
सोने और चांदी के भाव में रिकॉर्ड उच्च स्तर से आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया है। आल टाइम हाई स्तरों से गोल्ड लगभग 51,000 रुपए प्रति 10 ग्राम और सिल्वर ऑल-टाइम हाई से 2.33 लाख रुपए प्रति किग्रा से अधिक टूटकर निचले स्तरों पर कारोबार कर रही है। इस बड़ी गिरावट के पीछे के मुख्य कारण और आने वाले समय के लिए बाजार का दृष्टिकोण नीचे प्रस्तुत है:
सोने-चांदी में गिरावट के 4 मुख्य कारण
अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने (Fed Rate Hike) की आशंका: कच्चे तेल (Brent Crude) के दाम $112-$115 प्रति बैरल के पास रहने से अमेरिका में महंगाई (Inflation) दोबारा बढ़ी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने के संकेतों से बॉन्ड यील्ड्स 5% के पार पहुंच गई हैं। जब बॉन्ड पर बेहतर रिटर्न मिलता है, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों (सोना और चांदी) से निवेशक पैसा निकाल लेते हैं।
मजबूत अमेरिकी डॉलर (Stronger US Dollar): डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी डॉलर में ट्रेड होते हैं, जिससे डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए धातुएं महंगी हो जाती हैं और मांग घटती है।
चांदी पर दोहरी मार (औद्योगिक मांग में गिरावट): सोने के मुकाबले चांदी में भारी गिरावट की मुख्य वजह इसकी औद्योगिक मांग में कमी है। सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में लागत घटाने के लिए चांदी का इस्तेमाल कम (Thrifting) किया जा रहा है। चांदी एक प्रीशियस मेटल के साथ-साथ इंडस्ट्रियल मेटल भी है, इसलिए आर्थिक सुस्ती की आहट से यह तेजी से टूटती है।
प्रॉफिट बुकिंग और स्पॉट डिमांड में कमी: रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद संस्थागत निवेशकों और ट्रेडर्स ने भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) की है। त्योहारों से ठीक पहले घरेलू बाजार में हाजिर मांग (Spot Demand) भी ऊंचे भावों की वजह से सुस्त पड़ी है।
आगे क्या होगा? (Market Outlook)
कम अवधि का नजरिया (Short-Term Trend): जब तक कच्चा तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में नरमी नहीं आती, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility) और कुछ समय के लिए दबाव बना रह सकता है।
दीर्घकालिक नजरिया (Long-Term Outlook): विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और जियोपॉलिटिकल तनावों के बीच लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) का बेहतर मौका साबित हो सकती है।
चांदी में रिकवरी की संभावना: चांदी में आई बड़ी गिरावट के बाद यह अपने तकनीकी सपोर्ट लेवल के करीब पहुंच चुकी है, जहां से आगामी महीनों में रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल बाजार रिपोर्टों और विश्लेषकों की राय पर आधारित है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)


