झूठा था उसके प्यार का इजहार! एक हफ्ते पहले की सिया गोयल की ये इंस्टा पोस्ट देख कौन कहेगा कि ये मारने वाली थी मंगेतर को

सोशल मीडिया पर जो कहानी कल तक एक परफेक्ट लव स्टोरी की तरह नजर आ रही थी वो अब महाराष्ट्र के सबसे चौंकाने वाले हत्याकांडों में से एक बन चुकी है। इस वक्त पुणे के केतन अग्रवाल की मर्डर मिस्ट्री के खुलासे ने पूरे देश को चौंका कर रख दिया है। पुलिस ने केतन की हत्या के आरोप में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधर को अरेस्ट कर लिया है। पर सबसे अधिक लोगों के बीच सिया को लेकर चर्चा है। सिया ने अपने मंगेतर को मारने की साजिश रचने के दौरान प्यार का कैसा नाटक खेलकर रखा, ये लोगों को चौंका रहा है।

महीनों तक सिया गोयल का इंस्टाग्राम प्रोफाइल उसके मंगेतर केतन अग्रवाल के साथ रोमांटिक पलों से गुलजार था। ड्रीम प्रपोजल, फूलों के सरप्राइज, डांस वीडियो, गले मिलने की तस्वीरें और शादी की प्लानिंग.. इन सबको देखकर कोई भी यही कहेगा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में डूबे हुए थे। अब पुलिसिया जांच में जो सच सामने आया है उसने हर किसी को सन्न कर दिया है। जिसे दुनिया प्यार का इजहार समझ रही थी वह असल में फरेब था और ऐसा धोखा था जिसने एक हंसते खेलते शख्स को मार डाला।

दिल को उसका घर मिल गया – सिया ने सगाई के बाद लिखी थीं ये बातें

एनडीटीनी की रिपोर्ट के मुताबिक सिया और केतन ने इसी साल फरवरी में अपनी सगाई का एलान किया था। इसके बाद दोनों के परिवारों ने नवंबर में होने वाली एक बेहद भव्य और आलीशान शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। इसमें लग्जरी वेन्यू, प्राइवेट जेट और महल जैसे फंक्शन शामिल होने वाले थे। सगाई के तुरंत बाद से ही सिया नियमित रूप से अपने इस रिश्ते का जश्न मनाते हुए तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रही थी। सगाई के एक महीने बाद सिया ने एक कैंडल-लिट केक की तस्वीर पोस्ट की और केतन को टैग करते हुए लिखा- चीयर्स टू वन मंथ सिंस माई हार्ट फाउंड इट्स होम (एक महीना पूरा होने की शुभकामनाएं, मेरे दिल को उसका घर मिल गया)।

इसी तरह मई की एक पोस्ट में केतन, सिया को एक फूल देते हुए नजर आ रहा था। सिया ने इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा था कि उसने मेरी पसंद को काफी सीरियसली ले लिया। इस पोस्ट के अंत में दोनों एक-दूसरे को गले लगाते दिख रहे थे। सिया ने केतन की एक इंस्टाग्राम स्टोरी को भी अपने अकाउंट पर रीशेयर किया था। इसमें केतन ने सिया की तस्वीर के साथ लिखा था- दैट स्माइल और साथ में एक हार्ट इमोजी लगाया था।

वारदात से से कुछ दिन पहले ही डाला था रोमांटिक डांस वीडियो

इस पूरी कहानी का सबसे डरावना पहलू यह है कि मर्डर की इस वारदात से कुछ ही दिन पहले यानी 19 मई को सिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बर्थडे काउंटडाउन स्टोरी शेयर की थी। इस वीडियो स्टोरी में यह कपल एक रोमांटिक गाने पर एक साथ डांस करता हुआ दिखाई दे रहा था। ऐसे में किसी को क्या पता चलता था कि केतन के प्यार में डूबने का नाटक कर रही सिया तो असल में उसे मारने की प्लानिंग कर रही है।

हवा तेज थी और पैर फिसल गया – पुलिस को सुनाई झूठी कहानी

करीब एक महीने बाद ही यह लव स्टोरी एक खौफनाक त्रासदी में बदल गई। पुणे के पास लोहगढ़ किले में एक गहरी घाटी में गिरने से केतन की मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने इस घटना को एक हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की। उसने लोनावला रूरल पुलिस को बताया कि जब वे दोनों तेज हवाओं के बीच तस्वीरें ले रहे थे तब केतन का पैर अचानक फिसल गया और वह नीचे गिर गया। सिया के इसी बयान के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज किया था।

ऐसे खुला राज: बेकरी मालकिन और ड्राई फ्रूट कारोबारी का लव अफेयर

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को जल्द ही सिया की कहानी पर शक हो गया और जब उन्होंने गहराई से तफ्तीश की तो सोशल मीडिया के पीछे छिपी एक बिल्कुल अलग और काली हकीकत सामने आ गई। पुलिस ने पाया कि सिया का 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ गुप्त प्रेम प्रसंग चल रहा था। सिया की खुद की एक बेकरी है जबकि चेतन ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) के बिजनेस से जुड़ा हुआ है। दोनों की मुलाकात पिछले साल एक बिजनेस मीटिंग के दौरान हुई थी और नवंबर 2025 से ही उनका यह रिश्ता शुरू हो गया था। मजे की बात यह है कि जब सिया का परिवार केतन के साथ उसकी शादी की तैयारियों में आगे बढ़ रहा था तब भी वह चेतन के साथ रिलेशनशिप में थी। पुलिस के मुताबिक चेतन इस सगाई से बिल्कुल खुश नहीं था और वह केतन को अपने और सिया के रिश्ते के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा समझता था। इसी वजह से इन दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रच डाली।

7 महीने में 2004 कॉल्स, हुडी पहनकर किया था पीछा

पुलिस के मुताबिक सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ किला चलने के लिए राजी किया। योजना के मुताबिक चेतन भी उनके पीछे-पीछे किले तक पहुंच गया और उनसे करीब 20 से 30 फीट की दूरी बनाकर उनके पीछे चलने लगा। ट्रेकिंग रूट के सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा गया कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक हुडी पहन रखी थी और वह लगातार इस कपल को ट्रैक कर रहा था। लिस का आरोप है कि जैसे ही वे दोनों एक उपयुक्त और सुनसान जगह पर पहुंचे, सिया और चेतन ने मिलकर केतन को पीछे से गहरी खाई में धकेल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को दोनों आरोपियों के बीच लगातार बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले सात महीनों के दौरान सिया और चेतन ने आपस में कुल 2004 फोन कॉल्स किए थे और दोनों ने फोन पर लगभग 238 घंटे बात की थी।

दोनों आरोपी भेजे गए 7 दिन की पुलिस कस्टडी में

इन पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने सिया गोयल और चेतन को हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 7 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। फिलहाल जांचकर्ता सबूतों की कड़ियों को जोड़ने और केतन की मौत के समय के पूरे घटनाक्रम को रीकंस्ट्रक्ट करने में जुटे हैं।

DDA Housing Scheme 2026: दिल्‍ली की सस्ता फ्लैट लेने का सुनहरा मौका! पाएं 25% का विशेष डिस्काउंट, आज ही अपना ड्रीम होम बुक करें!

DDA Housing Scheme 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नागरिक आवास योजना 2026 के तहत रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक का स्पेशल डिस्काउंट देने की घोषणा की है। इच्छुक खरीदार ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा। आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी में किफायती और तैयार आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नागरिक आवास योजना 2026 को आकर्षक ऑफर के साथ पेश किया है। योजना के तहत पात्र खरीदारों को चयनित रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है, जिससे घर खरीदने की लागत में बड़ी कमी आएगी।

DDA के अनुसार, योजना में शामिल सभी आवास तत्काल रहने योग्य हैं और खरीदारों को निर्माण पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऑनलाइन अप्लाई और बुकिंग की सुविधा के कारण लोग घर बैठे ही अपनी पसंद के फ्लैट का चयन कर सकते हैं। यह योजना दिल्ली में घर खरीदने की इच्छा रखने वाले हजारों परिवारों के लिए एक बड़ा अवसर मानी जा रही है।

तुरंत करें अप्लाई

योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इसका मतलब है कि जो आवेदक पहले आवेदन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएंगे। ऐसे में इच्छुक लोगों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है। DDA का कहना है कि सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। विशेष छूट का लाभ भी निर्धारित अवधि तक ही मिलेगा। नरेला और सिरसपुर में स्थित इन फ्लैट्स के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा।

मीडियम क्लास के लोगों को लिए शानदार मौका

DDA की यह योजना खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना की अंतिम तिथि 30 जून 2026 से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वे रियायती दरों पर अपना घर खरीदने के अवसर का लाभ उठा सकें। सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। अपने सपनों का घर पाने का यह सुनहरा अवसर हाथ से न जाने दें।

हाउसिंग स्कीम की बड़ी बातें

फ्लैट पर 25% तक का विशेष डिस्काउंट

रेडी-टू-मूव फ्लैट्स उपलब्ध

ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा

FCFS आधार पर आवंटन

सीमित संख्या में आवास

आवेदन की आखिरी तारीख: 30 जून 2026

कितने फ्लैट्स हैं?

DDA की हाउसिंग स्कीम 2026 के तहत राजधानी में विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 1,712 फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें नरेला में 1,301 और सिरसपुर में 411 फ्लैट्स शामिल हैं। फ्लैट्स की कैटेगरी संख्या देखें तो हाई इनकम ग्रुप (HIG) के 298, मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के 459, लो इनकम ग्रुप (LIG) के 892 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 63 फ्लैट्स उपलब्ध हैं।

कीमत

कीमतों की बात करें तो EWS कैटेगरी के फ्लैट 9.60 लाख रुपये से शुरू होते हैं। LIG फ्लैट्स की कीमत 11.5 लाख से 15.3 लाख रुपये के बीच है। वहीं, MIG फ्लैट्स 66 लाख से 82 लाख रुपये और HIG फ्लैट्स 95 लाख रुपये से 1.13 करोड़ रुपये तक उपलब्ध हैं। बुकिंग के लिए आवेदकों को कैटेगरी के अनुसार एडवांस राशि जमा करनी होगी।

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HIG फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये, MIG के लिए 4 लाख रुपये, LIG के लिए 1 लाख रुपये और EWS कैटेगरी के लिए 50 हजार रुपये बुकिंग अमाउंट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी आवेदकों को DDA आवास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए 2,500 रुपये की एकमुश्त और गैर-वापसी योग्य (नॉन-रिफंडेबल) फीस भी जमा करनी होगी। इच्छुक खरीदारों को लास्ट डेट से पहले आवेदन करने की सलाह दी गई है।

FY26 में ₹67.5 करोड़ की सैलरी, Tech Mahindra के सीईओ को मिला आधे एंप्लॉयीज से 1085 गुना ज्यादा

Tech Mahindra CEO Salary: दिग्गज टेक कंपनी टेक महिंद्रा के सीईओ और एमडी मोहित जोशी को पिछले वित्त वर्ष 2026 में ₹67.54 करोड़ (54 लाख पौंड) की सैलरी मिली। सालाना आधार पर यह 11.76% अधिक रहा। आईटी कंपनी की सालाना रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। इस हाइक में ESOPs (एंप्लॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान) शामिल है। अगर इसे निकाल दिया जाए तो मोहित जोशी को वित्त वर्ष 2026 में सालाना आधार पर 20.39% अधिक सैलरी मिली। इस हाइक का कैलकुलेशन ब्रिटिश पाउंड में हुआ है। वित्त वर्ष 2025 में उनकी सैलरी ₹52.1 करोड़ थी।

Tech Mahindra के सीईओ की सैलरी का ब्रेकअप

मोहित जोशी के वित्त वर्ष 2026 के सैलरी पैकेज में वास्तविक सैलरी 13.6 लाख पौंड यानी ₹17 करोड़ रही। इसके अलावा इसमें इस्तेमाल किए गए ESOPs की 29.3 लाख पौंड (₹36.65 करोड़) की वैल्यू और परफॉर्मेंस से जुड़े बोनस के तौर पर 11.1 लाख पौंड (₹13.8 करोड़) शामिल हैं। वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में उनके पास 4,68,130 शेयर थे और बाद में उन्हें 1,97,718 शेयर और मिले। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक पूरे वित्त वर्ष में उन्होंने 2,35,364 स्टॉक ऑप्शंस का इस्तेमाल किया।

सीईओ और आम एंप्लॉयी के पैकेज में कितना फर्क?

कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक ESOP मिलाकर मोहित जोशी की सैलरी कंपनी के एंप्लॉयीज की मीडियन सैलरी से 1,085.27 गुना अधिक रही। साथ ही वित्त वर्ष 2026 में एंप्लॉयीज के मीडियन पैकेज में 4.89% की गिरावट आई। मीडियन सैलरी का मतलब है कि कंपनी में ऊपर से नीचे तक के सभी एंप्लॉयीज में आधे की सैलरी मीडियन लेवल से अधिक है तो आधे की इस लेवल से कम और टेक महिंद्रा के सीईओ का पैकेज मीडियन सैलरी से 1085 गुना अधिक रहा। वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में कंपनी के 1,19,337 स्थायी कर्मचारी थे।

बाकी कंपनियों में क्या रही स्थिति

वित्त वर्ष 2026 में टेक महिंद्रा के सीईओ को ₹67.5 करोड़ मिले। अब इसकी तुलना देश में टॉप की आईटी कंपनियों के सीईओ से करें तो देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के सीईओ K Krithivasan को वित्त वर्ष 2026 में ₹28 करोड़, इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख को ₹82.6 करोड़, विप्रो के श्रीनिवास पल्लिया को ₹49.6 करोड़ और एलटीएम के वेनु लांबू को ₹27.26 करोड़ मिले।

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फूड डिलीवरी मार्केट में छिड़ी नई जंग, जानिए रैपिडो की एंट्री से स्विगी और जोमैटो में किसको होगा ज्यादा नुकसान

फूड डिलीवरी सेगमेंट में नई जंग छिड़ गई है। स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चैलेंज करने के लिए इस सेक्टर में एक नया खिलाड़ी उतर गया है। रैपिडो ने फूड डिलीवरी सेगमेंट में एंट्री मारी है। रैपिडो का राइडर्स नेटवर्क और जीरो कमीशन मॉडल इस स्पेस के मैट्रिक्स को बदलने की क्षमता रखते हैं। “Ownly” नाम से फूड डिलीवरी में रैपिडो की एंट्री हुई है। इससे स्विगी और जोमैटो के दबदबे को चुनौती मिलने की उम्मीद है। Ownly का फोकस कम बजट वाले कस्टमर पर है।

स्विगी ने किया अंडरपरफॉर्म

इटरनल और स्विगी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्विगी ने अंडरपरफॉर्म किया है। इटरनल ने इस साल अब तक 9 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 2 फीसदी पॉजिटिव रिटर्न दिया है। वहीं, स्विगी ने इस साल अब तक 37 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 38 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

रैपिडो के मॉडल में क्या है अंतर?

रैपिडो रेस्टोरेंट्स के लिए 0% कमीशन मॉडल पर काम करेगा। वहीं, स्विगी और जोमैटो रेस्टोरेंट्स से 16 से 30 फीसदी तक कमीशन वसूलतें हैं। इसको ध्यान में रखते हुए रैपिडो का दांव मजबूत दिख रहा है। इसके पास राइडर्स का एक बड़ा नेटवर्क है। कंपनी को पहले से मौजूद बाइक-टैक्सी ड्राइवर्स का सीधा फायदा मिलेगा। इससे लागत कम करने में मदद मिलेगी

रैपिडो को दमदार रिस्पॉन्स!

रैपिडो को रेस्टोरेंट्स का अच्छा साथ मिला है। शुरुआती 3 महीनों में ही रैपिडो से 15% पार्टनर रेस्टोरेंट्स जुड़े हैं। Ownly के 3 महीने में 10 लाख डाउनलोड्स हुए हैं। स्विगी के ऐप Toing के करीब 60 लाख डाउनलोड्स हैं।

स्विगी के लिए क्यों निगेटिव?

ब्रोकरेज हाउस स्विगी के’Instamart’को 0 वैल्यूएशन दे रहे हैं। रैपिडो की एंट्री से जोमैटो से ज्यादा स्विगी को नुकसान हो सकता है। स्विगी ने भी बजट कस्टमर के लिए ही Toing ऐप उतारा है।

इटरनल और स्विगी के शेयरों पर एक नजर

इटरनल के शेयर पर नजर डालें तो एनएसई पर यह शेयर 1.15 बजे के आसपास 3.90 रुपए यानी 1.51 फीसदी की गिरावट के साथ 255 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 260.95 रुपए और दिन का लो 253.80 रुपए है। इस शेयर ने 1 हफ्ते में 0.95 फीसदी की कमजोरी दिखाई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 5.81 फीसदी और 3 महीने में 7.61 फीसदी की तेजी दिखाई है। 1 साल में इसने 0.44 फीसदी रिटर्न दिया है।

स्विगी की बात करें तो यह शेयर 6.70 रुपए यानी 2.68 फीसदी की गिरावट के साथ 243 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। 1 हफ्ते में इसमें 6.19 फीसदी की कमजोरी आई है। वहीं, 1 महीने में इसमें 2.64 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 3 महीने में यह शेयर 11.73 फीसदी टूटा है। इस साल अब तक इसमें 37.02 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, 1 साल में यह शेयर 37.96 फीसदी टूटा है।

 

Adani Enterprises Share Price : मॉर्गन स्टेनली की बुलिश रिपोर्ट के बाद 2% भागा शेयर, 2 लाख करोड़ रुपये के पावर कैपेक्स प्लान ने भी भरा जोश

 

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60% सैलरी हाइक के ऑफर पर जॉब बदलने में इस शख्स ने की ऐसी गलती कि अब पछता रहा! Job स्विच करते वक्त आप भी रखें ये ख्याल

आज के अनिश्चित जॉब मार्केट में जब भी किसी को बड़ी सैलरी हाइक का ऑफर मिलता है तो वह बिना ज्यादा सोचे-समझे तुरंत कंपनी बदल लेता है। सवाल ये है कि क्या सिर्फ भारी-भरकम पैकेज देखकर नौकरी बदलना हमेशा सही होता है? बेंगलुरु के एक टेक प्रोफेशनल के सोशल मीडिया पोस्ट ने इस विषय पर इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। सनी कुमार नाम के एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। ये काफी वायरल हो रहा है। उन्होंने अपने एक दोस्त की आपबीती सुनाते हुए दावा किया है कि आज के दौर में किसी छोटी कंपनी में ज्यादा सैलरी पाने से बेहतर है कि आप किसी बड़ी कंपनी में थोड़ी कम सैलरी पर काम करें। आइए जानते हैं कि उनके दोस्त ने 60% हाइक के चक्कर में क्या गलती की और नौकरी बदलते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

60% हाइक का ऑफर और फिर लग गया बड़ा झटका

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 ने इस वायरल वीडियो पर डिटेल्ड रिपोर्ट की है। इसके मुताबिक सनी कुमार ने वीडियो में बताया कि उनका एक दोस्त पुणे में मास्टरकार्ड जैसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था। वहां उसकी सैलरी अच्छी थी, वर्क प्रोफाइल पूरी तरह स्टेबल था और वह अपने करियर में काफी अच्छा कर रहा था। इसी बीच उसे एक कंसल्टेंसी फर्म से 60 फीसदी सैलरी हाइक का बड़ा ऑफर मिला। इतने बड़े पैकेज के लालच में आकर उसने मास्टरकार्ड की स्टेबल नौकरी छोड़ दी और नई कंपनी जॉइन कर ली।

6 महीने में ही पलट गई बाजी

सनी के मुताबिक यह फैसला उनके दोस्त के लिए सही साबित नहीं हुआ। नई कंसल्टेंसी कंपनी को जॉइन किए हुए अभी महज छह महीने ही हुए थे कि कंपनी के हाथ से वो प्रोजेक्ट ही फिसल गया जिसके लिए उनके दोस्त को हायर किया गया था। इसके तुरंत बाद कंपनी ने उसके दोस्त से कहा कि या तो वह खुद इस्तीफा दे दे या फिर उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।

आईटी सेक्टर में अस्थिरता: सनी कुमार की सलाह

इस घटना का उदाहरण देते हुए सनी कुमार ने प्रोफेशनल्स को सलाह दी है कि वे सिर्फ बड़ा पे-चेक देखकर नौकरी बदलने से पहले दो बार जरूर सोचें। उन्होंने वीडियो में कहा कि अगर आप एक अच्छी और स्टेबल कंपनी में हैं, जहां आपकी सैलरी अच्छी है तो मेरा सुझाव यही होगा कि भले ही आपको 60-70% या 100% तक की हाइक भी क्यों न मिल रही हो, कम से कम अगले 6 महीने से एक साल तक जॉब स्विच न करें। इन दिनों आईटी सेक्टर काफी वोलटाइल यानी अस्थिर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सनी कुमार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर नौकरीपेशा लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने सनी की बात से सहमति जताते हुए कहा कि जॉब सिक्योरिटी जरूरी है लेकिन मेट्रो शहरों की हकीकत भी देखनी होगी। यूजर ने लिखा कि कम सैलरी में मेट्रो शहर के कमरे का किराया और राशन का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इसलिए किसी के बहकावे में आने के बजाय अपना फैसला खुद लें। मास्टरकार्ड अच्छी कंपनी है और हमें समझना चाहिए कि हर बार बात सिर्फ हाइक की नहीं, स्टेबिलिटी की होती है।

एक दूसरे यूजर ने कुमार के विचार का समर्थन करते हुए लिखा कि मैं हमेशा सुनिश्चित करता हूं कि जब भी जॉब बदलूं तो एक बड़ी कंपनी से दूसरी बड़ी कंपनी में ही जाऊं। मैं किसी छोटी कंपनी में नौकरी खोने का रिस्क और उसका रोज का तनाव नहीं झेल सकता।

दूसरा पक्ष: बड़ी कंपनियां भी नहीं हैं लेऑफ से सुरक्षित

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सनी के इस तर्क का विरोध किया कि बड़ी कंपनियां पूरी तरह सुरक्षित होती हैं। उन्होंने इसके लिए उदाहरण भी दिए। एक यूजर ने कमेंट किया कि कोई भी कंपनी सुरक्षित नहीं है।। मुझे बीती 15 जून को ही HSBC से लेऑफ (नौकरी से निकालना) कर दिया गया। दूसरे यूजर ने लिखा कि क्या गारंटी है कि मास्टरकार्ड से भी उसे नहीं निकाला जाता… आजकल बड़ी कंपनियां भी बहुत ज्यादा रीस्ट्रक्चरिंग कर रही हैं। एक तीसरे शख्स ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘निकाले तो आप बड़ी कंपनी से भी जा सकते हैं और छोटी से भी। अंतर बस इतना है कि छोटी कंपनी ने कम से कम वहां रहने के दौरान आपको 60% ज्यादा पैसे तो दिए।’

जॉब स्विच करते वक्त केवल कंपनी का साइज न देखें, इन बातों का रखें ख्याल

बहस के बीच एक यूजर ने बहुत ही काम की सलाह दी कि फैसला सिर्फ कंपनी के छोटे या बड़े होने के आधार पर नहीं होना चाहिए बल्कि आज के दौर में कुछ अन्य महत्वपूर्ण चीजों का एनालिसिस करना जरूरी है:

SaaS कंपनियों से बचें: यूजर के मुताबिक इन दिनों SaaS (सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस) कंपनियों में जाने से बचना चाहिए। नौकरी बदलने से पहले कंपनी के ग्लोबल हेडकाउंट और भारत में उनके कर्मचारियों की संख्या की जांच करें। कंपनी का कुल रेवेन्यू कितना है और उसका नेट प्रॉफिट क्या है, इसकी जानकारी जरूर जुटाएं। कंपनी के भविष्य के प्लान क्या हैं और वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कितना निवेश कर रहे हैं, इन सभी पहलुओं को चेक करने के बाद ही कोई फैसला लें।

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Devina Gehlot CUET UG 2026 AIR 1: 1232 अंकों के साथ टॉपर बनी देविना गहलोत ने इस नुस्खे से पाई सफलता, जानें क्या है देविना का सक्सेस मंत्र

Devina Gehlot CUET UG 2026 AIR 1: दिल्ली की देविना गहलोत का नाम सुर्खियों में छाया हुआ है। हाल ही में घोषित हुए सेंट्रल यूनिवर्सिटी एट्रेंस टेस्ट (CUET) यूजी 2026 के रिजल्ट में देविना ने 1232.19 अंकों हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 प्राप्त की है। देविना ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि सीयूईटी यूजी 2026 टॉपर होने का। वह कई बार अपने रोल नंबर का मिलान आधिकारिक वेबसाइट से कर चुकी हैं। बता दें, देविना दिल्ली के पूर्व ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत की बेटी हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेसी (NTA) ने मंगलवार, 23 जून 2026 को सीयूईटी यूजी 2026 का रिजल्ट घोषित किया। इस रिजल्ट में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) वसंत कुंज की छात्रा देविना गहलोत ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। सीयूईटी यूजी भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके लिए इस साल 15 लाख से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन हुए थे। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में देविना ने कहा कि यह रिजल्ट एक सुखद सरप्राइज था। हालांकि उन्हें अच्छे मार्क्स की उम्मीद थी, लेकिन देश में सबसे ऊंची रैंक हासिल करने की उम्मीद नहीं की थी।

देविना का सक्सेस मंत्र

टॉपर देविना ने अपनी सफलता का श्रेय लंबे समय तक पढ़ाई करने के बजाय अनुशासन और निरंतरता को दिया। उन्होंने बताया कि एक नियमित रूटीन बनाए रखने से उन्हें तैयारी के दौरान फोकस्ड रहने में मदद मिली। नियमित रिवीजन सत्र और प्लान्ड ब्रेक उनकी रोजाना की तैयारी का एक जरूरी हिस्सा थे। देविना ने कहा, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी ने मुख्य विषयों की समझ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। बोर्ड की तैयारी के दौरान मिली जानकारी सीयूईटी यूजी में सवालों को हल करने में काम आई।

देविना ने अपना सक्सेस मंत्र शेयर करते हुए कहा, ‘मैंने एनसीईआरटी की किताबों पर भरोसा किया। पढ़ाई के लिए बहुत सारी चीजें इकट्ठा करने के बजाय मैंने कुछ भरोसेमंद सोर्स से कॉन्सेप्ट समझने पर ध्यान दिया। साथ ही पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर से भी खूब प्रैक्टिस की।’

देविना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को बहुत ज्यादा स्टडी रिसोर्स इकट्ठा करने से बचने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कॉन्सेप्ट की साफ समझ ढेर सारे मटीरियल कवर करने की कोशिश करने से ज्याद काम की है।

उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान आत्मविश्वास के महत्व पर भी जोर दिया। देविना ने कहा, ‘बेवजह का प्रेशर अक्सर प्रदर्शन पर असर डालता है और खुद पर विश्वास को कमजोर करता है। शांत रहना और अपनी कोशिशों पर भरोसा करना, कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं के दौरान बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है।’

सीयूईटी यूजी 2026: कैसा रहा रिजल्ट

कैटेगरी नंबर

रजिस्टर्ड कैंडिडेट : 15.68 लाख+

शामिल हुए कैंडिडेट : 11.64 लाख+

हिस्सा लेने वाली यूनिवर्सिटी : 280+

एग्जाम कंडक्ट करने वाली एजेंसी : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)

रिजल्ट डिक्लेयर करने की तारीख : 23 जून, 2026

UGC NET June 2026 re-exam: तकनीकी दिक्कत की वजह से रद्द हुआ एग्जाम 5 जुलाई को होगा, जानें किन उम्मीदवारों को मिलेगी सुविधा

क्या E20 फ्यूल से इंश्योरेंस पॉलिसी हो जाएगी बेकार? सरकार ने बताया पूरा सच

E20 Fuel: भारत सरकार ने कहा है कि देश का इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सुरक्षित, ग्राहकों के लिए फायदेमंद और आर्थिक रूप से लाभकारी बना हुआ है। साथ ही सरकार ने उन चिंताओं को भी खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ी के इंश्योरेंस पॉलिसी की वैधता पर असर पड़ सकता है।

वहीं, अब इस पर तेल मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह बात पूरी तरह गलत है। मंत्रालय ने बताया कि इस मामले को लेकर जिन-जिन लोगों या कंपनियों से बात करनी थी, उनसे बात कर ली गई है और यह साफ हो गया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंश्योरेंस पर कोई असर नहीं पड़ता।

मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग दुनिया भर में अपनाई जाने वाली एक मान्य प्रक्रिया है और इसे कई देशों में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिनमें अमेरिका, ब्राजील और जापान शामिल हैं। इसके अलवा, यह भी बताया कि ब्राजील ने लंबे समय से इथेनॉल की ज्यादा मात्रा मिलाने (ब्लेंडिंग) का तरीका अपनाया है, और वहां E27 पेट्रोल का स्टैंडर्ड ब्लेंड है।

सरकार के मुताबिक, इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से कच्चे तेल का आयात कम हुआ है, जिससे भारत को विदेशी मुद्रा के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत करने में मदद मिली है। सरकार ने यह भी कहा कि इस प्रोग्राम से इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कृषि उत्पादों (फीडस्टॉक) की लगातार मांग बनी है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।

वहीं सरकार के बयान में आगे कहा गया है, “इथेनॉल ब्लेंडिंग भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और देश को साफ-सुथरी मोबिलिटी की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाती है।”

सरकार ने कहा कि वह वैज्ञानिक सबूतों और सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत के आधार पर, इस प्रोग्राम को “सुरक्षित, पारदर्शी और उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए” लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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Adani Enterprises Share Price : मॉर्गन स्टेनली की बुलिश रिपोर्ट के बाद 2% भागा शेयर, 2 लाख करोड़ रुपये के पावर कैपेक्स प्लान ने भी भरा जोश

Adani Enterprises Share Price : 24 जून को इंट्राडे ट्रेडिंग में अदाणी एंटरप्राइजेजके शेयर 2.4 प्रतिशत तक चढ़े। मॉर्गन स्टेनली द्वारा इस स्टॉक पर “ओवरवेट” रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करने के बाद,सुबह के कारोबार में ये शेयर 1.66 प्रतिशत बढ़कर 3,012 रुपये पर पहुंच गए। ब्रोकरेज ने ग्रुप के इनक्यूबेशन बिज़नेस में मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं का हवाला देते हुए यह रेटिंग दी है।

मॉर्गन स्टेनली ने अदाणी एंटरप्राइजेज के लिए प्रति शेयर 3,638 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है,जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से इसमें लगभग 21 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है। पिछले एक साल में इस शेयर में करीब 24 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जो निफ्टी 50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है। इसी दौरान निफ्टी 50 में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।

ब्रोकरेज ने कंपनी को एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर इनक्यूबेटर बताया है,जिसकी एयरपोर्ट,डेटा सेंटर,न्यू एनर्जी और माइनिंग जैसे तेज ग्रोथ वाले बिजनेस में अच्छी पैठ है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी का EBITDA तीन गुना हो जाएगा,क्योंकि इसके कई नए बिजनेस और बड़े होंगे और कंपनी की कमाई में ज्यादा बड़ा योगदान करना शुरू करेंगे।

मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने,गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में हुई प्रगति,कॉपर बिजनेस के विस्तार और नए एनर्जी वेंचर्स में लगातार विस्तार से वित्त वर्ष 2027 में कंपनी की ग्रोथ में इजाफा होगा।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि ग्रुप का एयरपोर्ट पोर्टफोलियो वित्त वर्ष 2030 तक हर साल 145 मिलियन यात्रियों को संभालेगा,जबकि इसी दौरान इसकी डेटा सेंटर क्षमता 2 GW तक पहुंचने का अनुमान है।

ब्रोकरेज की यह बुलिश रिपोर्ट तब आई है जब अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपनी 34वीं सालाना एजीएम आयोजित की है जिसमें कंपनी के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर,एनर्जी और डिजिटल बिजनेस में अदाणी ग्रुप की लंबी अवधि की ग्रोथ योजनाओं की रूपरेखा पेश की है।

गौतम अदाणी ने इस एजीएम में कई अहम घोषणाएं करते हुए बताया है कि उनका ग्रुप पावर सेक्टर में 2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोग्राम लागू कर रहा है और अगले पांच सालों में 45 GW की पावर जेनरेशन क्षमता बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने 2035 तक 10 GW की न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करने के लक्ष्य की भी बात कही।

उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के पोर्ट्स बिजनेस का लक्ष्य 2030 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडलिंग वॉल्यूम हासिल करना है। अदाणी ग्रुप क्लीन एनर्जी की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए PNG इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी ला रहा है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि ग्रुप 2030 तक 3 GW का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म बनाने की राह पर है। इससे भारत के सबसे तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी की पैठ को और मजबूती मिलेगी।

 

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