Video: ‘कभी भी कूल बॉस मत बनो’, उद्यमी की सलाह वायरल; बताया कर्मचारियों को ज्यादा छूट देने का नुकसान

ऑफिस में हर कर्मचारी चाहता है कि उसका बॉस समझदार, सहज और दोस्ताना हो। लेकिन क्या बहुत ज्यादा ‘कूल’ बनना कभी बॉस के लिए ही परेशानी खड़ी कर सकता है? उद्यमी हेमंत वाधवानी के एक वायरल वीडियो ने इसी सवाल पर बहस छेड़ दी है। उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी का अनुभव साझा करते हुए बताया कि कर्मचारियों के साथ जरूरत से ज्यादा दोस्ताना व्यवहार करने का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।

‘मैं बॉस बनकर रौब नहीं दिखाना चाहता था’

वाधवानी ने बताया कि वह अपने जूनियर कर्मचारियों को हमेशा अपने बराबर मानने की कोशिश करते थे। उन्हें यह पसंद नहीं था कि टीम के सदस्यों को बार-बार यह एहसास कराया जाए कि वह उनके सीनियर या बॉस हैं। उनका मानना था कि अगर ऑफिस का माहौल सहज रहेगा, तो कर्मचारी खुलकर बात करेंगे और काम भी बेहतर तरीके से होगा। इसलिए उन्होंने टीम के साथ दोस्ताना रिश्ता बनाए रखा और उन्हें काफी आजादी भी दी। लेकिन वक्त के साथ उन्हें लगा कि उनकी यही सोच उलटी पड़ने लगी।

जब भरोसा ही बनने लगा परेशानी की वजह

वाधवानी के मुताबिक, उन्होंने टीम के सदस्यों को जो भरोसा और आजादी दी, कुछ लोगों ने उसका फायदा उठाना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि कई मौकों पर कर्मचारियों ने उनके साथ मिली छूट का गलत इस्तेमाल किया और आखिरकार कुछ लोगों ने उन्हें ‘बैकस्टैब’ भी किया। यहीं से उन्हें महसूस हुआ कि बॉस और कर्मचारी के बीच दोस्ताना व्यवहार के साथ प्रोफेशनल सीमाएं होना भी बेहद जरूरी है।

‘Never, ever be a cool boss’

अपने वीडियो में वाधवानी ने काफी सीधे शब्दों में कहा, “Never, ever be a cool boss.” उनका कहना है कि मैनेजर को टीम के साथ अच्छा व्यवहार जरूर करना चाहिए, लेकिन उसे यह भी स्पष्ट रखना चाहिए कि किस हद तक व्यक्तिगत और पेशेवर रिश्ता आगे बढ़ सकता है। उनके अनुसार, बहुत ज्यादा लचीलापन देने से कभी-कभी कर्मचारी उस छूट को अपनी सुविधा के लिए इस्तेमाल करने लगते हैं। इसलिए शुरुआत से ही सीमाएं तय करना जरूरी है।

क्या अच्छा बॉस दोस्ताना नहीं हो सकता?

वाधवानी की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंट गई। कुछ यूजर्स ने उनकी बात से सहमति जताई, जबकि कुछ का मानना था कि अच्छा लीडर बनने के लिए सख्त दूरी बनाना जरूरी नहीं है। एक यूजर ने कहा कि सही तरीका यह हो सकता है कि बॉस कर्मचारियों के साथ अच्छा और सहज व्यवहार करे, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हें यह भी पता हो कि मैनेजर अपना रुख सख्त कर सकता है।

असली सवाल- डर या सम्मान?

वायरल वीडियो ने आधुनिक ऑफिस कल्चर को लेकर एक दिलचस्प सवाल खड़ा कर दिया है। क्या कर्मचारियों से काम करवाने के लिए बॉस का सख्त होना जरूरी है, या फिर भरोसे और सम्मान पर आधारित माहौल ज्यादा बेहतर होता है?

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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ऑफिस में पहचान और सम्मान हासिल करना हर कर्मचारी का सपना होता है, लेकिन इसके लिए सिर्फ लंबा अनुभव या बड़ा पद जरूरी नहीं होता। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कंटेंट क्रिएटर मारीज ने ऐसी ही कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में बताया है, जो किसी भी प्रोफेशनल की छवि को बेहतर बना सकती हैं। मारीज के अनुसार, सही तरीके से बातचीत करना, जिम्मेदारी को समझना और अपने काम में भरोसा दिखाना ही असली अंतर पैदा करता है।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे कुछ व्यवहारिक बदलावों ने उन्हें कम समय में आगे बढ़ने में मदद की। उनका वीडियो युवाओं के बीच तेजी से पसंद किया जा रहा है, क्योंकि इसमें करियर ग्रोथ और ऑफिस में सम्मान पाने से जुड़े आसान लेकिन असरदार टिप्स बताए गए हैं।

मैनेजर के सवाल का जवाब देने से पहले करें ये छोटा सा काम

मारीज के मुताबिक, जब कोई मैनेजर सवाल पूछे तो तुरंत जवाब देने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि जवाब देने से पहले सिर्फ दो सेकंड का छोटा ब्रेक लें। उनके अनुसार, यह छोटा सा ठहराव व्यक्ति को ज्यादा आत्मविश्वासी, शांत और समझदार दिखाता है। बिना सोचे तुरंत बोलने से गलतियां होने की संभावना बढ़ सकती है।

काम मिलने पर तुरंत ‘हां‘ कहने से बचें

उनकी दूसरी सलाह है कि कोई नया काम मिलने पर तुरंत “हां” बोलने के बजाय पहले उसे दोहराकर समझ लें। जैसे- काम क्या है, उसकी डेडलाइन क्या है और आखिर में किस तरह का रिजल्ट चाहिए। इससे मैनेजर को भरोसा होता है कि कर्मचारी ने जिम्मेदारी को सही तरीके से समझ लिया है।

काम पूरा करके गायब न हों, अपनी वैल्यू दिखाएं

मारीज का तीसरा और सबसे अहम सुझाव है कि काम खत्म करने के बाद सिर्फ रिपोर्ट जमा करके चुप न हो जाएं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी को यह भी बताना चाहिए कि इस काम से उसने क्या सीखा, कौन-सी नई स्किल हासिल की या आगे इसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है। इससे मैनेजर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

सम्मान पद से नहीं, भरोसे से मिलता है

मारीज ने वीडियो के अंत में कहा कि ऑफिस में असली सम्मान उस व्यक्ति को मिलता है जिस पर लोग भरोसा कर सकें। उनका मानना है कि रोजमर्रा के छोटे-छोटे व्यवहार ही किसी कर्मचारी की पहचान बनाते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स भी उनकी इन बातों को पसंद कर रहे हैं और कई लोग इन्हें नए कर्मचारियों के लिए उपयोगी सलाह बता रहे हैं।

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