Gold Silver Price: सोना करीब एक साल के सबसे निचले स्तर पर, एक्सपर्ट को अब तेजी की उम्मीद

Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अक्टूबर 2025 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और महंगाई की चिंता ने अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर कर दी है। हालांकि, जानकारों को सोमवार यानी 2 नवंबर को सोना और चांदी तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3% टूटा

शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरकर करीब 3,876 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पूरे सप्ताह में इसमें 3% की गिरावट रही। अक्टूबर में सोना 8.15% और पिछले एक साल में 3.17% टूट चुका है। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर 3.63% गिरकर करीब 3,885 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

घरेलू बाजार में ₹1.40 लाख के नीचे सोना

अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। घरेलू हाजिर बाजार में सोना ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गया। वहीं, MCX पर चांदी की कीमत ₹1.82 लाख प्रति किलो तक गिर गई।

MCX पर 4 दिसंबर की डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर 0.05% गिरकर ₹1,38,419 प्रति 10 ग्राम पर रहा। वहीं, चांदी का फ्यूचर 0.13% टूटकर ₹1,78,900 प्रति किलो पर आ गया।

LKP Securities के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, पिछले तीन सप्ताह में सोने पर लगातार बिकवाली का दबाव रहा है। इस दौरान कीमतें 6% से ज्यादा गिर चुकी हैं।

सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है सोना-चांदी

Bonanza Portfolio के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के मुताबिक, सोना और चांदी फिलहाल कमजोर ट्रेंड में हैं। दोनों धातुओं के डेली और वीकली चार्ट पर लगातार निचले स्तर बन रहे हैं। हालांकि, शुक्रवार की तेज गिरावट के बाद दोनों ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गए हैं। ऐसे में सोमवार को इनमें तकनीकी रिकवरी देखने को मिल सकती है।

यादव के मुताबिक, सोमवार को सोना और चांदी तेजी के साथ खुल सकते हैं। हालांकि, इस तेजी को ट्रेंड में बदलाव नहीं मानना चाहिए। कीमतों को ऊपर जाने पर रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। अगर ये अहम स्तर पार नहीं होते, तो फिर से बिकवाली आ सकती है।

निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों पर भी रहेगी। जानकारों की सलाह है कि फिलहाल निवेशक सावधानी बरतें।

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Gold Price Today: सोना हुआ और सस्ता, दिल्ली में ₹142400 पर 24 कैरेट; वैश्विक भाव इस सप्ताह 3% गिरा

देश में सोने की कीमत में गिरावट बरकरार है। 31 अक्टूबर की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 142400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। मुंबई में भाव 142250 रुपये प्रति 10 ग्राम है। दूसरे शहरों में भी सोना फिसला है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमत में 1,300 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। निकट अवधि में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बने रहने का अनुमान है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,880.97 डॉलर प्रति औंस पर है। यह अक्टूबर 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। सोने का वैश्विक भाव इस सप्ताह 2.9 प्रतिशत नीचे आया है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 142400 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 130540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 130390 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 142250 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 142250 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 130390 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 142250 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 130390 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली130540142400
मुंबई130390142250
अहमदाबाद130440142300
चेन्नई130390142250
कोलकाता130390142250
हैदराबाद130390142250
जयपुर130540142400
भोपाल130440142300
लखनऊ130540142400
चंडीगढ़130540142400

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 31 अक्टूबर की सुबह चांदी 209900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी 8,300 रुपये गिरकर करीब 11 महीने के निचले स्तर पर आ गई। इस साल जनवरी में देश के अंदर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 49 डॉलर प्रति औंस है।

क्यों गिर रहे सोने-चांदी के भाव? रिकॉर्ड हाई से गोल्ड 51000 सस्ता, सिल्वर 2.33 लाख से अधिक टूटी, क्या खरीदारी का यही है सही मौका या करें इंतजार?

क्यों गिर रहे सोने-चांदी के भाव? रिकॉर्ड हाई से गोल्ड 51000 सस्ता, सिल्वर 2.33 लाख से अधिक टूटी, क्या खरीदारी का यही है सही मौका या करें इंतजार?

gold silver rates in india

सोने और चांदी के भाव में रिकॉर्ड उच्च स्तर से आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया है। आल टाइम हाई स्तरों से गोल्ड लगभग 51,000 रुपए प्रति 10 ग्राम और सिल्वर ऑल-टाइम हाई से 2.33 लाख रुपए प्रति किग्रा से अधिक टूटकर निचले स्तरों पर कारोबार कर रही है। इस बड़ी गिरावट के पीछे के मुख्य कारण और आने वाले समय के लिए बाजार का दृष्टिकोण नीचे प्रस्तुत है:

 

सोने-चांदी में गिरावट के 4 मुख्य कारण

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने (Fed Rate Hike) की आशंका: कच्चे तेल (Brent Crude) के दाम $112-$115 प्रति बैरल के पास रहने से अमेरिका में महंगाई (Inflation) दोबारा बढ़ी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने के संकेतों से बॉन्ड यील्ड्स 5% के पार पहुंच गई हैं। जब बॉन्ड पर बेहतर रिटर्न मिलता है, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों (सोना और चांदी) से निवेशक पैसा निकाल लेते हैं।

 

मजबूत अमेरिकी डॉलर (Stronger US Dollar): डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी डॉलर में ट्रेड होते हैं, जिससे डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए धातुएं महंगी हो जाती हैं और मांग घटती है।

 

चांदी पर दोहरी मार (औद्योगिक मांग में गिरावट): सोने के मुकाबले चांदी में भारी गिरावट की मुख्य वजह इसकी औद्योगिक मांग में कमी है। सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में लागत घटाने के लिए चांदी का इस्तेमाल कम (Thrifting) किया जा रहा है। चांदी एक प्रीशियस मेटल के साथ-साथ इंडस्ट्रियल मेटल भी है, इसलिए आर्थिक सुस्ती की आहट से यह तेजी से टूटती है।

 

प्रॉफिट बुकिंग और स्पॉट डिमांड में कमी: रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद संस्थागत निवेशकों और ट्रेडर्स ने भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) की है। त्योहारों से ठीक पहले घरेलू बाजार में हाजिर मांग (Spot Demand) भी ऊंचे भावों की वजह से सुस्त पड़ी है।

 

आगे क्या होगा? (Market Outlook)

कम अवधि का नजरिया (Short-Term Trend): जब तक कच्चा तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में नरमी नहीं आती, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) और कुछ समय के लिए दबाव बना रह सकता है।

 

दीर्घकालिक नजरिया (Long-Term Outlook): विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और जियोपॉलिटिकल तनावों के बीच लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) का बेहतर मौका साबित हो सकती है।

 

चांदी में रिकवरी की संभावना: चांदी में आई बड़ी गिरावट के बाद यह अपने तकनीकी सपोर्ट लेवल के करीब पहुंच चुकी है, जहां से आगामी महीनों में रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है।

 

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल बाजार रिपोर्टों और विश्लेषकों की राय पर आधारित है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में चांदी 500 रुपये उछली, सोने में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 अक्तूबर को चांदी में उछाल दिखा। लेकिन, सोने की कीमतों कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। ट्रेडर्स का कहना है कि घरेलू बाजार में कमजोर मांग का असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 500 रुपये की तेजी

चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में 500 रुपये बढ़कर 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोना बगैर किसी बदलाव के 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। ट्रेडर्स का कहना है कि गोल्ड में स्थिरता की वजह यह है कि अभी ज्वेलर्स और रिटेलर्स हाई प्राइसेज के बीच खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं।

सोने में स्थिरता की वजह 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गुरुवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में स्थिरता रही। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत है, जहां कीमतें सीमित दायरे में रहीं।” उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की वजह से ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का असर सोने की कीमतों पर नहीं दिखा।

विदेश में सोना 4000 डॉलर के करीब

आनंदराठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की वेदिका नार्वेकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,024 डॉलर प्रति औंस के करीब बना हुआ है। फेडरल रिजर्व की पॉलिसी में रुख में सख्ती के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर में फेड अपनी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

क्रूड में तेजी का असर 

क्रू़ड ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। 29 अक्तूबर को ब्रेंट क्रूड मामूली नरमी के साथ 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड का प्राइस 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। फेड यह साफ कर चुका है कि उसका फोकस महंगाई को बढ़ने से रोकने पर है।

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पिछले कई महीनों से बुलियन पर दबाव

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया है। तब से सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है।

Gold Silver Prices Today: फेड की पॉलिसी से पहले दिल्ली में सोना चढ़ा, चांदी की कीमत में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 28 अक्तूबर को सोने में तेजी दिखी। रुपये में कमजोरी का असर सोने की कीमतों पर पड़ा। हालांकि, फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में कमजोरी देखने को मिली। फेड की पॉलिसी के नतीजों के बारे में भारत में आज देर रात पता चलेगा।

दिल्ली में सोना 700 रुपये चढ़ा

दिल्ली में आज सोना 700 रुपये चढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 27 अक्तूबर को सोना 1,45,800 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी दिखी। यह 21 पैसे की कमजोरी के साथ 95.28 के लेवल पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव

ट्रेडर्स ने कहा कि रुपये में कमजोरी से सोना इंपोर्ट करना महंगा हो जाता है। इससे घरेलू बाजार में सोने में तेजी देखने को मिली। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड हल्की गिरावट के साथ 4,056 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी 0.31 फीसदी गिरकर 54 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था।

फेड की पॉलिसी से पहले सावधानी

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “बुधवार को सोने और चादी में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से पहले सावधानी बरत रहे हैं। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के फैसले का असर सोने पर पड़ेगा।”

अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद कम

ज्यादातर एनालिस्ट्स का मानना है कि फेड आज की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा। ऐसे में नजरें फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री पर टिकी हैं। इससे दिसंबर में फेड की पॉलिसी के बारे में संकेत मिल सकता है। इनफ्लेशन को बढ़ने से रोकने के लिए फेड दिसंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है। सितंबर में फेड ने इंटरेस्ट रेट एक-चौथाई फीसदी बढ़ाया था।

पॉलिसी सख्त होने पर गोल्ड पर बढ़ेगा दबाव 

फेडरल रिजर्व के पॉलिसी में सख्ती या इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के संकेतों का गोल्ड की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा। पहले से ही गोल्ड की कीमतें दबाव में चल रही हैं। इसकी वजह क्रूड ऑयल में उछाल है। आज भी क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल दिखा। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी आज 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया।

Gold Silver Prices: दिल्ली में चांदी गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर, सोने में भी गिरावट

Gold Silver Prices:  दिल्ली सर्राफा बाजार में 27 अक्तूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। चांदी गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे बंद हुई। सोने में 500 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में कमजोरी का असर घरेलू बाजार में इनकी कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 4000 रुपये की बड़ी गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 4,000 रुपये गिरकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक यह चांदी का 10 महीनों का सबसे निचला स्तर है। सोमवार को चांदी की कीमतें दिल्ली सर्राफा बाजार में 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 2025 में 16 सितंबर को चांदी का भाव 1,98,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

सोना का भाव 500 रुपये फिसला 

दिल्ली में सोना 500 रुपये गिरकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सोमवार को यह 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बीते कुछ हफ्तों से सोने और चांदी पर लगातार दबाव दिखा है। इसकी बड़ी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी में इंटरेस्ट रेट एक बार फिर बढ़ने का अनुमान है।

बुलियन पर डॉलर में मजबूती का असर 

एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी एंड करेंसी एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने में कमजोरी रही। शॉर्ट टर्म में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं। कीमत 1.40 से 1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती है।”

अंतरराष्ट्रीय बाजार में देर शाम सोने-चांदी में हल्की तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4100 डॉलर के नीचे आ गया है। हालांकि, भारतीय समय के मुताबिक, 7:36 बजे स्पॉट गोल्ड हल्की तेजी के साथ 4,036 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी शाम तक हल्की तेजी दिखा रहा था। इसका भाव 54 डॉलर प्रति औंस था। हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी हाई लेवल पर हैं। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर से ऊपर था।

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इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं कीमतें

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया।

 

Gold Price Today: धनतेरस से पहले सोना ₹200 चढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा, चांदी में कोई बदलाव नहीं

Gold Price Today: धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में सोमवार, 26 अक्टूबर को मामूली तेजी आई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना ₹200 बढ़कर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को सोना ₹1,46,100 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसका भाव ₹2,02,000 प्रति किलोग्राम पर बना रहा।

रुपये में गिरावट से सोने को मिला सहारा

सोने की कीमत बढ़ने की एक वजह रुपये में कमजोरी भी रही। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 29 पैसे गिरकर 95.22 पर बंद हुआ। रुपये में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई। इससे विदेश से सोना खरीदना महंगा हो गया। इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखा।

HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, विदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में मामूली रिकवरी आई। कच्चे तेल की कमजोर कीमतों, डॉलर में स्थिरता और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड घटने से भी सोने को सहारा मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना चढ़ा

विदेशी बाजार में सोमवार को सोने की कीमत बढ़ी। स्पॉट गोल्ड 17.49 डॉलर यानी 0.44% चढ़कर 4,013.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी का भाव 53.91 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा।

मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए खाड़ी देश कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका ईरान के खिलाफ नए सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इस घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

इस हफ्ते फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर

LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, इस हफ्ते निवेशकों का ध्यान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर होने वाले फैसले पर रहेगा।

महंगाई को लेकर चिंता और अमेरिका में चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता भी बाजार को प्रभावित कर सकती है। निवेशक फेडरल रिजर्व के फैसले के साथ केविन वॉर्श के ब्याज दरों को लेकर दिए जाने वाले संकेतों पर भी नजर रखेंगे।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price: चांदी के दाम में अभी और आएगी गिरावट? जानें एक्सपर्ट ने क्या कहा

दिवाली के करीब आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी है। धनतेरस के दिन सोने-चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं सोने और चांदी के दामों में आई गिरावट और कीमतों में स्थिरता के चलते लोग खरीदारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कीमतें कम होने से दिवाली के दौरान ग्राहक खरीदारी के लिए ज्वेलरी स्टोर पहुंचने लगे हैं। ऐसे में आने वाले शादी और त्योहारों के सीजन में चांदी की मांग बढ़ सकती है। वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक चांदी की कीमतों में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल में

अनमोल सिल्वर ने क्या कहा

CNBC से बात करते हुए अनमोल सिल्वर के सीईओ किशोर रूनवाल का कहा कि, चांदी की कीमतों में आने वाले दिनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस साल अपने सबसे ऊंचे स्तर से चांदी के दाम करीब 25 फीसदी नीचे आ चुके हैं। चांदी की कीमतों में गिरावट अभी जारी रह सकती है। इसकी वजह अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और दुनिया में बढ़ता तनाव है, जिसका असर निवेशकों पर पड़ रहा है। वहीं चांदी सस्ती होने से खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। त्योहारों और शादी के सीजन से पहले कम कीमतों के कारण बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

और गिर सकता है चांदी के दाम

रूनवाल के मुताबिक, ‘चांदी की कीमतें अभी अपने सबसे निचले स्तर पर नहीं पहुंची हैं। अगर आने वाले समय में दाम कम बने रहते हैं, तो चांदी खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे बाजार में चांदी की मांग बढ़ सकती है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘चांदी की कीमतों में जिस तरह से गिरावट आ रही है, वह चिंता बढ़ाने वाली है। उनके मुताबिक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि चांदी के दाम सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अगर कीमतों में गिरावट का मौजूदा सिलसिला जारी रहता है, तो घरेलू बाजार में चांदी का भाव 1.80 लाख से 1.85 लाख रुपये तक आ सकता है। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इसकी कीमत गिरकर 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपये तक पहुंचने की आशंका है।’

बढ़ सकती है खरीदारी की संख्या

चांदी की कीमतों में गिरावट के बावजूद दिवाली के दौरान ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। किशोर रूनवाल के मुताबिक, ‘दाम कम होने से लोग फिर से ज्वेलरी की दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि, कम कीमतों के कारण दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। अगर चांदी के भाव एक हफ्ते तक नीचे बने रहते हैं, तो बाजार में खरीदारी करने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इससे चांदी की मांग को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।’

चांदी ने खो दी अपनी बढ़त

रूनवाल के अनुसार, US फेडरल रिजर्व की बढ़ती इंटरेस्ट रेट, कच्चे तेल की ज्यादा कीमतें और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ने मिलकर कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि, MCX पर चांदी को 1.92 लाख रुपये के आसपास कुछ सहारा मिला है, लेकिन हाल में कीमतों में आई तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। कारोबार के दौरान चांदी ने अपनी बढ़त खो दी। इससे पता चलता है कि बाजार में अभी चांदी की कीमतों में मजबूती नहीं आई है।

शादी का सीजन में बढ़ेगी मांग

किशोर रूनवाल को उम्मीद कि, चांदी की कीमतें कम रहने पर सबसे पहले बुलियन और सिक्कों में निवेश बढ़ेगा। इसके बाद, जैसे-जैसे शादी का सीजन जोर पकड़ेगा, चांदी की ज्वेलरी, बर्तन और सजावटी सामान की मांग भी बढ़ सकती है। यानी कम कीमतों से निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों को भी फायदा मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा, चांदी के आयात में कमी का कीमतों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है। इस साल चांदी का आयात घटा है, लेकिन सरकार ने हाल ही में आयात से जुड़े लाइसेंस के नियमों को आसान बनाने के लिए कदम उठाए हैं। इससे बाजार में चांदी की सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है। ऐसे में आयात में कमी के बावजूद आने वाले समय में चांदी की उपलब्धता में सुधार हो सकता है।

किशोर ने कहा कि, चांदी के आयात में कमी से कीमतों में तेजी आने की संभावना कम है। उनके मुताबिक, घरेलू बाजार में चांदी की कीमत पर मिलने वाला अतिरिक्त प्रीमियम अभी सामान्य स्तर पर है। निवेश की मांग को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारों के सीजन में चांदी खरीदकर निवेश करने का चलन दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले बेहतर बना रह सकता है।

Silver Price Today: अपने पीक से 53% नीचे चांदी, अभी खरीदें या करें इंतजार, जानें एक्सपर्ट्स क्या दे रहे है राय

Silver Price Today: चांदी की कीमतें एक अहम दौर से गुजर रही हैं। ये अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से 53 फीसदी से नीचे कारोबार कर रही हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव और लगातार बनी हुई महंगाई (जिसका मुख्य कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतें हैं) के चलते सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।

28 जनवरी, 2026 को चांदी लगभग 117 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। 23 अक्टूबर तक आते-आते, इसमें 53 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और अब यह 54 डॉलर प्रति औंस के थोड़ा ऊपर कारोबार कर रही है।

घरेलू बाजार में भी कुछ ऐसा ही रुझान देखने को मिला। इस साल, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर स्पॉट चांदी 29 जनवरी को 3,79,983 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि 23 अक्टूबर को यह गिरकर 1,94,170 रुपये के निचले स्तर पर आ गई। इससे पहले, 23 मार्च को यह 2,04,383 रुपये के निचले स्तर तक गई थी।

फ्यूचर्स मार्केट में, 26 अक्टूबर को घरेलू चांदी 4 दिसंबर की डिलीवरी के लिए 1,95,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे ट्रेड कर रही है।

‘स्पॉट चांदी’ का मतलब है तुरंत खरीद और डिलीवरी के लिए मौजूदा बाजार भाव, जबकि ‘चांदी फ्यूचर्स’ ऐसे एक्सचेंज-ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट होते हैं, जिनमें भविष्य की किसी तारीख पर एक तय कीमत पर चांदी खरीदने या बेचने का सौदा किया जाता है।

चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट ने निवेशकों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पिछली तेजी कायम रह पाएगी या नहीं? मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग), अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें, डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव, और वैश्विक औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता जैसे कई कारण है जो मौजूदा समय में चांदी की गिरावट को सपोर्ट कर रही है ।

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए

बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद जताते हुए, बोनान्ज़ा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव ने कहा, “निकट भविष्य में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कीमतों में आई भारी गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कीमतें अपने निचले स्तर (बॉटम) पर आ गई हैं। निवेशकों को बहुत आक्रामक होकर खरीदारी करने से बचना चाहिए और निवेश बढ़ाने से पहले कीमतों के स्थिर होने के संकेतों का इंतजार करना चाहिए। मध्यम अवधि में, चांदी की चाल अमेरिकी मौद्रिक नीति, डॉलर की दिशा, वैश्विक विनिर्माण गतिविधियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगी। बॉन्ड यील्ड में गिरावट और निवेश की मांग में फिर से तेजी आने से कीमतों में सुधार (रिकवरी) आ सकती है, हालांकि कमजोर आर्थिक गतिविधियां इस तेजी को सीमित कर सकती हैं।”

कीमतों पर स्ट्रक्चरल डिमांड का रहेगा असर

निवेशकों को इस कीमती सफेद धातु की ‘स्ट्रक्चरल डिमांड’ (संरचनात्मक मांग) पर नजर रखने की सलाह देते हुए, बोनान्ज़ा के विशेषज्ञ ने कहा कि लंबी अवधि में, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन और औद्योगिक उपयोग से जुड़ी स्ट्रक्चरल डिमांड से चांदी को फायदा मिल सकता है। हालांकि, तकनीकी बदलाव, विकल्पों का आना और धीमी आर्थिक वृद्धि इसके लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

बोनान्ज़ा के निरपेंद्र यादव ने कहा, “निवेशकों के लिए, कीमतों में आया मौजूदा सुधार धीरे-धीरे खरीदारी करने का एक अच्छा मौका हो सकता है, बजाय इसके कि वे यह अनुमान लगाने की कोशिश करें कि कीमतें कब अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचेंगी। जो लोग पहले से ही चांदी में निवेशित हैं, उन्हें अपने निवेश की समीक्षा करनी चाहिए और किसी एक जगह बहुत ज्यादा पैसा लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि सोने की तुलना में चांदी में उतार-चढ़ाव काफी अधिक होता है। निवेश की मांग में लगातार सुधार और औद्योगिक फंडामेंटल्स में बेहतरी आने से ही कीमतों में एक मजबूत और टिकाऊ रिकवरी की पुष्टि हो सकेगी।”

Silver Price Today: चढ़ गए दाम, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर में ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: दिवाली से पहले लगातार तीसरे दिन सस्ती हुई चांदी, दिल्ली से हैदराबाद तक देखें ताजा रेट लिस्ट

अगर आप दिवाली से पहले सोना-चांदी लेने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। सोने और चांदी की कीमतों में शनिवार 24 अक्टूबर 2026 को गिरावट का रुख देखने को मिला है। चांदी लगातार तीसरे दिन आज सस्ती हुई है। लेकिन शनिवार होने के चलते MCX और COMEX पर कारोबार बंद है, लेकिन देश के सर्राफा बाजारों में खरीद-बिक्री जारी है। ऐसे में अगर आप आज चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट जरूर जान लें। यहां दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, इंदौर और चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में 10 ग्राम से लेकर 1 किलो चांदी के भाव की जानकारी दी गई है।

चांदी में लगातार तीसरे दिन गिरावट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे कारोबारी दिन भी जारी रहा। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 1,900 रुपये घटकर 1,46,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसका भाव 5,500 रुपये फिसलकर 2,02,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,07,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है दाम

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। चांदी की हाजिर कीमत 1.41 फीसदी गिरकर 53.83 डॉलर प्रति औंस रह गई। वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं के भाव में आई इस गिरावट का असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिल रहा है।

आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 24 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

आज के शहरों में चांदी का भाव (1 किलोग्राम)

  • दिल्ली: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम
  • नोएडा: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम
  • अमृतसर: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम
  • भोपाल: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम
  • मुंबई: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम
  • कोलकाता: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम
  • त्रिवेंद्रम: ₹2,24,900 प्रति किलोग्राम
  • चेन्नई: ₹2,24,900 प्रति किलोग्राम
  • इंदौर: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम
  • हैदराबाद: ₹2,19,900 प्रति किलोग्राम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।