युद्ध थम गया फिर भी लगने वाला है महंगाई का तगड़ा झटका! और जेब ढीली करेंगी हवाई टिकटें, ये है वजह

Will Flight Tickets Get Costlier: अगर आप भी इस तपती गर्मी में पहाड़ों की सैर करने या परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने के लिए हवाई सफर की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब का बजट बिगाड़ सकती है। उद्योग के अनुमानों और एक ताजा वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले व्यस्त समर सीजन में हवाई टिकटों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विमान ईंधन की सप्लाई में आ रही रुकावटें हैं। McKinsey की एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो हवाई किराए आसमान छू सकते हैं। आइए समझते हैं कि आपकी फ्लाइट टिकटें कितनी महंगी हो सकती हैं और इसके पीछे की पूरी गणित क्या है।

20 से 25% तक महंगी हो सकती हैं फ्लाइट टिकटें!

मैकिन्से की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च का लगभग 30% हिस्सा अकेले विमान ईंधन (ATF) पर खर्च होता है। रिपोर्ट में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं, तो एयरलाइन कंपनियां इसका बोझ सीधे यात्रियों की जेब पर डालेंगी। इसके चलते आने वाले दिनों में हवाई किरायों में 20 से 25% तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

क्यों गहराया जेट ईंधन का संकट?

विमान ईंधन की कीमतों पर इस समय चौतरफा दबाव बना हुआ है, जिसके मुख्य कारण ये हैं:

सप्लाई और रिफाइनरी पर दबाव: वैश्विक ऊर्जा मार्गों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण व्यवधान आया है। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र और प्रमुख एशियाई निर्यातकों जो दुनिया की कुल जेट ईंधन आपूर्ति का लगभग 40% हिस्सा संभालते हैं वहां से रिफाइनरी आउटपुट में कमी आई है।

कम स्टॉक और बढ़ती डिमांड: गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा करने वालों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाली है, जिससे ईंधन की मांग बढ़ रही है। इसके उलट, वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन का स्टॉक फिलहाल काफी कम है।

क्या है ‘क्रैक स्प्रेड’ और यह कैसे बढ़ा रहा है मुसीबत?

ईंधन संकट की गंभीरता को समझने के लिए ‘क्रैक स्प्रेड’ को जानना जरूरी है। यह कच्चा तेल खरीदने और उसे रिफाइंड ईंधन उत्पाद जैसे- जेट फ्यूल में बदलने के बीच के मूल्य अंतर को मापता है। आम तौर पर, ऐतिहासिक रूप से यह अंतर $20 प्रति बैरल के आसपास रहता आया है।

मैकिन्से के मुताबिक, साल 2026 में यह क्रैक स्प्रेड औसतन $50 प्रति बैरल से भी अधिक रह सकता है। यह उछाल साफ संकेत देता है कि ईंधन को रिफाइंड करने की लागत और मार्जिन बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं, जिसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा।

साफ है कि आने वाले हफ्तों में विमानों का सफर सस्ता नहीं रहने वाला है। अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में कहीं जाने का मन बना रहे हैं, तो आखिरी मिनट की बुकिंग से बचें। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस संभावित 25% तक की बढ़ोतरी से बचने के लिए टिकटों की बुकिंग जितना जल्दी हो सके, एडवांस में ही कर लें ताकि महंगे होते जेट फ्यूल का असर आपके वेकेशन के बजट पर न पड़े।

Pradosh Vrat June 2026: 27 या 28 जून कब किया जाएगा जून का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें सही तारीख, मुहूर्त और शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि

Pradosh Vrat June 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ माह अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में लोग इस माह के अंतिम प्रदोष व्रत की तारीख जानने को इच्छुक हैं। प्रदोष व्रत हिंदी कैलेंडर के हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस तिथि पर प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। इस समय शुद्ध ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है और इसकी त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर हिंदू माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत करने वाले भक्तों पर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा रहती है। इस दिन की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

कहा जाता है कि, प्रदोष काल में सच्चे मन से शिव आराधना करने पर पापों का नाश होता है और मनचाही इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल वह समय होता है जब भगवान शिव कैलाश पर आनंदित होकर तांडव करते हैं। ऐसे में उनकी आराधना करने का महत्व और भी कई गुना बढ़ जाता है। प्रदोष व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इस व्रत का नाम सोम प्रदोष व्रत होता है।

ज्येष्ठ माह अंतिम प्रदोष व्रत तारीख

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 26 जून को रात 10 बजकर 22 मिनट पर होगी। वहीं यह तिथि 28 जून को रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। तिथियों के अनुसार, प्रदोष व्रत 27 जून 2026 शनिवार को रखा जाएगा। शनिवार होने के कारण यह शनि प्रदोष व्रत कहलाया जाएगा।

शनि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल यानि सूर्यास्त के समय की जाती है। पंचांग के अनुसार 27 जून 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में भगवान शिव व माता पार्वती का पूजन करना बेहद ही लाभकारी माना गया है।

शनि प्रदोष व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन पूरी निष्ठा से व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में भोलेनाथ की आराधना करते हैं, उनके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट, रोग और दरिद्रता दूर हो जाती है। भगवान शिव शनिदेव के गुरु हैं, इसलिए शनि प्रदोष व्रत के दिन महादेव की पूजा करने से कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष का प्रतिकूल प्रभाव भी शांत होता है। यदि आप भी अपनी सोई हुई किस्मत को जगाना चाहते हैं और मानसिक व आर्थिक परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो 27 जून 2026 को आने वाला प्रदोष व्रत जरूर रखें और यदि ऐसा संभव न हो तो विधि-विधान से पूजा अवश्य करें।

शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि

  • प्रदोष काल में पूजा स्थान पर भगवान शिव और माता की प्रतिमा स्थापित करें।
  • शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें, इसके बाद शुद्ध जल भी चढ़ाएं।
  • रोली, बेलपत्र, अक्षत और चंदन महादेव को चढ़ाएं।
  • अब धूप, दीपक और पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा करते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
  • शनि प्रदोष व्रत है, इसलिए शिवलिंग पर काले तिल या शनिदेव को भी काले तिल चढ़ाएं।
  • शनि प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
  • परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में मंगल की कामना के लिए घर के मुख्य द्वार पर भी दीप जलाएं।

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कल का मौसम 25 जून: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से बिहार-बंगाल तक दिखेगा रौद्र रूप

IMD Weather Update for 25 June 2026: देश के मौसम में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष इलाकों के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। मानसून की इस सक्रियता और अलग-अलग राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और ऑल इंडिया वेदर मैप के मुताबिक 25 जून को देश के 11 राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और बंगाल तक करीब 18 से अधिक राज्यों या उप-मंडलों में तेज आंधी, बिजली चमकने और थंडरस्कॉल का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 25 जून को आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 25 जून को देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से तटीय और पूर्वोत्तर इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। यहां नीचे उन राज्यों, इलाकों के नाम दिए गए हैं जहां भारी बारिश देखने को मिलेगी:-

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय (पूर्वोत्तर भारत)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड (पूर्वी भारत)

ओडिशा

कोंकण और गोवा (पश्चिमी तट)

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा के कुछ हिस्सों सहित)

तटीय कर्नाटक (दक्षिण भारत)

तेलंगाना

बिहार से राजस्थान तक थंडरस्कॉल का अलर्ट: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 जून को कुछ राज्यों में मौसम बहुत उग्र हो सकता है। यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) के साथ थंडरस्कॉल और बिजली चमकने की आशंका है:-

बिहार

झारखंड

पश्चिमी राजस्थान (यहां अलग-अलग जगहों पर धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है)

पश्चिम मध्य प्रदेश

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और यूपी का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 25 जून को आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 25 जून को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है।

पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी कल 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

पूर्वी राजस्थान: यहां भी बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की चेतावनी है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 जून को छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में आंधी-बिजली का कहर

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कल 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जून को मध्य भारत में गंभीर रूप से बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल के इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 25 जून को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी आकाशीय बिजली के साथ आंधी का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में तेज सतही हवाएं लने का अनुमान है।

मानसून के बीच इन 3 राज्यों में हीट वेव का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं कुछ मैदानी और पूर्वी हिस्सों में अभी भी तीखी गर्मी और लू का संकट बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक 25 जून को नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में लू की स्थिति देखने को मिल सकती है-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

बिहार

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश

तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 25 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 26 से 28 जून के बीच तापमान 2-3°C बढ़ सकता है। मध्य भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मंगेतर को मारने की बजाय प्रेमी के साथ क्यों नहीं भाग गई सिया गोयल? खौफनाक साजिश रचने वाली इस लड़की को था ये डर

Ketan Agarwal murder Case: पुणे में 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या का केस इस समय सुर्खियां में बना हुआ हैं। पुलिस के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर केतन का हत्या का आरोप लगा है। दोनों इस समय पुलिस के हिरासत में है। वहीं इसी बीच एक सवाल ये भी है कि अगर सिया को केतन के साथ शादी नहीं करनी थी तो उसने इस शादी के लिए हां क्यों किया? या फिर वह अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ भागकर क्यों नहीं शादी कर ली। सिया ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए इतना खतरनाक प्लान क्यों बनाया। वहीं पुलिस की जांच में कई बातें सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो जाएगा।

क्यों नही भागी चेतन के साथ?

PTI ने रिपोर्ट के मुताबिक पुणे पुलिस बताया, परिवार की बेइज्जती के डर से सिया गोयल ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल के साथ अपनी सगाई तोड़कर अपने पार्टनर चेतन चौधरी के साथ भाग जाने से मना कर दिया। पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय सिया गोयल अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ घर छोड़कर जाने और कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई सगाई तोड़ने के पक्ष में नहीं थी। जांच के दौरान सामने आया कि उसे इस बात की चिंता थी कि ऐसा करने से उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है और उन्हें लोगों के बीच शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है।

चेतन ने किया ये खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने और सिया गोयल ने साथ में घर छोड़कर जाने की संभावना पर चर्चा की थी। लेकिन सिया इसके लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि उसे लगता था कि ऐसा करने और केतन अग्रवाल से रिश्ता तोड़ने पर उसके परिवार की बदनामी होगी। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। वहीं मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

चेतन पर कैसे हुआ शक

केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को एक हादसा माना गया और सिया गोयल ने भी परिजनों को बताया था कि केतन का पैर फिसलने से वह नीचे गिर गए। जांच के आगे बढ़ने पर मामला नया मोड़ ले गया। पुलिस ने किले के टिकट काउंटर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति हुडी पहनकर केतन और सिया के पीछे चलता दिखाई दिया। इसके बाद जांच अधिकारियों ने मामले को नए सिरे से देखना शुरू किया और कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।

हुडी से हुआ खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने अपने चेहरे को हुडी से काफी हद तक ढक रखा था और कानों में हेडसेट लगाया हुआ था, जिससे उसकी पहचान करना आसान नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, एक अन्य वीडियो में सिया गोयल अचानक पीछे की ओर देखती नजर आती है, तभी वह व्यक्ति तेजी से नीचे बैठ जाता है। इस हरकत ने जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन पर शक गहरा गया। पुलिस ने ये भी बताया कि जिस दिन घटना हुई, उस समय मौसम काफी गर्म था और तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, ऐसे में उस व्यक्ति का हुडी पहनकर घूमना भी जांच का एक अहम बिंदु बन गया।

पुलिस कस्टडी में है चेतन-सिया

पुलिस जांच आगे बढ़ने पर सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में होने का दावा किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, चेतन चौधरी और सिया गोयल पर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उन्हें 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अभी इस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

ITR Filing 2026: क्या पति और पत्नी अलग-अलग टैक्स रीजीम में रिटर्न फाइल कर सकते हैं?

ITR Filing 2026: कई टैक्सपेयर्स के मन में हमेशा यह सवाल चलता रहता है कि क्या पति और पत्नी अलग-अलग इनकम टैक्स रीजीम का इस्तेमाल कर सकते हैं? इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ मनीकंट्रोल ने एक्सपर्ट से इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश की। दरअसल, इस बारे में एक रीडर ने सवाल पूछा है।

पति और पत्नी अलग रीजीम का इस्तेमाल कर सकते हैं

रीडर ने पूछा था कि हम पति और पत्नी दोनों नौकरी करते हैं। मैं इनकम टैक्स की नई रीजीम के तहत सेकेक्ट 87ए के तहत मिलने वाले रिबेट का फायदा उठाना चाहती हूं। लेकिन, मेरे पति सेक्शन 80सी के बेनेफिट्स क्लेम करने के लिए इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में रिटर्न फाइल करना चाहते हैं। क्या हम पति और पत्नी अलग-अलग टैक्स रीजीम का इस्तेमाल कर सकते हैं? मनीकंट्रोल ने इस सवाल का जवाब मशहूर टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन से पूछा।

परिवार का हर सदस्य इनकम टैक्स के लिहाज से अलग इकाई है

जैन ने कहा कि टैक्स के लिहाज से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग मानता है। सिर्फ कुछ खास स्थितियों में इनकम की क्लबिंग का प्रावधान है। सामान्य स्थितियों में हर सदस्य अपने हिसाब से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकता है। इंडिया में इनकम टैक्स के नियम में परिवार को टैक्स के लिहाज से एक इकाई मानने का प्रावधान नहीं है।

परिवार के सदस्य को कम लायबिलिटी वाली रीजीम चुनने का हक

उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य जैसे पति और पत्नी इनकम टैक्स की उस रीजीम का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें उनकी टैक्स लायबिलिटी कम आती हो। अगर किसी परिवार में पत्नी नई रीजीम के तहत सेक्शन 87ए के तहत 12 लाख रुपये तक की इनकम पर रिबेट का फायदा उठाना चाहती है तो वह नई रीजीम में रिटर्न फाइल कर सकती है। पति सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले डिडक्शन का फायदा उठाने के लिए इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करने के लिए डेडलाइन तक रिटर्न फाइल करना होगा

जैन ने कहा कि ध्यान देने वाली बात यह है कि पति को पुरानी रीजीम के तहत तय अंतिम तारीख तक रिटर्न फाइल कर देना होगा। अगर उनकी सैलरी के अलावा कोई बिजनेस इनकम नहीं है तो रिटर्न फाइल करने के लिए उनकी डेडलाइन 31 जुलाई, 2026 होगी। अगर सैलरी के साथ उनकी कोई बिजनेस इनकम भी है तो वह 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

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डेडलाइन बीत जाने के बाद नई रीजीम में रिटर्न फाइल करना होगा 

उन्होंने कहा कि अगर पति अंतिम तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो ओल्ड टैक्स रीजीम का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। फिर उन्हें नई टैक्स रीजीम के तहत रिटर्न फाइल करना होगा। पति संबंधित वित्त वर्ष से जुड़े होम लोन के इंटरेस्ट पर भी डिडक्शन क्लेम कर सकते है। अगर होम लोन ज्वाइंट है तो वह अपने शेयर पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।

8th Pay Commission: अब DA और DR को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने कर दी ये बड़ी मांग, ऐसा हुआ तो मिलेगा बड़ा फायदा

8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) ने वेतन आयोग को एक नया सप्लीमेंट्री मेमोरेंडम सौंपा है। इस ज्ञापन में फेडरेशन ने सेवारत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत (DR) की गणना करने के मौजूदा फॉर्मूले की समीक्षा करने और एक नया फॉर्मूला लागू करने की पुरजोर मांग की है।

AIDEF का तर्क है कि वर्तमान व्यवस्था कर्मचारियों और रिटायर्ड लोगों के खर्चों और महंगाई के वास्तविक बोझ को सही तरीके से नहीं दर्शाती है। आइए डिटेल में समझते हैं कि कर्मचारियों की मांग क्या है और इससे उनकी सैलरी और पेंशन पर क्या असर पड़ सकता है।

अभी कैसे होती है DA और DR की गणना?

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स के DR में होने वाले संसोधन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स के 12 महीने के औसत के आधार पर तय किए जाते हैं। इस इंडेक्स को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि महंगाई के खिलाफ कर्मचारियों की क्रय शक्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

मौजूदा फॉर्मूले पर क्यों उठे सवाल?

AIDEF का कहना है कि मौजूदा फॉर्मूले में कई कमियां हैं और यह अब सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स द्वारा झेली जा रही जमीनी महंगाई से मेल नहीं खाता:

कम आय वाले कर्मचारियों पर ज्यादा बोझ: साल 2022-23 में संसोधित किए गए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स बास्केट में खाद्य और पेय पदार्थों को केवल 36.75% वेटेज दिया गया है। जबकि, कम वेतन पाने वाले कर्मचारी और पेंशनभोगी अपनी आय का एक बहुत बड़ा हिस्सा भोजन, दवाओं, शिक्षा और मकान किराए जैसी जरूरी चीजों पर खर्च करते हैं। इनके लिए वास्तविक महंगाई आधिकारिक इंडेक्स से कहीं अधिक है।

पेंशनभोगियों की अलग जरूरतें: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों का एक बड़ा मासिक खर्च स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, दवाओं, चिकित्सा उपचार और तीमारदारी पर होता है। यदि इन जरूरी सेवाओं की कीमतें आम महंगाई से ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं, तो मौजूदा DR संसोधन उनकी क्रय शक्ति को बचाने में नाकाम साबित होता है।

कर्मचारी संगठन ने क्या दिए हैं सुझाव?

फेडरेशन ने इन कमियों को दूर करने के लिए वेतन आयोग के सामने कुछ बड़े प्रस्ताव रखे हैं:

कर्मचारी-विशिष्ट इंडेक्स: एक ऐसा नया कॉस्ट-ऑफ-लिविंग इंडेक्स तैयार किया जाए, जो विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के खर्च करने के पैटर्न को सटीक रूप से कैप्चर करता हो।

बुजुर्गों की देखभाल को प्राथमिकता: भविष्य के वेतन और पेंशन संसोधन में बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े खर्चों को अधिक मान्यता दी जानी चाहिए।

फिटमेंट फैक्टर में बदलाव: बदलते खर्चों के तरीकों को ध्यान में रखते हुए उस फिटमेंट फैक्टर को तय किया जाए, जिसके आधार पर सैलरी और पेंशन में अंतिम बढ़ोतरी निर्धारित होती है।

आगे क्या होगा?

8वां वेतन आयोग इस समय विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगी निकायों से मिलने वाले ज्ञापनों और प्रस्तावों की गहन जांच कर रहा है। आयोग की अंतिम सिफारिशें ही आने वाले समय में देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन ढांचे, भत्तों और सेवानिवृत्ति लाभों का भविष्य तय करेंगी।

Gold Price Outlook: अगले 6 महीने में 36% बढ़ेगा सोने का भाव! UBS ने गिरावट के बाद भी जताया भरोसा

Gold Price Outlook: जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि वैश्विक ब्रोकरेज UBS का मानना है कि यह कमजोरी अस्थायी है। कंपनी का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। अभी गोल्ड का प्राइस 4046 डॉलर के करीब है। यानी UBS के मुताबिक, मौजूदा स्तर से सोने में करीब 36% की तेजी देखने को मिल सकती है।

UBS का कहना है कि मजबूत निवेश मांग, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और आगे चलकर डॉलर में संभावित कमजोरी सोने को सहारा दे सकती है।

जनवरी के रिकॉर्ड हाई से 28% नीचे

UBS की रिपोर्ट के मुताबिक, जून की शुरुआत तक सोना जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 28% नीचे आ चुका था। ब्रोकरेज का कहना है कि हाल के महीनों में ऊंची ऊर्जा कीमतों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंकाओं ने सोने पर दबाव डाला है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा कीमतें बढ़ीं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और अमेरिकी रियल यील्ड में भी तेजी आई। इन दोनों वजहों ने सोने की चमक कुछ समय के लिए फीकी कर दी।

मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरों का असर

UBS का कहना है कि जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो सोने जैसे ऐसे निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता। वहीं डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा पड़ता है, जिससे वैश्विक मांग पर असर पड़ता है।

पिछले कुछ समय से बाजार में यही स्थिति देखने को मिली है। इसी वजह से सोना दबाव में रहा और इसकी कीमतों में गिरावट आई।

फिर भी सोने पर भरोसा क्यों?

UBS का कहना है कि सोने की तेजी के पीछे मौजूद बड़े कारण अब भी बरकरार हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, साल की पहली तिमाही में सोने की मांग मजबूत रही। इसके अलावा दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।

ब्रोकरेज का मानना है कि बढ़ता वैश्विक कर्ज, अमेरिका का लगातार बढ़ता राजकोषीय घाटा और केंद्रीय बैंकों की रिजर्व डायवर्सिफिकेशन रणनीति आने वाले वर्षों में सोने को सहारा देती रहेगी।

भारत में कितना बढ़ेगा भाव

UBS का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। अभी सोना करीब 4,046 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। यानी यहां से लगभग 36% की तेजी की संभावना जताई गई है।

भारत में सोने का भाव फिलहाल करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी ही तेजी आती है, तो घरेलू कीमतें ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच सकती हैं। हालांकि रुपये-डॉलर की चाल, आयात शुल्क और घरेलू मांग भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।

आगे क्या रहेगा नजरिया?

UBS को उम्मीद है कि साल के आगे चलकर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आ सकती है। अगर ऐसा होता है तो सोने की कीमतों को नया सहारा मिल सकता है। इसके अलावा राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक जोखिम भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर खींच सकते हैं।

ब्रोकरेज का कहना है कि हालिया गिरावट लंबी अवधि की तस्वीर को नहीं बदलती। यह सिर्फ थोड़े वक्त के दबाव का असर है। UBS अब भी निवेशकों को पोर्टफोलियो में सोने को जोखिम कम करने वाले निवेश के रूप में रखने की सलाह देता है।

Gold Price Today: दो हफ्ते के निचले स्तर पर सोना, एक्सपर्ट्स ने बताया अब क्या करें निवेशक?

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Google Pixel 11 Pro Fold के स्पेसिफिकेशन्स लीक, जानें कब होगा लॉन्च और अनुमानित कीमत

Google Pixel 11 Pro Fold: उम्मीद है कि Google अगस्त 2026 में Pixel 11 सीरीज के साथ अपना अगला फोल्डेबल स्मार्टफोन, Pixel 11 Pro Fold लॉन्च करेगा। ऑनलाइन सामने आ रही कई लीक खबरों के अनुसार, इस फ्लैगशिप डिवाइस में AI फीचर्स, परफॉर्मेंस और कैमरा सॉफ्टवेयर में सुधार हो सकता है, जबकि इसका डिजाइन पहले जैसा ही रह सकता है। अब आइए जानते हैं इस फोन के अनुमानित फीचर्स के बारे में।

Pixel 11 Pro Fold के अनुमानित स्पेसिफिकेशन्स

Pixel 11 Pro Fold में मौजूदा Pixel 10 Pro Fold की तरह ही 8-इंच की फोल्डिंग डिस्प्ले और 6.4-इंच की बाहरी स्क्रीन मिल सकती है। हालांकि, Google इसमें बड़े डिजाइन बदलाव नहीं करेगा, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी कैमरा मॉड्यूल में छोटे सुधार कर सकती है और फोन की मोटाई को कम करने की कोशिश कर सकती है।

माना जा रहा है कि यह फ्लैगशिप फोन Green और Black कलर ऑप्शन में आएगा और इसमें प्रीमियम एल्युमीनियम फ्रेम और ग्लास की बनावट होगी।

यह उम्मीद की जा रही है कि यह स्मार्टफोन अगस्त 2026 में Pixel 11, Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL के साथ लॉन्च हो सकता है। इस फोन में एक बड़ा अपग्रेड Gemini Intelligence सिस्टम हो सकता है, जो Android 17 के साथ आने की संभावना है। इसके अलावा, इस फोल्डेबल डिवाइस में AI-पावर्ड फोटोग्राफी फीचर्स भी मिल सकते हैं, जिसमें एक नया 100x जूम मोड शामिल हो सकता है, जो मशीन लर्निंग की मदद से तस्वीरों की क्वालिटी को बेहतर बनाएगा।

प्रोसेसर की बात करें तो, इस डिवाइस में कंपनी का आने वाला Tensor G6 चिपसेट हो सकता है। यह चिप 2nm मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस पर बनी हो सकती है।

कैमरे की बात करें तो, Pixel 11 Pro Fold में 48MP का प्राइमरी सेंसर, 10.5MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस और 10.8MP का 5x टेलीफोटो सेंसर हो सकता है। सेल्फी के लिए, इस स्मार्टफोन में 10MP का फ्रंट कैमरा मिल सकता है।

बैटरी की बात करें तो, इस स्मार्टफोन में लगभग 5,015mAh की बैटरी हो सकती है, जो 30W वायर्ड और 15W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट कर सकती है।

Pixel 11 Pro Fold की भारत में अनुमानित कीमत

Google ने इस स्मार्टफोन की कीमत का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, ग्लोबल लेवल पर इसकी शुरुआती कीमत लगभग $1,799 हो सकती है। वहीं, भारत में इस डिवाइस की कीमत 1.59 लाख रुपये से 1.82 लाख रुपये के बीच हो सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह जानकारी लीक पर आधारित है, इसलिए इसे पूरी तरह सच न मानें।

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Jyeshtha Purnima 2026: जून में इस दिन होगी ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा, जानें सही तारीख, समय और शुभ मुहूर्त

Jyeshtha Purnima 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूरे साल में 12 पूर्णिमा तिथियां आती हैं। मुख्य रूप से यह तिथि माता लक्ष्मी को समर्पित है और माना जाता है कि इस दिन मां अपने भक्तों का हाल जानने के लिए स्वयं धरती पर आती हैं। इस दिन चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व है। पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपने पूरे स्वरूप में सभी 16 कलाओं से युक्त होते हैं। इसलिए पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने से चंद्र दोष में राहत मिलती है। पूर्णिमा तिथि पर सत्यनारायण की कथा कहना या सुनना बहुत शुभ माना जाता है।

इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक माह लगा था, जिसकी पूर्णिमा 31 मई 2026 को थी। इस वजह से बहुत से भक्त भ्रम में हैं कि अब जो पूर्णिमा आ रही है, वो किस माह की है। इन सभी जातकों की जानकारी के लिए बता दें, वो ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा थी और अब जो आएगी वो शुद्ध ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा होगी। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसी दिन देश के कुछ हिस्सों में वट पूर्णिमा का व्रत किया जाता है। इसी दिन कबीर दास जयंती और बटुक भैरव जयंती भी मनाई जाती है। आइए जानें इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा किस दिन होगी?

ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि और समय

वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि का समय कुछ इस प्रकार है :

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 29 जून 2026 को सुबह 03:06 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त : 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार : 29 जून 2026 (सोमवार) को ही मुख्य पर्व और व्रत रखा जाएगा।

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 के शुभ मुहूर्त

इस विशेष दिन पर पूजा और शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित मुहूर्त बेहद उत्तम रहेंगे:

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:06 बजे से 04:46 बजे तक (स्नान के लिए सर्वोत्तम)

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:22 बजे से शाम 07:42 बजे तक

अमृत काल (रात्रि): रात 08:53 बजे से रात 10:40 बजे तक

चंद्रोदय का समय

पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है।

चंद्रोदय का समय : 29 जून 2026 को शाम 07:16 बजे होगा।

भद्रा का समय

इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा, जिसमें शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं:

भद्रा प्रारंभ : 29 जून को सुबह 05:26 बजे से

भद्रा समाप्त : शाम 04:16 बजे तक

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जरूर करें ये 3 काम

  • ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
  • इस दिन गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं जैसे- छाता, तरबूज, पानी से भरा घड़ा, पंखा और अन्न-वस्त्र का दान करना अनंत पुण्यदायी माना जाता है।
  • शाम के समय चंद्रोदय के बाद तांबे या चांदी के पात्र में जल, दूध, और थोड़े से अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद “ॐ सोमाय नमः” या “ॐ क्षीरोदार्णव सम्भवाय अत्रिममुद्भव। सोमन्गृहाण सद्भावं गृहाणार्ग्यं नमो नमः।। मंत्र का जाप करें।

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Trent Share Price : ट्रेंट का 10 गुना ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार, AGM में पॉजिटिव ग्रोथ कमेंट्री के दम पर जोर से दौड़ा शेयर

Trent Share Price : ट्रेंट के शेयर में आज 4 फीसदी की तेजी है। दरअसल ट्रेंट के AGM में नोएल टाटा की पॉजिटिव कमेंट्री से शेयर में रौनक है। नोएल टाटा ने ट्रेंट की ग्रोथ के लिए खास रोडमैप रखा है। यह नोएल टाटा की आखिरी ट्रेंट AGM थी। आज पेश कंपनी के आगे के रोडमैप में कारोबार में 10 गुना ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा गया है। इसमें ये भी कहा गया है कि सिर्फ वेस्टसाइड ( Westside) और जूडियो (Zudio) के भरोसे लक्ष्य हासिल नहीं होगा। हर साल 50 वेस्टसाइड और 200-250 जूडियो और 25-40 स्टार स्टोर बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

लॉन्ग टर्म लक्ष्य के तहत जूडियो के 5000 स्टोर और स्टॉर को भी इसी स्केल तक पहुंचने का इरादा है। इस रोडमैप में ये भी कहा गया है कि बर्न्ट टोस्ट (Burnt Toast) और Samoh में 2-3 साल और इनक्यूबेशन की जरूरत है। फैशन LFL ग्रोथ में नरमी है लेकिन लो-डबल डिजिट ग्रोथ का लक्ष्य रखा गया है। Trent का मार्केट शेयर सिर्फ 2% है। लेकिन इसके लिए ग्रोथ के बड़े मौके मौजूद हैं। कंपनी ने 2500 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इसे वेयरहाउस,IT, AI और स्टोर विस्तार पर खर्च किया जाएगा। स्टार बिजनेस पर कंपनी का भरोसा कायम है। ग्रोसरी रिटेल में मजबूत संभावनाएं दिख रही हैं। वेस्टसाइड ई-कॉमर्स रेवेन्यू 300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

बताते चलें कि 69 साल के नोएल टाटा ने यह भी कहा की है कि वे ट्रेंट लिमिटेड के चेयरमैन का पद छोड़ने जा रहे। इसके साथ ही,टाटा ग्रुप की मुख्य रिटेल कंपनी के हेड के तौर पर उनका लगभग 30 साल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। टाटा ग्रुप की गवर्नेंस पॉलिसी के मुताबिक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल होती है,जबकि नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर 70 साल की उम्र में रिटायर होते हैं। नोएल टाटा की चेयरमैनशिप में FY26 में ट्रेंट का रेवेन्यू बढ़कर 19,701 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी की 2023 की शेयरहोल्डर्स मीटिंग में ट्रेंट को दस गुना बड़ा बनाने का रखा गया था। तब से कंपनी की रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ रेट 2.5 गुना से ज्यादा बढ़ गई है। इस पर नोएल टाटा ने कहा “मुझे पूरा भरोसा है कि हम जल्द ही उस मुकाम तक पहुंच जाएंगे जिसका मैंने ज़िक्र किया था।”

ट्रेंट पर ब्रोकरेज की राय

ट्रेंट पर ब्रोकरेज का नजरिया भी बुलिश है। HSBC ने इस स्टॉक को Buy रेटिंग देते हुए 3460 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने इसे Buy रेटिंग देते हुए 3500 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि कुछ स्टोर्स में सेल्स घटी है। LFL में रिकवरी दिख रही है। आगे डबल डिजिट LFL ग्रोथ संभव है। आगे जाकर मार्जिन में उछाल LFL ग्रोथ पर निर्भर करेगी।

ट्रेंट की चाल पर एक नजर

एनएसई पर आज यह शेयर 104.10 रुपए यानी 3.31 फीसदी की तेजी लेकर 3247 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 3,309.20 रुपए और दिन का लो 3,140.00 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 4,174.00 रुपए और 52 वीक लो 2,183.67 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 3,950,989 शेयर और मार्केट कैप 173,140 करोड़ रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 4.65 रुपए और 1 महीने में 13.36 फीसदी भागा है। इस साल अब तक इसमें 13.82 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसमें 19.60 फीसदी की कमजोरी आई है। जबकि, 3 साल में यह शेयर 182.36 फीसदी भागा है।

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डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।