डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व सांसद जो मैनचिन उन राजनेताओं में हैं, जिनका अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखने में ज्यादा यकीन है। वे अमेरिका की दो ध्रुवीय राजनीति को अलग रास्ते पर ले जाने की नई पहल से सुर्खियों में हैं। राजनीति में कुछ हस्तियां हमेशा मुख्य धारा से अलग हटकर चलने की कोशिश करती हैं। दो बार सांसद रह चुके जो मैनचिन ऐसे ही हैं। वे अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए कुछ नया करते रहते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी में रहते हुए उन्होंने कई बार पार्टी लाइन का विरोध किया था। उन्होंने मतभेदों के कारण 2024 में पार्टी छोड़ दी। अब वे नए रास्ते पर निकल पड़े हैं। उन्होंने स्वतंत्र लीडरशिप काउंसिल लॉन्च की है। 78 साल के मैनचिन अमेरिकी संसद के एक सदन-कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। 23 जुलाई को जब उन्होंंने एक समारोह में काउंसिल के गठन का ऐलान किया तो कैलिफोर्निया के सांसद केविन किली सहित कई उम्मीदवार मौजूद थे। मैनचिन का कहना है, हम एक अन्य पार्टी नहीं बना रहे हैं। हम उन लोगों का साथ देंगे जो किसी पार्टी के नहीं हैं, स्वतंत्र हैं। अमेरिका की दो दलीय राजनीति में तीसरी राजनीतिक ताकत बनाने के प्रयास बहुत कम हुए हैं। इसलिए उनकी पहल अहम है। अपने राजनीतिक करियर में मैनचिन मध्यमार्गी रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ने से पहले उन्होंने 2020-2024 के बीच जलवायु परिवर्तन और अमीरों पर टैक्स सहित कई मुद्दों पर संसद में पार्टी लाइन का विरोध किया था। जो मैनचिन का सफर वेस्ट वर्जीनिया के कोयला खदान क्षेत्र फार्मिंगटन से शुरू हुआ। उनके पिता शहर के मेयर थे। किराना दुकान संचालक उनके दादा जरूरतमंदों की मदद करते थे। उनसे प्रेरित होकर मैनचिन ने भी लोगों का हाल जानना और उनकी सहायता करना शुरू किया। इससे स्थानीय प्रभाव बढ़ता गया। वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में छात्रों की एक पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात गेल कोनेली से हुई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। राजनीति में उनकी शुरुआत राज्य विधानसभा से हुई। 2004 में वे वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर बने और 2010 में पहली बार अमेरिकी सीनेट पहुंचे। वे कोयला उद्योग के समर्थक रहे हैं। 2021-22 में सीनेट में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकंस के 50-50 सदस्य होने से जो मैनचिन का वोट निर्णायक बन गया। उनके दबाव में राष्ट्रपति जो बाइडेन को कई विधेयकों में बदलाव करने पड़े। मैनचिन का कहना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी में अब उनके जैसे अनुदारवादी नेताओं के लिए जगह नहीं है। वे राजनीतिक ध्रुवीकरण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। गैलप के अनुसार अधिकांश अमेरिकी दोनों प्रमुख दलों के प्रति अनुकूल राय नहीं रखते, जबकि एक सर्वे में 45% लोगों ने खुद को निर्दलीय बताया। रिपब्लिकन प्रभाव वाले वेस्ट वर्जीनिया से उनका दो बार सीनेट जीतना उल्लेखनीय रहा, हालांकि 2024 में वे चुनाव हार गए थे।
Govinda: बॉलीवुड एक्टर आमिर खान को इंडस्ट्री का ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ माना जाता है। हालांकि, सीनियर एक्ट्रेस शगुफ्ता अली का मानना है कि गोविंदा उनसे भी बड़े परफेक्शनिस्ट हैं। ‘हीरो नंबर 1’ के सेट पर साथ बिताए समय को याद करते हुए उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर किसी सीन की 25 बार तक रिहर्सल करते थे और तब तक कई रीटेक की ज़िद करते थे जब तक वे शॉट से पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं, भले ही इससे उनके को-स्टार्स थक जाते थे।
सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में शगुफ्ता ने याद किया कि कैसे ‘हीरो नंबर 1’ की शूटिंग एक पेड हॉलिडे जैसी थी। उन्होंने कहा, “चाहे गोविंदा या करिश्मा सेट पर हों या न हों, हम बहुत मज़ा करते थे। यह एक पेड पिकनिक जैसा था। ऊटी में आउटडोर शूट बहुत बढ़िया रहा। हम मिथुन दा के होटल में रुके थे। जब उन्हें पता चला, तो वे हमसे मिलने आए और खुद अपने हाथों से पकाकर हमें सीफ़ूड खिलाया।”
उन्होंने आगे कहा, “गोविंदा यहाँ भी सेट पर देर से आते थे। अगर शिफ्ट सुबह 9 बजे की होती, तो वे दोपहर 1 या 2 बजे आते थे, उससे पहले कभी नहीं। गोविंदा के साथ बस यही एक दिक्कत थी; वरना वे बहुत अच्छे इंसान हैं। मैंने उनके साथ 3-4 फ़िल्में की हैं। वे बहुत अच्छे और मज़ाकिया इंसान हैं। वे 25 बार रिहर्सल करते हैं। गोविंदा आमिर खान से भी ज़्यादा परफेक्शनिस्ट हैं। डेविड सर टेक को ओके कर देते थे, लेकिन फिर भी वे ज़िद करते थे और दूसरों से माफ़ी भी मांगते थे। परफेक्शन के लिए उनकी नज़र इतनी तेज़ थी कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती थी कि उनके सामने वाला व्यक्ति थका हुआ है या नहीं।”
शगुफ़्ता ने यह भी बताया कि जब भी गोविंदा सेट पर देर से आते थे, तो मशहूर कॉमेडियन कादर खान को गुस्सा आ जाता था। उन्होंने कहा कि बाकी को-स्टार्स भी चिढ़ जाते थे, लेकिन उनके पास हर दिन गोविंदा के आने का घंटों इंतज़ार करने के अलावा कोई चारा नहीं होता था।
1990 के दशक में गोविंदा का बॉलीवुड पर राज था और वे अपनी ज़बरदस्त कॉमिक टाइमिंग, एनर्जेटिक डांस मूव्स और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते थे। ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर 1’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘हसीना मान जाएगी’ और ‘पार्टनर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों से वे सुपरस्टार बन गए। डायरेक्टर डेविड धवन और करिश्मा कपूर, रवीना टंडन और कादर खान जैसे एक्टर्स के साथ उनका काम बहुत पॉपुलर हुआ।
हालांकि, 2000 के दशक की शुरुआत में उनके करियर में गिरावट आई। भले ही ‘पार्टनर’ (2007) से उन्होंने सफल वापसी की, लेकिन गोविंदा उस रफ़्तार को बनाए नहीं रख पाए। उन्हें आखिरी बार ‘रंगीला राजा’ में देखा गया था, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया था। हालांकि, यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर फ़्लॉप रही और तब से वे बड़े पर्दे से दूर हैं।
ऑफिस में पहचान और सम्मान हासिल करना हर कर्मचारी का सपना होता है, लेकिन इसके लिए सिर्फ लंबा अनुभव या बड़ा पद जरूरी नहीं होता। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कंटेंट क्रिएटर मारीज ने ऐसी ही कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में बताया है, जो किसी भी प्रोफेशनल की छवि को बेहतर बना सकती हैं। मारीज के अनुसार, सही तरीके से बातचीत करना, जिम्मेदारी को समझना और अपने काम में भरोसा दिखाना ही असली अंतर पैदा करता है।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे कुछ व्यवहारिक बदलावों ने उन्हें कम समय में आगे बढ़ने में मदद की। उनका वीडियो युवाओं के बीच तेजी से पसंद किया जा रहा है, क्योंकि इसमें करियर ग्रोथ और ऑफिस में सम्मान पाने से जुड़े आसान लेकिन असरदार टिप्स बताए गए हैं।
मैनेजर के सवाल का जवाब देने से पहले करें ये छोटा सा काम
मारीज के मुताबिक, जब कोई मैनेजर सवाल पूछे तो तुरंत जवाब देने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि जवाब देने से पहले सिर्फ दो सेकंड का छोटा ब्रेक लें। उनके अनुसार, यह छोटा सा ठहराव व्यक्ति को ज्यादा आत्मविश्वासी, शांत और समझदार दिखाता है। बिना सोचे तुरंत बोलने से गलतियां होने की संभावना बढ़ सकती है।
काम मिलने पर तुरंत ‘हां‘ कहने से बचें
उनकी दूसरी सलाह है कि कोई नया काम मिलने पर तुरंत “हां” बोलने के बजाय पहले उसे दोहराकर समझ लें। जैसे- काम क्या है, उसकी डेडलाइन क्या है और आखिर में किस तरह का रिजल्ट चाहिए। इससे मैनेजर को भरोसा होता है कि कर्मचारी ने जिम्मेदारी को सही तरीके से समझ लिया है।
काम पूरा करके गायब न हों, अपनी वैल्यू दिखाएं
मारीज का तीसरा और सबसे अहम सुझाव है कि काम खत्म करने के बाद सिर्फ रिपोर्ट जमा करके चुप न हो जाएं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी को यह भी बताना चाहिए कि इस काम से उसने क्या सीखा, कौन-सी नई स्किल हासिल की या आगे इसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है। इससे मैनेजर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
सम्मान पद से नहीं, भरोसे से मिलता है
मारीज ने वीडियो के अंत में कहा कि ऑफिस में असली सम्मान उस व्यक्ति को मिलता है जिस पर लोग भरोसा कर सकें। उनका मानना है कि रोजमर्रा के छोटे-छोटे व्यवहार ही किसी कर्मचारी की पहचान बनाते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स भी उनकी इन बातों को पसंद कर रहे हैं और कई लोग इन्हें नए कर्मचारियों के लिए उपयोगी सलाह बता रहे हैं।
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Hina Khan-Rubina Dilaik: सुपरस्टार आमिर खान हाल के हफ़्तों में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी को लेकर चर्चा में रहे हैं। एक्टर की पर्सनल लाइफ़ ‘द पॉइंट ऑफ़ व्यू’ पर रुबीना दिलैक और हिना खान के बीच ज़बरदस्त बहस का विषय बन गई, जहां दोनों एक्ट्रेस ने उनकी तीसरी शादी पर अलग-अलग राय रखी।
जहां हिना का कहना था कि समाज में कई लोग आज भी एक से ज़्यादा शादियों को अच्छी नज़र से नहीं देखते, वहीं रुबीना का मानना था कि किसी सुपरस्टार की पर्सनल लाइफ़ कभी-कभी लोगों की सोच और कई बार उनके प्रोफ़ेशनल सफ़र पर भी असर डालती है।
रुबीना के टॉक शो ‘द पॉइंट ऑफ़ व्यू’ के हालिया एपिसोड में हिना और रुबीना ने आमिर की पर्सनल लाइफ़ पर बात की। अपने-अपने पतियों, रॉकी जायसवाल और अभिनव शुक्ला के साथ मिलकर, इस बात पर चर्चा की कि क्या किसी सुपरस्टार की पर्सनल लाइफ़ का उनकी प्रोफ़ेशनल सफलता पर कोई असर पड़ता है।
चर्चा के दौरान, रॉकी ने आमिर की तीसरी शादी को लेकर हो रही आलोचना का ज़िक्र किया और उनकी राय पूछी। जहां रुबीना का कहना था कि सुपरस्टार की पर्सनल लाइफ़ उनकी फ़िल्मों और करियर पर असर डाल सकती है, वहीं हिना का मानना था कि किसी एक्टर की पर्सनल पसंद का उनकी प्रोफ़ेशनल सफलता पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
हिना ने सवाल किया, “उस हिसाब से तो आमिर खान की कोई फिल्म ही नहीं चलनी चाहिए थी।”इस पर रुबीना ने तर्क दिया कि आमिर का जीवन कभी किसी बड़े विवाद से घिरा नहीं रहा। इस पर हिना असहमत हुईं और बोलीं, “ये क्या कोई कम विवाद है?” उनका इशारा गौरी स्प्रैट से उनकी तीसरी शादी की ओर था।
अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए हिना ने कहा, “आम आदमी तो यही सोचेगा ना कि क्या यार फिर से शादी कर रहा है? इसे भी छोड़ दिया?”रुबीना ने बीच में टोकते हुए कहा, “हम क्यों फैसला सुना रहे हैं?”
हिना ने बताया कि आमिर खान ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, इसके बावजूद सार्वजनिक चर्चाएं अक्सर उनकी फिल्मी उपलब्धियों के बजाय उनकी शादियों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। उन्होंने और रॉकी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अभिनेता के निजी जीवन या उनके द्वारा लिए गए फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
हालांकि, हिना ने समझाया, “मैं उनकी दोबारा शादी करने पर कोई आपत्ति नहीं जता रही… लेकिन हमारे समाज में ये बहुत अच्छा नहीं माना जाता है रुबीना, शादी पर शादी पर शादी।” इस पर रॉकी ने कहा, “शादी छोड़ो, तलाक ही अच्छा नहीं माना जाता है।”हिना ने आमिर की उनकी पूर्व पत्नियों रीना दत्ता और किरण राव के साथ दोस्ती की भी सराहना की।
हिना ने माना कि हालांकि समाज समय के साथ बदल गया है, फिर भी कई समुदाय तलाक और कई शादियों को गलत नजर से देखते हैं। अपने अलग-अलग विचारों के बावजूद, हिना और रुबीना इस निष्कर्ष पर पहुंचीं कि आमिर एक “अच्छे इंसान” हैं और इस बात से सहमत थीं कि तीसरी बार शादी करने के बावजूद लोग उन्हें प्यार और सम्मान देते हैं।
आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने 5 जुलाई को मुंबई में एक निजी समारोह में शादी की। इस जोड़े ने अपने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की कसमें खाईं। इस निजी समारोह में लगभग 150 मेहमान शामिल हुए। आमिर के बच्चे, जुनैद खान और इरा खान, और इरा के पति नूपुर शिखरे भी इस समारोह में शामिल हुए।
आमिर और गौरी की कहानी लगभग 25 साल पुरानी है। दोनों पहली बार बेंगलुरु में मिले थे, लेकिन बाद में वे अलग हो गए और उनका संपर्क टूट गया। सालों बाद, 2023 में, आमिर की कज़िन नुज़हत खान ने शहर की एक और यात्रा के दौरान उन्हें फिर से मिलाने में मदद की, जिससे उनकी दोस्ती को एक और मौका मिला। शादी करने से पहले वे दो साल से ज़्यादा समय तक एक-दूसरे को डेट करते रहे।
गौरी स्प्रैट मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली हैं और उनकी पिछली शादी से एक बेटा है। उन्होंने पहले हेयरकेयर इंडस्ट्री में काम किया है और अब वे मुंबई में आमिर खान प्रोडक्शंस से जुड़ी हुई हैं।
कनाडा के टोरंटो शहर में पंजाबी युवती नवनीत कौर(26) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। जिस पर फर्स्ट डिग्री मर्डर और कोर्ट की अंडरटेकिंग का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई। उसके बाद युवक ने युवती पर गोली चला दी। फिर वह मौके से फरार हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने इसे टारगेट किलिंग करार दिया है। वहीं परिजनों का आरोप है कि युवक शादीशुदा होने के बावजूद युवती पर जबरन शादी का दबाव बना रहा था। इसी वजह से वह कुछ महीने पहले पंजाब भी लौट आई थी। इनकार करने पर उसने युवती की हत्या कर दी। कत्ल को लेकर कनाडा पुलिस की 3 अहम बातें… परिवार का दावा- शादी के लिए बना रहा था दबाव
जर्मनी में रह रहे मृतका के अमृतसर निवासी चचेरे भाई मलकीत सिंह ने बताया कि नवनीत और आरोपी पहले एक ही जगह काम करते थे और एक-दूसरे को जानते थे। हालांकि, दोनों के बीच किसी तरह का प्रेम संबंध नहीं था। परिवार के मुताबिक, आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह लगातार अपनी पत्नी को तलाक देकर नवनीत से शादी करने का दबाव बना रहा था। युवती द्वारा इनकार करने पर उसने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। कनाडा पुलिस और आरोपी के परिवार से भी की थी शिकायत
परिजनों का दावा है कि नवनीत ने आरोपी की हरकतों की शिकायत कनाडा पुलिस से भी की थी। इसके अलावा भारत में आरोपी के परिवार से संपर्क कर बताया गया था कि उनका बेटा युवती को लगातार परेशान कर रहा है। परिवार के अनुसार, आरोपी के परिजनों ने भी माना था कि वे खुद उसके व्यवहार से परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायत को समय रहते गंभीरता से लिया जाता और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। डर के कारण दो-तीन महीने पहले भारत आई थी
परिजनों के मुताबिक, आरोपी की लगातार हरकतों से परेशान होकर नवनीत करीब दो-तीन महीने पहले भारत आई थी। उसने कुछ समय पंजाब में अपने परिवार के साथ डर के माहौल में बिताया और बाद में वापस कनाडा लौट गई थी। परिवार का कहना है कि वह अच्छी नौकरी कर रही थी और अपने करियर पर ध्यान दे रही थी। पुलिस ने लोगों से मांगी मदद
टोरंटो पुलिस ने घटना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी रखने वाले लोगों से आगे आने की अपील की है। पुलिस ने आसपास के इलाके की CCTV और डैशकैम फुटेज रखने वाले लोगों से भी जांच में सहयोग करने को कहा है। इसके अलावा, क्राइम स्टॉपर्स के जरिए भी सूचना देने की अपील की गई है। टोरंटो पुलिस के मुताबिक, यह वर्ष 2026 में शहर का 22वां हत्या का मामला है। ******************** ये खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड में पंजाबी लड़की की हत्या, पेट-छाती पर 5 वार
पंजाब के तरनतारन की युवती की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। उसके पेट-छाती में 5 बार चाकू से वार किए गए। युवती करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर हायर एजुकेशन के लिए गई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे वर्क परमिट मिल गया था और वह वहीं रहकर नौकरी कर रही थी। युवती की हत्या के बाद आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो चाकू लेकर जाता हुआ दिख रहा है। वीडियो घर के गेट के कैमरे में कैद हुआ(पढ़ें पूरी खबर)
पाकिस्तान की सीनियर पुलिस अधिकारी डॉ. अनूश मसूद चौधरी हरियाणवी गानों की बड़ी फैन हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ढांडा न्योलीवाला के ‘रशियन बंधाना’, राजू पंजाबी के ‘चौधर पूरी जाट की’, खासा आला चाहर के ‘जय वीरू’ और सुमित गोस्वामी के ‘टोरा’ जैसे गानों पर कई रील्स बनाई हैं। पेशावर की रहने वाली डॉ. अनूश फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब एलीट पुलिस में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) के पद पर तैनात हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर करीब 2.5 लाख फॉलोअर्स हैं। डॉ. अनूश साल 2018 में खैबर पख्तूनख्वा की पहली महिला SSP बनी थीं। उस समय उनकी कार्यशैली के साथ-साथ उनकी खूबसूरती की काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद वह लाहौर की भी SSP बनीं। डॉ. अनूश इंडियन म्यूजिक को भी खास पसंद करती हैं। उन्होंने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला, आर-नैत, एमी विर्क और गुर सिद्धू के कई गानों पर भी रील्स अपलोड की हैं। जानिए कौन है डॉ. अनूश मसूद चौधरी… MBBS किया और गोल्ड मेडल हासिल किया डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने मेडिकल क्षेत्र छोड़कर पुलिस सेवा को चुना और अपने करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिनकी वजह से वह देश की चर्चित महिला अधिकारियों में शामिल हैं। उन्होंने फातिमा जिन्ना मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की और मेडिसिन में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में शामिल हुईं। लाहौर की बेस्ट क्राइम फाइटर बनी वर्ष 2014 में अनूश मसूद चौधरी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पहली महिला असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) बनीं। इसके बाद उन्होंने पंजाब पुलिस में विभिन्न अहम जिम्मेदारियां संभालीं। कसूर में SP (इन्वेस्टिगेशन), लाहौर के मॉडल टाउन में एडिशनल SP और पंजाब पुलिस मुख्यालय में SP के रूप में भी उन्होंने काम किया। वर्ष 2018 में उन्हें लाहौर का ‘बेस्ट क्राइम फाइटर’ चुना गया। इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवॉर्ड मिला मई 2022 में अनूश मसूद चौधरी को लाहौर ऑपरेशंस विंग का सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) नियुक्त किया गया। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला पुलिस अधिकारी बनीं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, जेंडर-सेंसिटिव पुलिसिंग को बढ़ावा देने और महिला पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए भी काम किया। वर्ष 2020 में महिलाओं के अधिकारों और पुलिस सेवा में योगदान के लिए उन्हें अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पेरेंट्स डॉक्टर बनाना चाहते थे एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने बताया था कि पेरेंट्स का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। मैंने MBBS भी पूरी कर ली थी। मगर, पिता के मौत के बाद सब बदल गया। परिवार वाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनकर विदेश सैटल हू जाऊं, लेकिन मैं पाकिस्तान में ही रहकर जनता की सेवा करना चाहती थी। इसके मैंने सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (CSS) का फिल्ड चुना।
Chaturmaas 2026 Upay: देवशयनी एकादशी के दिन सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्णु चार माह के शयन के लिए पाताल लोक प्रस्थान करते हैं। इसलिए आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। ये चार माह जब भगवान विष्णु शयन करते हैं, उसे ही चतुर्मास कहते हैं। यह अवधि सावन, भादों, आश्विन और कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तक रहती है। इन चार महीनों के दौरान हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। चतुर्मास के दौरान तुलसी के कुछ उपाय करना भी लाभकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है और उन्हें विष्णुप्रिया कहा जाता है। इसलिए माना जाता है कि आज के दिन तुलसी के 5 उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा सदा घर-परिवार पर बनी रहती है और सुख-समृद्धि आती है।
तुलसी नामाष्टक का पाठ करें : चतुर्मास में तुलसी के पौधे के सामने तुलसी नामाष्टक का 108 बार जाप करने से आर्थिक तंगी और कर्जों से मुक्ति मिलती है। तुलसी माता के 8 नाम वृंदा, वृंदानी, श्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, कृष्णजीवनी और तुलसी का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।
तुलसी माता का करें श्रृंगार : चतुर्मास के दौरान तुलसी माता को 16 श्रृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। तुलसी माता की कृपा से जीवन में आर्थिक संपन्नता आती है।
तुलसी पर जलाएं दीपक : तुलसी के पास दीपक जलाने से करियर और व्यापारिक बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के साथ मां लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। मान्यता है कि इस दिन 11, 21 या 51 दीपक जलाने चाहिए। भक्ति भाव के साथ तुलसी चालीसा का पाठ करना चाहिए।
भगवान विष्णु को अर्पित करें तुलसी दल : भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु को भोग लगाते समय तुलसी दल जरूर शामिल करें। लेकिन एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए, पूजा के लिए तुलसी दल एक दिन पहले तोड़ लें।
तुलसी की करें परिक्रमा : तुलसी पूजन के बाद परिक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा करते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भाग्य का साथ मिलता है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
SBI CBO Final Result 2026: देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से आयोजित सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) भर्ती परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए बड़ा और अहम अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अपने फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। एसबीआई ने इन परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म करते हुए सीबीओ भर्ती का अंतिम रिजल्ट घोषित कर दिया है।
योग्य उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू राउंड 13 जुलाई, 2026 को हुआ था। सर्किल-बेस्ड ऑफिसर भर्ती इंटरव्यू में शामिल उम्मीदवार अब चेक कर सकते हैं कि उन्होंने क्वालिफाई किया है या नहीं। वे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in से फाइनल मेरिट लिस्ट पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। फाइनल रिजल्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट के रोल नंबर हैं। यह भर्ती प्रक्रिया भारत के अलग-अलग सर्किल में 2,050 CBO पदों भरने के लिए चलाई गई थी।
एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ कैसे डाउनलोड करें?
- एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.bank.in पर जाएं।
- होमपेज पर मौजूद करियर सेक्शन पर क्लिक करें।
- सीबीओ भर्ती 2026 फाइनल रिजल्ट लिंक खोजें।
- स्क्रीन पर दिख रहा रिजल्ट पीडीएफ खोलें।
- क्वालिफाई करने का स्टेटस चेक करने के लिए अपना रोल नंबर एफ+3 की की मदद से खोजें।
- पीडीएफ को डाउनलोड करके भविष्य के लिए सेव कर लें।
एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 में दी गई डिटेल्स की लिस्ट
कैंडिडेट्स को एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ में ये डिटेल्स देखनी चाहिए :
- ऑर्गनाइजेशन का नाम
- पोस्ट का नाम
- रिजल्ट का नाम
- सीबीओ के तौर पर अस्थायी रूप से चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर
- निर्देश
एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 के बाद आगे क्या?
जिन कैंडिडेट्स के रोल नंबर एसबीआई सीबीओ फाइनल रिजल्ट 2026 मेरिट लिस्ट में हैं, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, नियुक्ति औपचारिकताओं और जॉइनिंग निर्देशों के बारे में आगे के अपडेट्स के लिए ऑफिशियल वेबसाइट देखते रहना चाहिए। भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में किसी भी देरी से बचने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी जाती है। बैंक अपने आधिकारिक भर्ती पोर्टल के जरिए चयनित उम्मीदवारों के साथ सही समय पर अतिरिक्त निर्देश साझा करेगा।
कैरियर में बदलाव का फैसला अक्सर आसान नहीं होता। इसके साथ अनिश्चितता, नई चुनौतियां और खुद को फिर से साबित करने का दबाव भी जुड़ा होता है। कई लोग सुरक्षित रास्ता चुनते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो अपने सपनों के लिए जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटते। नई स्किल्स सीखना, लगातार मेहनत करना और असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ते रहना ही उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। हाल ही में ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। एक 24 वर्षीय युवक ने अपने संघर्ष, करियर बदलने के फैसले और सफलता तक पहुंचने के सफर को साझा किया।
उसकी कहानी बताती है कि सही दिशा में लगातार प्रयास, धैर्य और सीखने की इच्छा हो तो सीमित संसाधन या अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं बनती। यही वजह है कि आज उसकी यह कहानी हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
CAT की तैयारी छोड़ चुना अलग रास्ता
2022 में BBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवक CAT परीक्षा की तैयारी कर रहा था। लेकिन उसे लगा कि अच्छे बिजनेस स्कूल में दाखिला पाने के लिए कई साल लग सकते हैं। इसलिए उसने इंतजार करने के बजाय नया रास्ता चुनने का फैसला किया।
बिना इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के सीखी Data Science
युवक ने Data Science में करियर बनाने का फैसला किया, जबकि उसके पास न इंजीनियरिंग की डिग्री थी और न ही कोडिंग का अनुभव। उसने करीब डेढ़ साल तक YouTube और Udemy की मदद से SQL, Python और अन्य जरूरी स्किल्स सीखी।
उसके मुताबिक, यह दौर बेहद कठिन था। जहां उसके दोस्त नौकरी कर रहे थे या विदेश पढ़ाई के लिए जा रहे थे, वहीं वह रोज घंटों बैठकर कोडिंग सीख रहा था।
अकेलापन, तनाव और Panic Attacks ने बढ़ाई मुश्किलें
सिर्फ पढ़ाई ही चुनौती नहीं थी। गैर-तकनीकी बैकग्राउंड होने की वजह से लोगों की आलोचना, परिवार और दोस्तों का कम समर्थन और भविष्य की चिंता उसे लगातार परेशान करती रही। उसने बताया कि कई बार रात में घबराहट और Panic Attacks तक आते थे।
700 से ज्यादा आवेदन, फिर मिली पहली नौकरी
नई स्किल्स सीखने के बाद भी नौकरी मिलना आसान नहीं था। अधिकांश HR इंटरव्यू से पहले ही उसका रिज्यूमे रिजेक्ट कर देते थे क्योंकि उसके पास टेक्निकल डिग्री और अनुभव नहीं था। करीब 700 से अधिक आवेदन करने के बाद उसे पहली नौकरी मिली, जहां उसकी सैलरी 25 हजार रुपये प्रति माह थी।
पहली नौकरी भी छूटी, दो महीने की सैलरी भी नहीं मिली
सिर्फ तीन महीने बाद स्टार्टअप में काम खत्म होने की वजह से उसकी नौकरी चली गई। इतना ही नहीं, कंपनी ने आखिरी दो महीने का वेतन भी नहीं दिया। उसने यह बात घरवालों से भी छिपाकर रखी और अगले ही दिन फिर से नौकरी की तलाश शुरू कर दी।
दूसरी नौकरी से मिली नई उड़ान
करीब चार महीने बाद उसे 6 LPA की नौकरी मिली। यहां काम करते हुए उसने लगातार नई स्किल्स सीखीं और लगभग 1.7 साल बाद बेहतर अवसर की तलाश में नौकरी बदली।
इस मेहनत का नतीजा यह रहा कि आज वह एक अमेरिकी MNC में 22 LPA के पैकेज पर काम कर रहा है।
इन स्किल्स ने दिलाई बड़ी सफलता
युवक के अनुसार Data Analyst बनने के लिए इन स्किल्स पर मजबूत पकड़ जरूरी है—
- SQL
- Python
- Power BI
- Tableau
- Communication Skills
उसका कहना है कि इंटरव्यू में सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपने विचार स्पष्ट तरीके से रखना भी बेहद जरूरी होता है।
नौकरी पाने के लिए अपनाई ये खास रणनीति
उसने बताया कि केवल ऑनलाइन आवेदन करना काफी नहीं होता। उसने अपना रिज्यूमे ATS फ्रेंडली बनाया, हर जॉब पोस्ट के मुताबिक जरूरी Keywords जोड़े और LinkedIn पर संबंधित कंपनियों के कर्मचारियों से Referral भी मांगा। इसी रणनीति से उसे कई इंटरव्यू कॉल मिले।
अब खुद की कंपनी बनाने का सपना
24 वर्षीय युवक का अगला लक्ष्य अपनी खुद की कंपनी शुरू करना है, जो Data Science और Analytics Solutions उपलब्ध कराए। उसका मानना है कि लगातार सीखने और मेहनत करने से किसी भी बैकग्राउंड का व्यक्ति अपने करियर में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
Sawan 2026: हिंदू धर्म सावन का महीना विशेष स्थान रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह भगवान शिव का प्रिय महीना है। माना जाता है कि इस माह में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा खासतौर से फलदायी रहती है। श्रद्धा और विधि-विधान से महादेव की पूजा करने वाले भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में खुशहाली आती है। इस साल सावन का महीना और भी खास रहने वाला है। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल सावन के महीने में 4 प्रमुख ग्रहों का गोचर होगा। इस गोचर का प्रभाव, यूं तो सभी 12 राशियों पर होगा, लेकिन 3 राशियों के जातकों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। आइए जानें किस दिन किस ग्रह का राशि परिवर्तन होगा ?
कौन सा ग्रह कब बदलेगा राशि?
इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलने वाला है। इस महीने में 4 बड़े ग्रह शुक्र, मंगल, बुध और सूर्य का राशि परिवर्तन देखने को मिलेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, 1 अगस्त को शुक्र कन्या राशि, 2 अगस्त को मंगल मिथुन राशि में, 5 अगस्त को बुध कर्क राशि में प्रवेश करेंगे 17 अगस्त को सूर्य स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे। फिर 22 अगस्त को बुध सिंह राशि में गोचर करेंगे।
वृषभ राशि : वृषभ राशि के जातकों के लिए सावन का महीना आर्थिक मामलों में शुभ संकेत दे सकता है। कमाई में स्थायी बढ़ोतरी के योग बन रहे हैं और धन लाभ मिलने की संभावना है। करियर के लिहाज से नौकरीपेशा लोगों को नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है।
तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए सावन का महीना आर्थिक राहत लेकर आ सकता है। सैलरी में बढ़ोतरी या अधिक वेतन वाली नई नौकरी मिल सकती है। करियर में भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और पुराने विवादों का समाधान निकल सकता है।
मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए सावन का महीना आर्थिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है। बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होने की संभावना है। आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं और उनका लाभ उठाने का मौका भी मिलेगा। करियर में शुभ समाचार मिल सकता है। कारोबारियों के लिए बिक्री बढ़ने के संकेत हैं।
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