Commodity News : वित्त वर्ष 2026 में भारत का इलायची निर्यात तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 43.6 करोड़ डॉलर पर रहा

Commodity News : कॉमर्स मिनिस्ट्री के ताजे आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट 43.68 करोड़ डॉलर पर रहा है। यह आंकड़ा 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर पर रहा था। इसका मतलब है कि 2023-24 के मुकाबले 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-26 में साबुत इलायची का निर्यात में 43.68 करोड़ डॉलर रहा। जबकि 2024-25 में यह 20.12 करोड़ डॉलर और 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर रहा था।

खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से बढ़ी मांग

मात्रा के हिसाब से देखें तो 2025-26 में साबुत इलायची का एक्सपोर्ट बढ़कर 16,399 टन हो गया। जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 7,674 टन और 2023-24 में 7,083 टन रहा था। कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि एक्सपोर्ट में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से प्रीमियम मसालों की बढ़ती ग्लोबल मांग,बेहतर क्वालिटी का प्रोडक्शन और विदेशी खरीदारों के बीच भारतीय इलायची की बढ़ती पसंद का पता चलता है। इसकी खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से है दुनिया भर में मांग बढ़ी है।

इन देशों को होता है सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट

भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट मुख्यत: UAE ($135.22 मिलियन),सऊदी अरब ($125.16 मिलियन),बांग्लादेश ($47.71 मिलियन),कुवैत ($20 मिलियन),इराक ($13.71 मिलियन)और मलेशिया ($8.48 मिलियन) को होता है। नीदरलैंड,ऑस्ट्रेलिया,बहरीन,कनाडा,चीन,मिस्र और ईरान जैसे देश भी भारत से यह मसाला इम्पोर्ट करते हैं।

भारत में दो तरह की इलायची का होता है उत्पादन

भारत में इलायची की खेती मुख्य रूप से दो किस्मों में बंटी हुई है। छोटी इलायची,जो दक्षिणी पश्चिमी घाट में उगाई जाती है और बड़ी इलायची जिसकी खेती हिमालय के निचले उत्तर-पूर्वी इलाके में की जाती है।

इलायची के कुल उत्पादन में केरल की 56-58% हिस्सेदारी

केरल देश में छोटी इलायची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है,जो कुल उत्पादन का 56-58% से ज्यादा हिस्सा प्रोड्यूस करता है। केरल के मुख्य इलायची उत्पादक जिलों में इडुक्की,वायनाड और पलक्कड़ शामिल हैं।

इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है,जहां इसकी खेती कूर्ग,हासन और चिकमगलूर में होती है। तमिलनाडु इसके उत्पादन में तीसरे नंबर पर आता है। जहां इसकी खेती मुख्य रूप से नीलगिरि,पलानी और पुलनी की पहाड़ियों में की जाती है।

 ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है बड़ी इलायची

बड़ी इलायची,जिसका इस्तेमाल अक्सर आयुर्वेदिक दवाओं और मजेदार मसालों के मिश्रण में किया जाता है,मुख्य रूप से सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है।

भारत में इलायची की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इसे एक नगदी फसल के तौर पर भी उगाया जाता है। इसकी खेती के जरिए देश के किसान बंपर कमाई कर रहे हैं। इलायची की मांग देश के अलावा विदेश में भी है। इलायची का इस्तेमाल भोजन,कन्फेक्शनरी,पेय पदार्थों को बनाने के दौरान किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग मिठाई में खुशबू के लिए भी किया जाता है।

 

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रोहित के संन्यास की खबरों को देख अश्विन को याद आई अपनी बेईज्जती (Video)

रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों और अटकलों को सुनकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन को अपनी बेईज्जती याद आ गई जब चयनकर्ताओं ने बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान उनको यह इशारा कर दिया था कि वह अब उनसे आगे बढ़ना चाहते हैं।

रविचंद्रन अश्विन ने चयनकर्ताओँ और टीम प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा”अगर चयनकर्ताओँ रोहित शर्मा से आगे बढ़ना चाहते थे, तो उन्हें 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद उनसे यही कहना चाहिए था। अब 2026 में ऐसा करना बहुत गलत है, जबकि  विश्व कप बहुत करीब है, जहाँ रोहित शर्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

अगर इन 2 खिलाड़ियों में से किसी को भी ऐसा नहीं लगता कि उन्हें चुना जा रहा है, तो वे अपना उतकृष्ट प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे और उन्हें वहाँ होने पर बहुत बुरा लगेगा।”वह इस खेल के लेजेंड हैं और संवाद बेहतर हो सकता था। मेरे साथ भी जब संवाद हुआ था तो बहुत बुरा लगा था। लेकिन ठीक है यह जीवन है।”

क्या हुआ था अश्विन के साथ

भारत के लिए 537 टेस्ट विकेट लेने वाले अनुभवी ऑफ स्पिनर अश्विन पर वाशिंगटन सुंदर को पर्थ में पहले टेस्ट के लिए चुना गया था जबकि एडीलेड में गुलाबी गेंद के टेस्ट में उन्हें खेलने का मौका मिला।हालांकि अश्विन को ‘गाबा’ में तीसरे टेस्ट के लिए फिर से एकादश से बाहर किया गया और इस बार रविंद्र जडेजा को खेलने का मौका मिला।

 

रविचंद्रन ने कहा कि परिवार कुछ समय से अश्विन के संन्यास की उम्मीद कर रहा था क्योंकि उनका ‘अपमान हो रहा था’, हालांकि उन्होंने इसकी सटीक प्रकृति का खुलासा नहीं किया।

Bank Holiday Alert: क्या 17 जुलाई को देश भर में बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI की हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday Today on 17 July 2026: अगर आप कल यानी 17 जुलाई को बैंक ब्रांच जाकर पैसे जमा करने, चेक क्लियर कराने या लोन से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 17 जुलाई को देश के एक खास राज्य में बैंकों की छुट्टी घोषित की गई है।

ऐसे में ग्राहकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए यह जान लेना जरूरी है कि उनके शहर या राज्य में बैंक खुले हैं या बंद। आइए जानते हैं कि कल कहां बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

17 जुलाई को किस राज्य में बंद रहेंगे बैंक और क्यों?

आरबीआई (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 17 जुलाई को मेघालय राज्य में बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया गया है.

छुट्टी का कारण: मेघालय में स्वतंत्रता सेनानी ‘यू तिरोत सिंग’ की पुण्यतिथि मनाई जाती है।

कौन-से बैंक रहेंगे बंद: मेघालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक सहित सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की शाखाएं आज बंद रहेंगी।

कौन थे यू तिरोत सिंग?

यू तिरोत सिंग 19वीं सदी की शुरुआत में मेघालय की खासी पहाड़ियों (Khasi Hills) के एक आदिवासी राजा और देश के वीर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।

क्या आपके शहर में खुले हैं बैंक?

अगर आप मेघालय को छोड़ दें, तो देश के अन्य सभी राज्यों और प्रमुख शहरों जैसे- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ आदि में आज बैंक पूरी तरह से खुले हैं और वहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा है। इसलिए बाकी राज्यों के ग्राहकों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

आज यानी 16 जुलाई, गुरुवार को ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में रथ यात्रा और हरेला त्योहार के चलते बैंकों में छुट्टी थी, लेकिन आज वहां भी बैंक खुल चुके हैं।

ब्रांच बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही मेघालय में आज बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन ग्राहकों की सहूलियत के लिए सभी वैकल्पिक और डिजिटल बैंकिंग चैनल 24 घंटे काम कर रहे हैं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स के जरिए फंड ट्रांसफर हमेशा की तरह चालू रहेगा। आप UPI और ATM का इस्तेमाल कर सकते हैं। चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, नया खाता खोलना या लॉकर से जुड़े काम जो सिर्फ ब्रांच जाकर होते हैं, वे अगले कार्यदिवस पर ही संभव हो पाएंगे।

भारत-अमेरिका डील से बढ़ सकती है देश की इकोनॉमी की ग्रोथ: सुरजीत भल्ला

दुनिया के दूसरे देशों की तरह भारत ने पश्चिम एशिया संकट का सामना किया है। अब अमेरिका के साथ व्यापार समझौता भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ की रफ्तार बढ़ा सकता है। मशहूर अर्थशास्त्री और आईएमएफ के पूर्व एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सुरजीत भल्ला ने यह अनुमान जताया है। मनीकंट्रोल की श्वेता पुंज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका से ट्रेड डील के फायदों के साथ ही इंडियन इकोनॉमी के बारे में कई अहम बातें बताईं।

पश्चिम एशिया क्राइसिस का भारत की ग्रोथ पर ज्यादा असर नहीं

पश्चिम एशिया में जारी टेंशन के बारे में उन्होंने कहा कि मैंने कई बार कहा है कि दुनिया बदल चुकी है। अमेरिका की ग्रोथ बहुत अच्छी है। उसने सबको हैरान किया है। फिर लड़ाई शुरू हो गई। यहां तक कि यूरोप की भी ग्रोथ अपनी रफ्तार से चल रही है। अब सवाल है कि दुनिया में किस देश की अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है? हमें इस बारे में सोचना होगा। अगर उन्हें (अमेरिका-यूरोप) नुकसान उठाना पड़ा है और हमें नुकसान नहीं हुआ है तो इसका मतलब यह है कि इस लड़ाई का हमारे ग्रोथ रेट पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

भारत में इकोनॉमी की ग्रोथ में घरेलू कंजम्प्शन की बड़ी हिस्सेदारी

भल्ला ने कहा कि इसकी वजह यह है कि हमारी ग्रोथ में ज्यादा योगदान घरेलू कंजम्प्शन का है, जो दूसरे देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है। विकासशील देशों में निवेश ज्यादा देखने को मिलता है। लेकिन, मेरा मानना है कि हर व्यक्ति इस बात से हैरान है कि पश्चमि एशिया संकट का ग्रोथ और इनफ्लेशन पर असल में असर नहीं पड़ा है। पहले ऑयल की कीमतों में उछाल का इनफ्लेशन पर ज्यादा असर पड़ा था। यही बात ग्रोथ के मामले में भी लागू होती है। सरकारें ऑयल की सप्लाई का रास्ता निकाल रही हैं।

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अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से बढ़ेगी ग्रोथ 

अमेरिका, यूनाइटेड किंग्डम से ट्रेड डील के बारे में उन्होंने कहा अमेरिका से व्यापार समझौते के कई फायदे हैं। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है। यह व्यापार और निवेश का समझौता है। हालांकि, हमने ईयू और यूके के साथ जो व्यापार समझौते किए हैं, उनमें निवेश का कोई प्रावधान नहीं है। ईयू दुनिया के सबसे ज्यादा रेगुलेटेड इकोनॉमीज में से एक है। यूके छोटा है। उसके बाद हमने न्यूजीलैंड से डील की। लेकिन, मेरा मानना है कि अमेरिका के साथ हमारा व्यापार और निवेश का समझौता सबसे अहम है। यह इंडियन इकोनॉमी की की कई समस्याएं दूर करेगा।

Scooter industry posts best-ever first-half sales in 2026

graphic showing the activa, jupiter, and access

India’s scooter industry has delivered its strongest-ever first-half (H1) performance, with wholesales of 44.2 lakh units – up 33 percent year on year (YoY) and 11 lakh units higher than in the same period of 2025. Monthly sales crossed the 7 lakh-unit mark in five of the six months, with April being the only exception. At this pace, the segment is on course to surpass 90 lakh annual units for the first time in a calendar year.

  1. Scooter wholesales reach 44.2 lakh units in H1 2026
  2. Segment on course to cross 90 lakh units in CY2026

India scooter sales H1 2026: OEM breakdown

Honda Motorcycle & Scooter India

16.2 lakh units

Market leader Honda maintained its position with 16.2 lakh scooter dispatches, up 32 percent year-on-year, giving it a 37 percent market share as the Activa and Dio continued to drive volumes. Honda’s electric scooter sales, comprising the Activa e: and QC1, contributed 2,100 units in the first half, down 4 percent year-on-year. Honda’s share of the scooter market has fallen significantly over the past decade, from 57 percent in FY2017 to 37 percent today, as TVS and other manufacturers have gained ground.

TVS Motor Co

12.6 lakh units

TVS dispatched 12.6 lakh scooters in H1 2026, up 32 percent year-on-year. Its ICE scooters, led by the Jupiter, NTorq and Zest, contributed 10.24 lakh units (up 26 percent), while the electric iQube and Orbiter added 2.41 lakh units (up 66 percent). EVs now account for 19 percent of TVS’s scooter sales, up from 15 percent a year ago.

Suzuki Motorcycle India

5.95 lakh units

Suzuki dispatched 5.95 lakh scooters, up 11 percent year-on-year, although its market share fell to 13 percent from 16 percent as the broader market expanded at a faster pace. The Access 125 remained the brand’s volume leader, ahead of the Burgman Street and Avenis. The e-Access contributed 3,390 wholesale units in H1 2026, while retail sales stood at 2,042 units.

Hero MotoCorp

3.46 lakh units

Hero MotoCorp posted the strongest growth among the larger manufacturers, with 3.46 lakh scooter dispatches – up 72 percent year-on-year. ICE scooters contributed 2.44 lakh units (up 54 percent), while the Vida electric range added 1.02 lakh units (up 136 percent). Hero’s EV penetration has risen sharply, with Vida now accounting for 30 percent of its scooter sales, compared to 21 percent in H1 2025.

Bajaj Auto

2.07 lakh units

Bajaj Auto dispatched 2.07 lakh scooters, up 53 percent year-on-year, of which 2.04 lakh were Chetak electric scooters and 2,850 were Yulu e-bikes. Bajaj’s overall scooter market share edged up to around 5 percent from 4 percent a year ago.

India Yamaha Motor

1.89 lakh units

Yamaha posted 39 percent growth with 1.89 lakh scooter dispatches, with the Fascino and RayZR accounting for 1.75 lakh units of that total. The Aerox grew 15 percent to 12,590 units. Yamaha also dispatched 678 EC-06 electric scooters between March and June, before launching the Aerox-E earlier this month.

Ather 

1.64 lakh units

Ather Energy dispatched 1.64 lakh scooters, up 67 percent year-on-year, taking its share of the overall scooter market to 4 percent from 3 percent a year ago. The Rizta remained the company’s key volume driver alongside the 450 range. Ather recently became the fourth Indian EV manufacturer to cross 7 lakh cumulative retail sales.

Other manufacturers

Piaggio Vehicles (Aprilia and Vespa) dispatched 19,162 units, up 27 percent year-on-year. River Mobility, which became a SIAM member during the year, dispatched 11,569 River Indie scooters in the April-June quarter alone, including its highest-ever monthly wholesale of 5,217 units in June.

Dope Test में +ve आने पर इस पाकिस्तानी ऑलराउंडर पर लगा 3 महीने का बैन

अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर आईसीसी की एंटी डोपिंग कोड का उल्लंघन करने के लिए तीन महीने का प्रतिबंध लगाया है। आईसीसी ने यह कार्यवाही इस साल के शुुरुआत में हुए टी-20 विश्वकप में के दौरान एक प्रतिबंधित दवा की जांच में पॉजीटीव आने के कारण की है।

32 साल के नवाज ने श्रीलंका में पाकिस्तान के सभी सात मैचों में हिस्सा लिया था, जहां टीम सुपर-8 स्टेज से बाहर हो गई थी, इन मैचों में उन्होंने 15 रन बनाए और सात विकेट लिए। नवाज ने सरे के साथ करार करने पर सहमति जताई थी, और उन्हें पूरे ब्लास्ट टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध रहना था, जो 26 मई से 18 जुलाई तक चलना था।इंग्लैंड में होने वाले टी-20 ब्लास्ट के लिए सरे टीम में शामिल होने का नवाज का करार टूट गया है।

उनका टेस्ट एक ‘Recreational Drug’ (नशे वाली दवा) के इस्तेमाल के लिए पॉजिटिव आया है।नवाज ने पाकिस्तान के लिए 98 टी-20 मैच खेले हैं।

पीसीबी ने पहले घोषणा की थी कि नवाज को ब्लास्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया गया है, और सरे ने इस हफ़्ते उनके टीम में शामिल होने की घोषणा करने की योजना बनाई थी। लेकिन यह करार टूट गया, और नवाज क्लब में शामिल नहीं सके। सरे ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

एटिंकसन ने किया हार्दिक पांड्या जैसा काम,नहीं होने दिया जो रुट का शतक

दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाज का अर्धशतक या शतक रोकने में हार्दिक पांड्या मशहूर है। कल कुछ ऐसा ही काम इंग्लैंड के गस एटिंकसन ने किया। 99 पर नाबाद खड़े जो रूट का उन्होंने शतक नहीं होने दिया। पहले उन्होंने गुरुनूर बराड़ की अंतिम गेंद पर एक रन लिया और फिर अगले ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर चौका मार कर इंग्लैंड को दूसरे एकदिवसीय मैच में भारत के खिलाफ जीत दिला दी।

हालांकि मैन ऑफ द मैच बने जो रूट इस बात से ज्यादा आहत नहीं है। रूट शतक नहीं बना सके लेकिन उन्होंने कहा कि भारत जैसी शीर्ष वनडे टीम के खिलाफ जीत अधिक संतोषजनक है और उनका मानना है कि इससे निर्णायक मैच में इंग्लैंड का पलड़ा भारी होगा।उन्होंने कहा ,‘‘ अगर हम हार जाते तो बहुत बुरा लगता। हम जीतने के लिये ही खेलते हैं। अब हमारे पास दुनिया की नंबर एक टीम को श्रृंखला में हराने का मौका है।’’

रूट ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले घरेलू 50 ओवरों की नियमित प्रतिस्पर्धाओं के जरिये उस तरह का अनुभव नहीं मिल पा रहा जो पहले खिलाड़ियों को मिलता था।उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे लगता है कि टीम और युवा खिलाड़ियों के लिये यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।उन्होंने कहा ,‘अभी ही नहीं बल्कि आने वाले समय में भी , जो भी खिलाड़ी टीम में आयेगा उसे 50 ओवरों के क्रिकेट में उतना अनुभव या समझ नहीं होगी क्योंकि अब यह प्रारूप उतना खेला नहीं जाता है।’’

जो रूट ने पहले एकदिवसीय मैच में भी 79 रन बनाकर 106 पर 6 विकेट गंवाकर मुश्किल स्थित में पहुंच चुकी इंग्लैंड को 258 रनों तक पहुंचाया था। पहले एकदिवसीय मैच में भी वह नाबाद रहे थे। दो नाबाद पारियों के कारण वह इस सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाज बन गए हैं।  

दूसरे एकदिवसीय मैच में दूसरी ही गेंद से क्रीज पर आए जो रूट ने 133 गेंदों में 9 चौके लगाकर 99 नाबाद रन बनाए। उन्होंने जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा का मुश्किल स्पैल निकाला।

2026 Lexus ES vs rivals: Prices and specifications compared

2026 Lexus ES vs rivals price specifications compared

The new-gen Lexus ES initially went on sale in India in all-electric 500e guise a few months ago. Lexus has now launched the strong hybrid 350h version of the new ES in India as well, completing the sedan’s powertrain line-up. We compare the 2026 Lexus ES to its rivals – the Mercedes-Benz E-Class, BMW 5 Series LWB and Audi A6 – on paper to find out how the Japanese luxury sedan stacks up.

2026 Lexus ES vs rivals: Dimensions

ES is one of the longest overall, but has the second-shortest wheelbase

2026 Lexus ES dimensions compared to rivals

 ESE-Class5 Series LWBA6
Length (mm)5,1455,0825,1754,939
Width (mm)1,9201,8801,9001,886
Height (mm)1,5751,4921,5181,470
Wheelbase (mm)2,9503,0943,1052,930
Boot space (litres)377540500530
Wheel size (inches)19-21181918-19

The ES is the widest and tallest car in its segment, and the second-longest overall, falling short of the 5 Series LWB by only 30mm. However, the ES’ wheelbase is trounced by those of the E-Class and 5 Series LWB, and the Lexus sedan also has the smallest boot here. The ES hybrid does get 19-inch wheels as standard, though, beating the likes of the E-Class and A6 – only the ES EV gets 21-inchers.

2026 Lexus ES vs rivals: Powertrains and performance

ES hybrid is not as powerful as 5 Series LWB and A6

2026 Lexus ES powertrains and performance compared to rivals

 ESE-Class5 Series LWBA6
Engine/battery2.5H / 74.68kWh2.0P / 2.0D / 3.0P2.0P2.0P
Motor setupNA / Front+rearNANANA
Mild hybrid systemNA48V48V12V
Cylinder count4 / NA4 / 4 / 644
Power (hp)247 / 343204 / 197 / 381258265
Torque (Nm)235 (E)+270 (M) / 438320 / 440 / 500400370
Gearboxe-CVT / 1-speed AT9-speed AT8-speed AT7-speed DCT
Drive layoutFWD / AWDRWD / RWD / AWDRWDFWD
0-100kph time (sec)7.7 / 5.57.5 / 7.6 / 4.56.56.7
Claimed range (km)– / 580km

H: Hybrid, P: Petrol, D: Diesel

E: Engine, M: Motor

As noted previously, the ES is the only luxury sedan in its class that can be had in strong hybrid and electric guises. The 2.5-litre engine of the ES 350h is the largest 4-cylinder mill in its segment, though it’s beaten in power output by the A6 and 5 Series LWB. The ES hybrid also claims the slowest 0-100kph time in this company, but it’s worth noting that this powertrain is geared more towards fuel efficiency and ease of driving instead of outright performance.

Coming to the ES 500e EV, it’s the second-most powerful here, with the 6-cyl E450 edging ahead – the E-Class stands out as the only sedan in its segment to offer diesel and 6-cyl petrol engine options. Both the ES 500e and E450 uniquely offer AWD as well, but Lexus’ electric sedan takes a full second longer to complete the 0-100kph sprint.

2026 Lexus ES vs rivals: Price

ES hybrid carries the second-lowest price tag in its class

2026 Lexus ES price compared to rivals

 Price range (Rs, lakh)
ES hybrid66.10-71.80
ES EV89.99
E-Class81.50-95.00
5 Series LWB76.60
A664.81-71.66

The Lexus ES 350h hybrid is the second-most affordable option in its segment, beaten only by the A6. It’s worth noting, however, that the A6 currently sold in India is quite old and there’s a new-gen model available globally. Still, the ES hybrid is a whopping Rs 10.5 lakh more affordable than the 5 Series LWB, and undercuts the base E-Class by a staggering Rs 15.4 lakh. As for the ES 500e EV, its price tag can be compared with that of the top-spec E450, which costs Rs 5 lakh more.

All prices are ex-showroom, India.

बुलेट-ट्रेन प्रोजेक्ट लेट होने से जापान के पूर्व मंत्री नाराज:कहा- हमने पूरी मेहनत की लेकिन भारतीय मंत्री का रवैया खराब, उन्होंने वादा नहीं निभाया

भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारतीय मंत्री का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गए। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलते रहे। इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। ‘प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला’ माकिहारा के मुताबिक, प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला। दरअसल, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1-3 जुलाई 2026 में भारत दौरे पर आई थी। इस दौरान दोनों देशों ने 129 समझौतों का ऐलान किया था। इन समझौतों का मकसद निवेश, उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। माकिहारा ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 100% यकीन है कि इस प्रोजेक्ट के आगे न बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है। हालांकि, भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 2017 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी के पूर्व PM शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इस प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया था। दोनों शहरों के बीच 508 किमी का सफर बुलेट ट्रेन तीन घंटे में तय करेगी। अभी नॉर्मल ट्रेन से यह सफर तय करने में सात-आठ घंटे लगते हैं। रूट पर 12 स्टेशन मुंबई, ठाणे, विरार, भोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती हो सकते हैं। इनमें मुंबई स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में ₹88 हजार करोड़ जापानी निवेश मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की पहले अनुमानित लागत करीब ₹2 लाख करोड़ है। इसमें से लगभग ₹88 हजार करोड़ जापान दे रहा है। यह पैसा जापान की सरकारी एजेंसी JICA बेहद सस्ती शर्तों पर दे रही है। इस कर्ज पर सिर्फ 0.1% सालाना ब्याज लगेगा, इसे चुकाने के लिए 50 साल मिलेंगे और पहले 15 साल तक किस्त नहीं देनी होगी। जापान अब तक इस परियोजना के लिए 1,150 अरब येन (करीब ₹55 हजार करोड़) मंजूर कर चुका है। इसके अलावा वह बुलेट ट्रेन की शिंकानसेन तकनीक, ट्रेनिंग और तकनीकी विशेषज्ञता भी भारत को उपलब्ध करा रहा है। रूट का 7 किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा 508 किमी के रूट में से 351 किमी हिस्सा गुजरात और 157 किमी हिस्सा महाराष्ट्र से गुजरेगा। कुल 92% यानी 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा। मुंबई में 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। 13 किमी हिस्सा जमीन पर होगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे। शुरुआत 10 कोच वाली 35 बुलेट ट्रेनों से होगी। ये ट्रेनें रोजाना 70 फेरे लगाएंगी। एक बुलेट ट्रेन में 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। 2050 तक इन ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 105 करने का प्लान है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- सुजुकी दो-तिहाई कारें भारत में बना रही:जापान की मदद से देश में खाद के 1000 कारखाने लगेंगे; PM ताकाइची को बहन कहा भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों की दिक्कतें दूर करने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत PMO के सीनियर अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से बातचीत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…