SBI Recruitment 2026: एसबीआई में हो रही है मेडिकल ऑफिसर की भर्ती, फॉर्म भरने की लास्ट डेट 14 जुलाई से बढ़कर हुई 21 जुलाई

SBI Recruitment 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक माना जाता है। इससे जुड़ने की इच्छा ढेरों युवाओं की होगी, मगर सबको ऐसा मौका नहीं मिल पाता है। लेकिन, अभी मेडिकल क्षेत्र से जुड़े युवाओं के पास इससे जुड़ने का मौका है। एसबीआई ने बैंक मेडिकल ऑफिसर (BMO) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। खास बात यह है कि इन पदों पर भर्ती के लास्ट डेट 14 जुलाई से बढ़ा कर 21 जुलाई कर दी गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एसबीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एसबीआई इस भर्ती के जरिए देश के 14 सर्किलों में मौजूद अपनी ब्रांचों में बैंक मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति करेगा।

एसबीआई बीएमओ भर्ती 2026: जरूरी जानकारी

बैंक : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

पद : बैंक मेडिकल ऑफिसर (BMO) (मिडल मैनेजमेंट ग्रेड-II)

वैकेंसी : 35

ऑफिशियल वेबसाइट : sbi.bank.in

अप्लाई करने की लास्ट डेट : 21 जुलाई 2026

योग्यता : MMBS+ अनुभव

सैलरी : बेसिक पे ₹64820-₹93960 तक+ डीए, एचआरए, सीसीए, पीएफ, एनपीएस, एलएफसी, मेडिकल फैसिलिटी आदि सुविधाएं

चयन प्रकिया : रिटन टेस्ट , इंटरव्यू, लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट

एसबीआई बीएमओ के लिए योग्यता

शैक्षिक योग्यता : इन पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC)/राज्य मेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त कॉलेज से एमबीबीएस डिग्री होनी चाहिए। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या पोस्ट ग्रेजुएट एमडी डिग्री/एमएस या समकक्ष योग्यता वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं।

अनुभव : एनएमसी एमबीबीएस के साथ बतौर जनरल प्रैक्टिश्नर कम से कम 5 साल का अनुभव भी होना चाहिए। यह अनुभव इंटर्नशिप की अवधि से अलग होना जरूरी है। अगर पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है, तो 3 साल का अनुभव मान्य होगा।

उम्र सीमा : 31 मई 2026 को कैंडिडेड की उम्र अधिकतम 35 साल तक होनी चाहिए। ऊपरी उम्र में (ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर) को 3 साल, एससी/एसटी को 5 साल, पीडब्ल्यूबीडी को 10-15 साल तक की छूट मिलेगी।

एसबीआई मेडिकल ऑफिसर चयन प्रक्रिया

ऑनलाइन रिटन टेस्ट : रिटन टेस्ट में रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, इंग्लिश लैंग्वेज और प्रोफेशनल नॉलेज से 100 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा की अवधि 45 मिनट की होगी। यह अगले महीने अगस्त में हो सकती है।

इंटरव्यू : ऑनलाइन रिटन टेस्ट के आधार पर अभ्यर्थियों को अगले स्टेज में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यह 100 अंकों का होगा।

लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LLPT): आप जिस भी सर्किल से अप्लाई करते हैं, उससे जुड़ी भाषा में आपको लोंकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट भी क्लियर करना होगा। इसमें फेल अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए योग्य नहीं होंगे। अगर अभ्यर्थी ने 10वीं/12वीं में लोकल लैंग्वेज की पढाई की है, तो उन्हें इस टेस्ट से छूट मिलेगी।

एसबीआई मेडिकल भर्ती में कैसे अप्लाई करें?

  • आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर जाएं।
  • करियर सेक्शन में करंट ओपनिंग्स में विज्ञापन संख्या CRPD/SCO/2026-27/03 के टैब पर जाएं।
  • Apply Online के लिंक पर क्लिक करते ही आप ibpsreg.ibps.in पर पहुंच जाएंगे।
  • अगर आप यहां पहले से रजिस्टर्ड हैं, तो सीधे Login for already Registered Candidates पर क्लिक करें। नए उम्मीदवार होने पर Click here for New Registration के लिंक पर जाएं।
  • अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी की जानकारी भरकर सिक्योरिटी डालें और Save&Next करके आगे बढ़ें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉगइन करें।
  • फॉर्म में आगे की डिटेल्स ध्यान से भरें।
  • अगले चरण में फोटो और हस्ताक्षर सही साइज में स्कैन करने के बाद सही से अपलोड करें।
  • आवेदन शुल्क का भुगतान करें और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक आवेदन पत्र अपने पास सुरक्षित रख लें।

आवेदन शुल्क

एसबीआई की इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए जनरल/ईडब्लयूएस/ओबीसी अभ्यर्थियों को 750 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा। वहीं एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवार निशुल्क फॉर्म भर सकते हैं।

44 साल की उम्र में 6.5 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाकर मजे से नौकरी छोड़ रिटायर हो गया ये इंजीनियर, फिर बताया अपना फॉर्म्युला

Viral News: कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़, काम के लंबे घंटे और ऑफिस की राजनीति से परेशान होकर क्या कोई अपनी सफल नौकरी को अलविदा कह सकता है? एक 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसा ही कर दिखाया है. लेकिन उन्होंने यह कदम किसी बिना तैयारी के नहीं बल्कि 6.5 करोड़ रुपये का एक मजबूत इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाने के बाद उठाया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर My FIRE Journey: Walking Away at 44 टाइटल के साथ इस शख्स ने अपनी कहानी शेयर की है. अब उनकी ये स्टोरी टॉकिंग प्वाइंट बन गई है. इस इंजीनियर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग से रिटायर नहीं हुए हैं बल्कि कॉर्पोरेट जीवन के बर्नआउट से रिटायर हुए हैं.

My FIRE Journey: Walking Away at 44

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आइए जानते हैं कि इस टेक पेशेवर ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा फंड कैसे खड़ा किया और उनका वह सीक्रेट फॉर्म्युला क्या है जिसने उन्हें काम के दबाव से मुक्ति और आजादी की जिंदगी दी.

14 घंटे काम और खराब होती सेहत: जीवन का वो टर्निंग पॉइंट

रेडिट पोस्ट के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी हो चुकी है और उनका एक 11 साल का बेटा है. उन्होंने देश के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से अपनी यूजी और पीजी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और अपने करियर का लगभग पूरा हिस्सा स्टार्टअप कंपनियों में बिताया. कई बार तो उन्होंने कंपनी पर भरोसे के चलते महीनों तक बिना सैलरी के भी काम किया. उनकी पत्नी हमेशा से एक होममेकर रही हैं.

करियर के दौरान एक स्टार्टअप में रेफरल के जरिए शामिल होना उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना. वहां का माहौल बेहद टॉक्सिक था और हर तरफ बस ऑफिस पॉलिटिक्स चलती थी. उन्हें हफ्ते में 6 दिन और रोजाना 14-14 घंटे काम करना पड़ता था.

इस भयानक दबाव के कारण उनको नींद न आने की समस्या हो गई. वह बॉर्डरलाइन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का शिकार हो गए. आखिरकार साल 2023 में उन्होंने एक ब्रेक लिया और रुककर अपनी सेहत व अपनी वित्तीय स्थिति दोनों का बारीकी से देखा.

कैसे बना 6.5 करोड़ का यह विशाल पोर्टफोलियो?

शुरुआत में वह पैसों को लेकर बहुत अधिक अनुशासित नहीं थे और न ही FIRE (Financial Independence, Retire Early) टाइप मूवमेंट उनका कोई टारगेट था. लेकिन उनके एक सही फैसले ने उनकी किस्मत बदल दी। एक फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेने के बाद उन्होंने साल 2018 में एसआईपी के जरिए निवेश करना शुरू किया.

ESOP से मिला बड़ा बूस्ट

साल 2019 में जिस स्टार्टअप में वह काम कर रहे थे, उसका अधिग्रहण हो गया. इससे उन्हें ईशॉप के रूप में लगभग 1.4 करोड़ रुपये का पेआउट मिला. उन्होंने इस बड़ी रकम को खर्च करने के बजाय पूरी तरह इन्वेस्टेड रखा. नियमित निवेश और शेयर बाजार की शानदार ग्रोथ की बदौलत आने वाले सालों में उनका पैसा तेजी से बढ़ता चला गया.

अप्रैल 2026 में एसेट एलोकेशन कैसा था?

अप्रैल 2026 तक उनका कुल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो करीब 6.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. उन्होंने अपने इस फंड को इस तरह से बांट रखा था। पोर्टफोलियो का लगभग 60% हिस्सा शेयरों में निवेशित था. शेष 40% हिस्सा डेट फंड्स, लिक्विड इन्वेस्टमेंट्स और प्रोविडेंट फंड (PF) की सेविंग्स में फैला हुआ था.

खर्च का गणित

इंजीनियर ने बताया कि उनके परिवार का सालाना खर्च लगभग 14 लाख रुपये है और टियर 1 शहर में उनका अपना खुद का घर भी है. जब उन्होंने देखा कि उनके पास जरूरत से ज्यादा पैसा है और काम करना अब मजबूरी नहीं बल्कि एक चॉइस बन चुका है तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी.

नौकरी छोड़ने के बाद जिंदगी में आए ये बड़े बदलाव

नौकरी छोड़ने के तीन महीने बाद ही उनके जीवन में बैंक बैलेंस से परे कई चमत्कारी बदलाव देखने को मिले हैं. उनका वजन काफी कम हो गया है. उनकी नींद की समस्या दूर हो गई है और अब उनका ब्लड प्रेशर पूरी तरह से नियंत्रण में है. अब उनका रोज का रूटीन पूरी तरह बदल चुका है. वह अपना समय ध्यान करने, एक्सरसाइज करने, अपने परिवार के साथ रहने, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स पर रिसर्च करने और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में योगदान देने में बिताते हैं.

इंजीनियर ने बताए जल्दी रिटायर होने के 5 बड़े फॉर्म्युले

अपनी इस यात्रा से सीख लेते हुए उन्होंने उन लोगों के लिए कुछ जरूरी टिप्स और सबक साझा किए हैं जो जल्दी रिटायर होना चाहते हैं.

1- अपने फाइनेंशियल टारगेट तय करें: उन्होंने कहा कि काश उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अपना FIRE टारगेट तय कर लिया होता. हर व्यक्ति को पता होना चाहिए कि उसे कितनी रकम के बाद काम छोड़ना है.

2- सैलरी के लिए नेगोशिएट करें: उन्होंने अपने पूरे 20 साल के करियर में एक बार भी अपनी सैलरी के लिए नेगोशिएट नहीं किया था जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ होगा. इसलिए अपनी सैलरी को लेकर हमेशा नेगोशिएट करें.

3- लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से बचें: वह कभी भी बहुत बड़े खर्च करने वाले इंसान नहीं रहे. फिजूलखर्ची से दूर रहने के कारण उनके लिए नियमित निवेश करना बहुत आसान हो गया.

4- खुद का घर होना फायदेमंद: उन्होंने बताया कि खुद का घर होने की वजह से उन्हें किराए का भुगतान नहीं करना पड़ता था. इससे उनके मासिक खर्चे बेहद कम हो गए और रिटायरमेंट के लिए आवश्यक कुल फंड का आकार भी छोटा हो गया.

5- पारिवारिक सहयोग: वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि उनके माता-पिता और उनकी पत्नी के माता-पिता उनके बेटे की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने वाले हैं, जिससे उनका भविष्य का एक बहुत बड़ा खर्च पहले ही हट गया.

क्या वह दोबारा नौकरी करेंगे?

इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह से काम करना बंद नहीं किया है. यदि भविष्य में उन्हें कोई सार्थक और अच्छा अवसर मिलता है तो वह दोबारा काम करने पर विचार कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल वह अपने समय को अपनी शर्तों पर, अपने परिवार के साथ और कुछ नया सीखने में बिता रहे हैं.

अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर किसी यूजर द्वारा शेयर की गई सामग्री पर आधारित है. मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही वह इनका समर्थन करती है.

Ravi Pradosh Vrat 2026 Date: आषाढ़ का अंतिम प्रदोष व्रत भी होगा रविवार को, इस दिन बन रहा सर्वार्थ सिद्धि और इंद्र योग का दुर्लभ संयोग

Ravi Pradosh Vrat 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का महत्वपूर्ण स्थान है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इसमें प्रदोष काल में पूजा का विधान है। माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में महादेव अपने निवास स्थान कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में विराजमान होते हैं। इस समय मां पार्वती संग शिव परिवार का पूजन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

प्रदोष व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस समय आषाढ़ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है। इस माह का अंतिम प्रदोष व्रत रविवार के दिन रखा जाएगा, क्योंकि आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि रविवार के दिन पड़ रही है। खास बात यह है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और इंद्र योग बन रहा है। साथ ही इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र लगने से इसका महत्व और बढ़ गया है। आइए जानें आषाढ़ माह का अंतिम प्रदोष व्रत किस दिन किया जाएगा?

जुलाई का अंतिम प्रदोष 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, 26 जुलाई को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर में 1 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि की समाप्ति 27 जुलाई को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर होगी। इस व्रत में उदयातिथि की गणना नहीं होती है, प्रदोष काल का महत्व होता है। इस आधार पर जुलाई का अंतिम प्रदोष व्रत 26 जुलाई दिन रविवार को है। रविवार को होने वाले प्रदोष की वजह से यह रवि प्रदोष व्रत होगा।

रवि प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

आषाढ़ माह के अंतिम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 7 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा। यह मुहूर्त रात को 9 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगा। प्रदोष के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:16 ए एम से लेकर 04:58 ए एम तक है, वहीं अभिजित मुहूर्त ठीक दोपहर 12:00 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। निशिता मुहूर्त देर रात 12:07 ए एम से लेकर 12:49 ए एम तक है।

रवि प्रदोष व्रत में रहेगा सर्वार्थ सिद्धि और इंद्र योग का संयोग

रवि प्रदोष व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 07 बजकर 34 मिनट पर बनेगा और अगले दिन 27 जुलाई को सुबह में 05 बजकर 40 मिनट तक है। इस योग में प्रदोष व्रत की पूजा सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाली होगी। इसके अलावा प्रदोष पर इंद्र योग प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से वैधृति योग बनेगा। उस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 07 बजकर 34 मिनट तक है, उसके बाद मूल नक्षत्र होगा।

Aashadh Gupt Navratri 2026: बस 3 उपायों से प्रसन्न होंगी मां काली, मां बगलामुखी और मां मातंगी, 23 जुलाई तक चलेगा गुप्त नवरात्रि पर्व

भूजल सप्ताह 2026 : सहजन के बीज और ज्वालामुखीय पत्थर से होगी पानी की बचत, यूपी में नई पहल

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए प्रदेश में 'भूजल सप्ताह-2026' के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को भूगर्भ जल विभाग द्वारा 'जल-संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जल संरक्षण के लिए घरेलू आरओ से फिल्टर के बाद खराब होने वाले पानी को बचाने पर जोर दिया गया।

इसमें सामने आया कि मोरिंगा सीड्स (सहजन के बीज) और स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक (छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय पत्थर) मददगार साबित हो सकता है। जल्द ही इस पर और शोध कर प्रोटोटाइप तैयार करने व उसकी टेस्टिंग, प्रक्रिया के तहत करने की सहमति भी बनी।

 

'भूजल सप्ताह-2026' के तहत 'जल-संवाद' कार्यक्रम की अध्यक्षता भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने की। इस दौरान प्राकृतिक और कम लागत वाली जल शोधन तकनीकों पर भी चर्चा हुई। जहां सहजन के बीज और छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय पत्थर के उपयोग से पानी शुद्ध करने की तकनीक प्रस्तुत की गई। इसके जरिए आरओ सिस्टम से खराब होने वाला लाखों लीटर पानी बचाया जा सकेगा। भूगर्भ जल विभाग ने इस विजन का स्वागत करते हुए आगे शोध व आगामी संभावनाओं में दिलचस्पी व्यक्त की। 

 

इस तरह उपयोगी हो सकता है मोरिंगा सीड्स, स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक

स्कोरिया वॉल्केनिक रॉक (छिद्रयुक्त ज्वालामुखीय पत्थर) और मोरिंगा (सहजन के बीज) प्राकृतिक जल शोधन में उपयोगी माने जाते हैं। मोरिंगा के बीजों का पाउडर पानी में मौजूद गंदगी और सूक्ष्म कणों को एकत्र कर नीचे बैठने में मदद करता है, जबकि स्कोरिया रॉक अपनी छिद्रयुक्त संरचना के कारण फिल्टर की तरह अशुद्धियों को कम करने में सहायक हो सकती है। हालांकि इसे पूर्ण रूप से लागू करने के लिए अन्य शोध की आवश्यकता है।

 

विशेष प्रोत्साहन व पुरस्कार की जरूरत

'जल-संवाद' में विशेषज्ञों ने भूजल संकट की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। सामाजिक संगठनों ने सुझाव दिया कि जिन गांवों, शहरों और आवासीय सोसाइटियों में वर्षा जल संचयन, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग व अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण जैसे कार्य प्रभावी ढंग से किए जा रहे हैं, उन्हें विशेष प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाए। इससे जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और समाज में प्रेरणादायक उदाहरण स्थापित होंगे। साथ ही रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक के माध्यम से जल संरक्षण एवं भूजल भंडारण की मैपिंग पर शोध तथ्यों को मुहिम से जोड़ने की बात कही गई।

 

भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।

Aashadh Gupt Navratri 2026: बस 3 उपायों से प्रसन्न होंगी मां काली, मां बगलामुखी और मां मातंगी तक, 23 जुलाई तक चलेगा गुप्त नवरात्रि पर्व

Aashadh Gupt Navratri 2026: चैत्र माह से शुरू होने वाले हिंदू वर्ष में गुप्त नवरात्रि का पर्व 4 बार आता है। चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ माह में नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इनमें से चैत्र और आश्विन माह के नवरात्रि पर्व गृहस्थ श्रद्धालु बहुत धूमधाम से मनाते हैं, लेकिन आषाढ़ और माघ माह में गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ ही 10 महाविद्याओं की भी उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह गुप्त नवरात्रि का पर्व मुख्य रूप से तंत्र साधना और सिद्धयां प्राप्त करने का असवर होता है। हालांकि, गृहस्थ श्रद्धालु अपनी क्षमता और श्रद्धानुसार पूजा और उपाय करते हैं।

इस समय आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि चल रही है। इसकी शुरुआत 15 जुलाई 2026 से हुई थी और समापन 23 जुलाई को होगा। इस अवधि में भक्त शक्ति की उपासना करते हैं, नौ दिनों का उपवास करते हैं और मां दुर्गा का ध्यान करते हैं। इस पर्व में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए गुप्त नवरात्रि का पर्व तंत्र साधकों और शक्ति के साधकों के लिए बहुत अहम स्थान रखता है। आइए जानें क्या उपाय करने से मां काली, मां बगलामुखी और मातंगी माता को प्रसन्न कर सकते हैं?

गुप्त नवरात्रि में करें ये 3 आसान उपाय

घर की पूर्व दिशा में मां मातंगी की तस्वीर रखें : मां मातंगी की तस्वीर में अक्सर उनके हाथ में तोता दिखाया जाता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान उनकी तस्वीर घर की पूर्व दिशा में लगाने से व्यक्ति की छिपी हुई प्रतिभा निखरती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और आध्यात्मिक व व्यक्तिगत विकास में मदद मिलती है।

मां बगलामुखी को हल्दी अर्पित करें : मां बगलामुखी को रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। उनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। मां बगलामुखी को हल्दी बेहद प्रिय मानी जाती है। उन्हें हल्दी अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और बुरी नजर या विरोधियों से सुरक्षा मिलने की मान्यता है।

मां काली को नारियल अर्पित करें : मां काली परिवर्तन और नई शुरुआत की देवी मानी जाती हैं। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां काली को नारियल चढ़ाने से मन की उलझनें दूर होती हैं, नकारात्मक विचार कम होते हैं और मानसिक शक्ति बढ़ती है। माना जाता है कि वे जीवन की बाधाओं को दूर करने में भी मदद करती हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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MG ने पेश किया भारत का पहला Multi-Powertrain ADAPT प्लेटफॉर्म, आएंगी नई Electric और Plug-in Hybrid SUV

mg moters

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया (JSW MG Motor India) ने गुरुवार, 17 जुलाई को भारत का पहला मल्टी-पावरट्रेन न्यू एनर्जी व्हीकल (NEV) प्लेटफॉर्म 'ADAPT' पेश किया। कंपनी ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के दौरान इस प्लेटफॉर्म पर आधारित एक नई इलेक्ट्रिक SUV (EV) और एक प्लग-इन हाइब्रिड SUV (PHEV) भारतीय बाजार में लॉन्च की जाएगी। कंपनी का कहना है कि ADAPT प्लेटफॉर्म के जरिए वह अपने न्यू एनर्जी व्हीकल पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी और ग्राहकों को अलग-अलग पावरट्रेन विकल्प उपलब्ध कराएगी।

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EV के साथ Hybrid पर भी रहेगा फोकस

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कंपनी ने कहा कि भारत में वर्ष 2030 तक न्यू एनर्जी व्हीकल्स की हिस्सेदारी 30% तक पहुंचाने का लक्ष्य केवल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग तरह के ग्राहक हैं। कुछ लोग सीधे इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएंगे, जबकि कई ग्राहक हाइब्रिड तकनीक के जरिए धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ना पसंद करेंगे।

ऐसे में EV के साथ HEV, PHEV और REEV जैसी तकनीकों की भी जरूरत होगी। उपलब्ध कराने से लागत कम होगी और नए मॉडल तेजी से लॉन्च किए जा सकेंगे। जहां किसी नई कार के लिए नया प्लेटफॉर्म विकसित करने में आमतौर पर 4 से 5 साल लगते हैं, वहीं ADAPT प्लेटफॉर्म तैयार होने की वजह से MG अब 12 से 24 महीने के भीतर नए मॉडल बाजार में उतार सकेगी।

 

ADAPT प्लेटफॉर्म में क्या है खास?

ADAPT एक मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म है, जो चार तरह की तकनीकों को सपोर्ट करता है—

 

  • इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
  • हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल (HEV)
  • प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल (PHEV)
  • रेंज-एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक व्हीकल (REEV)

 

कंपनी का कहना है कि इसी प्लेटफॉर्म पर भविष्य की कई नई MG गाड़ियां विकसित की जाएंगी। हालांकि सभी आगामी मॉडल इसी प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे, ऐसा जरूरी नहीं है।

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भारतीय ग्राहकों के लिए होगा खास ट्यूनिंग

एमजी ने बताया कि नए मॉडल ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे, लेकिन उन्हें भारतीय सड़कों, मौसम और ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार विशेष रूप से तैयार किया जाएगा।

70% लोकलाइजेशन का लक्ष्य

 

एमजी मोटर का लक्ष्य ADAPT प्लेटफॉर्म पर बनने वाले वाहनों में 70 प्रतिशत स्थानीयकरण हासिल करना है। कंपनी के मुताबिक शेष 30% हिस्से में मुख्य रूप से बैटरी सेल और कुछ विशेष तकनीकी सिस्टम शामिल होंगे, जिन्हें फिलहाल अधिकांश वाहन निर्माता भी स्थानीय स्तर पर नहीं बनाते।

बड़ी टीमों ने नहीं इन 4 असोसिएट टीमों ने ICC को नए फॉर्मेट पर दिखाया आईना

अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के नए प्रारूप को लेकर आईसीसी के फै़सले पर एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों ने नाराज़गी और हैरानी जताई है। नामीबिया, नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड के कप्तानों ने सार्वजनिक रूप से इन बदलावों की आलोचना की है। नए प्रारूप के तहत दो टीमें सिर्फ़ शुरुआती दो मैच खेलने के बाद ही विश्व कप से बाहर हो जाएंगी।

अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।

इस फै़सले से प्रमुख एसोसिएट देशों के खिलाड़ी नाराज़ हैं, क्योंकि सबसे ज़्यादा असर उन्हीं पर पड़ने की संभावना है। साथ ही उन्होंने मौजूदा क्रिकेट विश्व कप लीग 2 की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें आठ एसोसिएट टीमें 36-36 मैच खेलकर सिर्फ़ अगले साल होने वाले वैश्विक क्वालिफ़ायर में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं।

विश्व क्रिकेट खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन (डब्ल्यूसीए) की ओर से जारी बयान में नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा, “किसी भी देश के लिए वनडे विश्व कप में जगह बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। ऐसे में वर्षों की तैयारी के बाद अगर उस अवसर की वास्तविकता बदल दी जाए, तो यह बेहद निराशाजनक है।”

नीदरलैंड्स ने 2023 विश्व कप के लिए आयरलैंड, ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टेस्ट टीमों को पीछे छोड़कर क्वालीफ़ाई किया था। उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका और बंगलादेश को हराकर बड़े उलटफेर भी किए थे। लेकिन उस सफलता के बावजूद उन्हें इसके बाद से किसी भी आईसीसी पूर्ण सदस्य देश के ख़िलाफ़ एक भी वनडे खेलने का मौक़ा नहीं मिला है।

नामीबिया के कप्तान गेर्राड इरास्मस ने कहा, “कई देशों के खिलाड़ियों के लिए वनडे विश्व कप सिर्फ़ एक और टूर्नामेंट नहीं होता। यही हमारा प्रमुख प्रारूप है, इसी के इर्द-गिर्द करियर बनते हैं और पीढ़ियां सपने देखती हैं। हम सभी मानते हैं कि विश्व कप में जगह कमानी पड़ती है, लेकिन क्वालीफ़ाई करने के बाद सबसे बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा का वास्तविक अवसर भी मिलना चाहिए। यह एसोसिएट स्तर पर लंबे समय से चले आ रहे सीमित अवसरों की परंपरा को ही आगे बढ़ाता है।”

डब्ल्यूसीए ने भी आईसीसी की निर्णय प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता, संवाद और परामर्श की कमी रही। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम मॉफैट ने कहा कि आईसीसी के “क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने” के घोषित लक्ष्य और टूर्नामेंट के प्रारूप में इस तरह के बड़े बदलाव के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल है।

जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले उन्हें पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।

स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन ने कहा, “खिलाड़ी यह उम्मीद नहीं करते कि हर फै़सला वही लें, लेकिन ऐसे फै़सलों पर, जिनका खेल और खिलाड़ियों के करियर पर बड़ा असर पड़ता है, उनसे सार्थक तरीके से परामर्श जरूर किया जाना चाहिए। अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आने से बेहतर फै़सले लिए जा सकते हैं और हम चाहते हैं कि खेल में ऐसा सही तरीके से शुरू हो।” दुनिया की 12वीं रैंकिंग वाली आयरलैंड टीम के वनडे कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कहा कि मौजूदा 48 टीमों वाले फीफा विश्व कप ने दिखाया है कि कम स्थापित खेल राष्ट्र भी वैश्विक आयोजनों में कितना मूल्य और आकर्षण जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट को भी इसी तरह का रास्ता अपनाना चाहिए ताकि खेल को आगे बढ़ाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा अवसर मिल सकें।”

EPFO Pension Calculation: 10 साल की नौकरी के बाद हर महीने कितनी मिलेगी पेंशन? ₹10,000 और ₹20,000 की सैलरी पर समझें पूरा गणित

EPFO EPS 2026 Pension Calculator: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्यों के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने पिछले दिनों नई कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 2026) को नोटिफाई कर दिया। इसके बाद से पेंशन कैलकुलेशन को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। करीब 6 करोड़ ईपीएफओ सदस्यों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग सैलरी ब्रैकेट के हिसाब से रिटायरमेंट के बाद हर महीने कितनी गारंटीड पेंशन मिलेगी?

राहत की बात यह है कि नई EPS 2026 में भी मंथली पेंशन निकालने का पुराना फॉर्मूला और न्यूनतम 10 साल की सेवा का नियम पहले जैसा ही बरकरार रखा गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹10,000 या ₹20,000 है, तो 10 साल की नौकरी के बाद आपको हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी।

पेंशन पाने का बेसिक नियम: 10 साल की सर्विस जरूरी

ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, हर महीने रेगुलर पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य नौकरी पूरी करना अनिवार्य है। 58 साल की उम्र पूरी होने पर मासिक पेंशन मिलनी शुरू होती है। हालांकि, 50 साल की उम्र के बाद कुछ कटौती के साथ अर्ली पेंशन का विकल्प भी मिलता है।

10 साल से कम नौकरी पर क्या होगा?

अगर आपकी कुल सर्विस 10 साल से कम है, तो आपको मंथली पेंशन नहीं मिलेगी। ऐसे में आप या तो स्कीम सर्टिफिकेट लेकर अगली नौकरी में सर्विस जोड़ सकते हैं, या फिर ईपीएस का पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं।

कैसे होती है पेंशन की गणना?

EPFO एक तय फॉर्मूले के आधार पर आपकी मासिक पेंशन तय करता है:

मासिक पेंशन= पेंशन योग्य वेतन×पेंशन योग्य सेवा/70

पेंशन योग्य वेतन: इसका मतलब आपके आखिरी 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है।

अधिकतम सीमा (Wage Ceiling): सामान्य तौर पर ईपीएस के लिए अधिकतम पेंशन योग्य सैलरी की सीमा ₹15,000 तय है, लेकिन कई मामलों में यह वास्तविक सैलरी या तय मानक (जैसे- ₹10,000 या ₹20,000) के आधार पर कैलकुलेट की जाती है।

कैलकुलेशन 1: अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹10,000 है

अगर आपकी औसत बेसिक सैलरी और डीए ₹10,000 है, तो नौकरी के वर्षों के हिसाब से आपकी पेंशन इस प्रकार बनेगी:

10 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×10)÷70=₹1,428

मासिक पेंशन: आपको हर महीने करीब ₹1,428 की पेंशन मिलेगी।

20 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×20)÷70=₹2,857

मासिक पेंशन: यह बढ़कर करीब ₹2,857 प्रति माह हो जाएगी।

35 साल की अधिकतम नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (10,000×35)÷70=₹5,000

मासिक पेंशन: आपको अधिकतम ₹5,000 प्रति माह की पेंशन मिल सकती है।

कैलकुलेशन 2: अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹20,000 है

अगर आपकी वास्तविक सैलरी ₹20,000 है और आपका कंट्रीब्यूशन सीलिंग लिमिट से ऊपर वास्तविक वेतन पर है, तो कैलकुलेशन इस प्रकार होगी:

10 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×10)÷70=₹2,857

मासिक पेंशन: आपको हर महीने करीब ₹2,857 की गारंटेड पेंशन मिलेगी।

20 साल की नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×20)÷70=₹5,714

मासिक पेंशन: यह राशि बढ़कर करीब ₹5,714 प्रति माह हो जाएगी।

35 साल की अधिकतम नौकरी पर:

कैलकुलेशन: (20,000×35)÷70=₹10,000

मासिक पेंशन: आपको लाइफटाइम ₹10,000 प्रति माह की ठीक-ठाक पेंशन मिल सकती है।

अगर आपकी सैलरी ₹10,000 या ₹20,000 है, तो 10 साल बाद हर महीने कितनी रकम मिलेगी?

न्यूनतम पेंशन का सुरक्षा कवच

ईपीएस के तहत वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह तय की गई है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी कर्मचारी की 10 साल की नौकरी के बाद ईपीएफओ के फॉर्मूले से पेंशन ₹1,000 से कम यानी मान लीजिए ₹80) बनती है, तो भी सरकार उसे बढ़ाकर न्यूनतम ₹1,000 प्रति माह देना सुनिश्चित करेगी।

हालांकि, देश भर के पेंशनभोगी लंबे समय से इस ₹1,000 की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर ₹5,000 से ₹7,500 करने की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार की ओर से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।

टैक्सपेयर्स और नौकरी बदलने वालों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप करियर के दौरान अपनी नौकरी बदल रहे हैं, तो कभी भी पुराने ईपीएफ (EPF) और ईपीएस (EPS) के पैसे को एकमुश्त निकालने की गलती न करें। हमेशा अपने UAN के जरिए अपने पुराने पीएफ अकाउंट को नई कंपनी में ट्रांसफर कराएं। ऐसा करने से आपकी पेंशन योग्य सेवा लगातार जुड़ती रहती है और बिना किसी रुकावट के आपकी 10 साल की पात्रता आसानी से पूरी हो जाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Popular TVF Shows 2026: ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ से लेकर ‘एस्पिरेंट्स 3’ तक, बैक-टू-बैक सुपरहिट शोज देकर TVF बना साल 2026 का कंटेंट पावरहाउस

Popular TVF Shows 2026: द वायरल फीवर (TVF) ने खुद को भारत के सबसे पसंदीदा कंटेंट स्टूडियोज में से एक के रूप में स्थापित किया है, जो लगातार अलग-अलग जॉनर में बेहतरीन कहानियां पेश करता आ रहा है। सालों से इसने देश के कुछ सबसे पसंदीदा और क्रिटिक्स द्वारा सराहे गए शोज़ बनाए हैं, जिनमें दिल को छू लेने वाले ‘स्लाइस-ऑफ-लाइफ’ ड्रामा से लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले थ्रिलर और जमीन से जुड़ी ऐसी सच्ची कहानियां शामिल हैं जो सीधे दर्शकों के दिलों को छूती हैं।

लगातार शानदार काम करने के इसी ट्रैक रिकॉर्ड ने टीवीएफ (TVF) को कंटेंट की दुनिया का एक पावरहाउस बना दिया है। साल 2026 का पहला आधा हिस्सा (first half) भी इसका अपवाद नहीं रहा है। सिर्फ छह महीनों में इस स्टूडियो ने एक के बाद एक कई सफल शोज़ दिए हैं, जिनमें फैंस के पसंदीदा शोज़ के नए सीज़न की वापसी के साथ-साथ कुछ नए ओरिजिनल शोज़ भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का खूब प्यार मिला। आइए डालते हैं एक नज़र साल 2026 के पहले छह महीनों में आए टीवीएफ (TVF) के कुछ सबसे बड़े हिट्स पर।

गुल्लक सीज़न 5

पिछले चार सीज़न्स की भारी सफलता के बाद, टीवीएफ (TVF) ने दर्शकों के पसंदीदा फैमिली शो ‘गुल्लक’ के पांचवें सीज़न के साथ वापसी करने का फैसला किया। यह सीज़न एक बार फिर मिश्रा परिवार को साथ लेकर आता है, जिसमें अनत वी. जोशी की ‘अन्नू मिश्रा’ के रूप में एंट्री हुई है, जिसने दर्शकों को अपने इस फेवरेट परिवार से एक बार फिर प्यार करने पर मजबूर कर दिया। भारत की सबसे लंबे समय तक चलने वाली और सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ओरिजिनल वेब सीरीज़ में से एक, गुल्लक आज भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में बनी हुई है, जो इसकी कभी न खत्म होने वाली पॉपुलैरिटी और हर दिल अजीज होने का पक्का सबूत है।

एस्पिरेंट्स सीज़न 3

‘एस्पिरेंट्स’ सीज़न 3 ने इस बेहद पसंदीदा फ्रेंचाइजी की कामयाबी के सिलसिले को आगे बढ़ाया और दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स से भी खूब वाहवाही बटोरी। दिल को छू लेने वाली कहानी और बेहतरीन एक्टिंग के शानदार तालमेल के साथ, इस सीरीज़ में नवीन कस्तूरिया, सनी हिंदुजा, शिवांकित सिंह परिहार, अभिलाष थपलियाल और नमिता दुबे ने एक बार फिर अपनी कमाल की परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों को छुआ। एस्पिरेंट्स फ्रेंचाइजी भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में शामिल है। इस फ्रेंचाइजी ने ‘एसके सर की क्लास’ और ‘संदीप भैया’ जैसे बेहद कामयाब स्पिन-ऑफ्स को भी जन्म दिया है, जिसने इसके कहानी के दायरे को और बड़ा बना दिया है।

द पिरामिड स्कीम

टीवीएफ (TVF) ने साल 2026 के अपने लाइनअप में एक और कामयाब ओरिजिनल शो जोड़ा है, जिसका नाम है ‘द पिरामिड स्कीम’। इसे आशीष आर. शुक्ला और श्रेयांश पांडे ने डायरेक्ट किया है। परमवीर सिंह चीमा, रणवीर शौरी, शेखर सुमन, अंजन श्रीवास्तव, अल्फिया जाफ़री और आशीष राघव स्टारर इस कॉमेडी-ड्रामा की इसकी दिलचस्प कहानी, तीखे मज़ाक और शानदार एक्टिंग के लिए खूब तारीफ की गई है, जिसने इसे टीवीएफ की लिस्ट में एक बेहद खास शो बना दिया है। यह सीरीज़ नए-नए जॉनर और कहानी कहने के अलग तरीकों के साथ टीवीएफ के लगातार हो रहे प्रयोगों को दिखाती है, वो भी अपनी जड़ों से जुड़े और किरदारों पर आधारित कहानियों के साथ।

ग्राम चिकित्सालय सीज़न 2

टीवीएफ ने अपने बेहद पसंदीदा ग्रामीण कॉमेडी-ड्रामा ‘ग्राम चिकित्सालय’ के दूसरे सीज़न (Season 2) के साथ वापसी की है, जिसमें भटकंडी गांव का सफर आगे बढ़ता है। इस सीरीज़ में अमोल पराशर एक बार फिर डॉ. प्रभात सिन्हा के रोल में नजर आ रहे हैं। उनके साथ उनके प्यारे सपोर्टिंग किरदार भी नई चुनौतियों का सामना करते हुए दिख रहे हैं। यह सीज़न भी हंसी-मजाक, जज्बात और रोजमर्रा के पलों से भरा एक दिल को छू लेने वाला और मजेदार चैप्टर पेश करता है। पहले सीज़न को मिले शानदार रिस्पॉन्स को आगे बढ़ाते हुए, इस शो ने जमीन से जुड़ी और गाँव की कहानियों को पेश करने की टीवीएफ की लिस्ट को और मजबूत किया है, जिसे शहरों से लेकर गांवों तक के दर्शकों ने खूब पसंद किया है।

फैमिली किराना स्टोर

टीवीएफ ने अपने ओरिजिनल शोज़ का दायरा बढ़ाते हुए ‘फैमिली किराना स्टोर’ पेश किया है। यह एक दिल को छू लेने वाली कॉमेडी है जो गजानंद (श्रीकांत वर्मा) और उनके मिडिल-क्लास परिवार की कहानी दिखाती है, जो पड़ोस की एक किराने की दुकान चलाने के उतार-चढ़ाव से जूझते हैं। गरिमा विक्रांत सिंह और हेमंत मिश्रा के अभिनय से सजी यह सीरीज़ हंसी, पुरानी यादों (नॉस्टैल्जिया) और रोज़मर्रा के पारिवारिक पलों को बहुत ही खूबसूरती से मिलाती है। यह शो साधारण भारतीय परिवारों की खुशियां मनाने और रोज़मर्रा की जिंदगी से असाधारण कहानियाँ तलाशने की टीवीएफ की परंपरा को जारी रखता है।

स्पेस जेन: चंद्रयान

टीवीएफ (TVF) ने ‘स्पेस जेन: चंद्रयान’ के साथ स्पेस ड्रामा जॉनर में कदम रखा। यह एक प्रेरणादायक सीरीज़ है जो इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों के सफर को दिखाती है, जो तमाम मुश्किलों से लड़कर एक ऐतिहासिक मिशन को कामयाब बनाते हैं। नकुल मेहता, श्रिया सरन, प्रकाश बेलावाड़ी, गोपाल दत्त और दानिश सैत के अभिनय से सजी इस सीरीज़ को इसके इमोशनल ड्रामा और कलाकारों की बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए खूब सराहा गया। यह शो देश की एक बड़ी और ऐतिहासिक कहानी को दिखाने के टीवीएफ के बढ़ते हौसले को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान बन चुके इमोशनल टच को बरकरार रखा है।

हेलो बच्चों

टीवीएफ के ‘हेलो बच्चों’ ने मशहूर शिक्षक अलख पांडे के प्रेरणादायक सफर को पर्दे पर उतारा, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग के जरिए हर बच्चे तक बेहतरीन शिक्षा पहुंचाने का मिशन पूरा किया। विनीत कुमार सिंह, विक्रम कोचर, गिरिजा ओक, अनुमेहा जैन और पंकज कश्यप के शानदार अभिनय से सजी इस सीरीज़ को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। अपनी दिल छू लेने वाली कहानी, इमोशनल गहराई और सच्ची परफॉर्मेंस की वजह से यह साल 2026 में टीवीएफ के सबसे पसंदीदा ओरिजिनल शोज़ में से एक बन गया। इस सीरीज़ ने शिक्षा की ताकत और उससे आने वाले बदलाव का जश्न मनाया, जो टीवीएफ के कई ओरिजिनल्स की एक बड़ी ताकत रहा है।

सपने वर्सेस एवरीवन

पहले सीज़न को मिले बेमिसाल रिस्पॉन्स के बाद, ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ अपने दमदार और रोमांचक दूसरे चैप्टर के साथ वापस लौटा और इसे हर तरफ से खूब तारीफें मिलीं। अंबरीश वर्मा द्वारा लिखित, निर्देशित और बनाई गई इस सीरीज़ में खुद अंबरीश वर्मा, परमवीर सिंह चीमा, विजयांत कोहली और अभिषेक चौहान मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह सीज़न जिमी और प्रशांत के मुश्किल सफर को भावनाओं और बेहतरीन लिखावट के साथ आगे बढ़ाता है। इस सीरीज़ ने टीवीएफ के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ड्रामा शोज़ में अपनी जगह और मजबूत कर ली है। आईएमडीबी (IMDb) पर 9.2 की रेटिंग के साथ यह किसी भी भारतीय सीरीज़ के लिए सबसे बड़ी रेटिंग है। महत्वाकांक्षा और खुद को साबित करने की जंग को बहुत ही बारीकी से दिखाने के लिए इस शो की हर तरफ तारीफ हुई है।

बेहद पसंदीदा पुराने शोज़ की वापसी और फैमिली ड्रामा, ग्रामीण कॉमेडी, इंस्पायरिंग कहानियों, थ्रिलर और सोशल ड्रामा जैसे बड़े और नए ओरिजिनल्स के साथ, साल 2026 के पहले छह महीनों में टीवीएफ ने अपनी ऐसी रेंज दिखाई है जिसका फिल्म इंडस्ट्री में कोई मुकाबला नहीं है। सिर्फ छह महीने में अलग-अलग जॉनर और प्लेटफॉर्म्स पर इतने सारे सफल शोज़ देकर टीवीएफ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे भारत के सबसे लगातार और असरदार कंटेंट क्रिएटर्स में से एक हैं।

2026 Maruti Brezza details leaked ahead of launch

Maruti Brezza side tracking

Ahead of its launch on July 24, 2026, specifications and features of the 2026 Maruti Brezza have been leaked on X (previously Twitter) via user @adityalala2000. The leak mentions a new turbo-petrol engine, along with new features and exterior paint options for the 2026 Maruti Brezza. Meanwhile, bookings of the Maruti compact SUV have already commenced. 

2026 Maruti Brezza: What was leaked?

Uptuned Boosterjet engine, underbody CNG kit, and ventilated front seats to come on the 2026 Brezza

The updated Maruti Brezza is expected to get a 1.0-litre ‘Boosterjet’ turbo-petrol unit as the Fronx but in a higher state of tune. On the Brezza, it is likely to produce 110hp and 170Nm, which is 10hp and 26Nm more than the unit powering the Fronx. This engine would be paired to a manual transmission, likely a six-speed unit that was spied on a prototype model.

On the other hand, the 103hp, 139Nm 1.5-litre naturally aspirated petrol engine is expected to be retained along with its manual and automatic transmissions. A CNG kit paired to this engine could continue to be offered, but is expected to have the Victoris CNG-like underbody tank setup.

Additionally, the updated Brezza is likely to have new feature additions, including a larger 10.1-inch infotainment display with built-in apps and Alexa support, ventilated front seats, an air purifier, and 64-colour ambient lighting. New safety features are expected to include blind spot warning, rear cross traffic alert, front parking sensors, and a tyre pressure monitoring system. On the outside, the updated Brezza will likely arrive with an updated look for the bumpers. New monotone paint options, namely Vivacious Orange and Luster Beige, and new dual-tone options, with a black roof for the Arctic White and Luster Beige shades, are likely.