Guru Purnima 2026: 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर 56 साल बाद एक साथ 3 राजयोगों का बना दुर्लभ संयोग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Guru Purnima 2026: हिंदू धर्म में आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चारों वेदों और महाभारत के रचयिता ऋषि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही, इस दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा लोग अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं और उनका आभार जताते हैं।

माना जाता है कि इस दिन जो लोग अपने माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों को अपना गुरु मानकर उनका सम्मान करते हैं, उन्हें सद्गति प्राप्त होती है। इस दिन अपने गुरु के पास जाकर उनके चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। इस बार गुरु पूर्णिमा पर ग्रहों का बहुत अद्भुत और शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ऐसा संयोग 56 वर्षों में पहली बार देखने को मिल रहा है। आइए जानें इस दिन की विशेष पूजा विधि, मुहूर्त और इस दिन बन रहे 3 राजयोगों के बारे में

गुरु पूर्णिमा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई 2026 को शाम 06:18 बजे से होगी। इसका समापन 29 जुलाई को रात 08:05 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।

सत्यनारायण व्रत और गुरु पूजन का समय

29 जुलाई को सुबह 05:41 बजे से लेकर प्रातः 09:47 बजे तक पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त रहेगा। इस दौरान आप सत्यनारायण भगवान की कथा और अपने गुरु का पूजन कर सकते हैं।

56 साल बाद बन रहे हैं 3 राजयोग

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार गुरु पूर्णिमा पर एक साथ 3 राजयोगों का निर्माण हो रहा है। इस दिन बुधादित्य राजयोग, शश महापुरुष और हंस राजयोग बन रहा है। बुधादित्य राजयोग सूर्य और बुध की युति से बनता है, जो बौद्धिक क्षमता, करियर और मान-सम्मान में वृद्धि करेगा। वहीं, इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण शश राजयोग जैसे शक्तिशाली योग भी बन रहे हैं।

गुरु पूर्णिमा पूजा मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:17 से 04:59 बजे तक

प्रातःकाल पूजा का श्रेष्ठ समय : सुबह 05:41 से 09:05 बजे तक

विजय मुहूर्त : दोपहर 02:43 से 03:37 बजे तक

सांध्यकाल मुहूर्त : शाम 07:14 से रात 08:17 बजे तक

राहुकाल : दोपहर 12:27 PM से 02:08 PM बजे तक

पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और गुरु/महर्षि वेदव्यास जी का ध्यान करके व्रत/पूजन का संकल्प लें।

महर्षि वेदव्यास जी (आदि गुरु) के चित्र या मूर्ति पर रोली, चंदन, अक्षत और पीले फूल अर्पित करें।

अपने प्रत्यक्ष गुरुजनों का आशीर्वाद लें, वस्त्र/फल/दक्षिणा भेंट करें और उनका पूजन करें।

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Rising Bharat Summit: जैकी भगनानी से शादी के बाद रकुल प्रीत सिंह की लाइफ में नहीं आया कोई फर्क, बोलीं- ‘नहीं हुआ खास बदलाव’

Rising Bharat Summit: शुक्रवार को बेंगलुरु में हुए News18 राइजिंग भारत समिट में रकुल प्रीत सिंह ने प्रोड्यूसर-एक्टर जैकी भगनानी से शादी के बाद की ज़िंदगी के बारे में बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि उनका रिश्ता शादीशुदा जिंदगी में इतनी आसानी से बदल गया है कि उन्हें कोई खास फर्क महसूस नहीं होता।

इस इवेंट में बातचीत के दौरान, रकुल ने पिछले कुछ सालों के अपने सफर को याद किया और बताया कि कैसे शादी ने उनके रिश्ते की नींव को बदले बिना उनकी ज़िंदगी में एक नया अध्याय जोड़ा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सिर्फ़ एक एक्टर से एंटरप्रेन्योर और अब एक पत्नी बनने के सफ़र से गुज़री हैं, तो रकुल हंसीं और बोलीं, “मैं सोच रही थी कि एंटरप्रेन्योर के बाद क्या आता है! ओह हां, पत्नी।”

यह पूछे जाने पर कि शादीशुदा ज़िंदगी अब तक कैसी रही है, एक्ट्रेस ने कहा कि वह और जैकी इस नए दौर में आसानी से ढल गए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है – नो नजर -अभी सिर्फ़ ढाई साल ही हुए हैं, लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि हमें कोई फ़र्क महसूस नहीं होता। हम दोनों ज़िंदगी के इस दौर में बहुत आसानी से ढल गए हैं। यह बहुत अच्छा लग रहा है।”

बातचीत के दौरान, रकुल से यह भी पूछा गया कि क्या किसी फ़िल्मी परिवार में शादी करने से उनके क्रिएटिव फ़ैसलों या एक एक्टर के तौर पर चुने गए प्रोजेक्ट्स पर कोई असर पड़ा है। एक्ट्रेस ने तुरंत साफ़ किया कि उनका रिश्ता हमेशा दो लोगों के बीच रहा है, न कि उनके प्रोफेशन के आधार पर। शुरू में, जब हमने डेटिंग शुरू की, तो बात हमेशा दो लोगों के बीच की थी। ऐसा नहीं था कि ‘अरे, वह फ़िल्म इंडस्ट्री से हैं, इसलिए वह अपने-आप मेरे प्रोफेशन को समझ लेंगे।

उन्होंने कहा कि यह कपल अपने करियर की वजह से नहीं, बल्कि ज़िंदगी के प्रति एक जैसी सोच की वजह से एक-दूसरे से जुड़ा। “हम सच में एक-दूसरे के साथ घुल-मिल गए क्योंकि हम अंदर से काफ़ी एक जैसे हैं, खासकर जब बात हमारे लाइफ़स्टाइल और वैल्यूज़ की आती है।”

रकुल ने आगे बताया कि वह और जैकी दोनों ही अपने प्रोफेशनल फ़ैसले आज़ादी से लेते हैं और एक-दूसरे के करियर से जुड़े मामलों में दखल नहीं देते।

8वें वेतन आयोग पर आया बड़ा अपडेट! अब केंद्रीय कर्मचारी 7 और 10 अगस्त के लिए कर लें पूरी तैयारी

8th Pay Commission updates: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अगले पे रिवीजन के लिए जारी हलचल के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने दिल्ली स्थित केंद्रीय कर्मचारियों के संघों, फेडरेशनों और यूनियनों के साथ वार्ता करने के लिए तारीख का ऐलान कर दिया है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक 8वें वेतन आयोग ने दिल्ली में स्थित या पंजीकृत कर्मचारी यूनियनों को 7 अगस्त और 10 अगस्त को आयोग के साथ बातचीत करने का निमंत्रण दिया है। यह बैठकें अगली सैलरी रिवीजन पर चल रहे विचार-विमर्श की प्रक्रिया के तहत आयोजित की जा रही हैं।

23 जुलाई के नोटिस में आयोग ने क्या कहा?

वेतन आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले स्टेकहोल्डर्स की सिफारिशें और विचार जानने के लिए यह परामर्श प्रक्रिया शुरू की है। 23 जुलाई को जारी अपने नोटिस में आयोग ने कहा कि वह सिर्फ दिल्ली में स्थित या पंजीकृत केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश (UT) के कर्मचारियों के संघों, परिसंघों और यूनियनों से 7 अगस्त और 10 अगस्त को बातचीत करेगा। हालांकि, इस बैठक में भाग लेने के लिए एक शर्त रखी गई है। सिर्फ वही संगठन इस बैठक के लिए अपॉइंटमेंट मांग सकते हैं जिन्होंने पहले ही अपना ज्ञापन जमा कर दिया है और आयोग के साथ दिल्ली या किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में अब तक कोई वार्ता नहीं की है।

31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य

बैठक में शामिल होने के पात्र संगठनों के लिए आयोग ने समय-सीमा तय कर दी है। इच्छुक पात्र संगठनों को 31 जुलाई तक ऑनलाइन माध्यम से अपना अनुरोध जमा करना होगा। अनुरोध भेजते समय संगठनों को अपनी यूनिक मेमो आईडी साथ में दर्ज करनी होगी। बैठकों का स्थान और समय अलग से बताया जाएगा।

अन्य राज्यों के यूनियनों के लिए भी तय होगी तारीखें

आने वाले महीनों में देश भर के अन्य राज्यों के यूनियनों के साथ भी बातचीत की जाएगी। दिल्ली-एनसीआर के बाहर के कर्मचारी संघ और यूनियनें अपने स्वयं के राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में आयोग के साथ बातचीत के लिए समय मांग सकते हैं। आयोग ने बताया है कि आने वाली बैठकों और परामर्श का पूरा शेड्यूल उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट किया जाता रहेगा।

क्यों अहम हैं ये बैठकें?

कर्मचारी यूनियनों और संघों के साथ बातचीत हर वेतन आयोग के कामकाज का एक मानक हिस्सा होती है। इस बातचीत के दौरान स्टेकहोल्डर्स आयोग के सामने अपने मेमोरेंडम देके हैं। इनमें पे-स्ट्रक्चर, भत्ते, पेंशन लाभ, करियर में प्रगति और सेवा शर्तें जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल होते हैं। आयोग इन सभी मेमोरेंडम के साथ-साथ अलग अलग मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों के इनपुट की समीक्षा करने के बाद ही केंद्र सरकार के लिए अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करता है।

क्या है 8वां वेतन आयोग?

केंद्र सरकार ने लाखों वर्किंग कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन लाभों में संशोधन की सिफारिश करने के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया है। आयोग की सिफारिशें एक बार अंतिम रूप ले लेने और सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद देश के लाखों सेवारत कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए अगले दौर के वेतन संशोधन को निर्धारित करेंगी। फिलहाल आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने से पहले अलग अलग स्टेकहोल्डर्स से मिलने और राय बनाने के दौर में है।

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AAI Recruitment 2026: एएआई में ग्रुप ए और बी के 389 पदों में भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, जानें कब से कब तक कर सकेंगे आवेदन

AAI Recruitment 2026: एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में सुरक्षित करियर का शानदार अवसर लेकर आया है। एएआई ने मैनेजर (ग्रुप-ए) और जूनियर एग्जीक्यूटिव (ग्रुप-बी) के 389 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इन पदों के लिए 8 अगस्त से आधिकारिक वेबसाइट aai.aero पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एएआई भर्ती 2026 के तहत आवेदन करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर, 2026 है।

एएआई भर्ती 2026 के लिए आवेदन आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन मोड से ही किया जाएगा। जो लोग एक से अधिक पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अलग-अलग पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी और हर पद के लिए अलग से आवेदन शुल्क देना होगा। इस भर्ती प्रक्रिया में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, फाइनेंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, लॉ, फायर सर्विसेज, ऑपरेशंस, कमर्शियल, कॉर्पोरेट प्लानिंग और मैनेजमेंट सर्विसेज, और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस में मैनेजर के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। जूनियर एग्जीक्यूटिव पोस्ट फाइनेंस, लॉ, ऑपरेशंस, और सर्वे और कार्टोग्राफी में उपलब्ध हैं।

एएआई भर्ती 2026: पदों का ब्योरा और रिक्तियां

एएआई ने कुल 389 पदों की घोषणा की है, जिसमें 260 मैनेजर पद और 129 जूनियर एग्जीक्यूटिव पद शामिल हैं। सबसे ज्यादा 145 पद मैनेजर (इंजीनियरिंग-सिविल) के लिए हैं। इसके बाद जूनियर एग्जीक्यूटिव (ऑपरेशंस) के लिए 79 वैकेंसी हैं।

एएआई भर्ती 2026: चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) के जरिए होगा। एग्जाम की तारीख बाद में आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित की जाएगी। आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, सीबीटी में ऑब्जेक्टिव-टाइप सवाल होंगे और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

मैनेजर पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल होना होगा। मैनेजर (फायर सर्विसेज) के लिए आवेदन करने वालों को इसके अलावा फिजिकल मेजरमेंट, ड्राइविंग और फिजिकल एंड्योरेंस टेस्ट से भी गुजरना होगा।

ये उम्मीदवार माने जाएंगे आवेदन करने के योग्य

उम्र सीमा : 7 सितंबर, 2026 तक, मैनेजर पद के लिए अधिकतम उम्र सीमा 32 साल और जूनियर एग्जीक्यूटिव पोस्ट के लिए 27 साल है। सरकारी नियमों के मुताबिक, रिजर्व कैटेगरी के कैंडिडेट्स को उम्र में छूट दी जाएगी।

शैक्षिक योग्यता : मैनेजर पद के अवेदकों के लिए जरूरी शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ तीन साल का वैध काम का अनुभग होना चाहिए। जूनियर एग्जीक्यूटिव पद के लिए पहले से कोई वर्क एक्सपीरियंस जरूरी नहीं है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन पोस्ट के हिसाब से अलग-अलग होती है।

आवेदन शुल्क

एएआई भर्ती 2026 के तहत सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के आवेदकों को 1000 रुपये (जीएसटी सहित) का शुल्क देना होगा। जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग, महिला अभ्यर्थियों और एएआई में एक साल की अप्रेंटिसशिप पूरी कर चुके उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह नि:शुल्क है।

एएआई भर्ती 2026: सैलरी

मैनेजर पद के लिए चुने गए उम्मीदवार को 60,000 रुपये से 1,80,000 रुपये का पे स्केल मिलेगा, जबकि जूनियर एग्जीक्यूटिव्स को 40,000 रुपये से 1,40,000 रुपये मिलेंगे।

एएआई के मुताबिक, मैनेजर्स के लिए लगभग सालाना कॉस्ट टू कंपनी (CTC) 21 लाख रुपये और जूनियर एग्जीक्यूटिव्स के लिए 14 लाख रुपये है, साथ ही लागू अलाउंस और दूसरे बेनिफिट्स भी मिलेंगे।

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जंतर-मंतर पर दिपके का साया बने आशुतोष रांका कौन हैं? जानें IIT, LSE और मैकिन्से से आंदोलन तक का सफर

Who is Ashutosh Ranka: IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई और फिर लंदन में मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनी में भारी-भरकम पैकेज वाली नौकरी! आम तौर पर लोग ऐसे करियर का सपना देखते हैं, लेकिन आशुतोष रांका इस सब से आगे बढ़कर देश के सबसे बड़े छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। NEET पेपर लीक को लेकर CJP के ‘पॉलिसी हेड’ के रूप में केंद्र सरकार से सीधी बात करने वाले आशुतोष रांका कौन हैं और कैसे एक कॉर्पोरेट कंसल्टेंट छात्रों की सबसे बड़ी आवाज बन गया, आइए आपको बताते हैं।

कौन हैं आशुतोष रांका?

आशुतोष रांका ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। उन्हें इस पूरे आंदोलन का ‘पॉलिसी माइंड’ माना जा रहा है, क्योंकि वे शिक्षा सुधारों और सरकारी नीतियों के खिलाफ तार्किक और नीतिगत ड्राफ्ट तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से पढ़ाई की है और इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) जैसी विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है। CJP में शामिल होने से पहले आशुतोष रांका लंदन में दुनिया की दिग्गज कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी (McKinsey & Company) में कंसल्टेंट के रूप में काम कर चुके हैं।

फिलहाल वो आंदोलन की नीतिगत रणनीति, शिक्षा सुधारों के ड्राफ्ट और केंद्र सरकार के साथ बातचीत में CJP का प्रतिनिधित्व कर रहे है।

कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ आंदोलन का हिस्सा क्यों बने?

जब जून में CJP ने अपने प्रवक्ताओं के पैनल का ऐलान किया, तब आशुतोष रांका के शानदार एकेडमिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड को खास तौर पर हाईलाइट किया गया। IIT कानपुर, LSE और मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनियों में काम करने के अनुभव के कारण उनके पास नीतियों के विश्लेषण और रणनीतिक समझ का गहरा अनुभव है। नीट परीक्षा में हुई धांधली के बाद उन्होंने अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल छात्रों की मांगों को कानूनी और नीतिगत रूप से मजबूत बनाने के लिए किया।

केंद्र सरकार के साथ बातचीत में अहम भूमिका

NEET आंदोलन के तहत जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच आशुतोष रांका ने सरकार के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सौरव दास के साथ आशुतोष रांका भी उस दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे, जिसने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर छात्रों की मांगों का ड्राफ्ट सौंपा। वे केवल परीक्षा रद्द करने या जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक और पारदर्शी सुधारों की रूपरेखा पर भी काम कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर डटे हैं CJP संस्थापक

जहां आशुतोष रांका और सौरव दास सरकार के साथ टेबल टॉक संभाल रहे हैं, वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से किए जाने वाले एक बयान के विरोध में इस पार्टी की नींव रखी थी।

आंध्र प्रदेश के कारपेंटर की बेटी दुनिया के पहले ‘All-Girls Lunar Mission’ के लिए चुनी गईं, जानिए कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी

कहते हैं, ‘सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती’। आंध्र प्रदेश के धवलेश्वरम की कंदुला जेसी पर भी ये बात सही बैठती है। महज 14 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने जो उपलब्धि हासिल की है, उसकी वजह से हर कहीं उनकी चर्चा की जा रही है। कंदुला को ऐतिहासिक स्पेस मिशन शक्तिसैट के लिए चुना गया है। यह दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर क्यूबसैट मिशन है।

इस मिशन की ट्रेनिंग 23 अगस्त को नई दिल्ली में शुरू होगी। छात्रों का बनाया हुआ लूनर क्यूबसैट 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा। उन्हें उम्मीद है कि यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) में करियर और भविष्य में लूनर एक्सप्लोरेशन की ओर पहला कदम होगा।

दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर मिशन

मिशन शक्तिसैट एक अंतरराष्ट्रीय STEM इनिशिएटिव है। इसका मकसद अधिक से अधिक लड़कियों को स्पेस साइंस और इंजीनियरिंग में आने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रतिभागी क्यूबसैट को डिजाइन करने, बनाने और ऑपरेट करने में मदद करेंगे, जो भविष्य के लूनर मिशन के लिए प्लान किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यह प्रोग्राम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, मिशन प्लानिंग और स्पेस रिसर्च में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी देता है।

कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी?

जेसी धवलेश्वरम के जिला परिषद गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती हैं। विज्ञान के प्रति उसके जुनून को स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में उसके शिक्षकों ने पहचाना। कंदुला ने लगभग 550 ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र पूरे किए। उन्होंने उपग्रह प्रणाली, प्रणोदन और ऊष्मागतिकी जैसे विषयों को कवर किया। इंटरव्यू के दौरान अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिलने की तैयारी में मदद करने के लिए उसने अपनी अंग्रेजी भाषा की क्षमताओं को और बढ़ाया। कंदुला आंध्र प्रदेश धवलेश्वरम के एक बढ़ई की बेटी है। उन्होंने 108 देशों के लगभग 12,000 आवेदकों में से चुने गए 20 भारतीय भगीदारों के बीच ये जगह बनाई है। वह फाइनल लिस्ट में जगह बनाने वाली आंध्र प्रदेश की अकेली स्टूडेंट भी हैं।

कौन कर रहा है इस मिशन का संचालन?

शक्तिसैट मिशन STEM शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष पेशेवरों के एक समूह द्वारा आयोजित किया जा रहा है।  कार्यक्रम का उद्देश्य उपग्रहों के विकास के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष उद्योग में अधिक लड़कियों को शामिल करना है।

उसके परिवार के लिए गर्व का क्षण!

बढ़ई पिता की बेटी कंदुला के परिवार को कुछ आर्थिक कठिनाइयों की वजह से बाद में उसका दाखिला एक सरकारी स्कूल में करा दिया गया। हालाकि, वह अपने सपने के प्रति दृढ़ थी। उसका चयन उसके माता-पिता, शिक्षकों और समुदाय के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

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छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने  प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं।

इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है।

कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

ऐसा रहा करियर

राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं।

दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।

Commonwealth Games में भारतीय झंडा उठाने से पहले ही पदक पक्का किया लवलीना बोर्गहेन ने

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के उद्घाटन समारोह के लिए ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को क्रमशः भारत का ध्वजवाहक और बैटन वाहक नामित किया गया। लेकिन इसमें से लवलीना बोरगोहेन ने ध्वजवाहक बनने से पहले ही अपना पहला पदक इस राष्ट्रमंडल खेल में पक्का कर लिया है।

खबरों के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेल 2026 के 75 किलोग्राम वर्ग में उनको सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई है। इस हिसाब से वह कमसेकम एक कांस्य पदक जरुर जीतेंगी। अगर वह सेमीफाइनल जीत जाती है तो फिर रजत या स्वर्ण पदक भी जीत सकती है।

दरअसल राष्ट्रमंडल खेल 2026 में  सिर्फ 5 महिला मुक्केबाज महिला खिलाड़ी थी जिसमें से शीर्ष 3 को सेमीफाइनल में सीधे दाखिला मिल गया। इन मुक्केबाज महिला खिलाड़ियों में लवलीना भी शामिल थी।

लंदन ओलंपिक 2012 और रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले शिव थापा के बाद ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली असम की दूसरी मुक्केबाज लवलीना ने तोक्यो में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक पदक जीतने वाली अपने राज्य की पहली खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया था।23 वर्ष की लवलीना को वेल्टरवेट (69 किलो) सेमीफाइनल में तत्कालीन विश्व चैम्पियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली ने 5-0 से हराया था। लवलीना विजेंदर सिंह (2008) और एमसी मैरीकॉम (2012) के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनी थी। 15 साल पहले मुक्केबाजी में करियर शुरू करने वाली लवलीना 2 बार विश्व चैम्पियनशिप कांस्य भी जीत चुकी हैं।

कौन हैं अभिजीत दिपके, कितनी पढ़ाई की है? CJP के संस्थापक का पूरा बैकग्राउंड जानिए

सोशल मीडिया के दौर में कई अभियान कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच जाते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाते हैं। हाल के दिनों में Cockroach Janta Party (CJP) भी ऐसी ही एक मुहिम बनकर उभरी है, जिसने अपने अलग अंदाज और डिजिटल कैंपेन के जरिए लोगों का ध्यान खींचा। इस अभियान के साथ एक नाम लगातार सुर्खियों में है अभिजीत दिपके। उनकी रणनीति, सोशल मीडिया पर पकड़ और युवाओं से जुड़ने का तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है।

बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि आखिर अभिजीत दिपके कौन हैं, उन्होंने कहां से पढ़ाई की, उनका प्रोफेशनल बैकग्राउंड क्या है और कैसे वे इस तेजी से वायरल हो रहे अभियान का प्रमुख चेहरा बन गए। आइए जानते हैं उनकी शिक्षा, करियर और अब तक के सफर से जुड़ी अहम बातें।

कौन हैं अभिजीत दिपके?

अभिजीत दिपके एक राजनीतिक कम्युनिकेशन प्रोफेशनल और डिजिटल कैंपेन स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने Cockroach Janta Party की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में की, जिसे युवाओं ने तेजी से समर्थन दिया।

प्लेटफॉर्म खुद को “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताता है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा कथित NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग करता है।

सिर्फ कुछ दिनों में लाखों-करोड़ों का समर्थन

CJP की शुरुआत के कुछ ही दिनों में इसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी। इंस्टाग्राम पर कुछ ही समय में करोड़ों लोग इस मुहिम से जुड़ गए, जबकि X (पूर्व ट्विटर) पर भी मीम्स, रील्स और राजनीतिक व्यंग्य के जरिए यह अभियान वायरल हो गया।

इसके अलावा, संगठन ने अपनी वेबसाइट और एंथम भी लॉन्च किया तथा एक लाख से अधिक लोगों ने इससे जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।

क्या है अभिजीत दिपके की शैक्षणिक योग्यता?

अभिजीत दिपके ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भारत में पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए।

  • पुणे से जर्नलिज्म की पढ़ाई की।
  • अमेरिका की Boston University से मास्टर ऑफ पब्लिक रिलेशंस की डिग्री हासिल की।
  • पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बताया कि वह नौकरी के अवसरों की तलाश में हैं।

राजनीतिक कम्युनिकेशन में भी रहा अनुभव

Cockroach Janta Party शुरू करने से पहले अभिजीत दिपके 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया कैंपेन और चुनावी रणनीति पर काम किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान उन्होंने युवाओं तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने के लिए मीम-आधारित डिजिटल कैंपेन में भी भूमिका निभाई थी।

NEET विवाद के बाद तेज हुई मुहिम

CJP का अभियान सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। संगठन ने कथित NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सार्वजनिक प्रदर्शन भी किए। समर्थकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और संसद की ओर मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

48 घंटे की भूख हड़ताल भी की

अभिजीत दिपके ने इस अभियान के तहत 48 घंटे की भूख हड़ताल भी की। बाद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद यह अनशन समाप्त हुआ। इस दौरान संगठन ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन भी सौंपा।

सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंची मुहिम

Cockroach Janta Party का तेजी से बढ़ता प्रभाव यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शुरू हुआ कोई अभियान बहुत कम समय में बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है। मीम्स, व्यंग्य और सोशल मीडिया की ताकत के सहारे यह पहल अब ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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रोहित को बाहर निकालने में नाकामयाब, गौतम गंभीर दे सकते हैं इस्तीफा

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय टी-20 टीम के साथ वीवीएस लक्ष्मण जिम्बाब्वे रवाना हो गए हैं। अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

रोहित के संन्यास की खबरें हुई लीक फिर बोर्ड ने कहा नहीं जा रहे


रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। आज दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

लेकिन रोहित शर्मा ने ना केवल खुद के लिए जनसंपर्क की बिसात बिछाई बल्कि लॉर्ड्स में बड़ा शतक भी आ गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने लॉर्ड्स वनडे से पहले कहा था कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

लंबे समय से लड़खड़ा रहे थे रोहित

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

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इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।