Gold Price Today: नहीं थम रहा सोना, सप्ताह के पहले दिन और नीचे आया भाव

देश में सोने की कीमत में गिरावट जारी है। ज्यादातर शहरों में भाव और घट गया है। 27 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 145070 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1800 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1650 रुपये तक मजबूत हुआ। घरेलू बाजार में खरीद का सेंटिमेंट कमजोर रहने के बीच सोने की कीमतों पर दबाव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,052.78 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 145070 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132840 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144920 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145080 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144920 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132840 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132990145070
मुंबई132840144920
अहमदाबाद132890144970
चेन्नई132990145080
कोलकाता132840144920
हैदराबाद132840144920
जयपुर132990145070
भोपाल132890144970
लखनऊ132990145070
चंडीगढ़132990145070

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत भी सप्ताह के पहले दिन गिरी है। 27 जुलाई की सुबह चांदी 239900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये चढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.11 डॉलर प्रति औंस पर है। ​सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live  Update: कच्चा तेल के नीचे आने से बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे है। गिफ्ट निफ्टी करीब 150 प्वाइंट ऊपर है। एशिया में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। डाओ और नैस्डैक फ्यूचर्स 300 प्वाइंट तक ऊपर नजर आए। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। सोने में भी चमक दिखी है और 4100 डॉलर के पार निकली है।

पिछले सेशन में, BSE सेंसेक्स 0.43% गिरकर 76,059.77 के लेवल पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। सोमवार को एशियाई मार्केट मिले-जुले ट्रेड कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 0.26% गिरा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स 0.4% बढ़ा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.9% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.68% बढ़ा। पिछली बार चेक करने पर, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4% से ज़्यादा गिरकर $87 प्रति बैरल पर था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 4.5% गिरकर $85 प्रति बैरल पर था।

Commodity Outlook: कच्चे तेल से सोना-चांदी तक, अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल? एक्सपर्ट कायनात चैनवाला से जानिए

Commodity Outlook: पिछला हफ्ता कमोडिटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ऐसे में अगले हफ्ते भी बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी।

कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एक्सपर्ट कायनात चैनवाला के मुताबिक, आने वाले दिनों में कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बड़े फैक्टर तय करेंगे। इनमें पश्चिम एशिया का तनाव, अमेरिकी फेड की नीति और वैश्विक सप्लाई की स्थिति सबसे अहम होगी।

कच्चे तेल में क्यों आया उछाल?

पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की तेजी आई। ब्रेंट क्रूड एक समय 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि, हफ्ते के आखिर में मुनाफावसूली से इसमें कुछ गिरावट आई।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, इस तेजी की सबसे बड़ी वजह लाल सागर (Red Sea) में बढ़ा तनाव रहा। हूती विद्रोहियों ने दो सऊदी टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया। इसके बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल दिया। दूसरी ओर, ड्रोन हमले के बाद कजाकिस्तान की पाइपलाइन क्षमता भी करीब 80% प्रभावित हुई। इससे सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई।

सोना-चांदी में कैसी रही चाल?

स्पॉट गोल्ड पिछले हफ्ते करीब 1% चढ़कर 4,050 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बंद हुआ। वहीं, चांदी में करीब 4% की तेजी आई और यह 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

कायनात चैनवाला का कहना है कि सोना-चांदी में आई तेजी की बड़ी वजह नई खरीदारी नहीं, बल्कि गिरावट के बाद हुई खरीदारी (Dip Buying) और शॉर्ट कवरिंग रही। मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अभी भी इन धातुओं पर दबाव बनाए हुए हैं।

MCX गोल्ड के लिए कौन से स्तर अहम?

MCX गोल्ड पिछले हफ्ते ₹1,43,106 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, ऊपर की ओर ₹1,46,000 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद ₹1,48,000 अहम स्तर होगा। नीचे की ओर ₹1,41,000 पहला सपोर्ट है। अगर ₹1,39,800 का स्तर टूटता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है।

बेस मेटल्स में भी रही मजबूती

कॉपर, एल्युमिनियम, जिंक और लेड में भी पिछले हफ्ते तेजी रही। चीन में कॉपर का स्टॉक घटने और रिफाइंड मेटल्स पर संभावित टैरिफ को लेकर अनिश्चितता की वजह से कॉपर एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

फेड की बैठक पर रहेगी नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 28-29 जुलाई की बैठक अगले हफ्ते बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगी।

कायनात चैनवाला का मानना है कि सिर्फ तेल की कीमतों में आई तेजी के आधार पर फेड अगले हफ्ते ब्याज दर बढ़ाने का फैसला शायद ही ले। हालांकि, सितंबर की बैठक को लेकर जोखिम पहले के मुकाबले ज्यादा बना हुआ है।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अगले हफ्ते कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बातें तय करेंगी। पहली, लाल सागर और पश्चिम एशिया में तनाव का घटनाक्रम।

दूसरी, फेड की बैठक और ब्याज दरों को लेकर उसके संकेत। तीसरी, ईरान की ओर से आने वाले किसी भी कूटनीतिक संकेत। इन तीनों का असर कच्चे तेल, सोना, चांदी और दूसरे कमोडिटी बाजारों की चाल पर साफ दिख सकता है।

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रतन टाटा की ये फेवरेट 5 फेमस किताबें, आपके करियर और कैरेक्टर को बिल्ड करने में कर सकती हैं मदद

लोग रतन टाटा की तारीफ़ उन कंपनियों के लिए करते हैं जिन्हें बनाने में उन्होंने मदद की, लेकिन कहानी बस इतनी ही नहीं है। कई बिज़नेस लीडर्स ने अरबों डॉलर की कंपनियां बनाई हैं। बहुत कम लोगों को ऐसा भरोसा मिला है कि लोग उनके बारे में सच्चे सम्मान के साथ बात करें। ऐसा तिमाही मुनाफ़े की वजह से नहीं होता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोगों को भरोसा होता है कि जब सुर्खियां आपके पक्ष में न हों, तब भी आपके मूल्य अडिग रहते हैं।

अक्सर लोग लीडरशिप को आत्मविश्वास, करिश्मा या मुश्किल फ़ैसले तेज़ी से लेने की क्षमता समझ लेते हैं। ये बातें मायने तो रखती हैं, लेकिन ये पूरी नहीं हैं। जो लीडर अपनी गहरी छाप छोड़ते हैं, वे आमतौर पर काम करने से ज़्यादा समय सीखने में बिताते हैं। वे खूब पढ़ते हैं, अपनी मान्यताओं पर सवाल उठाते हैं और सफल होने के बाद भी नई चीज़ें जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। यह बात बहुत अच्छी लगती है क्योंकि इससे पता चलता है कि लीडरशिप कोई जन्मजात गुण नहीं है, बल्कि एक आदत है।

The Tata Story by Harish Bhat

अगर आप यह समझना चाहते हैं कि रतन टाटा की लीडरशिप आज भी लोगों के दिलों में क्यों बसी हुई है, तो आपको यहीं से शुरुआत करनी चाहिए। हरीश भट सिर्फ़ टाटा ग्रुप की अहम उपलब्धियों के बारे में ही नहीं बताते, बल्कि उन सिद्धांतों का भी ज़िक्र करते हैं जिन्होंने उन्हें आकार दिया। इस किताब से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख कोई बिज़नेस एम्पायर खड़ा करने के बारे में नहीं है, बल्कि ऐसी साख बनाने के बारे में है जो तिमाही नतीजों से कहीं ज़्यादा समय तक कायम रहती है। किताब का कहना है कि मूल्य सफलता के साथ जुड़ी कोई अतिरिक्त चीज़ नहीं हैं; बल्कि अक्सर यही वे कारण होते हैं जिनकी वजह से सफलता लंबे समय तक बनी रहती है।

Good to Great by Jim Collins

जिम कॉलिन्स एक ऐसा सवाल पूछते हैं जो सुनने में तो बहुत आसान लगता है, लेकिन असल में गहरा है: कुछ कंपनियां ‘अच्छी’ से ‘बेहतरीन’ कैसे बन जाती हैं, जबकि दूसरी कंपनियां एक ही स्तर पर अटकी रह जाती हैं? इसका जवाब करिश्मा या बड़े जोखिम उठाना नहीं है। इसका जवाब है – अनुशासित सोच, धैर्यपूर्ण नेतृत्व और लंबी अवधि की सोच के साथ काम करने की इच्छा। हालाँकि कुछ उदाहरण अब पुराने हो चुके हैं, लेकिन उनका मुख्य विचार – कि दिखावे या शोर-शराबे से कहीं ज़्यादा असरदार निरंतरता होती है – आज भी उतना ही प्रासंगिक लगता है।

The Psychology of Money by Morgan Housel

लीडरशिप और पैसा, दोनों ही समझदारी की परीक्षा लेते हैं और मॉर्गन हाउसेल ने इस बात को बहुत शानदार ढंग से समझाया है। इन्वेस्टमेंट की रणनीतियाँ सिखाने के बजाय, वे इस बात पर चर्चा करते हैं कि समझदार लोग भी अक्सर पैसे के मामले में गलत फ़ैसले क्यों लेते हैं और सब्र को अक्सर कम अहमियत क्यों दी जाती है। यह किताब आपको एक आसान लेकिन ज़बरदस्त बात सिखाती है: जब दांव बड़ा हो, तो समझदारी से ज़्यादा आपके व्यवहार का महत्व होता है।

Start With Why by Simon Sinek

साइमन सिनेक की मुख्य बात का इतना ज़्यादा ज़िक्र किया जाता है कि यह भूलना आसान है कि असल में यह कितनी असरदार है। उनका मानना ​​सीधा-सा है: लोग सबसे पहले प्रोडक्ट नहीं खरीदते, वे मकसद से जुड़ते हैं। चाहे आप किसी कंपनी को चला रहे हों, कोई ब्रांड बना रहे हों या किसी छोटी टीम को मैनेज कर रहे हों, यह किताब आपको इस बात से आगे सोचने के लिए प्रेरित करती है कि आप क्या करते हैं, और इस बात पर ध्यान देने को कहती है कि वह काम क्यों ज़रूरी है।

Leaders Eat Last by Simon Sinek

साइमन सिनेक की किताबों में से यह किताब सबसे ज़्यादा ज़मीनी हकीकत से जुड़ी हुई लगती है। यह किताब अधिकार या पद का गुणगान करने के बजाय, लीडरशिप को एक ज़िम्मेदारी के तौर पर पेश करती है। सिनेक का कहना है कि बेहतरीन लीडर ऐसा माहौल बनाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं जहाँ वे सुरक्षित और अहम महसूस करें, और अपना सबसे अच्छा काम करने के लिए प्रेरित हों। यह किताब हमें सही समय पर याद दिलाती है कि सबसे मज़बूत टीमें डर या ऊँच-नीच से नहीं, बल्कि देखभाल और जवाबदेही से बनती हैं।

Nifty के लिए 23650-23600 का जोन अहम, यहीं से तय होगी शॉर्ट-टर्म दिशा; नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

जब तक निफ्टी 50 में बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक 23,600 के नीचे बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। जब तक 23,600 का सपोर्ट बना हुआ है, निफ्टी 50 के 23,950–24,000 के जोन की ओर वापस जाने की संभावना बनी हुई है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि निफ्टी 50 अगले हफ्ते 23,600 के सपोर्ट लेवल को साफ तौर पर तोड़कर 23,000 के लेवल की ओर बढ़ेगा?

लंबे समय से चल रही कंसोलिडेशन रेंज के नीचे हालिया ब्रेकडाउन ने निफ्टी के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के नीचे आ गया है। मोमेंटम इंडिकेटर लगातार मंदी का संकेत दे रहे हैं। इस कमजोरी के बावजूद, शुक्रवार को 23,650–23,600 के आस-पास 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट जोन से हुई रिकवरी यह बताती है कि खरीदार अभी भी इस अहम सपोर्ट एरिया को बचाए हुए हैं।

हालांकि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी बेयर्स के पक्ष में है, लेकिन जब तक बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक हमें 23,600 के नीचे साफ ब्रेकडाउन की उम्मीद नहीं है। हालांकि अगर 23,600 के नीचे लगातार गिरावट बनी रहती है, तो यह नई कमजोरी की पुष्टि करेगा और इससे 23,450 और उसके बाद 23,300 की ओर तेज गिरावट (करेक्शन) आ सकती है। इसलिए, 23,650–23,600 का जोन बाजार की शॉर्ट-टर्म दिशा तय करने के लिए लड़ाई का मुख्य मैदान बना रहेगा।

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते बैंक निफ्टी के लिए 56,000-55,500 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया का काम करेगा?

बैंक निफ्टी का 56,000-55,800 का जोन निकट भविष्य में एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इंडेक्स ने हाल ही में 56,000 के स्तर के आसपास खरीदारी का रुझान दिखाया। 200-दिन के EMA से कुछ समय के लिए यह नीचे गया लेकिन फिर उसे सफलतापूर्वक फिर से हासिल कर लिया। इससे पता चलता है कि यह ​एरिया एक मजबूत डिमांड जोन के तौर पर काम कर रहा है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह सपोर्ट पिछले अपमूव (तेजी) के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के साथ भी मेल खाता है। इससे यह मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए नजर रखने लायक एक जरूरी लेवल बन जाता है।

अगर बैंक निफ्टी 55,800 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो इससे मंदी का माहौल मजबूत हो सकता है और नई बिकवाली का दबाव बन सकता है। इससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 55,000 और फिर 54,400 की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ, 57,300–57,400 का जोन एक अहम तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इस बाधा के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होना, निकट-अवधि के टेक्निकल आउटलुक को बेहतर बनाने और बुलिश मोमेंटम को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी होगा।

मौजूदा मार्केट करेक्शन में आप किन दो टेक्निकली मजबूत शेयरों को खरीदने की सलाह देंगे?

Manappuram Finance: यह स्टॉक लगातार मजबूती दिखा रहा है और डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई, हायर लो’ पैटर्न में आगे बढ़ रहा है। 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) लगातार डायनैमिक सपोर्ट का काम कर रहा है, और पिछले एक महीने में कई बार इस लेवल के आस-पास शेयर में खरीदारी देखी गई है। डेली चार्ट पर बढ़ता ADX तेजी (बुलिश ट्रेंड) की मजबूती का संकेत देता है। वीकली टाइमफ्रेम पर RSI (रिलेटिव ​स्ट्रेंथ इंडेक्स) ऊपर जाने से पहले 60 के निशान के पास मजबूती से बना हुआ है, जो बढ़ते बुलिश मोमेंटम को दर्शाता है।

इसके अलावा MACD में बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार दिख रहे हैं और MACD लाइन, सिग्नल लाइन के ऊपर है, जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है। साथ ही आगे भी बढ़त की संभावना की ओर इशारा करता है। इसलिए, 340 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ 350-355 रुपये के जोन में शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, इसके शॉर्ट टर्म में 380 रुपये के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Titan Company: टाइटन कंपनी ने 21 जुलाई को डेली टाइमफ्रेम पर ₹4,680-4,505 की रेंज से एक मजबूत ब्रेकआउट दिया और उसके बाद अच्छी बढ़त दिखाई। कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के बीच 24 जुलाई को गैप-डाउन के साथ खुलने के बावजूद, स्टॉक में तेजी से खरीदारी हुई और यह ऊपर चढ़ गया। इससे एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी। अब यह शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो ट्रेंड की मजबूती को दिखाता है।

डेली चार्ट पर ADX तेजी से बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। वीकली टाइमफ्रेम पर MACD क्रॉसओवर सकारात्मक गति की पुष्टि करता है। पिछले स्विंग हाई ₹4,605 ​​से ऊपर लगातार वीकली क्लोजिंग के साथ, टाइटन का टेक्निकल स्ट्रक्चर आगे भी बढ़त की संभावना दिखाता है। इसलिए, ₹4,525 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹4,670-4,715 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹5,040 के लेवल तक पहुंच सकता है।

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क्या आपको लगता है कि पिछले दो हफ्तों में जबरदस्त तेजी के बाद Astral में और बढ़त होगी?

29 जून को गैप-डाउन के बाद स्टॉक 21 जुलाई तक ₹1,311–1,423 की रेंज में कंसोलिडेट होता रहा। इसने 22 जुलाई को ब्रेकआउट दिया और अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेजेज को फिर से हासिल कर लिया। RSI ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है, जबकि बढ़ते हरे MACD हिस्टोग्राम बार सकारात्मक रुख को और मजबूत करते हैं। उम्मीद है कि ₹1,400-1,410 का 20-दिन का EMA जोन मौजूदा पुलबैक के लिए मजबूत सपोर्ट देगा।

क्या आपको लगता है कि Laurus Labs अपना बुलिश मोमेंटम बनाए रखेगा, क्योंकि यह मार्च 2026 से ‘हायर हाई-हायर लो’ पैटर्न बना रहा है?

लॉरस लैब्स मजबूत ‘हायर हाई-हायर लो’ स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 20-दिन का EMA एक भरोसेमंद डायनैमिक सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। RSI ने दो बार 60 के लेवल के पास सपोर्ट लिया है, जो लगातार बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। इसके अलावा, ADX इंडिकेटर पर DI+ मजबूती से DI- के ऊपर बना हुआ है, जो मजबूत खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है। ₹1,525–1,530 का जोन एक अहम सपोर्ट है और जब तक स्टॉक इस लेवल से ऊपर है, तब तक इसमें तेजी जारी रह सकती है।

क्या FII की पोजीशनिंग बाजार पर लगातार दबाव का संकेत देती है, या आने वाले दिनों में शॉर्ट-कवरिंग रैली की संभावना है?

FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) 24 जुलाई को नेट सेलर बने रहे। उन्होंने 3,893 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे बीते सप्ताह की कुल बिकवाली का आंकड़ा 7,182 करोड़ रुपये हो गया। उनका इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग-शॉर्ट रेश्यो 17 जुलाई को 11.01 प्रतिशत से गिरकर 8.63 प्रतिशत हो गया, जो शॉर्ट पोजीशंस के आक्रामक रूप से बढ़ने को दर्शाता है।

हालांकि ऐतिहासिक रूप से ऐसी लो रीडिंग्स के बाद तेज शॉर्ट-कवरिंग रैली देखी गई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के निकट होना, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी व जापानी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से मैक्रो स्थितियों में सुधार होने तक बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

अगले महीने यानि अगस्त में IPO मार्केट काफी गुलजार रहने वाला है। मेनबोर्ड सेगमेंट में एक दर्जन से ज्यादा IPO लॉन्च हो सकते हैं। लिस्ट में जेप्टो, ट्रूहोम फाइनेंस और शिपरॉकेट जैसे नाम भी शामिल हैं। इन कंपनियों के IPO से कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाए जाने की उम्मीद है। मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, नए आ रहे IPO में नए शेयर जारी किए जाने के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनवेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह का कहना है कि बाजार में स्थिरता और निवेशकों की बेहतर धारणा के चलते वे कंपनियां भी अब आगे बढ़ रही हैं, जो पहले IPO योजनाओं को टाल रही थीं।

शाह का मानना है कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के IPO मार्केट का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। इस कैलेंडर ईयर यानि​ कि साल 2026 में भारत IPO के जरिए लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाएगा।

Zepto के IPO में 8010 करोड़ के नए शेयर

आने वाले IPO में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो एक प्रमुख नाम है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर 8,010 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS भी रहेगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रूहोम फाइनेंस का इरादा IPO से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसमें 1,500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही इतने ही रुपये के शेयरों का OFS होगा। एलिवेट कैंपसेज 2,550 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। इसमें केवल नए शेयर जारी होंगे।

Shiprocket का पब्लिक इश्यू कितना बड़ा

शिपरॉकेट की तैयारी 2,342.35 करोड़ रुपये का IPO लाने की है। इसमें 1,100 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 1,242.35 करोड़ रुपये का OFS होगा। कंपनी एक फुल-स्टैक ई-कॉमर्स इनेबलर है। इसका मतलब हुआ कि एक ऐसी कंपनी या प्लेटफॉर्म जो किसी​ बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने, चलाने और बढ़ाने के लिए शुरू से अंत तक सभी सर्विसेज और तकनीकी समाधान देती हो।

अन्य कंपनियों की बात करें तो इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक का IPO लाना चाहती है। यह पूरी तरह से OFS होगा। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का 1,553 करोड़ रुपये का IPO कतार में है। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, ARCIL (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड), गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वेलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, अर्डी इंडस्ट्रीज, हाई-टेक इंजीनियर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन भी कैपिटल मार्केट में उतरने की योजना बना रही हैं।

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इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 IPO

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की बढ़ती IPO गतिविधियां निवेशकों के भरोसे और मजबूत मांग को दर्शाती हैं। इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 कंपनियां IPO ला चुकी हैं, जिनमें से 9 कंपनियां जुलाई महीने में लिस्ट हुईं। नए सप्ताह में मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का पब्लिक इश्यू 29 जुलाई को खुल रहा है। जूनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के IPO 30 जुलाई को खुलने वाले हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

IT कंपनी साइएंट लिमिटेड के शेयरों में आगे 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल इस शेयर पर बेयरिश है। स्टॉक के लिए ‘सेल’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह BSE पर शेयर के मौजूदा भाव 840 रुपये से करीब 12 प्रतिशत कम है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। साइएंट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 104.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले से 32 प्रतिशत कम है।

कुल इनकम सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2082.6 करोड़ रुपये हो गई। खर्च 1910.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 1565.4 करोड़ रुपये के थे। साइएंट का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

Cyient पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि Cyient के DET (डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) बिजनेस ने जून 2026 तिमाही में 16.3 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत कम है। हालांकि यह ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा। ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी में तिमाही दर तिमाही कॉन्स्टेंट करेंसी बेसिस पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्ट्रैटेजिक यूनिट्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। DET बिजनेस का एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.2 प्रतिशत रहा, जो 12.5 प्रतिशत ​​के अनुमान से ज्यादा है।

DET का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 2.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ा 141.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान 149.8 करोड़ रुपये का था। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि साल-दर-साल DET बिजनेस का रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत, EBIT 12.9 प्रतिशत और /एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 10.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

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Silver Price Today: चांदी एक हफ्ते में ₹10000 महंगी, अब क्या है नया रेट

चांदी की कीमत में वीकली बेसिस पर तेजी देखी गई है। एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये बढ़ा है। 26 जुलाई की सुबह चांदी की कीमत 240000 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.11 डॉलर प्रति औंस पर है। देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं। इस साल जनवरी महीने में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये के आंकड़े को क्रॉस कर गई थी।

इंदौर के सराफा बाजार में 25 जुलाई को चांदी के भाव में 500 रुपये प्रति किलोग्राम की सुस्ती रही। औसत भाव 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।

26 जुलाई को चांदी का भाव

शहरएक किलोग्राम चांदी का भाव (₹)
दिल्ली240000
मुंबई240000
अहमदाबाद240000
चेन्नई240000
कोलकाता240000
हैदराबाद240000
जयपुर240000
भोपाल240000
लखनऊ240000
तिरुवनंतपुरम240000
चांदी का इस्तेमाल ज्वेलरी, सिल्वर आइटम्स और निवेश के विकल्प के रूप में तो होता ही है, साथ ही यह कई इंडस्ट्रीज के लिए भी बेहद जरूरी मेटल है। प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), सेमीकंडक्टर, स्विच, फोटोवोल्टिक (PV) सोलर पैनल, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मेडिकल व फार्मा इंडस्ट्री आदि में चांदी की बेहद अहम भूमिका है।

सोने की एक सप्ताह की चाल

एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1800 रुपये तक ​बढ़ी है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1650 रुपये तक मजबूत हुआ है। आज 26 जुलाई को राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 145080 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में कीमत 144930 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

Petrol Diesel Price Today: आज जारी हुए नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 26 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 | डीजल ₹95.44

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 | डीजल ₹100.92

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 | डीजल ₹86.09

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 | डीजल ₹97.78

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55

पटना: पेट्रोल ₹113.35 | डीजल ₹99.36

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 | डीजल ₹104.40

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

LPG Cylinder Price Today: एलपीजी गैस को लेकर आया बड़ा अपडेट! घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत जारी, जानिए पूरी लिस्ट

LPG Cylinder Price Today: घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। 26 जुलाई 2026 को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जबकि इस महीने की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की गई थी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है।

दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 पर स्थिर बनी हुई है। वहीं, 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब ₹2,930 में मिल रहा है। ये पिछले महीने 3,113.50 रुपये में मिल रहा था। पिछले 12 महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमत में कुल ₹89 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि मार्च 2026 में एक बार में ₹60 की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। दूसरी ओर, कमर्शियल सिलेंडर में मई 2026 में रिकॉर्ड ₹993 की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन जुलाई में इसमें ₹183.50 की राहत दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई है। जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटने से खाद्य एवं आतिथ्य उद्योग की लागत में कमी आएगी। यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बड़ी उथल-पुथल नहीं होती है, तो अगले कुछ समय तक घरेलू LPG की कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है।

कीमतों में अब कब होगा बदलाव?

भारत में LPG सिलेंडर की कीमतों में आमतौर पर हर महीने की 1 तारीख को बदलाव किया जाता है। सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL और HPCL) अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों, कच्चे तेल के भाव, डॉलर-रुपये की कीमत और अन्य लागतों की समीक्षा के बाद नई दरें जारी करती हैं।

हालांकि, हर महीने कीमत बदलना जरूरी नहीं होता। कई बार लगातार कई महीनों तक घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर रहते हैं। जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ज्यादा बार बदलाव देखने को मिलता है। हाल ही में 1 जुलाई 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹183.50 घटाई गई थी। जबकि 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया।

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भारत में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें राज्य और स्थानीय टैक्स (VAT) के कारण अलग-अलग शहरों में भिन्न होती हैं। तेल कंपनियां (OMCs) अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य के आधार पर हर महीने एलपीजी सिलेंडर की दरें संशोधित करती हैं। प्रमुख शहरों में रसोई गैस (14.2 किग्रा घरेलू सिलेंडर) और कमर्शियल गैस (19 किग्रा सिलेंडर) के आज के नवीनतम रेट इस प्रकार हैं:-

देश के प्रमुख शहरों में LPG के ताजा रेट (14.2 किग्रा/19 किग्रा)

घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम)

नई दिल्ली: ₹942.00

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹968.00

चेन्नई: ₹957.50

लखनऊ: ₹979.50

पटना: ₹1,031.50

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम)

नई दिल्ली: ₹2,930.00

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: ₹3,081.50

चेन्नई: ₹3,106.00

लखनऊ: ₹3,052.50

पटना: ₹3,227.00