Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

Market Outlook: पिछले करीब तीन महीने से भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में घूम रहा है। कभी हल्की तेजी तो कभी हल्की गिरावट, लेकिन कोई बड़ा मूव देखने को नहीं मिला। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या जुलाई का महीना बाजार के लिए कुछ नया लेकर आएगा?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई का महीना शेयर बाजार के लिए अक्सर अच्छा साबित हुआ है। वहीं, मौजूदा आर्थिक हालात भी बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

जुलाई का रिकॉर्ड क्या कहता है?

SAMCO Securities के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जहोल प्रजापति का कहना है कि ऐतिहासिक आंकड़े जुलाई के पक्ष में इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘साल 2001 से 2025 के बीच 25 साल में निफ्टी 50 ने जुलाई में 18 बार बढ़त दर्ज की है। यानी करीब 72% बार बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान औसत रिटर्न 2.19% रहा। दिसंबर और नवंबर के बाद जुलाई निफ्टी के लिए तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना रहा है।’

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुराने ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। लेकिन जुलाई में हर साल कुछ ऐसे फैक्टर देखने को मिलते हैं, जो बाजार को सपोर्ट देते हैं। इनमें सामान्य मानसून की शुरुआत, पहली तिमाही (Q1) के नतीजों से जुड़ी उम्मीदें और घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी शामिल हैं।

मौजूदा हालात भी बाजार के लिए अच्छे

जहोल प्रजापति का कहना है कि इस समय कई ऐसे फैक्टर हैं, जो बाजार के लिए राहत की खबर हो सकते हैं।

  • भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है।
  • कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।
  • इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।
  • साल की शुरुआत में कमजोर पड़ा रुपया अब संभलता दिख रहा है।
  • विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम नहीं होता है, तो ये सभी बातें भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती हैं।

चार्ट क्या बता रहे हैं?

SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा का कहना है कि 1 जुलाई को निफ्टी ने अच्छी मजबूती दिखाई और बुलिश कैंडल बनाई। इंडेक्स ने 23,850-23,900 के सपोर्ट जोन को बचाए रखा। यही इलाका हालिया ब्रेकआउट एरिया और 50-DEMA के आसपास भी है। हालांकि, 24,000 के ऊपर पहुंचने के बावजूद निफ्टी को 100-DEMA के पास मजबूत रुकावट मिल रही है। यही वजह है कि बाजार अभी भी एक छोटी रेंज में फंसा हुआ है।

उन्होंने बताया कि RSI अब धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और फिलहाल 55.13 पर है। जब तक RSI 50 से ऊपर रहेगा, तब तक बाजार का रुख पॉजिटिव माना जाएगा। हालांकि, असली तेजी का संकेत तभी मिलेगा, जब निफ्टी मौजूदा रेजिस्टेंस के ऊपर निकल जाएगा। धामेजा ने यह भी कहा कि India VIX 2.63% गिरकर 13.24 पर आ गया है। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशक फिलहाल ज्यादा सहज नजर आ रहे हैं।

क्या 24,200 तक जा सकता है निफ्टी?

LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि 1 जुलाई को भी निफ्टी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स 24,000 के आसपास ही घूम रहा है, जिससे साफ है कि बाजार को अभी नई दिशा नहीं मिली है।

हालांकि, उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह सपोर्ट नहीं टूटता है, तो आने वाले दिनों में निफ्टी धीरे-धीरे 24,200 और उससे ऊपर के स्तर की ओर बढ़ सकता है। 1 जुलाई को निफ्टी 50 में 0.59% की तेजी आई और यह 24,005.85 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 0.58% चढ़कर 76,922.64 के स्तर पर पहुंच गया।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Advit Jewels Share Price: धमाकेदार लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट, अब खरीदें, बेचें या होल्ड करें? जानिए एक्सपर्ट्स से

Advit Jewels Share Price: ज्वेलरी कंपनी Advit Jewels की बुधवार को तगड़े प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई, लेकिन उसके बाद जोरदार मुनाफावसूली भी देखने को मिली। इसमें 5% का लोअर सर्किट लग गया। कंपनी का शेयर BSE पर 138 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 35.5% प्रीमियम के साथ 187 रुपये पर लिस्ट हुआ। वहीं NSE पर इसकी एंट्री 188.90 रुपये पर हुई, जो इश्यू प्राइस से 36.88% ज्यादा थी।

लिस्टिंग के समय कंपनी का मार्केट कैप 814.27 करोड़ रुपये रहा। हालांकि शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। मुनाफावसूली बढ़ने से शेयर 5% गिरकर 179.46 रुपये पर बंद हुआ। Advit Jewels का 165.16 करोड़ रुपये का IPO पिछले हफ्ते बोली के आखिरी दिन 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 130 से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया था।

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

Swastika Investmart की हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याती का कहना है कि Advit Jewels की लिस्टिंग मजबूत रही है, क्योंकि कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे भी अच्छे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘कंपनी ने पिछले दो साल में अपना रेवेन्यू लगभग तीन गुना कर लिया है। EBITDA मार्जिन 29-30% के आसपास बना हुआ है। रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) 43.6% रहा है। यही वजह है कि कंपनी का प्रीमियम वैल्यूएशन कुछ हद तक सही माना जा सकता है। हालांकि Advit Jewels अभी छोटी और नई कंपनी है। इसका कारोबार भी कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित है, इसलिए आने वाले समय में इसके शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।’

निवेशकों के लिए सलाह

शिवानी न्याती का कहना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे शॉर्ट से मीडियम टर्म के नजरिए से इसे होल्ड कर सकते हैं। वहीं, जिन लोगों ने सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए निवेश किया था, वे चाहें तो थोड़ा या पूरा मुनाफा बुक कर सकते हैं।

नए निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उनका कहना है कि कम से कम एक-दो तिमाही के नतीजे आने का इंतजार करें, उसके बाद ही इस शेयर में बड़ा निवेश करें। उन्होंने 165 रुपये का क्लोजिंग स्टॉप-लॉस रखने की सलाह भी दी है।

Waterways Leisure की कमजोर

Cordelia Cruises चलाने वाली Waterways Leisure Tourism की लिस्टिंग निवेशकों की उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शेयर बाजार में आते ही इसमें दबाव देखने को मिला और बाद में भी गिरावट जारी रही।

कंपनी का शेयर BSE पर 690 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो 808 रुपये के इश्यू प्राइस से 14.60% कम था। वहीं NSE पर इसकी शुरुआत 681 रुपये पर हुई, यानी यह 15.71% के डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ।

कमजोर लिस्टिंग की वजह क्या रही?

शिवानी न्याती का कहना है कि कंपनी की कमजोर लिस्टिंग से साफ है कि निवेशक इसके वैल्यूएशन और कारोबार से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

उन्होंने कहा, ‘हाल के समय में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटा है। इसके अलावा इसका कारोबार फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, यात्रियों की संख्या में कमी और दूसरे ऑपरेशनल जोखिमों से भी प्रभावित हो सकता है। करीब 101 गुना प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) वैल्यूएशन पर यह IPO निवेशकों को ज्यादा मार्जिन ऑफ सेफ्टी नहीं देता। हालांकि, सेक्टर के लॉन्ग टर्म के संकेत अच्छे जरूर हैं।’

इस शेयर में क्या करें?

शिवानी का कहना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे लंबी अवधि के नजरिए से इसे होल्ड कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों को बेहतर तिमाही नतीजों और आकर्षक कीमत का इंतजार करना चाहिए। फिलहाल इस शेयर पर उनकी राय ‘न्यूट्रल’ है। उन्होंने 640 रुपये का क्लोजिंग स्टॉप-लॉस रखने की सलाह दी है।

Waterways Leisure Tourism का 585 करोड़ रुपये का IPO पिछले हफ्ते बोली के आखिरी दिन 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 769 से 808 रुपये प्रति शेयर रखा था।

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Q2 की ग्रीन शुरुआत, Sensex में 444 अंकों का उछाल, ढाई लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty Closes Green: शेयर मार्केट के लिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही ग्रीन रही। दो दिनों की गिरावट के बाद आज 1 जुलाई को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) ग्रीन रहे। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया था तो निफ्टी भी 24000 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर अच्छा माहौल दिखा और मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज ऑटो, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर से अच्छा सपोर्ट मिला। निफ्टी रियल्टी 3% से अधिक तो निफ्टी एफएमसीजी 2% और निफ्टी ऑटो 1% से अधिक मजबूत हुआ। मार्केट पर आज आईटी सेक्टर ने दबाव डालने की काफी कोशिश की और सेंसेक्स के टॉप 3 लूजर इसी सेक्टर से रहे तो निफ्टी आईटी भी 2% से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी मेटल भी 1% कमजोर हुआ तो निफ्टी फार्मा भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस मिल-जुले माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 631.41 प्वाइंट्स चढ़कर 77,110.08 और निफ्टी 50 भी 184.15 प्वाइंट्स उछलकर 24,049.90 तक पहुंचा था।

₹2.93 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 30 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,73,57,184.467 करोड़ था। आज यानी 1 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,50,197.95 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,93,013.483 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 22 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 22 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की पैरेंट एटर्नल, एशियन पेंट्स और एचयूएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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174 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4447 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2276 शेयर आज मजबूत हुए तो 1995 में गिरावट रही जबकि 176 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 174 शेयर एक साल के हाई और 92 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 8 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी को मिल सकती है ‘डिफॉल्ट’ रेटिंग, कर्ज चुकाने में की देरी : सूत्र

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी Jana Holdings Limited (JHL) की क्रेडिट रेटिंग घटकर ‘डिफॉल्ट’ कैटेगरी में जा सकती है। CNBC-TV18 को मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इसकी वजह नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) की रकम तय समय पर नहीं चुका पाना है।

NCD भुगतान में हुई देरी

सूत्रों के मुताबिक, JHL ने NCD की भुगतान अवधि 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। यानी कंपनी को भुगतान के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मिला है।

बताया जा रहा है कि यह फैसला डिबेंचर-होल्डर्स की सहमति से लिया गया है। इनमें प्रमुख निवेशक TPG Asia VI India Markets Pte भी शामिल है। ऐसे में इसे टेक्निकल डिफॉल्ट माना जा रहा है।

 Jana Holdings को क्यों आई दिक्कत?

सूत्रों के अनुसार, JHL को उम्मीद थी कि वह Jana Small Finance Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचकर NCD का भुगतान कर देगी। लेकिन हिस्सेदारी का समय पर मोनेटाइजेशन नहीं हो पाया, जिससे भुगतान में देरी हुई।

JHL की हिस्सेदारी पहले 44% थी, जो TVS Venu Group को आंशिक हिस्सेदारी बेचने के बाद घटकर करीब 16.95% रह गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर रीफाइनेंसिंग की जरूरत पड़ी, तो कंपनी अपनी बची हुई हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा भी बेच सकती है।

Jana Small Finance Bank पर कितना असर?

सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम का Jana Small Finance Bank के कारोबार पर सीधा असर सीमित रहने की उम्मीद है। बैंक को जून 2022 के बाद से JHL की ओर से कोई नई पूंजी नहीं मिली है। फंडिंग के मामले में बैंक स्वतंत्र रूप से काम करता है।

इसके अलावा JHL और बैंक के बोर्ड में कोई साझा प्रतिनिधित्व नहीं है। दोनों के कर्ज भी आपस में जुड़े नहीं हैं। इसलिए होल्डिंग कंपनी की रेटिंग में गिरावट का सीधा वित्तीय असर बैंक पर पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।

हालांकि, अगर JHL आगे अपनी बची हुई हिस्सेदारी भी बेचती है, तो इससे Jana Small Finance Bank के शेयर पर शॉर्ट टर्म में दबाव बन सकता है। फिलहाल इस मामले पर Jana Holdings और Jana Small Finance Bank की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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RFBL Flexi Pack को मिला ₹20 करोड़ का ऑर्डर, 4 महीने में करेगी सप्लाई

पैकेजिंग कंपनी RFBL Flexi Pack को घरेलू बाजार से 20 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 3B Films को ट्रांसपेरेंट और मेटलाइज्ड फिल्म्स की सप्लाई करेगी। इस ऑर्डर को अगले चार महीनों में पूरा किया जाएगा।

कंपनी ने साफ किया कि यह किसी रिलेटेड पार्टी (Related Party) के साथ हुआ सौदा नहीं है। इस ऑर्डर में कंपनी के प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की भी कोई हिस्सेदारी नहीं है।

RFBL Flexi Pack को मिलेगी मजबूती

कंपनी का कहना है कि इस ऑर्डर से फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कारोबार में उसकी स्थिति और मजबूत होगी। ट्रांसपेरेंट और मेटलाइज्ड फिल्म्स का इस्तेमाल फूड, FMCG, फार्मा और इंडस्ट्रियल पैकेजिंग में बड़े पैमाने पर होता है।

ये फिल्म्स पैकेजिंग को ज्यादा मजबूत बनाती हैं। साथ ही उत्पाद को सुरक्षित रखने और उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने में भी मदद करती हैं। कंपनी का कहना है कि यह ऑर्डर अलग-अलग इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने की उसकी रणनीति को और मजबूत करेगा।

UAE में भी बढ़ाएगी कारोबार

हाल ही में RFBL Flexi ने UAE में अपनी सब्सिडियरी बनाने का फैसला किया है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार बढ़ाना और विदेशी बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है।

मजबूत घरेलू कारोबार, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और विदेशों में विस्तार की योजना के साथ RFBL Flexi Pack फ्लेक्सिबल पैकेजिंग इंडस्ट्री में अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रही है।

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Waaree Energies Share Price: सोलर कंपनी पर अमेरिकी एक्शन का असर, JM Financial ने घटाया टारगेट प्राइस

Waaree Energies Share Price: ब्रोकरेज JM Financial ने सोलर कंपनी Waaree Energies के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। अब उसने 12 महीने का टारगेट प्राइस 3,509 रुपये से घटाकर 3,185 रुपये रखा है। इसकी वजह अमेरिका की ओर से कंपनी पर सोलर सेल आयात में टैरिफ से बचने (Tariff Evasion) का आरोप लगना है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। मौजूदा भाव 2,954 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 231 रुपये या 7.8% की संभावित बढ़त की गुंजाइश बनती है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका की Customs and Border Protection (CBP) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा है कि Waaree Energies ने 2021 से 2026 के बीच वियतनाम और मलेशिया से आने वाले सोलर सेल्स पर लगने वाले टैरिफ से बचने की कोशिश की।

CBP का कहना है कि कंपनी ने चार साल तक सामान के मूल देश (Country of Origin) की गलत जानकारी दी। JM Financial का मानना है कि इससे कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है।

271% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी

CBP के फैसले के बाद जिन आयातों को नियमों से बचने वाला माना गया है, उन पर 271.28% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी के लिए कैश डिपॉजिट देना होगा। यह जांच 2025 में शुरू हुई थी।

शिकायत में कहा गया था कि Waaree Energies ने चीन से सोलर सेल का आयात काफी बढ़ाया। इसके बाद भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक (CSPV) मॉड्यूल का निर्यात भी तेजी से बढ़ा। 2021 से 2023 के बीच भारत से अमेरिका जाने वाले CSPV मॉड्यूल के आयात में 2,250% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑर्डर बुक पर पड़ सकता है असर

JM Financial के मुताबिक, Waaree Energies की ऑर्डर बुक 53,000 करोड़ रुपये की है। इसका 65% से 70% हिस्सा विदेशी ग्राहकों के लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ा है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस फैसले से कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है। इसका असर भविष्य में मिलने वाले कुछ अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स पर भी पड़ सकता है।

फिर भी ‘Add’ रेटिंग क्यों बरकरार?

JM Financial का कहना है कि हालात उतने खराब नहीं हैं, जितनी आशंका जताई जा रही थी। CBP ने कंपनी के सभी आयातों को नियमों का उल्लंघन करने वाला नहीं माना है।

जांच में यह भी सामने आया कि Waaree Energies ने गैर-चीनी सोलर सेल्स से इतने मॉड्यूल तैयार किए थे, जो अमेरिका भेजे गए उसके कुल मॉड्यूल की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त थे। इसी वजह से ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी पर असर तो पड़ेगा, लेकिन सबसे खराब स्थिति बनने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 112% बढ़कर 8,840.25 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा 74.7% बढ़कर 1,126.26 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 80% बढ़कर 1,577 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.6% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 23% था।

Waaree के शेयरों का हाल

Waaree Energies का शेयर मंगलवार को 2.35% की बढ़त के साथ 2,954 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 84.71 हजार करोड़ रुपये है।

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