Dr Reddy’s Q1 Results: डॉ रेड्डीज का प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा, शेयर फिसला

डॉ रेड्डीज लेबोरेट्रीज ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के प्रॉफिट पर सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में बाधा का असर पड़ा। इस वजह से कंपनी की इनवेंट्री और इससे जुड़ी दूसरी कॉस्ट बढ़ गई।

Dr Reddy’s Laboratories हैदराबाद की दवा बनाने वाली कंपनी है। इसने एक साल पहले की जून तिमाही में 1,418 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया था। जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 5.6 फीसदी गिरकर 8,070.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में रेवेन्यू 8,545.2 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने कहा है कि उसने जून तिमाही में सेमाग्लूटाइड की सप्लाई की बाधा से जुड़े इनवेंट्री और इससे जुड़ी दूसरी कॉस्ट के लिए 240 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया है। इस महीने की शुरुआत में डॉ रेड्डीज ने कहा था कि उसकी जेनरिक सेमाग्लूटाइड की सप्लाई में बाधा जारी रहेगी। यह इंडिया में उपलब्ध नहीं होगी और चीन में भी कम से कम अक्तूबर तक इसकी सप्लाई में बाधा आएगी।

एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इनग्रेडिएंट्स (API) में अशुद्धता (Impurity) से जुड़े मसले की वजह से कंपनी को नए बैचेज के प्रोडक्शन को रोकना पड़ा था। सेमाग्लूटाइड एक्टिव इनग्रेडिएंट है, जिसका इस्तेमाल वजन घटाने वाली दवा Wegovy में होता है। इंडिया में इस पर पेंटेंट खत्म हो गया है। इससे जेनरिक दवा बनाने वाली कंपनियों के लिए इसका उत्पादन करने का रास्ता खुल गया है।

डॉ रेड्डीज का प्लान भारत में तेजी से बढ़ते सेमाग्लूटाइड मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करने का था। लेकिन, इसका उत्पादन रुकने से कंपनी के प्लान पर पानी फिर गया। नॉर्थ अमेरिका से भी कंपनी का रेवेन्यू 35.3 फीसदी गिरकर 2,205 करोड़ रुपये रह गया। यह कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी को लेनालिमाइड की बिक्री में गिरावट का भी सामना करना पड़ रहा है। यह ब्रिस्टल मेयर्स स्क्विब की कैंसर की दवा रेवलीमिड का जेनरिक वर्जन है।

डॉ रेड्डीज का शेयर 22 जुलाई को 2.16 फीसदी गिरकर एनएसई पर 1,179.90 रुपये पर बंद हुआ। दूसरी फार्मा कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति का ऐलान है, जिसमें उन्होंने जेनरिक दवाओं के आयात पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसका असर सन फार्मा, सिप्ला और डॉ रेड्डीज जैसी दवा कंपनियों पर पड़ेगा।

IndusInd Bank Q1 Results: प्रॉफिट 47% बढ़कर 1003 करोड़ रुपये रहा, एसेट क्वालिटी बेहतर हुई

IndusInd Bank Q1 Results: इंडसइंड बैंक ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 47 फीसदी बढ़कर 1,003 करोड़ रुपये रहा। इसमें संभावित बैड लोन के लिए बैंक की कम प्रोविजनिंग का बड़ा हाथ रहा। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 684 करोड़ रुपये था। जून तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई।

स्ट्रॉन्ग मैनेजमेंट के साथ ग्रोथ के एजेंडा पर फोकस

IndusInd Bank के एमडी और सीईओ राजीव आनंद ने कहा, “इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हमने स्ट्रेटेजिक प्रायरिटीज पर फोकस बनाए रखा। हमारा जोर ग्रोथ, बैलेंसशीट की मजबूती और फ्रैंचाइज क्वालिटी पर रहा। हमें अनुभवी लीडरशिप टीम का सपोर्ट मिला। हम अच्छे रिस्क मैनेजजमेंट के साथ ग्रोथ के अपने एजेंडा पर अमल कर रहे हैं।”

रिटेल, एसएमई सहित डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो पर जोर

उन्होंने कहा कि हम रिटेल, एसएमई और रूरल बिजनेसेज सहित डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो बना रहे हैं। इसमें ग्रामीण इलाकों में विस्तार से शामिल है। हम माइक्रोफाइनेंस से आगे जाना चाहते है। साथ ही टेक्नोलॉजी और एआई-आधारित केपैबिलिटीज के जरिए कस्टमर एक्सपीरियंस बढ़ाने के लिए हम इनवेस्ट कर रहे हैं।

टैक्स बाद 1,037 करोड़ रुपये का प्रॉफिट

आनंद ने कहा कि जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट का असर वैश्विक स्थिति पर पड़ रहा है। इस बीच, हमारा जोर सस्टेनेबल ग्रोथ पर है। इंडिया में ग्रोथ को बढ़ाने वाले फैक्टर्स स्ट्रॉन्ग है। बैंक ने प्रोविजन से पहले 2,773 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया, जबकि टैक्स के बाद प्रॉफिट 1,037 करोड़ रुपये रहा। बैंक का कैपिटल एडक्वेसी 17.15 फीसदी रहा। लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 27 फीसदी रहा।

नेट इंटरेस्ट इनकम 4,685 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में ग्रॉस एनपीए 3.25 फीसदी और नेट एनपीए 0.95 फीसदी रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम इस दौरान 4,685 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,640 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.57 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 3.46 फीसदी था। यील्ड ऑन एसेट्स 8.62 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 9.15 फीसदी थी।

कॉस्ट ऑफ फंड्स घटकर 5.05 फीसदी 

जून तिमाही में इंडसइंड बैंक की कॉस्ट ऑफ फंड 5.05 फीसदी रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 5.69 फीसदी थी। बैंक का लोन तिमाही दर तिमाही आधार पर 3.3 फीसदी बढ़ा। यह बीत छह तिमाहियों में तिमाही दर तिमाही आधार पर लोन में पहली ग्रोथ है। हालांकि, एक साल पहले के मुकाबले यह अब भी 2.3 फीसदी कम है।

22 जुलाई को बैंक के शेयर चढ़कर बंद हुए

इंडसइंड बैंक का शेयर 22 जुलाई को करीब 1 फीसदी चढ़कर 1,072 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दिखी। निफ्टी 0.79 फीसदी यानी 191 अंक गिरकर 23,996 पर रहा। सेंसेक्स 0.92 फीसदी यानी 715 अंक गिरकर 76,755 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.23 फीसदी गिरावट आई। मिडकैप शेयरों पर भी दबाव दिखा।

Eternal Q1 results: जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल का प्रॉफिट 92 करोड़ रुपये रहा, एनालिस्ट्स के अनुमान से काफी कम

Eternal Q1 results: जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 92 करोड़ रुपये रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 335 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम है। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 47 फीसदी घटा है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 174 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 20,211 करोड़ रुपये 

Eternal का प्रॉफिट जून तिमाही में साल दर साल आधार पर बढ़कर तीन गुना हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 25 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया था। जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 20,211 करोड़ रुपये रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 19,850 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है। साल दर साल आधार पर कंपनी का रेवेन्यू जून तिमाही में दो गुना हो गया।

EBITDA 22  फीसदी बढ़कर 594 करोड़ रुपये

कंपनी का EBITDA जून तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 594 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन में तिमाही दर तिमाही आधार पर मामूली इजाफा हुआ। यह 2.8 फीसदी से बढ़कर 2.9 फीसदी हो गया। कंपनी के फाउंडर दीपेंदर गोयल ने शेयरहोल्डर्स को भेजे लेटर में कहा है, “अगर ऐसा वक्त आता है जब हमें ग्रोथ के लिए मार्जिन से समझौता करना पड़े तो हम बिना झिझक ऐसा करेंगे।”

लंबी अवधि में बिजनेस के विस्तार पर फोकस

उन्होंने कहा, “हमने हमेशा शॉर्ट टर्म मार्जिन की जगह लॉन्ग टर्म मार्केट एक्सपैंशन को प्राथमिकता दी है। लेकिन, हमें कुछ ऐसा करने की जरूरत नहीं है।” जोमैटो लगातार यह कहती रही है कि उसे प्रतिद्वंद्वी कंपनी की कम प्राइस के फूड ऑफर करने की स्ट्रेटेजी में कोई फायदा नहीं दिखता। किफायती फूड के ग्राहकों को ध्यान में रख Swiggy ने Toing और Rapido ने Ownly लॉन्च किया है। लेकिन, जोमैटो का ऐसा करने का कोई प्लान नहीं है।

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जोमैटो के शेयर चढ़कर बंद हुए 

इटरनल का शेयर 22 जुलाई को 1.01 फीसदी चढ़कर 289.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों पर बड़ा दबाव देखने को मिला। निफ्टी 0.79 फीसदी यानी 191 अंक गिरकर 23,996 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.92 फीसदी यानी 715 अंक की कमजोरी के साथ 76,755 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.23 फीसदी की गिरावट आई।

Adani Power Q1 Results: अदाणी पावर को ₹4806 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Adani Power Q1 Results: अदाणी ग्रुप की बिजली कंपनी Adani Power ने जून तिमाही में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट तीनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश में रिकॉर्ड बिजली मांग, ज्यादा बिजली बिक्री और बेहतर टैरिफ रही। नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

मुनाफा और रेवेन्यू में दमदार बढ़त

अप्रैल-जून तिमाही में अदाणी पावर का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 42% बढ़कर ₹4,806 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,385 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 34% बढ़कर ₹18,902 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹14,109 करोड़ था। वहीं, EBITDA करीब 40% बढ़कर ₹7,948 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 40.3% से बढ़कर 42% हो गया।

भीषण गर्मी का फायदा मिला 

इस बार गर्मी ने बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। मई महीने में देश की पीक पावर डिमांड 270.8 गीगावॉट रही। वहीं, जून तिमाही में बिजली की कुल खपत 8.4% बढ़कर 485.4 बिलियन यूनिट हो गई।

इसका सीधा फायदा Adani Power को मिला। कंपनी ने इस तिमाही में 31 बिलियन यूनिट बिजली पैदा की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, बिजली की बिक्री 16.9% बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट रही।

बिजली महंगी बिकी, कमाई बढ़ी

लॉन्ग टर्म PPA के तहत बिजली बिक्री 30% से ज्यादा बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट हो गई। इसके साथ ही औसत टैरिफ 8.5% बढ़कर ₹5.95 प्रति यूनिट पहुंच गया।

मर्चेंट और शॉर्ट टर्म मार्केट में भी कंपनी को बेहतर दाम मिले। यहां औसत टैरिफ 13.1% बढ़कर ₹7.04 प्रति यूनिट रहा। कंपनी ने कहा कि बुटीबोरी और मुतियारा (तूतीकोरिन) जैसे पहले बिना PPA वाले प्लांट्स को नए करार मिलने से भी बिजली बिक्री बढ़ी। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की कीमतें बढ़ने का फायदा भी कंपनी को मिला।

कोयला महंगा हुआ, फिर भी बढ़ा मुनाफा

ज्यादा बिजली उत्पादन और आयातित कोयले की ऊंची कीमतों की वजह से ईंधन लागत 30% बढ़कर ₹9,513 करोड़ हो गई। इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा। इसकी वजह बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और फाइनेंस कॉस्ट पर मजबूत नियंत्रण रहा।

इस तिमाही में कंपनी ने ₹1,386 करोड़ की पिछली अवधि की आय भी दर्ज की। वहीं, अतिरिक्त कोयला लागत के बदले ₹898 करोड़ के टैरिफ मुआवजे को भी रेवेन्यू में शामिल किया गया।

विस्तार पर बड़ा दांव

अदाणी पावर के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। यह रकम QIP या दूसरे रास्तों से जुटाई जाएगी। साथ ही कंपनी ने अपनी उधारी सीमा ₹75,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी।

Adani Power ने हाल ही में दिवाला प्रक्रिया के तहत Jaiprakash Associates की कई बिजली परिसंपत्तियां भी खरीदी हैं। इनमें 180 मेगावॉट का Churk थर्मल पावर प्लांट, Jaiprakash Power Ventures में 24% हिस्सेदारी और Prayagraj Power Generation Company में 11.49% हिस्सेदारी शामिल हैं।

आगे की क्या है योजना?

अदाणी पावर के CEO एस.बी. ख्यालिया ने कहा कि रिकॉर्ड EBITDA दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है। उन्होंने कहा कि Adani Power 45 गीगावॉट उत्पादन क्षमता के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसके साथ ही कंपनी हाइड्रो पावर में विस्तार कर रही है और भविष्य में न्यूक्लियर पावर सेक्टर के अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है।

अदाणी पावर के शेयरों का हाल

Adani Power का शेयर बुधवार को शेयर 1.51% गिरकर ₹217.05 पर बंद हुआ। नतीजों के बाद ₹211.90 के निचले स्तर से उछलकर ₹221.70 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा था। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 83.77% रिटर्न दिया है।

HFCL Q1 Results: घाटे से ₹229 करोड़ के मुनाफे में आई कंपनी, 6 महीने में 250% उछला स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj plans to launch two new Pulsar models before festive season

Bajaj Pulsar badge

Bajaj Auto has confirmed it will launch 10 new two-wheeler models over the next six weeks, including two all-new motorcycles under the Pulsar brand in the 125cc and 150cc segments. Alongside the product introductions, the company has also announced plans to expand its manufacturing capacity from around 7 million units per annum to over 9 million – an increase of more than 25 percent.

  1. 10 new models to launch over the next six weeks
  2. Manufacturing capacity to expand from around 7 million to over 9 million units per annum

Bajaj Auto product plans: Key details

Two new Pulsars confirmed for the 125cc and 150cc segments

Speaking after the company’s Q1 FY27 results, Joint Managing Director Rakesh Sharma confirmed that the upcoming launches would complete a wider portfolio refresh. The 10 launches will include two all-new Pulsars in the 125cc and 150cc segments – with the next-generation Pulsar 125 already spotted testing on multiple occasions – alongside additional Chetak electric scooter variants. Sharma described them as “very interesting launches in the next six months” that will “open up new segments.”

On the manufacturing front, Bajaj Auto currently has an installed capacity of around 7.2 million units per annum. The planned expansion to over 9 million units will be achieved progressively over several quarters through a combination of brownfield expansion at existing facilities and a new greenfield plant, although the location has not yet been finalised. The additional capacity will primarily support electric two-wheelers, electric three-wheelers, premium motorcycles and select ICE three-wheeler models.

These announcements build on the FY27 roadmap outlined by Chairman Niraj Bajaj in the company’s annual report earlier this year, which identified the domestic 125cc-plus motorcycle segment, Chetak EV growth and export expansion as the company’s three key priorities. Bajaj Auto’s record Q1 FY27 performance provided strong backing for that strategy, with revenue from operations rising 37 percent year-on-year to Rs 17,244 crore and total vehicle sales reaching a record 1.44 million units. Exports also surged 52 percent to their highest-ever quarterly level.

18% टूटे Medplus Health के शेयर, निवेश के दो तगड़े ऐलान के बावजूद कमजोर रिजल्ट पड़ा भारी

Medplus Health Share Price: देश की सबसे बड़ी रिटेल फार्मेसी ओमनी चैनल मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज के शेयरों को जून तिमाही के रिजल्ट से तगड़ा शॉक लगा है। इसके झटके से मेडप्लस के शेयर करीब 18% टूट गए और फिसलकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए। शेयरों को निवेश के दो बड़े ऐलान से भी सपोर्ट नहीं मिल पाया। अभी की बात करें तो फिलहाल 14.95% की गिरावट के साथ मेडप्लस का शेयर ₹676.45 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 17.80% टूटकर ₹653.80 तक आ गया था।

Medplus Health Services Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज के लिए किसी झटके से कम नहीं रही। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 21.7% गिरकर ₹33.17 करोड़ पर आ गया। मुनाफे में यह गिरावट ऐसे समय में आई, जब कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू इस दौरान 21.84% बढ़कर ₹1879.60 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए इस दौरान 1.9% बढ़कर ₹130.7 करोड़ पर पहुंचा लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 8.5% से फिसलकर 7.1% पर आ गया। जून तिमाही में कंपनी ने 146 नए स्टोर खोले जिसमें 131 फ्रेंचाइजी स्टोर्स थीं।

कहां निवेश कर रही मेडप्लस?

एक्सचेंज फाइलिंनग में नतीजे के साथ-साथ कंपनी ने बताया कि इसकी मुख्य सब्सिडियरी ऑप्टिवल हेल्थ सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड तेलंगाना के हैदराबाद में एक फूड पार्क बनाने की योजना बना रही है। इसमें कोल्ड प्रेस ऑयल निकालने वाली यूनिट भी शामिल होगी। इसमें करीब ₹40 करोड़ की पूंजी लगेगी। इसके अलावा कंपनी की योजना हैदराबाद में एक कॉन्सिअर्ज हेल्थ एंड वेलनेस सर्विसेज फैसिलिटी शुरू करने की भी है। इसमें करीब ₹115 करोड़ का निवेश होगा जिसमें ₹90 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

मे़डप्लस हेल्थ सर्विसेज के शेयरों ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को कुछ ही महीने में बीमार कर दिया। 21 मई 2026 को बीएसई पर यह ₹1,020.35 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से दो ही महीने में यह 35.92% फिसलकर आज 22 जुलाई 2026 को ₹653.80 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Trump Tariffs: जेनेरिक्स पर ट्रंप का एक ऐलान, फार्मा सेक्टर में कोहराम, भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा इतना गहरा असर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ICSE 10th Improvement Result 2026: 10वीं के इंप्रूवमेंट नतीजे जारी, 24 जुलाई से डिजिलॉकर पर मिलेगी डिजिटल मार्कशीट

ICSE 10th Improvement Result 2026: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) से 10वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्र अपनी इंप्रूवमेंट परीक्षा के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इन छात्रों के लिए आज अच्छा दिन है। बोर्ड ने इंडियन काउंसिल फॉर सेकेंडरी एग्जामिनेशन (ICSE) 10वीं इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। 15 जून से 30 जून, 2026 तक हुई इम्प्रूवमेंट परीक्षा में शामिल छात्र अब सीआईएससीई रिजल्ट्स पोर्टल के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं। डिजिटल मार्कशीट भी 24 जुलाई, 2026 से डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगी।

इस साल, 37 विषयों/पेपर्स में 13,032 पेपर-वाइज एंट्रीज के साथ 5,321 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। यह परीक्षा 341 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जबकि 43 केंद्रों पर 185 परीक्षकों ने छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया था। सीआईएससीई ने स्पष्ट किया है कि मुख्य और इम्प्रूवमेंट परीक्षा में मिले अधिक अंकों को अंतिम अंक माना जाएगा।

आईसीएसई 10वीं कक्षा इम्प्रूवमेंट रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें?

छात्र आईसीएसई 10वीं इम्प्रूवमेंट रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं :

  • सीआईएससीई रिजल्ट्स पोर्टल cisce.org पर जाएं।
  • आईसीएसई इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन रिजल्ट 2026 लिंक चुनें।
  • ज़रूरी लॉगिन क्रेडेंशियल डालें।
  • रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • आगे के रेफरेंस के लिए प्रोविजनल स्कोरकार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें।
  • स्कूल CAREERS पोर्टल के जरिए टेबुलेशन रजिस्टर और कैंडिडेट-वाइज रिपोर्ट देख सकते हैं।

आईसीएसई 10वीं कक्षा इम्प्रूवमेंट रिजल्ट 2026: एक नजर

परीक्षा तारीख : 15 जून से 30 जून, 2026

कुल कैंडिडेट शामिल हुए : 5,321

पेपर-वाइज एंट्री : 13,032

कवर किए गए सब्जेक्ट/पेपर : 37

एग्जाम सेंटर : 341

इवैल्यूएशन सेंटर : 43

इवैल्यूएशन करने वाले एग्जामिनर : 185

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आईसीएसई 10वीं कक्षा इम्प्रूवमेंट स्कोरकार्ड 2026 डाउनलोड करके सुरक्षित रखें, क्योंकि मेन और इम्प्रूवमेंट एग्जाम में मिले मार्क्स में से जो ज्यादा होगा, उसे फाइनल स्कोर माना जाएगा। रिजल्ट से जुड़े किसी भी सवाल के लिए, स्कूल सीआईएससीई हेल्पडेस्क से helpdesk@cisce.org पर संपर्क कर सकते हैं या 1800-203-2414 पर कॉल कर सकते हैं।

Indian Army Recruitment 2026: जेईई, नीट या क्लैट का स्कोर दिला सकता है सेना में एंट्री, सीधे एसएसबी इंटरव्यू में शामिल होने का मिलेगा मौका

Anant Raj Demerger: अनंत राज दो हिस्सों में बंटेगी, डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी

Anant Raj Demerger: रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Ltd ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने एक कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ग्रुप की दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां होंगी।

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले NCLT, SEBI, स्टॉक एक्सचेंज, शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियां मिलना जरूरी होगा।

किस कंपनी के पास कौन सा कारोबार रहेगा?

डिमर्जर के बाद Anant Raj Ltd रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार पर फोकस करेगी। कंपनी का ध्यान रेजिडेंशियल टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर रहेगा।

वहीं, Ashok Cloud Private Limited डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का कारोबार संभालेगी। कंपनी AI वर्कलोड, को-लोकेशन सर्विस, सॉवरेन पब्लिक क्लाउड, डिजास्टर रिकवरी, क्लाउड माइग्रेशन और डेटा बैकअप जैसी सेवाएं देगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

कंपनी ने बताया कि डिमर्जर लागू होने के बाद योग्य शेयरधारकों को Anant Raj Ltd के हर एक ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयर के बदले Ashok Cloud Private Limited का ₹2 फेस वैल्यू वाला एक शेयर मिलेगा।

हालांकि, डिमर्जर के बाद भी Ashok Cloud, Anant Raj Ltd की सब्सिडियरी बनी रहेगी। कंपनी की मौजूदा हिस्सेदारी रद्द नहीं की जाएगी।

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबार अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों की पूंजी जरूरत, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी भी अलग है। ऐसे में अलग कंपनियां बनने से दोनों बिजनेस अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे।

कंपनी का मानना है कि इससे डेटा सेंटर बिजनेस को अलग पहचान मिलेगी। उसकी वैल्यू बेहतर तरीके से सामने आएगी। साथ ही सेक्टर-फोकस्ड निवेशकों को आकर्षित करने, रणनीतिक साझेदारी करने और नए निवेश जुटाने में भी आसानी होगी।

Anant Raj के एमडी ने क्या कहा?

Anant Raj के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित सरीन ने कहा कि रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कारोबार अब दो अलग प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। दोनों की जरूरतें और ग्रोथ का रास्ता अलग है। ऐसे में डिमर्जर से दोनों कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति बनाने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत लाने से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा। इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और निवेशकों के लिए पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। Anant Raj का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.50% की गिरावट के साथ ₹609.60 पर बंद हुआ।

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा, शेयरधारकों को मिला डिविडेंड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा, शेयरधारकों को मिला डिविडेंड

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा दोहरे अंक में बढ़ा है। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के स्तर पर ही स्थिर रहा।

मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹140 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹1,706.8 करोड़ था।

इस दौरान EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹291.7 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 17% पर स्थिर रहा।

किस कारोबार का कैसा प्रदर्शन रहा?

जून तिमाही में यार्न बिजनेस कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू देने वाला कारोबार रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹902 करोड़ से बढ़कर ₹954.2 करोड़ हो गया। पेपर और केमिकल्स कारोबार का रेवेन्यू ₹259.8 करोड़ से बढ़कर ₹297.4 करोड़ पहुंच गया, जो सबसे तेज ग्रोथ वाला सेगमेंट रहा।

वहीं, टॉवल बिजनेस का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह ₹638.9 करोड़ से मामूली घटकर ₹638.5 करोड़ रह गया। दूसरी ओर, बेडशीट कारोबार का रेवेन्यू ₹309.4 करोड़ से घटकर ₹302.8 करोड़ हो गया।

मुनाफे में किसका सबसे ज्यादा योगदान?

यार्न कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹70.1 करोड़ से बढ़कर ₹145.8 करोड़ हो गया। यानी इस सेगमेंट का मुनाफा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा। बेडशीट बिजनेस का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹44.8 करोड़ से बढ़कर ₹49.3 करोड़ रहा।

हालांकि, पेपर और केमिकल्स सेगमेंट का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹73.3 करोड़ से घटकर ₹52.4 करोड़ रह गया। वहीं, टॉवल कारोबार का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹47.6 करोड़ से घटकर ₹33.7 करोड़ हो गया।

अंतरिम डिविडेंड और नई सब्सिडियरी

कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया।

इसके अलावा, बोर्ड ने ब्रांड की मौजूदगी मजबूत करने और सेल्स, मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट एक्टिविटीज को बढ़ाने के लिए नई सब्सिडियरी बनाने को मंजूरी दी है। यह सब्सिडियरी विदेशी बाजारों में भी Trident के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग का काम करेगी।

Trident के शेयरों का हाल

Trident का शेयर 21 जुलाई को NSE पर 0.28% गिरकर ₹25.24 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 19.97% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.67 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।