ITR Filing 2026: हर कोई नहीं भर सकता ITR-1, इन 10 मामलों में चुनना होगा दूसरा फॉर्म

ITR 2026: ITR-1 (सहज) सबसे आसान इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म माना जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर सैलरी पाने वाले कर्मचारी और पेंशनर्स करते हैं। लेकिन सिर्फ आसान होने की वजह से ITR-1 नहीं भरना चाहिए। अगर आपकी आय या निवेश कुछ खास कैटेगरी में आता है, तो आपको ITR-2 या ITR-3 भरना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना बताया कि 10 स्थितियों में ITR-1 नहीं भरा जा सकता। इनके बजाय टैक्सपेयर्स को ITR-2 या ITR-3 भरा जा सकता है।

1. शेयर या म्यूचुअल फंड पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचकर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) कमाया है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-2 भरना होता है। हालांकि, अगर आपकी शेयर ट्रेडिंग को बिजनेस इनकम माना जाता है (जैसे F&O या बार-बार ट्रेडिंग), तो ITR-3 लागू होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन

अगर लिस्टेड शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने पर धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) हुआ है, तो ITR-1 मान्य नहीं होगा।

3. जमीन, मकान या अन्य संपत्ति बेची हो

अगर आपने जमीन, मकान, गहने, डेट म्यूचुअल फंड या कोई अन्य कैपिटल एसेट बेचा है, तो उससे होने वाले कैपिटल गेन की जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आय हो

अगर आपकी कमाई बिजनेस, फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, प्रोफेशनल फीस या किसी प्रोप्राइटरशिप बिजनेस से होती है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-3 भरना होता है। अगर आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुनते हैं, तो ITR-4 लागू हो सकता है।

5. F&O या इंट्राडे ट्रेडिंग करते हों

अगर आपने F&O, इंट्राडे ट्रेडिंग या ऐसी ट्रेडिंग की है जिसे बिजनेस इनकम माना जाता है, तो ITR-1 आपके लिए नहीं है।

6. अनलिस्टेड शेयर होल्ड किए हों

अगर पिछले वित्त वर्ष में किसी भी समय आपके पास अनलिस्टेड इक्विटी शेयर रहे हैं, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे में ITR-2 या ITR-3 भरना होगा।

7. किसी कंपनी के डायरेक्टर हों

अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, तो ITR-1 भरने के पात्र नहीं हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में ITR-2 या ITR-3 भरना पड़ता है।

8. विदेश में संपत्ति या बैंक खाते का अधिकार हो

अगर आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, वित्तीय निवेश या किसी विदेशी बैंक खाते पर साइन करने का अधिकार है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में विदेशी संपत्तियों का अलग से खुलासा करना पड़ता है।

9. विदेश से आय होती हो

अगर आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज, किराया या कैपिटल गेन जैसी कोई आय होती है, तो ITR-1 लागू नहीं होगा। आमतौर पर ITR-2 या ITR-3 के साथ जरूरी शेड्यूल भी भरने होते हैं।

10. आय 50 लाख रुपये से ज्यादा हो

अगर आपकी कुल टैक्सेबल आय 50 लाख रुपये से ज्यादा है, पिछले साल का नुकसान (Loss) आगे ले जाना है या लॉटरी, घुड़दौड़ जैसी विशेष श्रेणी की आय है, तो भी ITR-1 नहीं भर सकते।

गलत फॉर्म चुनने से क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय पर ITR भरना जितना जरूरी है, उतना ही सही फॉर्म चुनना भी जरूरी है। गलत ITR फॉर्म भरने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है। इससे रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है या फिर रिवाइज्ड (Revised) रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है।

शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से पहले जान लें टैक्स के नियम, नहीं तो मुनाफा हो जाएगा कम

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SBI Funds Management की नजरें म्चूअल फंड्स की पहुंच बढ़ाने पर, कंपनी ने बताया फ्यूचर प्लान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई को आ रहा है। यह देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) है। इंडिया में म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी का बड़ा प्लान है। इसे पेरेंट कंपनी और देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का सपोर्ट हासिल है। मनीकंट्रोल ने एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के फ्यूचर प्लान के बारे में जानने के लिए इसके एमडी एवं सीईओ देबाशीष मिश्रा, ज्वाइंट सीईओ डीपी सिंह और डिप्टी सीईओ डेनिस डी कैम्पिग्नेल्स से बातचीत की।

रिटेल बेस बढ़ाने पर कंपनी का फोकस

देबाशीष मिश्रा ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता रिटेल इनवेस्टर्स का बेस बढ़ाना है। लोगों तक पहुंच के मामले में भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अभी शुरुआती अवस्था में है। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करीब 53 करोड़ कस्टमर्स हैं। लेकिन, म्यूचुअल फंड्स के यूनिक इनवेस्टर्स की संख्या सिर्फ करीब 55 लाख है। यह कस्टमर बेस का 1 फीसदी से थोड़ा ही ज्यादा है। अगले दो से तीन सालों में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ाना और लोगों तक पहुंच का विस्तार करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी।

पीएमएस, एआईएफ और SIF पर भी कंपनी की नजरें

उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड बिजनेस के अलावा कंपनी पीएमएस, एआईएफ, SIF और गिफ्ट सिटी में अपनी मौजूदी बढ़ा रही है। अमुंडी के सपोर्ट से हमारा इंटरनेशनल बिजनेस करीब 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। हम इसे अगले दो से तीन सालों में दोगुना करना चाहते हैं। हर ग्रोथ सेगमेंट में हमारी कोशिश स्ट्रॉन्ग रिसोर्सेज, स्ट्रेटेजी और पार्टनरशिप के जरिए लीडरशिप बनाने की है। हमारा प्लान हर जगह से इनवेस्टमेंट लेने का है।

एसबीआई के डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का मिलेगा फायदा

डीपी सिंह ने कहा कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को सबसे ज्यादा फायदा एसबीआई के डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का है। उन्होंने कहा कि हमारी मंथली सिप बुक करीब 4,000 करोड़ रुपये की है। इसमें से करीब 1300 करोड़ रुपये यानी करीब एक-तिहाई एसबीआई नेटवर्क के जरिए आता है। हमारे इंटरमीडियरी बिजनेस की भी करीब इतनी ही हिस्सेदारी है। एसबीआई का डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क हमारी सबसे ब़ड़ी ताकत है। एसबीआई के 53 करोड़ कस्टमर बेस को देखते हुए हमें उम्मीद है कि हमारे लिए सिप बुक दोगुना करने की काफी गुंजाइश है।

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सेविंग्स इकोनॉमी से इनवेस्टमेंट इकोनॉमी बन रहा भारत

डेनिस डी कैम्पिग्नेल्स ने कहा कि दुनिया के कई देशों में बैंकिंग और म्यूचुअल फंड एक दूसरे के साथ चलते हैं। भारत में हमारे लिए मौके और भी ज्यादा हैं, क्योंकि देश अब सेविंग्स इकोनॉमी से इननवेस्टमेंट इकोनॉमी के रूप में बदल रहा है। SIP से लोगों में निवेश में अनुशासन की आदत बनी है। लोग छोटी अवधि के निवेश की जगह लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं। भविष्य में इंडस्ट्री की ग्रोथ म्यूचुअल फंड्स से आगे निकल रिटायरमेंट सॉल्यूशंस, अल्टरनेटिव्स और वेल्थ मैनेजमेंट तक जाएगी।

Defence Stock: 40% तक क्रैश हो सकता है ये डिफेंस स्टॉक, कोटक ने दी तुरंत बेचने की सलाह

Defence Stock: डिफेंस और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी Solar Industries India के शेयर गुरुवार को शुरुआती बढ़त के बाद 3% ज्यादा गिरकर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह दिन के हाई लेवल से 6% तक टूट गया था। इसकी वजह Kotak Institutional Equities की नई रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने पहली बार कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Sell’ रेटिंग दी है।

Kotak ने शेयर के लिए 10,300 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह गुरुवार के बंद भाव के मुकाबले करीब 40.8% की संभावित गिरावट दिखाता है।

कंपनी की खूबियां भी गिनाईं

Kotak ने माना कि Solar Industries देश की सबसे बड़ी निजी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली कंपनी है। साथ ही यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती डिफेंस कंपनियों में भी शामिल है।

कंपनी सिर्फ विस्फोटक ही नहीं बनाती। इसके पोर्टफोलियो में इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव, हाई-एनर्जी मैटेरियल, पिनाका रॉकेट सिस्टम, लोइटरिंग म्यूनिशन और गोला-बारूद जैसे कई डिफेंस प्रोडक्ट भी शामिल हैं।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच कंपनी का PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) सालाना औसतन 28% (CAGR) की दर से बढ़ सकता है।

इसके पीछे कई वजहें हैं। डिफेंस कारोबार में करीब 35% CAGR की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, 10 देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 26% CAGR की उम्मीद है। इसके अलावा बिजनेस मिक्स बेहतर होने से कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हो सकता है।

फिर ‘Sell’ रेटिंग क्यों दी?

इतनी मजबूत ग्रोथ का अनुमान होने के बावजूद Kotak ने शेयर खरीदने की सलाह नहीं दी। उनसे इसका कारण भी बताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। अभी Solar Industries का शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित मुनाफे के करीब 55 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को जोखिम के मुकाबले आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना कम दिखती है।

कौन-कौन से जोखिम हैं?

Kotak ने कंपनी के सामने कुछ अहम चुनौतियों का भी जिक्र किया है। माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग में उतार-चढ़ाव का असर कारोबार पर पड़ सकता है। सरकारी डिफेंस ऑर्डर एक साथ और अनियमित तरीके से मिलते हैं, इसलिए कमाई में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

इसके अलावा एक्सप्लोसिव कारोबार से जुड़े नियामकीय नियम, MALE UAV और काउंटर-ड्रोन सिस्टम जैसी नई डिफेंस टेक्नोलॉजी में विस्तार से जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कंपनी के करीब 35% रेवेन्यू विदेशी बाजारों से आते हैं। वहीं, डिफेंस ऑर्डर बुक का भी बड़ा हिस्सा निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयर गुरुवार को 3.26% की गिरावट के साथ 17,385 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में इसने 31.79% का रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल के दौरान इसने 980% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.57 लाख करोड़ रुपये है।

Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

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TCS Dividend: हर शेयर पर ₹12 का डिविडेंड देगी टाटा की टीसीएस, रिकॉर्ड डेट भी तय

TCS Dividend: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने पहली तिमाही के नतीजों के साथ 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। डिविडेंड का भुगतान 31 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में TCS ने 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। वहीं जनवरी 2026 में कंपनी ने 11 रुपये का अंतरिम डिविडेंड और 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड मिलाकर कुल 57 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया था।

पिछले 5 साल में कितना डिविडेंड दिया?

सालडिविडेंड
कुल भुगतान (₹/शेयर)

2021₹6 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹15 फाइनल₹35
2022₹7 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹22 फाइनल₹45
2023₹8 अंतरिम + ₹67 स्पेशल + ₹9 अंतरिम + ₹9 अंतरिम + ₹24 फाइनल₹108
2024₹9 अंतरिम + ₹18 स्पेशल + ₹10 अंतरिम + ₹10 अंतरिम + ₹28 फाइनल₹75
2025₹10 अंतरिम + ₹66 स्पेशल + ₹11 अंतरिम + ₹11 अंतरिम + ₹30 फाइनल₹128

पिछले पांच वर्षों में TCS ने कुल 457 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है। इस दौरान कंपनी ने 2022 और 2023 में शेयर बायबैक भी किए थे।

तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर करीब 14% और पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% अधिक है। ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा।

कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13,349 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4.61% ज्यादा है। वहीं कंपनी ने बताया कि उसका नेट इनकम 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये हो गया।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

जून तिमाही के दौरान TCS ने 9,200 से ज्यादा नए कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS का शेयर गुरुवार को लगभग 2,048 रुपये के आसपास सपाट बंद हुआ। हालांकि, दिन में कारोबार के दौरान यह 2% तक गिर गया था।

TCS Q1 Results: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी को ₹13349 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Split: 5 साल में 1200% रिटर्न, अब 5 छोटे टुकड़ों में टूटेगा शेयर; 20 जुलाई है रिकॉर्ड डेट

सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का स्टॉक, स्प्लिट होने वाला है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा मई महीने में की गई थी और रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जांएगे।

कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1970 में हुई थी। कंपनी के 800 से ज्यादा कर्मचारी हैं। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड कास्टिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर की एक प्रमुख भारतीय कंपनी है। इसकी वैश्विक स्तर पर भी अच्छी-खासी मौजूदगी है। यह इंजीनियरिंग जरूरतों के लिए एक ही जगह पर सभी समाधान उपलब्ध कराती है, जैसे कि कास्टिंग, फोर्जिंग, फैब्रिकेशन, मशीनिंग, असेंबली और इक्विपमेंट बनाना। सिंप्लेक्स कास्टिंग्स का शेयर 9 जुलाई को बीएसई पर 518.75 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 425 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Simplex Castings का शेयर 2 साल में लगभग 150 प्रतिशत मजबूत

शेयर की कीमत एक साल में 33 प्रतिशत और 2 साल में 146 प्रतिशत उछली है। 3 साल में यह 980 प्रतिशत और 5 साल में लगभग 1200 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.39 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 623.50 रुपये और एडजस्टेड लो 356.60 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में Simplex Castings का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 54.76 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6.18 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 202.90 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 21.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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ये स्टॉक भी होने वाले हैं स्प्लिट

स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड और केमिकल सेक्टर की कंपनी इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टॉक भी स्प्लिट होने जा रहा है। मंगलम वर्ल्डवाइड का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

वहीं इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट रहा है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी कम्पैटिबल कलर कॉपियर टोनर के मामले में भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर होने का दावा करती है। इसने 1992 में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी। प्रोडक्ट्स में लेजर टोनर, कलर टोनर, कॉपियर/डिजिटल टोनर, वाइड फॉर्मेट कॉपियर एंड प्रिंटर टोनर शामिल हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹5 लाख करोड़ की बारिश, Sensex में लौटी तेजी, Nifty उछलकर 24135 पर बंद

Sensex-Nifty closes green: एक कारोबारी दिन पहले ढहते मार्केट में जब सेंसेक्स और निफ्टी 2% से अधिक टूटे थे तो विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे कारोबारी दिन ताबड़तोड़ खरीदारी की थी। आज इसका मार्केट पर पॉजिटिव असर दिखा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 800 प्वाइंट्स से अधिक उछल गया तो निफ्टी भी 24100 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी आई।

इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹5 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 238.22 प्वाइंट्स यानी 0.31% की बढ़त के साथ 76,741.82 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.75 प्वाइंट्स यानी 0.34% की मजबूती के साथ 23,962.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 823.05 प्वाइंट्स उछलकर 77,326.65 और निफ्टी 252.65 प्वाइंट्स चढ़कर 24,134.70 तक आ गया था।

₹5.67 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,67,521.74 करोड़ था। आज यानी 09 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,76,34,922.98 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹5,67,401.242 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 20 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज सन फार्मा, बजाज फिनसर्व और भारती एयरटेल में आई। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज मारुति, इंफोसिस और एनटीपीसी में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex b1

111 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4416 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2915 शेयर आज मजबूत हुए तो 1323 में गिरावट रही जबकि 178 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 111 शेयर एक साल के हाई और 79 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

(यह स्टोरी अभी अपडेट हो रही है)

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आज इन वजहों से मार्केट में छाई रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सोने के भाव में आया बड़ा ट्विस्ट! अमेरिका-ईरान तनाव और फेड रेट के फेर में फंसा गोल्ड, आगे की चाल पर एक्सपर्ट्स ने ये कहा

Gold Prices Outlook: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एक तरफ जहां वैश्विक अनिश्चितता के समय सोने को हमेशा ‘सुरक्षित निवेश’ माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका ने इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

टाटा म्यूचुअल फंड और Augmont के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का एक शानदार मौका साबित हो सकती है। आइए समझते हैं कि सोने की कीमतों में गिरावट की असली वजह क्या है और आगे इसकी चाल कैसी रहेगी।

क्यों दबाव में हैं सोने की कीमतें? समझें बड़ी वजहें

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए शांति समझौते (MOU) को ‘खत्म’ घोषित कर दिया, जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया। इसके बाद ईरान ने भी बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले का दावा किया। इन घटनाक्रमों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 5% से ज्यादा उछल गईं, जिससे ग्लोबल लेवल पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

ब्याज दरों का सोने पर सीधा असर

जब महंगाई बढ़ती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने या उन्हें और बढ़ाने की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय बॉन्ड्स जैसे ब्याज देने वाले एसेट्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि डॉलर की मजबूती और हाई बॉन्ड यील्ड के कारण सोने की कीमतें फिलहाल दबाव में हैं।

US Fed का अगला कदम रहेगा सबसे बड़ा ट्रिगर

ऑगमोंट की रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी के मुताबिक, अमेरिकी फेड की मीटिंग के मिनट्स से साफ है कि समिति के सदस्य आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर बंटे हुए हैं। हालांकि फिलहाल दरों को स्थिर रखने पर सहमति है, लेकिन कुछ सदस्य दरें बढ़ाने के पक्ष में हैं।

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार अब सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की 68% संभावना और जनवरी 2027 तक बढ़ोतरी की 87% संभावना मानकर चल रहा है। इन उम्मीदों से डॉलर मजबूत हो रहा है, जो शॉर्ट-टर्म में सोने के लिए नकारात्मक है।

क्या हैं सोने के नए टार्गेट?

डॉ. रेनिशा चैनानी के अनुसार, सोने ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना $4,080 का टार्गेट हासिल कर लिया है। अब आगे की चाल मिडिल ईस्ट के हालातों पर निर्भर करेगी:

तेजी का परिदृश्य: अगर सोना $4,090, भारतीय बाजार में लगभग ₹144000 के ऊपर टिका रहता है, तो यह $4,160 यानी ₹147000 की तरफ बढ़ सकता है।

मंदी का परिदृश्य: अगर कीमतें फिसलकर $4,040 (₹1,43,000) के नीचे आती हैं, तो गिरावट बढ़कर $3,950 (₹1,41,000) के स्तर तक जा सकती है।

भारतीय निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

भारतीय निवेशकों के लिए एक राहत की बात यह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी घरेलू बाजार में सोने की गिरावट को रोकने में मदद करेगी। रुपया कमजोर होने से आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिससे स्थानीय कीमतों को सपोर्ट मिलता है।

टाटा म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहे, लेकिन लंबी अवधि के लिए सोने का आउटलुक बेहद पॉजिटिव है। फंड हाउस ने सलाह दी है कि ‘निवेशकों को हर गिरावट पर सोना खरीदना चाहिए।’ शॉर्ट-टर्म के उतार-चढ़ाव से पैनिक होने के बजाय, इस करेक्शन को धीरे-धीरे अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने के मौके के रूप में देखना चाहिए।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

Trading Strategy : बाजार में बुल्स ने की दमदार वापसी, अनुज सिंघल से जाने निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे बनेगा मोटा पैसा

Trading Strategy : बाजार में बुल्स की दमदार वापसी देखने को मिल रही है। निफ्टी 140 अंक से ज्यादा चढ़कर 24025 के करीब कारोबार कर रहा है। निफ्टी एक दिन बाद ही 20 DEMA, 100 DMA हासिल करने में कामयाब रहा है। बैंक निफ्टी में 600 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। दोपहर 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 632.03 अंक या 0.83% बढ़कर 77,135.63 पर और निफ्टी 186.40 अंक या 0.78% बढ़कर 24,068.45 पर दिख रहा था। अज सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिसमें रियल्टी इंडेक्स 3% से ज़्यादा चढ़ा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.5% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2% ऊपर है।

बाजार: शानदार रिकवरी

बाजार की आगे की चाल और रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज बढ़िया रिकवरी का सत्र रहा। पूरे दिन कोई भी इंट्राडे गिरावट नहीं आई। हालांकि निफ्टी 24,050-24,100 के जोन में आकर अटका है। आज की क्लोजिंग काफी अहम रहेगी। मिडकैप्स में शानदार रिवर्सल है। Advance/Decline 4:1 से भी बेहतर रहा। कोई बड़ा सेक्टोरल मूव नहीं, सभी सेक्टर्स चले हैं। उम्मीद के मुताबिक इंटरग्लोब और श्रीराम फाइनेंस ने लीड किया। EMS और ज्वेलरी शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

Jewellery Stocks : ज्वेलरी शेयरों पर जेपी मॉर्गन के बुलिश रिपोर्ट के बाद टाइटन और सेनको गोल्ड में आई तेजी, जानिए क्या कहती है ये रिपोर्ट

बाजार: अब क्या?

बाजार में 24,050 के ऊपर की क्लोजिंग जरूरी है। 24,150 के ऊपर क्लोज हो जाए तो सबसे बढ़िया रहेगा। अब निफ्टी को 23,950 के नीचे नहीं फिसलना चाहिए। इसके नीचे क्लोज हुआ तो दिक्कत होगी। बैंक निफ्टी ने शानदार लीडरशिप दिखाई है। कच्चा तेल भी फिसलकर $77 पर आ गया है। रुपये में भी मजबूती है। ट्रंप ने भी कहा है कि वे दोबारा लड़ाई नहीं चाहते। लग रहा है कि कल की गिरावट सिर्फ एक दिन की गिरावट थी

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,250 पर रेजिस्टेंस और 23,950-24,050 पर सपोर्ट है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,600-57,800 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

बाजार में भरोसा हिल गया है। इसलिए क्लोजिंग दिन के हाई से काफी नीचे हो रही है। अभी कुछ दिन इंट्रा-डे ही रहना बेहतर है।

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Jewellery Stocks : ज्वेलरी शेयरों पर जेपी मॉर्गन के बुलिश रिपोर्ट के बाद टाइटन और सेनको गोल्ड में आई तेजी, जानिए क्या कहती है ये रिपोर्ट

Jewellery Stocks : कल की भारी गिरावट के बाद आज बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिल रही है। निफ्टी 150 प्वाइंट से ज्यादा उछलकर 24050 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी में 550 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी नजर आ रही है। छोटे-मझोले शेयरों में भी अच्छी खरीदारी आई है। इसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी के उछाल के साथ आज आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 10% से ज्यादा की गिरावट दिख रही है। यह तेजड़ियों के लिए राहत की बात है।

इस बीच JPMorgan की बुलिश रिपोर्ट के बाद ज्वेलरी शेयरों की चमक बढ़ गई है। कल्याण ज्वेलर्स 15 फीसदी तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना हुआ है। सेनको गोल्ड में भी 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। आइए इस रिपोर्ट पर डालते हैं एक नजर।

ज्वेलरी सेक्टर पर बुलिश जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि गोल्ड रीसाइकलिंग ट्रेंड से ज्वेलरी स्टॉक्स को सपोर्ट मिलने की संभावना है। ग्राहकों के डिमांड पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है। गोल्ड एक्सचेंज स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। रीसाइकलिंग में ग्राहक पुराने गोल्ड का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। हल्के और कम कैरेट (18K/14K) ज्वेलरी की मांग बढ़ी है। रिटेलर एक्सचेंज & एनकैशमेंट स्कीम से फुटफॉल बढ़ा है। ऊंची गोल्ड कीमतों से ग्राहकों के खरीदारी का ट्रेंड बदला है। वित्त 2027 की पहली तिमाही में ज्वेलरी सेक्टर में मांग में मजबूती रही है। ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलर्स के लिए मार्केट शेयर बढ़ाने का मौका है। इससे टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेनको को बड़ा फायदा होगा।

जेपी मॉर्गन ने 5,182 रुपये के टारगेट के साथ टाइटन पर ओवरवेट (Overweight) की रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि बुलियन को छोड़कर तनिष्क, मिया, ज़ोया और बियॉन की रेवेन्यू में सालाना आधार पर 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो अनुमान से बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा कि खरीदारों की संख्या में बढ़ोतरी ‘लो डबल डिजिट’ तक पहुंच गई और टिकट साइज़ भी मजबूत बना रहा है। इसके अलावा, त्योहारों की मांग और सोने की कीमतों में स्थिरता के कारण प्लेन गोल्ड, स्टडेड ज्वेलरी और सोने के सिक्कों की अच्छी मांग से कंपनी के अपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने में मदद मिलनी चाहिए।

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ज्वेलरी कंपनियों की चमक बढ़ी

ज्वेलरी कंपनियों के प्रदर्शन और वैल्यूएशन पर नजर डालें तो पहली तिमाही में टाइटन की आय में 39 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। यह स्टॉक 80 गुना पीई पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, कल्याण ज्वेलर्स की आय में पहली तिमाही में 38 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। यह शेयर 28 80 गुना पीई पर ट्रेड कर रहा है। सेनको गोल्ड की आय में पहली तिमाही में 60 फीसदी की ग्रोथ दिखी है। यह शेयर 10 गुना पीई पर ट्रेड कर रहा है।

 

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Market Insight : बाजार में ऊपरी स्तरों पर बना रहेगा दबाव, फार्मा और डिफेंस के इन शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market Insight : आज गुरुवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिल रही है। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद, आज आई चौतरफा खरीदारी ने बेंचमार्क इंडेक्स में जोश भर दिया है। 11.30 बजे के आसपास सेंसेक्स 514.41 अंक या 0.67 प्रतिशत बढ़कर 77,018.01 पर और निफ्टी 148.15 अंक या 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,030.20 पर दिख रहा था। मार्केट ब्रेथ में भी मजबूती देखने को मिल रही है। 2,633 शेयरों में तेजी आई है। जबकि 940 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर आज बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है।

ऐसे में मार्केट टेक्निकल पर चर्चा करते हुए कोटक सिक्योरिटीज ( Kotak Securities) के श्रीकांत चौहान ने कहा कि उन्हें लगता है कि कल की भारी गिरावट के बाद मार्केट के लिए ऊपरी स्तरों पर टिकना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। निफ्टी में कल 500 अंकों की गिरावट आई थी। अगर हम इसका रिट्रेसमेंट तो यह लगभग 2410 के करीब आता है। यह लेवल मार्केट में एक रेजिस्टेंस का काम करेगा। मार्केट शायद थोड़ा कंसोलिडेट करते हुए नजर आएगा। हायर लेवल पर प्रेशर रहेगा। लेकिन बाजार में वापस स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन सक्रिय हो सकते हैं। आज हमें फार्मा जैसे डिफेंसिव शेयरों में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। सभी फार्मा स्टॉक्स में अच्छा टेक्निकल ब्रेकआउट जैसा फॉर्मेशन बना है।

उन्होंने आगे कहा कि डिवीज लैब्स जैसे भारी वोलेटाइल स्टॉक में भी एक अच्छा टेक्निकल ब्रेकआउट है। फार्मा में आज अच्छा रिवर्सल बना हुआ है। इसके अलावा ईएमएस सेक्टर में भी एक अच्छा रिवर्सल पैटर्न हमें देखने मिल रहा है। कुछ एक डिफेंस स्टॉक्स में भी बाइंग इंटरेस्ट लौट रहा है। इस कॉन्टेक्स्ट के साथ अगर हम देखें तो इस समय सन फार्मा काफी चल चुकने के बाद अभी भी काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक में खरीदारी की जा सकती है। इस स्टॉक में 2200 रुपए का टारगेट हासिल हो सकता है।

वर्तमान स्तरों पर अरबिंदो फॉर्मा के शेयर काफी अच्छा दिख रहा है। यह शेयर 1590-1600 रुपए के रेंज में ट्रेड कर रहा है। इसमें काफी बड़े कंसोलिडेशन के बाद ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है। इस स्टॉक में 1570 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 1650-1660 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

इसके हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स का शेयर भी अच्छा लग रहा है। यह शेयर 4350 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक रैली के बाद इसमें एक छोटा सा ट्रायंगल फॉर्मेशन बन रहा है जो तेजी के जारी रहने के संकेत दे रहा है। इस स्टॉक में हमें 4350-4360 रुपए के आसपास खरीदारी करनी चाहिए। स्टॉपलॉस 4270 रुपए के आसपास रखें। इसमें हमें 4450-4500 के टारगेट मिल सकते हैं।

 

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