सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिला सम्मान, भारतीय टेस्ट टीम के बारे में तीखे शब्द कह गए अजिंक्य रहाणे (Video)

अजिंक्य रहाणे ने लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अब खबर यह आ रही है कि वह किसी यूरोपिय लीग से जुड़ेंगे हालांकि अब वह कमेंट्री और पॉडकास्ट में क्रिकेट के बारे अपने विचार देते हुए नजर आते हैं। 

माइकल वॉन के साथ हुए ऐसे ही एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बार में बताया। अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उनका एकदिवसीय करियर 2011 में शुरु हो गया था लेकिन उनको टेस्ट मैचों के लिए करीब 2 साल तक 12वें आदमी की भूमिका निभानी पड़ी और कम से कम 20 टेस्ट मैच तक का लंबा इंतजार करना पड़ा 

इसके अलावा उन्होंने सचिन विराट समेत क्रिकेटरों से रिश्ते, टेस्ट क्रिकेट में अभ्यास मैचों का महत्व और वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी। 

अजिंक्य रहाणे ने कहा, मेरे पास 2 विकल्प थे या तो मैं सहानूभूति हासिल करता या तो खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। 12वें खिलाड़ी होने और पानी पिलाने में कोई खास खराबी नहीं है। मैंने इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया। 

अजिंक्य रहाणे ने हालांकि वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर तीखी टिप्पणी की। अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि क्या आपको वर्तमान भारतीय  टेस्ट टीम को देखकर चिंता होती है तो उनका जवाब हां में था। 

रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अच्छा खेल रही हैं। भारत के साथ अचानक इतनी दिक्कत इस कारण हो गई है क्योंकि ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी एक साथ बाहर निकल गए हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को बोर्ड को वह सम्मान देना जरूरी है जिसके वह हकदार हैं। 

ऐसा रहा करियर

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

बाहर होने के बाद भी बतौर कप्तान जीते रणजी

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए

राजधानी सा आराम, बुलेट जैसी रफ्तार, वंदे भारत ने बदल दिए 6 ट्रेन के रुट!

आज के टाइम में कम समय में लंबी दूरी का सफर करने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस बेहतरीन ऑप्शन है। देश के कई प्रमुख शहरों के बीच चलने वाली ये ट्रेनें हाई स्पीड, मॉडर्न सुविधाओं और कम ट्रैवल टाइम के लिए जानी जाती हैं। ये रही वंदे भारत ट्रेनें जो कुछ ही घंटों में लंबी दूरी तय कर देती हैं।

 

कोयंबटूर-बेंगलुरु सफर

कोयंबटूर-बेंगलुरु कैंटोनमेंट वंदे भारत एक्सप्रेस तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच ट्रैवल करने वाले ट्रैवलर के लिए सबसे तेज और सहूलियत भरी ट्रेनों में से एक है। यह सुबह 7:25 बजे कोयंबटूर से रवाना होती है और दोपहर 1:45 बजे बेंगलुरु कैंटोनमेंट स्टेशन पहुंच जाती है। करीब 377 किलोमीटर का सफर यह लगभग 6 घंटे 20 मिनट में पूरा करती है। इस ट्रेन के जरिए दोनों शहरों के बीच बिजनेस ट्रिप, ऑफिस मीटिंग और टूरिस्ट पहले की तुलना में काफी आसान और समय बचाने वाला बन गया है।

 

पटना-हावड़ा रूट

पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच चलने वाली सबसे तेज ट्रेनों में शामिल है। यह ट्रेन सुबह 6 बजे पटना जंक्शन से रवाना होती है और 11:35 बजे हावड़ा स्टेशन पहुंच जाती है। लगभग 532 किलोमीटर की दूरी यह केवल 5 घंटे 35 मिनट में तय करती है। इसकी औसत रफ्तार 78 से 81 किमी/घंटा रहती है, जबकि मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। कम समय में सफर पूरा होने के कारण यह रोज ट्रैवल करने वाले लोगों, बिजनेस ट्रैवलर और स्टूडेंट्स के लिए भी एक बेहतरीन ऑप्शन बन चुकी है।

 

दिल्ली-वाराणसी यात्रा

नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस राजधानी दिल्ली और धार्मिक नगरी वाराणसी के बीच सबसे पॉपुलर हाई-स्पीड ट्रेनों में से एक है। यह ट्रेन सुबह 6 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलती है और दोपहर 2 बजे वाराणसी पहुंचती है। करीब 771 किलोमीटर की दूरी यह सिर्फ 8 घंटे में पूरी करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार लगभग 95 किमी/घंटा रहती है, जबकि मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक है। कम समय में लंबी दूरी तय करने की वजह से यह ट्रेन तीर्थयात्रियों, टूरिस्ट और कामकाजी लोगों के बीच काफी पॉपुलर है।

 

 

मुंबई-गांधीनगर रूट

मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस महाराष्ट्र और गुजरात के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी अवेलेबल कराती है। यह सुबह 6:10 बजे मुंबई सेंट्रल से रवाना होती है और दोपहर 12:35 बजे गांधीनगर कैपिटल पहुंच जाती है। करीब 522 किलोमीटर की दूरी यह लगभग 6 घंटे 25 मिनट में तय करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार करीब 81 किमी/घंटा रहती है, जबकि कुछ सेक्शन में यह 130 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चल सकती है। यह ट्रेन दोनों राज्यों के बीच ट्रैवल को पहले की तुलना में ज्यादा तेज, आरामदायक बनाती है।

 

 

जोधपुर-दिल्ली सफर

जोधपुर-दिल्ली कैंटोनमेंट वंदे भारत एक्सप्रेस राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी के बीच तेज़ यात्रा का बेहतर विकल्प है। यह सुबह 5:30 बजे जोधपुर से रवाना होती है और दोपहर 1:30 बजे दिल्ली कैंटोनमेंट स्टेशन पहुंचती है। करीब 606 किलोमीटर का सफर यह लगभग 8 घंटे में पूरा करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार लगभग 75 किमी/घंटा है, जबकि इसकी मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक पहुंचती है। इससे पैसेंजर को रोड ट्रैवल की तुलना में कम समय में बिना परेशानी के सफर का एक्सपीरियंस मिलता है।

 

 

मैसूरु-चेन्नई यात्रा

मैसूरु-MGR चेन्नई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच यात्रा करने वालों के लिए मॉडर्न और तेज रेल सर्विस है। यह ट्रेन सुबह करीब 6 बजे मैसूरु से निकलती है और दोपहर 12:45 बजे चेन्नई पहुंच जाती है। लगभग 500 किलोमीटर की दूरी यह 6 घंटे 45 मिनट में तय करती है। इसकी औसत रफ्तार 76 से 79 किमी/घंटा रहती है, जबकि मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। यह ट्रेन दोनों राज्यों के प्रमुख शहरों के बीच फास्ट, सेफ और आरामदायक जर्नी है।

 

सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम रूट

सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच ट्रैवल को पहले से ज्यादा तेज और बेहतर बनाती है। यह सुबह 5 बजे सिकंदराबाद से रवाना होती है और दोपहर 1:50 बजे विशाखापत्तनम पहुंचती है। लगभग 699 किलोमीटर की दूरी यह 8 घंटे 50 मिनट में पूरी करती है। ट्रेन की औसत रफ्तार 79 से 82 किमी/घंटा रहती है, जबकि इसकी मैक्सिमम स्पीड 130 किमी/घंटा है। लंबी दूरी तय करने के बावजूद यह ट्रेन कम समय में डेस्टिनेशन तक पहुंचाती है, जिससे पैसेंजर का काफी समय बचता है और जर्नी आसान होती है।

Gold Silver price Today: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी 1.5% उछली, इन अहम आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

Gold Silver price Today: देश और दुनिया में सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। COMEX पर, सोने के वायदा (futures) $4,319.30 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे थे, जो $19.70 या 0.46% ज़्यादा थे। शुरुआती कारोबार में चांदी के वायदा 1.48% बढ़कर $62.515 प्रति औंस हो गए, जिससे उसने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया।

निवेशक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के बारे में नए संकेत पाने के लिए US की ‘नॉन-फार्म पेरोल’ रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे थे, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। सबकी नजरें US की जुलाई की जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी हैं,जो आज बाद में आने वाली है।

इस डेटा से बाजार की उम्मीदें तय होने की संभावना है कि क्या फेडरल रिज़र्व सितंबर में अपनी पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ाएगा या नहीं।

क्रूड में गिरावट ने सोने को दिया सपोर्ट

सोना जनवरी के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। इस कीमती धातु को कच्चे तेल की कीमतों में कमी से सहारा मिला है, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। ऊर्जा की कम कीमतों से इस उम्मीद में कमी आ सकती है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी; यह एक ऐसा कारक है जो आम तौर पर सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों की मांग को बढ़ाता है।

हालांकि, बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स US में एक और बार ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को ध्यान में रख रहे हैं।

इन डेटा पर होगी नजर

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाज़ार अभी सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना लगभग 55% मान रहा है। फेडरल रिज़र्व के अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों ने भी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें ऊंची रखी हैं। सेंट लुइस फेड के प्रेसिडेंट अल्बर्टो मुसालेम ने कहा कि सेंट्रल बैंक को जुलाई की मीटिंग में दरें बढ़ानी चाहिए थीं, जबकि पॉलिसी बनाने वालों ने बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5%-3.75% पर ही बनाए रखा, भले ही महंगाई फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई थी।

इस बीच, रात में जारी US लेबर मार्केट डेटा ने मिली-जुली तस्वीर पेश की। पिछले हफ़्ते शुरुआती बेरोज़गारी दावों (initial jobless claims) में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जबकि जुलाई में छंटनी (layoffs) दो साल के निचले स्तर पर आ गई, जिससे पता चलता है कि लेबर मार्केट मोटे तौर पर मज़बूत बना हुआ है।

निवेशक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं, क्योंकि US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ टकराव जल्द ही खत्म हो सकता है, हालांकि उन्होंने कुछ सैन्य उपकरणों को प्रभावित करने वाली सप्लाई की समस्याओं को भी स्वीकार किया।

US की रोज़गार रिपोर्ट, साथ ही वेतन वृद्धि और बेरोजगारी के डेटा के निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य कारक होने की उम्मीद है। उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा से ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें और मजबूत हो सकती हैं, जबकि कमज़ोर आंकड़े मॉनेटरी टाइटनिंग (मौद्रिक सख्ती) में रोक लगने की उम्मीद बढ़ाकर बुलियन (कीमती धातुओं) को बढ़ावा दे सकते हैं।

Gold Rate Today: सोने का भाव और बढ़ा; मुंबई, कोलकाता में ₹137260 पर 22 कैरेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock in Fcous: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को BMC से ₹1918 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, मुंबई में बनाएगी वाटर टनल

Stock in Fcous: शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप की कंपनी अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) से 1,918 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी मुंबई में डिसैलिनेटेड यानी समुद्री पानी को साफ कर तैयार पेयजल की सप्लाई के लिए टनल बनाएगी। इस प्रोजेक्ट में डिजाइन, निर्माण, GST और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (O&M) भी शामिल है। कंपनी ने अभी इसकी समयसीमा नहीं बताई है।

मुंबई की पानी सप्लाई होगी मजबूत

यह टनल मनोरी के पंपिंग स्टेशन से चारकोप होते हुए कांदिवली के महावीर नगर तक बनाई जाएगी। डिसैलिनेशन प्लांट में समुद्र के पानी को पीने लायक बनाया जाएगा। इसके बाद इसी टनल के जरिए पानी शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा। बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को काफी अहम माना जा रहा है।

पहले भी BMC के साथ कर रही है काम

अफकॉन्स पहले से ही BMC के लिए 7.13 किलोमीटर लंबी कशेली-मुलुंड अंडरग्राउंड वाटर टनल बना रही है। इसके अलावा कंपनी नवी मुंबई, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी कई जल आपूर्ति परियोजनाओं पर काम कर रही है। पानी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स अब कंपनी के कारोबार का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।

148.67 करोड़ रुपये का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड

हाल ही में अफकॉन्स को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना से जुड़े टनल T74-R मामले में 148.67 करोड़ रुपये का आर्बिट्रेशन अवॉर्ड भी मिला है। नए ऑर्डर और इस फैसले से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होगी। साथ ही आने वाले वर्षों में रेवेन्यू को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।

अफकॉन्स के शेयरों का हाल

अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर गुरुवार को 0.55% की गिरावट के साथ 279.35 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 15.86% गिरा है। वहीं, बीते 1 साल में यह 30.76% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 10.27 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Silver Price Today: फिर चढ़ी चांदी, दिल्ली, मुंबई में ₹2.40 के पार भाव, खरीदारी से पहले चेक कर लें अपने शहर का ताजा भाव

Silver Price Today:    चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। देश की दिल्ली में आज चांदी की कीमत लगभग ₹240 प्रति ग्राम और ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। वहीं मुंबई में भी कीमतें ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक चांदी की कीमत उछलकर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है। आगे जानिए देश के अलग-अलग शहरों में चांदी के ताजा रेट क्या हैं।

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,400₹24,000₹2,40,000
कोलकाता₹2,400₹24,000₹2,40,000
मुंबई₹2,400₹24,000₹2,40,000
चेन्नई₹2,400₹24,000₹2,40,000
पटना₹2,400₹24,000₹2,40,000
लखनऊ₹2,400₹24,000₹2,40,000
मेरठ₹2,400₹24,000₹2,40,000
अयोध्या₹2,400₹24,000₹2,40,000
कानपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
गाजियाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
नोएडा₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,400₹24,000₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,400₹24,000₹2,40,000
जयपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
लुधियाना₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुवाहाटी₹2,400₹24,000₹2,40,000
इंदौर₹2,400₹24,0002,40,000
अहमदाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
सूरत₹2,400₹24,000₹2,40,000
वडोदरा₹2,400₹24,000₹2,40,000
पुणे₹2,400₹24,000₹2,40,000
नागपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
नासिक₹2,400₹24,000₹2,40,000
बैंगलोर₹2,400₹24,000₹2,40,000
भुवनेश्वर₹2,400₹24,000₹2,40,000
रायपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
हैदराबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000

ग्लोबल मार्केट में क्या हैं रेट

इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने के दामों में उछाल देखा गया तो वहीं चांदी के दाम (Gold Silver Price Today) में गिरते नजर आए हैं। सुबह करीब 9 बजे सोना comex पर 0.47% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4325.00 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.12% गिरकर 62.215 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

MCX पर क्या हैं ताजा प्राइस?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी के भाव (Silver Price) में 607 रुपये 0.27 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। यह 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

कल क्या रहे थे भाव

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक ग्लोबल स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल के कारण चांदी की कीमतों में फिर से तेजी आई और यह 6,200 रुपये बढ़कर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समे्त) पर पहुंच गई। पिछले सत्र में यह 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इससे पहले चांदी 9 जुलाई को इस स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी, जब यह 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, US-ईरान तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के फिर से खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और निकट भविष्य में US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चर्चा ठंडी पड़ने की संभावना है। इससे US ट्रेजरी यील्ड पर दबाव पड़ रहा है और लोग अपना पैसा US बॉन्ड से निकालकर सोने और अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों में लगा रहे हैं।

7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹1.6 लाख सैलरी पर ₹1.85 लाख EMI! F&O ट्रेडिंग के चक्कर में लगा ₹60 लाख का चूना, चौंका देगी आईटी प्रोफेशनल की ये स्टोरी

Trading Loss Loan Trap: शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग में रातों-रात अमीर बनने की चाहत कई लोगों के लिए बर्बादी का कारण बन रही है। मुंबई के एक 35 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल की आपबीती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर तेजी से वायरल हो रही है। MNC में मैनेजर के पद पर कार्यरत इस शख्स ने ट्रेडिंग में लगभग ₹80 लाख गंवा दिए हैं और अब वह ₹60 लाख के भारी-भरकम कर्ज के तले दब चुका है।

हालत यह है कि उसकी महीने की टेक-होम सैलरी ₹1.6 लाख है, जबकि बैंक और डिजिटल लोन ऐप्स की ईएमआई ही ₹1.85 लाख बनती है। सोशल मीडिया पर यूजर ने अपना दर्द शेयर करते हुए इस संकट से निकलने के रास्ते पूछे हैं।

कैजुअल ट्रेडिंग से शुरू हुआ सफर, ऐसे बना ₹60 लाख का कर्ज

रेडिट यूजर (gaushi1614) ने अपनी पोस्ट में बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान उसने स्टॉक मार्केट और F&O ट्रेडिंग में कदम रखा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक गंभीर लत बन गई। पुराने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में वह और अधिक ट्रेडिंग करने लगा, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। ₹80 लाख गंवाने के बाद अब उस पर ₹60 लाख का बकाया कर्ज है।

  • दो पर्सनल लोन
  • डिजिटल लेंडिंग ऐप्स और NBFCs के लोन
  • ₹7 लाख से अधिक का बकाया क्रेडिट कार्ड बिल शामिल है।

घर चलाने के पैसे नहीं, परिवार से छिपा रखी है बर्बादी की कहानी

आईटी मैनेजर का कहना है कि उसकी प्राथमिकता किसी तरह अपनी मासिक ईएमआई का बोझ ₹1.85 लाख से घटाकर ₹1.2 से ₹1.3 लाख के स्तर पर लाना है, ताकि वह अपने परिवार के दैनिक खर्च संभाल सके और धीरे-धीरे पूरे कर्ज का भुगतान कर सके। यूजर ने बताया कि नए लोन लेने और क्रेडिट कार्ड का भारी इस्तेमाल करने के कारण बैंक अब उसे लोन कंसोलिडेशन या रीस्ट्रक्चरिंग की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि इस व्यक्ति की पत्नी और बच्चों को इस भारी कर्ज की भनक तक नहीं है। उसे डर है कि रिकवरी एजेंटों के घर आने पर उसके परिवार को सच पता चल जाएगा। हालांकि, उसने दावा किया है कि उसने अब तक एक भी ईएमआई बाउंस नहीं होने दी है, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो गई है।

रेडिट यूजर्स ने दी काम की सलाह: ऐसे निकल सकते हैं कर्ज के जाल से

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और वित्तीय विशेषज्ञों ने इस परेशानी से उबरने के लिए व्यावहारिक और कड़े सुझाव दिए हैं:

1- सबसे महंगे कर्ज पहले चुकाएं

यूजर्स ने सलाह दी है कि क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन ऐप पर 36% से 42% तक का सालाना ब्याज लगता है। सबसे पहले संपत्ति जैसे- कार, ज्वेलरी बेचकर या रिश्तेदारों से बिना ब्याज की मदद लेकर इन हाई-इंटरेस्ट लोन का निपटारा करना चाहिए।

2- F&O ट्रेडिंग अकाउंट पूरी तरह बंद करें

ट्रेडिंग की लत आसानी से नहीं छूटती। इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट को स्थायी रूप से बंद कर देना चाहिए और कुछ समय के लिए हर तरह के निवेश से दूरी बना लेनी चाहिए।

3. पत्नी और परिवार से सच साझा करें

अकेले इतने बड़े मानसिक तनाव को झेलना मुश्किल है। रिकवरी एजेंटों के दबाव से पहले पत्नी को स्थिति के बारे में ईमानदारी से बताना चाहिए ताकि वे मिलकर जीवनशैली के खर्चों में कटौती कर सकें।

4. सिक्योर लोन या मोर्टगेज लोन का विकल्प

अगर घर या अन्य कोई संपत्ति है, तो हाई-कॉस्ट पर्सनल लोन को चुकाने के लिए कम ब्याज दर वाले लोन का विकल्प चुना जा सकता है, जिससे ईएमआई आधी हो सकती है।

Desperately need advice – 60L debt due to trading losses and I don’t know how to get out

by

u/gaushi1614 in

IndianStockMarket

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कभी टेलर की दुकान थी, आज 70000 करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन, जानिए प्रेस्टीज ग्रुप के इरफान रज्जाक की कहानी

सत्तार रज्जाक ने 1956 में बेंगलुरु में टेलर की दुकान खोली थी। बाद में इरफान रज्जाक सहित उनके तीन बेटे भी दुकान में उनकी मदद करने लगे। बाद में परिवार खासकर इरफान ने प्रॉपर्टी के बिजनेस में हाथ आजमाने का फैसला लिया। यह बात 1980 के दशक की है। तब बेंगलुरु शहर का दायरा बढ़ रहा था। प्रॉपर्टी का धंधा जोर पकड़ रहा था। परिवार ने 1986 में प्रेस्टीज एस्टेट्स एंड कंस्ट्रक्शंस नाम से कंपनी शुरू की।

40000 रुपये से रियल एस्टेट बिजनेस की शुरुआत

Prestige Estates and Constructions की शुरुआत सिर्फ 40,000 रुपये की शुरुआती पूंजी से हुई थी। इसका पहला प्रोजेक्ट 10,000 वर्ग फीट की एक ऑफिस ब्लिडिंग था। जैसे-जैसे बेंगलुरु शहर की सीमाएं बढ़ती गई, वैसे-वैसे प्रेस्टीज का कारोबार बढ़ता गया। आज इस कंपनी का नाम कई प्रतिष्ठित और बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है। इनमें Forum Mall, UB City और Kingfisher Towers शामिल हैं।

देश के कई बड़े शहरों में कंपनी के रियल एस्टेट प्रोजेक्टस

Prestige Estates Projects ने 2010 में अपना आईपीओ पेश किया। कंपनी ने इश्यू से करीब 1,200 करोड़ रुपये जुटाए। इस पैसे से कंपनी ने नए बाजारों में अपना कारोबार फैलाया। दक्षिण भारत के रियल एस्टेट मार्केट में कंपनी ने अपनी मजबूत पैठ बनाई। इनमें हैदराबाद, चेन्नई, कोच्चि जैसे शहर शामिल थे। बाद में कंपनी गोवा, पुणे और मुंबई के बाजार में दाखिल हुई। अब तक दिल्ली-एनसीआर में भी कंपनी आ चुकी है।

अगस्त में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 70000 करोड़ रुपये

अगस्त 2026 में प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 70,000 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। यह कंपनी आज रेजिडेंशियल, कमर्शियल, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट्स में मौजूद है। देश के कई बड़े शहरों में कंपनी प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है। आज देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों की लिस्ट में प्रेस्टीज का नाम शामिल है।

कंपनी के एमडी इरफान रज्जाक का नेटवर्थ करीब 1.5 अरब डॉलर 

इरफान रज्जाक कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। फॉर्ब्स बिलियनेयर्स लिस्ट 2026 के मुताबिक, उनका नेटवर्थ करीब 1.5 अरब डॉलर का है। कंपनी के कामकाज से परिवार के कई सदस्य करीबी रूप से जुड़े हैं। रज्जाक परिवार की दूसरी और तीसरी पीढ़ी के कई सदस्य आज कंपनी में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

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शेयर ने पांच साल में निवेशकों का पैसा चार  गुना किया 

प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स का शेयर का प्राइस 5 अगस्त को 1:30 बजे 0.70 फीसदी चढ़कर 1,604 रुपये चल रहा था। बीते पांच साल में यह शेयर 345 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने पांच साल में निवेशकों का पैसा चार गुना से ज्यादा कर दिया है।

बाढ़ का समाधान अगर सिंगापुर कर सकता है, तो भारत क्यों नहीं? | Why Mumbai floods every monsoon

सिर्फ 2 घंटे की बारिश और मुंबई पानी-पानी।
लेकिन सिंगापुर में 24 घंटे लगातार बारिश के बाद भी शहर सामान्य रहता है।
फर्क सिर्फ मौसम का नहीं, सोच और प्लानिंग का है।
जहाँ एक शहर बारिश को बर्बाद करता है, वहीं दूसरा उसकी हर बूंद को संभालकर भविष्य सुरक्षित करता है।
अगर भारत के शहर भी ऐसी योजना अपनाएँ, तो क्या हर साल आने वाली बाढ़ और पानी की कमी दोनों खत्म हो सकती हैं?
आपकी क्या राय है? क्या भारत को सिंगापुर का मॉडल अपनाना चाहिए? कमेंट में ज़रूर बताइए।

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मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़ की दान चोरी! जांच के लिए सरकार के पास पहुंची मंदिर ट्रस्ट

मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर मंदिर के दान-पात्रों से कथित नकदी चोरी की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि इस मामले से मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। 21 अप्रैल 2026 को लिखे गए इस पत्र में मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने कहा है कि कैश चोरी के आरोप में कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद मंदिर के दान-पात्रों में हर सप्ताह जमा होने वाली रकम में अचानक बड़ी बढ़ोतरी हुई। उनका कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से दान की रकम में गड़बड़ी की जा रही थी।

जांच के दिए  गए आदेश

ट्रस्टियों ने यह भी मांग की है कि इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। उनका कहना है कि उन्हें यह मानने के ठोस कारण हैं कि यह मामला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता। वहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन ने कहा कि, जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दान की ऑडिट की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर ट्रस्ट ने सरकार ने मांग

पत्र में ट्रस्टियों ने कहा है कि आरोपी कर्मचारियों की गिरफ्तारी से पहले मंदिर के दान-पात्रों से हर सप्ताह 50 लाख रुपये से भी कम दान मिलता था। लेकिन कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद लगातार तीन हफ्तों तक हर बुधवार को दान की राशि बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये पहुंच गई। ट्रस्ट के लोगों का आरोप है कि इससे यह संकेत मिलता है कि दान-पात्रों में जमा होने वाली रकम का बड़ा हिस्सा गिनती से पहले ही निकाल लिया जाता था। उनका कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मंदिर को हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका होने की भी आशंका है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जानी चाहिए।

ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूरे मामले की उच्च स्तरीय सरकारी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में मंदिर प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जानी चाहिए। अतुल लोधे, भास्कर राउत, महेश मुरलीधर, जितेंद्र राउत, मीना कांबले, मंगला तुपे, गोपाल दलवी और सुदर्शन सांगले के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कहा गया है कि पिछले करीब डेढ़ साल में ट्रस्ट बोर्ड ने कई प्रशासनिक सुधार किए हैं। इन कदमों की वजह से मंदिर की आय में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

राज ठाकरे ने उठाया मुद्दा

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने शनिवार को पार्टी की छात्र शाखा के एक कार्यक्रम में ट्रस्टियों के पत्र के कुछ हिस्से पढ़कर सुनाए। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की दान राशि की कथित हेराफेरी हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में भी 1,400 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर अपनी बात रखनी चाहिए। राज ठाकरे ने कहा, “कई निराश और परेशान लोग आस्था के साथ मंदिरों में जाते हैं, लेकिन अगर मंदिरों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगें, तो यह बेहद गंभीर बात है।”

अबतक 9 लोगों की हुई गिरफ्तारी

सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी के मामले में अब तक नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बात की पुष्टि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने की है। सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि जहां-जहां जरूरत थी, वहां मामले दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दान की कथित हेराफेरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

VIDEO: काजू कतली में निकला जंग लगा पिन! 3 साल की बच्ची को खिलाने से पहले खुली बड़ी लापरवाही

Viral Video: मुंबई में एक व्यक्ति के साथ मिठाई खरीदने के बाद एक चौंकाने वाली घटना हुई है। व्यक्ति ने मुंबई के एक दुकान से काजू कतली खरीदी थी। दुकान से खरीदी गई काजू कतली के अंदर एक जंग लगा हुआ मेटल पिन मिला। व्यक्ति के अनुसार, वह ये मिठाई अपनी तीन साल की बेटी को देने ही वाला था, तभी उसकी नजर उस पिन पर पड़ गई। इसके बाद उसने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इंस्टाग्राम पर प्रणय पलव ने इस घटना से जुड़ी कई पोस्ट शेयर कीं। अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने बताया कि, 29 जुलाई की शाम उन्होंने तिवारी ब्रदर्स से 500-500 ग्राम काजू कतली और मोतीचूर के लड्डू खरीदे थे।

किस्मत अच्छी थी की पिन देख लिया

पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जब मैं अपनी 3 साल की बेटी को मिठाई खिलाने वाला था, तभी मुझे कुछ अजीब दिखाई दिया। ध्यान से देखने पर पता चला कि काजू कतली के एक टुकड़े के अंदर जंग लगा हुआ मेटल पिन फंसा हुआ था।” इसके बाद उन्होंने दुकान की सुरक्षा और साफ-सफाई के मानकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “ये सिर्फ किस्मत थी कि मैंने मिठाई खाने से पहले ही उस पिन को देख लिया। अगर ऐसा नहीं होता, तो इसका अंजाम बहुत गंभीर हो सकता था।”

 

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटना दुकान के गुणवत्ता और साफ-सफाई के मानकों पर सवाल खड़े करती है। उनके मुताबिक, “ग्राहक इस भरोसे के साथ मिठाइयां खरीदते हैं कि उन्हें सुरक्षित और साफ तरीके से तैयार किया गया है, खासकर जब उन्हें परिवार और छोटे बच्चों को खिलाना हो।”

खराब स्थिती में था किचन

प्रणय ने सोशल मीडिया पर कुछ और वीडियो भी शेयर किए, जिनमें वह मिठाई की दुकान के कर्मचारियों से इस मामले पर बात करते नजर आए। एक वीडियो में उन्होंने काजू कतली का डिब्बा खुलवाया और मिठाई के अंदर से मेटल पिन निकालकर दिखाया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर सवाल किए। वीडियो में उन्होंने दुकान के किचन की स्थिति भी दिखाई और आरोप लगाया कि वहां सफाई के उचित इंतजाम नहीं थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि किचन के अंदर ही वॉशरूम बना हुआ था।

 

यूजर्स ने किया कमेंट

इस घटना के बाद एक बार फिर राज्य में रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, “हे भगवान! मिठाई तो ठीक है, लेकिन किचन की हालत और उसमें मिला स्टेपलर पिन देखकर लगता है कि घर पर ही मिठाई बनाना ज्यादा सुरक्षित है।” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “यकीन नहीं हो रहा कि इतनी कीमत चुकाने के बाद भी ऐसी साफ-सफाई देखने को मिल रही है। तिवारी से ऐसी उम्मीद नहीं थी।”

एक अन्य यूजर ने कहा, “हम अच्छे खाने की उम्मीद में रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर जाते हैं, लेकिन अंदर किचन में क्या हो रहा है, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं होती।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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