WhatsApp और Telegram के Username Feature पर सरकार सख्त, 20 दिनों में आ सकता है बड़ा फैसला

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केंद्र सरकार WhatsApp और Telegram के यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग फीचर को लेकर मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अगले करीब 20 दिनों के भीतर कोई अधिसूचना या अगला फैसला सामने आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, WhatsApp, Telegram और Zoho Bharat Eye ने सरकार द्वारा जारी नोटिस के जवाब मंत्रालय को सौंप दिए हैं।

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कानूनी जांच जारी

मंत्रालय की कानूनी टीम इन जवाबों का विस्तृत परीक्षण कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं संबंधित फीचर किसी नियम या कानून का उल्लंघन तो नहीं करता। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो नियामकीय कार्रवाई या अन्य कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं या नहीं।

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WhatsApp के जवाब की हो रही समीक्षा

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सप्ताहांत में WhatsApp का जवाब मिला, जिसकी फिलहाल समीक्षा की जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि सभी जवाबों का कानूनी परीक्षण पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। सरकार की यह प्रक्रिया ऐसे समय में चल रही है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजरनेम-आधारित मैसेजिंग और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है। फिलहाल मंत्रालय ने अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की है।

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WhatsApp का 'Username' फीचर क्या है?

WhatsApp एक नया फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिसके जरिए लोग अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह फीचर Telegram और Signal की तरह काम करेगा। इस फीचर में यूजर अपने लिए एक यूनिक यूजरनेम (Username) चुन सकेंगे और मोबाइल नंबर की जगह उसी यूजरनेम को दूसरे लोगों के साथ साझा करेंगे।

 

Meta का दावा है कि इससे यूजर्स की निजता (Privacy) बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। हालांकि, भारत सरकार इस फीचर को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। सरकार का मानना है कि यदि मोबाइल नंबर छिप जाएंगे तो ऑनलाइन ठगों और साइबर अपराधियों की पहचान करना और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है।

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सरकार को किस बात की चिंता है?

सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि साइबर अपराधी यूजरनेम फीचर का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस फीचर का उपयोग करके अपराधी- 

 

  • फिशिंग (Phishing) हमले,
  • फर्जी पहचान (Impersonation) बनाकर ठगी,
  • डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) जैसे साइबर फ्रॉड,
  • और अन्य ऑनलाइन अपराधों को अंजाम दे सकते हैं।

 

इसी वजह से 1 जुलाई को केंद्र सरकार ने Meta से कहा था कि जब तक वह इस फीचर के दुरुपयोग को रोकने की ठोस व्यवस्था नहीं बताता, तब तक इसका रोलआउट आगे न बढ़ाया जाए।

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Meta ने क्या कहा?

Meta ने सरकार को बताया है कि WhatsApp के Username फीचर में सुरक्षा से जुड़े कई उपाय शामिल किए जाएंगे। हालांकि मामला सिर्फ WhatsApp की लोकप्रियता का नहीं है। भारत के आईटी अधिनियम (IT Act) और आईटी नियमों (IT Rules) के तहत एक बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म होने के कारण WhatsApp पर यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कानूनी जिम्मेदारी भी है। सरकार यह भी जांच रही है कि यदि भविष्य में इस फीचर के कारण साइबर अपराध बढ़ते हैं, तो क्या ऐसी स्थिति में Meta की जवाबदेही तय की जा सकती है।

 

गाजियाबाद के GH-7 सोसायटी की लिफ्ट में मारपीट, आरोपी ने AOA के पूर्व कोषाध्यक्ष को पीटा, वीडियो वायरल

Ghaziabad: गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की GH-7 सोसाइटी में बुधवार सुबह कथित तौर पर पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी को लेकर हुआ विवाद तब हिंसक हो गया, जब एक व्यक्ति ने सोसाइटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के साथ लिफ्ट के अंदर मारपीट की। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो लिफ्ट में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जो कि अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आरोपी की पहचान प्रह्लाद कुमार के तौर पर हुई है। आरोप है कि उसने लिफ्ट के अंदर दीपक चोपड़ा को घूंसे मारे और लात मारी। दीपक चोपड़ा सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं। बाद में चोपड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) प्रियश्री पाल ने बताया कि GH-7 सोसाइटी के टॉवर 8 में रहने वाले दीपक चोपड़ा अपने बच्चों को स्कूल बस में बिठाकर अपने फ्लैट लौट रहे थे। इसी दौरान, आरोपी प्रह्लाद कुमार, जो उसी टावर 8 में रहता है, अपने बच्चों को स्कूल बस में छोड़ने के बाद उसी लिफ्ट में आया। जिसके बाद दोनों के बीच सोसाइटी फंड को लेकर बहस हुई और उन्होंने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

उन्होंने बताया कि आरोप है कि प्रह्लाद कुमार ने दीपक चोपड़ा को लात-घूंसे मारे और करीब तीन मिनट तक उन्हें पीटता रहा।

ACP ने आगे कहा कि चोपड़ा ने क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रह्लाद कुमार को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज ली है।

4 मिनट का CCTV वीडियो वायरल

घटना का लगभग चार मिनट का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में चोपड़ा लिफ्ट के अंदर खड़े होकर अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए दिख रहे हैं, तभी एक महिला अंदर आती है।

कुछ ही देर बाद, प्रह्लाद कुमार लिफ्ट में आते हैं। जब दोनों पुरुषों के बीच बहस होती है, तो महिला लिफ्ट से बाहर निकल जाती है।

फुटेज में कथित तौर पर प्रह्लाद कुमार को चोपड़ा पर हमला करने से पहले लिफ्ट का दरवाजा बंद करते हुए दिखाया गया है। उन्हें लगभग तीन मिनट तक चोपड़ा को बार-बार घूंसे मारते और लात मारते हुए देखा जा सकता है।

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Semiconductor Mission 2.0: सरकार की ₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकंडक्टर स्कीम, इन 10 स्टॉक्स को मिल सकता है तगड़ा फायदा

Semiconductor Mission 2.0: केंद्र सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM 2.0) के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बार सरकार का फोकस सिर्फ चिप फैक्ट्री लगाने पर नहीं है। अब चिप डिजाइन, मशीनें, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग, रिसर्च और पूरी सप्लाई चेन को भारत में विकसित किया जाएगा।

ऐसे में कई भारतीय कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं किन 10 कंपनियों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Tata Electronics

टाटा ग्रुप भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब लगाने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी पहले से इस सेक्टर में बड़े निवेश कर रही है। ISM 2.0 से इसके विस्तार को और रफ्तार मिल सकती है।

CG Power & Industrial Solutions

CG Power सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही है। कंपनी की चिप मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं को सरकार की नई नीति से मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।

Kaynes Technology

Kaynes Technology पहले ही सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एक्टिव है। सरकार की ATMP और OSAT पर बढ़ती फोकस से कंपनी को फायदा हो सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की Tata Elxsi चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में काम करती है। ISM 2.0 में डिजाइन कंपनियों को बढ़ावा मिलने से इसके लिए नए अवसर बन सकते हैं।

Dixon Technologies

Dixon भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन मजबूत होने का फायदा इसे भी मिल सकता है।

Syrma SGS Technology

Syrma SGS इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PCB असेंबली में काम करती है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार से कंपनी का कारोबार बढ़ सकता है।

MosChip Technologies

MosChip चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सेवाएं देती है। सरकार का डिजाइन और IP डेवलपमेंट पर जोर कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

HCL Technologies

HCLTech चिप डिजाइन और इंजीनियरिंग R&D सेवाओं में वैश्विक कंपनियों के साथ काम करती है। भारत में डिजाइन इकोसिस्टम बढ़ने से नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं।

Tata Consultancy Services (TCS)

टटा ग्रुप यह आईटी कंपनी TCS सेमीकंडक्टर, AI और इंजीनियरिंग सेवाओं में दुनिया की कई चिप कंपनियों के साथ काम करती है। घरेलू निवेश बढ़ने से इस कारोबार में भी तेजी आ सकती है।

Cyient

Cyient सेमीकंडक्टर डिजाइन, एम्बेडेड इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन सेवाएं देती है। नई नीति से इस क्षेत्र में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

यह समझना जरूरी है कि सरकार ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया है। इस लिस्ट में कंपनियां उनके मौजूदा कारोबार और सेमीकंडक्टर सेक्टर में मौजूदगी के आधार पर चुनी गई हैं।

ISM 2.0 से इन्हें नए ऑर्डर, निवेश या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियों को तुरंत या समान रूप से फायदा होगा। निवेश का फैसला हमेशा कंपनी के नतीजों, वैल्यूएशन और भविष्य की योजनाओं को देखकर ही करना चाहिए।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Royal Enfield Shotgun 650 का लिमिटेड एडिशन लॉन्च, जानें कीमत और बुकिंग का तरीका

Royal Enfield ने कस्टम बाइक बनाने वाली कंपनी ‘रफ क्राफ्ट्स’ (Rough Crafts) के साथ मिलकर ‘शॉटगन 650’ का लिमिटेड-एडिशन लॉन्च किया है। इसकी कीमत 5.75 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है। बता दें कि दुनिया भर में इसकी सिर्फ 100 यूनिट्स बनी हैं, जिनमें से भारत के लिए सिर्फ 25 यूनिट्स ही तय की गई हैं। वहीं, स्टैंडर्ड टॉप-स्पेक शॉटगन 650 की कीमत 4.16 लाख रुपये है, यानी इस लिमिटेड-एडिशन के लिए 1.59 लाख रुपये ज्यादा देने होंगे, जबकि अंदरूनी तौर पर (मैकेनिकल रूप से) यह बाइक वैसी ही है।

यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि रजिस्ट्रेशन तो अभी शुरू हो रहे हैं, लेकिन भारत में सिर्फ पहले 25 खरीदारों को ही यह बाइक मिल पाएगी। इसलिए इसमें दिलचस्पी रखने वालों के लिए बजट से ज्यादा सही समय पर बुकिंग करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह एडिशन किस तरह अलग है और स्लॉट खत्म होने से पहले इसे कैसे बुक किया जा सकता है।

यह इसे अलग कैसे बनाता है?

यह बाइक सीधे ‘कैलिबर रॉयल’ से प्रेरित है, जो एक खास कस्टम बाइक है। इसे सबसे पहले Rough Crafts ने EICMA 2025 में दिखाया था और बाद में भारत में Motoverse 2025 में भी पेश किया गया था। इसमें ग्लॉस जेट ब्लैक और मैट स्टील्थ ब्लैक पेंट स्कीम है, जिस पर हाथ से लगाई गई गोल्ड लीफ डिटेलिंग और ग्रे एक्सेंट हैं। साथ ही, इसमें पार्टनरशिप को दिखाने वाला कास्ट ब्रास का बैज, अलग-अलग नंबर वाली टैंक प्लेट्स, ब्लैक बार-एंड मिरर्स, क्विल्टेड लेदर सीट, कॉन्ट्रास्ट-कट अलॉय व्हील्स और गोल्ड-फिनिश वाले फोर्क ट्यूब्स भी हैं।

इन सबके अलावा, हर खरीदार को ओरिजिनल कैलिबर रॉयल स्केच का एक नंबर वाला प्रिंट भी मिलता है, जिस पर Rough Crafts के फाउंडर विंस्टन येह के साइन होते हैं।

इसे कैसे खरीदें?

रॉयल एनफील्ड ऐप और वेबसाइट के जरिए दुनिया भर में रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं, लेकिन भारत में असल बिक्री 30 जुलाई को शाम 7 बजे (IST) होगी। हालांकि, इसमें ‘पहले आओ-पहले पाओ’ का नियम लागू होगा। ध्यान दे कि भारत में रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाले शुरुआती 25 ग्राहकों को ही यह यूनिट मिलेगी।

अगर कोई भी ग्राहक बिक्री शुरू होने के समय (ड्रॉप विंडो) तक इंतजार करता है, तो उसके हाथ से यह मौका निकल सकता है। क्योंकि रॉयल एनफील्ड के लिमिटेड कोलैबोरेशन की मांग हमेशा सप्लाई से ज्यादा रही है और पिछली बार भी ऐसे ड्रॉप्स के कुछ ही मिनटों में सारा स्टॉक बिक गया था।

क्या यह मैकेनिकल तौर पर अलग है?

नहीं। Royal Enfield Shotgun 650 x Rough Crafts Edition में स्टैंडर्ड Shotgun 650 वाला ही 648cc पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है। इसमें परफॉर्मेंस, सस्पेंशन या ब्रेकिंग सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस बाइक की ज्यादा कीमत सिर्फ इसके खास डिजाइन, लिमिटेड एडिशन मॉडल होने और Rough Crafts के सिग्नेचर आर्टवर्क की वजह से है। इसमें कोई अतिरिक्त मैकेनिकल फीचर या ज्यादा पावर नहीं मिलती है।

इसलिए खरीदारों को यह सोचना होगा कि क्या ₹1.59 लाख ज्यादा खर्च करना सिर्फ एक्सक्लूसिव लुक और लिमिटेड एडिशन वैल्यू के लिए सही रहेगा या फिर स्टैंडर्ड Shotgun 650 उनके लिए बेहतर विकल्प होगी।

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OnePlus N6 के बाद अब N6x की तैयारी, 120Hz डिस्प्ले और 8000mAh बैटरी के साथ आएगा फोन

OnePlus अब भारत में अपनी नई N-सीरीज को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने कुछ हफ्ते पहले ही भारत में OnePlus N6 लॉन्च किया था और अब उसने एक नए बजट स्मार्टफोन OnePlus N6x को टीज करना शुरू कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक फोन की लॉन्च डेट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसकी माइक्रोसाइट लाइव हो गई है, जिससे यह कन्फर्म हो गया है कि यह फ़ोन Amazon India पर उपलब्ध होगा। शुरुआती लीक्स से यह भी संकेत मिलता है कि आने वाला डिवाइस अपने पिछले मॉडल के कई फ़ीचर्स के साथ आ सकता है, लेकिन इसकी कीमत कम हो सकती है। आइए जानते हैं OnePlus N6x से जुड़ी अब तक की सभी जानकारी।

OnePlus N6x भारत में लॉन्च: अब तक क्या जानकारी सामने आई

OnePlus ने एक खास टीजर पेज जारी करके कन्फर्म किया है कि N6x जल्द ही भारतीय बाजार में आने वाला है। हालांकि, इस टेक कंपनी ने अभी तक इसके स्पेसिफिकेशन्स या कीमत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन माइक्रोसाइट से यह कन्फर्म हो गया है कि Amazon इसके ऑफिशियल सेल्स पार्टनर्स में से एक होगा।

टिपस्टर योगेश बरार के अनुसार, आने वाले स्मार्टफोन में “जाने-पहचाने” हार्डवेयर होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि यह फोन हाल ही में लॉन्च हुए OnePlus N6 के कई स्पेसिफिकेशन्स के साथ आ सकता है।

OnePlus N6x में OnePlus N6 वाले कई फीचर्स होने की उम्मीद है। इनमें 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.75-इंच HD LCD डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 6360 Apex चिपसेट और 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ 8000mAh की बैटरी शामिल हो सकती है।

इस स्मार्टफोन में 50MP का रियर कैमरा, 8MP का फ्रंट कैमरा और धूल और पानी से बचाव के लिए IP65 रेटिंग होने की भी उम्मीद है। सॉफ्टवेयर के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि यह Android पर आधारित OxygenOS के लेटेस्ट वर्जन के साथ आएगा।

बता दें कि OnePlus N6x इस महीने के अंत में लॉन्च हो सकता है और इसकी कीमत OnePlus N6 से कम हो सकती है। OnePlus N6x की लॉन्चिंग प्राइस 20,000 रुपये से कम हो सकती है, जो OnePlus N6 को टक्कर देगी, जिसकी शुरुआती कीमत 22,999 रुपये थी।

हालांकि, लॉन्च से पहले सामने आई इन सभी जानकारियों को सिर्फ लीक्स के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही फोन की सही कीमत और फीचर्स की पुष्टि हो पाएगी।

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‘क्या तुम मुस्लिम हो?’, धर्म पूछकर दिनदहाड़े 15 बार चाकू से गोदा; अमेरिका में भारतीय शख्स के साथ पहलगाम जैसी घटना

एक अमेरिकी व्यक्ति ने कथित तौर पर एक मुस्लिम मॉल कर्मचारी से उसका धर्म और राष्ट्रीयता पूछने के बाद उसे 15 बार चाकू मारा। यह घटना यूटा के वेस्ट वैली सिटी में वैली फेयर मॉल के अंदर दिनदहाड़े हुई।पुलिस ने बताया कि 48 वर्षीय आरोपी, जिसकी पहचान पीटर माइकल लार्सन के तौर पर हुई है, ने प

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कोलकाता से दिल्ली-बेंगलुरु तक सीधी प्रीमियम बस सेवा शुरू, जानें किराया और सुविधाएं

Kolkata Premium Bus Service: कोलकाता को चार बड़े भारतीय शहरों के लिए सीधी प्रीमियम कोच कनेक्टिविटी मिलने वाली है। News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘श्यामली परिवहन’ बुधवार से दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और पुरी के लिए नई लंबी दूरी की बस सेवाएं शुरू कर रही है। इन रूटों का मकसद यात्रियों को ट्रेन और फ्लाइट के मुकाबले आरामदायक और सही कीमत वाला विकल्प देना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अर्जुन सिंह करुणामयी बस टर्मिनस पर इस सर्विस का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। चारों रूटों पर कोच रोजाना चलेंगे और हफ्ते भर नियमित रूप से रवाना होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता से दिल्ली जाने वाली बस सेवा में करीब 26 घंटे का समय लगेगा। इस रूट का किराया लगभग 2,500 रुपये से 3,000 रुपये के बीच होगा। वहीं, बेंगलुरु जाने वाली बस करीब 35 घंटे में सफर पूरा करेगी और इसका किराया प्रति यात्री 4,500 रुपये रखा गया है।

इसके अलावा, चेन्नई रूट पर यात्रियों को करीब 24 घंटे का सफर करना होगा, जिसके लिए किराया लगभग 4,700 रुपये होगा। जबकि, पुरी जाने वाली प्रीमियम वोल्वो बस सबसे तेज होगी, जो करीब 8 घंटे में सफर पूरा करेगी। इस रूट का किराया 1,500 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होगा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यात्रियों को बायो-टॉयलेट, मुफ्त तकिए और बिस्तर की चादरें मिलेंगी, साथ ही हर सीट पर अलग-अलग एंटरटेनमेंट स्क्रीन भी होगी। यात्रियों को सफर के दौरान स्नैक्स, बोतल बंद पानी, चाय और कॉफी भी मुफ्त में दी जाएगी।

श्यामली परिवहन के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण घोष ने कहा कि इस सर्विस को हवाई यात्रा या फर्स्ट-क्लास AC ट्रेन कोच जैसी सुविधा देने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि इसका किराया AC थ्री-टियर रेल किराए के बराबर रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता के यात्रियों की ओर से सस्ती और अच्छी क्वालिटी वाली लंबी दूरी की यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए ये नए रूट शुरू किए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार,  प्रीमियम कोच उन बिजनेस और घूमने-फिरने वाले यात्रियों को आकर्षित करेंगे जो शहर से पारंपरिक रेल और हवाई यात्रा के विकल्पों के बजाय सीधे और आरामदायक विकल्प की तलाश में हैं।

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आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 अस्पतालों पर कार्रवाई, 6 पर निलंबन की तैयारी

yogi adityanath in rampur

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए साचीज लगातार सख्त निगरानी कर रही है। इसी के तहत बिजनौर के 20 अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान लापरवाही मिलने पर 16 चिकित्सालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
 

6 चिकित्सालयों को निलंबन नोटिस के साथ भुगतान पर रोक 

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना से जुड़े सभी अस्पताल केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजी) तथा गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं। साचीज द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिजनौर के 20 विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों का बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजों, रिकॉर्ड, क्लेम प्रक्रिया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। जांच में कई अस्पताल योजना के निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए नहीं पाए गए। कई स्थानों पर स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस के पालन में कमी तथा गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। 16 अस्पतालों में दिशा निर्देशों का पालन नहीं पाया गया। इनमें से 6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस के साथ भुगतान रोकने का आदेश दिया गया है जबकि 10 अस्पतालों को अनियमितताओं के लिए नोटिस जारी किया गया है। अब जुर्माने की गणना की जाएगी और 10 गुना जुर्माना लगाया जाएगा। इन अस्पतालों में एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती करने, बिना आवश्यकता के आईसीयू बुक करने आदि के कारण गड़बड़ी पाई गई। ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी करने के साथ जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

 

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

सीईओ अर्चना वर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े प्रत्येक सूचीबद्ध चिकित्सालय के लिए योजना के सभी दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस तथा गुणवत्ता मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। यदि कोई चिकित्सालय निर्धारित मानकों की अनदेखी करता है या लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एजेंसी ने यह भी दोहराया कि मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदेश के सभी सूचीबद्ध चिकित्सालयों में योजना के मानकों के अनुपालन की नियमित निगरानी आगे भी जारी रहेगी। समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएंगे और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पारदर्शी, मानक आधारित और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हों ताकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ और सशक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।

NH-31 से काशी रेलवे स्टेशन सिर्फ 20 मिनट में! वरुणा के किनारे अप्रूव्ड हुए 6/4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का मैप और फुल डिटेल

Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी (काशी) को ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या से परमानेंट मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति बुधवार को वरुणा नदी के किनारे एक शानदार 6/4 लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के फैसले को मंजूरी दे दी है। पीआईबी की रिलीज के मुताबिक 10998.32 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत वाले इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाएगी। यह प्रोजेक्ट वाराणसी डीकन्जेशन प्लान का एक सबसे अहम हिस्सा है।

आइए जानते हैं इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरे रूट, लागत, मैप स्पेसिफिकेशन्स और इससे काशी की तस्वीर कैसे बदलेगी इसकी पूरी डिटेल।

प्रोजेक्ट का पूरा मैप और रूट स्पेसिफिकेशन्स

यह नया कनेक्टर कॉरिडोर सीधे तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) और वाराणसी रिंग रोड को आपस में कनेक्ट करेगा। इस लिंक/कनेक्टर कॉरिडोर की कुल लंबाई 43.218 किलोमीटर होगी। यह मुख्य रूप से एक 6/4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसमें मुख्य कैरिजवे के साथ-साथ कई जगह फ्लाईओवर्स, लूप्स, रैंप्स और सर्विस रोड्स का एक आधुनिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इस पूरे कॉरिडोर को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की ऑपरेटिंग स्पीड के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसपर गाड़ियां बिना किसी रुकावट के सरपट दौड़ सकेंगी।

यहां नीचे देखिए प्रोजेक्ट का पूरा रूट मैप

कंस्ट्रक्शन से लेकर जमीन अधिग्रहण तक का खर्च

कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ₹10998.32 करोड़ के इस कुल बजट को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। सिविल कंस्ट्रक्शन कॉस्ट के लिए 4565.33 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक जमीन के अधिग्रहण पर 934.91 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा बाकी की राशि प्रोजेक्ट के अन्य तकनीकी और एसोसिएटेड खर्चों में इस्तेमाल होगी।

यात्रा समय में 50% की कटौती: 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में

इस कॉरिडोर के बन जाने के बाद वाराणसी आने-जाने वाले यात्रियों के समय में भारी बचत होगी। अभी NH-31 से काशी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में शहर के भारी जाम से जूझना पड़ता है। इसमें करीब 40 मिनट का समय लगता है। इस एक्सेस-कंट्रोल एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यह यात्रा समय घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा। यानी यात्रा के समय में सीधे 50 प्रतिशत की कमी आएगी। इससे शहर का आंतरिक रोड नेटवर्क पूरी तरह जाम मुक्त होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और गाड़ियों की ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी कमी आएगी।

काशी के इन प्रमुख रेलवे स्टेशनों, घाटों और एयरपोर्ट को मिलेगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी

वरुणा नदी के किनारे बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी शहर के भीतर और उसके आस-पास के सभी प्रमुख केंद्रों को आपस में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे कई जगहों पर पहुंचना आसान हो जाएगा-

  • काशी रेलवे स्टेशन
  • वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन
  • वाराणसी जंक्शन (कैंट स्टेशन)
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU)
  • वाराणसी एयरपोर्ट (लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बाबतपुर)
  • रामनगर पोर्ट (Ramnagar Port)
  • वाराणसी के सभी प्रमुख घाट
  • सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय
  • समीपवर्ती चंदौली क्षेत्र

पीएम गति शक्ति और आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

यह प्रोजेक्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापार, कृषि और लॉजिस्टिक्स के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अनुरूप यह प्रोजेक्ट मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन को बढ़ावा देगा। यह कॉरिडोर सीधे तौर पर 1 इकोनॉमिक नोड (चंदौली सोशल इकोनॉमिक जोन), 1 सोशल नोड (चंदौली) और 6 बड़े लॉजिस्टिक्स नोड्स तक पहुंच को आसान और मजबूत बनाएगा। इस रास्ते कृषि उपज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और खनिजों की तेज और बिना किसी दिक्कत के हो पाएगी। इससे पूरे पूर्वी यूपी की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ेगी।

कुल मिलाकर वरुणा नदी के किनारे बनने वाला यह आधुनिक, एक्सेस-कंट्रोल अर्बन ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर न सिर्फ वाराणसी के निवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों/तीर्थयात्रियों के जीवन को सुगम बनाएगा बल्कि काशी में पर्यटन और सतत आर्थिक विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

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