Hero Motors लाएगी ₹1000 करोड़ का ही IPO, पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव

Hero Motors IPO: पावरट्रेन सॉल्यूशंस प्रोवाइडर हीरो मोटर्स ने अपने आईपीओ का साइज घटा दिया है। बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने पब्लिक इश्यू का साइज घटाकर ₹1000 करोड़ कर दिया है। हालांकि इसमें जो कटौती हुई है, वह फ्रेश इश्यू में हुई है यानी कि अब आईपीओ के तहत नए शेयर कम जारी होंगे जबकि ऑफर फॉर सेल इश्यू के तहत बिकने वाले शेयरों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कंपनी की योजना आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी करने की है तो ऑफर फॉर सेल के जरिए प्रमोटर्स ₹400 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

नियमों के तहत IPO Size में कितना बदलाव करने की है मंजूरी?

हीरो मोटर्स ने जून 2025 में बाजार नियामक सेबी के पास अपना आईपीओ ड्राफ्ट यानी डीआरएचपी दाखिल किया था। इसके जरिए कंपनी की योजना ₹1,200 करोड़ जुटाने की थी जिसमें ₹800 करोड़ के नए शेयर जारी होते तो ₹400 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के तहत होनी थी। इस साल 13 अप्रैल से लागू हुए नए नियमों के बाद, जिसके तहत कंपनियों को सेबी के पास ड्राफ्ट दोबारा दाखिल किए बिना फ्रेश इश्यू के साइज में 50% तक बदलाव करने की अनुमति है, हीरो मोटर्स ने 30 जुलाई को सेबी के पास आवेदन किया। कंपनी ने फ्रेश इश्यू का साइज कम करने और कुल ऑफर साइज में बदलाव की मंजूरी मांगी। फिर 27 अगस्त के अप्रूवल लेटर के बाद कंपनी ने आईपीओ के तहत फ्रेश इश्यू साइज ₹600 करोड़ से घटाकर ₹400 करोड़ कर दिया।

और क्या हुआ है आईपीओ में बदलाव

कंपनी ने ऑफर फॉर सेल के ढांचे में भी बदलाव किया है। यह बदलाव इश्यू के तहत शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स और ओपी मुंजाल होल्डिंग्स की 27 अगस्त की चिट्ठियों के बाद किया गया। भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स ने ₹5 करोड़ तक के शेयर बेचने का अपना ऑफर वापस लेने का फैसला किया। वहीं ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ने अपने ऑफर साइज को उतना ही बढ़ाकर ₹390 करोड़ से ₹395 करोड़ कर दिया है। अब इश्यू के तहत

ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ₹395 करोड़ के शेयर और हीरो साइकिल्स ₹5 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

हीरो मोटर्स ने नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव किया है। अब आईपीओ से मिले ₹190 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने और ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्थित अपने प्लांट में कैपेसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी इक्विपमेंट्स की खरीदारी में खर्च करेगी। बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे। वहीं ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के आज के रेट जारी, दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों में जानें कीमत

हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 30 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

LPG Price Today August 25: गैस सिलेंडर के दाम में फिर आया बड़ा ट्विस्ट!दिल्ली से मुंबई तक जानिए 14.2 KG और कमर्शियल LPG के नए रेट

नेपाल बाढ़, लोगों को 7:30 बजे खतरे का पता चला:9:35 पर सरकारी SMS आया; अलर्ट में 2 घंटे देरी, वरना सैकड़ों जानें बच जातीं

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद अब अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, रसुवा जिला प्रशासन को चीन की तरफ से बाढ़ की सूचना सुबह 9 बजे मिली थी। इसके बाद सुबह 9.15 बजे नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले करीब छह लाख लोगों को SMS अलर्ट भेजा गया। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि उसे जिला प्रशासन से सुबह 8.40 बजे ही बाढ़ की सूचना मिल गई थी। लोगों को SMS अलर्ट सुबह 9.35 बजे भेजा गया था। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्हें दोस्तों और रिश्तेदारों से सुबह 7.30 बजे ही बाढ़ की चेतावनी मिल गई थी। अलर्ट की टाइमिंग को लेकर इन अलग-अलग दावों के बीच सिस्टम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।शनिवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 682 पहुंच गई, जबकि 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इनमें 275 भारतीय शामिल हैं। अब तक 7,514 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें 163 विदेशी भी हैं। प्रत्यक्षदर्शी बोले- सुबह 7.30 बजे ही मिल गई थी जानकारी त्रिशूली निवासी 36 साल के रमेश रिजाल के मुताबिक, चीन बॉर्डर के पास रहने वाले उनके एक दोस्त ने सुबह 7.30 बजे फोन कर भयानक बाढ़ आने की जानकारी दी थी। रिजाल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी करते रहे। सुबह 9.20 बजे उन्होंने अपने नए घर के निर्माण का वीडियो भी बनाया। इसके बाद अफरा-तफरी मचने पर वे परिवार के साथ सुरक्षित जगह चले गए। त्रिभुवन सेकेंडरी को-एजुकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बताया कि एक सहकर्मी को नदी के ऊपरी इलाके से बाढ़ की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने स्कूल की घंटी लगातार बजाने का निर्देश दिया। स्कूल में करीब 1,600 स्टूडेंट्स हैं। दवाड़ी के मुताबिक, उनकी आंखों के सामने स्कूल बाढ़ में बह गया, हालांकि बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। भूकंप के 13 मिनट बाद नदी का डेटा सिस्टम बंद मौसम विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को सुबह 8.37 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके 13 मिनट बाद सुबह 8.50 बजे भोटे कोशी नदी का जलस्तर मापने वाला डेटा रिसीविंग सिस्टम काम करना बंद कर गया। भूकंप के बाद तिब्बत के ल्हेंदे खोला नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। 9.36 बजे पानी बाजार की ओर बढ़ा, 2 मिनट में सब बह गया त्रिशूली बाजार में कबाड़ का कारोबार करने वाले बिहार मूल के जलेश्वर साहनी ने बाढ़ की तबाही की तस्वीरें खींचीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9.15 बजे रासुवागढ़ी में मौजूद उनके भाई ने फोन कर विशाल बाढ़ के आने की सूचना दी। इसके बाद साहनी परिवार के साथ पहाड़ी पर चले गए। साहनी ने सुबह 9.36 बजे एक तस्वीर ली, जिसमें बाढ़ का पानी त्रिशूली बाजार की ओर बढ़ता दिख रहा था। इसके महज दो मिनट बाद 9.38 बजे ली गई दूसरी तस्वीर में पूरा त्रिशूली बाजार बाढ़ में बह चुका था। यानी तबाही की रफ्तार इतनी तेज थी कि दो मिनट में पूरा मंजर बदल गया। विपक्ष ने चीन के सैटेलाइट सिस्टम पर उठाए सवाल नेपाली कांग्रेस के उपनेता अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि चीन का सैटेलाइट सिस्टम ग्लेशियरों की निगरानी करता है। इसलिए चीन को खतरे की सूचना समय रहते देनी चाहिए थी। इसी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि बाढ़ की चेतावनी स्थानीय प्रशासन और लोगों तक सही समय पर क्यों नहीं पहुंची। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… नेपाल- भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ा, फिर बाढ़ का खतरा:रसुवा सहित 3 जिलों में अलर्ट नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह बताया कि भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव तेज होने की जानकारी मिली है। इसके बाद जिला प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट जारी किया गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

नेपाल बाढ़, लोगों को 7:30 बजे खतरे का पता चला:9:15 पर सरकारी SMS आया; अलर्ट में 2 घंटे देरी, वरना सैकड़ों जानें बच जातीं

नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई बाढ़ के बाद अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, चीन की ओर से रसुवा जिला प्रशासन को बाढ़ की सूचना सुबह 9 बजे मिली थी। इसके बाद सुबह 9.15 बजे नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले छह लाख लोगों को SMS अलर्ट भेजा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि उसे जिला प्रशासन से सुबह 8.40 बजे ही बाढ़ की सूचना मिल गई थी। लोगों को SMS अलर्ट सुबह 9.35 बजे भेजा गया था। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्हें दोस्तों और रिश्तेदारों से सुबह 7.30 बजे ही बाढ़ की चेतावनी मिल गई थी। शनिवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 691 पहुंच गई है। तीन हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इनमें 275 भारतीय शामिल हैं। अब तक 7,514 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें 163 विदेशी भी हैं। प्रत्यक्षदर्शी बोले- सुबह 7.30 बजे जानकारी मिल गई थी त्रिशूली निवासी 36 साल के रमेश रिजाल के मुताबिक, चीन बॉर्डर के पास रहने वाले उनके एक दोस्त ने सुबह 7.30 बजे फोन कर भयानक बाढ़ आने की जानकारी दी थी। रिजाल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वे बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी करते रहे। सुबह 9.20 बजे उन्होंने अपने नए घर के निर्माण का वीडियो भी बनाया। इसके बाद अफरातफरी मचने पर परिवार के साथ सुरक्षित जगह चले गए। त्रिभुवन सेकेंडरी को-एजुकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बताया कि एक सहकर्मी को नदी के ऊपरी इलाके से बाढ़ की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने स्कूल की घंटी लगातार बजाने का निर्देश दिया। स्कूल में करीब 1,600 स्टूडेंट्स हैं। दवाड़ी के मुताबिक, उनकी आंखों के सामने स्कूल बाढ़ में बह गया, हालांकि बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। भूकंप जैसे झटकों के 13 मिनट बाद नदी का डेटा सिस्टम बंद मौसम विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को सुबह 8.37 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 4.4 तीव्रता के भूकंप जैसे झटके आए थे। इसके 13 मिनट बाद सुबह 8.50 बजे भोटे कोशी नदी का जलस्तर मापने वाले डेटा रिसीविंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद तिब्बत के ल्हेंदे खोला नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। 9.36 बजे पानी बाजार की ओर बढ़ा, 2 मिनट में सब बह गया त्रिशूली बाजार में कबाड़ का कारोबार करने वाले बिहार मूल के जलेश्वर साहनी ने बाढ़ की तबाही की तस्वीरें खींचीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9.15 बजे रासुवागढ़ी में मौजूद उनके भाई ने फोन कर विशाल बाढ़ के आने की सूचना दी। इसके बाद साहनी परिवार के साथ पहाड़ी पर चले गए। साहनी ने सुबह 9.36 बजे एक तस्वीर ली, जिसमें बाढ़ का पानी त्रिशूली बाजार की ओर बढ़ता दिख रहा था। इसके महज दो मिनट बाद 9.38 बजे ली गई दूसरी तस्वीर में पूरा त्रिशूली बाजार बाढ़ में बह चुका था। यानी तबाही की रफ्तार इतनी तेज थी कि दो मिनट में पूरा मंजर बदल गया। विपक्ष ने चीन के सैटेलाइट सिस्टम पर उठाए सवाल नेपाली कांग्रेस के उपनेता अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि चीन का सैटेलाइट सिस्टम ग्लेशियरों की निगरानी करता है। इसलिए चीन को खतरे की सूचना समय रहते देनी चाहिए थी। इसी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि बाढ़ की चेतावनी स्थानीय प्रशासन और लोगों तक सही समय पर क्यों नहीं पहुंची। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… नेपाल- भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ा, फिर बाढ़ का खतरा:रसुवा सहित 3 जिलों में अलर्ट नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह बताया कि भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव तेज होने की जानकारी मिली है। इसके बाद जिला प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट जारी किया गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

Rashifal Today: इन मूलांक वालों के लिए पैसा कमाने के बनेंगे नए मौके! जानें आज का राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। 30 अगस्त 2026 का दिन आर्थिक मामलों में अलग-अलग मूलांक वाले लोगों के लिए अलग असर लेकर आएगा। कुछ लोगों के लिए निवेश और बचत के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है, जबकि कुछ लोगों को पैसों से जुड़े फैसले लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। बजट और निवेश की दोबारा जांच करने का अच्छा समय है। भविष्य को ध्यान में रखकर लंबी अवधि की योजना बनाएं। बेवजह की खरीदारी से बचें और पैसे को सुरक्षित रखने पर ध्यान दें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रह सकता है। आपको नई तकनीक या इनोवेशन से जुड़े निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी मिल सकती है। हालांकि, किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना आपके लिए बेहतर रहेगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना चाहिए। अपने मौजूदा निवेश और वित्तीय योजनाओं की समीक्षा करें। बाजार में होने वाले अचानक बदलाव से प्रभावित होकर कोई फैसला न लें। जरूरत पड़ने पर किसी अनुभवी वित्तीय सलाहकार की मदद लेना बेहतर हो सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक मामलों में आज सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में फायदा दे सकता है। कारोबार या खुद का काम करने वालों को सहयोग मिल सकता है। अगर कोई पुराना कर्ज चुकाने की योजना है तो उस दिशा में कदम बढ़ाने का अच्छा समय है।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। निवेश से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है और कमाई के नए रास्ते भी सामने आ सकते हैं। हालांकि, खर्च करते समय सावधानी रखें। दोस्तों या सहयोगियों की अच्छी सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में थोड़ा सतर्क रहना होगा। निवेश या कारोबार में ऐसा मौका मिल सकता है जिसमें फायदा कम और नुकसान का खतरा ज्यादा हो। इसलिए जोखिम समझे बिना पैसा न लगाएं। बड़े लेन-देन से बचना और बजट पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति अच्छी रह सकती है। आपकी समझदारी और सही विश्लेषण से निवेश से जुड़ा फैसला बेहतर हो सकता है। किसी भी अवसर पर तुरंत फैसला लेने के बजाय उसके सभी पहलुओं को समझें। मेहनत का फायदा मिलने और आर्थिक परेशानी कम होने के संकेत हैं।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सुधार का दिन है। निवेश के लिए समय अनुकूल हो सकता है, लेकिन फैसला सोच-समझकर ही लें। बचत बढ़ाने के नए तरीके खोजें और गैर-जरूरी खर्च कम करें। परिवार या दोस्तों के साथ आर्थिक योजनाओं पर चर्चा करना भी फायदेमंद हो सकता है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है, जिससे बजट बिगड़ सकता है। इसलिए गैर-जरूरी चीजों पर पैसे खर्च न करें और किसी नए निवेश में जल्दबाजी न करें। अपने बजट की समीक्षा करना आज आपके लिए जरूरी रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

आजीविका मिशन की सहायता से सालाना ढाई लाख कमा रहीं मजदूर रहीं सोनभद्र की निर्मला

आजीविका मिशन की सहायता से सालाना ढाई लाख कमा रहीं मजदूर रहीं सोनभद्र की निर्मला

Sonbhadra Nirmala Success Story

Sonbhadra Nirmala Success Story: प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार राज्यव्यापी स्तर पर आजीविका मिशन को मजबूती से लागू कर रही है। इन प्रयासों का ही नतीजा है कि अब आदिवासी और पिछड़े अंचल की महिलाएं उद्यमी बन रही हैं। सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज ब्लॉक के बिचपई गांव की अनुसूचित जाति की निर्मला इसकी एक जीवंत मिसाल हैं। कभी परिवार का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करने वाली निर्मला अब सफल उद्यमी बन चुकी हैं।

 

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने हुनर सीखा और योगी सरकार से मिली आर्थिक मदद ने उन्हें अपने पैरों पर खड़ा कर दिया। रंग-बिरंगी डिजाइनर मोमबत्तियों से शुरू हुआ उनका सफर अब जूस, पॉपकॉर्न, गुलाब का गुलकंद, शर्बत और गाजर के मुरब्बे तक पहुंच चुका है। उनकी सालाना कमाई करीब ढाई लाख रुपये हो गई है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव की 12 से 15 महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ी हैं।

स्वयं सहायता समूह ने खोला नया रास्ता

राबर्ट्सगंज ब्लॉक के बिचपई गांव की निर्मला बीए तक पढ़ी हैं। पति-पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे वाले छह सदस्यीय परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। घर की जिम्मेदारियों के साथ उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी। बच्चों की बेहतर परवरिश और परिवार की आय बढ़ाने की कोशिश में वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहीं से उनकी जिंदगी बदलने का रास्ता खुला। मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया और अपने हुनर को कारोबार में बदलने का निर्णय लिया।

60 हजार की सीड मनी से शुरू हुआ उद्यम

उद्यमिता विकास परियोजना की टीम ने निर्मला के प्रयास को देखते हुए 60 हजार रुपए की सीड मनी (प्रारंभिक सहायता राशि) उपलब्ध कराई। इससे उन्होंने अलग-अलग डिजाइन की मोमबत्तियों के सांचे खरीदे। दीपावली और अन्य त्योहारों पर मोमबत्तियां बनाकर उनकी बिक्री शुरू की। मांग बढ़ने पर इसे नियमित कारोबार बना लिया। खादी ग्रामोद्योग विभाग के सहयोग से पॉपकॉर्न मशीन मिली तो आमदनी का एक और जरिया जुड़ गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से दो माह का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने गुलाब से गुलकंद, शर्बत और गाजर का मुरब्बा बनाना भी सीख लिया। अब मौसम के अनुसार इनका उत्पादन करती हैं। फूल, पेड़ और दूसरी सजावटी आकृतियों वाली उनकी रंगीन मोमबत्तियां बाजार में अपनी जगह बना रही हैं। उनका अगला लक्ष्य उत्पादों को ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाना है।

Sonbhadra Nirmala Success Story

गांव की महिलाओं में भी जाग रहा आत्मविश्वास

निर्मला की सफलता का असर गांव की दूसरी महिलाओं पर भी पड़ा है। उनके उद्यम से प्रेरित होकर गांव की 15 महिलाएं काम से जुड़ने और अपना रोजगार शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। पिछड़े और आदिवासी बहुल बिचपई में यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिन महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी सीमित थी, वे अब स्वयं सहायता समूहों के जरिए कारोबार की ओर कदम बढ़ा रही हैं। निर्मला बताती हैं कि पहले महिलाएं घर और घूंघट तक सीमित रहती थीं। अब वे बाहर निकलकर काम कर रही हैं। आमदनी बढ़ने से बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने का रास्ता खुला है। कभी लोगों से बात करने में झिझकने वाली निर्मला अब आत्मविश्वास से अपने कारोबार की बात करती हैं। उनके पति भी उद्यम को आगे बढ़ाने में साथ दे रहे हैं।

पूरे प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बना रहा आजीविका मिशन

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से पूरे प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़कर महिलाएं प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग के सहारे अपने उद्यम खड़े कर रही हैं। निर्मला की कहानी इसी व्यापक बदलाव की एक तस्वीर है, जहां कभी मजदूरी परिवार की मजबूरी थी और आज अपना कारोबार उसकी आर्थिक ताकत बन गया है।

PPF Vs SSY: हर महीने ₹5000 निवेश करें तो पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना में कितना पैसा बनेगा? जानिए पूरा हिसाब

PPF Vs SSY: अपनी बेटी के हायर एजुकेशन, शादी या दूसरी लंबे समय की फाइनेंशियल जरूरतों के लिए बचत की शुरुआत करते समय माता-पिता के मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि पैसा कहां निवेश किया जाए। सरकार द्वारा समर्थित पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दो सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित विकल्प हैं। हालांकि इनकी एलिजिबिलिटी, इंट्रेस्ट रेट, मैच्योरिटी और समय से पहले पैसे निकालने के नियमों के मामले में दोनों योजनाएं एक-दूसरे से काफी अलग हैं।

वर्तमान में सुकन्या समृद्धि योजना 8.2 प्रतिशत का हायर इंट्रेस्ट रेट देती है। वहीं पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। हालांकि सुकन्या योजना में मिलने वाला अधिक रिटर्न सख्त विड्रॉल नियमों के साथ आता है जबकि पीपीएफ में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी कहते हैं कि पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना दोनों ही सरकार के सपोर्ट से चलने वाली बचत योजनाएं हैं, लेकिन उनकी एलिबिलिटी, टेन्योर, इंट्रेस्ट रेट और निकासी के नियम अलग-अलग हैं। ये बातें उन्हें अलग-अलग बचत जरूरतों के हिसाब से बनाते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सही ऑप्शन का चुनाव बच्ची की उम्र, निवेश की समयसीमा और इस बात पर निर्भर करता है कि आप बेटी के भविष्य के लिए इन्वेस्ट करना चाहते हैं या आपका लॉन्ग टर्म गोल कुछ और है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): ज्यादा इंट्रेस्ट पर विड्रॉल के नियम सख्त

सुकन्या समृद्धि योजना का खाता 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए खोला जा सकता है। यह अकाउंट ओपन होने के डेट से 21 साल में मैच्योर होता है। इसमें सिर्फ शुरुआती 15 वर्षों तक ही कंट्रीब्यूशन करना होता है। अभी इस योजना पर 8.2 प्रतिशत की दर से इंट्रेस्ट दिया जा रहा है।

यह योजना उन माता-पिता के लिए ज्यादा बेहतर है जो अपनी बेटी के भविष्य के लिए फोकस होकर फंड बनाना चाहते हैं।

पैसे निकालने के नियम: SSY से आप जब चाहें तब पैसे नहीं निकाले जा सकते। नियम के मुताबिक बच्ची के 18 वर्ष का होने के बाद हायर एजुकेशन के खर्चों के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में मौजूद बैलेंस का 50 फीसदी तक आंशिक रूप से निकालने की अनुमति देते हैं। यह रकम एक बार में या कुछ वर्षों की किश्तों में ली जा सकती है।

समय से पहले खाता बंद करना: बच्ची के 18 साल का होने के बाद शादी होने की स्थिति में खाता बंद किया जा सकता है। इसके अलावा खाताधारक की मौत या फाइनेंशियल क्राइसिस जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी शर्तों के तहत समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): इन्वेस्टमेंट में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी के लिए पीपीएफ की शुरुआती मैच्योरिटी अवधि 15 साल की होती है। इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें फिक्स्ड टेन्योर के बाद लोन और पार्टिशयस विड्रॉल की सुविधा मिलती है।

खाता खोलने के वर्ष के अंत से 5 साल पूरे होने के बाद कुछ खास परिस्थितियों या वजहों से पीपीएफ खाते को समय से पहले बंद किया जा सकता है, जैसे-

खाताधारक, जीवनसाथी, बच्चों या आश्रित माता-पिता की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए।

खाताधारक या उनके बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए (प्रवेश का प्रमाण पत्र देने पर)।

खाताधारक की निवास स्थिति में बदलाव होने पर।

यह सुविधा उन माता-पिता के लिए फायदेमंद है जो अपनी बेटी के लिए बचत तो करना चाहते हैं लेकिन उस पैसे को सिर्फ उसी के खर्चों से पूरी तरह बांधकर नहीं रखना चाहते।

PPF VS SSY कैलकुलेशन: हर महीने ₹5000 के निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?

अगर आप PPF और SSY दोनों में हर महीने ₹5000 (यानी ₹60000 सालाना) इन्वेस्ट करते हैं तो मौजूदा इंट्रेस्ट रेट पर ही कैलकुलेट किया जाए तो भी दोनों की मैच्योरिटी पर बड़ी फर्क देखने को मिलता है। पहले बात करते हैं पीपीएफ की। अगर आप हर महीने ₹5000 डालते हैं तो 15 साल में आप कुल 9 लाख रुपये जमा करेंगे। 7.1 फीसदी के इंट्रेस्ट रेट के हिसाब से आपको 7 लाख 27 हजार के करीब ब्याज मिलेगा। 15 साल बाद आपकी कुल मैच्योरिटी राशि ₹1627284 हो जाएगी.

अगर आप सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में अपनी बेटी के लिए हर महीने ₹5000 जमा करते हैं, तो 8.2 प्रतिशत की वर्तमान ब्याज दर के आधार पर आपको काफी अधिक रिटर्न मिलेगा। इस योजना के नियमानुसार आपको सिर्फ शुरुआती 15 सालों तक ही पैसे जमा करने होते हैं। इससे आपकी कुल जमा राशि 9 लाख रुपये ही रहेगी. हालांकि खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष में मैच्योर होने की वजह से अगले 6 वर्षों तक आपकी जमा राशि पर ब्याज जुड़ता रहेगा। इस तरह 21 साल की मैच्योरिटी पूरी होने पर आपको करीब ₹18 लाख 71 हजार का सिर्फ इंट्रेस्ट मिलेगा और आपकी कुल मैच्योरिटी 27 लाख 71 हजार से ज्यादा हो जाएगी।

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कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सही है?

अगर आपका एकमात्र उद्देश्य अपनी बेटी के भविष्य के लिए एक बड़ा और डेडिकेटेड फंड तैयार करना है, तो उच्च ब्याज दर (8.2%) की वजह से सुकन्या समृद्धि योजना अधिक फायदेमंद है। अगर आप उच्च ब्याज दर के बजाय निवेश में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और इमरजेंसी में पैसे निकालने की सुविधा चाहते हैं, तो पीपीएफ ज्यादा बेहतर विकल्प है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Weekly Report: सोने और चांदी में हफ्ते के आखिर में तेज गिरावट, सोना 3% फिसला

Gold Silver Weekly Report: सोने के लिए यह हफ्ता अच्छा नहीं रहा। चांदी में भी इस हफ्ते गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच है। 28 अगस्त को फेड चेयरमैन ने साफ कर दिया कि फिलहाल उनका फोकस इनफ्लेशन को कंट्रोल करने पर होगा। इसका असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा।

24 अगस्त को सोना 4700 डॉलर के करीब पहुंच गया था

सोना इस हफ्ते मंगलवार यानी 24 अगस्त को तीन महीने के सबसे ऊंचे लेवल 4,696 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी 28 अगस्त को स्पॉट गोल्ड 3.18 फीसदी गिरकर 4,454 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी 27 अगस्त को करीब 69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। 28 अगस्त को यह 4.48 फीसदी गिरकर 66 डॉलर पर आ गई।

फेड चेयरमैन की स्पीच से सोने और चांदी में तेज गिरावट 

शुक्रवार की गिरावट से पहले इस हफ्ते सोने और चांदी में अच्छी तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका में बॉन्ड यील्ड को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार की तरफ से उपाय का ऐलान डिबेसमेंट ट्रेड था। लेकिन, फेड चेयरमैन की स्पीच से सोने और चांदी की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लग गया। अमेरिका में जुलाई में पर्सनल कंजमप्शन एक्सपेंडिचर इनफ्लेशन 3.7 फीसदी पर रहा।

दिल्ली सर्राफा बाजार में भी फिसला सोना 

दिल्ली सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में 28 अगस्त को गिरावट आई। सोना 3,300 रुपये गिरकर 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह दिल्ली में सोने की कीमतों में गिरावट का लगातार तीसरा दिन था। इस हफ्ते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतेंत 4,700 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरी हैं। 25 अगस्त को दिल्ली में सोना 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था।

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सोने की कीमतों पर मुनाफा वसूली का भी असर 

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस हफ्ते कीमतों में तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने पर पड़ा। डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। घरेलू बाजार में बुलियन की कीमतों पर सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी कम होने की चर्चा का भी असर पड़ा।

Ashoka Buildcon को RVNL से मिला ₹602 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब 31 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

Ashoka Buildcon Shares: दिग्गज सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी अशोक बिल्डकॉन को रेलव विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से ₹602.16 करोड़ (जीएसटी मिलाकर) का एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी आज 29 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। ऐसे में अशोका बिल्डकॉन के शेयरों पर इसका असर सोमवार 31 अगस्त को मार्केट खुलने पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.22% की गिरावट के साथ ₹112.70 पर बंद हुआ है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 4 नवंबर 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹214.35 पर था जिससे 4 महीने में यह 52.88% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹101.00 पर आ गया था।

कैसा ऑर्डर मिला है Ashoka Buildcon को RVNL से?

अशोक बिल्डकॉन को रेल विकास निगम लिमिटेड से उत्तराखंड में बन रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन की चार सुरंगों के लिए ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर प्रोजेक्ट के E-4 पैकेज के तहत आने वाली सुरंगों T-13, T-14, T-15 और T-16 से जुड़ा है। इसके तहत कंपनी को सुरंगों के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करना है। इनमें सब-स्टेशन, हाई-टेंशन और लो-टेंशन केबल, डीजल जनरेटर सेट, लाइटिंग, यूपीएस सिस्टम, वेंटिलेशन और फायर-फाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी को 30 महीने के भीतर यह कॉन्ट्रैक्ट पूरा करना है। इसके अलावा कंपनी को रेल विकास निगम के पास ₹25.51 करोड़ की परफॉरमेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी। इसमें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड दो साल है यानी काम पूरा होने के बाद दो साल तक तय शर्तों के अनुसार किसी कमी या खराबी की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी।

ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का

इस महीने की शुरुआत में अशोक बिल्डकॉन ने आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से महाराष्ट्र में एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट में सालाना लगभग ₹126.5 करोड़ का ट्रांसमिशन चार्जेज है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सकोली सबस्टेशन बनाया जाएगा। इस कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है और इसके बाद 35 वर्षों तक O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) का काम संभालना है।

इससे पहले जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ था। इसमें तिमाही के बाद मिले ₹451 करोड़ के ऑर्डर शामिल नहीं हैं। ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का था, जिसमें रोड ईपीसी ₹6,783 करोड़ और रोड एचएएम ₹1,519 करोड़ है और कुल मिलाकर ये ऑर्डर बुक का करीब 54.5% हिस्सा हैं। रेलवे के ₹1,346 करोड़ के ऑर्डर्स को मिलाकर सड़क और रेलवे कंपनी का ऑर्डर बुक का करीब 63% हिस्सा हैं। ऑर्डर बुक में ₹5,066 करोड़ यानी 33.2% हिस्सा पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन तो ₹536 करोड़ यानी 3.5% हिस्सा बिल्डिंग ईपीसी की है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।