इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के स्थानीय निवासी और ऑलराउंडर क्रिकेटर सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद नजदीक खड़े हैं। इसका इशारा तब मिला जब श्रीलंका के मध्यक्रम में एक और बाएं हाथ का बल्लेबाज शामिल हुआ और सारांश को अभ्यास सत्र में काफी मेहनत करते हुए देखा गया। उनको कुलदीप यादव की जगह शामिल करने की आशंका है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 19 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।

Rahul Dravid ने वैभव सूर्यवंशी को दी बड़ी सलाह, बोले- जल्दबाजी न करें

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में बेहरतरीन प्रदर्शन के बाद उनको भारत के टी20 टीम में शामिल किया गया। वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खेल को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव का घरेलू क्रिकेट में सफेद और लाल गेंद दोनों फॉर्मेट में खेलना अच्छी बात है। द्रविड़ ने कहा कि, इतनी कम उम्र में मिले इस मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए वैभव को अपने करियर में बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे उसे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।

दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन वैभव

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलेंगे और रेड-बॉल क्रिकेट में अपना हुनर दिखाएंगे। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के कारण वह घरेलू क्रिकेट में लगातार नहीं खेल पाए थे।

वैभव को दी ये सलाह

क्रिकइन्फो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि करियर में हमेशा संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह अच्छी बात है कि वैभव को IPL के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। साथ ही, उसके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने इस करियर को आगे बढ़ाने का भी पूरा समय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और आगे बढ़ता रहे। इसके लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि आने वाले समय में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेल सकें।”

ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए

राहुल द्रविड़ ने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ वैभव सूर्यवंशी के साथ काम किया था। द्रविड़ का माना कि, रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से वैभव का अनुभव और खेल बेहतर होगा। द्रविड़ ने कहा, “अच्छी बात यह है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उसे अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है, इसलिए उसे समय देने और धैर्य रखने की जरूरत है। उसने शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल की है, लेकिन करियर में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। ऐसे में लोगों को उसके साथ धैर्य रखना चाहिए।”

Mini Mathur: ‘अपनी सलाह अपने पास रखो’, मिनी माथुर ने कहा पुरुष महिलाओं से बच्चे पैदा करने के बारे में पूछना बंद करें

Mini Mathur: मिनी माथुर अमेजन प्राइम वीडियो पर दिखाए गए रियलिटी शो ‘अलायंस’ की विनर बनीं। भारतीय टेलीविजन होस्ट और एक्टर और डायरेक्टर कबीर खान की पत्नी मिनी कई दशकों से इस इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। ‘हॉटरफ्लाई’ (Hauterrfly) के पॉडकास्ट ‘द मेल फेमिनिस्ट’ के एक एपिसोड में, मिनी ने मेनोपॉज के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की और फर्टिलिटी के आधार पर महिलाएं अपने शरीर को जिस नज़रिए से देखती हैं, उससे जुड़े सामाजिक कलंक पर भी चर्चा की। मिनी ने पुरुषों को यह सलाह भी दी कि वे महिलाओं के शरीर पर कमेंट करना हमेशा के लिए बंद कर दें।

मिनी ने क्या कहा

बातचीत के दौरान, मिनी से पूछा गया कि पुरुषों को महिलाओं से क्या कहना बंद कर देना चाहिए। जवाब में मिनी ने कहा, “शारीरिक बनावट पर कमेंट करना। क्या आप थकी हुई लग रही हैं? क्या आपको नींद नहीं आई? क्या आपका वज़न बढ़ गया है? अरे, आपका वज़न कम हो गया? क्या हुआ? दोनों तरफ से, पुरुष और महिलाएं… इस तरह कमेंट करना गलत है। मैंने आपको अपने और अपनों बीच की दूरी कम करने की इजाज़त कब दी? कि आप मेरे शरीर को देखें और उस पर कमेंट करें?”

उन्होंने आगे कहा, “थोड़ी शारीरिक दूरी बनाए रखें। महिलाओं से यह पूछना कि बच्चों का क्या? एक और बच्चा कर लो। इसमें बहुत मज़ा आता है… अपनी सलाह अपने पास रखिए। जब ​​पूछा जाए, तभी जवाब दें। और लोगों को हाउसवाइफ़, होममेकर कहना बंद करें! इससे मुझे चिढ़ होती है। मैं एक होममेकर हूं और मैं काम भी करती हूं, लेकिन मुझे होममेकर होने पर गर्व है। इसलिए मुझे देखकर यह पूछने की हिम्मत न करें कि मैं काम क्यों नहीं कर रही हूं? मैं कई चीज़ों पर काम कर रही हूं जिनके बारे में आप जानते भी नहीं हैं!”

मिनी माथुर के करियर के बारे में

मिनी माथुर ने अपने टेलीविजन करियर की शुरुआत आर. माधवन के साथ ‘टोल मोल के बोल’ शो से की थी और इसके बाद कई सालों तक MTV VJ रहीं। सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में काम करने के बाद वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं। तब से उन्होंने टेलीविज़न, स्ट्रीमिंग और फ़िल्मों में काम किया है, जिसमें ‘माइंड द मल्होत्राज़’ सीरीज़ भी शामिल है। एक मुश्किल सर्टिफ़िकेशन कोर्स पूरा करने के बाद, वह मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) पर खास ध्यान देने वाली सर्टिफ़ाइड विमेंस हेल्थ कोच भी बनीं।

उन्होंने 40 और उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को इस बदलाव के दौर से आसानी से गुज़रने में मदद करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम कम्युनिटी ‘पॉज़िटिव’ (Pauseitive) की भी घोषणा की। हेल्थ से जुड़े इस प्लेटफ़ॉर्म का विचार उनके अपने अनुभवों से आया।

मिनी अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहती हैं, “मेरी अपनी हेल्थ जर्नी तब शुरू हुई जब मुझे ऐसे लक्षण महसूस होने लगे जो मुझे अपने पुराने रूप जैसे नहीं लग रहे थे। मुझे हॉट फ़्लैश होने लगे, रात में पसीना आता था, ठीक से नींद नहीं आती थी, जोड़ों में दर्द होता था, ‘ब्रेन फ़ॉग’ (सोचने-समझने में दिक्कत) महसूस होता था और थोड़ी याददाश्त भी कमज़ोर हो गई थी – आप समझ सकते हैं कि एक टेलीविज़न प्रेजेंटर के लिए यह कितनी बड़ी परेशानी हो सकती है। मैं जिस भी डॉक्टर के पास गई, उन्होंने सिर्फ़ लक्षणों का इलाज किया, असली वजह का नहीं। मुझे पता था कि इसके पीछे कोई गहरी वजह है और तभी मैंने सवाल पूछना शुरू किया।”

Mercury Transit 2026: बुध का स्वराशि कन्या में होगा प्रवेश, इन 5 राशियों के जातकों की होगी मौज और खुलेंगे तरक्की के दरवाजे

Mercury Transit 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह का सितंबर में बड़ा गोचर होने वाला है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, गणना और संचार का कारक माना जाता है। सितंबर में ग्रहों के राजकुमार बुध का गोचर कन्या राशि में होने वाला है। जब बुध अपनी स्वराशि कन्या में प्रवेश करते हैं तो उनकी स्थिति बेहद मजबूत मानी जाती है। बुध ग्रह का कन्या राशि में गोचर (प्रवेश) एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है। बुध ग्रह कन्या राशि के स्वामी हैं, इसलिए कन्या राशि में उनका आना उनकी उच्च स्थिति और स्वराशि का गोचर माना जाता है।

बुध गोचर का समय और तारीख

कन्या राशि में प्रवेश : 7 सितंबर 2026 (सोमवार)

समय : दोपहर लगभग 1:22 – 1:35 बजे

अवधि : 7 सितंबर 2026 से 26 सितंबर 2026 तक (लगभग 19 से 20 दिन)

अगला गोचर : 26 सितंबर 2026 को बुध तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

गोचर का ज्योतिषीय महत्व

अपनी ही राशि कन्या में प्रवेश करने से बुध ‘भद्र पंच महापुरुष राजयोग’ का निर्माण करेंगे, जो बुद्धि, निर्णय क्षमता और व्यापार के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। कन्या राशि में बुध के रहने से विश्लेषणात्मक क्षमता, गणितीय कौशल, संचार कौशल, तर्कशक्ति और एकाग्रता में भारी सुधार आता है।

इन 5 राशियों के लिए खूब फलदायी है बुध का गोचर

वृष राशि : वृषभ राशि वालों के लिए बुध का कन्या में गोचर आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। निवेश, बचत और आय को लेकर बनाई गई योजनाएं फायदा दे सकती हैं। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं। ऐसे में कन्या राशि में बुध का गोचर आपके लिए कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरी करने वाले जातकों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी बातों और सुझावों को महत्व मिल सकता है।

कन्या राशि : बुध का कन्या राशि में प्रवेश इनके आर्थिक पक्ष को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि, इंसेंटिसें व या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत मिल सकते हैं। कारोबार में अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और निर्णय लेने की क्षमता की सराहना हो सकती है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। व्यापार में लाभ बढ़ाने के लिए नई रणनीति कारगर साबित हो सकती है।

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Putrada Ekadashi Date and Muhurat: 23 अगस्त को होगा सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत, खास संयोग में पूजा से पूरी होगी संतान की मनोकामना

Sawan Putrada Ekadashi Date and Muhurat: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत जब सावन माह में होता है, तो श्री हरि के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा का भी संयोग प्राप्त होता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाता है। इस साल यह व्रत 23 अगस्त रविवार के दिन पड़ रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो दंपत्ति संतान सुख से वंचित हैं या जिनकी संतान के जीवन में स्वास्थ्य या करियर से जुड़ी समस्याएं आ रही हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी होता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से समस्त पापों का नाश होता है और संतान सुख एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से संतान से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और संतान के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

खास बात यह है कि सावन का महीना होने के कारण इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 को बताया कि रविवार के दिन पुत्रदा एकादशी का पड़ना भी एक बड़ा संयोग है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। सावन का महीना होने के कारण भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय

इस बार एकादशी तिथि 23 अगस्त 2026 की रात 2 बजे से शुरू होगी और 24 अगस्त 2026 की सुबह 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। भगवान विष्णु की पूजा के लिए 23 अगस्त को सुबह 7 बजकर 32 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक का समय सबसे शुभ है।

पुत्रदा एकादशी व्रत पारण समय

व्रत का पारण 24 अगस्त 2026 को दोपहर 1 बजकर 41 मिनट से शाम 4 बजकर 16 मिनट के बीच किया जा सकेगा।

हरि और हर की पूजा का दुर्लभ संयोग

सावन की आखिरी एकादशी में भगवान शिव की आराधना के साथ पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। यही कारण है कि इस दिन शिव और विष्णु की संयुक्त आराधना को लेकर धार्मिक आस्था और भी बढ़ जाती है।

संतान इच्छुक दंपति जरूर रखें व्रत

पुत्रदा एकादशी का व्रत खासतौर पर संतान की कामना रखने वाले दंपत्तियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। संतान इच्छुक दंपत्ति इस दिन श्रद्धा के साथ व्रत रखकर भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों की मनोकामना पूरी हो सकती है और संतान पर भगवान की कृपा बनी रहती है।

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UN में चीफ गुटेरेस की जगह किसे मिलेगी:आज दूसरे दौर की वोटिंग, रेस में 8 दावेदार, कोस्टा रिका की ग्रिन्सपैन सबसे आगे

संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंतोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। उनके बाद अगला महासचिव चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस पद के लिए इस समय 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 मेंबर सीक्रेट वोटिंग के जरिए इन उम्मीदवारों के समर्थन का अंदाजा लगा रहे हैं। पिछले महीने हुए पहले अनौपचारिक मतदान में कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन सबसे आगे रहीं। आज शुक्रवार को दूसरे दौर का अनौपचारिक मतदान होगा। इसके बाद भी कई अनौपचारिक पोल हो सकते हैं, जिनमें धीरे-धीरे उम्मीदवारों की संख्या कम होगी। अक्टूबर में औपचारिक चुनाव हो सकते हैं। UN चीफ कैसे चुना जाता है? संयुक्त राष्ट्र का महासचिव सीधे जनता या सभी देशों के वोट से नहीं चुना जाता। पहले सुरक्षा परिषद उम्मीदवारों पर विचार करती है और गुप्त मतदान के जरिए यह पता लगाती है कि किस उम्मीदवार को कितना समर्थन मिल रहा है। सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। किसी उम्मीदवार को आगे बढ़ने के लिए कम से कम 9 वोट मिलने जरूरी हैं। लेकिन 9 वोट हासिल करना ही काफी नहीं है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस में से किसी एक का वीटो भी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं होना चाहिए। इसके बाद सुरक्षा परिषद जिस उम्मीदवार पर सहमत होती है, उसका नाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के पास भेजा जाता है। महासभा की मंजूरी के बाद वह संयुक्त राष्ट्र का नया महासचिव बनता है। गुटेरेस का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। इसलिए उससे पहले नए महासचिव के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इस रेस में शामिल 8 उम्मीदवारों का बैकग्राउंड अलग-अलग है। इनमें पूर्व राष्ट्रपति, वरिष्ठ राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र के बड़े पदों पर काम कर चुके लोग शामिल हैं। जानते हैं कौन-कौन इस दौड़ में है और किसकी क्या दावेदारी है। 1. रेबेका ग्रिन्सपैन- कोस्टा रिका 70 साल की रेबेका ग्रिन्सपैन फिलहाल इस रेस में सबसे आगे चल रही हैं। पिछले महीने हुए पहले अनौपचारिक मतदान में उन्हें सबसे ज्यादा समर्थन मिला था। ग्रिन्सपैन कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति हैं और संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास संगठन की प्रमुख हैं। उन्होंने महासचिव पद के लिए प्रचार करने के लिए अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों से छुट्टी ली है। अगर ग्रिन्सपैन चुनी जाती हैं तो वह संयुक्त राष्ट्र की पहली महिला और पहली यहूदी महासचिव होंगी। उनके माता-पिता द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप से भागे यहूदी शरणार्थी थे। विवाद: UNDP में काम करने के दौरान महंगे निजी विमान के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे। दुबई से ले जाने के लिए UN का चार्टर्ड विमान इस्तेमाल किया, जिसका खर्च करीब 40 हजार डॉलर था। 2. मिशेल बाचेलेट- चिली 74 साल की मिशेल बाचेलेट चिली की समाजवादी नेता हैं। वह 2006 में चिली की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं। इसके बाद उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख के रूप में काम किया। मानवाधिकार प्रमुख रहते हुए बाचेलेट ने चीन के शिनजियांग में उइगर मुसलमानों की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की थी। इसे लेकर चीन ने उनकी आलोचना की थी। बाचेलेट को मेक्सिको और ब्राजील का समर्थन मिला है। हालांकि, दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जोस एंतोनियो कास्ट के सत्ता में आने के बाद चिली ने उनका समर्थन वापस ले लिया। अमेरिका भी उनके गर्भपात के अधिकारों से जुड़े रुख को लेकर उनकी आलोचना करता रहा है। विवाद: बाचेलेट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख रहते हुए भारत के कश्मीर और नागरिकता से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए थे। 2019 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में संचार पर रोक और नेताओं की हिरासत पर चिंता जताई थी। भारत ने उनके बयान को गलत और अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया था। 3. मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा- इक्वाडोर 61 साल की मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री हैं। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। एस्पिनोसा का कहना है कि दुनिया की साझा समस्याओं से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सबसे अहम वैश्विक मंच है। हालांकि, वह संगठन में बड़े सुधार की भी वकालत करती हैं। उनकी उम्मीदवारी को एंटीगुआ और बारबुडा का समर्थन मिला है, लेकिन उनके अपने देश इक्वाडोर ने उनका समर्थन नहीं किया है। विवाद: एस्पिनोसा के राजनीतिक करियर में विवाद भी रहे हैं। 2019 में इक्वाडोर की संसद में उन्हें पद से हटाने की कोशिश हुई थी। उन पर विदेश मंत्री रहते हुए जूलियन असांजे को नागरिकता देने और कोलंबिया सीमा पर सुरक्षा संकट से ठीक से न निपटने के आरोप लगे थे। हालांकि, उन्हें हटाने के लिए जरूरी वोट नहीं मिले और वह पद पर बनी रहीं। 4. राफेल मारियानो ग्रॉसी- अर्जेंटीना 65 साल के राफेल मारियानो ग्रॉसी अर्जेंटीना के करियर राजनयिक हैं। वह 2019 से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के (IAEA) प्रमुख हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूक्रेन के जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र को लेकर ग्रॉसी पिछले कुछ सालों से चर्चा में रहे हैं। महासचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने IAEA चीफ का पद नहीं छोड़ा है। उनका कहना है कि पद छोड़ना अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा होगा। ग्रॉसी चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र दुनिया में होने वाले बड़े संकटों में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाए और संगठन में जरूरी बदलाव किए जाएं। विवाद: ईरान इन पर पक्षपात करने का आरोप लगाता रहा है। 2025 में IAEA की रिपोर्ट के बाद ईरान ने कहा था कि इससे उसके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुला। ग्रॉसी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट जांच के आधार पर तैयार की गई थी। 5. कैरोलिन रोड्रिग्स बिर्केट- गुयाना 52 साल की कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री हैं। वह गुयाना के आदिवासी समुदाय से आती हैं और सिर्फ 27 साल की उम्र में मंत्री बनी थीं फिलहाल वह संयुक्त राष्ट्र में अपने देश की राजदूत हैं। उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र को दुनिया में अपनी विश्वसनीयता फिर से स्थापित करने की जरूरत है। विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं 6. इवोन ए-बाकी- इक्वाडोर 75 साल की इवोन ए-बाकी इक्वाडोर की राजनयिक और नेता हैं। वह अमेरिका में इक्वाडोर की राजदूत रह चुकी हैं। इस दौरान उनके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अच्छे संबंध रहे। उनकी उम्मीदवारी का प्रस्ताव टोंगा ने रखा है। खाड़ी देशों से भी उनके अच्छे रिश्ते हैं। वह कतर में इक्वाडोर की राजदूत रह चुकी हैं। विवाद: डोनाल्ड ट्रम्प से पुरानी दोस्ती है। 2004 में इक्वाडोर में मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता कराने में भी उनकी भूमिका थी, तब ट्रम्प इस प्रतियोगिता के मालिक थे। विरोधी आरोप लगाते हैं कि ट्रम्प से उनके निजी संबंधों का इस्तेमाल इक्वाडोर-अमेरिका संबंधों में कितना किया जा रहा है। 7. मैकी साल- सेनेगल 64 वर्षीय मैकी साल सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति हैं। वह अफ्रीकी संघ के मौजूदा अध्यक्ष भी हैं। मैकी अपने अभियान में शांति और विकास को सबसे जरूरी मुद्दा बता रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी का प्रस्ताव बुरुंडी ने रखा था और जुलाई में सेनेगल ने भी उनका समर्थन कर दिया। विवाद: राष्ट्रपति रहते हुए 2021 से 2024 के बीच सेनेगल में कई हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों को संभालने के उनके तरीके पर सवाल उठे थे। इस दौरान कई लोगों की मौत हुई थी। 8. ओलारा ओटुन्नु- युगांडा 75 साल के ओलारा ओटुन्नु संयुक्त राष्ट्र में युगांडा के राजदूत भी रह चुके हैं। वह कुछ समय के लिए अपने देश के विदेश मंत्री भी रहे। 2011 में उन्होंने युगांडा पीपुल्स कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह लंबे समय से सत्ता में मौजूद राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी से चुनाव हार गए। विवाद: कोई बड़ा विवाद नहीं पहले दौर की वोटिंग में ग्रिन्सपैन को 10 वोट पहले दौर की अनौपचारिक वोटिंग यानी पहला स्ट्रॉ पोल 30 जुलाई 2026 को हुआ था। इसमें कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन सबसे आगे रहीं। तब रेस में 7 उम्मीदवार थे। इवोन ए-बाकी इस वोटिंग में शामिल नहीं थीं। वह 18 अगस्त को आठवीं उम्मीदवार बनीं।

डोपिंग के कारण भारत के इस भाला फेंक खिलाड़ी पर लगा 10 साल का प्रतिबंध

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ओलंपियन शिवपाल सिंह को दूसरे डोपिंग अपराध के लिए गुरुवार को 10 साल का निलंबन सौंपा गया। 31 वर्षीय भाला फेंकने वाले, जिन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, को प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड मेथेनडिएनोन के लिए सकारात्मक परीक्षण के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) अनुशासन पैनल द्वारा मंजूरी दे दी गई थी।

शिवपाल सिंह का नवीनतम निलंबन 2021 में उनके पहले डोपिंग अपराध के बाद आया है, जब प्रतियोगिता से बाहर परीक्षण के दौरान उनके नमूने का स्टेरॉयड के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया था। बाद में नाडा एंटी-डोपिंग अनुशासनात्मक पैनल ने अगस्त 2022 में उन पर 2021 तक का चार साल का प्रतिबंध लगा दिया।

हालाँकि, शिवपाल सिंह ने नाडा के अपील पैनल के समक्ष सफलतापूर्वक तर्क दिया कि उनका सकारात्मक परीक्षण दूषित खुराक के परिणामस्वरूप हुआ था। जनवरी 2023 में, पैनल ने उनके तर्क को स्वीकार कर लिया और निलंबन को चार साल से घटाकर एक साल कर दिया।

इसके बाद शिवपाल सिंह ने अप्रैल 2023 में प्रतियोगिता में वापसी की और गोवा में राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से पहले जून में भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतर-राज्य चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। उनकी नवीनतम मंजूरी प्रभावी रूप से उनके करियर पर पर्दा डाल सकती है, 10 साल का प्रतिबंध उन्हें उनके प्रतिस्पर्धी वर्षों से काफी आगे ले जाएगा।

शिवपाल सिंह के करियर का मुख्य आकर्षण दोहा में 2019 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आया, जहां उन्होंने 86.23 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। भारतीय एथलीट की आखिरी प्रतिस्पर्धी उपस्थिति मार्च 2025 में इंडियन ओपन थ्रो प्रतियोगिता में हुई, जहां वह उपविजेता रहे।

Govinda: जब गोविंदा ने शाहरुख खान से लेकर आमिर तक के स्टारडम पर किया था कमेंट, यूजर्स बोले- सब टिके रहे…वे ही खो गए

Govinda: 1990 के दशक के मशहूर स्टार गोविंदा, जिन्होंने कभी शाहरुख खान और आमिर खान के स्टारडम पर तंज कसा था, पिछले एक साल से अपनी पत्नी सुनीता आहूजा के साथ चल रहे सार्वजनिक झगड़े की वजह से सुर्खियों में हैं। अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और लगातार ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले सुपरस्टार गोविंदा के बारे में अब उनकी फिल्मों से ज़्यादा उनकी उथल-पुथल भरी शादीशुदा जिंदगी की चर्चा हो रही है। उनकी आखिरी फिल्म ‘रंगीला राजा’ 2019 में रिलीज हुई थी।

19 अगस्त को मामला तब बदला जब 59 वर्षीय सुनीता आहूजा ने पिछले साल दायर किया गया तलाक का केस वापस ले लिया है। खबर है कि 61 वर्षीय गोविंदा एक नई फिल्म पर काम कर रहे हैं, जिसमें उनके साथ काफी कम उम्र की एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार हैं। लेकिन फिल्म से ज्यादा गोविंदा और कोमल के कथित अफेयर ने लोगों का ध्यान खींचा।

एक X यूजर ने 1990 के दशक में अपने करियर के पीक पर दिए गए गोविंदा के एक मैगज़ीन इंटरव्यू के दौरान किए गए बड़े-बड़े दावों को शेयर किया। इसमें गोविंदा ने कहा, “देखते हैं आमिर, सलमान, शाहरुख और अजय कब तक टिक पाते हैं!” इंटरव्यू के दौरान एक्टर ने यह भी कहा, “हिट देने के लिए मुझे श्रीदेवी या माधुरी की जरूरत नहीं है।”

गोविंदा ने अमिताभ बच्चन को भी नहीं बख्शा, जिनके साथ उन्होंने 1998 में ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में काम किया था। एक और तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “अमिताभ ने भी पिछले दस सालों में कहां कोई हिट दी है?” जैसे ही X पोस्ट शेयर हुई, उस पर ढेरों कमेंट आने लगे।

एक यूजर ने लिखा, “सब टिके रहे, बस वो नहीं।” दूसरे यूजर ने लिखा, “घमंड अंधा कर देता है।”एक और कमेंट में लिखा था, “अति आत्मविश्वास से कुछ हासिल नहीं होता, भाई। देखो, अगर वो सुनीता के प्रति वफादार होता, तो कर्म का फल मिल जाता। ये सारे चिंदी खान उसके चमचे बनकर खड़े होते – अफसोस, बहुत जल्दी जाना पड़ा।”

एक और कमेंट में लिखा था, “वो एक बेहतरीन ऑल-राउंड एंटरटेनर थे। लेकिन उनका अहंकार और घमंड ही उनके पतन का कारण बना। वरना, उनके साथ काम करने वाले सभी अभिनेता उनके सामने फीके लगते थे। साथ ही, जब भी मुझे अवतार फिल्म के बारे में उनकी कही बात याद आती है, तो लगता है कि वो मानसिक रूप से बीमार हैं।”

एक और कमेंट में लिखा था, “उनका घमंड ही उनके पतन का कारण बना।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “एसआरके के 10वें मैनेजर के पास गोविंदा से भी ज्यादा पैसा है। अंत में केवल बुद्धिमान और विनम्र ही टिक पाते हैं।”

सलमान खान और गोविंदा के बीच अनबन की अफवाहें

इस पोस्ट में गोविंदा ने सलमान खान पर तंज भी कसा है। अगर आप फिल्म प्रेमी हैं, तो आप जानते ही होंगे कि दोनों के बीच ‘पुराना इतिहास’ रहा है। गोविंदा ने एक बार 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जुड़वा’ की कास्टिंग को लेकर चल रही चर्चाओं को हवा दी थी। एक पुराने इंटरव्यू में गोविंदा ने बताया था कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने के बाद भी सलमान खान ने उन्हें सीधे तौर पर प्रोजेक्ट छोड़ने के लिए कहा था।

2019 में बॉलीवुड हंगामा को दिए एक इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा था, “उस समय मैं ‘जुड़वा’ कर रहा था और किसी दिन सलमान ने मुझे 2-3 बार फोन किया और कहा कि ‘छीची भैया, आप कितनी हिट दोगे यार?'” मैंने बोला, क्या हुआ? वो बोला, ‘वो जो पिक्चर आप कर रहे हो, जुड़वा, वो आप बंद कर दीजिए और वो मुझे दे दीजिए।’

उन्होंने आगे कहा, “सलमान ने कहा ‘निर्देशक डेविड धवन भी आपको मुझे देना पड़ेगा। निर्माता साजिद नाडियाडवाला भी मैंने आपके साथ काम किया।’ निर्देशक और निर्माता। इसलिए फिल्म, जो पहले से ही निर्माणाधीन थी, रोक दी गई, बंद कर दी गई और अंतत सलमान को सौंप दी गई।”

गोविंदा और सुनीता आहूजा का उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता

पिछले साल से ही गोविंदा और सुनीता के तलाक की खबरें ऑनलाइन चल रही हैं। कुछ महीने पहले सुनीता आहूजा के कुछ इंटरव्यू में अपनी निजी बातें बताने के बाद, गोविंदा और सुनीता के रिश्ते में खटास की अटकलें और तेज़ हो गईं। इन अफ़वाहों के बीच, ETimes की एक रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया, “सुनीता ने कुछ महीने पहले अलग होने का नोटिस भेजा था, लेकिन तब से इस मामले में कोई आगे की कार्रवाई नहीं हुई है।”

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि पिछले साल दोनों के बीच सुलह हो गई थी। हाल ही में, जब गोविंदा को एयरपोर्ट पर कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया, तो सुनीता आहूजा ने उन पर तंज कसते हुए उन्हें ‘शुगर डैडी’ कहा। गोविंदा ने एक वीडियो मैसेज में सबके सामने सुनीता की ‘अपमानजनक’ भाषा के इस्तेमाल का जवाब दिया। गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी मार्च 1987 में हुई थी। दोनों ने 1988 में अपनी बेटी टीना के जन्म के बाद तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। कई साल बाद, 1997 में उनके बेटे यशवर्धन का जन्म हुआ।

ऑस्ट्रेलिया से पुर्तगाल पहुंच बना कप्तान और जड़ दिए 51 गेंदों में 111 रन

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बिग बैश लीग (BBL) और ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले मोइसेस हेनरिक्स ने  टी-20 विश्वकप क्वालिफायर में 51 गेंदों में 111 रनों की आतिशी पारी खेली है। इस पारी में 12 चौके और 7 छक्के शामिल थे। लेकिन यह पारी उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं बल्कि पुर्तगाल के लिए खेली है।हाल ही में उन्होंने अपने जन्मस्थान पुर्तगाल से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई थी। वह पुर्तगाल टीम के कप्तान बने और आज क्वालिफायर में आतिशी पारी खेल डाली।यह पारी उन्होंने यूरोप सब क्वालिफायर में चेकिया देश के खिलाफ खेली।

मोइसेस हेनरिक्स ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जो कभी भी किसी विश्व खिताब का हिस्सा नहीं रहे क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में कभी कभार ही मौके मिले। 39 साल के हेनरिक्स ने मार्च 2025 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन पिछले समर में न्यू साउथ वेल्स के लिए ए लिस्ट क्रिकेट खेला और जनवरी में सिक्सर्स को BBL फाइनल तक पहुंचाया। उन्हें सिक्सर्स के साथ नया अनुबंध नहीं मिला और BBL की दूसरी टीमों की दिलचस्पी के बावजूद उन्होंने एक ही क्लब के लिए खेलने वाले खिलाड़ीके तौर पर अपना करियर खत्म करने का फैसला किया।

ऐसा रहा करियर

उन्होंने BBL के सभी 15 सीजन में 154 मैच खेले है, जिसमें उनके पहले और आखिरी सीज़न का फ़ाइनल भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में सभी फ़ॉर्मेट में हेनरिक्स के 420 घरेलू मैचों से ज़्यादा किसी ने नहीं खेले हैं; इसमें NSW के लिए 110 प्रथम श्रेणी मैच और 112 A List मैच शामिल हैं। उन्होंने NSW के लिए 38 टी-20 मैच और 2012-13 में चैंपियंस लीग जीतने वाली सिक्सर्स टीम के लिए छह मैच भी खेले। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। उनके नाम 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 T-20I मैच दर्ज हैं।

Apoorva Mukhija: भारत छोड़ने के बाद अपूर्वा मुखिजा ने शेयर की पहली पोस्ट, न्यूयॉर्क MBA डेस्टिनेशन का चला पता

Apoorva Mukhija: अपूर्वा मुखिजा हाल ही में ‘अनट्रिगर्ड बाय अमीनजैज’ (Untriggered by AminJaz) पॉडकास्ट में नजर आईं और बताया कि वह अब भारत में नहीं रहती हैं। इन्फ्लुएंसर ने बताया कि वह MBA करने के लिए न्यूयॉर्क चली गई हैं, जो उस शहर में रहने की उनकी लंबे समय से चली आ रही इच्छा को भी पूरा करता है।

हाल ही में एक इंस्टाग्राम स्टोरी में, उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर खड़े होकर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। इन्फ्लुएंसर शहर में रहने, MBA करने, डॉर्म में रहने और स्टूडेंट लाइफ में वापस लौटने को लेकर उत्साहित हैं।

अपूर्वा मुखिजा ने MBA के लिए न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया

इन्फ्लुएंसर को कैंपस के अंदर पोज देते हुए देखा गया, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट-फिट जींस और नीले रंग का टैंक टॉप पहना था जिस पर “NYC” लिखा था। कैप्शन में लिखा था, “भले ही मैं न्यूयॉर्क में रहती हूं, लेकिन मुझे अभी भी टूरिस्ट की तरह तैयार होना पसंद है।”

25 साल की डिजिटल क्रिएटर ने बताया कि उन्होंने ‘पास्ट मॉडर्न’ (Past Modern) कलेक्शन का टॉप पहना था। एक और स्टोरी में, उन्होंने बताया कि उन्होंने उसी ब्रांड से एक और टॉप खरीदा था, जिस पर मोतियों से न्यूयॉर्क की स्काईलाइन की कढ़ाई की गई थी।

अपूर्वा मुखिजा न्यूयॉर्क क्यों गईं?

पॉडकास्ट पर बात करते हुए इन्फ्लुएंसर ने बताया, “मैंने काफी ट्रैवल किया है, और जब मैं न्यूयॉर्क पहुंची, तो मुझे लगा कि ‘मैं सच में यहीं रहना चाहती हूं।’ इस शहर में कुछ तो खास बात है। यहां की जिंदगी बहुत तेज-तर्रार है, लोग बहुत अच्छे कपड़े पहनते हैं, खाना बहुत बढ़िया है और मुझे यहां का आर्किटेक्चर बहुत पसंद है। मैंने अपनी पसंदीदा हर वेब सीरीज में न्यूयॉर्क देखा है, इसलिए मैं हमेशा से वहां रहना चाहती थी। मैंने न्यूयॉर्क के सिर्फ़ एक कॉलेज में अप्लाई किया और मेरा एडमिशन हो गया।”

उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क जाना हमेशा से उनका सपना था, लेकिन इस बदलाव के दौरान उन्हें घबराहट भी हो रही थी। MBA करने, डॉर्म रूम में रहने और फिर से स्टूडेंट बनने के लिए उन्होंने भारत में अपने दोस्तों, करियर और जानी-पहचानी चीज़ों को पीछे छोड़ दिया।

अपूर्वा ने आगे बताया कि इस कदम के पीछे एक वजह अपना सोशल सर्कल बढ़ाना और नए लोगों से मिलना भी था। उन्होंने कहा कि वह अपना बिज़नेस शुरू करना चाहती थीं, लेकिन इसके लिए उन्हें लॉजिस्टिक्स और कंपनी चलाने के दूसरे पहलुओं के बारे में सीखना ज़रूरी था। इसी मकसद से उन्होंने बिज़नेस की पढ़ाई करने का फैसला किया। इन्फ्लुएंसर ने अपने फ़ैन्स को भरोसा दिलाया कि वह न्यूयॉर्क से कंटेंट शेयर करती रहेंगी, लेकिन उन्होंने लगातार ऐसा करने का कोई वादा नहीं किया।