
अजिंक्य रहाणे ने लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अब खबर यह आ रही है कि वह किसी यूरोपिय लीग से जुड़ेंगे हालांकि अब वह कमेंट्री और पॉडकास्ट में क्रिकेट के बारे अपने विचार देते हुए नजर आते हैं।
माइकल वॉन के साथ हुए ऐसे ही एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बार में बताया। अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उनका एकदिवसीय करियर 2011 में शुरु हो गया था लेकिन उनको टेस्ट मैचों के लिए करीब 2 साल तक 12वें आदमी की भूमिका निभानी पड़ी और कम से कम 20 टेस्ट मैच तक का लंबा इंतजार करना पड़ा
इसके अलावा उन्होंने सचिन विराट समेत क्रिकेटरों से रिश्ते, टेस्ट क्रिकेट में अभ्यास मैचों का महत्व और वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी।
अजिंक्य रहाणे ने कहा, मेरे पास 2 विकल्प थे या तो मैं सहानूभूति हासिल करता या तो खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। 12वें खिलाड़ी होने और पानी पिलाने में कोई खास खराबी नहीं है। मैंने इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया।
अजिंक्य रहाणे ने हालांकि वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर तीखी टिप्पणी की। अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि क्या आपको वर्तमान भारतीय टेस्ट टीम को देखकर चिंता होती है तो उनका जवाब हां में था।
रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अच्छा खेल रही हैं। भारत के साथ अचानक इतनी दिक्कत इस कारण हो गई है क्योंकि ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी एक साथ बाहर निकल गए हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को बोर्ड को वह सम्मान देना जरूरी है जिसके वह हकदार हैं।
“Do you fear for Test match cricket?”
Ajinkya Rahane on the current state of Test cricket.
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— Stick to Cricket (@StickToCricket) August 6, 2026
ऐसा रहा करियर
अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।
बाहर होने के बाद भी बतौर कप्तान जीते रणजी
टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए

