जसप्रीत बुमराह, आकाशदीप लौटे टेस्ट टीम में, न्यूजीलैंड के खिलाफ स्कॉड घोषित

Jasprit Bumrah

INDvsNZ न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की शृंखला के लिए भारतीय टीम में तेज गेंदबाज आकाश दीप और अंशुल कंबोज को शामिल किया गया है। चोट से उबरकर वापसी करने वाले आकाश दीप ने पिछली बार इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट खेला था, जहां उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। वहीं, अंशुल कंबोज को इंग्लैंड में टेस्ट पदार्पण के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था।

टेस्ट शृंखला 19 नवंबर से शुरू होगी। इससे पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच वनडे मैचों की शृंखला खेली जाएगी, जिसका आगाज चार नवंबर से होगा।श्रीलंका दौरे से चोट के कारण बाहर रहने वाले जसप्रीत बुमराह को भी टेस्ट सीरीज में शामिल किया गया है।

भारत की टेस्ट टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर, फिटनेस मंजूरी मिलने पर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा (फिटनेस मंजूरी मिलने पर), आकाश दीप, साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज।

ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ ए मैचों से बाहर, यह कीपर हुआ शामिल

 

न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दो चार-दिन के मैचों के लिए ऋषभ पंत की जगह कुमार कुशाग्र इंडिया ए में शामिल किया गया है।ऋषभ पंत को बाईं पसली में खिंचाव से उबरने की प्रक्रिया के कारण न्यूजीलैंड दौरे पर इंडिया ए के पहले दो चार-दिन के मैचों से बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत टीम इंडिया के लिए सिर्फ लाल गेंद की क्रिकेट ही खेलते हैं ऐसे में यह उनके करियर के लिए ठीक संकते तो नहीं है। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए फाइनल में जाने के लिए मेहनत करने वाली टीम इंडिया के लिए भी झटका है।

ईरानी कप में शेष भारत की अगुआई करने वाले पंत की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है जिसके कारण वह शुरुआती दो मैच से बाहर हो गए हैं।इस दौरे के लिए पंत की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर थी। बीसीसीआई ने कहा कि वह बोर्ड की चिकित्सा टीम की निगरानी में हैं और अच्छी तरह उबर रहे हैं।

बीसीसीआई ने बयान में कहा कि तीसरे मैच के लिए उनकी उपलब्धता पर फैसला बाद में लिया जाएगा। पंत की चोट शुरुआती अनुमान से अधिक गंभीर लग रही है।

पुरुष चयन समिति ने पहले दो मैच के लिए पंत की जगह कुशाग्र को टीम में शामिल किया है।भारत ए टीम की कप्तानी ध्रुव जुरेल करेंगे। वह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। टीम में यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल और वाशिंगटन सुंदर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अलावा देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन भी शामिल हैं।

पिछले 4 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेलने वाले ऋषभ पंत, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जगह बनाने में असफल रहे थे। ऋषभ पंत चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 की विजयी टीम में भी शामिल थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह बैंच पर बैठे रहे थे।कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान हुआ जब चयनित हुए ऋषभ पंत को तीन मैचों की सीरीज में एक बार भी मौका नहीं मिला।

ऋषभ पंत को बीते कुछ सालों में लगभग हर दौरे में चोट लगी है। इंग्लैंड दौरे पर उनको पैर के अंगूठे और कोहनी में चोट लगी। इसके बाद उनको श्रीलंका में दूसरे टेस्ट में भी चोट लगी।

Dhruv Jurel

इंडिया A टीम:यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ध्रुव जुरेल (कप्तान, विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार और कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर)।

दूसरे वनडे में फिर खुली सितारों की, ऑस्ट्रेलिया ए ने 69 रनों से हराया

जोश फिलिप और सैम कोंस्टास के आक्रामक अर्धशतकों और तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन की शानदार गेंदबाजी के दम पर आस्ट्रेलिया ए ने दूसरे वनडे मैच में शुक्रवार को भारत ए को 69 रन से हराया।इस जीत के साथ आस्ट्रेलिया ए ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की विजयी बढत बना ली।

भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल, साइ सुदर्शन और रूतुराज गायकवाड़ लगातार दूसरे मैच में नाकाम रहे।
आस्ट्रेलिया के लिये कोंस्टास ने 88 गेंद में 67 और फिलिप ने 58 गेंद में 58 रन बनाकर दूसरे विकेट के लिये 101 रन जोड़े। आस्ट्रेलिया ने 275 रन बनाये।

जवाब में भारत ए टीम चार ओवर बाकी रहते 206 रन पर आउट हो गई । रजत पाटीदार ने 82 गेंद में 67 रन बनाये लेकिन बाकी बल्लेबाज नहीं चल सके।

पडिक्कल (एक), गायकवाड़ (12) और सुदर्शन (13) सस्ते में आउट हो गए । भारत ने नौ ओवर के भीतर 30 रन पर तीन विकेट गंवा दिये थे । पाटीदार ने एक छोर संभाले रखा लेकिन उनके आउट होने के बाद वापसी की उम्मीदें खत्म हो गई।आस्ट्रेलिया के लिये जॉनसन ने 35 रन देकर तीन विकेट लिये ।

Indial Premiere League के शेर ऑस्ट्रेलिया की A टीम के सामने 149 पर ढेर

AUSAvsINDA IPL के नामचीन खिलाड़ी जिनको भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहा जाता है उनकी कल ऑस्ट्रेलिया की ए टीम के गेंदबाजों के सामने कलई खुल गई जब यह टीम मात्र 149 रनों पर सिमट गई। टीम में प्रभसिमरन सिंह, देवदत्त पड्डीकल, सांई सुदर्शन, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ जैसे बल्लेबाज थे लेकिन एकदिवसीय प्रारुप में वह कुछ ना कर सके। रजत पाटीदार ने अर्धशतक लगाकर थोड़ी बहुत इज्जत बचाई।

नाथन मैकस्वीनी के शानदार शतक और तेज गेंदबाज महली बियर्डमैन की चार विकेट की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ए ने मंगलवार को तीन मैचों की सीरीज के पहले वनडे में भारत ए को 125 रन से हरा दिया।सिचेम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ए की टीम एक समय 87 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी।

इसके बाद मैकस्वीनी ने 135 गेंदों पर 123 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने कप्तान विल सदरलैंड के साथ छठे विकेट के लिए 141 रन की साझेदारी की। सदरलैंड ने 68 गेंदों पर 77 रन बनाए। दोनों की पारियों की मदद से ऑस्ट्रेलिया ए ने 48.2 ओवर में 274 रन बनाए।

भारत ए के लिए सूर्यांश शेडगे ने 40 रन देकर चार विकेट चटकाए। यश ठाकुर ने 47 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि अरशद खान को 48 रन पर दो विकेट मिले।लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत ए की शुरुआत बेहद खराब रही। 21 वर्षीय बियर्डमैन ने साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को आउट कर भारत ए का स्कोर चौथे ओवर तक 24 रन पर तीन विकेट कर दिया।

इसके बाद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन ने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को आउट कर भारत ए को 58 रन पर चौथा झटका दिया।भारत ए की टीम 31.4 ओवर में 149 रन पर ऑलआउट हो गई। उसकी ओर से रजत पाटीदार ने सर्वाधिक 53 रन बनाए। यह उनका लिस्ट-ए क्रिकेट में 14वां अर्धशतक था। निशांत सिंधू ने 31 रन का योगदान दिया।सीरीज का दूसरा वनडे नौ अक्टूबर और तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को खेला जाएगा।

4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय T20I टीम में की वापसी

अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की मंगलवार को राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई जब उन्हें करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम में चुना गया।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद चयनकर्ताओं ने पहली बार टीम का चयन किया जिसकी घोषणा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने की। प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं। टीम में वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी हुई है जो चोट के कारण एशियाई खेलों में नहीं खेल सके थे।

भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। श्रृंखला का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा।

तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे।टी20 श्रृंखला के बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की एकदिवसीय श्रृंखला और दो टेस्ट मैच भी खेलेगा।

भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम:श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव।

भारत ए टीम:यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल (कप्तान), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़ और मुकेश कुमार।

इशान किशन ने शानदार 251 रन बनाकर ईस्ट जोन को पहुंचाया 700 पार (Video)

इशान किशन ने उमस भरे मौसम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 270 रन की पारी खेली जिससे पूर्व क्षेत्र ने सोमवार को दलीप ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।किशन ने इस पारी से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने का दावा भी पेश किया।

कुमार कुशाग्र ने भी 132 गेंद में 101 रन बनाकर अपना छठा प्रथम श्रेणी शतक जड़ा और किशन की करीब दो दिन तक चली 522 मिनट और 334 गेंद की मैराथन पारी में शानदार सहयोग दिया।    दिन का खेल खत्म होने से कुछ मिनट पहले दक्षिण क्षेत्र ने पूर्व क्षेत्र का आखिरी विकेट हासिल किया।

दिन का आकर्षण किशन की पारी रही जिसे तीन राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की मौजूदगी में खेला गया।किशन दलीप ट्रॉफी में तिहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों के क्लब में शामिल होने से चूक गए। रमन लांबा ने 1987 और गगन खोडा ने 2001 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

किशन ने पहले दिन 122 गेंद में शतक पूरा किया जबकि दूसरे शतक के लिए उन्होंने 148 गेंद खेलीं।यह धीमापन किसी बेहतरीन गेंदबाजी या मुश्किल पिच की वजह से नहीं था, बल्कि गेंदबाजों को थकाने और अपनी टीम के स्कोर को विपक्षी टीम की पहुंच से काफी दूर तक ले जाने की सोची-समझी रणनीति थी।

किशन ने अपने करियर का दूसरा प्रथम श्रेणी दोहरा शतक 270 गेंद में पूरा किया जब उन्होंने कामचलाऊ स्पिनर देवदत्त पडिक्कल की गेंद को कवर के रास्ते सीमा रेखा के पार पहुंचाया।उन्हें केवल एक बार असहजता महसूस हुई जब बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की गेंद उनके पेट पर लगी और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी।

हालांकि दोहरा शतक पूरा करने के बाद किशन ने आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने 200 से 250 रन तक पहुंचने के लिए सिर्फ 31 गेंद खेलीं।किशन ने स्पिनर श्रेयस गोपाल और त्रिपुराना विजय के खिलाफ दो-दो छक्के लगाए।

किशन ने श्रेयस की 100 गेंदों पर 94 रन और विजय की 88 गेंदों पर 70 रन बटोरे जिससे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के दबदबे का अंदाजा लगाया जा सकता है।पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी पुल और ड्राइव उनके रन बनाने वाले मुख्य शॉट रहे और इन शॉट से उन्होंने 22 चौके लगाए।

लगातार दूसरे दिन दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज, विशेषकर मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। सपाट पिच और उच्च स्तर की बल्लेबाजी के सामने उनकी गेंदबाजी बेअसर नजर आई।आखिरकार थकान ने किशन के शरीर को जकड़ लिया और उन्हें 301 गेंद में 250 रन बनाकर मैदान छोड़ना पड़ा। उनकी पारी में 27 चौके और सात छक्के शामिल रहे।

किशन की शानदार पारी की बदौलत पूर्व क्षेत्र ने पहले सत्र में 106 और लंच के बाद के सत्र में 135 रन जोड़े।इस दौरान किशन ने पांचवें विकेट के लिए कुशाग्र के साथ केवल 290 गेंद में 230 रन और छठे विकेट के लिए अनुकूल रॉय (40 रन, 86 गेंद) के साथ 140 रन की साझेदारी कर पूर्व क्षेत्र की स्थिति और मजबूत की।

कुशाग्र ने भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया और विकेट के दोनों ओर शानदार शॉट लगाकर गेंदबाजों की धुनाई की।

इक्कीस वर्षीय कुशाग्र ने 128 गेंद में आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया लेकिन वह अपनी पारी को और अधिक लंबा नहीं बढ़ा सके। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने विजय की खराब शॉर्ट गेंद पर लापरवाही से पुल शॉट खेला और स्क्वायर लेग के पीछे खड़े मिलिंद को कैच दे बैठे।

अंतिम सत्र के शुरुआती मिनटों में मोहम्मद शमी के आउट होने के तुरंत बाद किशन ने फिर दक्षिण क्षेत्र को परेशानी में डाल दिया और अपने पहले तिहरे शतक के करीब पहुंच गए।हालांकि वह बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर सके। किशन ने विजय (180 रन पर चार विकेट) की गेंद पर जोरदार शॉट खेला लेकिन गेंद सीधे साइट स्क्रीन के पास खड़े रविचंद्रन स्मरण के हाथों में चली गई।हालांकि तब तक किशन अपना काम कर चुके थे।

दलीप ट्रॉफी फाइनल खेलो, इन 3 खिलाड़ियों को मिली कोच गंभीर की हिदायत

सलामी बल्लेबाज केएल राहुल, श्रीलंका सीरीज के नायक देवदत्त पडिक्कल और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को चेन्नई में छह सितंबर से शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी फाइनल में पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ दक्षिण क्षेत्र की ओर से खेलने के लिए कहा गया है।माना जा रहा है कि दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा, उभरते हुए स्टार वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ईशान किशन (सभी भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं) का खेलना भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘राहुल, पडिक्कल और सिराज अभी कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ता चाहते हैं कि जो भी भारतीय खिलाड़ी उपलब्ध हो, वह दलीप ट्रॉफी फाइनल खेले। इन तीनों ने आखिरी बार 27 अगस्त को मैच खेला था। अब वे 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच खेलेंगे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘अब पडिक्कल वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं इसलिए हो सकता है कि वह भारत ए सीरीज खेलें। लेकिन अगर उन्हें दलीप ट्रॉफी के फाइनल में खेलने का मौका मिलता है, तो उन्हें खेलना चाहिए। ’’

पर सूर्यवंशी, किशन और तिलक के मामले में फैसला कोच गंभीर का होगा।सूत्र ने कहा, ‘‘भारतीय टीम नौ या 10 सितंबर को दिल्ली में जुटेगी। अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के कार्यक्रम के हिसाब से रिपोर्ट करें तो वे नहीं खेल पाएंगे। लेकिन अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि वे फाइनल खेलें और 10 सितंबर की देर शाम दिल्ली में रिपोर्ट करें तो वे ऐसा भी कर सकते हैं। 

 बीसीसीआई मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के गेंदबाज मोहसिन खान को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में नेट गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम की ट्रेनिंग में मदद करने के लिए भेजने की योजना बना रहा है।बीसीसीआई नेट गेंदबाजों को साथ ले जाता रहा है और ये तीनों टी20 में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं।सूत्र ने कहा, ‘‘वे आधिकारिक भारतीय दल का हिस्सा नहीं होंगे और सिर्फ तब तक वहां रहेंगे जब तक भारतीय पुरुष टीम 26 सितंबर को अपना पहला मैच नहीं खेल लेती, बशर्ते बीसीसीआई 20 सितंबर को टीम के दिल्ली से रवाना होने से पहले उनके जापानी वीजा का इंतजाम कर ले। ’’

इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

श्रीलंका के प्रदर्शन से खुश नहीं कोच, दूसरे टेस्ट से पहले दिया यह बयान

श्रीलंका क्रिकेट टीम के नए कोच गैरी कर्स्टन ने पहले टेस्ट की हार के बाद टीम को समझाइश दी है और दूसरे टेस्ट से पहले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाई है। कोच ने कहा है कि टीम के साथ चोटिल खिलाड़ियों के अलावा कई समस्याएं है लेकिन उनको दरकिनार कर दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम का ध्यान होना चाहिए खासतौर पर बल्लेबाजी में।

कर्स्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़कर विशेष रूप से उत्साहित हूं। यहां कुछ शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन टीम को अभी विकसित होने की जरूरत है। जब आप ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं तो यह समझना कभी-कभी मुश्किल होता है कि टेस्ट मैच किस तरह खेलना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीनों में यह हमारा तीसरा टेस्ट मैच है और मैं पहले से ही टीम को विकसित होते देख रहा हूं तथा हम टीम को एक स्वरूप देने की शुरुआत कर रहे हैं।’’

कोच ने कहा, ‘‘लेकिन किसी समय हमें इसे प्रदर्शन में बदलने में सक्षम होना होगा।’’कर्स्टन इस बात से भी खुश थे कि पहली पारी में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद श्रीलंका ने संघर्ष किया और मैच को पांचवें और अंतिम दिन तक खींचा।उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे दिन की शुरुआत में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद टेस्ट मैच को पांचवें दिन दोपहर तक ले जाना विशेष रूप से सुखद था। टीम ने संघर्ष किया और टेस्ट मैच में बने रहने की पूरी कोशिश की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सुबह तक भी हमें विश्वास था कि हम या तो टेस्ट मैच जीत सकते हैं या कम से कम उसे ड्रॉ करा सकते हैं। इसलिए टीम की ऊर्जा और रवैये से मैं वास्तव में खुश था।’’

हालांकि कर्स्टन ने माना कि बल्लेबाजी, विशेषकर शीर्ष क्रम की विफलता ने श्रीलंका को नुकसान पहुंचाया।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप पूरे टेस्ट मैच को देखें तो हमने बल्ले से संघर्ष किया, खासकर दोनों पारियों में हमारे शीर्ष क्रम ने। शायद यही हमारी हार का कारण बना।’’

कर्स्टन ने युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा की भी तारीफ की गॉल टेस्ट में 100 और 84 रन की पारियां खेलीं।हालांकि चोटिल खिलाड़ियों को लेकर कर्स्टन का अपडेट मेजबान टीम के लिए दूसरे टेस्ट से पहले उत्साहजनक नहीं रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुसाल मेंडिस को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव की गंभीर चोट है। वह कुछ समय तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। पाथुम निसांका भी और दिनेश (चांदीमल) भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस लिहाज से हम कुछ खिलाड़ियों को नहीं खिला पाएंगे, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए टीम में आने और अपनी दावेदारी पेश करने का शानदार मौका भी बनता है। वास्तव में इनमें ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका इस देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुत अच्छा रिकॉर्ड है। इसलिए यह उनके लिए अच्छा अवसर है।’’

भारत के पूर्व मुख्य कोच कर्स्टन ने भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की भी तारीफ की और कहा कि उनकी पारी ने भारत को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत ने पहली पारी में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल ने मेरी देखी हुई बेहतर टेस्ट पारियों में से एक खेली। उन्होंने जरूरत से ज्यादा आक्रामकता नहीं दिखाई, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए एक अच्छी सीख थी।’’

पहले शतक से मिला पहला मैन ऑफ द मैच, क्या बोले देवदत्त पड्डीकल

Devdutt Padikkal

भारत की पहली पारी में 167 रन बनाने वाले और दूसरी पारी में 44 रनों की पारी खेलने वाले देवदत्त पड्डीकल को गॉल टेस्ट में मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार मिला। बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज 2024 में टेस्ट डेब्यू करने वाले देवदत्त लंबे समय से टीम से बाहर थे और उनको सांई सुदर्शन की चोट के कारण मौका मिला था जो उन्होंने भुना लिया। देवदत्त का यह पहला टेस्ट शतक था जो उन्हें  मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार दे गया।

देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि उन्होंने इस ख़ास पल का सपना देखा था।पडिक्कल ने कहा, ” मैंने इस पल का सपना देखा है। पिछले दो सालों से, मैं सच में बहुत मेहनत कर रहा हूँ ताकि जब मुझे वह मौका मिले, तो मैं ऐसा कुछ खास कर सकूँ, और मुझे ऐसा करके बहुत खुशी होती है।”

शुरुआत में स्पिन के खिलाफ उनके आक्रामक इरादे और निर्णायक फुटवर्क के बारे में पूछे जाने पर पडिक्कल ने कहा,”हाँ, मुझे लगता है कि हमने इस पर लंबी चर्चा की है, खासकर जब आप स्पिन खेल रहे हों, तो यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ प्लान हों। आप वहाँ जाकर हर समय रिएक्ट करने की उम्मीद नहीं कर सकते। यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ शॉट हों जिन्हें आप मैदान में उतरते ही खेलना चाहते हैं, ताकि आप बॉलर पर भी कुछ प्रेशर डाल सकें। तो, मुझे लगता है कि पिछले एक साल में, हमने अपनी ताकत में ऐसे तरीके खोजने की कोशिश की है जिन्हें आप सच में लागू कर सकें ताकि आप प्रेशर वापस डाल सकें।”

पडिक्कल ने साथ ही कहा, ”हाँ, बिल्कुल। मुझे लगता है कि जब आपको यह क्लैरिटी होती है कि आप क्या करना चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि इससे आपके फुटवर्क में भी कॉन्फिडेंस आता है। मुझे लगता है कि मैं बस यह पक्का करना चाहता था कि मैं जो भी करूँ, उसमें 100% कमिटेड रहूँ। भले ही वह डिफेंसिव शॉट हो, मैं यह पक्का करना चाहता हूँ कि मैं उसे खेलने के लिए सच में कमिटेड रहूँ, इसलिए इससे मेरा फुटवर्क बहुत बेहतर हो गया।”

शतक को बड़े में बदलने की काबिलियत पर उन्होंने कहा, ”मुझे सच में लगता है, यह बस और रन बनाने की भूख है। मुझे बस वहाँ बैटिंग करने में मज़ा आता है, और जैसे ही आप 100 रन बनाते हैं, रिलैक्स करना और वह राहत महसूस करना आसान होता है। लेकिन मेरे लिए यह ज़रूरी है कि अगली 20-30 गेंदें सच में बहुत ज़रूरी फेज़ हों, जिसमें मैं यह पक्का करने की कोशिश करता हूँ कि मैं पूरी तरह से फोकस्ड रहूँ, पूरी तरह से वहाँ रहूँ। मुझे लगता है कि जब मैं 100 के बाद पहली 10 गेंदें पार कर लेता हूँ, तो मेरा काम बहुत आसान हो जाता है। और इतने सालों में, मैंने बहुत से क्रिकेटरों को बड़े रन बनाते, बड़े शतक बनाते देखा है, खासकर कर्नाटक में। इसलिए उन्हें बैटिंग करते देखकर मेरा भी मन करता है कि मैं भी वैसा ही करूँ।