Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी में जोरदार तेजी, सिल्वर दो दिन में 6% उछला

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। इससे सोने का भाव चढ़कर एक हफ्ते के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी है। ब्रेंट क्रूड 108-109 डॉलर से घटकर 104 डॉलर पर आ गया है। इससे बुलियन की कीमतों को सपोर्ट मिला है।

सोने और चांदी में लगादार दो दिन तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के बाद सोने और चांदी में गिरावट आई थी। लेकिन, क्रूड में नरमी की वजह से लगातार दो दिन बुलियन में अच्छी तेजी दिखी है। चांदी की कीमतें तो दो दिन में करीब 6 फीसदी उछल गई हैं। इनवेस्टर्स ने अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बावजूद सोने और चांदी में दिलचस्पी दिखाई है।

स्पॉट गोल्ड 4,350 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा

18 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.24 फीसदी चढ़कर 4,350 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 1.64 फीसदी के उछाल के साथ 66 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में अच्छी तेजी देखने को मिली। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.29 फीसदी यानी 449 रुपये चढ़कर 1,53,430 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था।

एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स में 1900 रुपये का उछाल

एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी दिखी। यह 0.80 फीसदी यानी 1,896 रुपये चढ़कर 2,40,101 रुपये किलोग्राम पर चल रहा था। एक्सपर्ट का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड को 4,400-4,440 की रेंज में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगर यह लेवल टूट जाता है तो गोल्ड में आगे तेजी दिख सकती है।

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मध्यपूर्व में तनाव घटाने की कोशिश सफल हुई तो आएगी बड़ी तेजी

उधर, मध्यपूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के लिए कूटनीतिक कोशिशें चल रही हैं। अगर अगले हफ्ते इस मामले में कुछ प्रगति होती है तो क्रूड की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इससे सोने और चांदी को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए हैं। यह माना जा रहा है कि फेड एक बार फिर इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है। इसलिए सोने में फिलहाल बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है।

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी धड़ाम, इन तीन फैक्टर का दिखा असर

Gold Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई। बढ़ती बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर ने बुलियन पर दबाव बनाया। वहीं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ी है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त पॉलिसी की उम्मीद भी बढ़ी है।

कॉमेक्स गोल्ड गुरुवार शाम कारोबार में 1.68% गिरकर 4,386 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया। वहीं, चांदी 5.37% गिरकर 65 डॉलर प्रति औंस से नीचे रही।

घरेलू बाजार में भी दबाव दिखा। अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट का गोल्ड फ्यूचर्स शाम के कारोबार में करीब 1% गिरकर ₹1,52,249 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी 3.63% गिरकर ₹2,35,347 प्रति किलोग्राम पर रही।

सोने पर क्यों बढ़ा दबाव?

LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, सोने में कारोबार कमजोर और उतार-चढ़ाव वाला रहा। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी रही।

गुरुवार को डॉलर रुपया के मुकाबले 38 पैसे मजबूत होकर 95.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर के स्तर से ऊपर चली गई।

त्रिवेदी के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई की चिंता बनी हुई है। इससे फेड की सख्त पॉलिसी की उम्मीद बढ़ रही है। इसका दबाव सोने पर पड़ रहा है।

उनका कहना है कि मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद के बीच ऊंचे स्तरों पर सोने पर दबाव बना रह सकता है। घरेलू बाजार में सोने की रेंज ₹1,51,500 से ₹1,55,000 के बीच रह सकती है।

गोल्ड प्राइस का आउटलुक कैसा है

अब बाजार की नजर फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर है। इस हफ्ते आने वाले PCE Price Index के आंकड़े महंगाई की स्थिति का संकेत देंगे। इससे अगले हफ्ते होने वाली फेड बैठक से पहले ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें तय हो सकती हैं।

Anand Rathi Share and Stock Brokers की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में रिकवरी सोने पर फिर दबाव बना रही है। फिलहाल बाजार में तेजी को लेकर ज्यादा भरोसा नहीं है। निवेशक फेड के अगले कदम को लेकर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश

दूसरी तरफ, गोल्ड ETF में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है। अगस्त 2026 में गोल्ड ETF में 18 अरब डॉलर का निवेश आया। यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक इनफ्लो है।

इससे ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग बढ़कर 4,189 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह फरवरी 2026 के 4,176 टन के पिछले रिकॉर्ड से भी ज्यादा है।

नार्वेकर के मुताबिक, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और महंगे कच्चे तेल का दबाव सोने पर बना हुआ है। साथ ही, अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। ऐसे में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद के बावजूद सोने की सेफ हेवन डिमांड को कुछ सपोर्ट मिल रहा है।

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निफ्टी के 10 बड़े शेयर औसतन 20% टूटे, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अच्छे मौके

कच्चे तेल के उबाल और ईरान-US टेंशन से बाजार पस्त नजर आ रहा है। आज लगातार तीसरे दिन गिरावट है। निफ्टी ने इंट्रा डे में 23500 का लेवल तोड़ा है। बैंक निफ्टी भी 56500 के करीब है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी बिकवाली है। कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब पहुंच गया है। बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार इस समय मंदड़ियों के कंट्रोल में है। लगातार हमारा नजरिया रहा है,बाजार में शॉर्ट रहें। कल भी 3:30 पर शॉर्ट कैरी करने का नजरिया लिया था। निफ्टी साफ दिखा रहा है कि 23,500 खतरे में है और 23,100-23,300 की भी संभावना ज्यादा है।

कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। एक अच्छी बात ये है कि इंडेक्स खराब है,शेयर नहीं। मिडकैप इंडेक्स ऑल टाइम हाई से सिर्फ 2% नीचे है और स्मॉलकैप इंडेक्स तो लाइफ टाइम हाई पर है। इसलिए ये कहना कि बाजार खराब है, ठीक नहीं है। लार्जकैप इंडेक्स में दबाव है और इसी वजह से निफ्टी नीचे है। निफ्टी के 10 सबसे बड़े शेयरों में 1 भी तेजी में नहीं है।

बाजार: क्यों गिर रहे हैं हम?

बाजार की दिक्कत ये है कि सभी बड़े शेयर गिरावट में हैं। निफ्टी,भारत के सबसे बड़े शेयरों का सिर्फ एक झांकी भर है। सबसे बड़े 10% शेयर औसतन 20% नीचे हैं। सबसे बड़े शेयरों की जोरदार पिटाई हुई है। रिलायंस अपने हाई से 20 फीसदी नीचे है। इसी तरह HDFC बैंक 31 फीसदी, ICICI बैंक 5.5 फीसदी, SBI 18 फीसदी, TCS 33 फीसदी, L&T में 11 फीसदी और इंफोसिस में 37 फीसदी की गिरावट आई है। यही कारण है कि निफ्टी अपने हाई से 10% से ज्यादा नीचे है। इन 10 बड़े शेयरों को छोड़ दें तो बाजार खराब नहीं है।

बाजार: आज के संकेत

कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय क्रूड बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। US बाजार में गिरावट को हम जितना पचाकर गए थे उससे ज्यादा गिरे हैं। सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी ने नैस्डेक की गिरावट को सीमित रखा। आज फिर IT शेयरों में दबाव रह सकता है।

बाजार: कहां तक गिर सकता है निफ्टी?

निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग के हिसाब से हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 60% गिर चुके हैं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो 61.8% रिट्रेसमेंट होगी। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 41% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 50% retracement लेवल आएगा करीब 23,550 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,200-23,500 का रास्ता अब शायद खुल चुका है।

बाजार: आज कहां हो नजर?

कल हमने हिंद जिंक, हिंद कॉपर पर पॉजिटिव नजरिया लिया। वो ट्रेड आज भी थोड़ा और चल सकती है। कॉपर और जिंक की कीमतों में आज भी तेजी है। हालांकि चांदी में गिरावट से हिंद जिंक में मुनाफावसूली संभव है। एल्यूमीनियम कीमतें भी 4 हफ्ते के उच्च स्तर पर। हैरानी की बात ये कि दरों में बढ़ोतरी की 65% संभावना पर भी मेटल शेयर चल रहे हैं। इसका मतलब है कि मेटल शायद अब एक Structural Bull Market में आ रहे हैं। IT वापस बाजार की सबसे कमजोर कड़ी बन चुका है। अपने हालिया उच्च स्तर से IT इंडेक्स 2000 अंक गिर चुका है। कैपिटल गुड्स से जुड़े कुछ शेयर आज भी चल सकते हैं। बैंक निफ्टी ने भी कल 56,800 का अहम लेवल तोड़ा है।

एक साथ 6 IPOs खुले हैं, जो 1996 के बाद पहली बार हुआ है। IPOs में जबरदस्त पैसा बन रहा है। इसलिए सेंकडरी मार्केट की काफी लिक्विडिटी वहां जा रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अच्छे मौके हैं।

 

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार दूसरे दिन चढ़ा, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 4 सितंबर को सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी आई। यह 1,400 रुपये चढ़कर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

चांदी की कीमत 2,40,500 रुपये पर स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रहीं। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने में तेजी की वजह घरेलू बाजार में इसकी अच्छी खरीदारी है। हालांकि, अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इस डेटा का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से 40 फीसदी गिरी है चांदी

सोने और चांदी की कीमतें इस साल जनवरी के आखिर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों में तेज गिरावट दिखी। चांदी की कीमत जनवरी में 4 लाख रुपये के पार हो गई थी। तब से यह करीब 40 फीसदी गिर चुकी है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा, “इनवेस्टमेंट डिमांड कमजोर है, जिससे डीलर इनवेंट्रीज को लेकर चिंता पैदा होती है।”

कमजोर डिमांड से चांदी पर बढ़ सकता है दबाव 

उन्होंने कहा कि अगर डिमांड नहीं बढ़ती है तो भारतीय डीलरों की तरफ से दिए गए करीब 2,000 टन सिल्वर के आने से इनवेंट्री पर दबाव और बढ़ सकता है। सिल्वर का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में भी होता है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल शामिल हैं। इसके अलावा इसमें इनवेस्टमेंट डिमांड भी होती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना हल्की गिरावट के साथ 4,465 डॉलर प्रति औंस था, जबकि चांदी 0.38 फीसदी गिरकर 66.72 डॉलर प्रति औंस थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अगस्त की नॉन-फॉर्म पेरोल रिपोर्ट से पहले ट्रेडर्स सावधानी बरत रहे हैं। इससे सोने और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं।

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अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर करीबी नजर

अगले हफ्ते अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं। इसका असर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर पड़ेगा। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी पेश करेगा। अगर इनफ्लेशन में इजाफा होता है तो वह इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उनका फोकस इनफ्लेशन को काबू करने पर है। अगर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ता है तो इसका खराब असर सोने पर पड़ेगा।

MCX में हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट, जानिए क्या वजह

कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर 4 सितंबर को सोने और चांदी में गिरावट दिखी। शाम 4:15 गोल्ड फ्यूचर्स 0.34 फीसदी यानी 531 रुपये गिरकर 1,55,244 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 734 रुपये गिरकर 2,35,320 रुपये पर चल रहा था।

विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट 

कमोडिटीज के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स के डेटा आने से पहले बाजार में सावधानी बरती जा रही है। सोने और चांदी के फ्यूचर्स पर रुपये में मजबूती का भी असर पड़ा। विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट दिखी। सोना मामूली 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 4,472.12 डॉलर प्रति औंस पर था। सिल्वर 0.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 66.80 डॉलर प्रति औंस था।

इस हफ्ते सोने में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि उतार-चढ़ाव वाले इस हफ्ते में सोना 4,480 डॉलर के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने आक्रामक रुख के संकेत दिए हैं। डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला है।

अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा का असर सोने पर पड़ेगा

उन्होंने कहा कि ग्लोबल मनी मैनेजर्स बीते कुछ हफ्तों से गोल्ड में पोजीशन बना रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ में भी दिलचस्पी बनी हुई है। लेमन में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि नॉन-फॉर्म पेरोल्स रिपोर्ट का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने और चांदी पर पड़ सकता है। इधर, 3 सितंबर को रुपये में 0.5 फीसदी मजबूती आई। डॉलर के मुकाबले यह 94.48 के लेवल पर बंद हुआ।

क्रूड की ऊंची कीमतों ने भी बुलियन पर बढ़ाया दबाव 

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर क्रूड की ऊंची कीमतों का भी असर पड़ रहा है। ब्रेट क्रूड 95 डॉलर से ऊपर है, जबकि WTI क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार है। इस हफ्ते क्रूड करीब 10 फीसदी चढ़ा है। क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर टिकीं निगाहें

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी है। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। इससे पहले अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन में कमी नहीं दिखती है तो फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा कर सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में लगातार दूसरे दिन गिरा सोना, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में लगातार दूसरे गिरावट आई। इसकी कीमत 800 रुपये गिरकर 1,65,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ। इसकी कीमत 2,50,500 रुपये प्रति किलग्राम पर बनी रही। हालांकि, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। इस मौके पर गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी की खरीदारी बढ़ती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का पड़ा असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का असर घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने का असर भी सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। बीते दो दिनों में सोने की कीमतें 1,400 रुपये गिर चुकी है। 25 अगस्त को सोने का भाव 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था।

बुलियन मार्केट की नजरें फेड चेयरमैन की स्पीच पर

बुलियन मार्केट की नजरें अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह जैक्सन होल में 28 अगस्त को यह स्पीच देने वाले हैं। इससे फेड की मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में कुछ संकेत मिल सकते हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि इनफ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स को लेकर फेड की पॉलिसी का असर पहले डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर पड़ेगा। फिर सोने कीमतों पर पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

27 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.12 फीसदी गिरकर 4,588 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 0.11 फीसदी की कमजोरी के साथ 67 डॉलर प्रति औंस पर था। हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी 87 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई हैं। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने को लेकर बातचीत के बावजूद ब्रेंट क्रूड में ज्यादा गिरावट नहीं आई है।

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इस हफ्ते की शुरुआत में तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंचा था सोना

इस हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमतें तीन महीने के सबसे लेवल पर पहुंच गई थीं। इस तेजी में डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड का हाथ था। पिछले हफ्ते अमेरिकी सरकार ने बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम का ऐलान किया था। लेकिन, इससे बॉन्ड यील्ड में तेजी पर थोड़े समय के लिए लगाम लगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड चेयरमैन वॉर्श शुक्रवार को अपने भाषण में फिर से इनफ्लेशन कंट्रोल पर फोकस बढ़ा सकते हैं।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना ₹2000 चढ़ा, चांदी में भी तेजी

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 18 अगस्त को सोने और चांदी में तेजी दिखी। सोना 2,000 रुपये चढ़कर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी रही। इसकी वजह रिटेलर्स और स्टॉकिस्ट्स की अच्छी मांग बताई जा रही है। लगातार दो सत्रों में अपरिवर्तित रहने के बाद चांदी में भी तेजी रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

चांदी का भाव 730 रुपये चढ़कर 2,40,730 रुपये प्रति किलो ग्राम पर पहुंच गया। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.51 फीसदी गिरकर 4,393 डॉलर प्रति औंस था। चांदी 1.41 फीसदी गिरकर 64.82 डॉलर प्रति औंस थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है।

क्रूड ऑयल में उछाल का असर सोने पर पड़ा है

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेचड प्रवीण सिंह ने कहा कि पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों का युद्धविराम 17 अगस्त को खत्म हो गया। इसके बाद क्रूड में तेजी आई है। 18 अगस्त को एक समय ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया था।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का भी बुलियन पर असर

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि स्पॉट सिल्वर 65 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है। इसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल है। उन्होंने कहा कि चांदी में मुनाफावसूली का भी कुछ असर इसकी कीमतों पर पड़ा है। इससे पहले बुलियन में अच्छी तेजी दिखी थी।

बुलियन के लिए फिलहाल स्थितियां अनुकूल 

चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी के बावजूद बुलियन के लिए स्थितियां अनुकूल दिख रही हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। चीन सहित दुनिया के दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। साथ ही इनवेस्टर्स की डिमांड भी स्ट्रॉन्ग बनी हुई है।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर बढ़ सकता है इंटरेस्ट रेट 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान में से कोई झुकने को तैयार नहीं है। मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिखता रहा है। इसका असर क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ रहा है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द नहीं खुलता है तो सप्लाई कम होने से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ेगी, जिसे काबू में करने के लिए फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाने को मजबूर होगा। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा।

Gold Silver Rates Today: दिल्ली में सोने में 7 सत्रों से जारी तेजी थमी, चांदी ₹6000 फिसली

Gold Silver Rates Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में बीते सात सत्रों से सोने में जारी तेजी पर गुरुवार को ब्रेक लग गया। सोने का भाव 2,800 रुपये गिरकर 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी में 6000 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में गिरावट आई।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी 6000 रुपये गिरकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन में कमजोरी का असर भारत में इनकी कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.43 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,389.67 डॉलर प्रति औंस था। स्पॉट सिल्वर भी हल्की कमजोरी के साथ 65.03 डॉलर प्रति औंस था।

बीते सात सत्रों मे सोने में आई थी ₹12400 की तेजी

इससे पहले सोना बीते 7 सत्रों से लगातार चढ़ रहा था। इससे इसकी कीमतें 4400 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई थी। दिल्ली में भी बीते सात सत्रों में सोना 12,400 रुपये चढ़ा था। चांदी में भी इस दौरान अच्छी तेजी आई थी। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक है। देश और विदेश में मुनाफावसूली का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।

क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर रहने से महंगाई बढ़ने का डर

अमेरिका में 12 अगस्त को इनफ्लेशन के डेटा आए, जो उम्मीद के मुताबिक रहे। इससे फेडरल रिजर्व के सितंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना कम हुई है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। हालांकि, क्रूड की कीमतें अब भी हाई लेवल पर हैं। ब्रेंट क्रूड अब भी करीब 87 डॉलर प्रति बैरल पर है।

अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के संकेत नहीं 

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इससे क्रूड की कीमतें नीचे नहीं आ रही हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल टैंकर्स का आवागमन नाममात्र का हो रहा है। अगर क्रूड लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाएगा। फिर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा।

Gold Silver Prices Today: दो महीने की ऊंचाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी 2000 रुपये उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 11 अगस्त को तेजी दिखी। सोने की कीमतें चढ़कर दो महीने की ऊंचाई पर पहुंच गई। चांदी में भी 2000 रुपये का उछाल आया। सोने में आज लगातार छठे सत्र तेजी जारी रही। आज सोने का भाव 1,200 रुपये चढ़कर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

सोने में स्ट्रॉन्ग डिमांड

ऑल इंडिया सर्राफ एसोसिएशन के मुताबिक, 10 अगस्त को सोना 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। खास बात यह है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बावजूद सोने की कीमतें चढ़ रही है। ट्रेडर्स का कहना है कि सोने में डिमांड स्ट्रॉन्ग है। इसका असर कीमतों पर दिखा है।

6 सत्र में 6.65 फीसदी तेजी

आज से पहले 12 जून को सोने का भाव इस लेवल पर था। तब यह 1,56,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। पिछले छह कारोबारी सत्रों में सोना करीब 6.65 फीसदी यानी 9,800 रुपये चढ़ा है। इससे सोने के निवेशकों को राहत मिली है। गोल्ड ईटीएफ के निवेशक भी इससे खुश हैं।

चांदी में भी उछाल 

11 अगस्त को चांदी में भी अच्छी तेजी दिखी। इसका भाव 2000 रुपये के उछाल के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे चांदी भी दो महीने से ज्यादा समय की ऊंचाई पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी का भाव इस लेवल पर 30 अप्रैल को था।

इनफ्लेशन डेटा पर नजरें 

लेमन मार्केट डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि अमेरिका में इनफ्लेशन का डेटा आने से पहले इनवेस्टर्स सोने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस वजह से सोने में लगातार छठे दिन तेजी दिखी। चांदी में भी इनवेस्टमेंट और इंडस्ट्रियल डिमांड स्ट्रॉन्ग है। चांदी इस मामले में सोने से अलग है, क्योंकि इसका इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है।

विदेश में सोने में तेजी

ग्लोबल मार्केट्स में स्पॉट गोल्ड 0.38 फीसदी चढ़कर 4,373.43 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी में गिरावट थी। यह करीब 1.3 फीसदी की कमजोरी के साथ 64.90 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बावजूद बुलियन में अच्छी डिमांड दिख रही है।

कल आएंगे इनफ्लेशन के डेटा

इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं। 12 अगस्त को ये डेटा आएंगे। इससे पता चलेगा कि अमेरिका में महंगाई का ट्रेंड कैसा है। अगर महंगाई में ज्यादा उछाल आता है तो फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर असर पड़ सकता है। 12 अगस्त को भारत में भी इनफ्लेशन के डेटा आने वाले हैं।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना 300 रुपये महंगा, चांदी की कीमतें स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में 31 जुलाई को 300 रुपये इजाफा हुआ। चांदी की कीमतें स्थिर रहीं। रिटेलर्स और ज्वेलर्सी की खरीदारी से सोने को सपोर्ट मिला। सोने की कीमत 1,48,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुईं। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.18 फीसदी गिरकर 4,055 डॉलर प्रति औंस था। चांदी भी 2 फीसदी की गिरावट के साथ 57.98 डॉलर प्रति औंस रही। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला ने कहा, “गुरुवार रात के लेवल से कीमत में नरमी आई है। यह 4,060 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है। सिल्वर में भी नरमी दिखी है।”

सोने की कीमतों पर दबाव की दो वजहें 

एनालिस्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने पर पड़ा है। हालांकि, फरवरी के बाद जुलाई पहला महीना है, जब सोने की कीमतें चढ़ी हैं। स्वतंत्र विश्लेषक रॉस नॉरमैन ने कहा, “सोना चढ़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अभी यह कंसॉलिडेशन फेज में है।”

सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर दबाव में आएगा सोना

फेडरल रिजर्व ने 29 जुलाई को इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया। इससे सोने को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन, माना जा रहा है कि फेड सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है। क्रूड की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हुआ है।

क्रूड में तेजी से महंगाई का खतरा बढ़ रहा

महंगाई को काबू में करने के लिए फेड सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होता नहीं दिख रहा है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं। 31 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 1.76 फीसदी चढ़कर 88.37 डॉलर पर चल रहा था। क्रूड में तेजी जारी रहने पर सोने की कीमतों पर दबाव बना रहेगा