‘CM विजय को गले लगाना है…’ जंतर-मंतर सड़क पर लेटी महिला की अनोखी मांग, Video वायरल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला का अलग अंदाज देखने को मिला। सोशल मीडिया पर महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिला प्रदर्शन स्थल से हटने से इनकार कर दिया। महिला ने कहा कि वह एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से मिलकर उन्हें गले लगाना चाहती है। महिला की इस बात को लेकर मौके पर कुछ देर तक लोगों के बीच चर्चा होती रही। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक महिला सड़क पर लेटी नजर आ रही है। वीडियो में दो महिला पुलिसकर्मी उस महिला के पास जाती नजर आती हैं और उसे वहां से उठाने की कोशिश करती हैं। लेकिन महिला वहां से हटने को तैयार नहीं होती। जब एक पुलिसकर्मी उसे उठाने की कोशिश करती हे महिला तुरंत विरोध करते हुए कहती है, “मुझे मत छुओ।” जब उससे इसकी वजह पूछी जाती है, तो वह कहती है कि वह एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति से मिलना चाहती है और उन्हें गले लगाना चाहती है। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी उसे वहां से अपने साथ ले जाती हैं।

चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के लोग जुटे। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई और कई लोगों को हिरासत में भी लिया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए हैं।

प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ AISA, SFI, NSUI और दूसरे छात्र संगठन भी शामिल हुए। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के मद्देनजर जंतर-मंतर व आसपास के इलाकों में सख्त पाबंदियां लागू की गई थीं।

मेट्रो स्टेशन को किया गया बंद

शुक्रवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। इनमें आम आदमी पार्टी के नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और संजय सिंह भी शामिल थे। प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और कई मेट्रो स्टेशनों पर कुछ समय के लिए आने-जाने पर रोक लगाई गई।

‘हनुमान अंश’ ने 56वें दिन भी कमा लिए इतने करोड़! क्या आप भूमियाधार के उस फेमस झरने को जानते हैं जहां का पानी पीते थे नीम करौली बाबा?

‘हनुमान अंश’ ने 56वें दिन भी कमा लिए इतने करोड़! क्या आप भूमियाधार के उस फेमस झरने को जानते हैं जहां का पानी पीते थे नीम करौली बाबा?

अपने चमत्कारों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध बाबा नीब करौली महाराज का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके उनकी आध्यात्मिक यात्रा के महत्वपूर्ण केंद्र बने। इन्हीं महत्वपूर्ण केंदों में शामिल है नैनीताल की ठीक करीब पड़ने वाला भूमियाधार। ये केंद्र कई श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय रहा है।

लोकल 18 के रिपोर्टर शैलेंद्र सिंह नेगी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भूमियाधार को बाबा का शुरुआती महत्वपूर्ण आश्रम बताया गया है, जो कैंची धाम से पहले के समय से जुड़ा है। मान्यताओं और बाबा के बारे में चर्चित किस्सों पर यकीन करें तो बाबा भूमियाधार का पानी नियमित रूप से पीते थे। बाबा नीब करौरी महाराज जिस जलधारा का पानी पीते थे उससे लोगों की आस्था आज भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों की मान्यता है कि इस पानी को पीने से किसी भी तरह के रोग नहीं होते।

स्थानीय निवासी किशोरी लाल का दावा है कि उन्होंने बाबा जी को सबसे पहले नौ वर्ष की उम्र में देखा था। यह साल 1951-52 की बात रही होगी। उनका दावा है कि उन्हीं के सामने उनके बुजुर्गों ने बाबा जी के कहने पर भूमियाधार में मंदिर की स्थापना की। बाबा जब भी इस इलाके में रहते थे, तो इस मंदिर के ठीक ऊपर जंगल में मौजूद एक जल स्रोत का पानी ही पिया करते थे।

आज लोग उसे जल स्रोत तक नहीं जाते, क्योंकि वहां से एक पाइप के जरिए पानी को मंदिर के ठीक सामने लाया गया है। जहां से पूरे गांव को इस पानी की सप्लाई होती है। स्थानीय मान्यता के मुताबिक बाबा नीब करौरी महाराज जब कैंची धाम में भी रहते थे तब भी घोड़े के जरिए यही से उनके पीने का पानी जाया करता था। उनके भक्त उनके लिए पानी का प्रबंध किया करते थे।

नैनीताल जिले में भवाली-भीमताल-नैनीताल मार्ग के बीच स्थित भूमियाधार का संबंध परम पूज्य बाबा नीम करौली महाराज की आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ा जाता है। कैंची धाम की ख्याति दुनिया भर में फैलने से पहले बाबा नीम करौली महाराज का भूमियाधार से भी गहरा संबंध बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूमियाधार में बाबा का आश्रम 1962 के दशक में स्थापित हुआ था और यह स्थान उनके शांत एकांत साधना स्थलों में शामिल रहा।

बाद में यहां हनुमान मंदिर की स्थापना भी हुई। भूमियाधार और बाबा की स्मृतियां भूमियाधार की शांत पहाड़ी, जंगलों से घिरा वातावरण और प्राकृतिक जलस्रोत इस स्थान को अलग पहचान देते हैं। हालांकि बाबा के जीवन से जुड़ी मौखिक परंपराओं और भक्तों की स्मृतियों में कई प्रसंग मिलते हैं, लेकिन भूमियाधार के पानी के नियमित सेवन से जुड़ा दावा मुख्यत श्रद्धालुओं की मान्यता के रूप में ही देखा जाता है। पानी से जुड़ी बाबा की एक और प्रसिद्ध मान्यता बाबा नीम करौली महाराज पर रिसर्च करने वाले कुणाल माधव मिश्रा के मुताबिक बाबा के जीवन में पानी और जलस्रोतों से जुड़े कई प्रसंग भक्तों की कथाओं में मिलते हैं।

भूमियाधार और आसपास के क्षेत्र से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा में महामारी के समय बाबा द्वारा पानी और तुलसी के उपयोग का उल्लेख मिलता है। इस कथा के अनुसार ग्रामीणों ने बाबा से सहायता मांगी और बाबा ने स्रोत के जल को लोगों को देने की बात कही। यह प्रसंग भक्त परंपरा में बाबा की करुणा और सेवा भावना से जोड़ा जाता है। कैंची धाम की स्थापना से पहले बाबा का यहां रहना, भक्तों से मिलना और एकांत में समय बिताना इस स्थान को उनके अनुयायियों के लिए विशेष बनाता है।

वर्तमान में भी यहां हनुमान मंदिर और आश्रम श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। उपलब्ध तीर्थ-जानकारी के अनुसार यह स्थान भवाली से लगभग 10 किलोमीटर और कैंची धाम से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर है। पहाड़ों में पानी का अपना अलग महत्व है। प्राकृतिक स्रोतों से निकलने वाला निर्मल जल सदियों से ग्रामीण जीवन का आधार रहा है। भूमियाधार में भी जल और आध्यात्मिक परंपरा एक-दूसरे से जुड़ते दिखाई देते हैं।

बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े होने के कारण यहां के पानी को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाएं और मजबूत हो जाती हैं। कोई इसे बाबा की स्मृति मानता है तो कोई इसे उस पवित्र भूमि का प्रसाद समझकर ग्रहण करता है। भूमियाधार की पहाड़ी आज जब देश-विदेश से श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचते हैं, उनमें से अनेक बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े दूसरे स्थलों के दर्शन भी करना चाहते हैं।

भूमियाधार ऐसा ही एक स्थान है, जहां कैंची धाम से पहले की बाबा की स्मृतियों को महसूस करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। शांत पहाड़, मंदिर की घंटियां, देवदार और बांज के जंगलों के बीच बसा यह स्थान बाबा के भक्तों के लिए आज भी आस्था का केंद्र है। भूमियाधार के पानी को बाबा नीम करौली महाराज के जीवन से जोड़ने वाली बात चाहे भक्तों की मौखिक परंपरा हो, लेकिन इस स्थान की आध्यात्मिक पहचान और बाबा से इसका ऐतिहासिक संबंध इसे उत्तराखंड के महत्वपूर्ण नीम करौली स्थलों में शामिल करता है।

Drishyam 3: ‘दृश्यम 3’ की सिनेमाघरों में दस्तक, 2026 में इंडियन फिल्मों के कलेक्शन को 10,000 करोड़ के पहुंचाएगी पार?

Drishyam 3: अजय देवगन की मल्टी स्टारर फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार हैं। फिल्म ने अपनी एडवांस बुकिंग से 16.6 करोड़ का कलेक्शन किया है। वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का ओपनिंग डे कलेक्शन 30 से 35 करोड़ के आसपास होगा। वहीं फिल्म 2026 में इंडियन बॉक्स ऑफिस की कुल कमाई में अच्छा खासा योगदान देगी।

दृश्यम 3′ की एडवांस बुकिंग

इंडियन बॉक्स ऑफिस पर हलचल तेज हो गई है। अगस्त में रिकॉर्ड-तोड़ कमाई और सितंबर में कई बेहतरीन फिल्मों के बाद अब ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। इसकी एडवांस बुकिंग के आंकड़े जबरदस्त हैं। वहीं उम्मीद है कि यह फिल्म भी बड़ी हिट हो सकती है।

रिलीज से पहले किया करोड़ों का बिजनेस

अजय देवगन की ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ ने ओपनिंग डे की एडवांस बुकिंग में ही लगभग 16.6 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। फिल्म के 4.44 लाख टिकट बिक चुके हैं। लंबे ओपनिंग वीकेंड के लिए एडवांस सेल 28.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे सक्सेसफुल थ्रिलर फ्रैंचाइजी में से एक का अंत भी है।

पहले और दूसरे पार्ट का कलेक्शन

2015 में रिलीज हुई ‘दृश्यम’ पार्ट 1 ने भारत में 76.16 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। वहीं ‘दृश्यम 2’ ने 2022 में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। दूसरे पार्ट ने 250.59 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। अब तीसरी फिल्म ऐसे समय में आ रही है, जब सिनेमाघरों के लिए ये दौरा काफी सफल चल रहा है। एक के बाद एक फिल्म हिट हो रही है।

मिर्जापुर द मूवी बॉक्स ऑफिस

सितंबर की शुरुआत ‘मिर्जापुर द मूवी’ जैसी हिट फिल्म के साथ हुई। एक्सेल एंटरटेनमेंट की पॉपुलर वेब फ्रेंचाइजी पर बेस्ड इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी और अली फजल लीड रोल में हैं। लगभग 90 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म ने 26 दिनों में दुनिया भर में 329.21 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया है। यह महीने की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में से बनी है।

एवेंजर्स एंडगेम एनकोर बॉक्स ऑफिस

उम्मीद से कम ओपनिंग के बावजूद ‘मार्वल की एवेंजर्स एंडगेम एनकोर’ दर्शकों का मनोरंजन करने में पीछे नहीं है। इस री-रिलीज ने क्रिस्टोफर नोलन की ‘इंटरस्टेलर’ को पीछे छोड़ दिया है और भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉलीवुड री-रिलीज बन गई है। अब तक लगभग 27.3 करोड़ रुपये की नेट कमाई करने के बाद यह फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रही है, जो 35.55 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के साथ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड री-रिलीज बनी हुई है।

अगस्त में कई बड़ी फिल्में हुईं रिलीज

अगस्त में रिलीज हुई फिल्मों ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कुछ 1768 करोड़ रुपये कमाए हैं, जिससे यह साल का सबसे अच्छा महीना और भारतीय बॉक्स ऑफिस के इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा महीना बन गया। इससे पहले ऐसी कमाई दिसंबर 2024 और दिसंबर 2023 में हुई थी। इस महीने की परफॉर्मेंस में ‘हनुमान अंश’, ‘टॉक्सिक’, ‘इरुमुडी’, ‘बेथलहम कुडुम्बा यूनिट’ और ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्मों ने धूम मचाई है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ ने किया चमत्कार

‘हनुमान अंश’ ने इतिहास रच दिया है। उम्मीद है कि यह अपनी लाइफटाइम डोमेस्टिक ग्रॉस कमाई लगभग 360 करोड़ रुपये तक पहुंचा लेगी। फिल्म सिर्फ 2 करोड़ के बजट में तैयार हुई थी। वहीं मलयालम ब्लॉकबस्टर ‘बेथलहम कुडुम्बा यूनिट’ इस साल की सबसे बड़ी रीजनल सफलताओं में से एक बनकर उभरी है और बॉक्स ऑफिस पर सभी भाषाओं के वर्जन में सबसे अधिक कमाई करने वाली मलयालम फिल्म बनने की कोशिश में लगी है।

मिड 2026 में पैन इंडिया का जलवा

अगस्त के टॉप-10 चार्ट में पैन-इंडिया फिल्मों में सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। इसमें हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और कन्नड़ भाषाओं की फिल्में शामिल थीं, जिसने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में अहम योगदान दिया है। साल 2026 के सितंबर तक कुल डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 9,868 करोड़ रुपये का हुआ है, जो पिछले साल के मुकाबले 18 फीसद ज्यादा है। सिनेमा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ इस आंकड़े को 10,000 के पार पहुंचा सकती हैं। इंडस्ट्री पूरे जोश के साथ फेस्टिव क्वार्टर में एंट्री करने के लिए तैयार है। अजय देवगन की फिल्म के बाद सबकी निगाहें दिवाली पर रिलीज हो रही रणबीर कपूर, यश स्टारर ‘रामायणम्’ और दिसंबर में रिलीज होने वाली शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ पर हैं।

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 52: 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर ‘हनुमान अंश’ ने रचा इतिहास, 52वें दिन 6.50 करोड़ का किया बिजनेस

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 52: विशाल चतुर्वेदी की ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने सिनेमाघरों मे 50 से ज्यादा दिन का सफर पूरा कर लिया है। रिलीज के 52वें दिन फिल्म ने 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। चलिए इसके कलेक्शन पर एक नजर डालते हैं।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

इस स्पिरिचुअल ड्रामा फिल्म ने सिनेमाघरों में 52 दिन पूरे कर लिए हैं। अब दुनिया भर में इसकी कुल कमाई (ग्रॉस कलेक्शन) 400 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। भारत में फिल्म की नेट कमाई 300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। फिल्म की कमाई में आठवें रविवार को उछाल देखा गया।

Sacnilk के अनुसार ‘हनुमान अंश’ ने 52वें दिन भारत में 9.00 करोड़ रुपये (नेट) कमाए, जबकि शनिवार को यह कमाई 6.50 करोड़ रुपये (नेट) थी। यह नया आंकड़ा पिछले दिन की तुलना में 38.5% की बढ़ोतरी दिखाता है। रविवार को 4,387 शो में फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 46.0% रही। शनिवार को 3,979 शो में ऑक्यूपेंसी 37.0% थी।

हालिया कमाई के बाद ‘हनुमान अंश’ ने भारत में कुल 307.03 करोड़ रुपये (नेट) कमाए हैं। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 362.70 करोड़ रुपये है। फिल्म के हिंदी 2D वर्शन ने रविवार को कुल मिलाकर 53.33% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। सुबह के शो में 30.54% ऑक्यूपेंसी रही, जबकि दोपहर के शो में यह आंकड़ा बढ़कर 60.38% हो गया। शाम के शो में दिन की सबसे ज्यादा 75.00% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, और रात के शो में यह 47.38% रही।

फिल्म के शो की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को 4,387 शो हुए, जबकि एक दिन पहले 3,979 शो हुए थे। भारत में 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों में 38.50 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 401.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

‘हनुमान अंश’ आठ वीक्स से सिनेमाघरों में लगी हुई है। पहले सात हफ्तों में इसका भारत में नेट कलेक्शन कुछ ऐसा रहा- पहले वीक में 1.08 करोड़ रुपये, दूसरे वीक में 40 लाख रुपये, तीसरे वीक में 10.40 करोड़ रुपये, चौथे वीक में 61 करोड़ रुपये, 5वें वीक में 90.25 करोड़ रुपये, 6वें हफ्ते में 80.25 करोड़ रुपये और सातवें हफ्ते में 44.80 करोड़ रुपये। फिल्म अभी अपने आठवें हफ्ते में चल रही है।

कैसी है फिल्म

‘हनुमान अंश’ हिंदी भाषा की एक आध्यात्मिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें शोभिनव सत्या और विहान शेडगे मुख्य भूमिकाओं में हैं। विशाल चतुर्वेदी ने इस फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है। आजादी से पहले के भारत पर आधारित यह फिल्म लक्ष्मी नारायण के शुरुआती जीवन की कहानी है। अपनी मां को खोने के बाद, वह छोटा लड़का घर छोड़ देता है और ईश्वर की तलाश में उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। रास्ते में उसे कई ऐसे अनुभव होते हैं जो उसकी यात्रा को आकार देते हैं और आखिरकार उसे नीम करौली बाबा में बदल देते हैं।

भारत में सच्चे संतों की कमी नहीं!

आज देश में सनातन धर्म के नाम पर शोर मचाने वाले ऐसे हज़ारों धर्मध्वजी, आत्मघोषित ‘संत’ गुरु, कथावाचक आदि सोशल मीडिया और समाज में छा गए हैं, जिनका आचरण दूर-दूर तक संतों जैसा नहीं है। रंगमंच के कलाकारों के जैसे रंगबिरंगे चमकीले-भड़कीले डिज़ाइनर वस्त्र पहन कर सरकारी सुरक्षाकर्मियों के साये में विशाल पंडालों में श्रोताओं के सम्मुख स्वयं को किसी राजाधिराज की तरह प्रस्तुत करना आम हो गया है। इसलिए कहावत है, ‘पानी पीजिए छान कर, गुरु कीजिए जान कर।’

बाबा नीब करौरी के जीवन के पूर्वार्ध पर बनी फ़िल्म ‘हनुमान अंश’ ने देश-विदेश के सनातनधर्मियों के हृदय को स्पर्श किया है। पिछले हफ़्ते जब थिएटर में मैं ये फ़िल्म देख रहा था तो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाया और आँखे कई बार छलछला गईं। कारण ये कि नीब करौरी बाबा का तो नहीं पर उन जैसे कुछ संतों का सानिध्य पिछले 28 वर्षों में मुझे निरंतर प्राप्त हुआ है। इन संतों की सहजता, दरिद्र नारायण के प्रति करुणा और अमीर-ग़रीब के बीच कोई फ़र्क़ न करने की प्रवृत्ति ने मुझे बहुत प्रभावित किया।

1998 में जब बरसाना के विरक्त संत श्री रमेश बाबा से मिला तो वे मानगढ़ की पहाड़ी पर एक खण्डहर-नुमा कमरे में रहते थे। जिसमें जून की गर्म दोपहरी में आती गर्म हवा के थपेड़ों को रोकने के लिए खिड़कियों पर फटी बोरियों को भिगो कर टांगा हुआ था। जब बाबा ने मुझे ब्रज की सांस्कृतिक धरोहरों को सजाने संवारने का आदेश दिया तो उन्होंने यह भी कहा कि, “भगवान दीनबंधु दीनानाथ हैं, धनीबंधु वीआईपीनाथ नहीं। पहले फ़क़ीर बनो, तब ब्रज की सेवा करना।”

बाबा के सानिध्य में 2002-05 के बीच मैंने भी ऐसा जीवन जीने का प्रयास किया। बोरी बिछा कर सोना, भिक्षा माँग कर रोटी खाना और बेहद साधारण कपड़े पहनना। पर इतना ही काफ़ी नहीं था। अपने स्वभाव में दीनता लाने का भी अभ्यास करना था। इस तरह बाबा ने अनेक प्रकार से ब्रज सेवा के लिए प्रशिक्षित किया। उनके प्रताप से जो कुछ ब्रज में धरोहरों के जीर्णोद्धार के कार्य हुए वो जग-जाहिर हैं।

इसी तरह बरसाना की पीली पोखर पर रहने वाले विरक्त संत विनोद बाबा भी हैं। जिनके तप, सादगी, करुणा और हृदय की विशालता को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मेरी मित्र मीरा बोरवाँकर जो महाराष्ट्र की चर्चित पुलिस अधिकारी रही और जिसके जीवन पर बॉलीवुड की फ़िल्म ‘मर्दानी’ बनी, वो श्री विनोद बाबा के दर्शन को तैयार नहीं थी। पर मैं उसे ले गया। बाबा को देखते ही वो ऐसी स्तब्ध हुई कि वहाँ उनके सामने घंटों बैठने की इच्छा व्यक्त करने लगी। ‘हनुमान अंश’ के अनेक प्रसंग ऐसे हैं जैसे मैंने उपरोक्त दोनों संतों के जीवन में प्रत्यक्ष अनुभव किए हैं। ‘संत हृदय नवनीत समाना’। जिस तरह बादल रात में चुपचाप किसान के खेत पर बिना बताए वर्षा करके चले जाते हैं, वैसे ही संत भी हमारे जीवन में अपनी कृपा की वृष्टि अनायास ही करते रहते हैं। गोवर्धन के सियाराम बाबा, वृंदावन के कृपाविलास वाले महाराज, पिछले कुछ वर्षों में प्रेमानंद जी महाराज और केरल की संत माता अमृतानंदमयी ‘अम्मा’ के सानिध्य में मुझे ऐसे ही अनेक अनुभव हुए हैं। इन सभी संतों ने मुझ पर अपना वात्सल्य खूब उड़ेला है। इसीलिए ‘हनुमान अंश’ फ़िल्म देखते समय मुझे बार-बार ऐसे प्रसंग याद आ रहे थे और आँसूँ थम नहीं रहे थे।

सच्चे संत हमारी पात्रता को नहीं देखते, वे तो अहैतुकि कृपा करते हैं। नीब करौरी बाबा का जीवन भी ऐसा ही था।  उन्होंने आडंबर और वैभव रहित सादगी भरा जीवन आम जनमानस के लिए समर्पित किया था। उनके क्रियाकलाप ये सिद्ध करने के लिए काफ़ी हैं कि संत को आपके पद, धन, रुतबे और हैसियत से कुछ लेना-देना नहीं होता। दुर्भाग्य की बात यह है कि आज देश में सनातन धर्म के नाम पर शोर मचाने वाले ऐसे हज़ारों धर्मध्वजी, आत्मघोषित ‘संत’ गुरु, कथावाचक आदि सोशल मीडिया और समाज में छा गए हैं, जिनका आचरण दूर-दूर तक संतों जैसा नहीं है।

रंगमंच के कलाकारों के जैसे रंगबिरंगे चमकीले-भड़कीले डिज़ाइनर वस्त्र पहन कर सरकारी सुरक्षाकर्मियों के साये में विशाल पंडालों में श्रोताओं के सम्मुख स्वयं को किसी राजाधिराज की तरह प्रस्तुत करना आम हो गया है। मोह-माया त्यागने का उपदेश देना और स्वयं वैभव युक्त जीवन जीना, सत्ताधीशों के आगे-पीछे मंडराना या उनके सानिध्य में गर्वित होना, अपने ही संसाधनों से मीडिया में स्वयं को ‘परम श्रद्धेय गुरुदेव’ जैसे अलंकारों से प्रचारित करवाना और खुलेआम धर्म का व्यापार करना इनके लिए आम बात है। आम जनता अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए धर्म की शरण लेती है। पर उन्हें मिलता है ‘ऊँची दुकान और फीका पकवान’।

पिछले तीस वर्षों में मैंने इस कॉलम में कई बार लिखा है कि जिसके सम्मुख बैठ कर आपकी भौतिक कामनाएँ समाप्त हो जाएँ और आध्यात्मिक जिज्ञासा का वेग प्रबल हो जाए, वही सच्चा संत है। बाक़ी तो सब धार्मिक मनोरंजन हैं। हमें भगवान या सच्चे संत से कुछ कह कर माँगना नहीं होता। नीब करौरी बाबा की तरह वे स्वयं ही जान लेते हैं कि हमें क्या चाहिए या हमारा भला किसमें है। भगवान श्री कृष्ण भगवद्गीता के 18वें अध्याय के 61वें श्लोक में कहते हैं कि, ‘ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति। भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया ॥’ अर्थात् हे अर्जुन! ईश्वर सभी प्राणियों के हृदय में निवास करते हैं। तो उनसे कुछ बोल कर मांगने की क्या ज़रूरत है?

देश के कोने-कोने में ऐसे सच्चे संतों की कमी नहीं है जो हमें तत्वज्ञान भी करा सकते हैं और हमारी व्यग्रता को भी शांत कर सकते हैं। ऐसे संतों को हमसे धन या संसाधन पाने की अपेक्षा नहीं होती। उन्हें जबरन शिष्य बनाने की इच्छा भी नहीं होती। ऐसे संत तो हमारे लाख बार नाक रगड़ने के बाद भी हमारी पात्रता को देख कर अपना शिष्य स्वीकार करते हैं। आजकल तो देश में थोक में शिष्य बनाने का व्यापार चल रहा है। ‘जैसा गुरु वैसा चेला, दोनों मिलकर ठेलमठेला’। लगभग 500 वर्ष पूर्व महाप्रभु वल्लभाचार्य जी ब्रज चौरासी कोस यात्रा के दौरान एक जंगल में पड़े विशालकाय अजगर को देख कर ठिठक गए। उस अजगर को हज़ारों चींटियां खा रही थीं। वो दर्द से छटपटा रहा था। महाप्रभु ने वहीं ठहर कर श्रीमद् भगवद् के 108 पाठ करने के निर्णय किया। उनके अचंभित शिष्यों ने इसका कारण पूछा। महाप्रभु ने कहा कि ये अजगर पिछले जन्म में आत्मघोषित गुरु था। इसने हज़ारों लोगों को दीक्षा देकर अपना शिष्य बनाया। पर न तो वो अपना उद्धार कर सका और न ही अपने हज़ारों शिष्यों का। वही शिष्य इस जन्म में ये हज़ारों चींटियाँ बन कर उसका शरीर खा रही हैं। इसलिए कहावत है, ‘पानी पीजिए छान कर, गुरु कीजिए जान कर।’

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 51: विशाल चतुर्वेदी की ‘हनुमान अंश’ ने भारत में 350 करोड़ रुपये का पार किया आंकड़ा

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 51: विशाल चतुर्वेदी की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘हनुमान अंश’ 51 दिनों के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। 10 लाख रुपये से शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने 51 दिनों में भारत में 352 करोड़ रुपये की कमाई की है।

Sacnilk के अनुसार इस भक्ति ड्रामा फिल्म ने शनिवार 26 सितंबर को भारत में 6.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। फिल्म ने सिनेमाघरों में अपने आठवें हफ्ते के दौरान यह बढ़त दर्ज की। 51वें दिन की कमाई 3,979 शो से हुई, जिसमें फ़िल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 37% रही।

शनिवार की कमाई को कुल कलेक्शन में जोड़ने के बाद ‘हनुमान अंश’ ने अब भारत में कुल 298.03 करोड़ रुपये (नेट) कमा लिए हैं। इसका भारत में ग्रॉस कलेक्शन 352.10 करोड़ रुपये है। भारत में नेट कलेक्शन 298.03 करोड़ रुपये होने के साथ, फिल्म अब 300 करोड़ रुपये के माइलस्टोन के बहुत करीब है।

‘हनुमान अंश’ ने विदेशी बाजारों में भी दर्शकों को आकर्षित करना जारी रखा है। फिल्म ने 51वें दिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से 0.75 करोड़ रुपये कमाए, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन 37.75 करोड़ रुपये हो गया।

फिल्म के बारे में

विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित और प्रोड्यूस की गई ‘हनुमान अंश’ को एक ट्रिलॉजी के पहले हिस्से के तौर पर प्लान किया गया है। यह फिल्म चतुर्वेदी की किताब ‘डिवाइन डिटूर: दैट चेंज्ड माई लाइफ’ पर आधारित है। आजादी से पहले के भारत पर आधारित यह कहानी लक्ष्मी नारायण के शुरुआती जीवन को दिखाती है। अपनी मां को खोने के बाद, वह लड़का अपना घर छोड़ देता है और ईश्वर की तलाश में पूरे उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। यात्रा के दौरान हुए अनुभव ही आगे चलकर उसे नीम करौली बाबा में बदल देते हैं।

फिल्म में मुख्य भूमिका शोभिनव सत्या ने निभाई है। कलाकारों की टीम में चंदन के. आनंद (राम नंदन भोसले), निखिल दुबे (सुधीर), अनिल रस्तोगी (महंत जी), सुगंधा मल्होत्रा ​​(सुधि) और भगवानदास पटेल (गोपाल) भी शामिल हैं। नेहा परांजपे ने पार्वती, उदयसिंह राजपूत ने बंसीधर और पूर्णिमा तिवारी ने राम बेटी का किरदार निभाया है।

PM Modi Join Bhajan Clubbing: ‘हनुमान अंश’ का ‘पार्वती’ गाना सुन मंत्रमुग्ध हुए पीएम मोदी, GEN Z के साथ भजन क्लबिंग का उठाया लुफ्त

PM Modi Join Bhajan Clubbing: शुक्रवार को दिल्ली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के मौके पर ‘भजन क्लबिंग’ इवेंट हुआ। इस शाम भक्ति और आज के दौर के संगीत का संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इवेंट में शामिल हुए। यहां ‘हनुमान अंश’ के लिए मशहूर गायक साधु तिवारी ने फिल्म का लोकप्रिय भक्ति गीत ‘पार्वती’ गाया। जब भजन बज रहा था तो प्रधानमंत्री को ‘जेन-जी’ (Gen Z) दर्शकों के साथ गाने का आनंद लेते हुए देखा गया।

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में पीएम मोदी को भीड़ के साथ पूरी तरह घुलते-मिलते, तालियां बजाते और दिल को छू लेने वाली भक्ति परफॉमेंस के दौरान ‘खंजरी’ बजाते हुए देखा गया। बाद में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इवेंट का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा, “दिल्ली में भजन क्लबिंग। शानदार!”

‘हनुमान अंश’ के एक्टर शोभिनव सत्य भी इवेंट में मौजूद थे और उन्होंने फिल्म के भक्ति गीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आनंद लेने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। NDTV से बातचीत में शोभिनव ने अफसोस जताया कि वह प्रधानमंत्री से मिल नहीं पाए। उन्होंने कहा, “उन्होंने जो कदम उठाए, जिस तरह से वह यहां आए और कुर्सी पर बैठे, ताली बजा रहे थे, पूरा आनंद ले रहे थे, ऐसा लगा जैसे वह बच्चों के बीच एक बच्चे बन गए हों। मुझे लगता है कि ऐसा केवल एक सच्चा संत ही कर सकता है। मेरे लिए वह एक सच्चे संत की तरह हैं।”

क्या है भजन क्लबिंग?

भजन क्लबिंग उभरता हुआ मूवमेंट पूरे भारत में ‘जेन-जी’ (Gen Z) का एक प्रमुख ट्रेंड है, जो भजन को नए अंदाज में पेश करता है। यह इवेंट आध्यात्मिक भजनों को आधुनिक कॉन्सर्ट-स्टाइल स्टेजिंग, शानदार लाइटों, लाइव बैंड और हाई-एनर्जी प्रोडक्शन के साथ पेश करता है। इसे खास तौर पर युवा पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक सभाओं को दिलचस्प बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लोगों को शराब-मुक्त कॉन्सर्ट के माहौल में नाचने, भजन गाने और एक-दूसरे से घुलने-मिलने का मौका देता है।

‘हनुमान अंश’

विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित ‘हनुमान अंश’ फिल्म लक्ष्मी नारायण नाम के एक दुखी लड़के के शुरुआती जीवन की कहानी है, जो भगवान की तलाश में घर छोड़ देता है। दशकों तक भटकने, ध्यान करने और सेवा करने के बाद वह सम्मानित संत नीम करौली बाबा बन जाते हैं, जिन्हें भक्त भगवान हनुमान का अवतार मानते हैं। सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 375 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और बड़े मेनस्ट्रीम स्टूडियो की फिल्मों पर पूरी तरह छा गई।

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ ने कमाया 18,200% मुनाफा, 4 लोगों के बीच बंटेगी कमाई, निर्देशक को मिलेंगे इतने करोड़

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ 2026 की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट फिल्म बन गई है। ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ के बाद यह इस साल की तीसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म है जो पिछले सात हफ्तों से सिनेमाघरों में डटी है। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इसके कुछ वीक और लगे रहने की तरफ इशारा कर रहा है। हाल में ही अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में फिल्म की प्रोड्यूसर में से एक अनुप्रिया नागर ने बताया था कि फिल्म 1.5 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के बजट में बनी थी। उन्होंने फिल्म में 50 लाख रुपये लगाए हैं। साथ ही डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म बनाने के दौरान फीस के तौर पर एक पैसा नहीं लिया था। लेकिन अब फिल्म से होने वाला मुनाफा चारों पार्टनर्स के बीच बांटा जाएगा।

डायरेक्टर को मिलेंगे 50 करोड़

‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कि इस फिल्म को डायरेक्ट करने के लिए विशाल चतुर्वेदी ने फीस नहीं ली थी। उन्होंने एक पैसा नहीं लिया था। अब प्रोफिट में से उन्हें हिस्सा दिया जाएगा। खबरों के मुताबिक विशाल को 50 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। हालांकि ये पुष्ट आंकड़ा नहीं है।

4 लोगों में बांटे जाएंगे इतने करोड़!

ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने 47 दिनों में कुल 366.45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। जब उनसे रिटर्न को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे मुनाफे का एक-चौथाई हिस्सा दिया जाएगा। सबसे पहले डिस्ट्रीब्यूटर को हिस्सा दिया जाएगा। फिर हम बाकी खर्चों और टैक्स को पे करेंगे। इसके बाद जितना भी पैसा बचेगा वह 4 लोगों में बांट दिया जाएगा।

अनुप्रिया को दिए जाएंगे 50 करोड़

अनुप्रिया से जब सवाल किया गया कि उन्हें कितने पैसे मिलने वाले हैं तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें कम से कम 50 करोड़ रुपये की उम्मीद है। इतना अमाउंट तब है, जब फिल्म ओटीटी पर नहीं आई है। मेकर्स ने अभी तक OTT, सैटेलाइट या म्यूजिक में से कोई डील नहीं की है। उन्होंने बताया कि ‘अभी तक तो मेरा अनुमान है कि 50 करोड़ रुपये कमा लूंगी। लेकिन पक्का नहीं कह सकती हूं। हमें अभी OTT, म्यूजिक और सैटेलाइट डील भी करनी है, तो ये संख्या बढ़ भी सकती है।

अनुप्रिया ने बताया आगे का प्लान

जब उनसे 50 करोड़ रुपये का वह अब वह क्या करने वाली हैं। इस सवाल पर वह मुस्कुराईं और उन्होंने कहा, ‘मुझे तो यह भी नहीं पता कि इतने सारे पैसे कैसे संभालूं। मुझे लगता है कि इसे सोसाइटी को वापस कर दिया जाना चाहिए।’ अनुप्रिया ने बताया कि वह अपना प्रोडक्शन हाउस बनाना चाहती हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि वह ऐसी और कहानियां पर्दे पर लाएंगी। रीजनल फिल्में और वेब सीरीज बनाना चाहेंगी, लेकिन उनका बजट कम होगा।

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 49: बॉक्स ऑफिस पर थमने का नाम नहीं ले रही ‘हनुमान अंश’, 49वें दिन कर डाली इतनी कमाई

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 49: विशाल चतुर्वेदी की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘हनुमान अंश’ 49 दिनों के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। 10 लाख रुपये से शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने 49 दिनों में भारत में 288 करोड़ रुपये की कमाई की है।

Sacnilk के अनुसार 49वें दिन ‘हनुमान अंश’ ने 6,729 शो में कुल मिलाकर ₹3.65 करोड़ की नेट कमाई की। इससे भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹340.55 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन ₹288.33 करोड़ हो गया है। विदेशों में फिल्म ने 49वें दिन ₹0.75 करोड़ कमाए, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन ₹36.50 करोड़ हो गया है। इससे दुनिया भर में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹377.05 करोड़ हो गया है।

‘हनुमान अंश’ ने अपने पहले हफ्ते में 1.08 करोड़ रुपये कमाए। दूसरे हफ्ते में सिर्फ 40 लाख रुपये और कलेक्शन में जुड़े। इस तरह 14 दिनों के बाद फिल्म ने सिर्फ 1.48 करोड़ रुपये कमाए थे। तीसरे हफ्ते में 10.4 करोड़ रुपये की कमाई हुई। अकेले 17वें दिन फिल्म ने 2.2 करोड़ रुपये कमाए। 19वें दिन 2.35 करोड़ रुपये और खाते में आए। चौथा वीक और भी जबरदस्त रहा। फिल्म ने 22वें दिन 6.25 करोड़ रुपये, 23वें दिन 9.25 करोड़ रुपये और 24वें दिन 12.75 करोड़ रुपये कमाए।

शुरुआत में इस फिल्म को बहुत ज्यादा दर्शक नहीं मिले। लेकिन जिन लोगों ने इसे देखा, उन्होंने इसकी तारीफ की। फिल्म का विषय भी इसे एक खास तरह के दर्शक वर्ग से जोड़ता है। भारत और विदेशों में नीम करौली बाबा के बहुत सारे अनुयायी हैं। उनके जीवन पर बनी फ़िल्म ऐसे दर्शकों को भी आकर्षित कर सकती है जो शायद आम तौर पर बॉलीवुड फिल्में नहीं देखते।

डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ एक बायोपिक और भक्ति-भाव वाली ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म उनकी किताब ‘डिवाइन डिटूर दैट चेंज्ड माई लाइफ’ पर आधारित है, जिसमें नीम करौली बाबा के जीवन की कहानी बताई गई है। फिल्म में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं।

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ को सपोर्ट करने से पहले मना किया अब माफी मांग रहे हैं, प्रोड्यूसर ने बॉलीवुड के दोगलेपन का किया खुलासा

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में बॉलीवुड के दोगलेपन पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में कई लोगों ने शुरू में फिल्म को सपोर्ट करने से साफ मना कर दिया था। लेकिन बाद में जब फिल्म ने कलेक्शन शानदार किया तो कुछ ने माफी मांगने के लिए हमसे वापस संपर्क किया था। 21 साल की प्रोड्यूसर ने कहा कि इन्वेस्टर्स इसलिए हिचकिचा रहे थे क्योंकि यह कम बजट की फिल्म थी और एक्टर्स भी नए थे।

सिद्धार्थ कन्नन से बात करते हुए अनुप्रिया ने कहा कि टीम ने पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान इन्वेस्टमेंट के लिए कई लोगों से संपर्क किया था, लेकिन उन्हें सपोर्ट नहीं मिला। उन्होंने कहा, “शुरू से ही मेरे जुड़ने से पहले भी, ‘हनुमान अंश’ की टीम पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए इन्वेस्टमेंट के वास्ते कई लोगों के पास गई थी, लेकिन कोई भी इन्वेस्ट करने को तैयार नहीं हुआ, जबकि इन्वेस्टमेंट बहुत बड़ा नहीं था।”

अनुप्रिया के मुताबिक इंडस्ट्री में कई लोगों को इस प्रोजेक्ट पर ज्या भरोसा नहीं था। उन्होंने कहा कि रिलीज से पहले कुछ ही लोगों ने हमें सपोर्ट किया, लेकिन बहुत से लोगों को प्रोजेक्ट पर भरोसा नहीं था। उन्हें लगा कि यह कम बजट की फिल्म है, डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म बना रहा है और एक्टर्स भी नए हैं। सबका कहना था फिल्म आएगी और चली जाएगी।

‘प्रोड्यूसर्स ने संपर्क किया और माफी मांगी’

अनुप्रिया ने कहा कि बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ के अच्छा प्रदर्शन करने के बाद इंडस्ट्री का रवैया पूरी तरह से हमारे लिए बदल गया। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2 करोड़ रुपये से कम के बजट में बनी इस फिल्म ने भारत में 331.70 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की है।

उन्होंने याद करते हुए कहा, “बहुत से प्रोड्यूसर्स ने संपर्क किया है और यह बहुत अच्छी बात है। उन्होंने हमें बधाई दी है। उनमें से कुछ लोग तो मेरे पास आए और कह, ‘सबसे पहले तो मैं माफी मांगता हूं क्योंकि यह फिल्म हमारे पास आई थी। हमें अफसोस है कि हम आपके साथ नहीं जुड़ पाए। वह मेरी सबसे बड़ी गलती थी।'”

अनुप्रिया ने कहा कि इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने उनसे यह भी कहा कि फिल्म ने दिखा दिया है कि एक छोटा प्रोडक्शन क्या हासिल कर सकता है। आपने हमें एहसास दिलाया है कि एक छोटी फिल्म कितना कुछ कर सकती है। आपने इंडस्ट्री को एक सबक दिया है।’ उन्होंने हमसे कहा, ‘आप जो भी मदद चाहें, हम आपके साथ हैं।'” हालांकि अनुप्रिया ने कहा कि वह उनके शुरुआती फैसले के लिए उनसे कोई शिकायत नहीं रखतीं। मैं उन्हें दोष नहीं देती, क्योंकि वह एक बहुत छोटी फिल्म थी।”

विशाल चतुर्वेदी की निर्देशित और शोबिनाव सत्या की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित है। यह भक्तिपूर्ण ड्रामा आस्था, भक्ति, करुणा और निस्वार्थ सेवा जैसे विषयों को दिखाता है।