Smit Machchhar: जिस पायलट ने आसमान में टाली तबाही, उसे नेतन्याहू का आया खास न्योता; कैप्टन स्मित संग PM मोदी भी होंगे साथ!

Captain Smit Machchhar: फ्लाईदुबई विमान में हुए हाई-स्टेक्स मिड-एयर हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से खास बातचीत की। इस दौरान नेतन्याहू ने संकट की घड़ी में कैप्टन मच्छर के अदम्य साहस और सूझबूझ की जमकर सराहना की। उन्होंने कैप्टन मच्छर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का औपचारिक न्योता भी दिया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से शनिवार (3 अक्तूबर) रात फोन पर बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि हमले से पहले को-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई थी। उसका सम्मान करते हुए वह दूसरी ओर मुड़ गए थे।

मच्छार ने बताया कि कुछ मिनट बाद उन्हें सिर के पीछे जोरदार प्रहार महसूस हुआ और इसके बाद उन पर लगातार हमले किए गए। नेतन्याहू ने उनसे कहा कि इतनी कठिन परिस्थितियों में उनके साहस और संयम बनाए रखने की क्षमता से वह हैरान हैं। उन्होंने कहा, “आपने इतनी सारी जानें बचाईं… आपने दुनिया की आत्मा को बचाया।”

उन्होंने कहा, “मैं आपको और मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमारे अगले स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं। आप भारत और इज़राइल के बहादुर लोगों के सच्चे हीरो हैं। आप पूरी दुनिया के हीरो हैं। मैं आपके जल्द और पूरी तरह से ठीक होने की कामना करता हूं।”

नेतन्याहू ने आगे कहा, “आम तौर पर यह सम्मान इज़राइली नागरिकों को ही दिया जाता है। लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजरायल के सभी नागरिक आपका स्वागत करेंगे। इसलिए हमें उम्मीद है कि आप जल्द ही इजरायल आएंगे… मैं आपको यहां फिर से देखने के लिए उत्सुक हूं। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए मुझे लगता है कि यह यात्रा यादगार और ऐतिहासिक होगी।”

कॉकपिट में अचानक हुआ हमला

कैप्टन स्मित मच्छार ने नेतन्याहू को उस खौफनाक घटना के बारे में बताया, जब फ्लाईदुबई की उड़ान सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान उनके को-पायलट ने प्रार्थना करने की अनुमति मांगी। मच्छार ने बताया कि स्थानीय क्रू सदस्यों के लिए यह सामान्य बात थी, इसलिए उन्होंने पेशेवर रवैया अपनाते हुए अपना ध्यान उड़ान पर बनाए रखा। लेकिन करीब चार-पांच मिनट बाद उनके सिर के पीछे जोरदार हमला हुआ।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान में कोई गंभीर तकनीकी खराबी हुई है। लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि कॉकपिट के अंदर ही उन पर हमला किया जा रहा है। हमले के बाद उनकी आंखों के सामने धुंध छाने लगी और वह बुरी तरह भ्रमित हो गए। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। कॉकपिट के फर्श पर पड़े होने के बावजूद उन पर लगातार वार किए जाते रहे।

‘अगर दरवाजा नहीं खोलता तो मेरी मौत हो जाती’

कैप्टन मच्छर ने बताया कि उस वक्त उन्हें एहसास हुआ कि विमान को बचाने का एकमात्र रास्ता कॉकपिट का दरवाजा खोलना था। उन्होंने अपनी बची हुई ताकत जुटाई और दरवाजे की तरफ बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “मेरे अंदर बस एक आखिरी लड़ाई बाकी थी। आप इसे निजी लड़ाई कहें या लोगों के लिए लड़ाई। लेकिन मैंने सोचा कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा। इसके बाद मैंने अपनी पूरी ताकत लगाई और दरवाजे की तरफ गया और उसे खोल दिया।”

नेतन्याहू ने पूछा- सुरक्षित कॉकपिट का दरवाजा कैसे खोला?

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से पूछा कि आखिर इतनी गंभीर स्थिति में उन्होंने कॉकपिट का सुरक्षित दरवाजा कैसे खोला? इस पर मच्छार ने कॉकपिट डोर की पूरी कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि बाहर से कॉकपिट में एंट्री के लिए सिक्योरिटी कोड की जरूरत होती है।

ये भी पढ़ें- Russia Ukraine War: क्या भारत कराएगा रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत? कीव ने कहा- नई दिल्ली का सीजफायर प्लान सबसे व्यापक

स्मित ने बताया कि विमान के अंदर मौजूद क्रू को उस समय प्रवेश करने से रोका गया था। हालांकि, कॉकपिट के अंदर की तरफ से दरवाजा एक सामान्य मैनुअल टर्न-नॉब के जरिए खोला जा सकता है। इसी व्यवस्था का फायदा उठाते हुए कैप्टन मच्छार ने अपनी जान जोखिम में डालकर दरवाजा खोला और विमान को एक संभावित बड़ी त्रासदी से बचाने की कोशिश की।

यह बातचीत फ्लाईदुबई विमान में हुई उस भयावह घटना के बाद हुई है, जिसमें कॉकपिट के भीतर हिंसा के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कंट्रोल बनाए रखा और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए आखिरी क्षण तक संघर्ष किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कैप्टन स्मित मच्छार के लिए ‘अशोक चक्र’ की मांग की है।

नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित से बात की:बोले- आप पूरी दुनिया के हीरो; इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता दिया

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की। उन्होंने कैप्टन स्मित से कहा कि वे भारत और इजराइल के लोगों के हीरो हैं। नेतन्याहू ने उन्हें अगले इजराइली स्वतंत्रता दिवस पर उनके साथ मिलकर जश्न की लौ जलाने का न्योता दिया। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से घटना के बारे में भी पूछा। स्मित ने बताया कि हमले से पहले को-पायलट ने प्रेयर करने की इच्छा जताई थी। इसके कुछ मिनट बाद उसने उन पर हमला कर दिया। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को जल्दी ठीक होने की शुभकामना दी और कहा कि वे उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस पर इजराइल आने का न्योता देते हैं। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

रिपोर्ट- सऊदी अरब हूती विद्रोहियों पर हमला करेगा:1 लाख सैनिक उतारने की तैयारी, बाब-अलमंदेब से कब्जा छुड़ाएगा; यहां से दुनिया का 12% तेल गुजरता है

सऊदी अरब यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिकों को उतार सकता है। इसका मकसद लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को हूतियों के कब्जे से छुड़ाना और समुद्री व्यापार का रास्ता सुरक्षित करना है। हूतियों की इस इलाके में बढ़ती पकड़ से दुनिया के अहम समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ गया है। यह रास्ता एशिया और यूरोप के बीच व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। बाब-अल-मंदेब दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। दुनिया का 12% तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
बाब-अल-मंदेब पर कब्जे के लिए जंग क्यों? पिछले महीने हूतियों ने यमन के तटीय इलाकों में आगे बढ़ते हुए इस रास्ते के आसपास अपनी पकड़ मजबूत की। उन्होंने सऊदी समर्थित यमन के सरकारी बलों और UAE समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज को पीछे धकेला। बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। इसके रास्ते जहाज एशिया से लाल सागर और स्वेज नहर होते हुए यूरोप तक पहुंचते हैं। इस वजह से यह वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए अहम है। सऊदी अरब को आशंका है कि हूतियों का नियंत्रण बना रहा तो इस रास्ते से होने वाले व्यापार और तेल की ढुलाई पर खतरा बढ़ सकता है। हूतियों के खिलाफ दो तरह के सैन्य ऑपरेशन पर विचार रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के सामने सैन्य कार्रवाई के दो विकल्प हैं। पहले विकल्प में बाब-अल-मंदेब के आसपास सीमित हमला करके समुद्री रास्ते को सुरक्षित करने की कोशिश की जाएगी। दूसरे विकल्प में यमन के कई इलाकों में एक साथ ऑपरेशन चलाया जा सकता है। इसमें अल-बायदा, मारिब, ताइज और अल-जौफ जैसे इलाके शामिल हो सकते हैं। इस ऑपरेशन का नेतृत्व यमन की सेनाएं करेंगी, जिन्हें सऊदी अरब का समर्थन मिलेगा। जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब हवाई हमले भी कर सकता है। ऑपरेशन के दायरे के हिसाब से 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिक जुटाए जा सकते हैं। हालांकि, सैन्य कार्रवाई की समयसीमा को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। अमेरिका सीधे युद्ध में उतरने को तैयार नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका सऊदी अरब को खुफिया जानकारी, लक्ष्य तय करने में मदद और सैन्य सलाह दे रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी नेतृत्व की सीधे सैन्य मदद और हवाई हमले करने की मांग पर सहमति नहीं दी है। फिलहाल अमेरिका के सीधे युद्ध में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। सऊदी अरब को पाकिस्तान और तुर्किये से भी सैन्य मदद मिली है। पाकिस्तान ने पिछले महीने अदन में एयर डिफेंस सिस्टम, हल्की तोपें, ड्रोन और ड्रोन रोधी उपकरण भेजे थे। पाकिस्तानी सैन्य सलाहकार सऊदी अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान ने यमन में लड़ाई के लिए अपने सैनिक भेजने का फैसला नहीं किया है। तुर्किये के ड्रोन भी यमन में तैनात किए गए हैं। वहीं, फ्रांस ने यानबू में रक्षात्मक प्रणालियां और सैनिक भेजने की घोषणा की है। सऊदी अरब के सामने क्या चुनौती है? यमन में हूतियों के विरोधी गुटों के बीच एकता की कमी सऊदी अरब के लिए बड़ी चुनौती है। इन गुटों के हित और राजनीतिक लक्ष्य अलग-अलग हैं। ऐसे में केवल सैनिकों की संख्या बढ़ाने से ऑपरेशन की सफलता तय नहीं होगी। सऊदी अरब की चिंता अपने तेल ठिकानों की सुरक्षा को लेकर भी है। हूती पहले भी ड्रोन और मिसाइलों से सऊदी अरब को निशाना बना चुके हैं। अगर यमन में लड़ाई तेज होती है, तो सऊदी तेल ठिकानों और समुद्री व्यापार पर हमलों का खतरा भी बढ़ सकता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें…. नेतन्याहू बोले- हमलावर को किसने भेजा, जांच कर रहे:उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी; रिपोर्ट- चुनाव में हार रहे थे नेतन्याहू, हादसे का फायदा मिला इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमले के आरोपी ओमानी पायलट को किसने भेजा था, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस घटना के पीछे कोई व्यक्ति या संगठन मिला, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

रिपोर्ट- सऊदी अरब हूती विद्रोहियों पर हमला करेगा:1 लाख सैनिक उतारने की तैयारी, बाब-अलमंदेब से कब्जा छुड़ाएगा; यहां से दुनिया का 12% तेल गुजरता है

सऊदी अरब यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिकों को उतार सकता है। इसका मकसद लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को हूतियों के कब्जे से छुड़ाना और समुद्री व्यापार का रास्ता सुरक्षित करना है। हूतियों की इस इलाके में बढ़ती पकड़ से दुनिया के अहम समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ गया है। यह रास्ता एशिया और यूरोप के बीच व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। बाब-अल-मंदेब दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। दुनिया का 12% तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
बाब-अल-मंदेब पर कब्जे के लिए जंग क्यों? पिछले महीने हूतियों ने यमन के तटीय इलाकों में आगे बढ़ते हुए इस रास्ते के आसपास अपनी पकड़ मजबूत की। उन्होंने सऊदी समर्थित यमन के सरकारी बलों और UAE समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज को पीछे धकेला। बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। इसके रास्ते जहाज एशिया से लाल सागर और स्वेज नहर होते हुए यूरोप तक पहुंचते हैं। इस वजह से यह वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए अहम है। सऊदी अरब को आशंका है कि हूतियों का नियंत्रण बना रहा तो इस रास्ते से होने वाले व्यापार और तेल की ढुलाई पर खतरा बढ़ सकता है। हूतियों के खिलाफ दो तरह के सैन्य ऑपरेशन पर विचार रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के सामने सैन्य कार्रवाई के दो विकल्प हैं। पहले विकल्प में बाब-अल-मंदेब के आसपास सीमित हमला करके समुद्री रास्ते को सुरक्षित करने की कोशिश की जाएगी। दूसरे विकल्प में यमन के कई इलाकों में एक साथ ऑपरेशन चलाया जा सकता है। इसमें अल-बायदा, मारिब, ताइज और अल-जौफ जैसे इलाके शामिल हो सकते हैं। इस ऑपरेशन का नेतृत्व यमन की सेनाएं करेंगी, जिन्हें सऊदी अरब का समर्थन मिलेगा। जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब हवाई हमले भी कर सकता है। ऑपरेशन के दायरे के हिसाब से 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिक जुटाए जा सकते हैं। हालांकि, सैन्य कार्रवाई की समयसीमा को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। अमेरिका सीधे युद्ध में उतरने को तैयार नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका सऊदी अरब को खुफिया जानकारी, लक्ष्य तय करने में मदद और सैन्य सलाह दे रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी नेतृत्व की सीधे सैन्य मदद और हवाई हमले करने की मांग पर सहमति नहीं दी है। फिलहाल अमेरिका के सीधे युद्ध में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। सऊदी अरब को पाकिस्तान और तुर्किये से भी सैन्य मदद मिली है। पाकिस्तान ने पिछले महीने अदन में एयर डिफेंस सिस्टम, हल्की तोपें, ड्रोन और ड्रोन रोधी उपकरण भेजे थे। पाकिस्तानी सैन्य सलाहकार सऊदी अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान ने यमन में लड़ाई के लिए अपने सैनिक भेजने का फैसला नहीं किया है। तुर्किये के ड्रोन भी यमन में तैनात किए गए हैं। वहीं, फ्रांस ने यानबू में रक्षात्मक प्रणालियां और सैनिक भेजने की घोषणा की है। सऊदी अरब के सामने क्या चुनौती है? यमन में हूतियों के विरोधी गुटों के बीच एकता की कमी सऊदी अरब के लिए बड़ी चुनौती है। इन गुटों के हित और राजनीतिक लक्ष्य अलग-अलग हैं। ऐसे में केवल सैनिकों की संख्या बढ़ाने से ऑपरेशन की सफलता तय नहीं होगी। सऊदी अरब की चिंता अपने तेल ठिकानों की सुरक्षा को लेकर भी है। हूती पहले भी ड्रोन और मिसाइलों से सऊदी अरब को निशाना बना चुके हैं। अगर यमन में लड़ाई तेज होती है, तो सऊदी तेल ठिकानों और समुद्री व्यापार पर हमलों का खतरा भी बढ़ सकता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें…. नेतन्याहू बोले- हमलावर को किसने भेजा, जांच कर रहे:उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी; रिपोर्ट- चुनाव में हार रहे थे नेतन्याहू, हादसे का फायदा मिला इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमले के आरोपी ओमानी पायलट को किसने भेजा था, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस घटना के पीछे कोई व्यक्ति या संगठन मिला, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

विमान अपहरण की कोशिश करने वाला पायलट कट्टरपंथी था:साथी बोला- महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था; यात्रियों ने पकड़ा तो चिल्लाया- मुझे मार दो

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश करने वाला ओमानी को-पायलट धार्मिक कट्टरपंथी था। यह दावा उसके साथ काम कर चुके एक पायलट ने इजराइली न्यूज चैनल 16 से बातचीत में किया। सहकर्मी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। उसके मुताबिक, आरोपी महिलाओं से हाथ भी नहीं मिलाता था। उसने कहा, ‘कंपनी ने एक आतंकवादी को नौकरी पर रखा, जिसकी वजह से करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, पकड़े जाने के बाद आरोपी चिल्ला रहा था- ‘मुझे मार दो।’ कैप्टन पर चाकू से हमला किया, विमान हजारों फीट नीचे आया ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की इस दौरान विमान कुछ ही मिनटों में हजारों फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने आरोपी को काबू कर लिया। दूसरे पायलटों ने विमान को संभाला और सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। हमले के पीछे की वजह की जांच अभी जारी है। 9 महीने पहले ही फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई में करीब 9 महीने पहले नौकरी शुरू की थी। ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिकी न्यूज चैनल CBS को इसकी पुष्टि की थी। आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि आरोपी को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली। इजराइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आरोपी की सुरक्षा जांच में कोई चूक हुई थी या नहीं। UAE जांच करेगा कि हमला आतंकवादी साजिश थी या नहीं UAE यह जांच कर रहा है कि हमला आतंकवाद से जुड़ा था या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने घटना को ‘जिहादी आतंकवादी हमला’ बताया था। ———————— ये खबर भी पढ़ें… कॉकपिट में भिड़े, चाकू लगे, लेकिन फ्लाइट कंट्रोल नहीं छोड़ा: पायलट स्मित मच्छर ने 4 साल पहले फ्लाईदुबई जॉइन की, पहले स्पाइसजेट में थे भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को क्रैश होने से बचा लिया। स्मित पर उनके साथी पायलट ने ही चाकू से हमला कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प बोले- फ्लाईदुबई को-पायलट का ईरान कनेक्शन हो सकता है:ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी; UAE को सौंपा गया भारतीय पायलट पर हमले का आरोपी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। ट्रम्प ने कहा कि अगर हमले के पीछे ईरान की भूमिका सामने आती है तो तेहरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं सऊदी अरब ने बताया कि विमान में भारतीय पायलट पर हमले के आरोपी को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया गया है। मामले की जांच में इजराइल, UAE, अमेरिका, ओमान और सऊदी अरब की एजेंसियां जुटी हैं। दरअसल, 29 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया था। इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को पकड़ा। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। 174 लोगों को लेकर जा रहा था विमान फ्लाईदुबई का विमान संयुक्त अरब अमीरात से तेल अवीव जा रहा था। इसमें 174 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली यात्री थे। विमान में भारत और UAE के नागरिक भी मौजूद थे। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, चार यात्री अमेरिकी नागरिक थे। एक मिनट में 33,000 फीट से 17,000 फीट नीचे आया विमान उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। पहले हाथापाई हुई। इसके बाद आरोपी ने चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान करीब एक मिनट में 33,000 फीट से 17,000 फीट तक नीचे आ गया। हालांकि, कैप्टन ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद कुछ यात्रियों ने को-पायलट को काबू करने में मदद की। इस दौरान विमान का रडर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। यात्रियों ने बताया- बेहद डरावना था पल हमले के दौरान कॉकपिट में पहुंचे यात्रियों में शामिल असफ राजुआन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किसकी मदद लें। उन्होंने बताया कि उस समय हर कोई सिर्फ अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था। क्रू के सदस्यों ने विमान को संभाला और आखिरकार इसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था। आरोपी को-पायलट ओमान का नागरिक जांच से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, संदिग्ध ओमान का नागरिक है। उसका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसने कैप्टन पर हमला क्यों किया। आतंकवाद समेत सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। नेतन्याहू बोले- हमलावर इस्लामिस्ट विचारधारा से प्रभावित था इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि हमलावर को इस्लामिस्ट विचारधारा से प्रभावित किया गया था। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उसे किसने कट्टरपंथी बनाया। ईरान की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि आरोपी इजरायल जाने वाले पायलटों पर लागू नियमों में मौजूद एक खामी का फायदा उठाकर फ्लाइट में शामिल हुआ। ओमान और इजरायल के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। कैप्टन स्मित मच्छर अबू धाबी में भर्ती हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर का अबू धाबी में इलाज चल रहा है। भारत सरकार ने बताया कि वह ठीक हो रहे हैं। विमान को सुरक्षित उतारने में उनकी भूमिका की काफी सराहना की जा रही है। विमान से भेजे गए थे दो इमरजेंसी कोड फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान के कॉकपिट से दो चार अंकों वाले कोड भेजे गए थे। पहला 7700 था, जो सामान्य आपात स्थिति का संकेत देता है। इसके बाद 7500 कोड भेजा गया, जिसका इस्तेमाल विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग की स्थिति में किया जाता है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… इजराइली यात्री ने TV शो देखकर प्लेन उड़ाना सीखा:हमलावर पायलट को पकड़कर हाइजैकिंग रोकी; खून सने कपड़ों में नेतन्याहू से मिलने पहुंचा दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार सुबह कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच झगड़ा हो गया। ओमानी पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

हाईजैक विमान को गिराने की तैयारी में था इजराइल:अलर्ट मिलते ही फाइटर जेट्स भेजे; 9/11 जैसा हमला टालने के लिए हवा ही मारना पड़ता

इजराइल ने दुबई से उड़ान भरने वाले हाईजैक विमान को मार गिराने की तैयारी कर लिए थी। हाईजैक का अलर्ट मिलते ही फाइटर जेट्स रवाना कर दिए थे। विमान में 174 यात्री सवार थे। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार को आशंका थी कि अगर विमान का कंट्रोल वापस नहीं मिला, तो वह इजराइल तक पहुंच सकता है और 9/11 जैसे हमले को अंजाम दे सकता है। खतरा टालने के लिए विमान को हवा में ही मार गिराना पड़ सकता था। इजराइल के भारत में राजदूत रियूवेन अजार के मुताबिक, हालात नहीं संभलते तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कार्रवाई पर फैसला लेना पड़ सकता था। हालांकि, विमान के क्रू ने दोबारा कंट्रोल हासिल कर लिया और उसे सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतार लिया गया। हाईजैकर्स से बातचीत के लिए भी तैयार था इजराइल इजराइल ने इस आशंका के लिए भी तैयारी की थी कि हाईजैकर्स विमान में सवार यात्रियों को बंधक बनाकर अपनी मांगें रख सकते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इजराइल की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी और बंधक बचाव यूनिट यामाम को अलर्ट किया गया था। योजना थी कि अगर हाईजैकर्स यात्रियों को छोड़ने के बदले कोई मांग रखते हैं, तो उनसे बातचीत और बंधकों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई के लिए यह विशेष यूनिट मोर्चा संभालेगी। विमान दूसरे देश में गिरता तो कमांडो भेजता इजराइल इजराइल ने ऐसी स्थिति के लिए भी तैयारी की थी, जिसमें हाईजैक हुआ विमान उसके बजाय जॉर्डन या सऊदी अरब के इलाके में क्रैश हो जाता। ऐसी नौबत आने पर विमान में फंसे यात्रियों और क्रू को बचाने के लिए इजराइली एयरफोर्स की विशेष कमांडो यूनिट शालदाग को भेजने की योजना बनाई गई थी। इसी यूनिट ने अप्रैल में ईरान में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के क्रैश होने के बाद दो अमेरिकी एयरक्रू सदस्यों को बचाने के अभियान में हिस्सा लिया था। 9/11 हमले में करीब 3000 लोग मारे गए थे 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी। आतंकवादी संगठन अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावरों से और एक को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन से टकरा दिया गया। चौथा विमान यात्रियों के विरोध के बाद एक खेत में गिर गया। ———————- ये खबर भी पढ़ें… इजराइली यात्री ने TV शो देखकर प्लेन उड़ाना सीखा:हमलावर पायलट को पकड़कर हाइजैकिंग रोकी; खून सने कपड़ों में नेतन्याहू से मिलने पहुंचा दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार सुबह कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच झगड़ा हो गया। ओमानी पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Smit Machchhar: ‘हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया…’; पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, पायलट की बहादुरी की जमकर की तारीफ

Smit Machchhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बात की। इस दौरान उनकी बहादुरी की जमकर सराहना की। कैप्टन मच्छार ने ‘फ्लाईदुबई’ विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम कर दिया था, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बची। पायलट की पत्नी और उनके माता-पिता के साथ फोन पर बातचीत में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारतीय मिशन घायल पायलट को हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं। पायलट का सऊदी अरब के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट की बहादुरी की तारीफ की, जिसकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान बची। इससे पहले, पीएम मोदी ने भारतीय पायलट की प्रशंसा करते हुए उन्हें नायक बताया था। उन्होंने कहा था कि देश को उनकी बहादुरी पर गर्व है। पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया।

PM मोदी ने कैप्टन मच्छार की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और बड़ी त्रासदी टाली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को इमरजेंसी अलर्ट भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका रूट सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।

‘स्मित मच्छार एक नायक हैं’

PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार एक नायक हैं। सबसे गंभीर खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और अटूट संकल्प दिखाया। उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और बड़ी त्रासदी टाली।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मैं उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”

‘भारत ने 9/11 होने से बचा लिया’

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ‘भारत मंडपम’ में UPSC के शताब्दी समारोह के दौरान भी भारतीय पायलट की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा, “कल एक घटना घटी थी जिसमें भारत के कैप्टन स्मित ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया है। कल इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत ने 9/11 होने से बचा लिया है। उनका यह पराक्रम हमें गौरव से भर देता है… आज पूरी दुनिया पर गर्व कर रही है। हम सभी स्मित की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करें और उनका अभिनंदन करें।”

नेतन्याहू ने भी की तारीफ

बुधवार रात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा नायक बताया। नेतन्याहू ने कहा, “चाकू से हमला किए जाने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया, हमलावर का प्रतिरोध किया तथा कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्री तथा चालक दल के सदस्य हमलावर को काबू में कर पाए। इससे हवा में एक भयावह दुर्घटना टल गई।”

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्होंने इजराइली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई। मैं कैप्टन मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वह सच्चे नायक हैं।” उन्होंने कहा, “असाधारण बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को मेरा सलाम।” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की गैली में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें- Captain Smit Machchhar: जानिए सूरत के कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू लगने के बाद भी कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा, ये बने फ्लाइदुबई के हीरो

अपने पहले के बयान में नेतन्याहू ने कहा था कि एक इजरायली यात्री ने उन्हें बताया कि विमान तेजी से घूमने लगा और नीचे उतरने लगा। इसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहा और दोनों ने मिलकर उस पायलट पर काबू पाया, जिसने विमान की प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के दौरान मच्छार पर चाकू से हमला किया था। नेतन्याहू के अनुसार, चालक दल का एक अन्य सदस्य इसके बाद कॉकपिट में पहुंचा और विमान को स्थिर करने में मदद की।

Captain Smit Machchhar: जानिए सूरत के कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू लगने के बाद भी कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा, ये बने फ्लाइदुबई के हीरो

Captain Smit Machchhar: दुबई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को जो कुछ हुआ, उसने विमान में सवार 174 लोगों की जान खतरे में डाल दी थी। उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हुई। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बावजूद मच्छार ने आखिरी ताकत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने कंट्रोल संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा।

सामान्य उड़ान के बीच अचानक मचा हड़कंप

Flydubai का बोइंग 737 MAX 8 विमान 30 सितंबर की सुबह करीब 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया था। शुरुआत में लगभग ढाई घंटे तक उड़ान सामान्य रही। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हुई। इसके बाद अचानक कॉकपिट में कथित तौर पर दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ओमान के रहने वाले को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। फ्लाईदुबई ने फिलहाल सिर्फ इतना कहा है कि फ्लाइट डेक में ‘अल्टरकेशन’ यानी झड़प हुई थी। इसके बाद क्रू ने विमान को सुरक्षित करने तथा डायवर्ट करने की कार्रवाई की। घटना की वजह और हमले के पीछे की मंशा अभी जांच का विषय है।

अचानक हजारों फीट नीचे जाने लगा विमान

कॉकपिट के अंदर क्या हो रहा था, इसकी जानकारी अधिकांश यात्रियों को नहीं थी। उन्हें सबसे पहले विमान के असामान्य तरीके से नीचे जाने का एहसास हुआ। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक, विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खोई। अलग-अलग विश्लेषणों में कुछ ही समय में 14 हजार फीट से ज्यादा की गिरावट का जिक्र किया गया है। जबकि कुछ आंकड़ों में लंबे क्रम के दौरान करीब 17-18 हजार फीट की कुल गिरावट बताई गई है।

एक यात्री अल्मोग इटली ने बताया कि उन्हें शुरुआत में लगा कि विमान में बहुत तेज टर्बुलेंस हो रहा है। लेकिन विमान के बार-बार नीचे जाने से यात्रियों को समझ आने लगा कि मामला सामान्य नहीं है। विमान ने पहले ‘7700 इमरजेंसी कोड’ जारी किया। इसके बाद ‘7500 कोड’ का इस्तेमाल किया गया, जिसे विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग की स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है।

गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

घटना का सबसे अहम और निर्णायक पल कॉकपिट के अंदर हुआ। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छर हमले में गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने आखिरी ताकत जुटाई और कॉकपिट का लॉक्ड दरवाजा खोल दिया। यही कदम आगे की पूरी स्थिति बदलने वाला साबित हुआ। आमतौर पर उड़ान के दौरान कमर्शियल विमान का कॉकपिट यात्रियों के लिए बंद रहता है। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने और स्थिति को संभालने का मौका मिला।

यात्री ने हमलावर को पकड़ा, कंट्रोल भी संभाला

इजरायली यात्री यानिव हयून ने घटना के दौरान कॉकपिट में प्रवेश किया। उनके मुताबिक, विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा था। इस दौरान वह आगे की ओर जा गिरे। कॉकपिट में पहुंचने पर उन्होंने कथित हमलावर को पकड़ लिया और उसे काबू करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए विमान के कंट्रोल को भी संभाला। हयून के मुताबिक, विमान धीरे-धीरे फिर से लेवल होने लगा। इसके बाद विमान में मौजूद एक अन्य पायलट ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हयून की भूमिका की तारीफ की है।

तीन यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू किया

कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कई यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रियों ने मिलकर कथित हमलावर को काबू किया। विमान के अंदर मौजूद यात्रियों के वीडियो में दो घायल लोगों को कॉकपिट के फर्श पर देखा गया। कुछ यात्रियों ने बाद में बताया कि उन्होंने सामने से लोगों को खून से लथपथ हालत में बाहर आते देखा। इस दौरान विमान में यात्रा कर रहे अतिरिक्त फ्लाईदुबई पायलटों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब तत्काल खतरा नियंत्रित हुआ तो रिजर्व क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाल लिया।

तबुक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

स्थिति को नियंत्रित करने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। सऊदी अधिकारियों को सुबह करीब 8:44 बजे विमान की परेशानी से संबंधित सूचना मिली। विमान ने तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की। कैप्टन स्मित मच्छार और दूसरे पायलट को अस्पताल ले जाया गया। बाद में यात्रियों को तबुक में रोके जाने के बाद दूसरे विमान से इजरायल भेजा गया।

कैप्टन स्मित मच्छर की हालत अब कैसेी है?

भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी सर्जरी की गई है। भारतीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। भारतीय दूतावास ने कहा कि वह कैप्टन मच्छर के परिवार के संपर्क में है। सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर उनके इलाज और स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रख रहा है। कैप्टन मच्छार के पास कमर्शियल एविएशन का 13 साल से ज्यादा का अनुभव बताया गया है। वह इससे पहले स्पाइसजेट में 11 साल से अधिक समय तक काम कर चुके हैं। जून 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े थे।

आखिर हमले के पीछे क्या वजह थी?

इस घटना के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। इजरायली अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन फ्लाईदुबई ने लोगों से जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है। सऊदी अरब के नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी सेंटर ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ। झड़प की शुरुआत कैसे हुई। विमान इतनी तेजी से नीचे क्यों गया और घटना के दौरान किस तरह विमान का नियंत्रण दोबारा हासिल किया गया।

ये भी पढ़ें- Smit Machchhar: पीएम मोदी से लेकर ट्रंप और नेतन्याहू तक…पूरी दुनिया कैप्टन स्मित मच्छार को कर रही ‘सैल्यूट’, भारतीय पायलट ने बचाई 174 लोगों की जान

इजराइली PM नेतन्याहू बोले- भारतीय पायलट की बहादुरी को सलाम:174 लोगों की जान बचाई, वह सच्चे हीरो हैं; कैप्टन स्मित ने विमान क्रैश होने से बचाया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने हमलावर का सामना किया। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया। नेतन्याहू ने कहा कि कैप्टन मच्छार की वजह से 174 लोगों की जान बची। इनमें इजरायली नागरिकों के साथ दूसरे देशों के लोग भी शामिल थे। उन्होंने मच्छार के जल्द ठीक होने की कामना की और उन्हें असली हीरो बताया। दरअसल, बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान दोनों पायलटों के बीच झगड़ा हो गया। इस दौरान एक पायलट ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा, जिसके बाद उसे सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।