Trading Strategy: अब अगली तेजी 24250 के ऊपर निकलने पर आएगी, जब तक निफ्टी 24100 के ऊपर है ट्रेंड रहेगा मजबूत

Trading Strategy: लार्जकैप के दम पर आज मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि मार्केट ब्रेथ कमजोर है। नरम क्रूड और रुपये की मजबूती से सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 170 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के ऊपर दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी 58500 के पार कारोबार कर रहा है। मिडकैप में भी रौनक है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% फिसलकर 13 के नीचे आ गया है। कच्चे तेल में गिरावट और ब्याज दरें ना बढ़ने की उम्मीद में ऑटो शेयरों में फर्राटा रफ्तार आई है। मारुति करीब 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही M&M,मदरसन और TVS मोटर भी 4% दौड़े हैं।

रियल्टी,NBFCs और FMCG में भी अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। रियल्टी में प्रेस्टीज,गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा 2 फीसदी चढ़े हैं। लेकिन मजबूत डॉलर इंडेक्स से मेटल शेयरों में लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: लार्ज कैप में रैली

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज फिर बाजार में चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में रैली हुई है। निफ्टी चला है लेकिन ब्रेथ खराब है। हालांकि 1-2 दिन की चाल को ट्रेंड नहीं समझ सकते। लेकिन ऐसा चलता रहा तो रिस्क का रास्ता खुलेगा। खैर,अगले हफ्ते उसका भी जवाब मिल जाएगा। फिलहाल आज का दिन निफ्टी के लिए बढ़िया रहा। 24,250 की रजिस्टेंस पार करने बाद रुका। ऑटो शेयरों के लिए आज शानदार दिन है। तकरीबन हर ऑटो एंसिलरी शेयर में रैली है। इंटरग्लोब फिर से आज रफ्तार का घोड़ा बना। सिर्फ मेटल में आज गिरावट आई। मेटल शेयरों की गिरावट के लिए सुबह ही तैयार किया था।

Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर के IPO में रेड फ्लैग्स की भरमार, जानिए क्या इसमें लगाना चाहिए पैसा

बाजार: अब क्या?

अब अगली तेजी 24,250 के ऊपर निकलने पर आएगी। 24,100 के ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड मजबूत है। अगर 24,200 के ऊपर क्लोजिंग हो जाए तो शानदार रहेगा। बैंक निफ्टी में 58,500 का पहला टारगेट हासिल हुआ। 59,000 और 59,500 के टापगेट अभी बाकी हैं। ऑरेकल ने फिर से आवाज के दर्शकों को मोटी कमाई कराई है। इंटरग्लोब में भी 4000 से 5400 की एकतरफा रैली रही।

निफ्टी -बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,050-24,100 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,200-58,400 पर सपोर्ट और 58,800-59,000 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर के IPO में रेड फ्लैग्स की भरमार, जानिए क्या इसमें लगाना चाहिए पैसा

Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर (Waterways Leisure) के IPO में निवेश का आज आखिरी दिन है। 2 दिन के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपीओ कुल 51 फीसदी भरा है। इसमें रिटेल का हिस्सा 2.34 गुना और NIIs का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। जबकि, QIBs इससे नदारद हैं। ऐसे में क्या आपको इस IPO में पैसा लगाना चाहिए, क्या है इस कंपनी से जुड़ी दिक्कतें? ये बता रहे हैं CNBC-आवाज के मैनेजिंग एडिटर,अनुज सिंघल।

अनुज सिंघल ने कहा कि उन्होंने कई आईपीओ देखे हैं। लेकिन इससे ज्यादा रेड फ्लैग्स बहुत कम आईपीओ में दिखे हैं। मतलब यह है कि यह एक ऐसा आईपीओ है जिसमें रेड फ्लैग्स की भरमार है। सबसे बड़ा रेड फ्लैग यह है कि आईपीओ आते-आते इसमें सिर्फ बैंकर रह गया जो पहले तीन थे। यानी कंपनी ने जब आईपीओ के लिए डीआरएचपी फाइल किया था तब तीन मर्चेंट बैंकर थे और आईपीओ आते-आते एक मर्चेंट बैंकर रह गया है। सेबी का रूल है अगर प्रॉफिटेबिलिटी में बहुत ज्यादा वोलैटिलिटी हो तो आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए होता है। ऐसे में इस आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए है और इसके लिए रिटेल के ओवर सब्सक्रिप्शन के कोई मायने नहीं है। यह एक बहुत छोटा सा हिस्सा है। अगर इसका ओवर सब्सक्रिप्शन हो गया तो भी क्या फर्क पड़ता है ? ईमानदारी से बोलें तो इस आईपीओ में फंसने का रिस्क है।

अब तक के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपी अभी तक कुल 51% ही भरा। जिसमें से रिटेल हिस्सा 2.34 गुना भरा है। एनआरआई, एनआईआई का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। अब तक क्यूआईबी निवेश जीरो है। हो सकता है आखिरी दिन में यह हिस्सा भर जाए लेकिन क्यूआईबी और एचएनआई साफ तौर पर इस आईपीओ से दूरी बनाए हुए हैं।

इसके अलावा कई और कारण हैं जिनकी वजह से यह आईपीओ अच्छा नहीं लग रहा है। इसमें ओनरशिप में बदलाव हुआ है। पहले इसका नाम जेल क्रूज वगैरह कुछ था। बाद में सिर्फ ब्रांड बेचा गया। शिप मर्चेंट शिप ब्रांड अलग से बेचा गया। शिप अलग से बेचा गया। ऐसी बहुत सी चीजें हुई। किस लेवल पर यह डील हुई उसके मुकाबले किस लेवल पर आईपीओ आ रहा है। यह सब तो एक अलग ही कहानी है। वह अगर आप एक डीआरएचपी पढ़ेंगे तो आपको समझ में आएगा।

एक और निगेटिव बात यह है कि हमारे यहां भारत में क्रूज का कल्चर नहीं है। देश में क्रूज कंपनियों की ग्रोथ की संभावना बहुत कमजोर है। कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 2% गिरा था। एबिटडा तो 46% गिरकर 117 करोड़ पर आ गया था। 85% ऑक्यूपेंसी और 12,000 के एवरेज रेवेन्यू पर भी मार्जिन काफी खराब रहा था। EV/EBITDA 51x का है,जो बड़े होटल्स से 3 गुना महंगा है। साथ ही इनके क्रूज खुद के नहीं हैं,लीज पर लिए गए हैं। कंपनी को अगले 2-3 साल में कंपनी को 1524 करोड़ रुपए +GST का लीज रेंटल देना है। उसमें से कंपनी 480 करोड़ रुपए IPO से लगाने की बात कह रही है। यह भी ध्यान में रखें कि दुनिया में क्रूज कंपनियां बहुत कम मार्जिन बनाती हैं। ऐसे में इस आईपीओ से पूरी तरह से दूर रहने की सलाह होगी।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।