F1 Sim Racing India Open format explained

F1 Sim Racing India Open

India’s first official F1-sanctioned sim racing competition is currently underway. Run by Mumbai Falcons, F1 Sim Racing India Open offers Indian fans and budding racers a different, and far more accessible entry point to motorsport. In fact, Mumbai Falcons already has plans in place to bridge the gap between sim and real-world racing, giving the best performing participants the chance to join its driver development programme.

  1. Two categories: Junior and Senior
  2. Finale to be held in Mumbai in November 2026 

From sim racing to single seaters

Mumbai Falcons

Over the years, Mumbai Falcons has fielded teams in several international karting and Formula Regional championships. The team has played a crucial role in the junior careers of prominent drivers, including Kimi Antonelli, Oliver Bearman, Arvid Lindblad and Kush Maini. 

Speaking to Autocar India, Mumbai Falcons Racing Limited’s Managing Director Ameet Gadhoke explained that the idea for the F1 Sim Racing India Open stemmed from the team’s experience in single-seater racing. “I’ve seen how important sim racing was for [our drivers] before they went onto the track,” he stated. 

The team isn’t treating sim racing as a separate category; instead, it forms a key part of Mumbai Falcons’ driver development pathway. The best performers in the F1 Sim Racing India Open will join the team’s ‘Agla Star’ programme, with the top 1,000 players earning the chance to train with 4-stroke karts. The top 100 from here will then move up to 2-stroke karts, and those who impress the most will then be trained to step up to single-seater racing.

“The idea is to find the Agla Star. We want a guy or girl to come from here and go into single seaters as fast as possible. We’re doing a talent hunt programme, we’re not [just] doing sim racing,” Gadhoke explained. “So for those who actually understand motorsport, but cannot afford it, this is the pathway. The idea is if this person is good, then we take him out of the group, put him in real karts and then go into single seaters.”

Mumbai Falcons Racing Limited Managing Director Ameet Gadhoke
Mumbai Falcons Racing Limited’s Managing Director Ameet Gadhoke

Mumbai Falcons has also teamed up with several schools across India for this. As the team explained, the goal with this is “to introduce students to sim racing, motorsport technology and structured talent development opportunities at an early age”. As part of this initiative, partner schools will receive simulator infrastructure, training support and structured learning modules. Gadhoke says he’s targeting partnering with around 1,000 schools across 20 cities in India.

F1 also runs its own global sim racing championship, which often acts as a launchpad for wider opportunities in both sim racing, as well as motorsport in general. Gadhoke shared that Mumbai Falcons is also exploring representing India in this F1 Sim Racing World Championship.

F1 Sim Racing India entry fees, format

F1 Sim Racing India open format

Open to both newcomers and experiences players, the F1 Sim Racing India open is divided into two categories – Junior (ages 10-14) and Senior (above 14 years old). Registrations are currently underway, with the F1 Standard package costing Rs 3,499, and the F1 Elite package costing Rs 4,999. While the former simply gives access to competition entry, the more expensive F1 Elite package also includes priority slot for the zonal qualifiers, a 30-minute tutorial, telemetry data, 10 percent discount for online coaching and 10 percent discount on merchandise.

The competition is divided into 10 zones across the country. Phase 1 includes online laps as well as Mumbai Falcons’ school programme. For this, all those who have registered can compete on the F1 25 game through rough Steam, PlayStation Network, Xbox Live or via an EA Play membership. 

Participants can set their fastest lap times on one selected circuit within a 60-day window. Ranking is based on lap time, so the faster your lap, the higher your position. Participants can also continue trying to improve their lap times during the 60-day window.
The top 5,000 juniors and 5,000 seniors from each zone will then make it to the Zonal stage. The 50 fastest juniors and 50 fastest seniors from each zone qualify for the national finals.

F1 Sim Racing India Open: Finals

F1 Sim Racing India finals

The national finals is slated to be held in Mumbai’s NSCI Dome in November 2026. Here, participants will compete in the Playseat Formula Intelligence F1 Edition cockpit, along with the Fanatec ClubSport Racing Wheel F1 system. 

The top 30 from each category will progress to the last stage. The junior finalists will then compete across nine races, while the senior finalists will compete across 12 races. The Junior and Senior champion will each win Rs 1 crore. 
 

Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 25% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Q1 Results: एग्रो केमिकल कंपनी Coromandel International ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 24.6% घटकर 381 करोड़ रुपये रह गया।

पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 505 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, ऑपरेशन से रेवेन्यू 15.9% बढ़कर 8,165 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 7,042 करोड़ रुपये था।

बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव

रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद बढ़ती लागत का असर कंपनी की कमाई पर पड़ा। जून तिमाही में EBITDA 3.4% घटकर 756 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 782 करोड़ रुपये था। वहीं EBITDA मार्जिन 11.1% से घटकर 9.3% पर आ गया। यानी कंपनी हर 100 रुपये की बिक्री पर पहले के मुकाबले कम ऑपरेटिंग मुनाफा कमा सकी।

NACL Industries अधिग्रहण का असर

Coromandel ने कहा कि इस बार के नतीजों की पिछले साल से सीधी तुलना पूरी तरह सही नहीं होगी। इसकी वजह NACL Industries का अधिग्रहण है। Coromandel ने अगस्त 2025 में NACL Industries में 53.08% हिस्सेदारी खरीदी थी। अब उसके वित्तीय नतीजे भी कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों में शामिल हैं, जिससे दोनों अवधियों की तुलना प्रभावित हुई है।

पिछली तिमाही भी रही थी कमजोर

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 76% गिरकर 140 करोड़ रुपये रह गया था। उस दौरान 70.6 करोड़ रुपये के एकमुश्त (Exceptional) नुकसान का भी असर रहा था। हालांकि, रेवेन्यू 20.4% बढ़कर 6,004 करोड़ रुपये पहुंच गया था।

डिविडेंड और शेयर का हाल

Coromandel के बोर्ड ने 2 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। इसका भुगतान 21 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

कंपनी के नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए। इससे पहले NSE पर Coromandel International का शेयर करीब 1% की गिरावट के साथ 2,019 रुपये पर बंद हुआ। अब अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आंध्र प्रदेश के कारपेंटर की बेटी दुनिया के पहले ‘All-Girls Lunar Mission’ के लिए चुनी गईं, जानिए कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी

कहते हैं, ‘सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती’। आंध्र प्रदेश के धवलेश्वरम की कंदुला जेसी पर भी ये बात सही बैठती है। महज 14 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने जो उपलब्धि हासिल की है, उसकी वजह से हर कहीं उनकी चर्चा की जा रही है। कंदुला को ऐतिहासिक स्पेस मिशन शक्तिसैट के लिए चुना गया है। यह दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर क्यूबसैट मिशन है।

इस मिशन की ट्रेनिंग 23 अगस्त को नई दिल्ली में शुरू होगी। छात्रों का बनाया हुआ लूनर क्यूबसैट 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा। उन्हें उम्मीद है कि यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) में करियर और भविष्य में लूनर एक्सप्लोरेशन की ओर पहला कदम होगा।

दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर मिशन

मिशन शक्तिसैट एक अंतरराष्ट्रीय STEM इनिशिएटिव है। इसका मकसद अधिक से अधिक लड़कियों को स्पेस साइंस और इंजीनियरिंग में आने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रतिभागी क्यूबसैट को डिजाइन करने, बनाने और ऑपरेट करने में मदद करेंगे, जो भविष्य के लूनर मिशन के लिए प्लान किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यह प्रोग्राम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, मिशन प्लानिंग और स्पेस रिसर्च में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी देता है।

कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी?

जेसी धवलेश्वरम के जिला परिषद गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती हैं। विज्ञान के प्रति उसके जुनून को स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में उसके शिक्षकों ने पहचाना। कंदुला ने लगभग 550 ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र पूरे किए। उन्होंने उपग्रह प्रणाली, प्रणोदन और ऊष्मागतिकी जैसे विषयों को कवर किया। इंटरव्यू के दौरान अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिलने की तैयारी में मदद करने के लिए उसने अपनी अंग्रेजी भाषा की क्षमताओं को और बढ़ाया। कंदुला आंध्र प्रदेश धवलेश्वरम के एक बढ़ई की बेटी है। उन्होंने 108 देशों के लगभग 12,000 आवेदकों में से चुने गए 20 भारतीय भगीदारों के बीच ये जगह बनाई है। वह फाइनल लिस्ट में जगह बनाने वाली आंध्र प्रदेश की अकेली स्टूडेंट भी हैं।

कौन कर रहा है इस मिशन का संचालन?

शक्तिसैट मिशन STEM शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष पेशेवरों के एक समूह द्वारा आयोजित किया जा रहा है।  कार्यक्रम का उद्देश्य उपग्रहों के विकास के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष उद्योग में अधिक लड़कियों को शामिल करना है।

उसके परिवार के लिए गर्व का क्षण!

बढ़ई पिता की बेटी कंदुला के परिवार को कुछ आर्थिक कठिनाइयों की वजह से बाद में उसका दाखिला एक सरकारी स्कूल में करा दिया गया। हालाकि, वह अपने सपने के प्रति दृढ़ थी। उसका चयन उसके माता-पिता, शिक्षकों और समुदाय के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

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छात्र प्रदर्शन पर पाक स्पिनर ने लगाई भारतीय पत्रकार की क्लास

पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने  प्रदर्शन में लग रहे हिंदू और भारत विरोधी नारों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए ट्वीट लिखा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर प्रदर्शन में या तो हिंदू विरोधी या फिर भारत विरोधी नारे लगते हैं।

इस ट्वीट के प्रति उत्तर में द वायर की पत्रकार आरफा शेरवानी ने कहा कि यह पाकिस्तानी हमारे अंदरूनी मामले में दखल क्यों दे रहा है। इस को रीटिविट करते हुए पाकिस्तानी स्पिनर ने लिखा कि आप तो ऑपरेशन सिंदुर के वक्त पाकिस्तान की तरफ थी। एकतरफा पत्रकारिकता अच्छी बात नहीं है।

कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके मामा अनिल दलपत ने भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था।

कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए है। दलपत दानिश कनेरिया के मामा थे। कनेरिया को हालाँकि साल 2000 से 2010 के बीच सिर्फ 18 एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला।

ऐसा रहा करियर

राइट आर्म लेगब्रेक गेंदबाज दानिश कनेरिया ने टेस्ट क्रिकेट में 261 विकेट झटके जो अब्दुल कादिर से 25 विकेट ज्यादा हैं। वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद वे पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे टेस्ट गेंदबाज हैं।

दानिश कनेरिया ने 61 टेस्ट मैच खेले जबकि 19 वनडे मैच। उन्होंने पहला टेस्ट 29 नवम्बर 2000 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला और आखिरी टेस्ट भी इसी देश के खिलाफ 29 जुलाई 2010 में खेला।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nagabandham OTT Release: विराट कर्णा-नभा नटेश स्टारर ‘नागबंधम’ इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देने जा रही दस्तक

Nagabandham OTT Release: ‘नागबंधम’ का निर्देशन अभिषेक नामा ने किया है, जबकि इसे NIK स्टूडियोज़ के बैनर तले किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता ने प्रोड्यूस किया है। इस पौराणिक फैंटेसी एडवेंचर फिल्म में विराट कर्णा, नभा नटेऐश्वर्या मेनन, जगपति बाबू, मुरली शर्मा, महेश मांजरेकर और ऋषभ साहनी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

प्राइम मेंबर्स ‘नागबंधम’ को 24 जुलाई 2026 से प्राइम वीडियो पर देख सकेंगे। यह फिल्म तेलुगु के साथ-साथ तमिल, मलयालम और कन्नड़ में डब वर्जन में भी उपलब्ध होगी।

प्राइम वीडियो, जो भारत के सबसे पसंदीदा एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म्स में से एक है, ने आज अपनी नई फिल्म ‘नागबंधम’ के एक्सक्लूसिव ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्रीमियर का ऐलान किया। यह एक भव्य पौराणिक फैंटेसी एडवेंचर फिल्म है, जिसमें प्राचीन कथाओं, रहस्यमयी राज़ और रोमांच से भरे खजाने की तलाश को दिखाया गया है।

फिल्म का निर्देशन अभिषेक नामा ने किया है, जबकि इसे NIK स्टूडियोज़ के बैनर तले किशोर अन्नापुरेड्डी और निशिता नागिरेड्डी ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में विराट कर्णा लीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ नभा नटेश, ऐश्वर्या मेनन, जगपति बाबू, मुरली शर्मा, महेश मांजरेकर और ऋषभ साहनी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। ‘नागबंधम’ 24 जुलाई से प्राइम वीडियो पर एक्सक्लूसिव तौर पर स्ट्रीम होगी। यह फिल्म तेलुगु में उपलब्ध होगी, साथ ही तमिल, मलयालम और कन्नड़ में डब वर्जन में भी देखी जा सकेगी।

‘नागबंधम’ की कहानी रुद्र नाम के एक साधारण गांव के युवक की है, जिसकी जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल जाती है जब उसकी बहन की शादी पर क्रूर खजाना खोजने वाला अब्दाली हमला कर देता है। अब्दाली भारत के प्राचीन विष्णु मंदिरों के नीचे छिपे रहस्यमयी नागबंधम अनुष्ठान की तलाश में है। पवित्र ब्रह्म कमल और एक प्राचीन पांडुलिपि की खोज में, जिसके बारे में माना जाता है कि वह असीम दौलत का राज खोल सकती है, अब्दाली अपने पीछे तबाही छोड़ता चलता है। इसी संघर्ष के बीच रुद्र की मुलाकात रहस्यमयी नागा साधु शिवा से होती है, जो उसे आस्था, त्याग और विश्वासघात से भरे एक खतरनाक सफर पर ले जाते हैं। जैसे-जैसे ताकतवर दुश्मन उसके करीब आते हैं, रुद्र को धर्म की रक्षा करने और उस प्राचीन खजाने को गलत हाथों में जाने से बचाने के लिए आगे आना पड़ता है।

पौराणिक कथाओं, फैंटेसी और एडवेंचर का शानदार मेल ‘नागबंधम’ को एक अलग पहचान देता है। फिल्म में प्राचीन मंदिरों की भव्य वास्तुकला को शानदार विजुअल्स के साथ दोबारा जीवंत किया गया है और इसकी कहानी धर्म की जड़ों से जुड़ी हुई है। जुनैद कुमार और अभे का दमदार म्यूजिक फिल्म के रोमांच को और बढ़ा देता है। पुरानी दंतकथाओं, छिपे खजानों और आस्था से जुड़े सवालों को लेकर आगे बढ़ने वाली यह कहानी दर्शकों को एक बड़े और रोमांचक सफर पर ले जाती है।

₹35,000 के बजट में खरीदें ये 8 धांसू गेमिंग स्मार्टफोन्स, BGMI से लेकर हाई-एंड गेम्स तक चलेंगे स्मूद

Best Gaming Phones Under 35000: गेमिंग स्मार्टफोन की मांग आज के समय में काफी बढ़ गई है, क्योंकि बाजार में कई हाई-एंड गेम्स उपलब्ध हैं। ऐसे में सही स्मार्टफोन का होना गेमिंग अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। हालांकि, 35,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में पहले की तरह ज्यादा पावरफुल हार्डवेयर देखने को नहीं मिल रहा है। लेकिन इस प्राइस रेंज में अभी भी कुछ शानदार गेमिंग स्मार्टफोन मौजूद हैं, जो दमदार हार्डवेयर, बेहतर थर्मल मैनेजमेंट और लंबे समय तक गेम खेलने के लिए शानदार परफॉर्मेंस देते हैं।

अब आइए हम आपको 35,000 रुपये से कम कीमत में मिलने वाले उन 8 बेहतरीन गेमिंग स्मार्टफोन के बारे में बताते हैं जो, अलग-अलग यूजर्स की जरूरत और गेमिंग एक्सपीरियंस को ध्यान में रखकर पेश किए गए हैं।

2026 में ₹35,000 से कम कीमत वाले 8 बेहतरीन गेमिंग स्मार्टफोन:

  1. Poco X8 Pro 5G

Poco X8 Pro 5G एक बहुत अच्छा मिड-रेंज स्मार्टफोन है, जो अपनी कैटेगरी से कहीं बेहतर परफॉर्मेंस देता है और शानदार गेमिंग अनुभव प्रदान करता है। इसमें दमदार MediaTek Dimensity 8500-Ultra प्रोसेसर और तेज UFS 4.1 स्टोरेज है। साथ ही, इसमें 6,500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो यह सुनिश्चित करती है कि आप लंबे समय तक आसानी से गेमिंग कर सकें।

  1. Infinix GT 30 Pro 5G

अगला है Infinix GT 30 Pro 5G, जो एक शानदार मिड-रेंज गेमिंग स्मार्टफोन है। यह फोन अपने खास डिजाइन और गेमिंग-फोकस्ड फीचर्स की वजह से अलग पहचान बनाता है। इसके रियर पैनल पर बिल्ट-इन मैकेनिकल लाइट वेव्स, साइड में प्रेशर-सेंसिटिव GT ट्रिगर्स और बायपास चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, फोन में 144Hz का फास्ट रिफ्रेश रेट डिस्प्ले दिया गया है, जो गेमिंग के दौरान स्मूद और इमर्सिव अनुभव प्रदान करता है।

  1. Oppo K13 Turbo Pro

Oppo K13 Turbo Pro एक और गेमिंग-फोकस्ड स्मार्टफोन है, जो अब लगभग ₹30,000 से ₹35,000 की बेहतरीन कीमत पर उपलब्ध है। इसमें दमदार Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर, एक एक्टिव कूलिंग फैन और 7000mAh की बड़ी बैटरी है, जो मिलकर एक शानदार गेमिंग अनुभव देते हैं।

  1. Realme P4 Pro

Realme P4 Pro एक बहुत ही शानदार मिड-रेंज स्मार्टफोन है। इसमें 6.8-इंच का AMOLED क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले है, जो 144Hz रिफ्रेश के साथ आता है और Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर पर चलता है। इस फोन में 7,000mAh की बड़ी बैटरी है। इसके अलावा, इस डिवाइस में Hyper Vision AI चिप सेटअप भी है, जो गेमिंग को स्मूद बनाता है और सपोर्टेड टाइटल्स के लिए 144fps का सपोर्ट भी देता है।

  1. Nothing Phone 3a Pro

Nothing Phone 3a Pro एक बेहतरीन ऑल-राउंडर फोन है, जो ज्यादातर कैजुअल और मॉडरेट गेमर्स के लिए भी सही है। Snapdragon 7s Gen 3 प्रोसेसर से चलने वाला यह फोन BGMI और Call of Duty Mobile जैसे पॉपुलर शूटिंग गेम्स को स्मूथ 90 fps पर चला सकता है। इस फोन की बैटरी लाइफ भी बहुत अच्छी है और इसका थर्मल मैनेजमेंट भी शानदार है।

  1. Samsung Galaxy A56

Samsung Galaxy A56, Samsung के सबसे अच्छे गेमिंग डिवाइस में से एक है, खासकर इस प्राइस रेंज में। इसमें Exynos 1580 प्रोसेसर और सुपर-स्मूथ 120Hz Super AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इस कॉम्बिनेशन की वजह से यह फोन PUBG, Brawl Stars और Minecraft जैसे गेम्स को आसानी से हैंडल कर सकता है। हालांकि, हाई-एंड गेम्स के लिए ग्राफिक सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं।

  1. Vivo T5 Pro

हमारी लिस्ट में अगला स्मार्टफोन Vivo T5 Pro है, जो इस प्राइस रेंज में गेमिंग के लिए बहुत बढ़िया डिवाइस है। इसमें Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर और दमदार 9,020mAh की बैटरी दी गई है। इस कॉम्बिनेशन की वजह से आपको बार-बार चार्जिंग की चिंता किए बिना स्मूद गेमिंग का अनुभव मिलता है।

  1. OnePlus Nord CE 6

OnePlus Nord CE 6 एक और दमदार और टिकाऊ फोन है, जो गेमिंग के लिए भी बेहतरीन है। इसमें 8000mAh की बड़ी बैटरी है, जो पूरे दिन की गेमिंग के दौरान आसानी से चल जाती है। फोन में 6.78 इंच का 144Hz 1.5K AMOLED डिस्प्ले भी है। इसकी परफॉर्मेंस Snapdragon 7s Gen चिपसेट से मिलती है, जो तेज UFS 3.1 स्टोरेज के साथ मिलकर ज्यादातर गेमिंग टाइटल्स को बिना किसी रुकावट (लैग-फ्री) के और स्मूद फ्रेम रेट के साथ चलाता है।

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IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

IndiGo Q1 Results: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation को जून 2026 तिमाही में 382 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,161 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। महंगा जेट फ्यूल, रुपये में कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसका बड़ा कारण रहे।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन खर्च ज्यादा

जून तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,584 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 20,496 करोड़ रुपये था। लेकिन खर्च 35.1% बढ़ गया। सबसे ज्यादा असर जेट फ्यूल पर पड़ा। विमान ईंधन का खर्च 86% उछलकर 10,830 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी वजह से कंपनी मुनाफे से घाटे में चली गई।

ऑपरेशन में क्या रहा?

जून तिमाही में इंडिगो की क्षमता (ASK) 2.9% बढ़कर 43.5 अरब रही। यात्रियों की संख्या 0.7% बढ़कर 3.13 करोड़ हो गई। वहीं Yield 21.3% बढ़कर 6.04 रुपये रही। हालांकि Load Factor 1.3 प्रतिशत अंक घटकर 83.3% पर आ गया।

30 जून 2026 तक कंपनी के पास 52,885 करोड़ रुपये का कुल कैश था। इसमें 39,039 करोड़ रुपये फ्री कैश और 13,846 करोड़ रुपये प्रतिबंधित (Restricted) कैश शामिल था। यानी नकदी के मोर्चे पर कंपनी की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में IndiGo ने कहा कि महंगा ईंधन, रुपये की कमजोरी और पश्चिम एशिया का संघर्ष इस तिमाही में मुनाफे पर भारी पड़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। ईंधन की कीमतें ऊंची रहीं और मध्य-पूर्व में उड़ानों पर भी असर पड़ा। इसके बावजूद यात्रियों की मांग मजबूत बनी रही। बेहतर किरायों की वजह से रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। इस दौरान IndiGo ने 3.13 करोड़ यात्रियों को सफर कराया।

उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल लागत पर नियंत्रण और क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने पर फोकस कर रही है। हालांकि महंगे ईंधन और रुपये में कमजोरी की वजह से अकेले इस तिमाही में करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

इंडिगो के लिए आगे क्या?

इंडिगो का कहना है कि भारत और पश्चिम एशिया के बीच यात्रा पर अभी भी असर बना हुआ है। दूसरी तिमाही में मांग भी सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है। इसलिए Q2FY27 में कंपनी की क्षमता पिछले साल के मुकाबले लगभग बराबर रह सकती है।

हालांकि IndiGo को उम्मीद है कि इसके बाद हालात सुधरेंगे। जैसे-जैसे यात्रा की मांग बढ़ेगी, विमानों का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।

इंडिगो का शेयर गुरुवार को नतीजे आने से पहले 1.70% की गिरावट के साथ 5,030 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 14.70% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

श्रेयस अय्यर ने लगातार 8वां टॉस जीता, जिम्बाब्वे के खिलाफ चुनी गेंदबाजी

INDvsZIM भारत के टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने आज जिम्बाब्वे के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह लगातार 8वां या 7वां टॉस (1 मैच बारिश के कारण रद्द) जो श्रेयस अय्यर ने जीता। हरारे स्पोर्ट्स कल्ब में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में युवा टीम को उतराने का फैसला किया।

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा है कि शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिलेगी। भारत के खिलाफ उनका एक बल्लेबाज मिल्टन संबा सीरीज से बाहर हो चुके हैं इस कारण उनको इलोसेंट काइया को मौका दिया है।वहीं भारत का गेंदबाजी क्रम खासा युवा है। इसी तारतम्य में अशोक शर्मा का डेब्यू हुआ है।लेकिन बल्लेबाजी में काफी अनुभवी नाम है।

भारत :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अशोक शर्मा, रवि बिश्नोई, रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रियान बर्ल, तनाका शिवांगा, बेन कुरेन, ब्राड इवांस, वेसले माधेवेरे, टी मारूमनी, वेलिंगटन मसाकाजा, ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड एनगारवा

Commonwealth Games में भारतीय झंडा उठाने से पहले ही पदक पक्का किया लवलीना बोर्गहेन ने

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के उद्घाटन समारोह के लिए ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को क्रमशः भारत का ध्वजवाहक और बैटन वाहक नामित किया गया। लेकिन इसमें से लवलीना बोरगोहेन ने ध्वजवाहक बनने से पहले ही अपना पहला पदक इस राष्ट्रमंडल खेल में पक्का कर लिया है।

खबरों के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेल 2026 के 75 किलोग्राम वर्ग में उनको सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई है। इस हिसाब से वह कमसेकम एक कांस्य पदक जरुर जीतेंगी। अगर वह सेमीफाइनल जीत जाती है तो फिर रजत या स्वर्ण पदक भी जीत सकती है।

दरअसल राष्ट्रमंडल खेल 2026 में  सिर्फ 5 महिला मुक्केबाज महिला खिलाड़ी थी जिसमें से शीर्ष 3 को सेमीफाइनल में सीधे दाखिला मिल गया। इन मुक्केबाज महिला खिलाड़ियों में लवलीना भी शामिल थी।

लंदन ओलंपिक 2012 और रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले शिव थापा के बाद ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने वाली असम की दूसरी मुक्केबाज लवलीना ने तोक्यो में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक पदक जीतने वाली अपने राज्य की पहली खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया था।23 वर्ष की लवलीना को वेल्टरवेट (69 किलो) सेमीफाइनल में तत्कालीन विश्व चैम्पियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली ने 5-0 से हराया था। लवलीना विजेंदर सिंह (2008) और एमसी मैरीकॉम (2012) के बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनी थी। 15 साल पहले मुक्केबाजी में करियर शुरू करने वाली लवलीना 2 बार विश्व चैम्पियनशिप कांस्य भी जीत चुकी हैं।