ा तोहफा, शुरू की ये नई ट्रेनें…जानें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए कई नई ट्रेन सेवाएं शुरू की और कुछ ट्रेनों के रूट बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कई नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में कुछ मौजूदा रेल मार्गों का विस्तार करने का ऐलान किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने भुवनेश्वर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अश्विनी वैष्णव पुरी की रथ यात्रा के लिए रेलवे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा दौरे पर थे।

इन जगहों को जोड़ेगी

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी घोषणाओं में नांदेड़ से मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है। ये ट्रेन वाशिम और हिंगोली के रास्ते चलेगी, जिससे महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई जिलों में रेल संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे ने टनकपुर से नांदेड़ के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन की भी शुरुआत की है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई क्षेत्र सहित दोनों इलाकों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर सिख समुदाय को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन का विस्तार अब शाहजहांपुर तक कर दिया गया है, जबकि टनकपुर-आगरा स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन सेवा के रूप में चलाने का फैसला लिया गया है।

इन जगहों पर भी रुकेगी ट्रेन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, नई ट्रेन सेवाएं लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय रेल संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि खटीमा और बनबसा में ट्रेन के ठहराव की मांग पर भी रेलवे विचार करेगा। मंत्री ने कहा, “अगर यह संभव हुआ, तो हम खटीमा और बनबसा में इस ट्रेन का स्टॉपेज जरूर देंगे।”

देश भर में बिछाए गए 37 हजार किलोमीटर ट्रैक

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में करीब 37 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं और लगभग 99.6 प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफाइड पूरा हो चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि ओणम के दौरान केरल के लिए 100 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि पुरी की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ओडिशा में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि, राज्य में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनका उद्देश्य रेल नेटवर्क का विस्तार करना और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

Prambanan Temple: 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर जाएंगे पीएम मोदी, जानिए भारत-इंडोनेशिया के रिश्तों में क्यों है इसकी खास अहमियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता शहर में स्थित प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर का दौरा करेंगे। इस दौरान भारत और इंडोनेशिया मिलकर करीब 1,000 साल पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण और मरम्मत के काम की शुरुआत करेंगे। प्रम्बानन मंदिर दोनों देशों की साझा संस्कृति, इतिहास और प्राचीन सभ्यता का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।

1000 साल पुराना है मंदिर

इसका उद्देश्य भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाना है। इस परियोजना के जरिए दोनों देश अपनी प्राचीन विरासत की रक्षा करने के साथ-साथ आपसी सहयोग और रणनीतिक संबंधों को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कल मुझे राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का अवसर मिलेगा। करीब 1,000 साल पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।”

इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर

प्रम्बानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। यह देश की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। इस विशाल मंदिर परिसर का निर्माण 9वीं सदी में मतारम साम्राज्य के समय हुआ था। उस दौर में यहां करीब 240 मंदिर थे। समय के साथ इनमें से कई मंदिर टूट-फूट गए और आज उनके अवशेष ही बचे हैं। इतिहास के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण हिंदू संजय राजवंश के राजा राकाई पिकाटन ने कराया था। उस समय मध्य जावा में बौद्ध शैलेंद्र राजवंश का भी काफी प्रभाव था। शैलेंद्र राजवंश ने बोरोबुदुर समेत कई बड़े बौद्ध स्मारकों का निर्माण कराया था।

जानें मंदिर का इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार, प्रम्बानन मंदिर का निर्माण उस समय हुआ, जब इस क्षेत्र में फिर से हिंदू धर्म को मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी। यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं था, बल्कि राजसत्ता, एकता और शासन की ताकत का भी प्रतीक माना जाता था। उस समय राजा को ईश्वर का प्रतिनिधि माना जाता था। धीरे-धीरे प्रम्बानन मंदिर साम्राज्य का प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक केंद्र बन गया। प्रम्बानन मंदिर परिसर का सबसे बड़ा आकर्षण 47 मीटर ऊंचा भगवान शिव को समर्पित शिव महादेव मंदिर है। यह पूरे परिसर की सबसे ऊंची इमारत है। इसके अलावा यहां भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित दो प्रमुख मंदिर भी मौजूद हैं।

भूकंप से हुआ था मंदिर का भारी नुकसान

साल 1991 में प्रम्बानन मंदिर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शानदार वास्तुकला के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। यह दुनिया के सबसे सुंदर हिंदू मंदिर परिसरों में से एक माना जाता है और हर साल यहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं। भूकंप से नुकसान होने के बावजूद इस मंदिर की ऐतिहासिक पहचान को बचाने के लिए समय-समय पर बड़े स्तर पर मरम्मत और संरक्षण का काम किया गया है।

प्रम्बानन मंदिर की पत्थर की दीवारों पर रामायण की कहानी को बेहद सुंदर नक्काशी के जरिए उकेरा गया है। श्रद्धालु और पर्यटक मंदिर की परिक्रमा करते हुए इन चित्रों के माध्यम से पूरी रामायण की कथा को क्रमवार देख सकते हैं। इंडोनेशिया की संस्कृति में भी रामायण का विशेष महत्व है। यहां प्रम्बानन मंदिर की भव्य पृष्ठभूमि में रामायण बैले का मंचन किया जाता है, जो इस सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखता है।

पीएम मोदी करेंगे दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रम्बानन मंदिर दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण और मरम्मत की परियोजना से दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते और साझा विरासत को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान के बाद कोम पहुंचा:यहां से पूर्व सुप्रीम लीडर ने धार्मिक शिक्षा हासिल की; अंतिम यात्रा निकाली जाएगी

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर सोमवार शाम तेहरान से कोम पहुंच गया। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर के जरिए पार्थिव शरीर को कोम लाया गया, जहां मंगलवार को अंतिम यात्रा और धार्मिक रस्में होंगी। कोम वही शहर है, जहां उन्होंने धार्मिक शिक्षा हासिल की थी। बाद में ईरान के सबसे प्रभावशाली धार्मिक नेताओं में शामिल हुए। कोम को शिया मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। इससे पहले तेहरान में तीसरे दिन भी लाखों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। लोगों ने खामेनेई और उनके परिवार के दिवंगत सदस्यों के ताबूतों पर फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी। कोम में अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को उनके गृह नगर मशहद ले जाया जाएगा। गुरुवार को उन्हें इमाम रजा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा से जुड़ी 5 तस्वीरें… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. तेहरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा में जनसैलाब: तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में लाखों लोग जुटे। भारी भीड़ के कारण ताबूत लेकर चल रहा वाहन कई जगह धीमा पड़ा और आजादी स्ट्रीट पर कुछ देर के लिए रुकना भी पड़ा। 2. खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंचा: तेहरान में अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया गया। गुरुवार को उनके गृह नगर मशहद में दफन किया जाएगा। 3. ईरान में खामेनेई के बदले की मांग तेज: अंतिम यात्रा में लाल झंडे और ‘या लथारत अल-खामेनेई’ के नारे गूंजे। समर्थकों ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांग दोहराई। 4. ईरानी नेताओं की दो टूक चेतावनी: राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा को खामेनेई के रास्ते पर चलने का संकल्प बताया। सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि हत्या करने वालों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा। 5. इजराइल-ईरान के बीच बयानबाजी तेज: नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ पूरे ईरान की आवाज नहीं है। वहीं इराक के शिया नेता अम्मार अल-हकीम ने लोगों से अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

गोल्डन टेंपल में निक्कर पहनकर पहुंचे विदेशी कपल को रोका,VIDEO:माथा टेकने जा रहे थे, सिख ने कहा- एंट्री फ्री, पहले पूरे कपड़े पहनो

अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में निक्कर पहन कर माथा टेकने जा रहे विदेशी कपल को सिख ने रोक दिया। महिला और युवक दोनों ने निक्कर पहनी हुई थी। सिख ने उन्हें गेट पर रोका और नियमों के बारे में बताया। सिख ने बताया कि निक्कर पहनकर अंदर जाना मना है। इस दौरान विदेशी महिला ने टिकट के बारे में भी पूछा, जिस पर उसे बताया गया कि यहां एंट्री पूरी तरह फ्री है। दोनों को पूरे कपड़े पहनकर आने की सलाह दी। नियम समझने के बाद विदेशी महिला ने सहमति जताई। ये वीडियो 4 जुलाई का है। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गुरुघर की मर्यादा से अवगत कराने के लिए सूचना बोर्ड लगाया गया है। इन पर स्पष्ट लिखा है कि कैप, शॉर्ट पैंट (निक्कर), कैप्री, मोजे और मिनी स्कर्ट पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं है। श्रद्धालुओं से सिर ढकने और पूरे कपड़े पहनकर ही गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश करने की अपील की गई है। अब पढ़ें वीडियो क्या है…
वीडियो में दिख रहा कि एक विदेशी महिला और उसके साथ मौजूद युवक गोल्डन टेंपल में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे थे। तभी एक सिख ने उन्हें बताया कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर निक्कर या हाफ पैंट पहनकर जाना मना है। उन्होंने समझाया कि दर्शन करने के लिए पूरे कपड़े या पजामा पहनना जरूरी है। बातचीत के दौरान विदेशी महिला ने पूछा कि क्या अंदर जाने के लिए किसी प्रकार का टिकट लेना पड़ता है। इस पर स्पष्ट किया कि गोल्डन टेंपल में प्रवेश पूरी तरह फ्री है और केवल गुरुघर की मर्यादा के अनुसार कपड़े पहनना जरूरी है। इसके बाद महिला ने अपने साथी की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या उन पर भी यही नियम लागू होता है। सिख ने बताया कि यह नियम सभी श्रद्धालुओं और टूरिस्टों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश या धर्म से संबंध रखते हों। सिख ने दोनों को पास के बाजार से पायजामा या पूरे कपड़े खरीदने की सलाह भी दी। सिख और विदेशी महिला के बीच हुई बातचीत… सिख: “इनसाइड द गुरुद्वारा साहिब, प्लीज वियर द प्रॉपर पायजामा। (गुरुद्वारा साहिब के अंदर, कृपया पूरा पायजामा पहनें)
विदेशी महिला: ओके, वेल (अच्छा, ठीक है) सिख: मार्केट की तरफ इशारा करते हुए यू शुड ट्राय द मार्केट एंड बाय फ्रॉम देयर। देन यू कैन गो इनसाइड द गुरुद्वारा। (आप मार्केट जाकर वहां से खरीद सकती हैं। उसके बाद आप गुरुद्वारा साहिब के अंदर जा सकती हैं।)
विदेशी महिला: आई वॉज गोइंग देयर। व्हेयर आई बाय द टिकट? (मैं वहीं जा रही थी। मुझे टिकट कहां से मिलेगी?) सिख: आह नो, देयर इज नो टिकट। टिकट इज नो टिकट। यू शुड वियर द प्रॉपर क्लोथ्स, देन यू कैन गो। (अरे नहीं, यहां कोई टिकट नहीं है। कोई टिकट नहीं लगती। आपको बस सही कपड़े पहनने होंगे, फिर आप जा सकती हैं।)
विदेशी महिला: अपने साथी की तरफ इशारा करते हुए) ही इज फाइन?(क्या ये ठीक हैं?) सिख: नो, ही इज ऑल्सो… निक्कर इज नॉट अलाउड। दिस इज नॉट अलाउड। (नहीं, ये भी… निक्कर यहां अलाउड नहीं है। यह पहनना मना है।)
विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) सिख: यू वियर प्रॉपर पायजामा, फुल पैंट, देन यू कैन गो। (आप लोग पूरा पायजामा या फुल पैंट पहनें, फिर आप अंदर जा सकते हैं।)
विदेशी महिला: ओके। (ठीक है।) गोल्डन टेंपल में लगाया बोर्ड… ——— ये खबर भी पढ़ें…. गोल्डन टेंपल में भगवंत मान की फोटो वाले आईकार्ड उतरवाए अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में शनिवार को नया विवाद हो गया। यहां मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से ये पहचान पत्र उतरवाए गए। (पढ़ें पूरी खबर)

Ram Mandir: पांच करोड़ का रामचरितमानस…राम मंदिर में कितना आया चढ़ावा? ट्रस्ट ने दिया पूरा हिसाब

Ram Mandir Donation: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को एक अहम बैठक हुई। इस बैठक महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने करीब तीन घंटे लंबी चली ट्रस्ट की बैठक के बाद मीडिया का सामने इसकी घोषणा की। ट्रस्ट ने दान चोरी और महत्वपूर्ण इस्तीफा-नियुक्तियों के लेकर जानकारी दी। ट्रस्ट की ओर से अब प्राप्त की गईं दान का पूरा ब्यौरा दिया गया।

चढ़ावा का दिया ब्योरा

बता दें कि, राम मंदिर में दान की गई कीमती चीजों के गायब होने के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गहने और अन्य कीमती वस्तुएं सार्वजनिक रूप से दिखाईं। ट्रस्ट ने कहा कि दान में मिली सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका सही तरीके से रिकॉर्ड रखा गया है। ट्रस्ट ने जिन वस्तुओं को दिखाया, उनमें करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस की एक प्रति भी शामिल थी, जिसे एक श्रद्धालु ने मंदिर को भेंट किया था। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने दान की गई वस्तुओं का आधिकारिक रजिस्टर भी मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह कदम दान की कीमती वस्तुओं के गायब होने से जुड़े आरोपों और लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए उठाया गया है।

मंदिर को दान में मिली इतनी चीजें

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि मंदिर को दान में मिली कई कीमती वस्तुएं गायब हो गई हैं। उन्होंने कहा, “इसी वजह से हम दान की गई सभी वस्तुओं का आधिकारिक रजिस्टर आपके सामने लेकर आए हैं। जिन वस्तुओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका पूरा विवरण भी हम दिखाएंगे।” ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर को दान में मिली हर वस्तु का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है। स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने बताया कि रजिस्टर में अब तक करीब 2,800 दान की गई वस्तुओं का विवरण दर्ज है। हालांकि, इनमें से केवल कुछ वस्तुओं को उदाहरण के तौर पर मीडिया और लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया।

स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा, “हमारे पास दान में मिली करीब 2,800 वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज है और सभी चीजें सुरक्षित रखी गई हैं। जिन पांच वस्तुओं को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उन्हें हम केवल उदाहरण के तौर पर आपके सामने लेकर आए हैं।” ट्रस्ट ने यह भी बताया कि अब तक मंदिर को करीब 2,926 दान की गई वस्तुएं मिल चुकी हैं। यदि कोई श्रद्धालु अपने द्वारा दान की गई वस्तु के बारे में जानकारी लेना चाहता है, तो वह ट्रस्ट के किसी अधिकारी से पहले समय लेकर अयोध्या आ सकता है। ट्रस्ट की ओर से उसे पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

ट्रस्ट ने दी ये जानकारी

ट्रस्ट ने कहा कि जो श्रद्धालु अपने दान की गई वस्तु के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं या यह जानना चाहते हैं कि उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है, वे पहले ट्रस्ट के किसी अधिकारी से समय लेकर अयोध्या आ सकते हैं। उन्हें दान से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाएगी। इस बीच, ट्रस्ट ने बताया कि उसकी अगली बैठक 22 अगस्त को होगी। इस बैठक में दान की कथित चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद है। साथ ही जांच के निष्कर्षों और ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि ट्रस्ट की मांग है कि दान की कथित चोरी में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, “22 अगस्त को ट्रस्ट की अगली बैठक होगी। हमें उम्मीद है कि तब तक विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट मिल जाएगी। उसी रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी और नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी फैसला लिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि चोरी, चोरी होती है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी दोषियों को, चाहे वे अभी फरार ही क्यों न हों, पकड़कर कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाए। ट्रस्ट भी इसी मांग पर पूरी तरह कायम है।

Ram Mandir : चंदा चोरी मामले में FIR दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को ट्रस्ट की कमान, चंपत राय का इस्तीफा मंजूर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और अहम बैठ सोमवार को हुई। वहीं बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के  कोषाध्यक्ष  गोविंद देव गिरी महराज ने कई अहम जानकारियां दी हैं।  गोविंग देव गिरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। कृष्ण मोहन को अब ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है। बता दें कि, चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।

कौन हैं कृष्ण मोहन 

बता दें कि, कृष्ण मोहन ने राम मंदिर में दान चोरी को लेकर एफआईआर कराई थी। इन्हीं की एफआईआर पर आज पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही हैं, साथ ही इन्हीं के एफआईआर के आधार पर अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और उनसे दान चोरी की रकम वसूली जा रही है।

बैठक के बाद सामने आई ये बड़ी जानकारी

बता दें कि, चाढ़ावा चोरी का मामले सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक करीब 3 घंटे तक चली। इस बैठक में क्या कुछ फैसले हुए इसकी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि, चंपत राय और अनिल मिश्रा की श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से छुट्टी हो गई है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में दोनों का त्यागपत्र मंजूर कर लिया है। चंपत राय की जगह ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव होंगे।

राम मंदिर की सबसे अहम मीटिंग

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर परिसर मीटिंग की शुरुआत होते ही सबसे पहले राम मंदिर से जुड़ी हालिया घटना पर गहरा दुख जताया गया। इसके ठीक बाद, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बैठक के मुख्य एजेंडा को सबके सामने रखा। राम मंदिर ट्रस्ट के साल 2020 में गठन के बाद से अब तक की यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक मानी जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मंदिर के चंदे में कथित चोरी और हेराफेरी के आरोपों की जांच चल रही है।

मामले की चल रही है जांच

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कथित तौर पर हेराफेरी किए गए पैसों से और भी संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके लिए पैसों के लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अब तक मंदिर में दान इकट्ठा करने और उसकी गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, श्रद्धालुओं के दान के कथित दुरुपयोग और पैसों के इस्तेमाल की जांच अभी भी जारी है।

राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ा खुलासा! आरोपी ने रिश्तेदारों पर उड़ाए 19 लाख, खरीदी SUV

Ram Mandir : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और अहम बैठ सोमवार को हुई। चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं बैठक के बीच इस मामले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी मामले की जांच अब और गहराई से की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि कथित तौर पर निकाले गए पैसों का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।

आरोपी ने किया बड़ा खुलासा

इस मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान पैसों के खर्च से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला ने बताया कि कथित तौर पर करीब 19 लाख रुपये अपने रिश्तेदारों और परिचितों पर खर्च किए गए। उसने यह भी बताया कि लगभग 6 लाख रुपये एक भाई की शादी में खर्च हुए, 5 से 6 लाख रुपये दूसरे भाई को दिए गए और करीब 3.5 लाख रुपये में एक मारुति ब्रेज़ा कार खरीदी गई।

दोस्त के खाते में ट्रांसफर किए पैसे

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर अपने एक दोस्त के खाते में करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इतना ही नहीं, उसने उसी दोस्त को एक महंगा मोबाइल फोन भी गिफ्ट में दिए थे। पुलिस को यह भी शक है कि कुछ छोटी-छोटी रकम कई अन्य लोगों में भी बांटी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, ये जानकारियां तब सामने आईं जब पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड के दौरान अविनाश शुक्ला से करीब 13 घंटे तक लगातार पूछताछ की। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूछताछ से उन्हें कई अहम सुराग मिले हैं।

जांच के दौरान मिले अमेरिकी डॉलर

जांच के दौरान पुलिस अविनाश शुक्ला को कई जगहों पर भी लेकर गई। इनमें कौशलपुरी का एक योग केंद्र और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्ला ने उन स्थानों की भी पहचान की, जहां कथित तौर पर दान की रकम आपस में बांटी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों ने इस मामले में अब तक 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने और चांदी के गहने, अन्य कीमती सामान और एक गाड़ी जब्त की है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि UP42AP6054 नंबर की मारुति ब्रेज़ा कार कथित तौर पर दान की हेराफेरी से मिले पैसों से खरीदी गई थी। हालांकि, इस कार का पंजीकरण अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक के नाम पर कराया गया था।

अब तक आठ लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कथित तौर पर हेराफेरी किए गए पैसों से और भी संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके लिए पैसों के लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अब तक मंदिर में दान इकट्ठा करने और उसकी गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, श्रद्धालुओं के दान के कथित दुरुपयोग और पैसों के इस्तेमाल की जांच अभी भी जारी है।

Khamenei Funeral News: ‘मुझे लगा था लोग उनसे नफरत करते हैं…’; खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ देख ट्रंप के उड़े होश

Khamenei Funeral News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ईरान के लोग खामेनेई को पसंद नहीं करते। लेकिन अंतिम यात्रा में लाखों लोगों की मौजूदगी देखकर वे चौंक गए। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें ईरान के अंदर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया की उम्मीद थी। एक्सियोस (Axios) से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह तेहरान में अंतिम संस्कार की रस्मों पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।

अंतिम संस्कार के वीडियो के बारे में पूछे जाने पर न्यूज वेबसाइट Axios से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैं हैरान था। मुझे लगा था कि लोग उससे नफरत करते हैं।” यह टिप्पणी तब आई जब खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों के लिए तेहरान में लाखों लोग जमा हुए। खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे। अंतिम संस्कार का कार्यक्रम पूरे सप्ताह चलेगा। अंत में मशहद में उन्हें दफनाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह भी संभव है कि लोगों के आंसू नकली हों।

‘हम चाहें तो सभी नेताओं को निशाना बना सकते थे’

ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अमेरिका चाहे तो उन्हें निशाना बना सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है। उनके मुताबिक, “वे सभी एक जगह मौजूद हैं। एक ही वार में हम सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।”

‘ईरान समझौता करना चाहता है’

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए उत्सुक है। उनके अनुसार, दोनों देशों ने अंतिम संस्कार की अवधि तक बातचीत और सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति बनाई है। उन्होंने कहा, “वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। हमने अंतिम संस्कार के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया क्योंकि हम ऐसा करना उचित समझते हैं।”

तेहरान में उमड़ा जनसैलाब

4 जुलाई से शुरू हुए अंतिम संस्कार में तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धांजलि देने आए लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथों में ली थी। इस दौरान अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। उनके ताबूत को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा गया।

9 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार की रस्में ईरान के कई शहरों में जारी रहेंगी। इसके बाद 9 जुलाई को खामेनेई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही के अनुसार, सुरक्षा कारणों और संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए मोजतबा खामेनेई के अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना कम है।

खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत से कौन गया?

केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में शुक्रवार को हिस्सा लिया। दोनों ने भारत सरकार एवं देश की जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले तीन दशक से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के पहले दिन मृत्यु हो गई थी।

विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने X पर प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के हैंडल को टैग करते हुए पोस्ट किया, “माननीय बिहार के राज्यपाल और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारत सरकार और देश की जनता की ओर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।”

उन्होंने समारोह की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। बिहार लोकभवन ने X पर एक पोस्ट में कहा कि राज्यपाल ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की। बिहार के लोकभवन ने राज्यपाल हसनैन के हैंडल को टैग करते हुए कहा, “विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा के साथ आज तेहरान में अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की।”

लोकभवन ने समारोह की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी X पर एक पोस्ट जारी करके हसनैन और मार्गेरिटा के श्रद्धांजलि अर्पित करने का वीडियो शेयर किया। यह श्रद्धांजलि उस सभागार में दी गई, जहां खामेनेई के लिए शोक समारोह आयोजित किया गया था।

विपक्षी नेता भी पहुंचे तेहरान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती और भारत से गए सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्मगुरुओं ने भी दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उनकी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पूछा गया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया, क्योंकि इसमें कई लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, “जहां तक भारत सरकार का सवाल है, हमने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। हमारी ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा आज तेहरान में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।”

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विदेश मंत्रालय ने दो जुलाई को जारी अपने बयान में कहा था, “इस कार्यक्रम में भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों तथा लोगों के बीच संपर्क के महत्व को रेखांकित करता है, जो राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।” खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पांच, छह और सात जुलाई को तेहरान और कोम में आयोजित किए जाएंगे। जबकि उन्हें नौ जुलाई को मशहद शहर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

Ram Mandir Chanda Chori: चढ़ावे के सोने को बना दिया बिस्कुट और फिर… राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सनसनीखेज खुलासा

Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस बात की जांच कर रही है कि क्या मंदिर से कथित तौर पर चोरी किए गए सोने के आभूषणों को पहचान मिटाने के लिए उसे गलाकर सोने के बिस्किट (Gold Biscuits) में बदल दिया गया। फिलहाल, SIT इस पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है। यह अभी संदेह और जांच का विषय है कि कथित तौर पर चोरी किए गए सोने को वास्तव में गलाकर बिस्किट बनाया गया था या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। ‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपियों ने चोरी किए गए सोने और चांदी के गहनों को पिघला दिया होगा ताकि उनकी पहचान मिटाई जा सके। कई बार छापेमारी और तलाशी के बाद भी सोने-चांदी के गायब गहने नहीं मिले, जिसके बाद जांच की दिशा में तेजी आई है।

मंदिर के इंचार्ज से पूछताछ तेज

जांच के सिलसिले में राम मंदिर गए SIT अधिकारियों ने मंदिर के इंचार्ज KD बाबू से गहनों और अन्य कीमती चढ़ावे के रखरखाव, उनकी इन्वेंट्री, स्टोरेज और देखभाल के बारे में पूछताछ की। रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच टीम ने गहनों और अन्य कीमती दान का रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही सरकारी कंपनी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Mint) के साथ हुए लेन-देन का रिकॉर्ड भी मांगा है।

जांचकर्ताओं ने अभी तक के जांच में पाया है कि ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की तिमाही बैठकों में ज्यादातर ध्यान कैश दान और रेवेन्यू पर होता था। जबकि सोने, चांदी और अन्य कीमती चढ़ावे की डिटेल्स इन्वेंट्री बनाए रखने या उसकी समीक्षा करने पर बहुत कम ध्यान दिया जाता था। ‘इंडिया टुडे’ ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

आभूषण नहीं मिले, इसलिए SIT ने बदली जांच की दिशा

जांच एजेंसियों को लगातार छापेमारी और तलाशी के बावजूद कथित तौर पर गायब सोने-चांदी के आभूषण नहीं मिले। इसके बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को शक है कि आरोपियों ने आभूषणों को पिघलाकर उनकी पहचान खत्म कर दी, जिससे उन्हें बरामद करना मुश्किल हो जाए।

मंदिर प्रशासन से मांगे गए रिकॉर्ड

जांच के दौरान SIT ने राम मंदिर पहुंचकर मंदिर प्रभारी केडी बाबू से पूछताछ की। अधिकारियों ने आभूषणों के रखरखाव, स्टोरेज, इन्वेंट्री और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कीमती दान से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे। इसके साथ ही सरकारी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Mint) के साथ हुए लेन-देन का ब्यौरा भी जांच के दायरे में लिया गया है।

7 जून को सामने आया थआ मामला

राम मंदिर में कथित दान गबन का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया। प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई। मंदिर में दान गिनने के काम से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

चंपत राय ने खुद को बताया व्हिसलब्लोअर

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कथित गड़बड़ी का सबसे पहले पता उन्होंने ही लगाया था। उन्होंने दावा किया कि चोरी पकड़ने के लिए उन्होंने मंदिर परिसर में सीक्रेट CCTV कैमरे लगवाए थे। उन्हीं कैमरों की फुटेज से कथित चोरी का खुलासा हुआ।

‘मुझे मेरे ही लोगों ने धोखा दिया’

पुलिस पूछताछ के दौरान चंपत राय ने कहा कि उनका दान के कथित गबन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे मेरे ही भरोसेमंद लोगों ने धोखा दिया। चोरी पकड़ने के लिए छिपे हुए कैमरे मैंने ही लगवाए थे।”

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच का आदेश दें। पणजी में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, क्योंकि मंदिर में दान के मैनेजमेंट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने BJP को भारत के मंदिरों पर आक्रमणकारियों द्वारा किए गए अतीत के कथित लूटपाट संबंधी उसके अक्सर दिए जाने वाले बयानों की भी याद दिलाई।

वेणुगोपाल ने पूर्व केंद्रीय गृह सचिव के उन दावों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया था कि मंदिर में दान किए गए एक किलोग्राम सोने का सही हिसाब-किताब नहीं रखा गया था। इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “यह किसी आम आदमी का आरोप नहीं है। यह आरोप केंद्र सरकार के एक सेवानिवृत्त गृह सचिव ने लगाया है। अयोध्या राम मंदिर में जो कुछ हो रहा है, वह हम सभी के लिए बहुत दुखद है। यह देश के सभी आस्था रखने वालों के लिए दुखद है।”

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वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लोग आस्था के कारण ईश्वर में विश्वास करते हैं। लेकिन BJP के लोग ईश्वर में विश्वास नहीं करते और वे लोगों को बांटने और मंदिर को लूटने के मकसद से धर्म की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या मंदिर में हुई चोरी के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को लूटने वालों को केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारें बचा रही हैं।

खामेनेई के जनाजे में लाखों लोगों की भीड़:अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, ताबूत देखते ही रो पड़े लोग; ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के लगे नारे

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शनिवार को तेहरान की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। छह दिन तक चलने वाले इस अंतिम संस्कार के पहले दिन ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में सुबह से ही लाखों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। अधिकारियों का अनुमान है कि पूरे कार्यक्रम में 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। खामेनेई का ताबूत ईरानी झंडे में लपेटकर मंच पर रखा गया था। उनके साथ हमले में मारे गए परिवार के अन्य सदस्यों के ताबूत भी रखे गए। ताबूत देखते ही कई लोग रो पड़े और कई श्रद्धालु फूट-फूटकर बिलखते नजर आए। इस दौरान भीड़ लगातार ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजराइल पर खुदा का कहर’ के नारे लगाती रही। कई लोग बदला लेने की मांग वाले पोस्टर लेकर पहुंचे। अंतिम यात्रा 6 जुलाई को तेहरान से निकलेगी। इसके बाद पार्थिव शरीर 7 जुलाई को कोम, 8 जुलाई को इराक के नजफ और करबला और 9 जुलाई को मशहद ले जाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. अंतिम संस्कार में 100 ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे: अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए। 2. तेहरान में अभूतपूर्व सुरक्षा और लोगों के लिए विशेष इंतजाम: अंतिम संस्कार को देखते हुए सेना और पुलिस की भारी तैनाती की गई। मेट्रो और सरकारी बसें मुफ्त रहीं, होटलों में 50% तक छूट दी गई, 5,000 से ज्यादा स्कूलों में ठहरने की व्यवस्था की गई और दूसरे शहरों से विशेष ट्रेनें चलाई गईं। 3. खामेनेई की अंतिम यात्रा 5 शहरों से गुजरेगी: अंतिम यात्रा तेहरान से शुरू होकर क़ोम, इराक के करबला और नजफ होते हुए 9 जुलाई को मशहद पहुंचेगी, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। 4. ईरान ने अमेरिका से बातचीत रोकी, परमाणु ठिकानों के निरीक्षण से भी इनकार: अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका-ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता फिलहाल रोक दी गई है। साथ ही ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अनुमति देने से इनकार कर दिया। ट्रम्प का दावा- ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने मानवीय आधार पर ईरान को अंतिम संस्कार पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद ईरान को अमेरिकी शर्तें माननी होंगी। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडे्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…