Raksha Bandhan 2026: बॉलीवुड की ये 7 फिल्में, जिनमें भाई-बहन के रिश्ते को बेहद खूबसूरती सेलिब्रेट किया गया

Raksha Bandhan 2026: बॉलीवुड ने हमें भाई-बहनों की कई यादगार कहानियां दी हैं, जिनमें दिखाया गया है कि उनके रिश्ते प्यार, नोक-झोंक, एक-दूसरे की रक्षा करने और ज़िंदगी भर साथ निभाने से कैसे भरे हो सकते हैं। इस रक्षा बंधन पर, उन फ़िल्मों को फिर से देखें जो भाई-बहनों के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को खूबसूरती से दिखाती हैं। दिल को छू लेने वाले फ़ैमिली ड्रामा से लेकर त्याग और हिम्मत की कहानियों तक, ये फ़िल्में हमें याद दिलाती हैं कि भाई-बहनों की हर लड़ाई के पीछे अक्सर एक ऐसा रिश्ता होता है जो हर मुश्किल में मज़बूत बना रहता है।

दिल धड़कने दो (2015)

‘दिल धड़कने दो’ में प्रियंका चोपड़ा और रणवीर सिंह ने भाई-बहन आयशा और कबीर मेहरा का किरदार निभाया है। भले ही उनकी पर्सनैलिटी अलग-अलग है और वे अक्सर एक-दूसरे से सहमत नहीं होते, फिर भी वे एक-दूसरे को गहराई से समझते हैं। उनकी ईमानदारी भरी बातचीत और एक-दूसरे का साथ देना भाई-बहनों के उस असली रिश्ते को दिखाता है जिसमें मज़ाक-मस्ती, झुंझलाहट और सच्चा प्यार शामिल होता है।

हम साथ-साथ हैं (1999)

‘हम साथ-साथ हैं’ पारिवारिक रिश्तों का जश्न मनाती है, जिसमें पूरी कहानी के दौरान भाई-बहन एक-दूसरे का साथ देते हुए प्यार भरा रिश्ता निभाते हैं। प्रेम, विनोद और विवेक मुश्किल पलों में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं, जबकि उनकी भाभियाँ परिवार का अहम हिस्सा बन जाती हैं। यह फ़िल्म आज भी परिवारों की पसंदीदा फ़िल्म बनी हुई है।

अग्निपथ (2012)

अग्निपथ में, विजय दीनानाथ चौहान का अपनी बहन शिक्षा के साथ बहुत गहरा और भावुक रिश्ता है। परिवार के बिखरने के बाद, विजय अपनी बहन की सुरक्षा करते हुए बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां उठाता है। उनका यह रिश्ता विजय के बदले और प्रायश्चित के सफर में एक निजी और भावुक पहलू जोड़ता है।

सरबजीत (2016)

सरबजीत फिल्म सरबजीत सिंह और उनकी बहन दलबीर कौर के बीच के खास रिश्ते को दिखाती है। पाकिस्तान में सरबजीत के जेल जाने के बाद, दलबीर उसकी रिहाई के लिए सालों तक लड़ती रहती है। उसका पक्का इरादा और हिम्मत दिखाती है कि जब भाई की जान दांव पर हो, तो एक बहन किस हद तक जा सकती है।

जोश (2000)

जोश फिल्म में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन जुड़वां भाई-बहन मैक्स और शर्ली का किरदार निभाते हैं। कहानी में उनके भाई-बहन के रिश्ते को अहमियत दी गई है, जिसमें वे दुश्मनी, रोमांस और पारिवारिक तनावों का सामना करते हैं। मतभेदों के बावजूद, दोनों जुड़वां एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं, जिससे उनका रिश्ता फिल्म की खासियतों में से एक बन जाता है।

माई ब्रदर निखिल (2005)

‘माई ब्रदर… निखिल’ फिल्म निखिल और उसकी बहन अनामिका की दिल को छू लेने वाली कहानी है। जब HIV का पता चलने के बाद समाज उसके खिलाफ हो जाता है, तो अनामिका मजबूती से अपने भाई के साथ खड़ी रहती है। उसका बिना शर्त साथ देना, भाई-बहन के प्यार और अपनापन दिखाने के मामले में फिल्म के सबसे भावुक दृश्यों में से एक बन जाता है।

फिजा (2000)

फ़िज़ा और उसके भाई अमान के बीच का रिश्ता ही इस फ़िल्म का इमोशनल केंद्र है। मुंबई दंगों के बाद अमान के गायब हो जाने पर भी फ़िज़ा उसे ढूंढना नहीं छोड़ती। यह फ़िल्म एक बहन के अटूट प्यार, उम्मीद और अपने भाई को घर वापस लाने के पक्के इरादे को दिखाती है।

Rakhi Puja Thali Items: रक्षा बंधन पूजा की थाली में क्यों रखी जाती हैं ये 7 चीजें, जानें क्या हैं ये और इनका महत्व

Rakhi Puja Thali Items: भाई बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षा बंधन कल धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती हैं। उन्हें तिलक कर आरती उतारती हैं। इस तरह वे अपने भाई पर आने वाले हर खतरे, हर परेशानी से सुरक्षा की कामना करती हैं और उन्हें जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

भाई अपनी बहन की हमेशा देखभाल और सुरक्षा का वचन देते हैं। हर साल सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व कल पूरे जोश और उल्लास के साथ संपन्न होगा। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले पूजा की थाली को सही तरीके से सजाना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है।

रक्षाबंधन का मुहूर्त 2026

श्रावण पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ : 27 अगस्त, गुरुवार, सुबह 9:08 बजे से

श्रावण पूर्णिमा तिथि का समापन : 28 अगस्त, शुक्रवार, सुबह 9:48 बजे पर

राखी बांधने का मुहूर्त : सुबह 05:57 बजे से लेकर सुबह 9:48 बजे तक

थाली में ये 7 चीजें जरूर होनी चाहिए

राखी (रक्षासूत्र): भाई की कलाई पर बांधने के लिए राखी थाली की सबसे मुख्य सामग्री है। यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और रक्षा के वचन को दर्शाती है।

दीपक : आरती उतारने के लिए देसी घी या तेल का जलता हुआ दीपक थाली में रखें। भाई की आरती उतारकर उसकी लंबी उम्र और बुरी नजर से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

अक्षत (साबुत चावल): तिलक लगाने के बाद उस पर अक्षत लगाया जाता है। ध्यान रखें कि चावल टूटे हुए न हों। अक्षत अखंड सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है।

रोली या कुमकुम : रक्षाबंधन पर भाई के माथे पर तिलक लगाने के लिए रोली अनिवार्य है। इसे शुभता, विजय और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है।

मिठाई : तिलक और आरती के बाद भाई का मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई जरूर रखें। इससे रिश्ते में मिठास और स्नेह बना रहता है।

नारियल (श्रीफल): कई परंपराओं में राखी बांधते समय भाई के हाथ में नारियल दिया जाता है। नारियल को सुख-समृद्धि और शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

गंगाजल या थोड़ा पानी : तिलक बनाने (रोली घोलने) के लिए और हाथ धोने के लिए थाली में थोड़ा सा गंगाजल या जल का छोटा पात्र रखें।

Raksha Bandhan Muhurat 2026: सुबह ही खत्म हो रही है पूर्णिमा, फिर भी पूरे दिन बहनें बांध सकेंगी अपने भाइयों को राखी, जानें कैसे

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन पर्व कब है और इसका शुभ मुहूर्त कब है? महंत रोहित शास्त्री से जानें किस समय राखी बांधने से बचें

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं। भाई अपनी बहनों का ध्यान रखने और उनकी सुरक्षा करने का वचन देते हैं। हिंदू धर्म में इस पर्व को काफी उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रक्षाबंधन का पावन पर्व इस वर्ष 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

कब से लग रही सावन पूर्णिमा तिथि

महंत रोहित शास्त्री के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त, गुरुवार को सुबह 09:09 बजे प्रारंभ होकर 28 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 09:49 बजे समाप्त होगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय-व्यापिनी पूर्णिमा है, इसलिए रक्षाबंधन का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा।

राहुकाल में नहीं बाधें रखी

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि राहुकाल सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। अतः इस इस बहनों का भाई का राखी बांधना अशुभ होगा। इस अवधि को छोड़कर पूरे दिन राखी बांध सकते हैं।

रक्षा बंधन में नहीं होगा चंद्रग्रहण का भेद

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस दिन चंद्रग्रहण अवश्य है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों के लिए इससे संबंधित किसी प्रकार की विशेष धार्मिक या सामाजिक नियम करने की आवश्यकता नहीं है। मंदिरों के कपाट बंद करने अथवा पूजा-पाठ रोकने जैसी कोई आवश्यकता नहीं होगी। जब ग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं देगा, तो सूतक आदि को लेकर अनावश्यक भय या तनाव पालना उचित नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गर्भवती महिलाओं को घबराने अथवा किसी प्रकार के नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं है। गर्भवती महिलाएं अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रखें और बेवजह की पाबंदियों से स्वयं को परेशान न करें।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन आस्था के साथ विवेक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी आवश्यक है। किसी भी प्राकृतिक खगोलीय घटना को लेकर डर, भ्रम या अफवाह फैलाने के बजाय सही जानकारी को समझना और दूसरों तक पहुंचाना बेहतर है। अतः इस दिन लोग सामान्य रूप से अपना कार्य करें। गर्भवती महिलाएं निश्चिंत रहें, मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहें और चंद्रग्रहण को लेकर किसी प्रकार का अनावश्यक भय या भ्रम न रखा जाए।

पूरे दिन मना सकते हैं रक्षा बंधन का पर्व

महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि 28 अगस्त को सूर्योदय व्यापिनी तिथि पूरे दिन है, इसलिए रक्षा बंधन का पर्व पूरे दिन मनाया जा सकेगा। पूर्णिमा तिथि के सुबह 9.49 बजे तक ही रहने का कोई प्रभाव नहीं होगा।

पूर्णिमा व्रत को लेकर भी दूर किया भ्रम

श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं स्टेट अवॉर्डी महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने सावन पूर्णिमा के व्रत को लेकर भी भ्रम दूर किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्णिमा तिथि पर रात के समय पूजा करते हैं वे 27 अगस्त को व्रत करेंगे, जबकि दिन में पूर्णिमा व्रत की पूजा करने वाले श्रद्धालु 28 अगस्त 2026 को उपवास करेंगे।

राखी बांधने की पारंपरिक विधि

  • बहन सर्वप्रथम भाई को तिलक लगाए, आरती करें और अक्षत अर्पित करें।
  • इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधे और उसका पूजन करे।
  • भाई को मिठाई खिलाएं।
  • इसके पश्चात भाई बहन के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • भाई अपनी बहन को उपहार भेंट करें।
  • यह संपूर्ण प्रक्रिया व्रत अथवा उपवास रखकर संपन्न करना श्रेष्ठ माना गया है।

अगर पास में न हो भाई, तो क्या करें?

यदि भाई-बहन एक स्थान पर उपस्थित न हो सकें, तो बहन भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को राखी बांधकर पूजा करें और भाई की मंगलकामना करें। भाई भी राखी को भगवान से स्पर्श कर रक्षा का संकल्प ले सकता है। श्रद्धापूर्वक किया गया यह प्रतीकात्मक राखी बंधन भी धार्मिक दृष्टि से फलदायी माना जाता है।

Kajari Teej 2026: कब है भाद्रपद की कजरी तीज? जानें व्रत की सही तारीख, पुजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

iPhone 18 से पहले Apple का बड़ा सरप्राइज! Mac Mini M6 और Mac Studio M5 Ultra भारत में लॉन्च, जानें कीमत

सितंबर में होने वाले लोकप्रीय iPhone 18 लॉन्च इवेंट से पहले, Apple ने मंगलवार को अचानक भारत में अपने नए Mac mini और Mac Studio मॉडल लॉन्च कर दिए। कंपनी ने बिना किसी बड़े ऐलान के इन नए Mac मॉडल्स को पेश किया है। नया Mac mini बिल्कुल नए M6 और M5 Pro चिप्स से लैस है, जबकि नया Mac Studio M5 Max बिल्कुल नए M5 Ultra के साथ आता है।

Apple ने अपने बयान में बताया कि नए Mac में AI पर भी खास फोकस किया गया है। कंपनी के मुताबिक, ये डिवाइस AI डेवलपमेंट, वीडियो एडिटिंग, गेम डेवलपमेंट और दूसरे प्रोफेशनल काम जैसे भारी टास्क को पहले के मुकाबले ज्यादा आसानी से संभाल सकते हैं।

M6 और M5 Pro वाले Apple Mac mini की भारत में कीमत

भारत में M6 चिप वाले Mac mini की शुरुआती कीमत 99,900 रुपये है। वहीं, छात्रों के लिए इसकी कीमत 88,990 रुपये से शुरू होती है। इसके अलावा, M5 Pro चिप वाले Mac mini की शुरुआती कीमत 2,09,900 रुपये रखी गई है। एजुकेशन प्राइस की बात करें तो इसे 1,97,900 रुपये में खरीदा जा सकता है।

ये दोनों मॉडल Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 के साथ आते हैं। इनमें अपग्रेडेड 2.5Gb ईथरनेट भी है, और 10Gb ईथरनेट का ऑप्शन भी उपलब्ध है।

M6 चिप वाले नए Mac mini के बारे में दावा किया गया है कि यह पिछली जनरेशन की तुलना में 4 गुना तेज AI परफॉर्मेंस, 2 गुना तेज ग्राफिक्स और 2 गुना तेज स्टोरेज देता है। Apple का यह भी कहना है कि CPU परफॉर्मेंस 40% तक तेज है।

M5 Max और M5 Ultra के साथ Apple Mac Studio

क्यूपर्टिनो की टेक कंपनी ने प्रोफेशनल यूजर्स के लिए अपना नया Mac Studio पेश किया है। यह M5 Max और M5 Ultra चिप्स के साथ आता है और इसे AI, वीडियो प्रोडक्शन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और दूसरे मुश्किल कामों में लगे यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है।

Apple का दावा है कि नया Mac Studio 4.3 गुना तक तेज AI परफॉर्मेंस, 2 गुना तक तेज स्टोरेज, 1.8 गुना तेज ग्राफिक्स और 1.3 गुना तेज CPU परफॉर्मेंस दे सकता है।

भारत में M5 Max वाले Mac Studio की शुरुआती कीमत ₹2,79,900 है, जबकि M5 Ultra मॉडल की शुरुआती कीमत ₹6,29,900 है।

फीचर्स की बात करें तो Mac Studio में 6 Thunderbolt 5 पोर्ट तक दिए गए हैं। यह एक साथ 8 डिस्प्ले तक सपोर्ट कर सकता है। इसमें Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 का भी सपोर्ट मिलता है।

Apple M6 और M5 Ultra चिप्स

बता दें कि M6, Apple की पहली 2nm चिप है और इसमें 12-कोर CPU, 12-कोर GPU और 16-कोर न्यूरल इंजन है। यह 170GB/s तक का यूनिफाइड मेमोरी बैंडविड्थ देता है।

वहीं, M5 Ultra को Apple के सबसे ज्यादा डिमांड वाले प्रोफेशनल और AI वर्कलोड के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें 36-कोर तक का CPU, 80-कोर GPU और 1.2TB/s तक का यूनिफाइड मेमोरी बैंडविड्थ है।

कंपनी ने कहा, “M5 Ultra, जो प्रो और AI वर्कलोड के लिए एक जबरदस्त पावरहाउस है, क्वाड-डाई आर्किटेक्चर बनाने के लिए अगली जनरेशन की UltraFusion टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है – Apple सिलिकॉन के लिए ऐसा पहली बार हुआ है।”

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Hartalika Teej 2026: 13 या 14 सितंबर कब किया जाएगा हरतालिका तीज का व्रत? शिव को पति रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने किया था ये कठिन व्रत

Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का पर्व महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से यह व्रत करती हैं। हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला एक अत्यंत पवित्र और कठिन पर्व है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी सखी ने उनका अपहरण (हरत) करके उन्हें घने जंगल में छिपा दिया था, इसलिए इस पर्व को ‘हरतालिका’ (हरत + आलिका/सखी) कहा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएं मनचाहा और योग्य वर पाने के लिए यह पूजन करती हैं।

हरतालिका तीज व्रत 2026 तारीख

हरितालिका तीज का व्रत भादों शुक्ल पक्ष हस्त नक्षत्र युक्त तृतीया तिथि को होता है। इस बार हरितालिका तीज 14 सितंबर सोमवार के दिन है, जो कि प्रात:काल 7:14 तक है। विंध्यधाम के विद्यवान ज्योतिषाचार्य पं. अनुपम महराज ने लोकल 18 को बताया कि इस समय में माताएं एक बार शिव पूजन कर लें, फिर संपूर्ण दिन भगवान शिव का पूजन करें। हरितालिका तीज में माताएं मां पार्वती के समान निर्जला व्रत करती हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त

14 सितंबर 2026 को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 32 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। हरतालिका तीज की पूजा के लिए सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक का समय विशेष रूप से शुभ रहेगा।

सुबह पूजा न कर पाएं तो क्या करें?

अगर किसी कारणवश सुबह पूजा संभव न हो, तो शाम के प्रदोष काल में भी भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जा सकती है। 14 सितंबर को शाम 6 बजकर 28 मिनट से रात 8 बजकर 47 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान रेत या मिट्टी से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमा की पूजा करना शुभ माना जाता है।

हरतालिका तीज व्रत 2026 पारण विधि

हरतालिका तीज व्रत का पारण दूसरे दिन पारण किया जाता है। पारण के पहले ब्राह्मण को दान पुण्य करना चाहिए। इस बार हरतालिका तीज व्रत का पारण 15 सितंबर को होगा। 15 सितंबर को सुबह 5:54 से लेकर 6:40 के मध्य में यह पारण का उत्तम काल होगा।

हरतालिका तीज व्रत 2026 की पूजा विधि

निर्जला व्रत : यह एक अत्यंत कठिन व्रत है, जिसमें पूरे 24 घंटे तक अन्न और जल का त्याग (निर्जला उपवास) किया जाता है।

सोलह श्रृंगार : महिलाएं इस दिन नए वस्त्र, हरे-लाल रंग की साड़ी, मेहंदी और सोलह श्रृंगार धारण करती हैं।

मिट्टी की मूर्तियां : प्रदोष काल में बालू (रेत) या काली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी की अस्थायी प्रतिमाएं बनाकर पूजा की जाती है।

सुहाग सामग्री अर्पण : माता पार्वती को सुहाग का सामान (सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, चुनरी आदि) अर्पित किया जाता है।

रात्रि जागरण और कथा : रात भर महिलाएं जागरण कर भजन-कीर्तन करती हैं तथा हरतालिका तीज की व्रत कथा सुनती हैं। अगले दिन सुबह पूजा-आरती के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन पर ग्रहण और भद्रा के साथ रहेगा पंचक का साया, जानें त्योहार पर पंचक का क्या होगा असर

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर भाई-बहन को दें ये 5 शानदार स्मार्टफोन, कीमत 25 हजार से भी कम

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार बस आने ही वाला है। ऐसे में अगर आप अपने भाई या बहन के लिए कोई अच्छा गिफ्ट खरीदने की सोच रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमने आपके लिए 25,000 रुपये से कम कीमत में मिलने वाले कुछ बेहतरीन स्मार्टफोन्स की लिस्ट तैयार की है। जिन्हें आप Amazon और Flipkart से खरीदकर अपने भाई या बहन को तोहफे में दे सकते हैं।

iQOO Z11 Lite (6GB RAM + 256GB स्टोरेज)

यह स्मार्टफोन 42,499 रुपये की जगह 24,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इसमें 6.74 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले है और यह Android 16 पर बेस्ड OriginOS 6 पर चलता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 6300 5G प्रोसेसर दिया गया है। फोटोग्राफी की बात करें तो, iQOO Z11 Lite में डुअल रियर कैमरा सेटअप है। जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर और 0.08MP का सेकेंडरी लेंस शामिल है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 5MP का फ्रंट कैमरा मिलता है।

iQOO Z11 Lite

Vivo T5 Lite 5G (6GB RAM + 256GB स्टोरेज)

Vivo T5 Lite 5G के 6GB RAM + 256GB स्टोरेज की कीमत 24,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन में 6.74 इंच की LCD स्क्रीन दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 1,200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। परफॉर्मेंस के लिए फोन में MediaTek Dimensity 6300 5G चिपसेट दिया गया है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह फोन Android 16 पर आधारित OriginOS 6 पर चलता है।

Vivo T5 Lite 5G

Poco M8 5G (6GB RAM + 128GB स्टोरेज)

Poco के यह स्मास्टफोन 29,999 रुपये की जगह 24,999 रुपये में मिल रहा है। इस स्मार्टफोन में 6.77-इंच का Flow AMOLED डिस्प्ले है, जिसका रिजॉल्यूशन FHD+ है, रिफ्रेश रेट 120Hz है और पीक ब्राइटनेस 3,200 निट्स तक है। इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर लगा है। फोटोग्राफी के लिए, स्मार्टफोन में 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा और 2MP का डेप्थ सेंसर है, साथ ही 20MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

Poco M8 5G (6GB RAM + 128GB स्टोरेज)

Realme NARZO 100x 5G (6GB RAM + 128GB स्टोरेज)

Realme NARZO 100x 5G के 6GB RAM + 128GB स्टोरेज की कीमत 22,999 रुपये है। इसमें 6.8-इंच का HD+ LCD पैनल है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz तक है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है। कैमरे की बात करें तो फोन के पीछे 50MP का प्राइमरी कैमरा मिलता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

Realme NARZO 100x 5G

OnePlus N6 (4GB RAM + 128GB स्टोरेज)

OnePlus N6

OnePlus N6 के इस वेरिएंट की कीमत अभी 24,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन में 6.75-इंच की HD LCD स्क्रीन है, जो 120Hz तक के रिफ्रेश रेट और 1,200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करती है। इसमें ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 6360 Apex चिपसेट दिया गया है। कैमरे की बात करें तो, इस हैंडसेट में 50MP का सिंगल प्राइमरी कैमरा सेंसर और सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा है।

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Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन पर ग्रहण और भद्रा के साथ रहेगा पंचक का साया, जानें त्योहार पर पंचक का क्या होगा असर

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों की हमेशा रक्षा करने का वचन देते हैं और राखी बांधने पर उन्हें उपहार देते हैं। यह पर्व हर साल सावन की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व और इस दिन का विशेष स्थान है। इसके अलावा इस साल रक्षा बंधन पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं।

इस साल रक्षा बंधन पर साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लग रहा है। सावन पूर्णिमा पर भद्रा का साया रहेगा और साथ ही पंचक भी रहेगा। यह तीनों ही ऐसी बातें हैं, जिनमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। राखी बांधते समय भद्रा, ग्रहण और पंचक का विचार किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में राखी के त्योहार को लेकर भ्रम हो रहा है कि भद्रा और पंचक के दौरान राखी बांधने को लेकर क्या नियम और मान्यताएं हैं :

भद्रा का विचार : शास्त्रों में भद्रा के समय राखी बांधना पूरी तरह वर्जित माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण को उसकी बहन सूर्पणखा ने भद्रा काल में ही राखी बांधी थी, जिसके कारण उसके पूरे कुल का नाश हो गया। इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधी जाती है।

पंचक का विचार : पंचक के दौरान राखी बांधने पर कोई प्रतिबंध या दोष नहीं होता है। पंचक का प्रभाव मुख्य रूप से नए घर के निर्माण, छत ढालने, लकड़ी इकट्ठा करने, दक्षिण दिशा की यात्रा करने या अंतिम संस्कार जैसे कार्यों पर लागू होता है। रक्षाबंधन जैसे शुभ और धार्मिक त्यौहार पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। इस बार पंचक का आरंभ गुरुवार से हो रहा है। गुरुवार से जो पंचक आरंभ होता है उसे सामान्य माना जाता है।

राखी बांधने का सही नियम :

यदि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया है, तो भद्रा काल बीतने का इंतजार करें।

पंचक चल रहा हो तब भी आप भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में आराम से राखी बांध सकते हैं।

रक्षाबंधन पर पंचक और भद्रा का समय

27 अगस्त को पंचक दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर लग जाएगा। 28 तारीख को रक्षाबंधन है और पंचक पूरे पांच दिन रहता है। पंचक 1 सितंबर को सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा।

27 अगस्त को भद्रा पूर्णिमा तिथि आरंभ होने के साथ ही लग जाएगी और रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। इसलिए रक्षाबंधन 27 की बजाय 28 अगस्त को मनाया जाएगा। 28 को सूर्योदय के साथ पूर्णिमा तिथि 9 बजकर 49 मिनट तक ही है जो भद्रा मुक्त है।

रक्षाबंधन के दिन शतभिषा नक्षत्र रहेगा। इसलिए इस दिन राखी बांधने को कोई दोष नहीं लगेगा। रक्षाबंधन शतभिषा नक्षत्र में होगा। इसलिए आप बेफिक्र होकर राखी बांध सकते हैं।

रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्र ग्रहण?

इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण 28 अगस्त को लगने जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि चंद्रग्रहण के दिन क्या राखी बांध सकते हैं। चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण आरंभ होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। लेकिन, यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। इसलिए रक्षाबंधन का पर्व आप बिना किसी के चिंता का मना सकते हैं।

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Rakshabandhan 2026: इस रक्षाबंधन पर एक नहीं बल्कि 7 शुभ योग बन रहे हैं, जानें रक्षाबंधन की तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

Rakshabandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस साल यह त्योहार खास तौर पर शुभ माना जा रहा है क्योंकि एक ही दिन सात अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं। ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा मेल होने की उम्मीद है, जिसका परिणाम बहुत शुभ होगा। इससे भी जरूरी बात यह है कि भद्रा त्योहार पर असर नहीं डालेगी, जिससे बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर पवित्र धागा बांधने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं

पंचांग के अनुसार, भद्रा गुरुवार, 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 9:27 बजे खत्म होगी। इसलिए, 28 अगस्त को भद्रा नहीं होगी, जिससे परिवार बिना इस रोक के रक्षाबंधन मना सकेंगे। भद्रा को राखी बांधने के लिए अशुभ समय माना जाता है। हालांकि, इस साल यह त्योहार से एक दिन पहले खत्म हो जाएगी।

रक्षाबंधन पर सात शुभ योग

रक्षाबंधन 2026 को खास बनाने के लिए कई अच्छे ज्योतिषीय संयोग बनने की उम्मीद है। इनमें शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ दूसरे शुभ ग्रहों की स्थिति शामिल है।

शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव में चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा। ज्योतिष में, यह नक्षत्र वरुण देव से जुड़ा है और राहु इसका स्वामी है। इस दौरान की जाने वाली पूजा, दान और दूसरे आध्यात्मिक कामों का खास महत्व माना जाता है।

कर्क राशि में बृहस्पति का होना भी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, भद्रा का न होना भी उन वजहों में गिना जा रहा है जो इस दिन को रक्षाबंधन की रस्में करने के लिए ज़्यादा सही बनाती हैं।

सावन पूर्णिमा तिथि कब से कब तक है?

पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होने और 28 अगस्त को सुबह करीब 9:48 बजे खत्म होने की उम्मीद है। पूर्णिमा 28 अगस्त को सूर्योदय के समय रहेगी, इसलिए उदया तिथि की परंपरा के अनुसार उसी दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। पूर्णिमा का व्रत करने वाले श्रद्धालु 27 अगस्त को उपवास कर सकते हैं, जबकि बहनें 28 अगस्त को राखी बांध सकती हैं।

राखी बांधने का सबसे अच्छा समय

सुबह का मुहूर्त : सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक

शुभ चौघड़िया के आधार पर एक और शुभ समय इस समय रहने की उम्मीद है:

शुभ चौघड़िया : सुबह 11:45 बजे से दोपहर 1:19 बजे तक

राहु काल में राखी बांधने से बचें

राहु काल सुबह 10:11 बजे से 11:45 बजे तक रहने की उम्मीद है। ज्योतिष के हिसाब से समय मानने वाले परिवार इस दौरान राखी बांधने से बच सकते हैं।

पंचांग का समय शहर और कैलेंडर के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकता है। इसलिए परिवार यह रस्म करने से पहले लोकल मुहूर्त देख सकते हैं।

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Raksha Bandhan Gift: रक्षाबंधन पर यूपी की महिलाओं को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, एक साथी के साथ दो दिन बस में फ्री सफर कर सकेंगी महिलाएं

Raksha Bandhan Gift: उत्तर प्रदेश के मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर महिलाओं और उनके एक सहयात्री को सरकारी बसों में फ्री यात्रा की सौगात दी है। खास बात यह है कि यह फ्री सेवा एक नहीं बल्कि दो दिन तक जारी रहेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (23 अगस्त) को कहा कि रक्षाबंधन पर 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। आपको बता दें कि इस साल रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

सीएम योगी ने इस संबंध में परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन को मिलकर व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए, ताकि महिलाएं त्योहार के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपने घर पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘एंटी-रोमियो स्क्वॉड’ को सक्रिय रखने और प्रमुख रूट्स पर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिलों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक में उन्होंने प्रदेश में जलभराव, बाढ़ की स्थिति, रक्षाबंधन पर महिला यात्रियों के लिए परिवहन व्यवस्था, चीनी की उपलब्धता, आगामी गन्ना पेराई सत्र तथा स्कूलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के मद्देनजर बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चालक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाएं।

सीएम आदित्यनाथ ने बैठक में प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जिलों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद के मण्डलायुक्तों तथा नोएडा प्राधिकरण से जलभराव वाले क्षेत्रों और उसके कारणों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी अनावश्यक जलभराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निचले क्षेत्रों को चिह्नित कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पम्पिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं।

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मुख्यमंत्री ने सभी मेयर, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को स्थानीय पार्षदों के साथ फील्ड में जाकर जलभराव और सफाई व्यवस्था देखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों पर जहां भी अतिक्रमण है, उसे चिह्नित कर तत्काल हटाया जाए। सीएम योगी ने यूपी के 19 बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने बलिया, गोण्डा, बहराइच, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली।

Putrada Ekadashi 2026: कल किया जाएगा सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत, जानें साल में 2 बार क्यों किया जाता है पुत्रदा एकादशी व्रत

Putrada Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में पुत्रदा एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। पूरे साल में आने वाली सभी एकादशी व्रतों में यह अकेला उपवास है, जो साल में दो बार किया जाता है। एक बार श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि और फिर पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नि:संतान दंपति इस व्रत को संतान प्राप्ति की कामना से कर सकते हैं। इस एकादशी में भगवान विष्णु की बाल रूप में या श्री कृष्ण की पूजा जाती है।

पुत्रदा एकादशी 2026 में कब?

साल में दो बार पौष और सावन माह में पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। दोनों ही व्रत संतान प्राप्ति या संतान की सुख-शांति के उद्देश्य से रखा जाता है। इस साल श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।

श्रावण पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को श्रावण पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। कई हिस्सों में इसे पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे पापों का नाश करने वाली और पुण्य प्रदान करने वाली एकादशी बताया जाता है। श्रावण मास में इस एकादशी का महत्व इसलिए भी और बढ़ जाता है क्योंकि इस महीने में भगवान शिव की भी पूजा होती है। ऐसे में भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को खास लाभ मिलता है।

साल में 2 बार पुत्रदा एकादशी क्यों?

साल में दो बार पुत्रदा एकादशी व्रत होने का मुख्य कारण यह है कि, विभिन्न धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में दोनों ही खास तिथियों का फल संतान प्राप्ति और संतान की सुरक्षा के लिए बताया गया है। दोनों ही एकादशियों का उद्देश्य और फल की समानता होने के कारण ही दोनों को पुत्रदा एकादशी (संतान प्रदान करने वाली) कहा जाता है।

दोनों एकादशियों का अलग-अलग महत्व

श्रावण एकादशी : यह विशेष रूप से संतान के स्वास्थ्य, दीर्घायु और संकटों से रक्षा के लिए रखी जाती है।

पौष एकादशी : यह मुख्य रूप से योग्य, ज्ञानी और तेजस्वी संतान की प्राप्ति तथा उसकी उन्नति के लिए मानी जाती है।

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