INR vs USD: डॉलर के मुकाबले रुपया 37 पैसे मजबूत, जानें क्या है वजह

INR vs USD:  गुरुवार (25 जून) को भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 94.30 पर मज़बूती से खुला, जो बुधवार (26 जून) के 94.67/$ के बंद भाव से 37 पैसे ज़्यादा है। इसे ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के संभावित दखल से सपोर्ट मिला।

पिछले सेशन में साइकोलॉजिकली ज़रूरी 95/$ के निशान के पास पहुंचने के बाद करेंसी में सुधार हुआ। ट्रेडर्स ने कहा कि RBI ने शायद उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए मार्केट में कदम रखा, जबकि RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​के कमेंट्स ने भी फॉरवर्ड प्रीमियम लेवल को नीचे खींच लिया, जिससे सेंटिमेंट को मदद मिली।

तेल की कीमतों ने रुपये को और किया मज़बूत

ब्रेंट क्रूड रात भर में 4% से ज़्यादा गिरा और एशियाई ट्रेडिंग में 2% और गिरकर लगभग $72.28 प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट तब आई जब ईरान के साथ US-इज़राइल संघर्ष को खत्म करने के मकसद से शुरुआती समझौते के बाद टैंकरों ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से फिर से मूवमेंट शुरू कर दिया।

ब्रेंट की कीमतें अब 28 फरवरी को लड़ाई बढ़ने से पहले के लेवल से नीचे आ गई हैं।

इस हफ़्ते बेंचमार्क 10% से ज़्यादा और इस महीने 21% से ज़्यादा नीचे है, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी पर दबाव कम हुआ है।

एक बैंक के करेंसी ट्रेडर ने कहा, “तेल की कम कीमतों और RBI के दखल के असर से रुपये में अच्छी तेज़ी आ रही है।”

एशियाई करेंसी में लगातार कमज़ोरी के बावजूद रुपये में बढ़त आई। फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीद के बीच US डॉलर की मज़बूत सेफ-हेवन डिमांड से रीजनल करेंसी पर दबाव बना रहा।डॉलर इंडेक्स 101.50 के आस-पास रहा, जो कई महीनों के हाई के करीब है, क्योंकि इन्वेस्टर्स का मानना ​​है कि मज़बूत US इकॉनमिक ग्रोथ और स्थिर महंगाई फेड को सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की ओर धकेल सकती है।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने कहा कि बुधवार (24 जून) को रुपये में रिकवरी, क्रूड ऑयल की कम कीमतों के साथ मिलकर, लोकल करेंसी को जल्द ही स्टेबल होने में मदद कर सकती है, भले ही ग्लोबल डॉलर में मज़बूती बनी रहे।

ING ने एक नोट में कहा कि हाल के प्राइस एक्शन से पता चलता है कि मार्केट अब होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए शिपिंग एक्टिविटी के तेज़ी से नॉर्मल होने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे ग्लोबल ऑयल मार्केट में सप्लाई में रुकावट का डर कम हो गया है।

रुपये का आउटलुक

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के मुताबिक, भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 94.30 पर मज़बूती से खुला, जिसे ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ करेक्शन से सपोर्ट मिला, जो ईरान लड़ाई से पहले के लेवल से नीचे आ गई हैं। ब्रेंट क्रूड इस हफ़्ते 10% से ज़्यादा और इस महीने 21% से ज़्यादा गिरा है, जिससे भारत के इंपोर्ट बिल को लेकर चिंता कम हुई है और घरेलू करेंसी को सपोर्ट मिला है।

यादव ने बताया कि मई में एशियाई बॉन्ड मार्केट में विदेशी इनफ्लो तीन महीने के हाई पर पहुंच गया, जिससे सेंटिमेंट को और मदद मिली। उन्होंने यह भी बताया कि RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने हाल ही में दोहराया कि इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पर बात करना अभी जल्दबाजी होगी और इस बात पर ज़ोर दिया कि सेंट्रल बैंक रुपये के लिए किसी खास एक्सचेंज रेट को टारगेट नहीं करता है। हालांकि, मार्केट पार्टिसिपेंट्स को उम्मीद है कि RBI सरकारी बैंकों के ज़रिए बहुत ज़्यादा करेंसी वोलैटिलिटी को रोकने के लिए दखल देगा।

पॉज़िटिव फ़ैक्टर्स के बावजूद, रुपये की बढ़त पर रोक लगी रही क्योंकि US डॉलर डॉलर इंडेक्स पर एक साल के हाई 101.5 के पास रहा, इस उम्मीद के बीच कि फ़ेडरल रिज़र्व लंबे समय तक सख्त मॉनेटरी पॉलिसी बनाए रख सकता है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे तेजी जारी रहने के संकेत, निफ्टी में जल्द ही छू सकता है 24500 का लेवल

Trading Plan : मजबूत होते टेक्निकल इंडिकेटर्स,इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में नरमी और इंडिया VIX में गिरावट को देखते हुए लगता है कि मार्केट की बढ़त जारी रह सकती है और निफ्टी 24,100-24,200 के लेवल तक जाता दिख सकता है। अगर इंडेक्स इस रेंज के ऊपर मजबूती दिखाता है, तो यह 24,500 के लेवल की ओर बढ़ सकता है। तब तक,23,800-23,750 का जोन एक अहम और तत्काल सपोर्ट लेवल का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो ज्यादातर टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे मजबूत सपोर्ट के कारण बैंक निफ्टी का बेहतर प्रदर्शन जारी रह सकता है और यह शुरुआती दौर में 58,500 के स्तर तक जा सकता है,जिसके बाद यह 58,800-59,000 के जोन तक पहुंच सकता है,जबकि 57,500-57,400 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर काम कर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार को बेंचमार्क निफ्टी को अपने 20-डे EMA के पास मजबूत सपोर्ट मिला और इसके बाद इसमें जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक मज़बूत बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। अहम बात यह है कि यह अपने 50-डे EMA के ऊपर वापस आने और उसके ऊपर बंद होने में भी कामयाब रहा,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिली है।

मोमेंटम के नजरिए से देखें तो डेली RSI अभी 56.24 पर है और ऊपर की ओर बढ़ रहा है,जो प्राइस एक्शन में मजबूती का संकेत देता है। इसके अलावा, डेली MACD भी बुलिश जोन में बना हुआ है क्योंकि यह अपनी ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन,दोनों के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है।

आगे 23,800-23,750 का जोन इंडेक्स के लिए एक मजबूत सपोर्ट बेस का काम कर सकता है। यह रेंज इसलिए अहम है क्योंकि यहां 20 डे EMA, 50-डे EMA और पिछले अपट्रेंड का 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक बड़ा डिमांड जोन बन गया है।

ऊपर की तरफ,तत्काल रेजिस्टेंस 24,170-24,200 की रेंज में है। अगर इंडेक्स 24,200 के लेवल के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें ऊपर की ओर नई तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 24,350 और उसके बाद जल्द ही 24,500 के लेवल तक जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,350, 24,500

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,750

स्ट्रेटेजी: 24,000 और 24,060 के बीच गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,900 और टारगेट 24,350 रखें।

Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार को बैंकिंग बेंचमार्क ‘बैंक निफ्टी’ने डेली चार्ट पर सात दिनों के कंसोलिडेशन फेज से एक निर्णायक ब्रेकआउट दिखाया, जिससे फिर से ऊपर की ओर मोमेंटम शुरू होने का संकेत मिला। इस ब्रेकआउट को और मजबूती देते हुए,इंडेक्स ने सेशन के दौरान एक मजबूत और बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो जबरदस्त खरीदारी और ब्रेकआउट की वैलिडिटी को पुख्ता करती है।

पिछले कुछ हफ्तो में बैंक निफ्टी ने लगातार ब्रॉडर मार्केट और मेन इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। यह मजबूती’बैंक निफ्टी-टू-निफ्टी रेशियो चार्ट’में भी दिखती है,जिसमें’कप पैटर्न’से ब्रेकआउट हुआ है। इसे आम तौर पर तेजी जारी रहने का संकेत माना जाता है। इस टेक्निकल बदलाव से पता चलता है कि बैंक निफ्टी आने वाले समय में भी अपना बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में है।

अहम स्तरों की बात करें तो,57,600-57,500 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। जब तक बैंक निफ्टी 57,500 के स्तर से ऊपर बना रहता है,तब तक तेजी का ट्रेंड बना रहेगा। ऐसे में,इंडेक्स के ऊपर की ओर बढ़ने का सिलसिला जारी रहने और धीरे-धीरे 58,800 और फिर शॉर्ट टर्म में 59,500 के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,800, 59,500

अहम सपोर्ट: 57,600, 57,500

स्ट्रेटेजी: 58,180 और 58,250 के बीच बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,800 और टारगेट 58,950 होगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

पश्चिम बंगाल में अब अंडों को लेकर बवाल, मिड डे मील से इसके हटने की सुगबुगाहट और इस्कॉन से जोड़ा जा रहा पूरा विवाद क्या है? समझिए

पश्चिम बंगाल मिड-डे मील विवाद (West Bengal Mid-Day Meal Controversy): पश्चिम बंगाल में स्कूलों के मिड-डे मील (स्कूली भोजन) के मेनू से अंडों को हटाए जाने की सुगबुगाहट को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले को धार्मिक संस्था इस्कॉन (ISKCON) और राज्य की नई भाजपा सरकार से जोड़कर देखा जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में शाकाहार थोपने की कोशिश की जा रही है और इससे बच्चों के पोषण पर असर पड़ेगा। आइए समझते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या है और इस पर अलग-अलग पक्षों का क्या कहना है।

विवाद की शुरुआत: बजट में इस्कॉन को शामिल करने का प्रस्ताव

इस पूरे विवाद की जड़ पश्चिम बंगाल सरकार के नए बजट से जुड़ी है। सोमवार को राज्य का पहला बजट पेश करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने घोषणा की थी कि मिड-डे मील योजना के तहत भोजन तैयार करने और उसके वितरण में इस्कॉन की सहायता लेने की उम्मीद है। इसके बाद ऐसी खबरें और सोशल मीडिया पर दावे सामने आने लगे कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के तहत आने वाले स्कूलों में जहां राज्य सरकार पके हुए भोजन की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपने पर विचार कर रही है, वहां के मेनू से अंडों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। चर्चा यह भी चली कि इस्कॉन के नए मेनू में अंडों की जगह पौधों से मिलने वाले प्रोटीन जैसे कि पनीर और सोयाबीन को शामिल किया जा सकता है।

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने जताई चिंता, सरकार से पुनर्विचार की मांग की

तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने सरकार के इन संकेतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि वर्तमान में अंडे मिड-डे मील योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और बच्चों के पोषण में इनका बड़ा योगदान है। उन्होंने राज्य सरकार से ऐसे किसी भी कदम पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है जिससे अंडे मेनू से बाहर हो जाएं।

कुणाल घोष ने कहा कि, ‘इस्कॉन एक बेहद सम्मानित धार्मिक संस्था है, लेकिन समस्या यह है कि बच्चों को खाना खिलाना एक बड़ी चुनौती है। अंडा एक ऐसी चीज है जिसे बच्चे बहुत पसंद करते हैं। यह न केवल उनके पोषण और स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि बच्चों को काफी आकर्षित भी करता है। चूंकि इस्कॉन एक धार्मिक संगठन है, इसलिए यदि वे मिड-डे मील तैयार करेंगे तो उन्हें भोजन को पूरी तरह से शाकाहारी रखना होगा। ऐसे में बच्चों का मेनू नॉन-वेजिटेरियन से वेजिटेरियन हो जाएगा और अंडे पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। इसलिए हम सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हैं।’

डेरेक ओ’ब्रायन का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, ‘बंगाल में शाकाहार थोपने की कोशिश’

तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की नई भाजपा सरकार बच्चों को पोषण से वंचित कर रही है और राज्य में जबरन शाकाहार थोपने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ओ’ब्रायन ने इस विवाद को चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान की आदतों पर हुई राजनीतिक बहस से जोड़ते हुए लिखा कि चुनाव अभियान के दौरान ‘मछली खाने’ के तमाशे के बाद, आखिरकार गुजरात जिमखाना का असली रूप सामने आ गया है। बंगाल में नई भाजपा सरकार काम पर लग गई है। विरोधियों पर अंडे फेंको, लेकिन मिड-डे मील से अंडे हटाकर बच्चों को पोषण से वंचित कर दो। शाकाहार थोपा जा रहा है। बंगाल इसे खारिज करता है।’

अफवाहों पर इस्कॉन का स्पष्टीकरण- अभी कोई मेनू फाइनल नहीं हुआ

विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने वायरल हो रहे कथित मेनू को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि अभी भोजन सूची को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। राधारमण दास ने X पर पोस्ट में कहा कि, ‘मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ लोग कोलकाता में मिड-डे मील के लिए एक प्रस्तावित मेनू साझा कर रहे हैं। हालांकि, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऐसा कोई भी मेनू अभी फाइनल नहीं किया गया है और न ही यह सूची हमारी ओर से जारी की गई है। एक बार मेनू फाइनल हो जाने के बाद, हम इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। कृपया इस तरह की गलत जानकारी साझा करने से बचें।’

क्या हैं मिड-डे मील (PM POSHAN) के नियम?

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘पीएम पोषण’ (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बालवाटिका और कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। इस योजना के नियम कुछ इस तरह हैं-

स्थानीय मेनू की छूट: केंद्र सरकार के नियमों के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह छूट दी गई है कि वे निर्धारित पोषण मानकों का पालन करते हुए स्थानीय परिस्थितियों और प्राथमिकताओं के अनुरूप अपना मेनू खुद तय कर सकते हैं।

गुणवत्ता और स्वच्छता गाइडलाइंस: केंद्र सरकार ने भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें प्रमाणित सामग्री का उपयोग, रसोइयों का प्रशिक्षण और बच्चों को परोसे जाने से पहले स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों व शिक्षकों द्वारा भोजन को अनिवार्य रूप से चखना शामिल है।

मुख्य जिम्मेदारी: इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की होती है।

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Venezuela Twin Quakes Video: वेनेजुएला में भूकंप के बाद बीच से फटीं सड़कें और इमारतों में आई दरारें! तबाही के ये खौफनाक वीडियो वायरल

वेनेजुएला में बुधवार को आए शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया। कुछ ही सेकंड के अंतराल में महसूस हुए तेज झटकों से लोग घबराकर घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों से बाहर निकल आए। भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिनमें अलग-अलग इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा जा सकता है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जबकि प्रशासन हालात का जायजा लेने और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज करने में जुटा है। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि पड़ोसी क्षेत्रों में भी उन्हें महसूस किया गया।

फिलहाल अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नुकसान के वास्तविक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को चर्चा में ला दिया है।

सड़कों में पड़ी खौफनाक दरारें, एयरपोर्ट पर मची भगदड़

भूकंप के झटकों के बाद कई इलाकों की सड़कें बीच से फट गईं। एक वीडियो में एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर मौजूद यात्री घबराकर बाहर भागते नजर आए। वहीं राजधानी कराकास की एक ऊंची इमारत की रूफटॉप स्विमिंग पूल से पानी झरने की तरह नीचे बहता दिखाई दिया।

ऊंची इमारतों को पहुंचा भारी नुकसान

कई वीडियो में इमारतों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें और टूटे हुए हिस्से नजर आए। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दो भूकंपों ने कई इलाकों में गंभीर संरचनात्मक क्षति पहुंचाई है।

पहले 7.2 फिर 7.5 तीव्रता का झटका

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला 7.2 तीव्रता का भूकंप सैन फेलिपे के पास आया। इसके केवल 39 सेकंड बाद युमारे क्षेत्र के निकट 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों के केंद्र लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर थे।

USGS की चेतावनी

USGS ने इस घटना को “अर्थक्वेक डबलट” बताया है। एजेंसी ने शुरुआती जांच में कहा कि व्यापक तबाही और बड़ी संख्या में हताहतों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं।

ऐसा भूकंप पहले कभी नहीं देखा

कराकास की निवासी 56 साल के कोरो मार्टिनेज ने बताया कि जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और घर का सामान गिरने लगा। उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन में ऐसा भूकंप कभी महसूस नहीं किया।”

1967 के भूकंप से भी ज्यादा डरावना अनुभव

80 वर्षीय मारिया रोमेरो ने कहा कि यह झटका 1967 के विनाशकारी भूकंप से भी ज्यादा भयावह लगा। पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

राहत और बचाव अभियान तेज

भूकंप के बाद राजधानी कराकास समेत कई प्रभावित इलाकों में दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें तैनात कर दी गई हैं। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, जबकि आफ्टरशॉक आने की संभावना अभी भी बनी हुई है।

पूरे क्षेत्र में दहशत, नुकसान का आंकलन जारी

वेनेजुएला के अलावा पड़ोसी कोलंबिया तक झटके महसूस किए गए। कई लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज मौसम रहेगा सुहाना, शाम को आंधी-तूफान के साथ बारिश के आसार, 40°C से नीचे जाएगा पारा

Delhi Weather Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार, 25 जून को दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय आंधी-तूफान आने की संभावना है। बता दें कि यह स्थिति बुधवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने के बाद बनी है, जिसके कारण IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ घंटों में आंधी-तूफान व बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

हालांकि इस क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है, लेकिन शहर अभी भी दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार कर रहा है, जिसके आने में सामान्य समय से देरी हुई है। वहीं, जून महीने में अब तक दिल्ली में 39.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने में 48.3 मिमी बारिश होती है। है। यानी इस बार अब तक लगभग 18% कम बारिश हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि मानसून में देरी की वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर अनुकूल कम दबाव वाले सिस्टम का न बनना है, जो आमतौर पर नमी वाली हवाओं को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर धकेलने में मदद करता है।

हालांकि, मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र विकसित हो सकता है। इसके बनने से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और जुलाई के पहले सप्ताह में इसके दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

गरज वाले बादल, तापमान सामान्य

गुरुवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 38°C से 40°C के बीच और न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C के बीच रहने की संभावना है, जिससे हाल के दिनों की तुलना में सुबह का मौसम काफी सुहावना रहेगा।

IMD ने दिन में बाद में गरज के साथ बादल बनने की संभावना जताई है, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में थोड़ी देर के लिए बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर हवाओं की रफ्तार सामान्य रूप से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रह सकती है।

बुधवार की गर्मी और हवा की गुणवत्ता

यह अनुमान बुधवार के बाद आया है, जब दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा था। वहीं, ज्यादा नमी के कारण हीट इंडेक्स यानी “महसूस होने वाला तापमान” 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम था।

इस बीच, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ (संतोषजनक) श्रेणी में रही और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 127 दर्ज किया गया।

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Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी ने अपने नुकसान का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया और 24 जून को इसमें 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसमें कुछ हद तक तेल की कीमतों में और गिरावट का भी योगदान रहा। हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद,ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है,क्योंकि इंडेक्स मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया है और पिछले दो सेशन में इंट्राडे आधार पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा है। आगे निफ्टी को 24,100-24,200 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह इस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो 24,500 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक,तब तक 23,800-23,750 का जोन निफ्टी 50 के लिए तत्काल और अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,852, 23,781 और 23,666

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,082, 24,153 और 24,268

निफ्टी ने पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जो डेली चार्ट पर’पियर्सिंग लाइन’जैसे पैटर्न (हालांकि पूरी तरह से क्लासिकल नहीं)जैसा दिखता है। यह बताता है कि बिकवाली का दबाव कम हो रहा है और खरीदार ट्रेंड को ऊपर ले जाने के लिए आगे आ रहे हैं। आज के सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जबकि RSI बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 56.24 पर पहुंच गया। MACD भी सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि हरा हिस्टोग्राम बार छोटा होता रहा। ये सभी बातें बुलिश मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,हालांकि इसके कन्फर्मेशन के लिए और खरीदारी (फॉलो-थ्रू बाइंग) की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,279, 58,557 और 59,009

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,376, 57,097 और 56,646

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,946, 56,152

बैंक निफ्टी ने न सिर्फ बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया,बल्कि 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होकर पिछले दिन हुए सारे नुकसान की भरपाई भी कर ली। डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी,जिसने मंगलवार की रेड कैंडल को पूरी तरह कवर कर लिया। हाल के कंसोलिडेशन के बाद यह एक मजबूत पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और लगभग चार महीनों में पहली बार 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 66.46 हो गया,जबकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि लगातार चौथे सेशन में भी ग्रीन हिस्टोग्राम बार और छोटा हो गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स में थोड़ी नरमी के बावजूद,ये सभी बातें लगातार तेजी के रुझान और मजबूत अंडरलाइंग ट्रेंड की ओर इशारा करती हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 4% गिरकर 13.38 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा, जिससे बुल्स को राहत मिली। बुल्स का भरोसा और मज़बूत करने और मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए इसके 13-12 के जोन से नीचे आना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 जून को पिछले सेशन के 0.88 से बढ़कर 1.21 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में बढ़त, माइक्रोन की मजबूत कमाई के बाद कोस्पी 5% उछला, निक्केई 1% ऊपर

Asian Market Today: US चिपमेकर माइक्रोन की अच्छी कमाई के बाद गुरुवार को एशियाई स्टॉक मार्केट में मोटे तौर पर बढ़त देखी गई। जापान का निक्केई 225 1.28% बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.76% बढ़ा। साउथ कोरिया का कोस्पी 5% से ज़्यादा उछला, जबकि कोस्डैक 1.32% चढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम ओपनिंग का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी 24,114 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 62 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट बुधवार को मिला-जुला रहा, जिसमें नैस्डैक और S&P 500 मेगाकैप टेक स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुए।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 पॉइंट्स या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 7.24 पॉइंट्स या 0.10% गिरकर 7,358.22 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 110.40 पॉइंट्स या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 0.54% गिरा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.27% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर 0.37% गिरा, एप्पल का स्टॉक 0.38% गिरा, टेस्ला का स्टॉक 1.61% गिरा, और स्पेसएक्स का शेयर 1.13% गिरा।

US-ईरान शांति वार्ता

जबकि होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक नॉर्मल होने की ओर बढ़ रहा है, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बंद कमरे में हुई मीटिंग में रिपब्लिकन कांग्रेसियों को उनके ईरान युद्ध को रोकने के लिए वोट की इजाज़त देने के लिए फटकार लगाई है। US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो का कहना है कि अगले हफ़्ते स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ बातचीत तय है।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई

माइक्रोन टेक्नोलॉजी Q3 की कमाई और Q4 के अनुमान ने वॉल स्ट्रीट के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, जिससे इसके शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 15% बढ़ गए। माइक्रोन ने Q3 में $41.46 बिलियन का रेवेन्यू बताया, जो $35.85 बिलियन के अनुमान से ज़्यादा है। कंपनी ने $25.11 प्रति शेयर का एडजस्टेड प्रॉफ़िट बताया, जबकि अनुमान $20.78 प्रति शेयर था।

इसे Q4 में प्रति शेयर $31 की एडजस्टेड कमाई की उम्मीद है, जो $1 ज़्यादा या कम हो सकती है, जबकि अनुमान $25.84 प्रति शेयर था। कंपनी को चौथी तिमाही में लगभग $10 बिलियन के कैपिटल खर्च की उम्मीद है, जबकि एनालिस्ट्स को $8.89 बिलियन की उम्मीद थी।

बिटकॉइन की कीमतें

बिटकॉइन की कीमतें वापस $60,000 से नीचे आ गईं। टोकन 5.4% तक गिरकर $59,023 पर आ गया, जो अक्टूबर 2024 के बाद सबसे कम है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, CoinGlass के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में क्रिप्टो लॉन्ग पोजीशन में लगभग $800 मिलियन लिक्विडेट किए गए हैं। डेरिबिट के डेटा से पता चलता है कि यह गिरावट शुक्रवार को बिटकॉइन ऑप्शंस में लगभग $10 बिलियन की तिमाही एक्सपायरी से पहले हुई है।

आज सोने का रेट

US डॉलर में तेज़ी और US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की संभावना के बीच, सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही, जो एक दिन पहले सात महीने से ज़्यादा के निचले स्तर के पास रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% गिरकर $3,985.89 प्रति औंस हो गई, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% गिरकर $4,001.60 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर की कीमतें 0.2% गिरकर $57.33 प्रति औंस हो गईं।

US ट्रेजरी यील्ड

तेल की कीमतें चार महीने के सबसे निचले स्तर पर आने से US ट्रेजरी यील्ड गिर गई। 2-साल के नोट की यील्ड 4.137% पर आ गई, जो 17 जून के बाद सबसे कम है। बेंचमार्क US 10-साल के नोट पर यील्ड 4.398% पर पहुंच गई, जो 11 मई के बाद सबसे कम है। तीस-साल के ट्रेजरी यील्ड 4.849% पर आ गए, जो 8 अप्रैल के बाद सबसे कम है।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान के बीच शुरुआती शांति समझौते के बाद, होर्मुज स्ट्रेट से फंसे हुए टैंकरों के निकलने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे सप्लाई की चिंता कम हुई। अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.54% गिरकर $73.34 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.38% गिरकर $70.07 प्रति बैरल पर आ गया।

डॉलर

US डॉलर मजबूत हुआ है और लगभग एक साल में अपनी सबसे तेज मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले करेंसी को मापता है, रातों-रात 101.8 के 13 महीने के पीक पर पहुंचने के बाद 101.6 के आसपास स्थिर है। यूरो लगभग $1.1353 था, और स्टर्लिंग सात महीने के सबसे निचले स्तर $1.314 पर था। 161.73 येन पर, डॉलर चार दशकों से कुछ ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे स्तर से बस थोड़ा ही दूर था।

 

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में ‘डबलट अर्थक्वेक’ का कहर, एक मिनट के अंदर दो बार कांपी धरती, घर से निकलकर भागे लोग

Venezuela Earthquake: बुधवार को दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में ‘डबलट अर्थक्वेक’ (एक ही इलाके में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो जबरदस्त भूकंप आना) जैसी दुर्लभ भूकंपीय घटना हुई। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और यह 2204 GMT पर आया था। इसका केंद्र मोरॉन (Morón) तटीय शहर से लगभग 21 किलोमीटर पश्चिम में था। ठीक 39 सेकंड बाद, लगभग 45 किलोमीटर दूर 7.5 तीव्रता का दूसरा और भी ज्यादा शक्तिशाली भूकंप आया।

USGS ने इस घटना को “डबलेट” बताया और कहा कि 7.5 तीव्रता वाले मुख्य झटके से एक मिनट से भी कम समय पहले 7.2 तीव्रता का एक शुरुआती झटका आया था।

वहीं, जबरदस्त झटकों के कारण काराकस के लोग सड़कों पर दौड़ पड़े, क्योंकि वेनेजुएला की राजधानी में इमारतें हिल रही थीं। हालांकि अधिकारियों ने तुरंत किसी की मौत की पुष्टि नहीं की, लेकिन गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी।

कैबेलो ने कहा, “कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हम नहीं चाहते कि गैस से जुड़ा कोई हादसा हो।” उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर कई इमारतों की गैस सप्लाई काट दी गई है।

डबलट भूकंप क्या है?

भूकंप विज्ञान में, डबलट भूकंप का मतलब है एक ही इलाके में कम समय के अंतराल पर आए दो बड़े भूकंप, जिनकी तीव्रता लगभग एक जैसी हो।

शुरुआत में वैज्ञानिक उन भूकंपों को डबलट भूकंप कहते थे, जिनकी उत्पत्ति एक ही स्थान से होती थी और जिनसे निकलने वाली भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves) लगभग एक जैसी दिखाई देती थीं।

आज, इस शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर भूकंप की उन घटनाओं के लिए किया जाता है, जिनमें लगभग एक जैसी तीव्रता वाले दो या उससे ज्यादा मुख्य झटके कम समय के अंतराल पर आते हैं।

जबकि ‘आफ्टरशॉक’ (बाद के झटके) आम तौर पर शुरुआती भूकंप की तुलना में बहुत कमजोर होते हैं। ‘डबलट भूकंप’ में लगभग एक जैसी तीव्रता वाले कई बड़े झटके लगते हैं। ये झटके एक-दूसरे के कुछ सेकंड, मिनट या कई साल बाद भी आ सकते हैं, लेकिन ये सभी एक ही फॉल्ट सिस्टम या इलाके से जुड़े होते हैं।

वेनेजुएला में आए भूकंपों की श्रृंखला इसका एक उदाहरण है, क्योंकि 7.2 तीव्रता वाले ‘फोरशॉक’ (शुरुआती झटके) के तुरंत बाद 7.5 तीव्रता का ‘मेनशॉक’ (मुख्य झटका) आया। इस तरह, एक बड़े भूकंप के बाद छोटे आफ्टरशॉक आने के बजाय, दो शक्तिशाली भूकंपीय घटनाएं हुईं।

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Stocks to Watch: Sensex की मंथली एक्सपायरी; LIC, IRFC, Airtel और Delhivery समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 82.00 प्वाइंट्स यानी 0.34% की बढ़त के साथ 24,105.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 25 जून को सेंसेक्स (Sensex) 790.54 प्वाइंट्स यानी 1.04% के उछाल के साथ 76,991.22 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 197.55 प्वाइंट्स यानी 0.83% की बढ़त के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Embassy Developments

एम्बेसी डेवलपमेंट्स ने लखनऊ में बड़े पैमाने पर कमर्शियल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक नॉन-बाइंडिंग एमओयू किया है। इस प्रोजेक्ट में लगभग ₹1,500 करोड़ का निवेश शामिल है।

LIC

सुनील अग्रवाल ने एलआईसी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 14 जुलाई से प्रभावी होगा।

NLC India

एनएलसी इंडिया की सब्सिडियरी एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स ने ओडिशा में 1,000 MW के ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को सेटअप करने, चलाने और उनके रखरखाव के लिए ओरेडा के साथ एक जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है।

Bharti Airtel

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारती एयरटेल की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग को BBB से बढ़ाकर BBB+ कर दिया है। साथ ही इसने कंपनी के सीनियर अनसिक्योर्ड डेट की रेटिंग को भी BBB से बढ़ाकर BBB+ कर दिया है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार भारत और अफ्रीका के तेजी से बढ़ते बाजारों में डेटा की बढ़ती खपत से भारती एयरटेल की कमाई बढ़ेगी और कंपनी को अपना कर्ज कम करने में मदद मिलेगी।

Indian Railway Finance Corporation (IRFC)

सरकार ने आईआरएफसी के ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में 11.24 करोड़ इक्विटी शेयरों (0.86% होल्डिंग) तक ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 13.06 करोड़ शेयरों (1% हिस्सेदारी) के बेस ऑफर साइज के अतिरिक्त है। ऐसे में अब कुल ऑफर साइज बढ़कर 24.3 करोड़ शेयर (1.86% हिस्सेदारी) तक हो जाएगा। यह इश्यू आज 25 जून को बंद होगा।

Jubilant Pharmova

जुबिलेंट फार्माोवा की सब्सिडियरी जुबिलेंट जेनेरिक्स को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए एक सुधार आदेश यानी रेक्टिफिकेशन ऑर्डर मिला है, जिससे कुल टैक्स एडजस्टमेंट ₹107.89 करोड़ से घटकर ₹42.41 करोड़ रह गया है। जुबिलेंट जेनेरिक्स को यह राहत ट्रांसफर प्राइसिंग ऑफिसर ने दी, जिससे ₹65.48 करोड़ का टैक्स नुकसान वापस मिल गया है।

HCL Technologies

एचसीएलटेक ने नोकिया के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाने का ऐलान किया है। इसका मकसद एआई-आधारित नेटवर्क ऑटोमेशन और नेटवर्क ऑटोमेशन RAN एप्लिकेशन्स (rApps) के को-इनोवेशन के जरिए ऑटोनॉमस नेटवर्क को तेजी से अपनाना है। इसमें नोकिया के SMO मार्केटप्लेस पर होस्ट किए गए चार नए rApps भी शामिल हैं।

इसके अलावा नेस्ले ने भी अपने लॉन्ग-टर्म एआई पर आधारित एफिशिएंसी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के लिए एचसीएलटेक को स्ट्रैटेजिक पार्टनर के तौर पर चुना है।

Garware Hi-Tech Films

गारवारे हाई-टेक फिल्म्स ने मोनिका गारवारे को 1 नवंबर, 2026 से 31 अक्टूबर, 2031 तक पांच साल के लिए वाइस चेयरपर्सन और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्ति को मंजूरी दी है।

Sterlite Technologies

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज ने 24 जून को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) इश्यू खोला, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹613.69 तय किया गया।

ICICI Bank

आरबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत वह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में 2% तक की हिस्सेदारी और खरीद सकता है ताकि उसकी कुल हिस्सेदारी 50% से ऊपर बनी रहे।

बल्क डील्स

Delhivery

अल्फा वेव वेंचर्स एलपी ने डेल्हीवरी के 72.22 लाख शेयर ₹460.36 के भाव और 72.22 लाख शेयर ₹460.03 के भाव पर कुल 1.44 करोड़ (1.93% हिस्सेदारी) ₹664.7 करोड़ में बेचकर कंपनी से बाहर निकल गई।

Pine Labs

एक्टिस पाइनल लैब्स इंवेस्टमें होल्डिंग्स ने पाइन लैब्स में 2.08% हिस्सेदारी वाले 2.39 करोड़ इक्विटी शेयर ₹371 करोड़ में प्रति शेयर ₹155.17 के भाव पर बेच दिए। इससे पहले 19 जून को भी एक्टिस ने 0.85% हिस्सेदारी (98.28 लाख शेयर) हल्की की थी। इस महीने यह 2.93% होल्डिंग के बराबर शेयर बेच चुकी है, जबकि मार्च 2026 तक पाइन लैब्स में इसकी हिस्सेदारी 4.58% थी।

दूसरी तरफ एक्सिस म्यूचु्अल फंड ने कंपनी के 96.15 लाख शेयर (0.83%) ₹148.07 करोड़ में प्रति शेयर ₹154 के भाव पर खरीद लिए।

Shadowfax Technologies

मिरे एसेट लेट स्टेज अपॉर्च्यूनिटीज फंड ने शैडोफैक्स टेक में 0.97% हिस्सेदारी वाले 56.5 लाख शेयर ₹212 के भाव पर ₹119.78 करोड़ में बेच दिए। मार्च 2026 तक कंपनी में इस फंड की हिस्सेदारी 2.91% थी।

India Motor Parts & Accessories

प्रमोटर गीता राम ने इंडिया मोटर पार्ट्स एंड एक्ससेजरीज में 0.86% हिस्सेदारी वाले अतिरिक्त 71,559 शेयर ₹8.01 करोड़ में खरीदे। वहीं परी वाशिंगटन कंपनी ने परी वाशिंगटन इंडिया मास्टर फंड के जरिए 1.22 लाख शेयर (1.47% हिस्सेदारी) ₹13.72 करोड़ में बेच दी। मार्च 2026 तक इसकी कंपनी में हिस्सेदारी 4.49% थी। शेयरों की यह खरीद-बिक्री प्रति शेयर ₹1,120.1 के भाव पर हुई।

NDR INVIT Trust

एनडीआर वेयरहाउसिंग और एनडीआर यूनिवर्सल एंटरप्राइजेज ने इन्वेस्टकॉर्प इंडिया वेयरहाउसिंग आईएफएससी ट्रस्ट से एनडीआर एन्विट ट्रस्ट की 1.46 करोड़ यूनिट्स ₹200.36 करोड़ में प्रति यूनिट ₹137 के भाव पर खरीदी।

लिस्टिंग

आज एविएंस बॉयोमेडिकल्स की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज इंडसइंड बैंक, एलआईसी, एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स, अल्काइल एमाइन्स केमिकल्स,

एंथम बायोसाइंसेज, केयर रेटिंग्स, GIC हाउसिंग फाइनेंस, डॉ लाल पैथलैब्स, मवाना शुगर्स, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट, SJS एंटरप्राइजेज, सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स, सुप्रीम इंडस्ट्रीज, सिनजीन इंटरनेशनल, यूफ्लेक्स, वैभव ग्लोबल और विसाका इंडस्ट्रीज के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 25 जून को बढ़त के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty 24,081.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

24 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। IT,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,000 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों के बाद तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुईं,जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 790.54 अंक या 1.04 प्रतिशत बढ़कर 76,991.22 पर और निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 87 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,108.50 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 3.55 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.15 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.43 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 1.13 फीसदी की बढ़त है। कोस्पी 4.62 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.14 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

बुधवार को नैस्डैक और S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह टेक शेयरों में आई गिरावट थी। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइंस और ट्रैवल से जुड़े शेयरों को फायदा हुआ और डाओ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 अंक या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 7.24 अंक या 0.10% की गिरावट आई और यह 7,358.22 पर बंद हुआ। वहीं,नैस्डैक कम्पोजिट 110.40 अंक या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त पर खुल सकते है भारतीय बाजार

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को डॉलर तेजी से ऊपर चढ़ते हुए चार्ट रेजिस्टेंस के स्तर को पार कर गया। यह लगभग एक साल की अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि मज़बूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को सहारा देगी,साथ ही वे महंगाई के अहम आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.58 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.40% हो गई है। जबकि 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से बढ़कर 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी पर भी दबाव बना हुआ है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

उधर मलेशियाई रिंगित 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे कारोबार कर रहा है। इसके बाद फिलीपीन पेसो का नंबर है, जिसमें 0.12 प्रतिशत की मजबूती आई है। थाई बाहत में 0.07 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि, जापानी येन और सिंगापुर डॉलर में 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त है।

कच्चे तेल में नरमी

गुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है और यह युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुच गया है। ईरान के साथ US इज़राइल युद्ध को खत्म करने के शुरुआती समझौते के बाद,फंसे हुए टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकल गए हैं,जिससे तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हुईं है,इसका असर तेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है। WTI क्रूड में 0.91 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 1.03 फीसदी की गिरावट आई है।

गोल्ड

गुरुवार को सोने की कीमतों में और गिरावट आई है और ये सात महीने से ज्यादा के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.38 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं,चांदी 0.39 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।