2026 F1: Norris wins Hungarian GP

Norris F1 Hungarian GP

Lando Norris converted pole position into victory at the Hungarian GP, securing his and McLaren’s first win of the 2026 season. He finished over 15 seconds clear of Max Verstappen, while Kimi Antonelli completed the podium to further extend his championship lead.

  1. Norris wins, 15.080 sec from Verstappen
  2. Hamilton moves up to second overall in drivers’ championship

Norris scores first win of F1 2026

Piastri retires with gearbox issue

F1 Hungarian GP McLaren

Oscar Piastri grabbed the lead from his McLaren teammate at Turn 2 on the opening lap. The duo held position for the first half of the race, but Piastri found himself released in traffic after his second pit stop, caught up in the battle between Carlos Sainz and Fernando Alonso. The McLaren driver ended up making contact with Sainz, with the latter being handed a five-second penalty for ignoring blue flags.

Out at front Norris was lapping significantly faster, and gained enough time to pit and re-join the track in the lead. Things went from bad to worse for Piastri as he stopped on lap 56 with an apparent gearbox failure. 

A controlled drive thereafter handed Norris his first win of the 2026 F1 season. “My pace today was probably some of the best pace I’ve ever had. The car was beautiful to drive and I felt very confident, so a great race. To get it back in terms of going long, which is certainly not what I was expecting, but the pace was so good I could always extend the stints, and fresh tyres then always won me the race. I’m just happy to be back and see the number one again,” the reigning world champion said.

Verstappen, Antonelli complete podium

F1 Hungarian GP podium

Piastri’s retirement triggered the Virtual Safety Car that shuffled the order. Verstappen and Antonelli, who had just pitted for fresh tyres, stayed out and inherited P2 and P3 ahead of the Ferrari duo of Lewis Hamilton and Charles Leclerc.

Hamilton’s hopes of finishing on the podium were dashed when he was handed a five-second penalty for speeding in the pitlane. He dropped to fifth place in the final classifications after the penalty was applied, behind his teammate Leclerc.

Isack Hadjar crossed the finish line in sixth place. George Russell recovered to P7 after a disastrous start that saw him drop as low as P19 after his anti-stall kicked in. Both Racing Bull drivers scored points, with Liam Lawson P8 and Arvid Lindblad P10. Audi’s Nico Hulkenberg separated the two in ninth place.

2026 F1 championship standings

Antonelli heads into the summer break with a 50-point lead at the top of the standings. Russell’s recent misfortune, meanwhile, has dropped him to third in the championship, while Hamilton moves up to second place overall with nine points separating the two.

The 2026 F1 season will resume with the Dutch GP at Zandvoort on August 21-23.

2026 F1 Hungarian GP results

Pos

Driver

Team

1

Lando Norris

McLaren

2

Max Verstappen

Red Bull Racing

3

Kimi Antonelli

Mercedes

4

Charles Leclerc

Ferrari

5

Lewis Hamilton

Ferrari

6

Isack Hadjar

Red Bull Racing

7

George Russell

Mercedes

8

Liam Lawson

Racing Bulls

9

Nico Hulkenberg

Audi

10

Arvid Lindblad

Racing Bulls

11

Gabriel Bortoleto

Audi

12

Pierre Gasly

Alpine

13

Lance Stroll

Aston Martin

14

Fernando Alonso

Aston Martin

15

Franco Colapinto

Alpine

16

Esteban Ocon

Haas

17

Alex Albon

Williams

18

Carlos Sainz

Williams

19

Oliver Bearman

Haas

NC

Oscar Piastri

McLaren

NC

Sergio Perez

Cadillac

NC

Valtteri Bottas

Cadillac

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

IT कंपनी साइएंट लिमिटेड के शेयरों में आगे 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल इस शेयर पर बेयरिश है। स्टॉक के लिए ‘सेल’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 740 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह BSE पर शेयर के मौजूदा भाव 840 रुपये से करीब 12 प्रतिशत कम है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। साइएंट का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 104.1 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले से 32 प्रतिशत कम है।

कुल इनकम सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2082.6 करोड़ रुपये हो गई। खर्च 1910.3 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 1565.4 करोड़ रुपये के थे। साइएंट का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।

Cyient पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि Cyient के DET (डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) बिजनेस ने जून 2026 तिमाही में 16.3 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया। यह कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत कम है। हालांकि यह ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा। ट्रांसपोर्टेशन और मोबिलिटी में तिमाही दर तिमाही कॉन्स्टेंट करेंसी बेसिस पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ और स्ट्रैटेजिक यूनिट्स में 8.2 प्रतिशत की गिरावट आई। DET बिजनेस का एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.2 प्रतिशत रहा, जो 12.5 प्रतिशत ​​के अनुमान से ज्यादा है।

DET का एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा तिमाही-दर-तिमाही 2.1 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत घटा। आंकड़ा 141.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि अनुमान 149.8 करोड़ रुपये का था। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि साल-दर-साल DET बिजनेस का रेवेन्यू 6.4 प्रतिशत, EBIT 12.9 प्रतिशत और /एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 10.8 प्रतिशत बढ़ेगा।

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Anti-Paper Leak Bill: ₹50 लाख का जुर्माना और 10 साल की जेल… पेपर लीक रोकने वाले नए बिल में क्या-क्या है?

Anti-Paper Leak Bill: दो साल पुराने ‘क्वेश्चन पेपर लीक’ विरोधी कानून में बदलाव करने वाला एक बिल सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल में आरोपियों पर तेजी से मुकदमा चलाने के लिए हर राज्य में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सजा को और सख़्त करने का प्रस्ताव है। ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के अंदर पूरी होनी चाहिए।

बिल पेश करने से पहले सदस्यों को दी गई कॉपी के अनुसार, क्वेश्चन पेपर लीक करने या परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कम से कम पांच साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल हो सकती है। साथ ही ₹50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है। ऑर्गनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) के लिए बिल में कम से कम 7 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसे जल्द से जल्द संसद में पेश करने का निर्देश दिया। उम्मीद है कि यह बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा।

मौजूदा कानून में क्या है?

मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल की जेल का प्रावधान है। जबकि संगठित धोखाधड़ी और क्वेश्चन पेपर लीक में शामिल लोगों को पांच से 10 साल की जेल और कम से कम ₹1 करोड़ का जुर्माना हो सकता है। इस बिल को सोमवार को लोकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और उसे पास कराने के लिए लिस्ट किया गया है। आम तौर पर किसी बिल को एक ही दिन पेश करने और पास कराने के लिए लिस्ट नहीं किया जाता है।

सरकार ने घोषणा की है कि वह प्रस्तावित कानून ला रही है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में NEET क्वेश्चन पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन समाप्त हो गया है।

एक हफ्ते नहीं चल पाया संसद

NEET मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले हफ्ते की कार्यवाही में बाधा आई थी। नए बिल पर विपक्ष का रुख़ अभी साफ़ नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह आम सहमति के आधार पर आगे बढ़ेंगे।

ये भी पढ़ें- Pralhad Joshi: शिक्षा मंत्री बनने के बाद प्रह्लाद जोशी का आया पहला रिएक्शन, धर्मेंद्र प्रधान के बारे में क्या कहा?

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य माँगें मान लिए जाने के बाद CJP ने शनिवार को अपना 36 दिन लंबा विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। इस बिल में 15 गैर-कानूनी कामों को शामिल किया गया है। इनमें क्वेश्चन पेपर लीक करना, OMR शीट के साथ छेड़छाड़ करना, फर्जी वेबसाइट बनाना और फर्जी एडमिट कार्ड जारी करना शामिल है।

कनाडा में पंजाबी युवती की हत्या:आरोपी ने पहले बात की, फिर करीब से गोली मार दी; परिवार बोला- डरकर कुछ दिन पहले पंजाब आई थी

कनाडा के टोरंटो शहर में पंजाबी युवती नवनीत कौर(26) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। जिस पर फर्स्ट डिग्री मर्डर और कोर्ट की अंडरटेकिंग का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई। उसके बाद युवक ने युवती पर गोली चला दी। फिर वह मौके से फरार हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने इसे टारगेट किलिंग करार दिया है। वहीं परिजनों का आरोप है कि युवक शादीशुदा होने के बावजूद युवती पर जबरन शादी का दबाव बना रहा था। इसी वजह से वह कुछ महीने पहले पंजाब भी लौट आई थी। इनकार करने पर उसने युवती की हत्या कर दी। कत्ल को लेकर कनाडा पुलिस की 3 अहम बातें… परिवार का दावा- शादी के लिए बना रहा था दबाव
जर्मनी में रह रहे मृतका के अमृतसर निवासी चचेरे भाई मलकीत सिंह ने बताया कि नवनीत और आरोपी पहले एक ही जगह काम करते थे और एक-दूसरे को जानते थे। हालांकि, दोनों के बीच किसी तरह का प्रेम संबंध नहीं था। परिवार के मुताबिक, आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह लगातार अपनी पत्नी को तलाक देकर नवनीत से शादी करने का दबाव बना रहा था। युवती द्वारा इनकार करने पर उसने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। कनाडा पुलिस और आरोपी के परिवार से भी की थी शिकायत
परिजनों का दावा है कि नवनीत ने आरोपी की हरकतों की शिकायत कनाडा पुलिस से भी की थी। इसके अलावा भारत में आरोपी के परिवार से संपर्क कर बताया गया था कि उनका बेटा युवती को लगातार परेशान कर रहा है। परिवार के अनुसार, आरोपी के परिजनों ने भी माना था कि वे खुद उसके व्यवहार से परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायत को समय रहते गंभीरता से लिया जाता और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। डर के कारण दो-तीन महीने पहले भारत आई थी
परिजनों के मुताबिक, आरोपी की लगातार हरकतों से परेशान होकर नवनीत करीब दो-तीन महीने पहले भारत आई थी। उसने कुछ समय पंजाब में अपने परिवार के साथ डर के माहौल में बिताया और बाद में वापस कनाडा लौट गई थी। परिवार का कहना है कि वह अच्छी नौकरी कर रही थी और अपने करियर पर ध्यान दे रही थी। पुलिस ने लोगों से मांगी मदद
टोरंटो पुलिस ने घटना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी रखने वाले लोगों से आगे आने की अपील की है। पुलिस ने आसपास के इलाके की CCTV और डैशकैम फुटेज रखने वाले लोगों से भी जांच में सहयोग करने को कहा है। इसके अलावा, क्राइम स्टॉपर्स के जरिए भी सूचना देने की अपील की गई है। टोरंटो पुलिस के मुताबिक, यह वर्ष 2026 में शहर का 22वां हत्या का मामला है। ******************** ये खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड में पंजाबी लड़की की हत्या, पेट-छाती पर 5 वार
पंजाब के तरनतारन की युवती की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। उसके पेट-छाती में 5 बार चाकू से वार किए गए। युवती करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर हायर एजुकेशन के लिए गई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे वर्क परमिट मिल गया था और वह वहीं रहकर नौकरी कर रही थी। युवती की हत्या के बाद आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो चाकू लेकर जाता हुआ दिख रहा है। वीडियो घर के गेट के कैमरे में कैद हुआ(पढ़ें पूरी खबर)

Petrol Diesel Price Today: आज जारी हुए नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 26 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 | डीजल ₹95.44

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 | डीजल ₹100.92

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 | डीजल ₹86.09

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 | डीजल ₹97.78

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55

पटना: पेट्रोल ₹113.35 | डीजल ₹99.36

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 | डीजल ₹104.40

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Lunar Eclipse 2026: अगस्त में लगने वाला चंद्र ग्रहण इन राशियों के लिए हो सकता है भारी, शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि में होगा ग्रहण

Lunar Eclipse 2026: ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसे धार्मिक और ज्योतिषीय रूप से भी अहम माना जाता है। साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण इस साल अगस्त या सावन के महीने में श्रावणी पूर्णिमा के दिन होगा। यह एक दिलचस्प और दुर्लभ खगोलीय घटना है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण चाहे भारत में दिखे या न दिखे, उसके अच्छे-बुरे प्रभाव सौर मंडल की सभी 12 राशियों पर होते हैं। 28 अगस्त को लगने वाला साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन का मेष से लेकर मीन राशि पर प्रभाव पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए साल का आखिरी चंद्र ग्रहण अत्यंत अशुभ साबित हो सकता है। जानें साल के आखिरी चंद्रग्रहण के बारे में पांच जरूरी बातें।

किस राशि और नक्षत्र में लगेगा चंद्र ग्रहण : 28 अगस्त को लगने वाला चंद्र ग्रहण शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि में लगेगा। इस दिन राहु कुंभ राशि में और सूर्य सिंह राशि में केतु के साथ गोचर करेंगे। पूर्णिमा के दिन सूर्य राहु से और चंद्रमा केतु से कुछ देशों में 10 डिग्री की दूरी पर रहेंगे, जिससे उन जगहों पर ग्रहण हों की स्थिति बनेगी।

चंद्र ग्रहण का किन राशियों पर पड़ेगा अशुभ प्रभाव : ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, चंद्र ग्रहण की घटना का मेष से लेकर मीन राशि पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। 28 अगस्त को लगने वाला चंद्र ग्रहण सिंह, वृश्चिक, मकर, और कुंभ राशि के लिए अशुभ साबित हो सकता है। इस समय इन राशियों को नकारात्मक फलों की प्राप्ति हो सकती है।

चंद्र ग्रहण भारत में नजर आएगा या नहीं : भारत में यह ग्रहण दिन में लगेगा, जिसके कारण चंद्र ग्रहण का प्रभाव नहीं रहेगा। भारत में चंद्र ग्रहण के समय उजाला हो जाएगा और चंद्रास्त रहेगा, जिसके कारण यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। भारत में नहीं दिखने के कारण चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण का कितने बजे से शुरू होगा : भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 05 घंटे 39 मिनट की मानी जा रही है।

चंद्र ग्रहण किन देशों में नजर आएगा : चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका महाद्वीप में दिखाई देगा।

Sawan 2026: सावन के महीने में 4 ग्रहों के गोचर से मौज काटेंगे 3 राशियों के जातक, जानें किस दिन होगा किस ग्रह का गोचर

Opinion: Why product planning may become auto industry’s most coveted function

Opinion: Why product planning may become auto industry's most coveted function

Here’s a prediction – Product Planning will be the most coveted function in the Indian automobile industry, to navigate it towards true sustainable and accessible mobility over the next decade. Given the regulatory pressures, changing consumer behaviour and ever-fluid geopolitics, the year 2026 will be a crucial one.

Tightening CAFE norms, new safety mandates, end-of-life rules, powertrain fragmentation with varying levels of incentives, platform strategies, ROI anxieties and shareholder pressures are the various balls a product planner has to juggle on an everyday basis.

The complexities are enormous. The pressures are immense, right from supplier ecosystem stress and tech-stack capabilities to localisation targets, increasing price sensitivity and network anxieties. 

Now add the layer of multiple consumer generations coe₹xisting in the form of millennials, gen Z, gen α and gen β with opposing views on personal mobility, and you are in a function that very few will want. This is almost like being the editor of a Truffaut film – you need to edit, but are grappling with what to leave out. 

The product planner has been behind the backdrop for all these years. While marketers, designers, engineers and salespersons have been valorised, the product planners have preferred walking in the shadows. The media, barring a rare few, have overlooked them. This is possibly because the function is not too glamorous. For them, there are no launch events, no design conclaves, no sales conferences and no engineering hackathons. This tribe basically leads a typically ‘boring’ life in the marketplaces and on the shopfloors, studying multiple tracks, balancing various power centres and taking crucial decisions that affect the lives of the more glamorous and valorised. 

They operate in the classic chaos theory ecosystem, trying to create deterministic laws through interdisciplinary teamwork from the myriad dynamic stimuli arising out of culture codes and geopolitics. If the culture codes are evolutionary in nature and the geopolitics rest on collaborative trade and peace, life is easy for them. But not right now. The generational culture codes are in conflict. Geopolitics are in a state of flux. Stability and order are definitely not to be seen today and even in the next four to five years. The political actions of today will have far-reaching ripple effects. And the product planner is expected to provide working solutions and sustainable success. 

Will the SUV-isation trend remain? Will rising costs make entry-level vehicles out of reach? Will gen β want to buy a personal vehicle at all?    

Highly complex questions that many CEOs would stay away from answering. Yet, it is the product planner who will stick his/her neck out and not just hazard an answer but also provide a solution. Time to recognise this unsung hero as the pivot of the automobile industry.

LPG Cylinder Price Today: एलपीजी गैस को लेकर आया बड़ा अपडेट! घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत जारी, जानिए पूरी लिस्ट

LPG Cylinder Price Today: घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। 26 जुलाई 2026 को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जबकि इस महीने की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की गई थी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है।

दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 पर स्थिर बनी हुई है। वहीं, 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब ₹2,930 में मिल रहा है। ये पिछले महीने 3,113.50 रुपये में मिल रहा था। पिछले 12 महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमत में कुल ₹89 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि मार्च 2026 में एक बार में ₹60 की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। दूसरी ओर, कमर्शियल सिलेंडर में मई 2026 में रिकॉर्ड ₹993 की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन जुलाई में इसमें ₹183.50 की राहत दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई है। जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटने से खाद्य एवं आतिथ्य उद्योग की लागत में कमी आएगी। यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बड़ी उथल-पुथल नहीं होती है, तो अगले कुछ समय तक घरेलू LPG की कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है।

कीमतों में अब कब होगा बदलाव?

भारत में LPG सिलेंडर की कीमतों में आमतौर पर हर महीने की 1 तारीख को बदलाव किया जाता है। सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL और HPCL) अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों, कच्चे तेल के भाव, डॉलर-रुपये की कीमत और अन्य लागतों की समीक्षा के बाद नई दरें जारी करती हैं।

हालांकि, हर महीने कीमत बदलना जरूरी नहीं होता। कई बार लगातार कई महीनों तक घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर रहते हैं। जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ज्यादा बार बदलाव देखने को मिलता है। हाल ही में 1 जुलाई 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹183.50 घटाई गई थी। जबकि 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया।

ये भी पढ़ें- Pralhad Joshi: शिक्षा मंत्री बनने के बाद प्रह्लाद जोशी का आया पहला रिएक्शन, धर्मेंद्र प्रधान के बारे में क्या कहा?

भारत में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें राज्य और स्थानीय टैक्स (VAT) के कारण अलग-अलग शहरों में भिन्न होती हैं। तेल कंपनियां (OMCs) अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य के आधार पर हर महीने एलपीजी सिलेंडर की दरें संशोधित करती हैं। प्रमुख शहरों में रसोई गैस (14.2 किग्रा घरेलू सिलेंडर) और कमर्शियल गैस (19 किग्रा सिलेंडर) के आज के नवीनतम रेट इस प्रकार हैं:-

देश के प्रमुख शहरों में LPG के ताजा रेट (14.2 किग्रा/19 किग्रा)

घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम)

नई दिल्ली: ₹942.00

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹968.00

चेन्नई: ₹957.50

लखनऊ: ₹979.50

पटना: ₹1,031.50

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम)

नई दिल्ली: ₹2,930.00

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: ₹3,081.50

चेन्नई: ₹3,106.00

लखनऊ: ₹3,052.50

पटना: ₹3,227.00

CG Assistant Teacher Vacancy: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक के 2294 पदों पर भर्ती शुरू, 12वीं पास और डीएलएड वाले कर सकते हैं आवेदन

CG Assistant Teacher Vacancy: छत्तीसगढ़ अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (CGSSB), ने डायरेक्टोरेट ऑफ़ पब्लिक इंस्ट्रक्शन के तहत असिस्टेंट टीचर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीजीएसएसबी को व्यापम के नाम से भी जाना जाता है। यह भर्ती विज्ञापन संख्या F-20/2026/3202 के जरिए E-Cadre और T-Cadre में कुल 2,294 खाली पदों के लिए की जा रही है।

इन पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन 24 जुलाई, 2026 को जारी किया गया था और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। योग्य उम्मीदवार 21 अगस्त, 2026 को शाम 5:00 बजे तक आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपनी आवेदन जमा कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पे मैट्रिक्स लेवल-06 के तहत असिस्टेंट टीचर के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।

सीजीएसएसबी असिस्टेंट टीचर भर्ती 2026: पदों का विवरण

पोस्ट वैकेंसी योग्यता

असिस्टेंट टीचर (E-Cadre): 795 क्लास 12 कम से कम 50% मार्क्स के साथ, दो साल का डीएलएड, चार साल का बीएलएउ या डीएड (स्पेशल एजुकेशन), साथ में CG TET या CTET योग्यता

असिस्टेंट टीचर (T-Cadre): 1,499 क्लास 12 कम से कम 50% मार्क्स के साथ, दो साल का D.El.Ed, चार साल का B.El.Ed या D.Ed (स्पेशल एजुकेशन), साथ में CG TET या CTET क्वालिफिकेशन

कुल : 2,294

उम्र सीमा : कैंडिडेट की उम्र 21 से 35 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र की गिनती 1 जनवरी, 2026 के हिसाब से की जाएगी। लागू सरकारी नियमों के हिसाब से उम्र में छूट दी जाएगी।

सीजीएसएसबी असिस्टेंट टीचर भर्ती 2026: जरूरी तारीखें

इवेंट तारीख

नोटिफिकेशन जारी : 24 जुलाई, 2026

ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू : 24 जुलाई, 2026

अप्लाई करने की आखिरी तारीख : 21 अगस्त, 2026, शाम 5:00 बजे

एप्लीकेशन करेक्शन विंडो : 22 अगस्त से 24 अगस्त, 2026, शाम 5:00 बजे

एडमिट कार्ड जारी : 5 अक्टूबर, 2026

लिखित परीक्षा (LSAT26) : 11 अक्टूबर, 2026, सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक

आवेदन शुल्क और रिफंड पॉलिसी

जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के तौर पर 350 रुपये देने होंगे। ओबीसी कैंडिडेट्स के लिए फीस 250 रुपये है, जबकि एससी, एसटी और पीडब्लूडी उम्मीदवारों को 200 रुपये देने होंगे। फीस ऑनलाइन देनी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार के नियमों के तहत, राज्य के स्थायी निवासी जो लिखित परीक्षा देंगे, उन्हें उनके बैंक अकाउंट में एप्लीकेशन फीस रिफंड कर दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया में 100 अंकों की लिखित परीक्षा होती है, जिसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन होता है। हर चरण में सफल होने वाले उम्मीदवारों को तय भर्ती नियमों के आधार पर नियुक्ति के लिए योग्य माना जाएगा। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन आवेदन शुल्क भरने से पहले अपनी एलिजिबिलिटी, रिजर्वेशन कैटेगरी और जिले की खास जरूरतों को वेरिफाई कर लें।

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Aashadh 2026 Pradosh Vrat: आषाढ़ का अंतिम प्रदोष व्रत आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और प्रदोष काल पूजा विधि

Aashadh 2026 Pradosh Vrat: हिंदू धर्म प्रदोष व्रत को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस दिन प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय भगवान शिव कैलाशधाम में प्रसन्न मुद्रा में विराजमान होते है। इसलिए इस समय महादेव की पूजा सर्वाधिक फलदायी मानी जाती है।

आज 26 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ने वाला प्रदोष व्रत किया जा रहा है। रविवार का दिन होने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत या भानु प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत रखने से स्वास्थ्य लाभ, आरोग्य, मान-सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। साथ ही कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और जीवन के संकट दूर होते हैं।

प्रदोष व्रत तारीख और शुभ मुहूर्त

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ : 26 जुलाई 2026 को दोपहर 01:58 बजे

त्रयोदशी तिथि समाप्त : 27 जुलाई 2026 को शाम 04:15 बजे

प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त : 26 जुलाई शाम 07:16 बजे से रात 09:21 बजे तक** (अवधि: 2 घंटे 5 मिनट)

रवि प्रदोष व्रत 2026 पूजा विधि

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र (सफेद या हल्के रंग के) धारण करें और भगवान शिव तथा सूर्य देव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर सात्विक रहते हुए उपवास रखें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते रहें।
  • शाम को प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास का समय) से पहले स्नान कर पूजा स्थान को पवित्र करें।
  • शिवलिंग पर गंगाजल, शुद्ध जल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, अक्षत और सफेद फूल अर्पित करें।
  • रवि प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
  • अगले दिन (27 जुलाई) सुबह स्नान-ध्यान के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें।

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