वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने ‘हिटलर’ जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने ‘हिटलर’ जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

Lionel Messi: 13 साल की उम्र में बदली किस्मत, आज हैं 9,400 करोड़ के मालिक… जानिए मेसी की पूरी कहानी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब सेमीफाइनल के मुकाबले खेले जाएंगे। क्वार्टर फाइनल के रोमांचक मुकाबलों के बाद फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फीफा वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। टूर्नामेंट में अब तक वह 8 गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे बने हुए हैं। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना इस समय शानदार फॉर्म में नजर आ रही है। फैंस को उम्मीद है कि अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब उठा सकती है।

हाल ही में मिस्र के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मेसी ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। अर्जेंटीना एक समय 0-2 से पीछे था, लेकिन आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए 3-2 से मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस वापसी के साथ मेसी की दीवानगी और बढ़ गई।

कैसे होती है मेसी की कमाई

फुटबॉल की दुनिया में अपने शानदार खेल से पहचान बनाने वाले लियोनेल मेसी सिर्फ मैदान के ही नहीं, बल्कि कारोबार और निवेश की दुनिया के भी बड़े नाम हैं। खेल से होने वाली कमाई के अलावा उन्होंने कई सफल बिजनेस और निवेश के जरिए अरबों रुपये की संपत्ति बनाई है। आइए जानते हैं कि कैसे एक साधारण शुरुआत करने वाले मेसी आज दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में शामिल हो गए। जानें कितनी है फुटबॉल के दिग्गज मेसी की नेटवर्थ

आसान नहीं था मेसी का सफर

आज लियोनेल मेसी का नाम दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में लिया जाता है, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद साधारण माहौल से हुई थी। अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में पले-बढ़े मेसी के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे, जबकि उनकी मां परिवार की मदद के लिए छोटी-मोटी नौकरी करती थीं। बचपन में उन्हें ग्रोथ हार्मोन की समस्या का सामना करना पड़ा, जिसका इलाज कराना परिवार के लिए आसान नहीं था। ऐसे मुश्किल समय में उनके टैलेंट ने उन्हें स्पेन के क्लब एफसी बार्सिलोना तक पहुंचाया। महज 13 साल की उम्र में बार्सिलोना ने उन्हें अपनी अकादमी में शामिल किया और उनके इलाज की जिम्मेदारी भी उठाई। यहीं से मेसी के करियर ने नई उड़ान भरी और।

कितनी है मेसी की कुल संपत्ति

फोर्ब्स के मुताबिक, जून 2026 तक लियोनेल मेसी की अनुमानित कुल संपत्ति करीब 1.1 बिलियन डॉलर (लगभग 9,400 करोड़ रुपये) आंकी गई है। फुटबॉल क्लबों के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट्स से उन्होंने करीब 1.2 बिलियन डॉलर की कमाई की है। इसके अलावा विज्ञापनों, ब्रांड एंडोर्समेंट, लाइसेंसिंग और अन्य व्यावसायिक निवेशों से भी उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इससे उनकी कमाई कमाई करीब 1.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाती है। एडिडास के साथ उनकी आजीवन साझेदारी के अलावा मास्टरकार्ड, लेज और मिशेलॉब अल्ट्रा जैसे कई बड़े वैश्विक ब्रांड भी उनकी कमाई का अहम हिस्सा हैं।

कारोबार में भी लगाए पैसे

लियोनेल मेसी ने अपनी कमाई को अलग-अलग कारोबार में भी लगाया। उन्होंने रियल एस्टेट, होटल और खेल से जुड़े बिजनेस में निवेश कर अपनी संपत्ति को लगातार बढ़ाया। उनकी प्रमुख कारोबारी कंपनियों में एडिफिसियो रोस्टावर सोसिमी भी शामिल है, जो स्पेन की एक सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी है। इस कंपनी के पास होटल, ऑफिस, कमर्शियल बिल्डिंग और कई अन्य प्रॉपर्टियां हैं। हाल ही में कंपनी ने बार्सिलोना में करीब 11.5 मिलियन यूरो की कीमत वाली एक बड़ी कॉर्पोरेट बिल्डिंग भी खरीदी है।

इंटर मियामी क्लब में भी हिस्सेदारी

रियल एस्टेट के अलावा लियोनेल मेसी ने हॉस्पिटैलिटी, फूड और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी बड़ा निवेश किया है। वह एमआईएम होटल्स समूह में हिस्सेदार हैं और अर्जेंटीना की एल क्लब डे ला मिलानेसा रेस्टोरेंट चेन में भी उनकी हिस्सेदारी (इक्विटी) है। इसके साथ ही उन्होंने उरुग्वे के डेपोर्टिवो एलएसएम और स्पेन के यूई कॉर्नेला फुटबॉल क्लबों में भी निवेश किया है। साल 2023 में मेसी ने कथित तौर पर सऊदी अरब के बेहद बड़े प्रस्ताव को ठुकराकर अमेरिका के इंटर मियामी क्लब का दामन थामा। इस समझौते में उन्हें भविष्य में क्लब में हिस्सेदारी लेने का ऑप्शन भी मिला।

मेसी के क्लब से जुड़ने के बाद इंटर मियामी की लोकप्रियता और बाजार मूल्य में तेज बढ़ोतरी देखी गई, जिससे यह फैसला उनके सबसे सफल निवेशों में गिना जाने लगा।

LPG Price Today: 14 जुलाई को LPG सिलेंडर सस्ता हुआ या महंगा? बुकिंग से पहले देखें अपने शहर का रेट

LPG Price Today: देशभर में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार (14 जुलाई) को भी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की है। जून में हुई ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि के बाद कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, 1 जुलाई को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है।

जानें अपने शहर का रेट

शहरघरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) कीमत (₹)कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो) कीमत (₹)
दिल्ली9422930
नोएडा939.502930
मुंबई941.502885.50
कोलकाता9683081.50
पटना1031.503227
लखनऊ979.503052.50
चेन्नई957.503106
चंडीगढ़951.502954.50
जयपुर945.502957.50
हरियाणा943.502932
असम9913173.50

इन कारणों से बदलते हैं दाम

तेल कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करते हैं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों, डॉलर-रुपये की विनिमय दर और दूसरे लागतों को देखते हुए नई दरें लागू की जाती हैं।

कैसे जानें ताजा रेट?

आप Indane, Bharat Gas या HP Gas की ऑफिशियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने शहर का लेटेस्ट LPG रेट देख सकते हैं। गैस बुकिंग के समय भी अपडेटेड कीमत दिखाई जाती है।

क्यों स्थिर हैं घरेलू दाम?

तेल कंपनियों ने जून में अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण घरेलू सिलेंडर महंगा किया था। फिलहाल सरकार और कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। इसलिए जुलाई संशोधन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई।

अगले महीने बढ़ सकते हैं दाम?

फिलहाल, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को अभी किसी अतिरिक्त खर्च का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, अगले महीने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के रुख और सरकार की नियमित समीक्षा के बाद एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती की घोषणा की जा सकती है।

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US-Iran War: ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका! मार गिराया 40 लाख डॉलर की कीमत वाला ये ड्रोन

Iran-US War: पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। कुछ दिनों से शांत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से हाहाकार मच गया है। ईरान और अमेरिका में एक बार फिर तन गई है। अमेरिका ने सोमवार रात को फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। वहीं अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़ा एक्शन लिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।

ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका 

ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “कुछ मिनट पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।” ईरान के कई सरकारी मीडिया संस्थानों ने भी इस खबर की जानकारी दी है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं, अमेरिका की सेना और व्हाइट हाउस की ओर से भी इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

होर्मुज में लगातार बढ़ रहा है तनाव

अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के लिए पैदा हो रहे खतरे को कम करना है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू करने का ऐलान किया है, जो मंगलवार से शुरू होगी। इसके अलावा, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत फीस लगाने का प्लान बना रही है। इन फैसलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार पर भी पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को बताया कि ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास ईरानी क्रूज़ मिसाइलों के हमले में यूएई के दो टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में एक भारतीय चालक दल (क्रू) के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, एमक्यू-1 प्रीडेटर अमेरिका का एक मानवरहित विमान (ड्रोन) है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। यह एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलें दागने में भी सक्षम है। एक एमक्यू-1 ड्रोन की कीमत करीब 40 लाख डॉलर (लगभग 4 मिलियन डॉलर) बताई जाती है, जबकि इसके पूरे ऑपरेशनल सिस्टम की लागत करीब 2 करोड़ डॉलर (लगभग 20 मिलियन डॉलर) होती है।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, नैस्डैक 1.55% फिसला, यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी  गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि  शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।

गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।

बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।

आज सोने का रेट

महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।

डॉलर

US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 14 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Silver Price Today: सोना ₹1500 सस्ता हुआ, ₹2000 गिरा चांदी का भाव; जानिए लेटेस्ट रेट

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को दिल्ली में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,500 टूटकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी ₹2,000 गिरकर ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2.37 लाख प्रति किलो था।

सोना-चांदी क्यों हुए सस्ते?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता फिर गहरा गई है। साथ ही अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ है। इन दोनों वजहों का दबाव सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर गई हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी रही। स्पॉट गोल्ड 1.3% गिरकर 4,067.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 2.32% टूटकर 58.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि सोने पर दबाव बना हुआ है।

अब किस पर रहेगी बाजार की नजर?

अब निवेशकों की नजर मंगलवार को आने वाले अमेरिका के CPI (Consumer Price Index) आंकड़ों पर रहेगी। इससे यह संकेत मिल सकता है कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठा सकता है।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अगर अमेरिका में महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो डॉलर और मजबूत हो सकता है। इससे सोने पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं, तो सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

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HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी HCL Technologies (HCLTech) ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। प्रॉफिट, रेवेन्यू और मार्जिन तीनों उम्मीद से ज्यादा रहे।

कंपनी ने FY27 के लिए अपना गाइडेंस भी बरकरार रखा है। कंपनी को अब भी पूरे वित्त वर्ष में कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% रहने की उम्मीद है।

प्रॉफिट और रेवेन्यू में अच्छी बढ़त

जून तिमाही में HCLTech का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.3% बढ़कर ₹4,624 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,844 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ पहुंच गया।

डॉलर के लिहाज से कंपनी का रेवेन्यू 3.65 अरब डॉलर रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू तिमाही आधार पर 0.5% घटा। लेकिन यह भी बाजार के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

HCLTech का EBIT ₹5,831 करोड़ रहा। वहीं, EBIT मार्जिन बढ़कर 16.86% हो गया, जो मार्च तिमाही में 16.5% था।

आईटी और बिजनेस सर्विसेज से रेवेन्यू बढ़कर ₹26,049 करोड़ हो गया। इंजीनियरिंग और R&D सर्विसेज का रेवेन्यू ₹5,690 करोड़ रहा। वहीं, HCL Software का रेवेन्यू बढ़कर ₹2,840 करोड़ पहुंच गया।

AI कारोबार में तेज बढ़त

HCLTech ने बताया कि उसका Advanced AI कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस सेगमेंट का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 10.6% और सालाना आधार पर 62.1% बढ़ा।

इसके अलावा कंपनी ने जून तिमाही में 2.41 अरब डॉलर का नया ऑर्डर (TCV) हासिल किया, जो पहली तिमाही का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

कर्मचारियों की संख्या घटी

जून तिमाही में HCLTech के कर्मचारियों की संख्या 3,292 घटकर 2,23,889 रह गई। वहीं, एट्रिशन रेट बढ़कर 12.7% हो गई, जो मार्च तिमाही में 12.5% थी।

₹12 प्रति शेयर डिविडेंड

HCLTech के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई तय की गई है। डिविडेंड का भुगतान 27 जुलाई को किया जाएगा। कंपनी ने 1 जुलाई को नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद Jaspersoft के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

नतीजों से पहले सोमवार को HCLTech का शेयर 5.15% की तेजी के साथ ₹1,224 पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल अब तक शेयर करीब 25% गिर चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।