STT Global Data Centres India के IPO की तैयारी शुरू, $80-$100 करोड़ रह सकता है साइज

भारत में डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के बीच STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (STT GDC इंडिया) अपना IPO लाना चाहती है। कंपनी इसे अगले साल लॉन्च करने की तैयारी में है। यह बात मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चली है। कंपनी AI-रेडी को-लोकेशन डेटा सेंटर सर्विस देने वाली एक प्रमुख कंपनी है। यह ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स और टाटा कम्युनिकेशंस के बीच एक जॉइंट वेंचर है। ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स के पास 74 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस के पास 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सूत्रों का कहना है कि STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया अपने पब्लिक इश्यू के जरिए 80 करोड़ से 1 अरब डॉलर के बीच फंड जुटाने की योजना बना रही है। अभी के लिए इनवेस्टमेंट बैंक एक्सिस कैपिटल और सिटी को एडवाइजर रखा गया है। IPO पर काम शुरू हो गया है। बाद के स्टेज में और एडवाइजर्स को भी शामिल किया जा सकता है।

कितनी वैल्यूएशन पर नजर

कंपनी 6-7 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है। हालांकि अभी प्लानिंग शुरुआती दौर में है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। मार्केट की स्थितियों के आधार पर इश्यू का साइज और वैल्यूएशन बदल सकती है।

2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य

STT GDC इंडिया 2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। कंपनी के पास कई फॉर्च्यून 500 कंपनियों सहित अलग-अलग तरह के कस्टमर हैं। इस साल की शुरुआत में, STT GDC इंडिया ने चेन्नई में अपने चौथे डेटा सेंटर को लॉन्च करने की घोषणा की थी। डेटा सेंटर सेगमेंट में घरेलू लिस्टिंग की तैयारी करने वाली अन्य कंपनियों में सिफी इनफिनिट स्पेस लिमिटेड और योटा डेटा सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जेवर एयरपोर्ट से इन 9 नए रूट पर इंडिगो ने फ्लाइट का किया ऐलान, Noida International airport से अब टोटल 15 रूट पर हवाई सेवा

Noida Airport News: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार करते हुए 9 नए शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा की है। इस नए विस्तार के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे तौर पर जुड़ने वाले शहरों की कुल संख्या अब 15 हो जाएगी। एयरलाइन ने बुधवार 1 जुलाई को इन नई सेवाओं की शुरुआत की। इनमें जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़ (अजमेर), पंतनगर और जम्मू शामिल हैं।

एयरलाइन ने 15 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर बिजनेस ऑपरेशन शुरू किया था। उद्घाटन उड़ान लखनऊ से नोएडा के बीच संचालित हुई थी। इसके बाद से एयरलाइन बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन उड़ानें चला रही है। इंडिगो का यह विस्तार केवल उड़ानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में तेजी से विकसित होगा। यात्रियों, कारोबार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था सभी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नेटवर्क और मजबूत होगा

1 जुलाई से शुरू हुई नई सेवाओं के बाद नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो द्वारा जुड़े शहरों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। इसी दिन से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नोएडा से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो जहां अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं, बरेली के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा किशनगढ़ (अजमेर) के लिए मंगलवार, गुरुवार और रविवार को फ्लाइट उपलब्ध रहेगी।

इन नए शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ानें

इंडिगो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नए जोड़े गए रूटों में देश के कई प्रमुख और पर्यटन शहर शामिल हैं:-

जयपुर, जोधपुर और देहरादून

धर्मशाला, बरेली और किशनगढ़ (अजमेर)

देहरादून, पंतनगर और चंडीगढ़

अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट

इंडिगो अधिकांश नए शहरों के लिए रोजाना उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, बरेली के लिए उड़ानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेंगी। जबकि किशनगढ़ (अजमेर) के लिए उड़ानें मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उपलब्ध होंगी।

10 जुलाई से श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

इंडिगो 10 जुलाई से नोएडा-श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान सेवा भी शुरू करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि फिलहाल नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए उड़ानें चंडीगढ़ के रास्ते संचालित की जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस वर्ष के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं तैयार कर लेगा। इसके बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू किए जाने की उम्मीद है।

नई किराया कैटेगरी ‘IndiGo Lite Fare’

इसी बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘IndiGo Lite Fare’ नाम से नई एंट्री-लेवल इकोनॉमी किराया श्रेणी शुरू की है। इसमें केवल केबिन बैगेज शामिल होगा और सीट चयन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस किराए में फ्री चेक-इन बैगेज शामिल नहीं है। जिन यात्रियों को चेक-इन बैगेज की जरूरत होगी, उन्हें इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।

अकासा एयर के बाद इंडिगो की बड़ी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को अकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं, जो वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के लिए सेवाएं दे रही हैं। इसी कड़ी में अब इंडिगो ने भी लखनऊ से नोएडा के बीच अपनी उद्घाटन उड़ान के साथ परिचालन का विस्तार कर दिया है। इसके अलावा कंपनी बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए भी दैनिक उड़ानें चला रही है।

नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

एनआईए (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 10 जुलाई से नवी मुंबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इसके साथ ही श्रीनगर के लिए भी सीधी हवाई सेवा जल्द शुरू की जाएगी। वर्तमान में एयरलाइन के पास नोएडा-जयपुर-मुंबई रूट का लेओवर (Layover) विकल्प है। जबकि नोएडा से नवी मुंबई और नोएडा से श्रीनगर की उड़ानें चंडीगढ़ होकर रूट की जाएंगी।

इंडिगो के नोएडा एयरपोर्ट से 9 नए रूट शुरू होने के प्रमुख फायदे

यात्रियों को अधिक विकल्प: नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को अब कई शहरों के लिए सीधे या बेहतर कनेक्टिविटी वाली उड़ानें मिलेंगी। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।

समय की बचत: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों घटेंगे।

पर्यटन को बढ़ावा: जयपुर, धर्मशाला, देहरादून, जम्मू और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा: नए हवाई संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और निवेशकों के लिए नोएडा तथा आसपास का क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा।

रोजगार के अवसर: उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरपोर्ट, एयरलाइन, होटल, टैक्सी और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्षेत्रीय विकास: बरेली, पंतनगर और किशनगढ़ जैसे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से उनका आर्थिक और औद्योगिक विकास तेज होगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी: कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं शुरू होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ होगा, जिससे विदेश यात्रा भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

सस्ती यात्रा का विकल्प: इंडिगो की नई IndiGo Lite Fare योजना के तहत केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को कम किराए में टिकट मिलने की संभावना रहेगी।

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Stock Market News: जून तिमाही में रिटेल निवेशकों ने इक्विटी में की जोरदार खरीदारी, बाजार में लगाए 35,328 करोड़ रुपये

Stock Market News: कई महीनों तक किनारा बनाए रहने के बाद,रिटेल निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट में वापस लौट रहे हैं। जून तिमाही में इनकी खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। यह लंबे समय तक सावधानी बरतने के बाद निवेशकों की सोच में आए बदलाव का संकेत है। NSE के डेटा के मुताबिक रिटेल निवेशकों ने जून में 14,088 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह इनकी तरफ से मई में 3,018 करोड़ रुपये और अप्रैल में 18,222 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए। पूरी जून तिमाही की बात करें तो उनकी कुल खरीदारी 35,328 करोड़ रुपये रही। यह दिसंबर 2024 की तिमाही के बाद उनकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी है। दिसंबर तिमाह में उन्होंने लगभग 56,126 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद रिटेल निवेशकों की तरफ से जमकर खरीदारी हुई।

2025 की शुरुआत से ही रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बनाए हुए थे। उन्होंने 2025 में 25,615 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। जबकि 2026 के शुरुआती तीन महीनों में उन्होंने सिर्फ 2,750 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड,सौरभ जैन ने कहा कि यह खरीदारी सट्टेबाजी के लिए गिरावट पर की गई खरीदारी नहीं है,बल्कि यह साइड में पड़ी पूंजी का रणनीतिक और मैक्रो-आधारित निवेश है। ब्रॉडर मार्केट के हालात भी इस नजरिए का सपोर्ट करते हैं।

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अप्रैल-जून तिमाही के दौरान,सेंसेक्स और निफ्टी में 6.3 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो पिछले चार तिमाहियों में उनकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। इस दौरान मेन इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 16.7 प्रतिशत बढ़ा,जो जून 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त रही।

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 24.5% की बढ़त हुई,जो जून 2020 के बाद से इसका सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा। BSE 250 माइक्रोकैप इंडेक्स भी 30% उछला,जो मार्च 2025 में इंडेक्स के शुरू होने के बाद से इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। जून तिमाही के दौरान BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 15% बढ़ा।

जैन ने आगे कहा कि फरवरी के आखिर में शुरू हुई मिडिल-ईस्ट जंग और उसके चलते तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से निवेशकों का भरोसा शुरू में कमजोर हुआ था,लेकिन जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते ने एक बड़ी राहत का काम किया। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमत चार महीने के निचले स्तर $72 पर आ गई और एनर्जी शॉक प्रीमियम का असर भी कम हुआ।

बाजार को मिला पॉलिसी सपोर्ट

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया और केंद्र सरकार के 5 जून के बड़े पॉलिसी पैकेज से इस जियोपॉलिटिकल तनाव के असर को कम करने में काफी मदद मिली। इस पैकेज में FPI बॉन्ड निवेश पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स और विदहोल्डिंग टैक्स को हटाना,’फुल्ली एक्सेसिबल रूट’का विस्तार करना और लॉन्ग-टर्म FCNR फिक्स्ड डिपॉजिट व NRI इक्विटी निवेश के लिए बेहतर इंसेंटिव देना शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी सपोर्ट ने FII की निकासी को रोका,रुपये को स्थिर किया और मैक्रो रिस्क को कम किया। इससे रिटेल निवेशकों को यह भरोसा मिला कि वे मार्केट में गिरावट(करेक्शन)का इस्तेमाल एंट्री के अच्छे मौकों के तौर पर कर सकते हैं और अपने कैश रिजर्व को व्यवस्थित तरीके से इक्विटी में फिर से लगा सकते हैं।

FIIs रहे नेट सेलर

बाजार जानकारों का कहना है कि इस तिमाही के ज्यादातर हिस्से में FIIs नेट सेलर बने रहे। उनकी बिकवाली मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर रहे। इसमें US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और ग्लोबल स्तर पर रिस्क-ऑफ का माहौल शामिल है। यह भारत के घरेलू मार्केट के फंडामेंटल्स में किसी खराबी के बजाय ग्लोबल एसेट एलोकेशन में बदलाव को दिखाता है।

विदेशी निवेशकों की निकासी को घरेलू निवेशकों ने किया बेअसर

घरेलू निवेशकों से मिले जबरदस्त सपोर्ट के चलते विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बावजूद,भारतीय बाजार मजबूत बने रहे। म्यूचुअल फंड SIP के जरिए लगातार निवेश,घरेलू संस्थागत निवेशकों की जोरदार खरीदारी और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने FII की बिकवाली से बनी सप्लाई को संभाल लिया। इससे बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और बाजार का ओवरऑल तेजी वाला ढांचा कायम रहा।

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हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में आई मजबूत रिकवरी

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि भले ही बेंचमार्क इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कई लार्ज-कैप और अच्छे मिड-कैप शेयरों ने अपने लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल (जैसे 100 डे और 200 डे मूविंग एवरेज) को बनाए रखा। हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में मजबूत रिकवरी आई, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक शेयर जमा (accumulate) कर रहे हैं,न कि बड़े पैमाने पर बेच रहे हैं। यह एक ऐसा प्राइस पैटर्न है जिसे आम तौर पर टेक्निकल नज़रिए से अच्छा माना जाता है।

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बाइकर्स की पहली पसंद है हिंदुस्तान के वो रास्ते, जो कहलाते है आइकोनिक बाइक रूट्स!

बाइक राइडिंग का असली मज़ा तभी आता है जब सफर रोमांचक होने के साथ-साथ सेफ भी हो। भारत में कई ऐसे खूबसूरत डेस्टिनेशन हैं जो हर राइडर का सपना होते हैं। लेकिन इन जगहों पर जाने के लिए सही तैयारी और सेफ्टी नियमों का पालन बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे शानदार रूट्स और जरूरी राइडिंग टिप्स के बारे में:

1. लेह-लद्दाख – सबसे आइकॉनिक बाइकिंग एडवेंचर

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लेह-लद्दाख हर बाइक राइडर की बकेट लिस्ट में होता है। खारदुंग ला, चांग ला और पैंगोंग झील जैसे रास्ते बर्फीले पहाड़ों, गहरी घाटियों और खुले आसमान के बीच से गुजरते हैं। यहां ऑक्सीजन लेवल कम होता है, इसलिए कम से कम 2 दिन acclimatization जरूरी है। बाइक में ABS ब्रेक, मजबूत टायर और अतिरिक्त फ्यूल कैरी करना बहुत जरूरी है क्योंकि कई जगह पेट्रोल पंप नहीं मिलते।

2. स्पीति वैली – खतरनाक लेकिन बेहद खूबसूरत राइड

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स्पीति को “लिटिल तिब्बत” कहा जाता है। यह रूट कच्ची सड़कों, नदी क्रॉसिंग और पत्थरीले रास्तों के लिए जाना जाता है। बारिश में यह और भी खतरनाक हो जाता है। यहां राइडिंग करते समय स्पीड कम रखें, क्योंकि अचानक मोड़ और स्लिप होने का खतरा रहता है। गर्म कपड़े और रेन गियर हमेशा साथ रखें।

3. मनाली–रोहतांग–अटल टनल रूट – बदलते मौसम का अनुभव

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यह रूट बर्फ, कोहरा और पहाड़ों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। अटल टनल के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। यहां सड़कें स्लिपरी होती हैं, इसलिए हार्ड ब्रेकिंग से बचें। बाइक की हेडलाइट हमेशा ऑन रखें और फॉग में हाई बीम का इस्तेमाल न करें।

4. गोवा कोस्टल राइड – समुद्र के साथ खुला सफर

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गोवा की राइडिंग में नीला समुद्र, पाम ट्री और खुले हाईवे का मज़ा मिलता है। यह रूट ज्यादा तकनीकी नहीं है लेकिन रात में राइडिंग से बचना चाहिए क्योंकि सड़कें अनजान हो सकती हैं। हेलमेट और स्पीड लिमिट का पालन जरूरी है, खासकर टूरिस्ट एरिया में।

5. मुन्नार – चाय बागानों के बीच शांत और खूबसूरत राइड

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मुन्नार का रूट हरे-भरे चाय बागानों और घुमावदार पहाड़ी रास्तों से भरा होता है। यहां घना कोहरा अचानक विज़िबिलिटी कम कर सकता है, इसलिए लो-स्पीड और डे-टाइम राइडिंग बेहतर है। ब्रेकिंग स्मूद रखें और ओवरटेकिंग से बचें क्योंकि मोड़ बहुत टाइट होते हैं।

6. नॉर्थ ईस्ट राइड (मेघालय–अरुणाचल) – अनछुए नेचर का अनुभव

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यह रूट झरनों, बादलों और जंगलों से भरा होता है। चेरापूंजी और तवांग जैसे इलाके बाइकिंग के लिए बेहद खूबसूरत हैं। लेकिन बारिश और स्लिपरी रोड्स बड़ा रिस्क होते हैं। यहां वाटरप्रूफ बैग, चेन लुब्रिकेशन और अच्छे ग्रिप वाले टायर जरूरी हैं।

7. जरूरी सेफ्टी और स्मार्ट राइडिंग नियम (हर राइडर के लिए)

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हमेशा फुल गियर पहनें – हेलमेट, जैकेट, ग्लव्स और बूट्स। बाइक की ब्रेक, टायर, लाइट और ऑयल पहले चेक करें। लंबी राइड में हर 100-150 km पर ब्रेक लें ताकि थकान न हो। पानी और एनर्जी स्नैक्स रखें, और कभी भी ओवरस्पीडिंग या रेसिंग न करें। GPS के साथ-साथ ऑफलाइन मैप भी रखें क्योंकि कई जगह नेटवर्क नहीं मिलता।

8. सेफ्टी फूड और हाइड्रेशन – एनर्जी बनाए रखने का सबसे जरूरी नियम

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लंबी बाइक राइड में सही खाना और पानी बहुत जरूरी होता है। हमेशा हल्का, एनर्जी देने वाला खाना जैसे ड्राई फ्रूट्स, एनर्जी बार, केले और बिस्किट साथ रखें। भारी और ऑयली खाना राइड से पहले या बीच में लेने से बचें क्योंकि इससे नींद और सुस्ती आ सकती है। हर 1-2 घंटे में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो। पहाड़ी इलाकों में ORS या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक रखना भी बहुत फायदेमंद होता है, जिससे शरीर की एनर्जी और स्टैमिना बना रहता है।

बाइक राइडिंग सिर्फ एक जर्नी नहीं बल्कि एक रोमांचक एक्सपेरेंके है, जिसमें खूबसूरत डेस्टिनेशन और चुनौतियां दोनों शामिल होती हैं। सही सेफ्टी गियर, सावधानी और ट्रैफिक नियमों का पालन करके हर सफर को सेफ बनाया जा सकता है। साथ ही सही खान-पान और तैयारी राइड को और भी आसान और एनर्जेटिक बनाती है। अगर इन सभी बातों का ध्यान रखा जाए, तो हर बाइक राइड एक यादगार एडवेंचर बन जाती है।

El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

देश के कई हिस्सों में कमजोर मानसून और बारिश की बढ़ती कमी को लेकर चिंता के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संबंधित मंत्रालयों को ‘अल नीनो’ (El Nino) के संभावित असर से निपटने के लिए आपातकालीन योजनाओं के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत पर ‘अल नीनो’ के संभावित असर का आकलन करते हुए यूरोप में बढ़ते तापमान जैसी चरम मौसम की घटनाओं के प्रभावों की समीक्षा की। बता दें कि यह समीक्षा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ऐसे समय में की गई है, जब देश के कई इलाकों में बारिश में 40% से अधिक की कमी देखी जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे मानसून की बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रखें और खेती, जल संसाधनों, बिजली आपूर्ति और अन्य अहम क्षेत्रों पर पड़ने वाले किसी भी बुरे असर से निपटने के लिए तैयारी सुनिश्चित करें।

बारिश के पैटर्न में हो सकते हैं बदलाव

वहीं, सरकार का आकलन है कि अल नीनो के कारण बारिश के पैटर्न में बड़े बदलाव हो सकते हैं। कुछ इलाकों में बहुत कम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ अन्य इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और पानी की कमी का खतरा एक साथ बढ़ सकता है।

फिलहाल, तैयारी को मजबूत करने के लिए, जल शक्ति, कृषि, बिजली, रेलवे और अन्य अहम विभागों सहित कई मंत्रालयों को अपने-अपने सेक्टर के हिसाब से आपातकालीन योजनाएं बनाने का निर्देश दिया गया है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी साल की शुरुआत से ही नियमित बैठकों के जरिए देश की ‘अल नीनो’ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

इसके अलावा, बदलते हालात पर लगातार नजर रखने के लिए 10 मंत्रालयों के प्रतिनिधियों वाला एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी बनाया गया है। गृह मंत्रालय इस समूह के लिए नोडल मंत्रालय के तौर पर काम करेगा और अलग-अलग विभागों के बीच तैयारी और उससे निपटने के उपायों में तालमेल बिठाएगा।

समीक्षा के दौरान, प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा कि El Nino से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए “पूरी सरकार मिलकर काम करे” और सभी विभाग मिलकर समन्वय में काम करें।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि जुलाई में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। यह अनुमान तब आया है जब जून 2026, 1901 के बाद से भारत का पांचवां सबसे सूखा जून रहा। इस दौरान देश में बारिश लंबे समय के औसत से 39% कम दर्ज की गई। इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि जून में मानसून की बारिश सामान्य औसत से 92% से भी कम रह सकती है।

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IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिला मौका? सामने आई ये बड़ी वजह

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की पहला मुकाबला आज खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। पहले बैटिंग करने आई भारतीय टीम को अबतक दो झटके लग चुके हैं। वहीं इस मुकाबले में भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की डेब्यू करने को लेकर चर्चा थी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में उन्हें अंतिम 11 में जगह नहीं मिली है। वहीं वैभव को इंटरनेशनल डेब्यू के लिए अभी अगले मौके का इंतजार करना होगा।

टॉस के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया कि, भारतीय टीम इस मुकाबले में तीन स्पिन गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरी है। चोट से उबरने के बाद वरुण चक्रवर्ती की टीम में वापसी हुई है और उनके साथ अक्षर पटेल तथा रवि बिश्नोई को भी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। वहीं भारत ने टीम के बैटिंग ऑर्डर में कोई बदलाव नहीं किया है। इसी वजह से वैभव को पहले टी20 मैच में डेब्यू का मौका नहीं मिला।

कप्तान ने क्या कहा

भारतीय कप्तान ने टॉस के बाद कहा, “हमने कल इसी विकेट पर प्रैक्टिस किया था, लेकिन अभी ये कहना मुश्किल है कि पिच मैच के दौरान कैसी खेलेगी। हमारा इरादा अच्छा स्कोर बनाने का है। हम इस मुकाबले में तीन स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरे हैं। अक्षर पटेल ऑलराउंडर की भूमिका निभाएंगे, जबकि टीम में दो तेज गेंदबाज भी शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “अब सब कुछ ठीक है। आयरलैंड के खिलाफ हुई सीरीज हमारे लिए बीती बात है और उससे हमने कई अहम सीख ली हैं। अब हमारा पूरा ध्यान इंग्लैंड सीरीज पर है। हमें पता है कि इंग्लैंड किस तरह का क्रिकेट खेलता है और उनकी ताकत व कमजोरियों से भी हम अच्छी तरह वाकिफ हैं। ऐसे में हमें एक रोमांचक और अच्छी सीरज़ की उम्मीद है।”

आईपीएल में खेली शानदार पारी

वैभव सूर्यवंशी ने अपने शानदार आईपीएल प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर ने पूरे सीजन में 230 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेयर दोनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिसके बाद उन्हें भारत के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में गिना जाने लगा।

भारत की प्लेइंग 11: संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, ल्यूक वुड

Motorola Edge 70 Max HDR10+ सर्टिफिकेशन साइट पर दिखा, WPC लिस्टिंग से चार्जिंग डिटेल्स सामने आईं

Motorola Edge 70 Max: Motorola Edge 70 Max कंपनी की Edge 70 सीरीज का अगला स्मार्टफोन हो सकता है। हाल ही में इसके कुछ प्रमोशनल इमेज भी सामने आए थे, जिसे अब HDR10+ सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर भी देखा गया है। लिस्टिंग से पता चलता है कि यह फोन भारत के साथ-साथ दूसरे ग्लोबल मार्केट में भी लॉन्च होगा। यह स्मार्टफोन Wireless Power Consortium (WPC) डेटाबेस में भी दिखाई दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motorola Edge 70 Max में Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया जा सकता है। इसके अलावा, यह फोन तीन कलर ऑप्शन में लॉन्च हो सकता है और इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप होने की उम्मीद है।

Motorola Edge 70 Max सर्टिफिकेशन वेबसाइट्स पर देखा गया

HDR10+ सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर Motorola Edge 70 Max की लिस्टिंग से फोन के नाम की पुष्टि होती है और यह संकेत मिलता है कि इसे भारत और अन्य एशियन-पैसिफिक और EMEA (यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका) बाजारों में लॉन्च किया जाएगा। लिस्टिंग में फोन की किसी भी स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया गया है।

इस बीच, Motorola Edge 70 Max भी Wireless Power Consortium (WPC) की साइट पर मॉडल नंबर XT2611 और MPP25 पावर प्रोफाइल के साथ दिखाई दिया है। इसे Qi वर्जन 2.2.1 के साथ लिस्ट किया गया है, जिससे पता चलता है कि इसमें 25W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट है।

पहले लीक हुए मार्केटिंग मटीरियल से पता चला था कि Motorola Edge 70 Max में होल-पंच डिस्प्ले डिजाइन, फ्लैट डिस्प्ले, फ्लैट रियर पैनल और चौकोर आकार का रियर कैमरा मॉड्यूल होगा। ऐसी चर्चा है कि इसे तीन कलर ऑप्शन – ग्लेशियर ब्लू, ओनिक्स ब्लैक और सेज ग्रीन – में लॉन्च किया जाएगा। इसमें Octa-Core Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट पर चलने की संभावना है।

कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम हो सकता है, जिसमें मेन कैमरा, टेलीफोटो लेंस और अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल होंगे। इसके अलावा, यह फोन MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन के साथ आ सकता है, जो इसे ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाता है।

हालांकि, Motorola Edge 70 Max के लॉन्च की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इसका सर्टिफिकेशन वेबसाइट्स पर दिखाई देना इस बात की ओर इशारा करता है कि इसका लॉन्च जल्द ही हो सकता है।

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WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त! लॉन्च रोकने का आदेश, मेटा से 3 दिन में मांगा जवाब : सूत्र

भारत में लोकप्रिय सोशल मैसेजिंग ऐप WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा है। साथ ही साफ निर्देश दिया है कि जब तक इस मामले पर सरकार की सलाह-मशविरा प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए। सरकारी सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

तीन दिन में मांगा जवाब

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने Meta से इस फीचर को लेकर तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। कंपनी को बताना होगा कि यह फीचर कैसे काम करेगा। साथ ही, इससे जुड़े सुरक्षा और अन्य पहलुओं को कैसे संभाला जाएगा।

WhatsApp का यूजरनेम फीचर क्या है?

WhatsApp यूजर्स नए फीचर के आने के बाद अपना एक यूनिक यूजरनेम बना सकेंगे। इसके जरिए लोग बिना मोबाइल नंबर साझा किए भी एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। WhatsApp ने पहले कहा था कि इस साल फीचर के बड़े रोलआउट से पहले यूजर्स को अपना यूनिक यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प मिलेगा। अभी WhatsApp पर सभी यूजर्स के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य रहता है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि Meta को साफ तौर पर कहा गया है कि जब तक सरकार की परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा।

सरकार को किस बात की चिंता?

सरकार इस फीचर के असर की जांच कर रही है। खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि यूजरनेम के जरिए लोगों की पहचान की पुष्टि कैसे होगी और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा।

हाल की रिपोर्टों में भी कहा गया था कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इस फीचर का इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने या दूसरे तरह के दुरुपयोग के लिए तो नहीं किया जा सकता।

WhatsApp में आ रहा है ये खास फीचर, अब बिना नंबर के होगी चैट

Lenovo ने भारत में लॉन्च किया Tab Plus Gen 2 और LOQ गेमिंग मॉनिटर्स, जानें कीमत और फीचर्स

Lenovo ने आज भारत में नया Lenovo Tab Plus Gen 2 और LOQ गेमिंग मॉनिटर्स की नई सीरीज लॉन्च की है। इस टेक कंपनी (जिसका हेडक्वार्टर बीजिंग में है) ने अपना नया Android टैबलेट MediaTek Dimensity 7400 चिपसेट के साथ पेश किया है। इसमें 12.1 इंच का बड़ा 2.5K डिस्प्ले और JBL ट्यून किए गए 9 स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम दिया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने गेमर्स के लिए तीन नए LOQ गेमिंग मॉनिटर भी लॉन्च किए हैं, जो तेज रिफ्रेश रेट और फास्ट रिस्पॉन्स टाइम के लिए बनाए गए हैं।

Lenovo Tab Plus Gen 2 के स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

Motorola की पैरेंट कंपनी ने Lenovo Tab Plus Gen 2 में 12.1-इंच की 2.5K IGZO LCD डिस्प्ले दी है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 800 निट्स तक की हाई ब्राइटनेस मोड और 16:10 आस्पेक्ट रेशियो को सपोर्ट करती है। टैबलेट में MediaTek Dimensity 7400 प्रोसेसर है, साथ ही 12GB तक LPDDR5 RAM और 256GB तक UFS 3.1 स्टोरेज है, जिसे माइक्रो-SD कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाया जा सकता है। यह टैबलेट Android 16 पर चलता है और Lenovo का कहना है कि इसे 2030 तक दो बड़े Android OS अपग्रेड और चार साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे।

कैमरे की बात करें तो, इस डिवाइस में ऑटोफोकस के साथ 13MP का रियर कैमरा और वीडियो कॉल व सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसकी एक खास खूबी JBL-इंजीनियर्ड नौ-स्पीकर सेटअप है जिसमें Dolby Atmos की सुविधा है, साथ ही इसमें एक बिल्ट-इन रोटेटिंग किकस्टैंड भी है जो कई तरह के व्यूइंग मोड को सपोर्ट करता है, जैसे कि थिएटर, हैंगिंग, स्टैंड और लीन मोड।

कनेक्टिविटी के मामले इस फोन में Wi-Fi 6, Bluetooth 5.4, IP52-रेटेड प्रोटेक्शन, Bluetooth स्पीकर मॉड और Lenovo Tab Pen Plus व वायरलेस कीबोर्ड जैसे ऑप्शनल एक्सेसरीज का सपोर्ट शामिल है। इसके अलावा, टैबलेट में 45W फास्ट चार्जिंग वाली 10200mAh की बैटरी है, जो 15 घंटे तक YouTube स्ट्रीमिंग दे सकती है।

नए LOQ मॉनिटर के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

टैबलेट के साथ-साथ, Lenovo ने LOQ 24-10, LOQ 27-10 और LOQ 27Q-10 गेमिंग मॉनिटर भी पेश किए हैं। फ्लैगशिप LOQ 27Q-10 में 27-इंच का QHD IPS डिस्प्ले है, जिसमें 180Hz रिफ्रेश रेट, 0.5ms रिस्पॉन्स टाइम, HDR10 सपोर्ट और 99% sRGB कलर कवरेज मिलता है। इसमें स्मूद गेमप्ले के लिए AMD FreeSync और VESA Adaptive Sync का सपोर्ट भी दिया गया है।

लेनोवो का कहना है कि नए मॉनिटर लाइनअप PlayStation 5, Xbox और Nintendo Switch जैसे पॉपुलर गेमिंग प्लेटफॉर्म के साथ कम्पैटिबल हैं, जिससे ये PC और कंसोल, दोनों तरह के गेमर्स के लिए सही हैं।

भारत में Lenovo Tab Plus Gen 2 और LOQ मॉनिटर की कीमत और उपलब्धता

Lenovo Tab Plus Gen 2 के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की शुरुआती कीमत Rs. 35,999 है। जबकि, 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत Rs. 38,999 है। यह टैबलेट सिर्फ Celestial White कलर में उपलब्ध है और इसे Lenovo India की वेबसाइट, प्रमुख ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म और देश के ऑथराइज्ड रिटेल स्टोर से खरीदा जा सकता है।

वहीं दूसरी ओर, टैबलेट के साथ-साथ, भारत में Lenovo LOQ मॉनिटर सीरीज की शुरुआती कीमत Rs. 9,799 है और ये Amazon पर उपलब्ध होंगे। इस लाइनअप में अभी LOQ 24-10, LOQ 27-10 और LOQ 27Q-10 मॉडल शामिल हैं।

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