Pharma Stocks: बारिश-बाढ़ के चलते कुछ यूनिट्स में काम बंद, अब 27 जुलाई को इस फार्मा शेयर पर रहेगी नजर

Piramal Pharma Stocks: फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी पिरामल फार्मा के शेयरों में 27 जुलाई को स्टॉक मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी ने एक दिन पहले 24 जुलाई की रात एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि भारी बारिश और जलभराव के चलते गुजरात में इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में काम अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। ऐसे में शेयरों पर भी इसका असर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 24 जुलाई को बीएसई पर यह 0.17% की बढ़त के साथ ₹181.15 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 0.43% की कमजोरी के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ था।

इन फैसिलिटीज की Piramal Pharma के रेवेन्यू में कितनी हिस्सेदारी?

भारी बारिश और बाढ़ के चलते पिरामल फार्मा ने शुक्रवार 24 जुलाई को बताया कि उसने गुजरात के अहमदाबाद में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में कुछ समय के लिए काम रोक दिया है। कंपनी ने बताया कि इनके सभी एंप्लॉयीज और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे स्टॉफ सुरक्षित हैं। अब कंपनी मौजूदा स्थिति का आकलन कर रही है और कामकाज बंद होने के असर का कैलकुलेशन कर रही है। कंपनी का कहना है कि मौसम की स्थिति में सुधार होने पर अगले कुछ दिनों में कामकाज धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। पिरामल फार्मा का कहना है कि जिन यूनिट्स को बंद किया गया है, उनके एसेट्स इंश्योरेंस कवरेज के तहत हैं। कंपनी के मुताबिक इन यूनिट्स की कुल मिलाकर इसके कंसालिडेटेड रेवेन्यू में 3% से कम हिस्सा है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

पिरामल फार्मा के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल बीएसई पर 29 जुलाई 2025 को यह ₹210.35 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 8 ही महीने में यह 37% टूटकर 23 मार्च 2026 को ₹132.50 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कल भारी बारिश-आंधी तूफान वाला मौसम: गुजरात के लिए रेड कलर वॉर्निंग, बाकी इन 20 राज्यों में भी मूसलाधार का अलर्ट

Mausam update 25 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर गुजरात में लगातार तीसरे दिन हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि अहमदाबाद के पॉश बोपाल इलाके में पानी बढ़ने की वजह से भारतीय सेना को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। सेना ने शुक्रवार दोपहर तक करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। देश के कई इलाकों में मानसूनी हवाओं के असर से मौसम का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है।

मौसम विभाग ने एक बार फिर गुजरात राज्य के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए बेहद भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र के तटीय अंचलों और ओडिशा से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 25 जुलाई को देश भर के अलग-अलग राज्यों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

गुजरात के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 25 जुलाई को गुजरात राज्य में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा। राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव के साथ तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन 4 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 25 जुलाई को देश के चार प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी-

  • राजस्थान: राज्य के पूर्वी और पश्चिमी भागों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • कोंकण और गोवा: तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
  • मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके पहाड़ी (घाट) क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वाकलन है।
  • ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है।

इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 25 जुलाई को देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है:

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ-साथ मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। बिहार, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के तटीय अंचलों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

3 राज्यों में रेड कलर वार्निंग के बीच आज फिर बारिश का तांडव! IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

Heavy Rain Alert Today 24 July: देश में मानसून पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और कई इलाकों में इसका विकराल रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 24 जुलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश भर के मौसम का हाल बताया है। मौसम विभाग ने आज देश के 3 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राजस्थान, कोंकण, ओडिशा से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तूफानी हवाओं का अलर्ट दिया गया है।

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आइए जानते हैं कि आज आपके राज्य और आसपास के अंचलों में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

3 क्षेत्रों में रेड अलर्ट, आज होगी अत्यधिक भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक आज तीन प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। आज राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर अति मूसलाधार से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। गुजरात के मैदानी व तटीय क्षेत्रों में जलभराव और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक आज देश के तीन महत्वपूर्ण हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में आज भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। राजस्थान के पश्चिमी जिलों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है-

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में भारी बारिश होगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत: बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में कई जगह भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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कल मूसलाधार बारिश: IMD ने 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 16 राज्यों में भी हैवी बारिश संग आंधी-तूफान का अलर्ट

Weather Update 24 July: मानसून की चाल देश भर में लगातार उग्र बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के 3 प्रमुख राज्यों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों समेत 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और समुद्र में उठने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 24 जुलाई को आपके राज्य और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

3 राज्यों में रेड अलर्ट कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 24 जुलाई को तीन राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में आफत की बारिश होगी, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 24 जुलाई को देश के अन्य तीन प्रमुख क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। सौराष्ट्र और कच्छ यानी गुजरात के तटीय और पश्चिमी भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
  • पूर्वी भारत: बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम व मेघालय में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने कई राज्यों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं को लेकर सचेत किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगहों पर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

Monsoon Rain Update: 7000 किलोमीटर लंबी बारिश की पट्टी दिखी! क्या उत्तर भारत में फिर एक्टिव होगा मानसून? IMD ने जारी किया नया अलर्ट

Monsoon Rain Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के अपने सबसे एक्टिव स्टेज में पहुंचने के बाद देश के एक बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश हो रही है। असम सहित कई इलाकों में बाढ़ जानलेवा हो गई है। इस बीच उपग्रह से कुछ ऐसी तस्वीरें शामने आई हैं जो इशारा कर रही हैं कि बारिश की इंटेसिटी और बढ़ने वाली है। असल में इन तस्वीरों में एशिया महाद्वीप के ऊपर 7000 से 10000 किलोमीटर लंबी बारिश की एक विशाल पट्टी (Rain Band) दिखाई दी है।

‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल मानसूनी प्रणाली उत्तर भारत से शुरू होकर हिमालय, चीन और दक्षिण कोरिया तक फैली हुई है। ये आने वाले दिनों में भारत के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का संकेत दे रही है।

इस क्लाउड स्ट्रक्चर को ‘मानसून कन्वर्जेंस जोन’ कहा जाता है। हिंद महासागर से आने वाली नमी से भरी हवाओं और पूरे एशिया में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के बीच टकराव की वजह से ये बनते हैं। इसी वजह से फिलहाल हजारों किलोमीटर के दायरे में बारिश लाने वाले बादलों का नया कॉरिडोर लगातार बन रहा है।

सामान्य से 170-180% अधिक हुई बारिश

मौसम की इस णाली के सक्रिय होने से पूरे देश में मानसूनी गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दिनों में दर्ज की गई बारिश दैनिक सामान्य औसत से करीब 170 से 180 प्रतिशत अधिक रही है। यह इस सीजन का अब तक का सबसे मजबूत और आक्रामक बारिश का स्पेल साबित हो रहा है। इस मानसूनी दौर की वजह से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहले से ही भारी बारिश दर्ज की जा रही है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है।

फसलों और जल स्तर को मिलेगा भारी फायदा

आपको बता दें कि मानसून के असमान शुरुआती दौर की वजह से देश के कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन बारिश का यह ताजा दौर मौसमी प्रदर्शन में बड़ा सुधार लाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बारिश से उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कमी में काफी कमी आएगी। इसके अलावा जलाशयों का जल स्तर सुधरेगा और खरीफ की फसलों को भी इससे बड़ा फायदा पहुंचेगा।

बाढ़ और भूस्खलन का बढ़ा खतरा

लगातार हो रही भारी बारिश के फायदों के साथ-साथ प्रशासन इसके खतरों को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है। पूर्वानुमान बताते हैं कि मानसून का यह सक्रिय चरण इस पूरे सप्ताह जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अचानक बाढ़ की स्थिति, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जल स्तर में तेज बढ़ोतरी का खतरा बड़ा हो गया है। खासकर पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इन खतरों को देखते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पूरे एशिया से जुड़ी है भारतीय मानसून प्रणाली

सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि भारत का मानसून पूरे एशिया में फैले एक बहुत बड़े वायुमंडलीय तंत्र का हिस्सा है। वर्तमान परिसंचरण अरब सागर से लेकर पूर्वी एशिया तक फैला हुआ है, जो कई देशों की मौसमी प्रणालियों को आपस में जोड़ता है और एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में बारिश को प्रभावित कर रहा है।

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फैशन डिजाइनर से सफल झींगा किसान बनीं रूपिंदर कौर | Saline Land to Success | Punjab Shrimp Farming

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के इन्ना खेड़ा गांव की रहने वाली रूपिंदर कौर ने कभी नहीं सोचा था कि फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई के बाद उनकी पहचान एक सफल महिला झींगा किसान के रूप में बनेगी। शादी के बाद उन्होंने देखा कि परिवार की जमीन खारेपन और जलभराव के कारण गेहूं और धान की खेती के लिए अनुपयोगी होती जा रही थी। तब उन्होंने अपने लेक्चरर पति मनजिंदर सिंह संधू के साथ जोखिम उठाकर झींगा पालन शुरू किया।

महिला किसान होने के कारण उन्हें 60% सरकारी सब्सिडी मिली। परिवार ने लोन लिया, प्रशिक्षण हासिल किया और 5.5 एकड़ से शुरू हुआ यह सफर आज कई एकड़ तक फैल चुका है। यह कहानी बताती है कि सही जानकारी, परिवार का साथ और नई सोच मिल जाए तो खारी जमीन भी सफलता की नई कहानी लिख सकती है।

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Weather Update : देशभर में मानसून हुआ सक्रिय, 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन से जम्मू-कश्मीर बेहाल

Monsoon becomes active across country, heavy rain alert for 18 states

Weather Update News : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं।

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है।

 

कैसा है जम्मू-कश्मीर का हाल?

जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, आगरा, मथुरा, रामपुर, बरेली, अलीगढ़, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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मौसम विभाग ने बिहार के कई इलाकों में अगले 24-48 घंटों के दौरान तूफानी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी तथा एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी।

यहां 2 स्थानों पर हुआ भूस्खलन

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2 स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे हाईवे करीब 6 घंटे तक बंद रहा। मदाना और शींदरा क्षेत्र में मलबा आने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ और बनी क्षेत्र में लगातार बारिश से सड़कें बंद हो गईं।

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मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में सबसे अधिक बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी दर्ज की गई। पुंछ में 204.5 मिमी, राजोरी में 186.2 मिमी, रियासी में 184.5 मिमी और उधमपुर में 155.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आज हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

 

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक टूटते ही बादल झूमकर बरसे। सोमवार आधी रात के बाद से प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का सिलसिला शुरू हुआ तो मंगलवार रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। सीधी जिले की मझौली तहसील में सबसे अधिक 124.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अगले 48 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की संभावना है।

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आईएमडी ने की यह अपील

आईएमडी ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। ट्रेकिंग और अन्य पर्वतीय गतिविधियों से भी फिलहाल परहेज करने का सुझाव दिया गया है।

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IMD Heavy Rain Alert: देशभर में मानसून का कहर! दिल्ली-मुंबई और कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन का भी खतरा

IMD Heavy Rain Alert: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और नागालैंड समेत कई राज्यों में बारिश का असर पहले ही देखने को मिल रहा है। हालात को देखते हुए राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।

हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा

IMD ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, शिमला और मंडी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, ऊना, बिलासपुर, सोलन, हमीरपुर, कुल्लू और सिरमौर में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, कीचड़ धंसने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

इसके अलावा जलभराव, कम विजिबिलिटी, ट्रैफिक जाम, परिवहन सेवाओं में बाधा, फसलों को नुकसान और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से भूस्खलन संभावित इलाकों, नदियों और तेज बहाव वाले नालों से दूर रहने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे हालात, वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति लापता है।

पुंछ जिले में लगातार बारिश के चलते एक मकान गिर गया। इसमें एक ही परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों में श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

मुंबई में ‘येलो अलर्ट’ जारी, जलभराव की आशंका

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शनिवार रात से लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है। अंधेरी, बांद्रा, विले पार्ले, दादर और मध्य उपनगरों के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। IMD ने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए बुधवार तक भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी और मध्य उपनगरों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों को जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की चेतावनी दी है। हालांकि, सेंट्रल, हार्बर और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं फिलहाल संचालित हो रही हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर गति प्रतिबंध के कारण मामूली देरी देखी जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से राहत, तापमान में आएगी बड़ी गिरावट

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से बुधवार तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इससे वीकेंड की उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा अधिकतम तापमान मंगलवार तक घटकर करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय होगा मानसून

उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मानसून और अधिक सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ व्यापक बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में रुक-रुक कर बारिश और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।

पश्चिम बंगाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अगले दो दिनों के दौरान अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कूचबिहार में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, निचले क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडाक जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भी 21 से 23 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में जारी रहेगा बारिश का दौर

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश जारी रहने की आशंका है। गुवाहाटी में पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है। जबकि नागालैंड के कई इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

प्रशासन की लोगों से अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। IMD के मुताबिक, इस सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की आशंका है।

Delhi Weather Today: 5 साल की सबसे गर्म जुलाई की रात के बाद दिल्ली में बारिश की वापसी, IMD ने जारी किया आंधी-तूफान का अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 20 जुलाई को दिल्ली में एक बार फिर बारिश ने जोरदार वापसी की। सुबह राजधानी के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान भी आ सकता है। बता दें कि शहर में एक और गर्म और उमस भरे दिन और पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद, इस बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

IMD के मुताबिक, कई जगहों पर हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कुछ अलग-अलग इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। सुबह और दोपहर से पहले गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, दोपहर और शाम के समय भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 साल में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद तापमान में आएगी गिरावट

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है, जो रविवार की गर्मी के मुकाबले काफी कम है।

बता दें कि रविवार को दिल्ली में जुलाई महीने की पिछले पांच सालों में सबसे गर्म रात दर्ज की गई। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री ज्याद था। इससे पहले शहर में जुलाई की इससे ज्यादा गर्म रात 1 जुलाई 2021 को दर्ज की गई थी, जब न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस था।

वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के औसत से 3.1 डिग्री ज़्यादा है। इस महीने में यह दूसरी बार था जब न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।

अन्य मौसम केंद्रों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 37.2 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 36.7 डिग्री सेल्सियस और रिज में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान लोधी रोड में 30 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 29.4 डिग्री सेल्सियस, पालम में 29 डिग्री सेल्सियस और रिज में 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी में बारिश की संभावना

हवा में नमी होने के बावजूद, रविवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच शहर के पांचों मुख्य मौसम केंद्रों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण सोमवार को व्यापक बारिश होने की उम्मीद है।

IMD ने कहा कि मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और आंधी-तूफान आने की संभावना है। इससे जलभराव, विजिबिलिटी कम होने और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है, खासकर सुबह और शाम के समय जब लोग आवाजाही करते हैं।

इसके अलावा, आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर सकती हैं और संवेदनशील इलाकों में बिजली की आपूर्ति में अस्थायी रुकावट आ सकती है।

AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में

रविवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता (AQI) ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 169 दर्ज किया गया। वहीं, सुबह 8:30 बजे हवा में नमी 68% थी, जो शाम 5:30 बजे तक घटकर 50% रह गई।

IMD ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान, राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे दिन का तापमान 31-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और हाल ही में पड़ी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

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हैवी रेन अलर्ट 20 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आधी तूफान का भी खतरा

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।