Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Share Market Live Update: ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेतों और US मार्केट में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की वजह से हुई बिकवाली को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, बुधवार को फ्लैट खुलने की संभावना है।

गिफ्ट निफ्टी के ट्रेंड्स भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे jरहा है।गिफ्ट निफ्टी 23,871.00 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 60.50 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

मंगलवार को, भारतीय स्टॉक मार्केट में अलग-अलग सेगमेंट में बिकवाली की नई लहर के बीच गिरावट आई, जिसमें दोनों बेंचमार्क इंडेक्स 1% से ज़्यादा गिर गए।सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 278.80 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Asian Market Today: गिफ्ट निफ्टी में फ्लैट कारोबार कर रहा है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही। एशिया में KOSPI में कल की तेज गिरावट के बाद आज रिकवरी का मूड देखने को मिला। वहीं अमेरिका में डाओ जोंस में भी निचले स्तरों से 350 प्वाइंट की रिकवरी आई। लेकिन चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। नैस्डैक कल भी 2% से ज्यादा फिसला है।

एशियाई बाज़ार

टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज़ी के बीच बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.52% और टॉपिक्स 0.41% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी एक दिन पहले 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा, जबकि कोसडैक 1.49% बढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए।

गिफ्ट निफ्टी 23,874 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 21 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में भारी गिरावट और US फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये को लेकर चिंताओं के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 47.22 पॉइंट्स या 0.09% गिरकर 51,665.49 पर आ गया, जबकि S&P 500 107.32 पॉइंट्स या 1.44% गिरकर 7,365.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 579.56 पॉइंट्स या 2.21% गिरकर 25,587.04 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 4.15% गिरी, AMD के शेयर 5.76% फिसले, इंटेल के शेयर 6.14% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 13.18% टूटे, मार्वेल टेक्नोलॉजी 9.36% गिरी, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.80% बढ़े, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.91% गिरी, अल्फाबेट के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 5.79% गिरी और स्पेसएक्स के शेयर 0.98% बढ़े।

बैंक ऑफ जापान

जून में हुई पॉलिसी मीटिंग में हुई राय की समरी से पता चला कि बैंक ऑफ़ जापान के कुछ बोर्ड मेंबर्स ने सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रेट को इकॉनमी के लिए न्यूट्रल माने जाने वाले लेवल के करीब लाने के लिए इंटरेस्ट रेट में और बढ़ोतरी की मांग की।

जापान का सर्विसेज़ PPI

जापान का सर्विसेज़ प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स मई में एक साल पहले के मुकाबले 3.3% बढ़ा। इंडेक्स में सालाना बढ़ोतरी, जो कंपनियों द्वारा सर्विसेज़ के लिए एक-दूसरे से ली जाने वाली कीमत को ट्रैक करता है, अप्रैल में रिवाइज्ड 3.3% बढ़त के बाद हुई।

क्रूड ऑयल की कीमतें

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट जारी रही क्योंकि ज़्यादा टैंकर खुलेआम होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहे थे। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99% गिरकर $76.32 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.05% गिरकर $72.44 पर आ गया।

आज सोने का रेट

सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.8% गिरकर $4,083.77 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें 1.1% गिरकर $60.86 पर आ गईं।

डॉलर

US डॉलर एक साल से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स, जो कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, मई 2025 के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल 101.42 पर पहुंचने के बाद 0.38% बढ़कर 101.39 पर पहुंच गया। यूरो 0.41% गिरकर $1.138 पर आ गया, जबकि स्टर्लिंग 0.45% कमजोर होकर $1.3187 पर आ गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.01% मजबूत होकर 161.55 पर पहुंच गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

UP Assistant Professor Recruitment 2026: यूपी के असिस्टेंट प्रोफेसर के 1600 से अधिक पदों पर निकली भर्ती, जानें कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन

UP Assistant Professor Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज और अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में बड़ी संख्या में प्रोफेसर के पद खाली हैं। इन पदों पर भर्ती का सपना देख रहे युवाओं के लिए ये एक अच्छी खबर हो सकती है, क्योंकि प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने इन कॉलेजों में खाली पड़े पदों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके घटनाक्रम से समझा जा रहा है कि सरकार अब इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न कॉलेजों से रिक्त पदों की जानकारी जुटाकर चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में कई कॉलेजों ने रिक्तियों की संख्या भेज दी है, जिसके बाद 1600 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का कयास लगाया जा रहा है। अब इन सभी रिक्तियों का अंतिम सत्यापन कर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बढ़ सकता है अंतिम आंकड़ा

उच्च शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों को खाली पदों की सही जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कई संस्थानों ने नई रिक्तियों की सूचना भेजी है। अधिकारियों का मानना है कि अंतिम आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि कुछ कॉलेजों से रिपोर्ट आना बाकी है।

प्राचार्य पदों पर भी बढ़ सकती हैं भर्तियां

सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्राचार्य के पदों पर भी भर्ती की संभावना बढ़ गई है। फिलहाल 111 रिक्त पदों की जानकारी चयन आयोग को भेजी जा चुकी है। कई कॉलेजों से अभी वेरिफिकेशन रिपोर्ट मिलनी बाकी है, जिसके बाद रिक्त पदों की संख्या और बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में भी बनेंगे नए पद

आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। यह स्कूल प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं तक होंगे। इसके लिए शिक्षकों के नए पद सृजित करने की तैयारी चल रही है। शासन ने संबंधित अधिकारियों से यह रिपोर्ट मांगी है कि इन स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से चलाने के लिए कितने शिक्षकों की जरूरत होगी।

युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

असिस्टेंट प्रोफेसर, प्राचार्य और नए मॉडल स्कूलों में बनने वाले शिक्षकों के पदों से प्रदेश के हजारों शिक्षित युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

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Gold Price Today: सोना फिर लुढ़का, 24 और 22 कैरेट दोनों की गिरी कीमत; चेक करें दिल्ली समेत 10 बड़े शहरों का भाव

देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। 24 जून की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 144740 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3,000 रुपये या 2 प्रतिशत घटकर 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुख्य रूप से विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,121.10 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144740 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132540 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147920 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144590 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132690144740
मुंबई132540144590
अहमदाबाद132590144640
चेन्नई135590147920
कोलकाता132540144590
हैदराबाद132540144590
जयपुर132690144740
भोपाल132590144640
लखनऊ132690144740
चंडीगढ़132690144740

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 24 जून को कीमत घटकर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 62.27 डॉलर प्रति औंस पर है।

 

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Nirjala Ekadashi 2026 Date: निर्जला एकादशी व्रत की तारीख पर कंफ्यूजन करें दूर, जानें क्यों माना जाता है इसे पूरे साल में श्रेष्ठ एकादशी व्रत

Nirjala Ekadashi 2026 Date: निर्जला एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु के भक्त व्रत करते हैं और इसके लिए वे पूरे 24 घंटों के लिए अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग करते हैं। इसलिए इसे सबसे कठिन एकादशी व्रत माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है, जब भीषण गर्मी पड़ती है। इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में निर्जला एकादशी के व्रत को पूरे साल में आने वाली सभी 24 एकादशी व्रतों में श्रेष्ठ और पवित्र माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी व्रत को करने से सभी एकादशी व्रतों के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पद्म पुराण में इस व्रत की महिमा के बारे में बताया गया है। इसके अनुसार, इस दिन पानी के नियम का पालन करने और विष्णुजी की श्रद्धा पूर्वक पूजा करने वाले भक्त को मेरु पर्वत के समान पापों से भी मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष प्राप्त होता है। इस दिन किए स्नान, दान, जप का अक्षय फल मिलता है। आइए जानें इस साल निर्जला एकादशी का व्रत कब है और क्यों इस सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना जाता है?

निर्जला एकादशी 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून, बुधवार के दिन शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर होगा। वहीं, अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम के समय 8 बजकर 10 मिनट तक एकादशी तिथि व्याप्त रहेगी। इसके उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। ऐसे में उदया तिथि की गणना के अनुसार, 25 जून को ही निर्जला एकादशी का व्रत किया जाएगा।

क्यों श्रेष्ठ माना जाता है निर्जला एकादशी व्रत

पद्म पुराण के अनुसार, एक बार पांचों पांडवों में से भीमसेन ने वेद व्यासजी से पूछा कि मैंने एक भी व्रत नहीं किया है क्योंकि मेरे उदर में वृक नामक अग्नि सदा प्रज्वलित रहती है। जिसके कारण मुझे सदैव भूख महसूस होती है। ऐसे में मुझे कोई ऐसा व्रत बताइए जो केवल एक बार करने से मेरा भी उद्धार हो सके और मुझे स्वर्ग लोक की प्राप्ति हो।

तब व्यासजी ने भीमसेन को ज्येष्ठ मास में पड़ने वाली एकादशी को निर्जल रहकर व्रत करने को कहा। एक ऐसा महीना जो अधिक गर्म होता उसमें निर्जल रहना अत्यंत कठिन है। इसीलिए इस एकादशी के व्रत को अत्यंत कठिन माना जाता है। व्यासजी ने बताया केवल इस एक एकादशी के व्रत को करने से वर्ष भर में पड़ने वाली सभी एकादशियों का फल प्राप्त हो जाता है।

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Index funds vs Active funds: इंडेक्स फंड या एक्टिव फंड… 10 साल में ₹1 लाख से किसने बनाया ज्यादा पैसा?

Index funds vs Active funds: म्यूचुअल फंड में निवेश लंबी अवधि में पैसा बढ़ाने का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। लेकिन, कौन सा फंड ज्यादा बेहतर रिटर्न देता है? अब मान लीजिए कि दो दोस्त हैं। 10 साल पहले दोनों ने म्यूचुअल फंड में ₹1-1 लाख लगाए। पहले ने ज्यादा सोच-विचार नहीं किया और Nifty 50 Index Fund में पैसा लगा दिया। दूसरे को भरोसा था कि एक अच्छा फंड मैनेजर बाजार से बेहतर रिटर्न दिला सकता है, इसलिए उसने एक एक्टिव इक्विटी फंड चुना।

10 साल बाद पहले निवेशक का ₹1 लाख बढ़कर करीब ₹3.15 लाख हो गया। लेकिन दूसरे निवेशक के लिए नतीजा इस बात पर निर्भर करता है कि उसने कौन-सा फंड चुना था।

अगर उसने सही लार्ज कैप फंड चुना होता, तो उसकी रकम करीब ₹3.83 लाख हो सकती थी। लेकिन अगर फंड का चुनाव गलत हो जाता, तो वही ₹1 लाख सिर्फ ₹2.60 लाख तक पहुंचता। यानी इंडेक्स फंड से भी कम रिटर्न मिलता।

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फ्लेक्सी कैप फंड में और बड़ा अंतर

फ्लेक्सी कैप फंड्स में यह अंतर और ज्यादा बड़ा दिखता है। पिछले 10 साल में कुछ फ्लेक्सी कैप फंड्स ने ₹1 लाख को बढ़ाकर करीब ₹5.99 लाख कर दिया। वहीं कुछ फंड्स में यही रकम सिर्फ ₹2.53 लाख तक पहुंची।

यही इंडेक्स फंड और एक्टिव फंड के बीच सबसे बड़ा फर्क है। इंडेक्स फंड का मकसद बाजार जितना रिटर्न देना होता है, इसलिए इसमें रिटर्न का अंदाजा लगाना आसान होता है। दूसरी तरफ एक्टिव फंड में ज्यादा कमाई का मौका भी होता है और कमजोर रिटर्न का जोखिम भी।

एक्टिव फंड ज्यादा रिटर्न कैसे दे सकते हैं?

Arthasadhana Investments की संस्थापक और QPFP®️ Namrata Singh कहती हैं कि एक्टिव फंड्स में बाजार से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता होती है। खासकर उन कैटेगरी में, जहां फंड मैनेजर को अलग-अलग सेक्टर और अलग-अलग आकार की कंपनियों में निवेश करने की आजादी होती है।

इंडेक्स फंड एक तय सूची के हिसाब से निवेश करते हैं। लेकिन एक्टिव फंड में फंड मैनेजर अपने हिसाब से फैसले ले सकता है। उसे अगर लगता है कि किसी सेक्टर में तेजी आने वाली है, तो वह वहां निवेश बढ़ा सकता है। अगर कोई सेक्टर महंगा लग रहा है, तो वहां निवेश कम कर सकता है। फ्लेक्सी कैप फंड्स में तो फंड मैनेजर लार्ज, मिड और स्मॉल कैप कंपनियों के बीच भी आसानी से पैसा शिफ्ट कर सकता है।

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अनुभव मैनेजर पकड़ लेते हैं मौके

नम्रता सिंह का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में हालात लगातार बदलते रहते हैं। कभी कोई सेक्टर आगे निकल जाता है तो कभी दूसरा। ऐसे में अनुभवी फंड मैनेजर कई बार ऐसे मौके पकड़ लेते हैं, जो अभी इंडेक्स में पूरी तरह दिखाई नहीं देते।

यही वजह है कि इस अध्ययन में सबसे बेहतर फ्लेक्सी कैप फंड ने ₹1 लाख को करीब ₹6 लाख में बदल दिया। यह Nifty 50 Index Fund के रिटर्न से लगभग दोगुना है।

लेकिन जोखिम भी उतना ही बड़ा है

लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी है। जिस फ्लेक्सी कैप फंड का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, उसने 10 साल में ₹1 लाख को सिर्फ ₹2.53 लाख बनाया। वहीं सबसे कमजोर लार्ज कैप फंड की वैल्यू ₹2.60 लाख तक पहुंची। दोनों ही मामलों में रिटर्न Nifty 50 Index Fund से कम रहा। यानी एक्टिव फंड में सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कौन-सा फंड चुना है।

नम्रता सिंह कहती हैं कि सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि फंड पैसा कैसे निवेश करता है, जोखिम को कैसे संभालता है और लंबे समय में उसका प्रदर्शन कितना स्थिर रहा है।

फिर भी कई लोग इंडेक्स फंड क्यों चुनते हैं?

कई निवेशक फंड मैनेजर चुनने की झंझट में नहीं पड़ना चाहते। वे यह सोचकर निवेश करते हैं कि बाजार जितना रिटर्न मिल जाए, वही काफी है। ऐसे निवेशकों के लिए इंडेक्स फंड एक आसान विकल्प बन जाते हैं। ये बाजार को हराने की कोशिश नहीं करते। इनका मकसद सिर्फ Nifty 50 जैसे किसी इंडेक्स के प्रदर्शन को दोहराना होता है।

इसके अलावा इंडेक्स फंड का खर्च भी आमतौर पर कम होता है और निवेशक को एक ही फंड के जरिए कई बड़ी कंपनियों में निवेश का मौका मिल जाता है।

नम्रता सिंह के मुताबिक, जो निवेशक सरल और नियम-आधारित निवेश पसंद करते हैं और फंड मैनेजर पर निर्भर नहीं रहना चाहते, उनके लिए इंडेक्स फंड अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वहीं जो लोग थोड़ा ज्यादा जोखिम लेकर बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं, वे अच्छे एक्टिव फंड्स पर विचार कर सकते हैं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहते हैं आपके सिता

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कुछ मुलांक को आर्थिक मामलों में समझदारी, धैर्य और भविष्य की योजना बनाने का है। जल्दबाजी से बचकर और सही रणनीति अपनाकर आप अपने वित्तीय लक्ष्यों के करीब पहुंच सकते हैं।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन अपने आर्थिक भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अच्छा है। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और भविष्य के लिए स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य तय करें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपके सामने धन कमाने के नए अवसर आ सकते हैं। तकनीक और नए कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले पूरी जानकारी जरूर जुटाएं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज निवेश या बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। यह समय अपनी वर्तमान स्थिति का आकलन करने और भविष्य की योजनाओं पर विचार करने के लिए बेहतर है। धैर्य बनाए रखें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की आर्थिक योजना बनाने का सही समय है। अपने खर्चों और निवेश पर नजर रखें। जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें और बचत पर ध्यान दें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो नई संभावनाओं की तलाश के लिए दिन अच्छा है। कारोबार और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। कोई भी कदम उठाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें और दीर्घकालिक योजनाओं को प्राथमिकता दें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें। अपनी आय, खर्च और बचत का विश्लेषण करें। भविष्य के लिए मजबूत वित्तीय योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक स्पष्टता और योजना बनाने का है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। फिजूल खर्च से बचें और भविष्य को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो नए निवेश और कमाई के अवसर मिल सकते हैं। खासकर तकनीक और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में लाभ के संकेत हैं। सोच-समझकर निर्णय लें और लंबे समय के लाभ को ध्यान में रखें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संयम बरतने की जरूरत है। किसी भी निवेश या बड़े खर्च से पहले अपने लक्ष्यों पर दोबारा विचार करें। अच्छी योजना और धैर्य भविष्य में सफलता दिला सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Trisha-Vijay: एक तस्वीर और खत्म हुईं सारी अफवाहें! तृषा ने सीएम विजय को दी जन्मदिन की बधाई

एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने 22 जून को अपना 52वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उनको फिल्म और राजनीति से जुड़े कई लोगों ने बधाई दी। वहीं एक्ट्रेस तृषा कृष्णन ने सीएम विजय के जन्मदिन के एक दिन बाद उनको खास अंदाज में बधाई दी है। एक्ट्रेस ने इस मौके की विजय के साथ एक तस्वीर शेयर की है। विजय को बधाई देने के साथ एक्ट्रेस ने फैंस के बीच चल रही तमाम चर्चाओं और कयासों पर विराम लग गया। तृषा का ये पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 तृषा ने शेयर किया पोस्ट

सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर में तृषा कृष्णन और विजय साथ नजर आ रहे हैं। फोटो में दोनों कई केक से सजी एक मेज के पास खड़े दिखाई देते हैं। तस्वीर में विजय मुस्कुराते हुए केक की ओर देख रहे हैं, जबकि तृषा उनके पास खड़ी नजर आ रही हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में तृषा ने लिखा, ‘उस शख्स के लिए जो हर चीज को खास बना देता है। हैप्पी बर्थडे 00.00।’ सोशल मीडिया पर शेयर की गई इस फोटो को फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।

 

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इस बार नहीं दी ती बधाई

तृषा पिछले कई सालों से हर साल विजय को जन्मदिन की शुभकामनाएं देती रही हैं। लेकिन इस बार सीएम विजय के जन्मदिन पर तृषा कृष्णन ने कोई बधाई संदेश शेयर नहीं किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें होने लगीं। इसी बीच कुछ यूजर्स ने दावा किया कि तृषा ने इंस्टाग्राम पर विजय को अनफॉलो कर दिया है। इसके बाद दोनों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हाल ही में शेयर की गई तृषा कृष्णन की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर चल रही कई चर्चाओं पर विराम लग गया।

फैंस ने किया कमेंट

तृषा कृष्णन की पोस्ट सामने आते ही उसे बड़ी संख्या में लाइक्स और कमेंट्स मिलने लगे। कई फैंस ने खुशी जताई कि तृषा ने आखिरकार विजय को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, कमेंट सेक्शन में फैंस ने भी विजय के लिए बधाई संदेशों की भरमार कर दी। तृषा कृष्णन और विजय को तमिल फिल्म इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक माना जाता है। दोनों ने कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी जोड़ी को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है।

इसी साल तमिलनाडु के सीएम बने विजय

इस साल विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद अपना पहला जन्मदिन मनाया। विजय ने साल 2024 में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई थी। वहीं 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जीत हासिल की थी। TVK को विधानसभा चुनाव में 234 में से 108 सीटें जीती थी। इसके बाद मई महीने में विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।

सरकारी अस्पताल में पैदा हुए हर बच्चे को इतना सोना मिलेगा! गजब की स्कीम लेकर आ गई विजय की सरकार

तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों के लिए एक ऐसी नई योजना को मंजूरी दी है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इस योजना के तहत बच्चों को खास तोहफा मिलेगा, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं।  इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस योजना का नाम ‘थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम’ रखा गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए लगभग 755.83 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दी है।

किन्हें मिलेगा का इस योजना का लाभ

सरकार ने संबंधित अधिकारियों को योजना को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा गया है, ताकि योजना में किसी तरह की देरी न हो। सरकार का मानना है कि यह योजना नवजात बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष उपहार होगी, साथ ही राज्य की पारंपरिक सांस्कृतिक भावना को भी बढ़ावा देगी। इस योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा, जिनका जन्म 22 जून 2026 या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में होगा। यह तारीख मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. विजय (विजय) के जन्मदिन से जुड़ी है। वहीं, इस योजना की आधिकारिक शुरुआत 15 सितंबर 2026 को की जाएगी, जो तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ नेता सी.एन. अन्नादुरई (अन्ना) की जयंती है।

तमिल संस्कृति की पुरानी प्रथा

सरकारी बयान के अनुसार, यह योजना तमिल संस्कृति की एक पारंपरिक प्रथा “थाई मामन सीर” से प्रेरित है। इस परंपरा में नवजात शिशु के जन्म पर मामा बच्चे को उपहार और आशीर्वाद देकर उसका स्वागत करता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार इस योजना के तहत मामा की प्रतीकात्मक भूमिका निभाएगी। सरकार नवजात बच्चों के प्रति स्नेह, देखभाल और शुभकामनाओं के प्रतीक के रूप में प्रत्येक पात्र बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी भेंट करेगी।

सीएम विजय ने किया था चुनावी वादा

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करना और उन्हें बढ़ावा देना भी है। साथ ही यह पहल नवजात बच्चों और उनके परिवारों को सम्मान और सहयोग देने का भी एक प्रयास है। ‘थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम’ पहले तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल थी। इसके अलावा सरकार के ‘वेट्री तमिलगम विजन डॉक्यूमेंट’ में भी इस योजना का उल्लेख किया गया था।

तमिलनाडु में पहले भी कई राजनीतिक दल अपने नेताओं के जन्मदिन के अवसर पर सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सोने की अंगूठियां बांटते रहे हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि यह पहली बार है जब इस तरह की परंपरा को आधिकारिक रूप से राज्य की कल्याणकारी योजना का हिस्सा बनाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह योजना सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर चलने का एक अनोखा प्रयास है, जिससे नवजात बच्चों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

Gold Silver Prices: ₹10500 सस्ती हुई चांदी, सोना ₹3000 टूटा; जानिए क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

Gold Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। विदेशी बाजारों में डॉलर मजबूत होने के कारण दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना ₹3,000 टूटकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी ₹10,500 लुढ़ककर ₹2.35 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 2% गिरकर ₹1,49,300 प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले सोना 27 मार्च को करीब इसी स्तर पर ₹1,47,800 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी कीमत 4.3% यानी ₹10,500 घटकर ₹2,35,000 प्रति किलो रह गई। यह दो महीने से ज्यादा समय का निचला स्तर है। इससे पहले 3 अप्रैल को चांदी ₹2,37,000 प्रति किलो पर थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 2% यानी 70.33 डॉलर टूटकर 4,121.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी 4% से ज्यादा गिरकर 62.27 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

सोना-चांदी क्यों टूट रहे हैं?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका की वजह से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्टों का कहना है कि फिलहाल डॉलर की मजबूती बुलियन बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च प्रमुख कायनात चैनवाला के अनुसार, सोमवार को अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की खबरों से सोने को थोड़ी राहत मिली थी। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं ने फिर से बाजार पर दबाव बना दिया।

फेडरल रिजर्व की चिंता बढ़ा रही दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी निवेशकों को परेशान कर रही है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.15 पर पहुंच गया, जो मई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

ट्रेडर्स अब एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना को कीमतों में शामिल कर रहे हैं। यही वजह है कि निवेशक सोने और चांदी से दूरी बना रहे हैं।

आगे क्या रह सकता है रुख?

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी का कहना है कि डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर बने रहने से सोने पर दबाव जारी है। साथ ही अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।

अब निवेशकों की नजर अगले हफ्ते आने वाले अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) और बेरोजगारी के आंकड़ों पर रहेगी। ये आंकड़े डॉलर और सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अब किस ओर जाएंगे दाम

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निकट भविष्य में सोना ₹1,44,500 से ₹1,48,500 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

वहीं Augmont Bullion की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल चुका है। अब इसका अगला अहम सपोर्ट 4,050-4,100 डॉलर के बीच माना जा रहा है, जो घरेलू बाजार में करीब ₹1.43 लाख से ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है।

चांदी भी 65 डॉलर का अहम स्तर तोड़ चुकी है। अब इसका अगला सपोर्ट 60-61 डॉलर प्रति औंस के बीच माना जा रहा है। भारतीय बाजार में यह स्तर करीब ₹2.15 लाख से ₹2.20 लाख प्रति किलो के बराबर बैठता है।

Gold Silver Prices: सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, ETF भी टूटा; ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

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