Gold Price Today: सोना ₹3000 उछला, ₹5000 महंगी हुई चांदी; कमजोर डॉलर से बढ़ी मांग

Gold Price Today: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक बाजार में मजबूती के चलते गुरुवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना 3,000 रुपये बढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे एक दिन पहले यह 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में चांदी 5,000 रुपये महंगी होकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। पिछले सत्र में इसका भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने की मांग बढ़ी है। वहीं, औद्योगिक और निवेश मांग मजबूत रहने से चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के उम्मीद से कम सख्त रुख के बाद ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की आशंकाएं कम हुईं। इससे सोने को समर्थन मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 38.75 डॉलर (करीब 1%) बढ़कर 4,070.04 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.3% चढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से सोना मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान के हस्तक्षेप की खबरों से डॉलर पर दबाव बना।

उन्होंने कहा कि जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राएं रखने वाले निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों को समर्थन मिलता है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

बाजार की नजर अब अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (Non-Farm Payrolls) आंकड़ों पर है। Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, यह रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति और फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति के संकेत दे सकती है।

एनालिस्टों का मानना है कि इन आंकड़ों के बाद सोना, चांदी और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, World Gold Council का कहना है कि साल 2026 की दूसरी छमाही सोने के लिए अहम रह सकती है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

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Gold Silver Price Today: सोना फिसला, चांदी ने लगाई 5000 रुपये की छलांग

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी में 1 जुलाई को सोने में गिरावट आई। डॉलर में मजबूती और विदेशी बाजारों के ट्रेंड का असर भारत में सोने की कीमतों पर पड़ा। यह 1,300 रुपये गिरकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। उधर, चांदी की चमक बढ़ी। यह 5000 रुपये चढ़कर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विदेश में लगातार तीसरे दिन सोना गिरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.54 फीसदी गिरकर 3,986.07 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 1 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर रही। लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “बुधवार को भारत में सोने पर दबाव दिखा। इसकी वजह डॉलर में मजबूती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड है। इसका असर कीमती मेटल की डिमांड पर पड़ा। “

डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सोने पर बनाया दबाव

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “विदेशी बाजारों में सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। यह 0.15 फीसदी चढ़कर 101.34 पर पहुंच गया।” डॉलर में मजबूती से विदेशी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।

भारत में एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी

इधर, कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.46 फीसदी यानी 659 रुपये चढ़कर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.64 फीसदी यानी 1,461 रुपये की कमजोरी के साथ 2,25,582 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 30 फीसदी गिर चुका है सोना

इस साल गोल्ड की कीमतें जनवरी के आखिर में करीब 5600 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। इस लेवल से गोल्ड करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून तिमाही में गोल्ड में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई। सिर्फ जून में यह 11 फीसदी गिरा। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई ने बुलियन पर दबाव बढ़ा दिया।

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अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से भी गिरा सोना

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल में गोल्ड में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। बढ़ते इंटरेस्ट रेट के माहौल में गोल्ड की चमक घट जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है।

Gold price today: सोने-चांदी में गिरावट जारी, एमसीएक्स पर सोना 1% टूटा, चांदी में भी 2% फिसली

Gold Silver Price: बुधवार, 1 जुलाई को MCX पर शुरुआती डील में सोने और चांदी की कीमतों में काफी गिरावट आई। US डॉलर के मजबूत होने, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.86% गिरकर ₹1,41,300 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि MCX चांदी का सितंबर फ्यूचर सुबह 9:10 बजे के आसपास 2.06% गिरकर ₹2,23,850 प्रति किलोग्राम पर था।

जून में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट आई, क्योंकि महंगाई और उसके चलते US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की चिंता थी, जबकि US और ईरान के बीच अपने झगड़े को सुलझाने के लिए बातचीत करने पर सहमति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।

MCX के अनुसार, जून में घरेलू स्पॉट गोल्ड की कीमतें ₹15,100 या लगभग 10% गिरकर ₹1,40,864 प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जबकि सिल्वर की कीमतें जून में ₹38,250 या लगभग 15% गिरकर 30 जून को ₹2,25,125 प्रति किलोग्राम पर आ गईं। US गोल्ड की कीमतों में जून में 2013 के बाद से सबसे बड़ी तिमाही गिरावट देखी गई, जो लगातार चौथे महीने गिर रही है, इस चिंता के बीच कि महंगाई फेड को रेट बढ़ाने के लिए मजबूर करेगी।

US फेडरल रिजर्व इस साल रेट 3 गुना बढ़ा सकता है, इस अंदाज़े के बीच डॉलर में लगातार बढ़ोतरी ने गोल्ड की कीमतों पर असर डाला है।

लगातार दूसरे महीने बढ़ते हुए, डॉलर इंडेक्स जून में 2% से ज़्यादा उछला, और अब 101.35 के करीब है, जिससे दूसरी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया है और डिमांड में कमी आई है।

ज़्यादातर ट्रेडर्स को उम्मीद है कि फेड इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में रेट बढ़ाएगा। US फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अगली मीटिंग 28-29 जुलाई को होनी है।

मार्केट अब नई पॉलिसी गाइडेंस के लिए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के कमेंट्स का इंतजार कर रहे हैं। फोकस जून के ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा पर भी है, जो आज बाद में आएगा, और नॉन-फार्म पेरोल प्रिंट्स पर भी है, जो गुरुवार को आने वाले हैं, ताकि फेड के इंटरेस्ट रेट ट्रैजेक्टरी पर नए सुराग मिल सकें।

जियोपॉलिटिकल फ्रंट पर, US और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुश्मनी शुरू होने के बाद ईरानी रिप्रेजेंटेटिव अपने US काउंटरपार्ट्स से नहीं मिलेंगे।

अब किन लेवल्स पर रखें नजर

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, सोने को $3,994 और $3,955 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,074 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर है। आज के सेशन में चांदी को $57.70 और $56 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $61.20 और $62.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन ने कहा कि MCX गोल्ड को ₹1,41,100 और ₹1,40,000 पर सपोर्ट है, और रेजिस्टेंस ₹1,43,350 और ₹1,44,200 पर है, जबकि चांदी को ₹2,25,500 और ₹2,22,000 पर सपोर्ट है और रेजिस्टेंस ₹2,31,000 और ₹2,34,400 पर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold-Silver Price Today: तीन दिन गिरने के बाद उछला सोना, पर चांदी ₹2000 टूटी; चेक करें लेटेस्ट प्राइस

Gold Price Today: लगातार तीन कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी हुई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये महंगा हुआ। इसकी कीमत 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। इससे पहले गुरुवार को भाव 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। शुक्रवार को मुहर्रम के कारण सर्राफा बाजार बंद रहे थे।

चांदी में चौथे दिन भी गिरावट

सोने में तेजी के उलट चांदी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोर रही। इसकी कीमत 2,000 रुपये घटकर 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों चढ़ा?

एनालिस्टों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की। इससे सोने की कीमतों को सहारा मिला। वहीं, Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि वैश्विक बाजार की कमजोरी की वजह से घरेलू बाजार में चांदी पर दबाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 54.14 डॉलर यानी 1.32% गिरकर 4,035.12 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में करीब 3% की गिरावट आई और यह 57.62 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

अमेरिका-ईरान तनाव और डॉलर का असर

Mirae Asset Sharekhan के हेड (कमोडिटीज एंड करेंसी) प्रवीण सिंह के मुताबिक, वीकेंड में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में तेजी आई। इसका असर सोने पर पड़ा।

हालांकि बाद में दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं। इसी वजह से बुलियन बाजार पर दबाव बना हुआ है।

अब किन आंकड़ों पर रहेगी नजर?

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI जैसे आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना? युद्ध के बीच भी लगातार चौथे महीने गिरा दाम

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Gold Price Crash: रिकॉर्ड हाई से 29% टूटा सोना, अभी खरीदना सही या फिर करें और इंतजार? एक्सपर्ट ने ये बताया

Gold Price Fall: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों और मजबूत होते डॉलर के कारण शुक्रवार, 26 जून को सोने की कीमतें लगातार चौथे हफ्ते गिरावट की राह पर रहीं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना इस समय $4000 प्रति औंस के लेवल के आस पास संघर्ष कर रहा है। बुधवार को यह नवंबर 2025 के बाद पहली बार $4000 के स्तर से नीचे भी फिसल गया था। अगर आप भी सोने या चांदी में निवेश करते हैं, तो ग्लोबल मार्केट का यह पूरा गणित आपके लिए समझना बेहद जरूरी है।

लगातार चौथे हफ्ते टूटा सोना

शुक्रवार को हाजिर सोना 0.6% गिरकर $4002.77 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा भी 0.7% की गिरावट के साथ $4017.30 पर ट्रेड कर रहा था। इस पूरे हफ्ते की बात करें तो सोने ने करीब 3.8% की भारी गिरावट दर्ज की है।

रिकॉर्ड हाई से 29% की भारी गिरावट

इस साल 29 जनवरी को अमेरिका-इरान युद्ध के कारण बढ़ी वैश्विक महंगाई के चलते सोने ने $5594.82 प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन उसके बाद से अब तक सोने की कीमतों में करीब 29% की बड़ी करेक्शन आ चुकी है।

OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग का मानना है कि सोने में चल रहा यह गिरावट का दौर अभी और लंबा खिंच सकता है और लंबी अवधि में सोना फिसलकर $3400 के स्तर तक भी जा सकता है। यानी मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

क्यों आ रही है सोने की कीमतों में गिरावट?

सोने के दाम गिरने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण काम कर रहे हैं:

1. मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मई 2025 के बाद से अपने सबसे मजबूत स्तर के करीब बना हुआ है। डॉलर लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त की ओर है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं जैसे- भारतीय रुपया में सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है।

2. अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें: गुरुवार को आए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में खुदरा महंगाई मई महीने में 4% के पार निकल गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। आमतौर पर सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने पर कोई ब्याज या यील्ड नहीं मिलता।

ट्रेडर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी फेड इस साल तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसमें सितंबर में रेट हाईक होने की संभावना 64% तक जताई जा रही है।

चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम का भी बुरा हाल

सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं के लिए भी यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा:

हाजिर चांदी: 2.6% टूटकर $56.39 प्रति औंस पर आ गई।

प्लेटिनम: 2% की गिरावट के साथ $1568.55 पर आ गया।

पैलेडियम: 0.6% फिसलकर $1177.12 पर ट्रेड कर रहा था।

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Trading Strategy: अब अगली तेजी 24250 के ऊपर निकलने पर आएगी, जब तक निफ्टी 24100 के ऊपर है ट्रेंड रहेगा मजबूत

Trading Strategy: लार्जकैप के दम पर आज मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि मार्केट ब्रेथ कमजोर है। नरम क्रूड और रुपये की मजबूती से सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 170 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के ऊपर दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी 58500 के पार कारोबार कर रहा है। मिडकैप में भी रौनक है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% फिसलकर 13 के नीचे आ गया है। कच्चे तेल में गिरावट और ब्याज दरें ना बढ़ने की उम्मीद में ऑटो शेयरों में फर्राटा रफ्तार आई है। मारुति करीब 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही M&M,मदरसन और TVS मोटर भी 4% दौड़े हैं।

रियल्टी,NBFCs और FMCG में भी अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। रियल्टी में प्रेस्टीज,गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा 2 फीसदी चढ़े हैं। लेकिन मजबूत डॉलर इंडेक्स से मेटल शेयरों में लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: लार्ज कैप में रैली

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज फिर बाजार में चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में रैली हुई है। निफ्टी चला है लेकिन ब्रेथ खराब है। हालांकि 1-2 दिन की चाल को ट्रेंड नहीं समझ सकते। लेकिन ऐसा चलता रहा तो रिस्क का रास्ता खुलेगा। खैर,अगले हफ्ते उसका भी जवाब मिल जाएगा। फिलहाल आज का दिन निफ्टी के लिए बढ़िया रहा। 24,250 की रजिस्टेंस पार करने बाद रुका। ऑटो शेयरों के लिए आज शानदार दिन है। तकरीबन हर ऑटो एंसिलरी शेयर में रैली है। इंटरग्लोब फिर से आज रफ्तार का घोड़ा बना। सिर्फ मेटल में आज गिरावट आई। मेटल शेयरों की गिरावट के लिए सुबह ही तैयार किया था।

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बाजार: अब क्या?

अब अगली तेजी 24,250 के ऊपर निकलने पर आएगी। 24,100 के ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड मजबूत है। अगर 24,200 के ऊपर क्लोजिंग हो जाए तो शानदार रहेगा। बैंक निफ्टी में 58,500 का पहला टारगेट हासिल हुआ। 59,000 और 59,500 के टापगेट अभी बाकी हैं। ऑरेकल ने फिर से आवाज के दर्शकों को मोटी कमाई कराई है। इंटरग्लोब में भी 4000 से 5400 की एकतरफा रैली रही।

निफ्टी -बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,050-24,100 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,200-58,400 पर सपोर्ट और 58,800-59,000 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

INR vs USD: डॉलर के मुकाबले रुपया 37 पैसे मजबूत, जानें क्या है वजह

INR vs USD:  गुरुवार (25 जून) को भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 94.30 पर मज़बूती से खुला, जो बुधवार (26 जून) के 94.67/$ के बंद भाव से 37 पैसे ज़्यादा है। इसे ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के संभावित दखल से सपोर्ट मिला।

पिछले सेशन में साइकोलॉजिकली ज़रूरी 95/$ के निशान के पास पहुंचने के बाद करेंसी में सुधार हुआ। ट्रेडर्स ने कहा कि RBI ने शायद उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए मार्केट में कदम रखा, जबकि RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​के कमेंट्स ने भी फॉरवर्ड प्रीमियम लेवल को नीचे खींच लिया, जिससे सेंटिमेंट को मदद मिली।

तेल की कीमतों ने रुपये को और किया मज़बूत

ब्रेंट क्रूड रात भर में 4% से ज़्यादा गिरा और एशियाई ट्रेडिंग में 2% और गिरकर लगभग $72.28 प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट तब आई जब ईरान के साथ US-इज़राइल संघर्ष को खत्म करने के मकसद से शुरुआती समझौते के बाद टैंकरों ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से फिर से मूवमेंट शुरू कर दिया।

ब्रेंट की कीमतें अब 28 फरवरी को लड़ाई बढ़ने से पहले के लेवल से नीचे आ गई हैं।

इस हफ़्ते बेंचमार्क 10% से ज़्यादा और इस महीने 21% से ज़्यादा नीचे है, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी पर दबाव कम हुआ है।

एक बैंक के करेंसी ट्रेडर ने कहा, “तेल की कम कीमतों और RBI के दखल के असर से रुपये में अच्छी तेज़ी आ रही है।”

एशियाई करेंसी में लगातार कमज़ोरी के बावजूद रुपये में बढ़त आई। फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीद के बीच US डॉलर की मज़बूत सेफ-हेवन डिमांड से रीजनल करेंसी पर दबाव बना रहा।डॉलर इंडेक्स 101.50 के आस-पास रहा, जो कई महीनों के हाई के करीब है, क्योंकि इन्वेस्टर्स का मानना ​​है कि मज़बूत US इकॉनमिक ग्रोथ और स्थिर महंगाई फेड को सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की ओर धकेल सकती है।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने कहा कि बुधवार (24 जून) को रुपये में रिकवरी, क्रूड ऑयल की कम कीमतों के साथ मिलकर, लोकल करेंसी को जल्द ही स्टेबल होने में मदद कर सकती है, भले ही ग्लोबल डॉलर में मज़बूती बनी रहे।

ING ने एक नोट में कहा कि हाल के प्राइस एक्शन से पता चलता है कि मार्केट अब होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए शिपिंग एक्टिविटी के तेज़ी से नॉर्मल होने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे ग्लोबल ऑयल मार्केट में सप्लाई में रुकावट का डर कम हो गया है।

रुपये का आउटलुक

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के मुताबिक, भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 94.30 पर मज़बूती से खुला, जिसे ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ करेक्शन से सपोर्ट मिला, जो ईरान लड़ाई से पहले के लेवल से नीचे आ गई हैं। ब्रेंट क्रूड इस हफ़्ते 10% से ज़्यादा और इस महीने 21% से ज़्यादा गिरा है, जिससे भारत के इंपोर्ट बिल को लेकर चिंता कम हुई है और घरेलू करेंसी को सपोर्ट मिला है।

यादव ने बताया कि मई में एशियाई बॉन्ड मार्केट में विदेशी इनफ्लो तीन महीने के हाई पर पहुंच गया, जिससे सेंटिमेंट को और मदद मिली। उन्होंने यह भी बताया कि RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने हाल ही में दोहराया कि इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पर बात करना अभी जल्दबाजी होगी और इस बात पर ज़ोर दिया कि सेंट्रल बैंक रुपये के लिए किसी खास एक्सचेंज रेट को टारगेट नहीं करता है। हालांकि, मार्केट पार्टिसिपेंट्स को उम्मीद है कि RBI सरकारी बैंकों के ज़रिए बहुत ज़्यादा करेंसी वोलैटिलिटी को रोकने के लिए दखल देगा।

पॉज़िटिव फ़ैक्टर्स के बावजूद, रुपये की बढ़त पर रोक लगी रही क्योंकि US डॉलर डॉलर इंडेक्स पर एक साल के हाई 101.5 के पास रहा, इस उम्मीद के बीच कि फ़ेडरल रिज़र्व लंबे समय तक सख्त मॉनेटरी पॉलिसी बनाए रख सकता है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में बढ़त, माइक्रोन की मजबूत कमाई के बाद कोस्पी 5% उछला, निक्केई 1% ऊपर

Asian Market Today: US चिपमेकर माइक्रोन की अच्छी कमाई के बाद गुरुवार को एशियाई स्टॉक मार्केट में मोटे तौर पर बढ़त देखी गई। जापान का निक्केई 225 1.28% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.76% बढ़ा। साउथ कोरिया का कोस्पी 5% से ज़्यादा उछला, जबकि कोस्डैक 1.32% चढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम ओपनिंग का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी 24,114 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 62 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट बुधवार को मिला-जुला रहा, जिसमें नैस्डैक और S&P 500 मेगाकैप टेक स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुए।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 पॉइंट्स या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 7.24 पॉइंट्स या 0.10% गिरकर 7,358.22 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 110.40 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 0.54% गिरा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.27% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर 0.37% गिरा, एप्पल का स्टॉक 0.38% गिरा, टेस्ला का स्टॉक 1.61% गिरा, और स्पेसएक्स का शेयर 1.13% गिरा।

US-ईरान शांति वार्ता

जबकि होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक नॉर्मल होने की ओर बढ़ रहा है, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बंद कमरे में हुई मीटिंग में रिपब्लिकन कांग्रेसियों को उनके ईरान युद्ध को रोकने के लिए वोट की इजाज़त देने के लिए फटकार लगाई है। US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो का कहना है कि अगले हफ़्ते स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ बातचीत तय है।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई और Q4 के अनुमान ने वॉल स्ट्रीट के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, जिससे इसके शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 15% बढ़ गए। माइक्रोन ने Q3 में $41.46 बिलियन का रेवेन्यू बताया, जो $35.85 बिलियन के अनुमान से ज़्यादा है। कंपनी ने $25.11 प्रति शेयर का एडजस्टेड प्रॉफ़िट बताया, जबकि अनुमान $20.78 प्रति शेयर था।

इसे Q4 में प्रति शेयर $31 की एडजस्टेड कमाई की उम्मीद है, जो $1 ज़्यादा या कम हो सकती है, जबकि अनुमान $25.84 प्रति शेयर था। कंपनी को चौथी तिमाही में लगभग $10 बिलियन के कैपिटल खर्च की उम्मीद है, जबकि एनालिस्ट्स को $8.89 बिलियन की उम्मीद थी।

बिटकॉइन की कीमतें

बिटकॉइन की कीमतें वापस $60,000 से नीचे आ गईं। टोकन 5.4% तक गिरकर $59,023 पर आ गया, जो अक्टूबर 2024 के बाद सबसे कम है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, CoinGlass के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में क्रिप्टो लॉन्ग पोजीशन में लगभग $800 मिलियन लिक्विडेट किए गए हैं। डेरिबिट के डेटा से पता चलता है कि यह गिरावट शुक्रवार को बिटकॉइन ऑप्शंस में लगभग $10 बिलियन की तिमाही एक्सपायरी से पहले हुई है।

आज सोने का रेट

US डॉलर में तेज़ी और US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की संभावना के बीच, सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही, जो एक दिन पहले सात महीने से ज़्यादा के निचले स्तर के पास रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% गिरकर $3,985.89 प्रति औंस हो गई, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% गिरकर $4,001.60 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर की कीमतें 0.2% गिरकर $57.33 प्रति औंस हो गईं।

US ट्रेजरी यील्ड

तेल की कीमतें चार महीने के सबसे निचले स्तर पर आने से US ट्रेजरी यील्ड गिर गई। 2-साल के नोट की यील्ड 4.137% पर आ गई, जो 17 जून के बाद सबसे कम है। बेंचमार्क US 10-साल के नोट पर यील्ड 4.398% पर पहुंच गई, जो 11 मई के बाद सबसे कम है। तीस-साल के ट्रेजरी यील्ड 4.849% पर आ गए, जो 8 अप्रैल के बाद सबसे कम है।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान के बीच शुरुआती शांति समझौते के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से फंसे हुए टैंकरों के निकलने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे सप्लाई की चिंता कम हुई। अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.54% गिरकर $73.34 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.38% गिरकर $70.07 प्रति बैरल पर आ गया।

डॉलर

US डॉलर मजबूत हुआ है और लगभग एक साल में अपनी सबसे तेज मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले करेंसी को मापता है, रातों-रात 101.8 के 13 महीने के पीक पर पहुंचने के बाद 101.6 के आसपास स्थिर है। यूरो लगभग $1.1353 था, और स्टर्लिंग सात महीने के सबसे निचले स्तर $1.314 पर था। 161.73 येन पर, डॉलर चार दशकों से कुछ ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे स्तर से बस थोड़ा ही दूर था।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 25 जून को बढ़त के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty 24,081.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

24 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। IT,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,000 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों के बाद तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुईं,जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 790.54 अंक या 1.04 प्रतिशत बढ़कर 76,991.22 पर और निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 87 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,108.50 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 3.55 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.15 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.43 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 1.13 फीसदी की बढ़त है। कोस्पी 4.62 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.14 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

बुधवार को नैस्डैक और S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह टेक शेयरों में आई गिरावट थी। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइंस और ट्रैवल से जुड़े शेयरों को फायदा हुआ और डाओ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 अंक या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 7.24 अंक या 0.10% की गिरावट आई और यह 7,358.22 पर बंद हुआ। वहीं,नैस्डैक कम्पोजिट 110.40 अंक या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त पर खुल सकते है भारतीय बाजार

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को डॉलर तेजी से ऊपर चढ़ते हुए चार्ट रेजिस्टेंस के स्तर को पार कर गया। यह लगभग एक साल की अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि मज़बूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को सहारा देगी,साथ ही वे महंगाई के अहम आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.58 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.40% हो गई है। जबकि 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से बढ़कर 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी पर भी दबाव बना हुआ है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

उधर मलेशियाई रिंगित 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे कारोबार कर रहा है। इसके बाद फिलीपीन पेसो का नंबर है, जिसमें 0.12 प्रतिशत की मजबूती आई है। थाई बाहत में 0.07 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि, जापानी येन और सिंगापुर डॉलर में 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त है।

कच्चे तेल में नरमी

गुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है और यह युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुच गया है। ईरान के साथ US इज़राइल युद्ध को खत्म करने के शुरुआती समझौते के बाद,फंसे हुए टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकल गए हैं,जिससे तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हुईं है,इसका असर तेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है। WTI क्रूड में 0.91 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 1.03 फीसदी की गिरावट आई है।

गोल्ड

गुरुवार को सोने की कीमतों में और गिरावट आई है और ये सात महीने से ज्यादा के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.38 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं,चांदी 0.39 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।