14 जुलाई Weather Update: बिहार-ओडिशा में बहुत भारी बारिश, IMD ने इन 10 राज्यों में दिया हैवी रेन का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।

बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 14 जुलाई को निम्न राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा

इन राज्यों में कई जगह तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा, गिर सकती है बिजली

आईएमडी के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

मध्य और दक्षिण भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा, तमिलनाडु और रायलसीमा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, वहां भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, कई जगहों पर आंधी-तूफान, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही 13 जुलाई को मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर भी चेतावनी दी गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

अभी कहां कितनी हुई बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति?

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और तेज हवाएं दर्ज की गईं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज हुई। अरुणाचल प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश (7-11 सेमी) देखी गई।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज/झंझावाती हवाएं चलीं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र, गुजरात राज्य, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, केरल और माहे, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं।

क्षेत्रीय मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के करीब है जबकि इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश का मौसम कुछ ऐसा रहेगा-

उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 19 जुलाई के दौरान अलग-अलग जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-17 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 18-19 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड में 13-19 जुलाई तक व्यापक बारिश और 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश में 18-19 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 13-19 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 16-19 जुलाई के दौरान बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 13-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16-19 जुलाई को छिटपुट बारिश जारी रहेगी। 13-14 जुलाई को बिहार में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश और 14, 15, 18 व 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 13-17 जुलाई के दौरान भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

झारखंड में 13, 18 और 19 जुलाई को छिटपुट बारिश और 14-17 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 13-14 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 14-15 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 13 व 16 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

मेघालय में 13 जुलाई को कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 13-15 जुलाई और 17-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश तथा 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 13-19 जुलाई तक लगातार भारी बारिश का अनुमान है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 और 17 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 14-16 और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य और पश्चिमी भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-17 जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 14-15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 13-16 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 17-19 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र व कच्छ में 13-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु)

तटीय कर्नाटक में 17-19 जुलाई और केरल व माहे, लक्षद्वीप में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13-17 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

हीटवेव और उमस भरी गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13 से 15 जुलाई के दौरान अलग-अलग इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है। ओडिशा में 13-14 जुलाई और रायलसीमा व तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 13-15 जुलाई के दौरान मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

कल का मौसम 13 जुलाई: पूर्वी यूपी, बिहार-बंगाल तक मूसलाधार बरसात, IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग 13 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक जा रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 13 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:

इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी हवाओं के चलते भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बवंडर जैसी तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का असर

एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी है, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में मौसम विपरीत रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम का हाल

समंदर में उठने वाले तूफान और तेज हवाओं को लेकर मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

एक दिन देर से ही सही पूरे देश में छा तो गया मानसून पर बारिश के ये 3 आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले, IMD का बिग अपडेट

Monsoon Rain Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को एक बड़ा अपडेट शेयर किया है। इसके मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे देश को कवर कर लिया है। पूरे देश में मानसून के छाने में सामान्य तिथि (8 जुलाई) के मुकाबले इस बार महज एक दिन की देरी हुई है। भले ही मानसून पूरे भारत में पहुंच चुका है लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए बारिश के तीन आंकड़े देश के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। देश में इस समय कुल मिलाकर बारिश की कमी बनी हुई है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो स्थितियों का उभरना इसके पीछे का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। अल नीनो की स्थिति भारत में कम बारिश की वजह बनती है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वे 3 आंकड़े जो चिंता बढ़ा रहे हैं:

चिंता बढ़ाने वाले बारिश के 3 बड़े आंकड़े

IMD के डेटा के मुताबिक मानसूनी सीजन की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के आंकड़ों में गंभीर गिरावट दर्ज की गई है। इसे नीचे बिंदुवार समझा जा सकता है-

1- जून महीने में 40% की भारी कमी

भारत में इस साल जून के महीने में करीब 40 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी। इसमें सबसे बुरी मार मध्य भारत पर पड़ी। यहां जून में 50.4 प्रतिशत की भारी कमी देखी गई। इतना ही नहीं देश में इस साल जून के दौरान साल 1901 के बाद से अब तक की पांचवीं सबसे कम (99.5 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।

2- ओवरऑल सीजनल डेफिसिट अभी भी 14% पर

भले ही जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश दिख रही है लेकिन IMD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 9 जुलाई की अवधि के लिए देश में कुल मिलाकर बारिश की कमी अभी भी 14 प्रतिशत पर बनी हुई है।

3- जुलाई महीने का सूखा अनुमान (94% LPA)

मौसम विभाग ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में बताया था कि जुलाई के पहले 7 से 10 दिनों में देश भर में बारिश होगी (जो वर्तमान में दिख भी रही है) लेकिन इसके साथ ही विभाग ने आगाह किया है कि पूरा जुलाई महीना सामान्य से अधिक सूखा रहेगा। जुलाई में देश भर में होने वाली बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) का महज 94 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है।

क्या होता है LPA?

एलपीए (Long-Period Average) का मतलब किसी दिए गए समय (जैसे एक महीना या सीजन) के दौरान किसी विशेष क्षेत्र में दर्ज की गई बारिश के उस औसत से होता है जो आम तौर पर 30 से 50 वर्षों की एक लंबी अवधि का निकाला जाता है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे देश में मौसमी बारिश का एलपीए (LPA) 87 सेमी है।

जुलाई के शुरुआती 9 दिनों में रहा बड़ा सरप्लस

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अगर सिर्फ जुलाई महीने के शुरुआती आंकड़ों को देखें तो भारत ने अब तक बारिश का एक बड़ा सरप्लस (अधिकता) देखा है। जहां जुलाई के पहले 9 दिनों में सामान्य बारिश का आंकड़ा 73.8 मिमी होता है, वहीं देश में इस अवधि में अब तक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

इस साल सामान्य से कम रह सकती है कुल मानसूनी बारिश

केरल में इस साल मानसून की शुरुआत 4 जून को हुई थी जिसने देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) की शुरुआत की थी। आमतौर पर केरल में मानसून 1 जून को दस्तक देता है। मौसम विभाग के कुल पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल पूरे मानसून सीजन में होने वाली कुल बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) की सिर्फ 90 प्रतिशत होने की संभावना है। इसमें 4 प्रतिशत का मॉडल एरर शामिल है। अल नीनो की स्थिति के चलते इस कमी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

IMD का बारिश पर बड़ा अलर्ट: यूपी-उत्तराखंड 2 दर्जन से ज्यादा राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी, 15 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के असर की वजह से जबर्दस्त बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और कई लैंडस्लाइड देखने को मिली हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए आज 9 जुलाई को उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके साथ ही मानसून ने सामान्य तिथि (8 जुलाई) से महज 1 दिन की देरी से 9 जुलाई को पूरे देश में अपनी दस्तक दे दी है। पूरे भारत में मानसून के सक्रिय होने के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत दो दर्जन से अधिक राज्यों के लिए 15 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के भीतर कुछ राज्यों में बादलों का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है:

  1. उत्तराखंड: 9 और 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  3. देश भर के राज्यों का विस्तृत क्षेत्रीय पूर्वानुमान (9 से 15 जुलाई)
  4. उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड में लगातार बरसेंगे बादल

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 10 जुलाई को बहुत भारी और 11 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूर्वी यूपी में 9 से 11 जुलाई तक बहुत भारी बारिश और 12-13 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 9 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी है।

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड में 9-10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 11 से 15 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। यहां 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब में 9 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ ही 9 जुलाई और 11-12 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
  • जम्मू-कश्मीर और राजस्थान: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9-12 जुलाई तक व्यापक बारिश, भारी बारिश (11-12 जुलाई) और 15 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-10 जुलाई को गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। इन दोनों क्षेत्रों में 9 से 13 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। पश्चिमी हिस्से में 9 जुलाई को और पूर्वी हिस्से में 9-10 जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 9 जुलाई और फिर 13-15 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी जबकि 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-13 जुलाई तक बिजली चमकने का अलर्ट है। विदर्भ में 9 जुलाई और 14-15 जुलाई को व्यापक बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बहुत भारी बारिश की मार

बिहार: बिहार में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 10 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिससे 10-12 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9-10 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 11-15 जुलाई को भारी बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 से 13 जुलाई तक भारी बारिश और 9-10 जुलाई को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड और ओडिशा: झारखंड में 12-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा में 13-14 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 15 जुलाई तक आफत

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 11 से 15 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी, जिसमें 9 से 11 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गोवा में मूसलाधार जारी

कोंकण और गोवा: इस क्षेत्र में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक और भारी बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और गुजरात: मध्य महाराष्ट्र में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मारूवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 15 जुलाई तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में थंडरस्कॉल का अलर्ट

तेलंगाना: तेलंगाना में 9 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आने की चेतावनी दी गई है। 10 से 15 जुलाई तक यहां तेज हवाएं चलेंगी।

केरल और कर्नाटक: केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 9-15 जुलाई तक व्यापक बारिश और 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी और 9-10 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

School Holiday Due to Rain: भारी बारिश के बीच यूपी से उत्तराखंड तक कई राज्यों के स्कूलों में छुट्टी, हॉलिडे की पूरी लिस्ट यहां चेक करें

School Holiday List: देश भर में मॉनसून के रौद्र रूप और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनियों के बीच छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कई राज्यों के जिला प्रशासनों ने स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का या क्लासेज को सस्पेंड करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। आइए जानते हैं आपके राज्य और जिले में स्कूलों की छुट्टी को लेकर क्या है ताजा स्थिति।

उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR: गाजियाबाद समेत कई जिलों में स्कूल बंद

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के व्यापक बारिश व थंडरस्टॉर्म के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गाजियाबाद में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की वजह से जिला प्रशासन ने कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को गुरुवार को बंद रखने का आदेश दिया है। मथुरा और हाथरस में भी भारी बारिश के मद्देनजर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में कक्षाएं सस्पेंड कर दी गई हैं।

IMD का दिल्ली-NCR और यूपी अलर्ट: मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए दिल्ली (सभी जिलों जैसे नई दिल्ली, साउथ, वेस्ट, ईस्ट, सेंट्रल दिल्ली आदि) और हरियाणा के फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। वहीं यूपी के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़ और मथुरा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।

उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल समेत इन जिलों में छुट्टी

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी आफत की बारिश जारी है। इसके चलते मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी और चमोली समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून, उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में सभी सरकारी और प्राइवेट शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को पूरी तरह से बंद रखने का आदेश दिया गया है।

केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र: दक्षिण और पश्चिम भारत में भी ताले

भारी मानसूनी बारिश के चलते केरल के वायनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने केरल के एर्नाकुलम और त्रिशूर में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के होसनागर और सागर तालुकों में भारी बारिश के कारण स्कूलों की छुट्टी लगातार जारी है। पालघर जिले के वसई तालुक और वसई-विराट नगर निगम क्षेत्र में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी आंगनवाड़ियों, स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई और व्यावसायिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

स्कूल जाने से पहले अपने जिले का अपडेट जरूर चेक करें

प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माता-पिता और छात्रों को सख्त सलाह दी है कि वे अपने घर से निकलने से पहले अपने-अपने संबंधित जिला प्रशासन या स्कूल ग्रुप्स से अपडेट जरूर चेक कर लें। IMD ने अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का पूर्वानुमान जताया है, इसलिए स्थानीय मौसम के आधार पर जिला अधिकारी छुट्टियों की समीक्षा कर रहे हैं। स्थिति बिगड़ने पर आने वाले समय में कुछ और जिलों में भी छुट्टी की घोषणा की जा सकती है।

IMD का पूरे देश के मौसम को लेकर लेटेस्ट अलर्ट यहां नीचे चेक करें

कल का मौसम 8 जुलाई: इन 19 राज्यों में भारी बारिश और 18 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक IMD ने जारी की ये चेतावनी

India Weather Forecast for 8th July: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के शेष हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक दे देगा। मौसम प्रणालियों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाके पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और राजस्थान से लेकर बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ बनी हुई है। इन मजबूत सिस्टम्स के प्रभाव के चलते बुधवार 8 जुलाई को देश के 19 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों में आंधी-तूफान व आसमानी बिजली का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासनिक दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इन 9 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 8 जुलाई को देश के 9 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ये अलर्ट नीचे दिए गए राज्यों के लिए जारी किया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

तटीय कर्नाटक

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

पूर्वी राजस्थान

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

मध्य प्रदेश

यूपी, दिल्ली-NCR और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

8 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस सूची में नीचे दिए गए राज्य शामिल हैं-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

पश्चिमी राजस्थान

सौराष्ट्र और कच्छ

विदर्भ (महाराष्ट्र)

केरल और माहे

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट (18 प्रभावित राज्य)

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी चेतावनी जारी की है:

1- 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल

गुजरात क्षेत्र, संपूर्ण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है।

2- 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप और पूरे राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

3- 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं

बिहार, ओडिशा, संपूर्ण पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

4- गरज-चमक और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ सामान्य आंधी आ सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में सतह पर बेहद मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

समुद्री तटीय इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को न जाने की सलाह

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में तूफानी मौसम और भारी लहरें उठने की चेतावनी जारी की है:

उत्तरी कोंकण तट: यहां सबसे खतरनाक स्थिति रहने वाली है। यहां 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

दक्षिणी कोंकण और गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक छू सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। इससे मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ केंद्रीय, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) चलने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।

आज का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 23 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली-यूपी से बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today: देश के बड़े हिस्से में मॉनसून का बवाली रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई को देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण के मुताबिक उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश व उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया में बदल चुका है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आगे कमजोर होने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिससे देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

देखें मौसम का पूर्वानुमान:

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इन 6 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के छह क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां आकाशीय बिजली चमकने के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है:

  • तटीय कर्नाटक
  • गुजरात राज्य
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • विदर्भ (महाराष्ट्र)
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश

इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश होने से जलभराव और नदी-नालों में उफान जैसे हालात बन सकते हैं।

बिहार, एमपी और राजस्थान में होगी बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, देश के मध्य, पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है:

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: पूर्वी भारत के इन हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है।

पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: लो प्रेशर एरिया के असर की वजह से इन दोनों राज्यों में बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही आंधी-तूफान और वज्रपात का अलर्ट रहेगा।

पूर्वी राजस्थान: यहां मॉनसून की सक्रियता के कारण बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश: उत्तर भारत के इस पहाड़ी राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

मराठवाड़ा (महाराष्ट्र) और आंतरिक कर्नाटक इन दोनों क्षेत्रों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी

मौसम विभाग ने कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ ही बिजली चमकने और तेज आंधी का डबल अटैक होने का पूर्वानुमान जताया है-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: दिल्ली-NCR और हरियाणा के इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

पंजाब और पश्चिमी राजस्थान: इन क्षेत्रों में मानसून की सामान्य से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चल सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद: इन पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन राज्यों में भारी बारिश के साथ ही तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) और बिजली गिरने की चेतावनी है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर के राज्यों में बिजली कड़कने का भी अलर्ट है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी आंधी-बारिश की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के राज्यों के लिए तेज आंधी का विशेष अलर्ट जारी किया है:

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान आने की आशंका है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

समंदर में तूफान: मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। कोंकण और गोवा तट पर 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की गति से तूफानी मौसम रहने के आसार हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओडिशा तटों, और केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

मॉनसून की प्रगति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

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IMD Rain Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने अगले 4 दिन से लिए जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को देश के कई हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत में पूरी तरह सक्रिय है, जिसकी वजह से कई राज्यों में जोरदार बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दिल्ली में सोमवार को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, वहीं कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून के सक्रिय रहने की वजह से हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं वाला मौसम बना रहने का अनुमान है। अगले तीन से चार दिनों तक देश के अधिकांश राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे पश्चिम, मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश होने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान की भी संभावना जताई है।

IMD के मुताबिक, सोमवार को गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कई इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, सौराष्ट्र-कच्छ, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब, उत्तराखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने निचले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पंजाब, उत्तराखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

IMD ने बताया कि गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में भी तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और कुछ जगहों पर स्थानीय बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

तेज हवाओं के साथ होगा बारिश

मौसम विभाग ने बताया है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश का अनुमान है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का जोर बना रह सकता है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना भी जताई गई है।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि अगले चार दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।