5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: कच्चे तेल के उबाल में फिसला गोल्ड, चांदी हुई सस्ती, चेक करें लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार सैन्य हमलों ने पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। जियो-पॉलिटकल टेंशन में उछाल पर कच्चा तेल उबला तो इसने गोल्ड पर दबाव डाला और आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक फीकी पड़ी। एक दिन की स्थिरता के बाद राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन गोल्ड सस्ता हुआ है। इन दो दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1430 और 22 कैरट वाला ₹1310 सस्ता हुआ है। आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम का 24 कैरट और 22 कैरट वाला गोल्ड फिलहाल ₹10 सस्ता हुआ है।

चांदी की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के साथ-साथ इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर भी दबाव डाला है और इसकी चमक फीकी की है। लगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
मुंबई₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
कोलकाता₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
चेन्नई₹1,43,990₹1,31,990₹1,10,190
बेंगलुरू₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
हैदराबाद₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170
लखनऊ₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
पटना₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220
जयपुर₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320
अहमदाबाद₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220

दो दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो दो दिनों की स्थिरता के बाद आज इसके भाव नीचे आए हैं। दो दिनों की स्थिरता से पहले एक किलो चांदी 11 जून को ₹5 हजार सस्ती हुई थी तो 10 जून को ₹5 हजाप महंगी और ₹9 जुलाई को ₹10 हजार सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,39,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 14 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

‘हॉर्मुज स्ट्रेट कब्जे में लेगा अमेरिका’, ट्रंप बोले- जहाजों से वसूलेंगे पेट्रोलिंग चार्ज; ईरान पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया

Trump Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का नियंत्रण अपने हाथ में लेगा। उन्होंने ईरान पर दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान लगातार दूसरे दिन एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।

ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?

Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करेगा। उन्होंने कहा, “हम हॉर्मुज का नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। हम इसकी रक्षा करेंगे। हो सकता है कि भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा के बदले शुल्क भी लिया जाए।”

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि हालिया समझौते को ईरान ने तोड़ा। उनके मुताबिक, समझौता होने के बेहद करीब था, लेकिन ईरान ने बाद में ड्रोन हमला कर दिया।

दोनों देशों के बीच फिर हमले

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने ओमान में रडार सिस्टम और जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस के ईंधन भंडार और गोला-बारूद डिपो को भी निशाना बनाने का दावा किया। वहीं, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया। इन हमलों में लड़ाकू विमान, नौसैनिक जहाज और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा

दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ा तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उसकी नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें रोक दिया। वहीं, अमेरिका का कहना है कि उसकी सुरक्षा में इस रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है।

तेल की कीमतों में उछाल

तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड एक समय 5% तक चढ़ गया, जबकि बाद में इसकी बढ़त करीब 3.5% रह गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि अगर हॉर्मुज में संकट और गहराया, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

बातचीत के दरवाजे अभी खुले

सैन्य तनाव के बीच ईरान ने कहा है कि वह कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के संपर्क में है और संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश जारी है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं, ट्रंप अब भी दावा कर रहे हैं कि समझौता लगभग हो चुका था, लेकिन ईरान ने उसे तोड़ दिया।

Stocks to Watch: 14 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 18 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

5 सेकंड में ₹1.8 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 700 अंकों की गिरावट, Nifty धड़ाम

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के ऐलान पर कच्चा तेल उबल पड़ा। इससे वैश्विक स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में तबाही मची हुई है जिसमें निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी के निफ्टी इंडेक्स 1% या इससे अधिक कमजोर हुए हैं। निफ्टी आईटी में हल्की बढ़त है। बिकवाली के इस चौतरफा माहौल में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 पर सेंसेक्स (Sensex) 670.36 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 76,899.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 196.50 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट के साथ 24,010.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक और निफ्टी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.83 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था। आज यानी 13 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,47,242.67 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,080.031 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 6 ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी टीसीएस, एचसीएलटेक और इंफोसिस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंडिगो, टाटा स्टील और मारुति में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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65 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 3113 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1104 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1769 में बिकवाली का दबाव है तो 240 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 65 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 75 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 77 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

इंट्रा-डे में आज इन शेयरों पर फोकस

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Petrol Diesel Price Today: आज के पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम जारी, जानें आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 12 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Crude Oil Price: अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव, ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

Crude Oil Price: आज हफ्ते के पहले दिन सोमवार 13 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। क्रूड की कीमतें 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार निकल गई है। क्रूड ऑयल में यह तेजी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर कंट्रोल को लेकर पश्चिम एशिया में एक फिर तनाव बढ़ने के बाद देखने को मिली है।

बता दें कि साइप्रस के कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद अमेरिका फिर भड़का। ईरान के करीब 140 ठिकानों पर अटैक किया। इधर ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। ईरान ने हॉर्मुज को बंद करने का एलान किया। वहीं ट्रंप का दावा अभी भी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुला है।

ब्रेंट क्रूड अब सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए $79 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा है। 4% से ज़्यादा की बढ़त तब हुई जब पिछले हफ्ते कॉन्ट्रैक्ट में 5.5% की बढ़त हुई थी, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) या US क्रूड वेरिएंट भी $74 प्रति बैरल के निशान से ऊपर ट्रेड कर रहा था। वीकेंड ब्रेक के बाद यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स में भी 2.5% की बढ़त हुई।

होर्मुज स्ट्रेट खुला है या बंद?

हालांकि ईरान ने घोषणा की है कि स्ट्रेट, जो एक मुख्य जलमार्ग है, जो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का 20% कंट्रोल करता है, “अगली सूचना तक” बंद रहेगा, US सेंट्रल कमांड ने इस तरह के दावे से इनकार किया है, और कहा है कि सेना नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।

सेंट्रल कमांड ने “X” पर लिखा, “होर्मुज स्ट्रेट उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इंटरनेशनल वॉटरवे से गुज़रना चाहते हैं।”

US सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि उसने स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए रविवार को शाम 5 PM ईस्टर्न टाइम पर हमलों का एक नया दौर शुरू किया है।

ईरान युद्ध के दौरान हुए सारे फ़ायदे गंवाने के बाद, कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं। पिछले महीने फ्रांस में G7 समिट के दौरान US और ईरान दोनों ने एक MoU पर साइन किए थे। इसमें युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का सुरक्षित रास्ता पक्का करने के पॉइंट शामिल थे।

हाल ही में हुए हमलों से पहले, शुक्रवार को इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के बयान के मुताबिक, इस हालिया भड़कने से इस साल के आखिर में खत्म हुए तेल के भंडार को फिर से बनाने की कोशिशों पर असर पड़ने का खतरा है।

जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक, रविवार को स्ट्रेट से लगभग कोई ट्रैफिक नहीं था, सिर्फ़ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर चोकपॉइंट के पास आते देखे गए। हालांकि, JMIC ने आगे कहा कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया गया दक्षिणी रूट अभी भी उपलब्ध है।

ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने ऐलान किया है कि “एकतरफ़ा डील” का ज़माना खत्म हो गया है, और ज़ोर देकर कहा है कि बातचीत फिर से शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज़ ट्रांज़िट पर पहले किए गए कमिटमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए और ईरान से तेल एक्सपोर्ट को नॉर्मल करना चाहिए।

भारत ने जून में रूस से खरीदा रिकॉर्ड 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, बना हुआ है फॉसिल फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

भारत ने जून में रूस से खरीदा रिकॉर्ड 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, बना हुआ है फॉसिल फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

भारत ने इस साल जून में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया। यह मई महीने की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक रहा। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पीटीआई के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2026 में भारत ने रूस से 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदा। रूस से भारत के कुल 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) आयात में इस तेल की हिस्सेदारी 83 प्रतिशत रही। भारत, चीन के बाद रूस से हाइड्रोकार्बन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बना हुआ है। चीन ने जून में 7.3 अरब यूरो का रूसी जीवाश्म ईंधन खरीदा।

भारत का कच्चे तेल का कुल आयात जून में मासिक आधार पर 5.4 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान भारतीय रिफाइनरियों में रूसी तेल की आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी दिखी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी में रूस से तेल की आपूर्ति मई की तुलना में 150 प्रतिशत और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की पारादीप रिफाइनरी में 126 प्रतिशत बढ़ी। इसी तरह भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की कोच्चि रिफाइनरी में सप्लाई 83 प्रतिशत और नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी में 45 प्रतिशत बढ़ी।

रूस का कच्चे तेल के निर्यात से रेवेन्यू 8 प्रतिशत घटा

CREA के अनुसार, भारत की बढ़ी हुई खरीदारी से जून में रूस के कच्चे तेल के निर्यात की मात्रा 14 प्रतिशत बढ़ गई। हालांकि कम कीमतों के कारण रूस की कच्चे तेल के निर्यात से आय मासिक आधार पर 8 प्रतिशत घटकर 34.8 करोड़ यूरो प्रतिदिन रह गई। रूस की जीवाश्म ईंधन निर्यात से आय 1 प्रतिशत घटकर 73.4 करोड़ यूरो रह गई, जबकि निर्यात की मात्रा 7 प्रतिशत बढ़ी। रिपोर्ट कहती है कि जून में भारत द्वारा रूस से आयात किए गए 5.5 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन में 4.5 अरब यूरो का कच्चा तेल, 48.8 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट और 44.4 करोड़ यूरो का कोयला शामिल था।

Commodity Corner: घरेलू बाजार में ग्वार पैक में आई तेजी, क्या आगे भी आएगा कीमतों में उछाल

रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का कितना निर्यात

भारत, रूस के कच्चे तेल से तैयार किए गए रिफाइंड फ्यूल के वैश्विक व्यापार में भी अहम भूमिका निभा रहा है। जून में भारत, तुर्किये, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को 81.4 करोड़ यूरो के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का निर्यात किया। इनमें से लगभग 36.9 करोड़ यूरो के प्रोडक्ट रूसी कच्चे तेल से तैयार किए गए थे। जिन देशों को ये प्रोडक्ट भेजे गए उनमें यूरोपीय संघ, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, चेक करें आपके शहर की कीमत

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 12 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Outlook: सोना अभी खरीदे या थोड़ा और रुकें? एक्सपर्ट्स ने बताया दिवाली तक का ये टारगेट

Gold Price Diwali Target Outlook: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई का डर एक बार फिर बढ़ गया है। इस तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशक और आम खरीदार असमंजस में हैं कि अभी सोना खरीदना चाहिए या नहीं। आइए समझते हैं कि दिवाली तक सोने की चाल कैसी रह सकती है।

क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी या भारी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। अगर यहां से कीमतों में कोई गिरावट आती भी है, तो वह महज 5% तक ही सीमित रहने की संभावना है। घरेलू बाजार में सोने को ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट पर है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए।

क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

सोने की मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से निकालकर सोने की तरफ आकर्षित किया है।

कच्चा तेल और महंगाई: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है, जिससे हेजिंग के लिए सोने की मांग बढ़ी है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।

दिवाली तक कहां पहुंच सकता है सोना?

दिवाली पर सोने के भाव को लेकर विश्लेषकों ने दो तरह की संभावनाएं जताई हैं:

पहली स्थिति: अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और स्थितियां सामान्य होती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतें छलांग लगाते हुए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती हैं।

दूसरी स्थिति: अगर तनाव और अनिश्चितता का माहौल आगे भी बरकरार रहता है, तो सोने के दाम ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख के सीमित दायरे में ही बने रहेंगे।

ग्लोबल टारगेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $3,800 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि लंबी अवधि के लिए $5,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ज्वैलरी मार्केट में लौटी रौनक, खरीदारी का अच्छा मौका

सोने की कीमतों में आई हालिया मामूली गिरावट ने ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की डिमांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जब कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई पर थीं, तब बिक्री में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल दिवाली पर सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले बेहतर या उसके बराबर रह सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।