किसने दिया ऑर्डर?’ पोस्टर लेकर संसद पहुंची कांग्रेस, छात्रों पर पैलेट गन मामले में अमित शाह से मांगा जवाब

opposition leaders protes in parliament

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर मचा बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कांग्रेस सांसदों ने इस मामले में संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में एक बड़ा पोस्टर था जिस पर लिखा था- 'किसने दिया ऑर्डर?' ALSO READ: अमित शाह को जाना होगा, छात्रों पर चलवाईं गोलियां, गृह मंत्री को हटाए सरकार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले राहुल गांधी

 

प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई 'पुलिस कार्रवाई' को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ किया गया।

 

पार्टी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'अमित शाह जवाब दो- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?' आज विपक्ष के सांसदों ने छात्रों पर की गई बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर, मोदी सरकार से जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रदर्शनकारी को गोली लगने का दावा गलत, मेडिकल रिपोर्ट में नहीं मिले सबूत

संसद से क्यों भाग रहे हैं गृहमंत्री

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया? दिल्ली में छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया? हमें भारत के गृह मंत्री से जवाब चाहिए। भारत के गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं? आप तो विपक्ष के नेता (LoP) को भी बोलने नहीं दे रहे हैं।

 

क्या गृह मंत्री ने कहा कि SDM ने गलत किया? 

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि ये बड़ी स्पष्ट बात है कि यदि कोई पैलेट गन चलाता है या ऐसी कार्रवाई करता है तो इसकी अनुमति तो कोई देता है। यदि कोई कह रहा है कि SDM ने अनुमति दी तो क्या हमारे गृह मंत्री ने ये कहा कि SDM ने गलत किया? हमारे गृह मंत्री चुप क्यों हैं? इससे साफ जाहिर है कि ये उनकी सहमति से ही हुआ है नहीं तो वे कहते कि SDM ने गलत काम किया है। एक तरफ भाजपा कह रही है कि पैलेट गन नहीं चली और जब साबित हो गया कि पैलेट गन चली तो उन्हें ये बात माननी पड़ी। फिर केंद्रीय गृह मंत्री चुप क्यों है?

NEET विवाद, CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, छात्रों के उत्पीड़न का लगाया आरोप

abhijeet dipke at jantar mantar

NEET विवाद को लेकर जारी आंदोलन के बीच Cockroach Janta Party (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने मंगलवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे छात्रों को परेशान किया जा रहा है। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई जारी रही तो उनकी पार्टी जल्द ही एक बड़ा और शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करेगी। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

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छात्रों के उत्पीड़न पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

 

अभिजीत दिपके ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस द्वारा छात्रों को परेशान करने की कार्रवाई जारी रहती है तो Cockroach Janta Party जल्द ही बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। उन्होंने सरकार से छात्रों को निशाना बनाना और कथित उत्पीड़न बंद करने की मांग की।

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आंदोलन खत्म नहीं हुआ, CJP ने जारी रखने की बात कही

 

हालांकि केंद्र सरकार द्वारा संगठन की प्रमुख मांगों में से एक को स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था, लेकिन CJP नेताओं का कहना है कि उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन वापस लेने का मतलब यह नहीं है कि लड़ाई समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि CJP को अभी 'लंबा रास्ता तय करना है' और प्रदर्शन का समापन केवल शुरुआत है।

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NEET विवाद में मृत छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

 

CJP प्रमुख ने परीक्षा विवाद के दौरान कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग भी की है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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शिक्षा सुधारों को लेकर अभियान जारी रखेगी CJP

CJP नेताओं ने संकेत दिए हैं कि संगठन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना अभियान जारी रखेगा।  CJP प्रवक्ता सौरव दास ने समाचार कहा कि संगठन युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और शिक्षा एवं प्रशासनिक सुधारों के लिए प्रयास जारी रखेगा।

iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max सितंबर में हो सकते हैं लॉन्च, बड़ी बैटरी, 2nm चिप और DSLR जैसे कैमरे की चर्चा

 Apple के अगली पीढ़ी के प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर नई लीक्स सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इस साल सितंबर में इन दोनों मॉडल्स को लॉन्च कर सकती है। लीक्स में दावा किया गया है कि नए iPhone Pro मॉडल्स में 2nm A20 प्रोसेसर, बड़ी बैटरी, बेहतर OLED डिस्प्ले और पहली बार Variable Aperture Camera जैसे बड़े अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं। हालांकि Apple ने अभी तक इन फीचर्स या लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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सितंबर में हो सकता है लॉन्च

 

अगर Apple अपने पुराने लॉन्च शेड्यूल का पालन करता है तो iPhone 18 Pro सीरीज का अनावरण सितंबर में किया जा सकता है। लीक्स में 12 सितंबर को संभावित लॉन्च डेट बताया जा रहा है। कुछ टिप्स्टर्स का दावा है कि कंपनी पहले Pro मॉडल्स लॉन्च कर सकती है, जबकि रेगुलर iPhone 18 को बाद में पेश किया जा सकता है। साथ ही Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की भी चर्चा है, लेकिन फिलहाल यह केवल अफवाहों तक सीमित है।

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डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं, नए कलर ऑप्शन मिल सकते हैं

 

रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro सीरीज का डिजाइन पिछले मॉडल जैसा ही रहेगा। हालांकि कंपनी Dark Cherry, Light Blue और Dark Grey जैसे नए रंग पेश कर सकती है। वहीं iPhone 18 Pro Max में बड़ी बैटरी के कारण फोन थोड़ा मोटा और भारी हो सकता है।

 

डिस्प्ले होगा ज्यादा ब्राइट और पावर एफिशिएंट

 

iPhone 18 Pro में 6.3 इंच और iPhone 18 Pro Max में 6.9 इंच का डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है। दोनों फोन में अपग्रेडेड LTPO+ OLED पैनल दिया जा सकता है, जिससे स्क्रीन ज्यादा ब्राइट होगी और बैटरी की खपत भी कम होगी।

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छोटा होगा Dynamic Island

लीक्स के मुताबिक Apple Face ID टेक्नोलॉजी का बड़ा हिस्सा डिस्प्ले के नीचे शिफ्ट कर सकता है। इससे Dynamic Island का आकार करीब 35 प्रतिशत तक छोटा हो सकता है और यूजर्स को ज्यादा स्क्रीन स्पेस मिलेगा।

 

पहली बार मिल सकता है Variable Aperture Camera

iPhone 18 Pro सीरीज में पहली बार Variable Aperture Camera मिलने की चर्चा है। यह कैमरा रोशनी के हिसाब से अपने आप अपर्चर एडजस्ट करेगा, जिससे कम रोशनी में बेहतर फोटो, अधिक प्राकृतिक पोर्ट्रेट, कम ओवरएक्सपोजर और बेहतर वीडियो रिकॉर्डिंग संभव हो सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यूजर इसे मैन्युअली कंट्रोल कर पाएंगे या नहीं।

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A20 2nm चिप दे सकती है दमदार परफॉर्मेंस

नई Pro सीरीज में Apple का A20 चिपसेट मिलने की संभावना है, जिसे TSMC की 2nm प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर तैयार किया जा सकता है। यह प्रोसेसर पहले से ज्यादा तेज और ऊर्जा की बचत करने वाला हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें Apple का नया C2 5G मॉडेम और बेहतर सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी देखने को मिल सकती है।

 

बड़ी बैटरी से बढ़ सकती है बैकअप

रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro Max में 5,200mAh तक की बैटरी मिल सकती है, जबकि iPhone 18 Pro की बैटरी क्षमता में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। नई बैटरी और 2nm प्रोसेसर के साथ बेहतर बैटरी बैकअप मिलने की संभावना जताई जा रही है।

 

भारत में कीमत बढ़ सकती है

लीक्स के मुताबिक iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत भारत में मौजूदा मॉडल्स की तुलना में 20,000 से 30,000 रुपये तक बढ़ सकती है। फिलहाल iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,34,999 और iPhone 17 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1,49,999 है। ऐसे में नई Pro सीरीज और अधिक महंगी हो सकती है। वैश्विक बाजार में भी कीमत करीब 200 डॉलर तक बढ़ने की चर्चा है, जिसकी वजह महंगे कंपोनेंट्स और बढ़ी हुई सप्लाई चेन लागत बताई जा रही है।

अभी कुछ भी आधिकारिक नहीं

ध्यान देने वाली बात यह है कि Apple ने अभी तक iPhone 18 Pro सीरीज की लॉन्च डेट, फीचर्स या कीमत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में फिलहाल इन सभी जानकारियों को केवल लीक्स और रिपोर्ट्स के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

Top News 27 July: संसद में पेपर लीक संशोधन बिल, सोनम वांगचुक होंगे डिस्चार्ज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

top news 27 july Photo : AI Generated

Top News 27 July : संसद में आज पेश होगा पेपर लीक संशोधन बिल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में एक्शन में पुलिस। सोनम वांगचुक को आज अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को दिलाया पहला गोल्ड। 27 जुलाई की बड़ी खबरें :
 

संसद में पेपर लीक संशोधन बिल

मोदी सरकार आज दोपहर 12 बजे संसद में पेपर लीक संशोधन बिल पेश करेगी। कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म होने के बाद संसद में सोमवार से विपक्ष युवाओं पर लाठीचार्ज के सवाल पर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाएगा। विपक्ष आज राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को भी सदन में उठा सकता है।

 

सोनम वांगचुक को मिलेगी अस्पताल से छुट्टी

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को आज मेदांता अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। वह लद्दाख रवाना होने से पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राजघाट जाएंगे। नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक ने किया था 26 दिन का अनशन। 

 

पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में एक्शन में पुलिस

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक, भड़काऊ पोस्ट और वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किए गए ऐसे कंटेंट की पहचान कर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं और उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। 

 

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है गुजरात में भारी बारिश के कारण भारी तबाही हुई। सेना राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

मीराबाई चानू ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के चौथे दिन भारत ने ग्लास्को में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। मीराबाई चानू ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड, भारोत्तोलक राजा मुथुपांडी और ऋषिकांता सिंह ने जीता रजत पदक। भारत के जादूमणि सिंह ने पाकिस्तान के मुक्केबाज सुमामा रेहमान को पुरुष 55 किग्रा के राउंड ऑफ 16 में हराया। 

प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

Prime Minister Narendra Modi has issued video message regarding paper leak case

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके। प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है।

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टास्क फोर्स का हुआ गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

बनेगा नया कठोर कानून

प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेंड्स विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो।

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वे जेलों में सड़ रहे हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। राजनीतिक जीवन से शुरू से ही तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल करने वाले प्रधानमंत्री मोदी इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, WhatsApp, एक्स पर सक्रिय है और बड़ी संख्या में उनके फालोअर्स भी हैं।

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जब PM मोदी ने खुद संभाला मोर्चा 

इंस्टाग्राम पर भी प्रधानमंत्री मोदी 2016 से जुड़े हैं लेकिन इंस्टाग्राम के लिए अलग से कोई रील नहीं अपलोड किया जाता था, जबकि अधिकांश जेनजी इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय हैं। हाल ही में पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में खुद मोर्चा संभाला और इंस्टाग्राम पर रील डालकर जेनजी के साथ संवाद कायम किया।

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Gen Z को पसंद आया PM मोदी का नया अवतार

Gen Z को भी प्रधानमंत्री का नया अवतार पसंद आया और इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स बढ़ गए। Gen Z की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को उन्हें रील बनाकर थैंक्स (धन्यवाद) भी कहा। इसे भी 93 लाख से अधिक लोगों ने देखा और लाइक किया।

Pralhad Joshi: धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री क्यों बनाया गया? माने जाते हैं मोदी सरकार के भरोसेमंद संकटमोचक

Pralhad Joshi: केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की चर्चाओं के बीच उनकी प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक अनुभव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मोदी सरकार में उन्हें ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से संभाली हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया है। अब उनके सामने देश की परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लंबित सुधारों को गति देने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।

प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। संसद में विभिन्न दलों के बीच समन्वय बनाने, विधेयकों को आगे बढ़ाने और जटिल राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के कारण उन्हें सरकार का अनुभवी रणनीतिकार माना जाता है।

शिक्षा मंत्रालय के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां

शिक्षा मंत्रालय का दायित्व मिलने के बाद जोशी की सबसे पहली प्राथमिकता राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना होगी। परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार और कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है।

इसके अलावा परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने, नए कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्रों के बीच विश्वास बहाल करने की दिशा में भी तेजी से काम करना होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर रहेगा फोकस

संकट प्रबंधन के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के विभिन्न प्रावधानों को लागू करना, उच्च शिक्षा में सुधार, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी नई जिम्मेदारी का अहम हिस्सा माना जाएगा। सरकार की कोशिश होगी कि शिक्षा मंत्रालय की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया और दीर्घकालिक सुधार योजनाओं पर किसी तरह का असर न पड़े और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले समय पर लिए जाएं।

नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार 25 जुलाई को पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं।

‘विनम्रता के साथ जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं’

प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने दायित्व और विनम्रता की भावना के साथ यह जिम्मेदारी स्वीकार की है। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। जोशी को उपभोक्ता मामलों के मंत्री की अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य भावना और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है…प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मैं अपनी पूरी क्षमता के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करूंगा।”

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इससे पहले, देशभर में CJP के नेतृत्व में नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है। पिछले 10 दिनों में सामने आई घटनाओं को देखकर वह परेशान हैं।

Dharmendra Pradhan Resigns: CJP प्रोटेस्ट के पहले दिन ही धर्मेंद्र प्रधान ने कर दी थी इस्तीफे की पेशकश! फिर किसने मना कर दिया?

Dharmendra Pradhan Resigns: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने दावा किया है कि तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले दिन ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आलकमान के सामने मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। विजयवर्गीय ने शनिवार 25 जुलाई को इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में प्रधान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें जो भी दायित्व सौंपा जाता है, वह उसे बड़ी ईमानदारी और समर्पण से निभाते हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “पहले दिन से जैसे ही (छात्र) आंदोलन शुरू हुआ था, प्रधान ने पार्टी (BJP) अध्यक्ष से कहा कि अगर उन्हें ऐसा लगता है, तो वह (शिक्षा मंत्री के पद से) इस्तीफा दे देते हैं।” विजयवर्गीय के मुताबिक BJP अध्यक्ष ने उस समय प्रधान को यह कहते हुए इस्तीफा देने के लिए मना कर दिया था कि जब तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह इस्तीफा नहीं देंगे और किसी व्यक्ति से इस्तीफे की बात तक नहीं करेंगे।

BJP के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने कहा कि बाद में बनीं परिस्थितियों के चलते जब पार्टी ने प्रधान के इस्तीफे का निर्णय लिया, तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया। पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, “प्रधान के इस्तीफे से उन सब विदेशी ताकतों के मंसूबे खत्म हो गए जो बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह भारत में हिंसा फैलाकर अस्थिरता पैदा करना चाहती थीं। इसलिए प्रधान ने जो काम किया है, उसके लिए मैं उनको बधाई भी देता हूं।”

कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला

प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस नेताओं के जश्न मनाने पर विजयवर्गीय ने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा कि पड़ोसी के घर में बच्चा पैदा होने पर कांग्रेस ढोलक बजा रही है। उन्होंने कहा, “छात्र आंदोलन में कांग्रेस की क्या भूमिका थी? बच्चों ने आंदोलन किया, वे (कांग्रेस) जाकर उसके पीछे खड़े हो गए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष बिल्कुल निराश हो गया है और निराशा के पल में उन्हें आशा की एक किरण कॉकरोच जनता पार्टी में दिखी।”

मंत्री ने पूछा कि क्या छात्र आंदोलन में किसी कांग्रेस नेता ने पुलिस का एक भी लट्ठ खाया है? लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने दीमक का काम करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था को अंदर से खोखला कर दिया है।

इस बयान पर पलटवार करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, “मुझे राहुल गांधी की राजनीतिक विचारधारा और उनकी बुद्धि पर बहुत तरस आता है। मुझे लगता है कि उन्हें अभी जरा समझना पड़ेगा कि संघ है क्या?” उन्होंने कहा कि देश आज सही दिशा में जा रहा है और इसके पीछे संघ की मेहनत है।

प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला

नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं।

नीट पेपर लीक होने के खिलाफ देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनों के के बीच, प्रधान ने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने अपने त्यागपत्र में कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। पिछले 10 दिनों के दौरान हुई घटनाओं से वह व्यथित हैं।

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उन नीट विद्यार्थियों की कहानी, जो पेपर लीक के बाद चले गए

cjp jantar mantar protest

जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन प्रदर्शनकारी उन 21 नीट अभ्यर्थियों का जिक्र नहीं करते थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्टेज पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उस पोस्टर को सबसे पहले मंगवाया जिसमें उन नीट अभ्यर्थियों के नाम थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

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जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन प्रदर्शनकारी उन 21 नीट अभ्यर्थियों का जिक्र नहीं करते थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। हालांकि सरकार ने इस बात को नहीं कहा है लेकिन प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इन बच्चों ने नीट पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। रेमा बेगम भी इनमें से एक थीं। भारतीय राज्य के एक दूरदराज गांव में अपनी बीमार मां के साथ बड़ी हुई रेमा बेगम डॉक्टर बनने का सपना देखती थीं, लेकिन उनकी मौत के साथ ही उनका यह सपना अधूरा रह गया।

 

कई साल की पढ़ाई और महंगी कोचिंग क्लासों के बाद, 20 साल की रेमा को विश्वास था कि उन्होंने आखिरकार एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पाने के लिए पर्याप्त मेहनत कर ली है। फिर खबर आई कि जिस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में वे बैठी थीं, उसका प्रश्नपत्र लीक हो गया था और दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया गया।

 

 कुछ ही दिनों बाद, बेगम की मौत हो गई। इस घटना के बाद अपनी जान गंवाने वाले कम से कम 20 छात्रों में वे भी शामिल थीं। उनकी मौत के एक महीने बाद भी, बेगम के पिता रजऊल इस्लाम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी लाडली बेटी हिम्मत कैसे हार गई। लेकिन उनका मानना है कि दोबारा परीक्षा के ऐलान ने सब कुछ बदल दिया। न्यूज एजेंसी एएफपी को फोन पर इस्लाम ने बताया,”परीक्षा के बाद, उसे पूरा भरोसा था कि वह इसे पास कर लेगी। लेकिन जब पेपर लीक होने के कारण दोबारा परीक्षा की घोषणा हुई, तो वह बिल्कुल बदल गई और खुद में सिमट गई।”

 

उन्होंने कहा कि परिवार की कोई भी बात उसे सांत्वना नहीं दे सकी। मछली का कारोबार करने वाले इस्लाम ने अपनी बेटी की तैयारी पर काफी खर्च किया था और उसे दो साल के लिए बड़े शहरों के कोचिंग सेंटरों में भेजा था। उन्होंने कहा,”मैंने उसकी पढ़ाई पर बहुत पैसा खर्च किया था, इसलिए उसे चिंता थी कि यह सब बेकार चला जाएगा।”

 

परीक्षा की नई तारीख से कुछ दिन पहले बेगम ने आत्महत्या कर ली। उनकी मौत भारत में विद्यार्थियों पर उस दबाव को उजागर करती है, जहां किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलना आर्थिक सुरक्षा के सबसे बड़े साधनों में से एक माना जाता है।साहित्यकार और पूर्व प्रोफेसर जी। एन। देवी ने नीट का जिक्र करते हुए कहा, “इसलिए नीट परीक्षा पास करने का मतलब कई परिवारों के लिए एक खुशहाल और आरामदायक जीवन का आश्वासन है। लेकिन इन सीटों की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या देश में मौजूद संस्थानों की तुलना में बहुत अधिक है।” इस साल भी करीब बीस लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने देश भर में लगभग 1,37,000 मेडिकल सीटों के लिए नीट की परीक्षा दी। राजस्थान में, किसान राजेश कुमार ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दी और 11 लाख रुपये का कर्ज लिया ताकि उनका बेटा प्रदीप मीणा तीन साल तक कोचिंग क्लास जा सके। कुमार ने एएफपी को बताया, “मैंने खेत में रोजाना 16 घंटे तक मजदूरी की ताकि वह कोचिंग जा सके। मुझे लगा कि अगर वह डॉक्टर बन जाता है तो यह सब सार्थक होगा, और मैं अपने बुढ़ापे में एक आरामदायक जीवन जी सकूंगा। परीक्षा के बाद, मीणा को पूरा भरोसा था कि वे सफल हो गए हैं। कुमार ने याद किया कि उनके बेटे ने उन्हें गले लगाया और कहा कि अब भगवान भी मुझे डॉक्टर बनने से नहीं रोक सकते। दोबारा परीक्षा की घोषणा के एक दिन बाद, 22 साल के प्रदीप ने अपनी जान दे दी।

 

उत्तर प्रदेश में, एक और परिवार को अपने 21 साल के बेटे ऋतिक मिश्रा की मौत के बाद ऐसा ही दुख सहना पड़ा। उनके पिता अनूप कुमार मिश्रा ने परीक्षा का जिक्र करते हुए कहा, “यह उनकी तीसरी कोशिश थी और उन्होंने कहा था कि इस बार उनका पेपर अच्छा गया है।” परीक्षा लीक की खबर सामने आने के एक दिन बाद उनके बेटे की मौत हो गई।

 

उन विद्यार्थियों के लिए जिन्होंने आखिरकार दोबारा परीक्षा दी, यह अनुभव बहुत थका देने वाला था। 19 साल चैतन्य अग्रवाल ने कहा, “यह मानसिक रूप से बहुत हताश करने वाला है। आप अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं और फिर आपको इसे दोबारा देने के लिए मजबूर किया जाता है।” शिक्षकों का कहना है कि इसके भावनात्मक प्रभाव को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। पूर्वी शहर कोलकाता के एक कोचिंग सेंटर के शिक्षक अभिजीत पात्रा ने कहा, “परीक्षा की तैयारी करना और उसे देना बहुत तनावपूर्ण अनुभव है, और यह सब फिर से करना आसान नहीं है। पेपर लीक इस मुश्किल अनुभव को और भी बदतर बना देता है।” 

 

 

पूर्व प्रोफेसर देवी कहते हैं कि कई परिवारों के लिए, पेपर लीक सालों के त्याग के बाद एक विश्वासघात जैसा था। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अक्सर आर्थिक रूप से नुकसानदेह और सामाजिक रूप से थका देने वाली होती है, खासकर कम आय वाले परिवारों के लिए जो महंगे निजी विश्वविद्यालयों या विदेश में पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकते। देवी कहती हैं, “वे आशा के साथ तैयारी की यह यात्रा शुरू करते हैं, इसलिए जब उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है या बेच दिया गया है, तो वे ठगा हुआ महसूस करते हैं।”

 

राजधानी नई दिल्ली में विरोध स्थल से हजारों किलोमीटर दूर, बेगम का परिवार अभी भी जवाब तलाश रहा है। उनके पिता ने कहा, “मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह परीक्षाओं में अनियमितताओं को गंभीरता से ले। उन्हें समझना चाहिए कि गरीब परिवार के बच्चे के लिए बेहतर जिंदगी का सपना देखना और उसके लिए काम करना आसान नहीं होता।”

 

तमिलनाडु की 17 साल की विद्यार्थी एस अनिता ने भी नीट की परीक्षाओं के बाद आत्महत्या कर ली थी। लेकिन मौत से पहले उन्होंने नीट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी डाली थी कि नीट की परीक्षा ग्रामीण और राज्य शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों को अलग थलग करती है। कॉकरोच जनता पार्टी और प्रदर्शनकारियों की मांग यह भी है कि जिन स्टूडेंट्स की जान गई, उनके परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

Dharmendra Pradhan Resigns: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने उठाए सवाल, बोले- सपोटर्स की न सुनके सड़क पर मौजूद कॉकरोच…

Dharmendra Pradhan Resigns: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हफ़्तों तक चले छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद, जहाँ बॉलीवुड के ज़्यादातर लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया, वहीं अभिनेता रणवीर शौरी की राय कुछ अलग थी। जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें मान लीं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न मनाया जाने लगा, तो शौरी ने इस फ़ैसले के समय पर सवाल उठाए और इसे ‘जनता के दबाव में कामकाज’ बताते हुए इसकी आलोचना की।

अभिजीत दिपके और सौरव दास की अगुवाई वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया। इस आंदोलन में छात्र परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे थे। CJP नेताओं के साथ बातचीत के बाद, केंद्र सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR वापस लेने और NEET विवाद से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवज़ा देने पर भी सहमत हो गई। मांगें माने जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर चल रहा धरना-प्रदर्शन ख़त्म कर दिया।

प्रधान के इस्तीफ़े की ख़बर सामने आते ही, रणवीर शौरी ने X (पहले ट्विटर) पर हैरानी ज़ाहिर करते हुए एक GIF के ज़रिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं जीत पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #masterstroke,” और साथ में ताली बजाने वाले इमोजी भी लगाए।

जब एक सोशल मीडिया यूज़र ने पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि प्रधान को NEET पेपर लीक विवाद पर इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए था, तो शोरी ने अपनी बात विस्तार से बताई। उन्होंने लिखा, “हां, लेकिन उन्हें यह तब करना चाहिए था जब सड़कों पर हालात इतने खराब नहीं हुए थे। अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बात नहीं सुनी जाएगी, बल्कि सड़कों पर मौजूद ‘कॉकरोच’ की बात सुनी जाएगी!”

हाल के हफ़्तों में कई एक्टर्स और म्यूज़िशियन्स ने ऑनलाइन और प्रदर्शनों में शामिल होकर स्टूडेंट मूवमेंट का खुलकर समर्थन किया है। प्रकाश राज, शबाना आज़मी और रैपर हनुमankind ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा ने सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, जबकि गुरफतेह पीरजादा, प्रतिभा रांटा, शालिनी पांडे और कई अन्य लोगों ने मुंबई में हुए प्रदर्शनों में भाग लिया।

फाउंडर अभिजीत दिपके की अगुवाई वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन जल्द ही ये शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग करने वाले एक बड़े युवा आंदोलन में बदल गए। सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया और भूख हड़ताल की थी, जिसे उन्होंने केंद्र सरकार के साथ बातचीत के अंतिम दौर से पहले खत्म कर दिया।

प्रधान के इस्तीफ़े के बाद जंतर-मंतर पर जश्न मनाया गया। छात्रों ने नारे लगाए और इस घटनाक्रम को आंदोलन की जीत बताया। CJP ने इस्तीफ़े को एक अहम पड़ाव बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि बड़े सुधारों के लिए उनका अभियान मंत्री के हटने के बाद भी जारी रहेगा।

Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव 14 दिन के लिए भेजे गए पटना के बेऊर जेल, NEET प्रदर्शनकारियों को भड़काने का आरोप

Tej Pratap Yadav: जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को ‘बिहार बंद’ के दौरान हुई तोड़-फोड़ और आगजनी के मामले में गिरफ्तारी के बाद पटना की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है। शनिवार देर रात बिहार पुलिस ने तेज प्रताप यादव को एक मॉल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने तेज प्रताप यादव को नीट पेपर लीक के खिलाफ शनिवार को ‘बिहार बंद’ के दौरान पटना में प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने पर गिरफ्तार किया। यादव पटना के रामगुलाम चौक पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए, जिसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वाहन में बैठा लिया। पुलिस द्वारा ले जाए जाने से पहले वाहन का दरवाजा पकड़े यादव ने कहा, “हम छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जरूरत पड़ी तो मैं छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं।”

यादव ने प्रदर्शन में शामिल होकर बंद को अपना समर्थन दिया था। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने प्रदर्शन में शामिल होने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग दोहराई।

अधिकारियों ने बताया कि नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों ने शनिवार को बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई।

पुलिस ने बताया कि बंद का राज्यभर में मिलाजुला असर रहा। पटना में पथराव की घटनाएं हुईं। जबकि नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास में बंद का बहुत कम असर देखने को मिला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प और पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जब तेज प्रताप छात्रों के साथ रामगुलाम चौक से डाक बंगला चौराहे की ओर मार्च करने लगे, तो एग्जिबिशन रोड के पास पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

वकील ने क्या बताया?

तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा, “FIR 26 तारीख को दर्ज की गई थी। जबकि गिरफ्तारी 25 तारीख को शाम 7:30 बजे सिटी सेंटर मॉल से हुई थी। मैंने अभी उनकी रिहाई के लिए जज के पास एक अर्जी दी है। उन्होंने मुझसे सोमवार को जमानत की मांग पर कार्रवाई करने को कहा।”

रविवार सुबह ANI से बातचीत में वकील ने आगे कहा, “मैं सुबह 10:30 बजे नौबतपुर पुलिस स्टेशन पहुंचा। वहां 2 SP थे… मैंने उनसे उनकी गिरफ्तारी का कारण पूछा। उनके परिवार वालों को यह भी नहीं पता कि वे शाम 7:30 बजे से हिरासत में थे… हमें अभी तक FIR की कॉपी भी नहीं मिली है।”

वहीं, तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर JJD की बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार वीणा मानवी ने कहा, “मैं कुछ नहीं कहना चाहती। 13 तारीख से हमें परेशान किया जा रहा है। पहले उन्होंने (पुलिस) मुझे नामांकन के दिन उठाया। फिर आज उन्हें उठा लिया। ऐसा लगता है कि पूरा बांकीपुर जिला अब जनशक्ति जनता दल पर निर्भर है।”

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उन्होंने आगे कहा, “अगर हम थोड़ा विरोध करते हैं तो क्या गलत है? उन्होंने क्या अपराध किया? अगर बच्चों के बीच एक बार राष्ट्रीय ध्वज दिखाया गया, तो क्या वह अपराध था? और अगर आपकी नज़र में यह अपराध था भी, तो उन्हें उसी समय वहां से ले जाना चाहिए था। लेकिन उन्हें तब उठाने का क्या मतलब है जब वे शाम को परिवार के साथ समय बिता रहे थे, खरीदारी करने जा रहे थे? मुझे भी इसके पीछे का कारण नहीं पता…।”