2026 Maruti Brezza turbo petrol vs NA petrol: Differences explained

2026 Maruti Brezza turbo petrol vs NA petrol: Differences explained

The 2026 Maruti Suzuki Brezza has been launched in India with prices starting from Rs 7.40 lakh (ex-showroom). Among the additions Maruti has made to the 2026 Brezza is a 1.0-litre direct-injection turbo-petrol option, which is offered across the SUV’s lineup alongside the naturally aspirated petrol engine. However, some differences distinguish the turbo-petrol variants from the naturally aspirated petrol variants.

2026 Maruti Brezza turbo petrol vs NA petrol: Design differences

Turbo variants differentiate themselves with some red trims outside

2026 Maruti Brezza turbo petrol
2026 Maruti Brezza NA petrol
 

Maruti is offering red exterior trims on the turbo-petrol variants of the Brezza, to differentiate them from the naturally aspirated petrol variants. These red trims, which seem to be aftermarket accessories, can be found on the grille, above the faux silver skid plate on the front and rear bumpers, and on wheel arches and door cladding. Furthermore, the rear quarter glass sports a ‘Turbo Boosterjet” decal, and the tailgate features a ‘Turbo’ badge.

2026 Maruti Brezza turbo petrol
2026 Maruti Brezza NA petrol
 

Everything else, including the dual-pod headlights, LED DRLs, LED fog lamps, 16-inch alloy wheel design, silver roof rails and wraparound LED taillights, is the same on all powertrains. 

Interior design is unchanged across powertrain versions

Unlike the exterior, where the red trims, decals and badges are differentiators, the interior design of both naturally aspirated and turbo-petrol variants is identical. Both versions are offered with a black-and-brown cabin theme, a 3-spoke steering wheel, a 10.1-inch touchscreen infotainment system and analogue dials with a coloured multi-information display (MID). Even the menus on the MID are the same across the powertrain versions. 

2026 Maruti Brezza turbo petrol vs NA petrol: Feature differences

Turbo variants get more features in LXi, VXi and ZXi trims

The Brezza’s top-spec ZXi+ variant offers the same feature set across all powertrain options. However, in the lower LXi, VXi, and ZXi trims, the turbo-petrol variants come with additional equipment compared to the naturally aspirated petrol and CNG versions.

In the LXi trim, the turbo-petrol variants add a rear defogger, a height-adjustable driver’s seat, adjustable rear-seat headrests, and automatic climate control. In the VXi trim, the turbo-petrol variants further gain a reverse parking camera, electrically folding outside rearview mirrors (ORVMs), alloy wheels, and an exclusive Bluish Black exterior colour option. In the ZXi trim, the turbo-petrol variants receive a rear wiper and washer, two tweeters, cruise control, auto headlamps, blind spot warning, safe exit warning, and rear cross-traffic alert.

2026 Maruti Brezza turbo petrol vs NA petrol: Technical differences

The turbo-petrol engine lacks an automatic transmission option

Apart from the visual differences, there are some other technical differences too between the turbo-petrol and naturally aspirated petrol variants. The obvious ones are the differences in cubic capacity and the lack of a cylinder in the turbo unit compared to the naturally aspirated one. What the turbo version also lacks is an automatic gearbox, as this gearbox option is reserved for the naturally aspirated engine on the 2026 Brezza. Interestingly, the Brezza’s turbo-petrol engine is the same as that of the Fronx’s, but the latter is offered with a 6-speed automatic gearbox. Moreover, the turbo-petrol engine is not offered with a CNG option.

Asian Games में कब टकराएंगी भारत पाक की पुरुष महिला क्रिकेट टीमें?

मौजूदा चैंपियन भारत और पाकिस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह दी गई है।भारतीय महिला टीम जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला प्रारंभिक चरण के मैच के बाद तय होगा। सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश या चीन में से किसी एक टीम से होगा।

भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना कर सकती है। एशियाई खेलों में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू होगी और उसका फाइनल मैच एक अक्टूबर को खेला जाएगा।

महिलाओं की प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। भारतीय महिला टीम फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ सकती है। पुरुषों की प्रतियोगिता में 10 टीमें भाग ले रही हैं। प्रारंभिक चरण में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल तथा ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान शामिल होंगे।

दोनों प्रतियोगिताएं आइची प्रांत के कोरोजी एथलेटिक पार्क में टी20 प्रारूप में खेली जाएंगी।श्रेयस अय्यर भारतीय पुरुष टीम की, जबकि हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला टीम की कप्तानी करेंगी।क्रिकेट चौथी बार एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले यह 2010 में ग्वांगझू, 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझोऊ खेलों का हिस्सा था।

Maruti Brezza 2026 Launch: ₹7.40 लाख में नई SUV की एंट्री, टर्बो इंजन और 5-स्टार सेफ्टी के साथ Nexon-Venue को देगी टक्कर

Maruti Brezza 2026 Launch: देश की कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने भारतीय बाजार में अपनी 2026 Maruti Suzuki Brezza फेसलिफ्ट को लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआती कीमत 7.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। नई Brezza फेसलिफ्ट में आपको नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन, नई स्टाइलिंग, दमदार फीचर्स और अतिरिक्त सुरक्षा टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही मौजूदा पेट्रोल और CNG वर्जन को भी कई अपडेट के साथ पेश किया गया है।

Maruti Brezza 2026: इंजन और पावरट्रेन

Maruti Brezza 2026 की सबसे बड़ी खासियत इसका नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन है, जो 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आएगा और 110.2 PS की पावर और 170 Nm का टॉर्क जनरेट करेगा। Maruti Suzuki ने इसकी फ्यूल एफिशिएंसी 20.47 kmpl बताई है। यह नया टर्बो-पेट्रोल ऑप्शन उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो तेज़ रफ़्तार और बेहतर परफॉर्मेंस चाहते हैं।

टर्बो-पेट्रोल इंजन के अलावा Maruti Suzuki Brezza 2026 में पहले वाला 1.5-लीटर K15C Dual Jet Dual VVT पेट्रोल इंजन भी जारी रहेगा। यह इंजन 103.05 PS की पावर और 139 Nm का टॉर्क देता है। इसमें अब पुराने 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स की जगह नया 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन दिया गया है। इसके साथ ही पैडल शिफ्टर्स वाला 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी मिलता रहेगा।

वहीं, S-CNG वर्जन (87.8 PS और 121.5 Nm) को भी नए अंडरबॉडी CNG टैंक के साथ अपडेट किया गया है, जिससे बूट स्पेस ज्यादा मिलता है। इसमें आइडल स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी और नया 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स भी दिया गया है।

Maruti Brezza 2026: डिजाइन और फीचर्स में बड़े बदलाव

2026 Brezza फेसलिफ्ट के बाहरी हिस्से में कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें नई स्मोक क्रोम ग्रिल, मेटैलिक ग्रे स्किड प्लेट, नए डुअल-टोन साइड क्लैडिंग और नए डिजाइन वाले प्रिसिजन-कट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। टर्बो वेरिएंट्स में खास ‘Turbo Boosterjet’ बैजिंग भी है, और खरीदार स्पोर्टी रेड एक्सेंट वाले खास टर्बो एक्सेसरी पैकेज का विकल्प भी चुन सकते हैं।

इंटीरियर की बात करें तो, SUV के केबिन में कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। Maruti Brezza 2026 में अब 10.1-इंच का SmartPlay Pro X टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जिसमें इन-बिल्ट Alexa, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, इंटरनेट कनेक्टिविटी, ओवर-द-एयर अपडेट्स और 35 से ज्यादा ऐप्स की सुविधा है। अन्य खासियतों में प्रीमियम Arkamys सराउंड सेंस ऑडियो सिस्टम, 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग, लेदरेट सीट्स, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, AQI डिस्प्ले वाला PM2.5 एयर प्यूरीफायर, एक्टिव कूलिंग वाला वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर और इलेक्ट्रिक सनरूफ शामिल हैं।

Maruti Brezza 2026: सेफ्टी फीचर्स को किया गया अपग्रेड

Brezza फेसलिफ्ट के लॉन्च के साथ इसकी सुरक्षा को भी बेहतर बनाया गया है। अब इस नई SUV में ब्लाइंड स्पॉट वॉर्निंग के साथ लेन चेंज अलर्ट, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट, सेफ एग्जिट वॉर्निंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, फ्रंट पार्किंग सेंसर और अतिरिक्त व्यूइंग मोड वाला अपग्रेडेड 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा, Brezza को 5-स्टार भारत NCAP सेफ़्टी रेटिंग भी मिली है।

नई Brezza 2026 को सात एक्सीटरियर कलर ऑप्शन में पेश किया गया है, जिनमें दो नए शेड — Vivacious Orange और Lustrous Beige शामिल हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार लुक पाने के लिए टर्बो, टेरास्केप और मेट्रोस्केप एक्सेसरी पैकेज में से भी चुन सकते हैं।

Maruti Brezza 2026: कीमत और मुकाबला

Brezza फेसलिफ्ट 2026 की शुरुआती कीमत ₹7.40 लाख (एक्स-शोरूम) है, जबकि मारुति सुज़ुकी अलग से सभी वेरिएंट्स की कीमतों की पूरी लिस्ट जारी करेगी। कंपनी के मुताबिक, अब तक 14 लाख से ज्यादा ग्राहक Brezza को अपना चुके हैं। ऐसे में मारुति को उम्मीद है कि अपडेटेड SUV भारत के तेजी से बढ़ते और प्रतिस्पर्धी कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी।

नई Brezza Facelift को ऐसे समय में लॉन्च किया गया है, जब कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में कॉम्पिटिशन लगातार बढ़ रहा है। यह अपडेटेड SUV Tata Nexon, Hyundai Venue, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO and Skoda Kylaq जैसे मॉडल्स को टक्कर देगी।

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HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर में आगे 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 470 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 381.25 रुपये से 23 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक पर ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सरकारी कंपनी HPCL को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 11,526.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी को 4,575.87 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेजी ​आई। लेकिन फिर भी HPCL ने पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचा। इसकी वजह से कंपनी का पिछले वित्त वर्ष का दो-तिहाई से अधिक लाभ खत्म हो गया। कंपनी का मुनाफा पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 17,258.13 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी को तिमाही के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस LPG की बिक्री पर भारी नुकसान हुआ। इससे रिकॉर्ड रिफाइनिंग मार्जिन खत्म हो गया। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 1.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 1.19 लाख करोड़ रुपये था।

HPCL पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि HPCL ने मार्केटिंग मार्जिन उम्मीद से कम रहने के कारण ₹161.3 अरब का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया। अनुमान ₹161.3 अरब के ऑपरेटिंग लॉस का था। ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन (इन्वेंट्री सहित) नेगेटिव ₹14.9/लीटर रहा, जबकि अनुमान नेगेटिव ₹9.4/लीटर का था। LPG अंडर-रिकवरी ₹56 अरब रही। ब्रोकरेज को अनुमान है कि HPCL वित्त वर्ष 2028 में इक्विटी पर 17.3 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज करेगी।

HPCL का मार्केट कैप 81100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 23 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 54.90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जेफरीज और नोमुरा का रुख

HPCL के शेयर पर जेफरीज ने “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस ₹325 प्रति शेयर रखा है। जून तिमाही में कंपनी का नुकसान ब्रोकरेज के अनुमान से कम था। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि HPCL पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए घाटा दर्ज कर सकती है। इसकी वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्पॉट मार्केटिंग मार्जिन फिर से घाटे में चले गए हैं।

नोमुरा ने HPCL के लिए “न्यूट्रल” रेटिंग और ₹440 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। HPCL पर नजर रखने वाले 33 एनालिस्ट्स में से 15 ने “बाय” रेटिंग दी है। 7 ने “होल्ड” रेटिंग और 11 ने “सेल” रेटिंग दी है।

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कौन हैं विनीत जोशी जिनकी शिक्षा मंत्रालय से हुई छुट्टी? NEET पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन

Vineet Joshi Transferred: देश भर में NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ जारी भारी आक्रोश और विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटा दिया है। 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया है।

विनीत जोशी की जगह अब वरिष्ठ अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग के नए सचिव की कमान सौंपी गई है। आइए आपको बताते हैं कि विनीत जोशी कौन हैं?

कौन हैं विनीत जोशी?

विनीत जोशी 1992 बैच के मणिपुर कैडर के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। वे पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने देश के शीर्ष संस्थान IIT कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया है। इसके अलावा उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (IIFT), नई दिल्ली से MBA की डिग्री हासिल की है।

उच्च शिक्षा सचिव बनने से पहले विनीत जोशी मणिपुर के मुख्य सचिव जैसे सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

शिक्षा मंत्रालय में संभाले कई बड़े पद

विनीत जोशी ने केंद्र और राज्य सरकारों में विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई बेहद महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने दिसंबर 2024 में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया था। बाद में संजय कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। नियमित नियुक्ति होने तक अप्रैल 2025 में उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।

CBSE और NTA के प्रमुख भी रह चुके है

विनीत जोशी का नाम देश की प्रमुख शैक्षणिक एजेंसियों और परीक्षा प्रणालियों से गहराई से जुड़ा रहा है। वे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वे सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली जैसे बड़े शैक्षणिक सुधारों से जुड़े रहे।

वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक भी रह चुके हैं। NTA वही संस्था है जो देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं जैसे JEE Main, NEET और CUET का आयोजन कराती है।

NEET विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद से ही शिक्षा मंत्रालय पर चौतरफा दबाव था। छात्रों और विभिन्न संगठनों के लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार द्वारा विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में भेजा जाना एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

IDA Hike: इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 1 जुलाई 2026 से बढ़ा महंगाई भत्ता, जानें किसे कितना मिलेगा फायदा

CPSE Employees IDA Hike July 2026: सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज में काम करने वाले अधिकारियों और नॉन-यूनियनाइज्ड सुपरवाइजर्स के लिए खुशखबरी है। भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय के तहत आने वाले सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) ने 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की नई दरों का नोटिफिकेशन पिछले दिनों जारी कर दिया।

महंगाई भत्ता (DA/IDA) कर्मचारियों की सैलरी का वह अहम हिस्सा है, जो बढ़ती महंगाई के असर को कम करने के लिए समय-समय पर रिवाइज किया जाता है। आइए आपको बताते हैं कि अलग-अलग पे-स्केल के हिसाब से IDA की नई दरें क्या तय की गई हैं और इसका आपकी टेक-होम सैलरी पर क्या असर पड़ेगा।

1987 से 2017 पे-स्केल: जानिए IDA की नई दरें

सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली नई IDA दरें इस प्रकार हैं:

  • 2017 पे-स्केल: इस पे-स्केल के तहत आने वाले कर्मचारियों का IDA बढ़कर 55.7% हो गया है।
  • 2007 पे-स्केल: इस श्रेणी के कर्मचारियों के लिए नई IDA दर 241.7% तय की गई है।
  • 1997 पे-स्केल: 1997 वेतनमान वाले कर्मचारियों का IDA रिवाइज होकर 476.9% पहुंच गया है।
  • 1987 पे-स्केल: 1987 पे-स्केल का पालन करने वाले कर्मचारियों के लिए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के औसत ₹9,854 स्तर के आधार पर ₹18,298 की राशि तय की गई है।

सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?

IDA में हुई इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में इजाफा देखने को मिलेगा। आपकी सैलरी में कितना उछाल आएगा, यह आपके बेसिक पे और लागू पे-स्केल पर निर्भर करता है।

उदाहरण से समझें तो अगर 2017 पे-स्केल के तहत किसी CPSE कर्मचारी का बेसिक पे ₹50,000 है, तो 55.7% की नई दर के हिसाब से उनका IDA घटक अब ₹27,850 हो जाएगा। इसी तरह अलग-अलग पे-स्केल और बेसिक पे के हिसाब से कुल सैलरी में बढ़ोतरी भिन्न होगी।

क्या होते हैं CPSEs और इन्हें क्यों मिलता है अलग भत्ता?

सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) वे सरकारी कंपनियां होती हैं, जो ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे अहम क्षेत्रों में काम करती हैं। केंद्र सरकार के मंत्रालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और CPSE कर्मचारियों के वेतनमान व भत्ते अलग-अलग होते हैं। CPSE में महंगाई भत्ते की गणना इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) के आधार पर होती है।

DPE ने सभी प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने नियंत्रण वाली सभी CPSE कंपनियों में इन संशोधित दरों को तुरंत प्रभाव से लागू कराएं।

2026 Maruti Brezza: All that’s new over its predecessor

Maruti Brezza

The 2026 Maruti Brezza facelift brings several updates over the outgoing model to strengthen its position in the highly competitive mid-size SUV segment. The refreshed SUV borrows a couple of features from the Victoris, Maruti’s flagship Arena SUV, and also gains an additional engine option from the Fronx. Here’s a look at everything that’s new on the updated Brezza.

1. Turbo-petrol engine

Turbo-petrol engine

One of the highlights of the new Brezza is the addition of a turbo-petrol engine option. After the Fronx, the Brezza is the second SUV to get the brand’s 1-litre, 3-cylinder direct injection turbo-petrol motor, producing 110hp and 170Nm. The same unit, for reference, has been tuned to deliver outputs of 100hp and 147.6Nm in the Fronx.

2. 6-speed manual transmission

6-speed manual transmission

While the Fronx pairs a 5-speed manual transmission with its turbo-petrol engine, the Brezza opts for a 6-speed unit. Even, the 1.5-litre naturally aspirated petrol and CNG versions of the Arena SUV get a 6-speed manual transmission as standard, instead of the 5-speed unit on offer before.

3. Underbody CNG tank

Underbody CNG tank

After offering an underbody-mounted CNG tank with the Victoris, the carmaker has added the same to the Brezza. Unlike a conventional CNG cylinder placed in the boot, this arrangement frees up luggage space. However, the updated Brezza no longer comes with a spare wheel, regardless of the powertrain. Instead, it gets a puncture repair kit.

4. Larger 10.1 inch touchscreen

Larger 10.1 inch touchscreen

Another upgrade introduced with the Brezza facelift is a Victoris-like 10.1-inch touchscreen with a new UI/UX interface, replacing the previous 9-inch unit. However, the 4-speaker, 2-tweeter setup has been carried over in the updated SUV. 

5. Front ventilated seats

Front ventilated seats

With the 2026 Brezza facelift, Maruti has finally added front ventilated seats, a feature that was missing from the SUV despite being offered by rivals such as the Hyundai Venue, Tata Nexon, Skoda Kylaq and Kia Syros. The addition improves comfort for both the driver and front passenger. New colours for the ambient lights and leatherette seats have also been added.

6. New safety features

The 2026 Brezza facelift now gets a blind spot warning system, which alerts the driver with a visual warning when another vehicle is travelling in the blind spot. In addition to the blind spot warning system, Maruti has equipped the Brezza with a tyre pressure monitoring system and front parking sensors. The SUV also gets a rear cross-traffic alert, improving safety while reversing out of parking spaces. However, the Brezza still does not get an ADAS suite.

2026 Maruti Brezza scores 5-star Bharat NCAP rating

The 2026 Brezza facelift has undergone Bharat NCAP crash tests, where it secured a full 5-star safety rating. The pre-facelift version, however, was never tested by BNCAP. For those not in the know, the current-generation Brezza is based on the same Global-C platform as its predecessor, but Maruti now calls it the TECT platform. The previous-generation Brezza earned a 4-star Global NCAP crash safety rating.

₹4 लाख से कम सैलरी वाले सावधान! टैक्स तो नहीं लगेगा, पर ITR भरना है जरूरी; जानिए ये 6 कड़े नियम

ITR Filing Rules Below Exemption Limit: एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिना लेट फीस इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है जो बेहद करीब है। आयकर विभाग के अनुसार, अब तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना ITR फाइल कर चुके हैं।

आमतौर पर माना जाता है कि नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹4 लाख और पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत ₹2.5 लाख से अधिक की सालाना कमाई पर ही आईटीआर भरना अनिवार्य होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सालाना कमाई इस बेसिक छूट सीमा से कम होने के बावजूद भी आपको जेल या पेनल्टी से बचने के लिए ITR दाखिल करना पड़ सकता है?

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत ऐसे 6 विशेष नियम तय किए गए हैं, जिनके दायरे में आने पर आईटीआर भरना अनिवार्य हो जाता है। आइए इन्हें आसान भाषा में समझते हैं।

इन 6 स्थितियों में कम कमाई पर भी अनिवार्य है ITR भरना

अगर आपकी सालाना आय बेसिक छूट सीमा से कम है, फिर भी इनमें से कोई एक शर्त पूरी होने पर आपको ITR दाखिल करना ही होगा:

1- करंट अकाउंट में ₹1 करोड़ से ज्यादा का डिपॉजिट: अगर आपने वित्त वर्ष के दौरान अपने एक या एक से अधिक चालू खातों में ₹1 करोड़ या उससे अधिक की नकदी जमा की है।

2- विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से अधिक का खर्च: अगर आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति के फॉरेन ट्रैवल जैसे- हवाई टिकट, टूर पैकेज आदि पर ₹2 लाख से ज्यादा खर्च किए हैं।

3- ₹1 लाख से ज्यादा का बिजली बिल: अगर पूरे साल में आपका बिजली बिल कुल मिलाकर ₹1 लाख से अधिक आया है।

4- TDS या TCS की सीमा पार होना: अगर वित्त वर्ष के दौरान आपका कुल TDS/TCS कटान ₹25,000 या उससे अधिक है (60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए)। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे ऊपर) के लिए यह सीमा ₹50,000 रखी गई है।

5- सेविंग्स अकाउंट में ₹50 लाख या उससे अधिक जमा: अगर वित्त वर्ष में आपके एक या एक से अधिक बचत खातों में कुल ₹50 लाख या उससे ज्यादा जमा हुए हैं।

6- विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी: अगर आप भारत के निवासी हैं और विदेश में कोई संपत्ति, फाइनेंशियल शेयर या किसी विदेशी बैंक खाते का साइनिंग राइट रखते हैं।

कम कमाई के बावजूद ITR फाइल करने के 4 बड़े फायदे

भले ही कानूनन आपके लिए आईटीआर भरना अनिवार्य न हो, फिर भी वॉलंटरी रिटर्न दाखिल करने के कई बड़े फायदे मिलते हैं:

लोन मिलने में आसानी: होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के आवेदन के दौरान ITR सबसे मजबूत ‘इनकम प्रूफ’ का काम करता है।

वीजा प्रोसेसिंग: कई देशों जैसे- अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपियन देश का वीजा हासिल करने के लिए पिछले 2-3 सालों का ITR जमा करना अनिवार्य होता है।

TDS रिफंड का दावा: अगर आपका टीडीएस कटा है, तो उसे वापस पाने के लिए रिटर्न भरना ही एकमात्र तरीका है।

नुकसान को आगे ले जाना: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या बिजनेस में हुए नुकसान को भविष्य के मुनाफे से सेट-ऑफ करने के लिए समय पर ITR फाइल करना जरूरी होता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Paramount Skydance और Warner Bros. Discovery की फिलहाल नहीं होगी डील, जून 2027 तक टल सकता है $110 अरब का सौदा

पैरामाउंट स्काईडांस (Paramount Skydance) ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros Discovery) के अधिग्रहण को फिलहाल रोक दिया है। इससे 110 अरब डॉलर की डील पर और अनिश्चितता छा गई है। यह डील तब तक रुकी रहेगी, जब तक कि इस डील के खिलाफ राज्यों की चुनौती पर कोई फैसला नहीं आ जाता। हो सकता है कि यह डील अगले साल जून तक टली रहे। लेकिन यह पैरामाउंट को भारी पड़ने वाला है। रॉयटर्स के मुताबिक, अगर डील में अगले साल जून तक की देरी होती है, तो पैरामाउंट को वार्नर ब्रदर्स के शेयरधारकों को 1.7 अरब डॉलर तक की ‘टिकिंग फीस’ चुकानी पड़ सकती है।

डील की शर्तों के तहत अगर मर्जर 30 सितंबर 2026 तक पूरा नहीं होता है, तो पैरामाउंट को वार्नर ब्रदर्स के शेयरधारकों को 1 अक्टूबर से लेकर डील होने तक फीस के तौर पर 70 लाख डॉलर प्रतिदिन देने होंगे। रॉयटर्स के मुताबिक, कैलिफोर्निया और 11 अन्य राज्यों ने 13 जुलाई को एक मुकदमा दायर किया था। उनका तर्क था कि पैरामाउंट स्काईडांस और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की इस डील से एक ऐसी विशाल मीडिया कंपनी बनेगी, जिसके पास फिल्म और टेलीविजन में कीमतें बढ़ाने की ताकत होगी।

रॉयटर्स की हालिया केसों की समीक्षा से पता चला है कि मर्जर को चुनौती देने वाले ऐसे मामलों में जज का फैसला आने में औसतन 8 महीने का समय लगता है। यह मुकदमा ओकलैंड फेडरल कोर्ट में दायर है। मुकदमे से पैरामाउंट के CEO डेविड एलिसन की उस कोशिश के पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है, जिसके तहत वे अपनी कंपनी को नेटफ्लिक्स और डिज्नी की बड़ी प्रतिद्वंद्वी बनाना चाहते हैं।

नहीं हुई डील तो पैरामाउंट देगी 7 अरब डॉलर की टर्मिनेशन फीस

पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की डील कंप्लीट होने के बाद बनने वाली कंपनी में 15,000 से ज्यादा टाइटल और “गेम ऑफ थ्रोन्स,” “मिशन इम्पॉसिबल,” “हैरी पॉटर,” और DC यूनिवर्स जैसी पॉपुलर फ्रेंचाइजी की फिल्म लाइब्रेरी होगी। पैरामाउंट ने यह भी पेशकश की है कि अगर डील रेगुलेटरी वजहों से पूरी नहीं हो पाती है, तो वह 7 अरब डॉलर की रेगुलेटरी टर्मिनेशन फीस देगी। पैरामाउंट स्काईडांस के CEO डेविड एलिसन, ओरेकल के फाउंडर लैरी एलिसन के बेटे हैं।